दतिया उपचुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस में सिर फुटौव्वल, घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर लगाए भितरघात करने के आरोप

दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के उम्मीदवार रहे घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।उन्होंने राजेंद्र भारती को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है।

 

कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह का आरोप है कि चुनाव के दौरान पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने भितरघात किया है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र भारती ने भाजपा के साथ मिलकर उनको हराने का काम किया। उनका कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचा दी गई है।

 

मीडिया से बात करते हुए घनश्याम सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान उनके साथ भितरघात हुआ, जिससे कांग्रेस को सीधा नुकसान पहुंचा। उनका दावा है कि पार्टी के कुछ लोगों ने संगठन के हितों के खिलाफ काम किया। उन्होंने राजेंद्र भारती को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है। घनश्याम सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि राजेंद्र भारती ने भाजपा नेताओं के साथ मिलकर उनके खिलाफ माहौल बनाया और चुनाव में उन्हें कमजोर करने के लिए पूरी ताकत लगाई। उनके मुताबिक, यह सब सुनियोजित रणनीति के तहत किया गया।

 

कांग्रेस प्रत्याशी धनश्यााम सिंह ने आऱोप लगाया कि राजेंद्र भारती ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव के दौरान पैसे बांटा और भाजपा प्रत्याशी का सहयोग किया। उनका दावा है कि राजेंद्र भारती को भाजपा की ओर से पैसा दिया गया और उनके समर्थकों तथा करीबी लोगों के माध्यम से चुनाव के दौरान पैसे बांटे गए। घनश्याम सिंह का कहना है कि इन गतिविधियों से कांग्रेस के चुनाव अभियान को नुकसान पहुंचा।

 

कांग्रेस के प्रत्य़ाशी धनश्याम सिंह ने कहा कि उन्होंने इसकी शिकायत पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष के साथ प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू  पटवारी से की है। गौरतलब है कि पूरे चुनाव के दौरान राजेंद्र भारती कांग्रेस के चुनावी कैैंपेन में शामिल नहीं हुए। हलांकि चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पार्टी के रोड शो में वह शामिल हुए थे। 

GPSC Exam 2026 : भारी बारिश के चलते 34 कैडर की परीक्षाएं स्थगित, नई तारीख का ऐलान

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गुजरात में फिलहाल 31 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इस गंभीर मौसम स्थिति को ध्यान में रखते हुए गुजरात लोक सेवा आयोग (GPSC) द्वारा शनिवार, 1 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली 34 कैडर की प्रतियोगी परीक्षाओं को स्थगित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

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उम्मीदवारों के हित में लिया गया फैसला, सोशल मीडिया पर दी जानकारी बारिश के माहौल के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता था, जिसके चलते विभिन्न माध्यमों से उम्मीदवारों द्वारा ज्ञापन और निवेदन प्राप्त हुए थे। उम्मीदवारों के व्यापक हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक घोषणा कर परीक्षा स्थगित करने का निर्णय साझा किया।

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अब 9 अगस्त को होगी परीक्षा GPSC द्वारा स्थगित की गई इन सभी 34 कैडर की परीक्षाओं की नई तारीख भी घोषित कर दी गई है। अब ये स्थगित परीक्षाएं आगामी रविवार यानी 9 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएँगी, इसलिए उम्मीदवारों को इसी के अनुसार अपनी तैयारी रखनी होगी।

PM Kisan 24th Installment : 24वीं किस्त से पहले किसानों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा

PM Kisan Nidhi Yojana 24th Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त मिलने के बाद अब किसानों को 24वीं किस्त का इंतजार है। सरकार की ओर से 24वीं किस्त जारी करने की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। इस बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। 

 

2031 तक जारी रहेगी पीएम किसान योजना, कैबिनेट ने लगाई मुहर

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देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले 5 वर्षों के लिए जारी रखने को मंजूरी दे दी है। अब यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक लागू रहेगी। सरकार ने इस योजना के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपए से अधिक का बजट प्रस्तावित किया है। इससे पात्र किसानों को पहले की तरह आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। 

 

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि 2000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। किस्तों का समय फसल चक्र के अनुसार तय किया गया है, ताकि किसानों को बुवाई और खेती की तैयारी के दौरान समय पर आर्थिक मदद मिल सके।

 

 

हालांकि, योजना की किस्तें आमतौर पर करीब चार महीने के अंतराल पर जारी होती हैं। ऐसे में 24वीं किस्त अक्टूबर में आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

 

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में 2,000- 2,000 रुपए करके सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। अगली किस्त का लाभ बिना किसी परेशानी के पाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी जानकारियां और दस्तावेज पहले से अपडेट रखने चाहिए।

 

24वीं किस्त के लिए पूरे कर लें ये 5 जरूरी काम

1. e-KYC जरूर पूरी करें

 

पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए e-KYC पूरा होना जरूरी है। अगर आपने अभी तक e-KYC नहीं कराई है तो इसे जल्द पूरा कर लें। PM Kisan पोर्टल पर OTP के जरिए e-KYC की जा सकती है। इसके अलावा नजदीकी CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक e-KYC और PM Kisan मोबाइल ऐप पर Face Authentication की सुविधा भी उपलब्ध है।

 

2. Aadhaar और बैंक खाते की लिंकिंग जांचें

 

पीएम किसान की रकम Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता Aadhaar और NPCI से जुड़ा हुआ है तथा DBT सक्रिय है। किसी तरह की समस्या होने पर बैंक से संपर्क करके इसे ठीक करा लें।

 

3. जमीन का रिकॉर्ड अपडेट रखें

 

किसानों को अपनी खेती की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच लेने चाहिए। जमीन का रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने, पोर्टल पर मैपिंग की समस्या, म्यूटेशन लंबित होने या जमीन से संबंधित विवाद जैसी स्थिति में पात्रता प्रभावित हो सकती है। इसलिए जमीन के रिकॉर्ड में किसी गलती को समय रहते ठीक कराना जरूरी है।

 

4. बैंक खाते की जानकारी चेक करें

 

बैंक खाते में दर्ज नाम, खाता संख्या, IFSC Code और KYC की जानकारी सही है या नहीं, यह जरूर जांच लें। बैंक डिटेल में गलती होने पर किस्त का भुगतान अटक सकता है। अगर कोई जानकारी गलत है तो बैंक से संपर्क करके उसे अपडेट कराएं।

 

5. PM Kisan Beneficiary Status चेक करें

 

किसान यह भी जांच सकते हैं कि उनका नाम पीएम किसान की लाभार्थी सूची में है या नहीं। इसके लिए PM Kisan पोर्टल पर जाकर Beneficiary List विकल्प चुनें। इसके बाद राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव की जानकारी दर्ज करके Get Report पर क्लिक करें। यहां लाभार्थियों की सूची में अपना नाम चेक किया जा सकता है।

 

किन वजहों से अटक सकती है PM Kisan की किस्त?

 

पीएम किसान की किस्त रुकने की प्रमुख वजहों में e-KYC अधूरी होना, बैंक खाते की गलत जानकारी, Aadhaar-बैंक लिंकिंग की समस्या, DBT सक्रिय नहीं होना और जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी शामिल हो सकती हैं।

 

इसलिए 24वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित होने से पहले इन सभी जानकारियों को जांच लेना किसानों के लिए उपयोगी रहेगा। ध्यान दें कि 24वीं किस्त की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, इसलिए अक्टूबर में किस्त आने की बात फिलहाल अनुमान पर आधारित है।

अंकित शर्मा हत्याकांड में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा

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कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। 24-25 फरवरी 2020 को दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी और उनका शव चांदबाग के पास एक नाले से मिला था। इस मामले में अदालत ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या, आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया था।

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हत्या को बताया सुनियोजित

सजा पर हुई बहस के दौरान अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडे ने कोर्ट से कहा था कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित, निर्मम और समाज में भय का माहौल पैदा करने वाली थी। उन्होंने मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर बताते हुए सभी दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष का तर्क था कि इस तरह के अपराध पर कठोरतम दंड दिया जाना आवश्यक है ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए।

ITR Filing 2026 : इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय न करें ये गलती, गलत Form चुनने पर हो सकता है ‘Defective Return’

आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय सही फॉर्म चुनना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को 'Defective Return' (धारा  139(9)) करार दे सकता है।व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) के लिए ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 सबसे आम फॉर्म हैं। 
 

  • ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 में मुख्य अंतर 
  • विषय ITR-1 (Sahaj) ITR-2
  • पात्रता (Eligibility) केवल भारत के निवासी (Resident Individuals) निवासी (Resident), अनिवासी (NRI) और HUF
  • कुल आय सीमा 50 रुपए लाख तक 50 रुपए लाख से अधिक (कोई सीमा नहीं)
  • मकान संपत्ति (House Property) केवल 1 मकान संपत्ति से आय 1 से अधिक मकान संपत्तियों से आय

 

कैपिटल गेन्स (शेयर, MF, प्रॉपर्टी) केवल Section 112A के तहत ₹1.25 लाख तक LTCG सभी प्रकार के Capital Gains (STCG/LTCG,  प्रॉपर्टी, सोना आदि)

विदेशी संपत्ति / आय (Foreign Assets) अनुमति नहीं है विदेश में संपत्ति, शेयर (RSUs/ESOPs) या आय होने पर अनिवार्य

कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 तक ₹5,000 से अधिक होने पर

डायरेक्टर / अनलिस्टेड शेयर कंपनी में डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल नहीं कर सकते कंपनी के डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल कर सकते हैं

आपके लिए कौन सा फॉर्म सही है?
 

1. आपको ITR-1 (Sahaj) चुनना चाहिए यदि:

 

  • आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख तक है। 
  •  आपकी आय का मुख्य स्रोत वेतन (Salary), पेंशन (Pension) या ब्याज/डिविडेंड (Other Sources) है। 
  • आपके पास केवल 1 मकान संपत्ति (Single House Property) है। 
  • आपकी कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 या उससे कम है। 
  •  आपने शेयर या म्यूचुअल फंड बेचे हैं, लेकिन आपका कुल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (Section 112A u/s) ₹1.25 लाख के अंदर है और कोई अन्य कैपिटल गेन  या लॉस नहीं है।
  •  

2. आपको ITR-2 चुनना चाहिए यदि
 

आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख से अधिक है। 

आपने शेयर, म्यूचुअल फंड, जमीन, मकान या सोना बेचा है और आपको Short-Term Capital Gain (STCG) या अधिक LTCG हुआ है। 

आपके पास 2 या उससे अधिक मकान हैं जिनसे किराया या आय आती है। 

आपकी विदेशी आय है या विदेश में कोई बैंक खाता/कंपनी शेयर (जैसे MNCs से मिले US Stocks/ESOPs) हैं। 

आपकी कृषि आय ₹5,000 से अधिक है। 

आप किसी कंपनी में डायरेक्टर (Director) हैं या आपके पास अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर हैं। 

आपका आवासीय दर्जा NRI (Non-Resident Indian) या RNOR है। 

 

बिजनेस या प्रोफेशन से आय (जैसे फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, ट्रेडिंग या बिज़नेस प्रॉफिट) कमाने वाले व्यक्ति ITR-1 या ITR-2 का उपयोग नहीं कर सकते। उनके लिए ITR-3  या ITR-4 लागू होता है।

इंदौर में NEET प्रदर्शन में जाने की वजह से भेजा नोटिस, 5 घंटे थाने में बैठे कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे

इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से गुरुवार को पंढ़रीनाथ थाने में कई घंटों तक पूछताछ की गई। देर तक थाने में रोके जाने की खबर मिलते ही पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सहित कई कांग्रेस नेता, समर्थकों की भीड़ पुलिस थाने में जमा हो गई। थाने में नारेबाजी भी हुई। भीड़ जमा होने के बाद पुलिस ने चौकसे को छोड़ दिया। बाहर निकलते ही चौकसे ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

NEET समर्थन की वजह से भेजा नोटिस : चिंटू चौकसे ने दावा किया कि टंट्याभील चौराहे पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कांग्रेस ने समर्थन किया था। उनके मुताबिक, इसी के बाद उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया। उन्होंने कहा कि थाने पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें कई घंटे तक बैठाए रखा और बार-बार बयान में संशोधन कराया। उन्होंने कहा, यहां बैठे पुलिसकर्मी सिर्फ आदेश का पालन कर रहे थे। पूरा घटनाक्रम पुलिस कमिश्नर के इशारे पर हुआ। जो भी जनता की आवाज उठाता है या आंदोलन का समर्थन करता है, उसे दबाने और परेशान करने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस के खिलाफ करेंगे आंदोलन : शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कम से कम 10 बार काट-छांट हुई होगी कि ये सही नहीं ये गलत है। इसकी पोस्ट क्या उसकी पोस्ट क्या है। चौकसे ने कहा कि जो आज हुआ वह हमारे लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरा है। पार्टी के अध्यक्ष को बिना किसी वजह के 5 घंटे थाने में बैठाकर रखा। 10 बार बयान लिए 10 बार काट-छांट की। दिनभर में जो घटनाक्रम हुआ है अन्याय, अत्याचार अपनी चरम सीमा पर है, लेकिन हम इसे सहन नहीं करेंगे। आने वाले कुछ ही दिनों में इंदौर पुलिस के खिलाफ कांग्रेस पार्टी जीतू पटवारी के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन करेगी।

‘वर्दी खून से लथपथ थी’—जंतर-मंतर हिंसा पर घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों का बड़ा दावा

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जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन में हिंसक और असामाजिक तत्व शामिल थे। परिजनों ने पुलिस पर हुए हमले की आपबीती साझा की, जबकि भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी घटना पर सवाल उठाए। ALSO READ: बड़ा धमाका! अब यूपी के भाजपा नेता की बेटी ने किया CJP का समर्थन, जानिए कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह?

 

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में घायल दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के परिजनों ने कहा कि 20 तारीख के बाद यही नेरेटिव चलाया जा रहा है कि छात्रों को पुलिस ने पीटा, लेकिन प्रोटेस्ट का सच कुछ और ही है। हमला पुलिसवालों पर भी हुआ है।

 

खून से लथपथ थी वर्दी 

घायल पुलिसकर्मी की बेटी गुंजन ने दावा किया कि प्रदर्शन में असामाजिक तत्व भी थे। उनके पिता जंतर-मंतर पर बैरिकेड के पास तैनात थे। वे अक्सर कहते थे कि यह अब सिर्फ छात्रों का प्रदर्शन नहीं रहा, इसमें असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए हैं। 20 जुलाई को रात 10 बजे मेरे पिताजी को उनके साथी घर लेकर आए। उनकी वर्दी खून से लथपथ थी। हिंसक भीड़ ने उन्हें घसीटा और जंतर-मंतर मंच के पास पीट-पीटकर मारने की कोशिश की थी। वे करीब चार घंटे तक RML अस्पताल में बेहोश रहे, फिर भी सोशल मीडिया पर उन्हें ही क्रिमिनल बताया गया। ALSO READ: PM मोदी के खिलाफ मॉर्फ्ड पोस्ट पर बड़ा एक्शन! Meta India प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR

 

हेलमेट पूरी तरह टूट चुका था

घायल ASI की पत्नी सीमा ने कहा कि शरारती तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया। 20 जुलाई शाम 7 बजे पति को कॉल किया, तो वो हॉस्पिटल में इलाज करा रहे थे। भीड़ में मौजूद शरारती तत्वों ने पत्थर और हथियारों से पुलिस जवानों को घायल कर दिया था। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। रात 11 बजे जब पति घर आए, तो उन्होंने बताया कि संसद की सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ा गया और पुलिस फोर्स पर हमला किया गया। ड्यूटी के दौरान उन्हें मिला हेलमेट पूरी तरह टूट चुका था।

 

सिर में लगे 4 टांके

लक्ष्य सिंह बिष्ट ने कहा कि मेरे पिता ASI हैं। उन्हें बहादुरी के लिए 4 सम्मान मिल चुके हैं। मेरे दादाजी भी BSF में थे। 1971 की जंग लड़ चुके हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन में पिता फ्रंटलाइन पर तैनात थे। उनके साथी से पता चला कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी है। जब उनकी तस्वीर देखी तो सिर मुंडा हुआ था और चार टांके लगे थे। मैं डर गया था। पिता ने बताया कि प्रदर्शन में सिर्फ छात्र नहीं थे, बल्कि हिंसक और उपद्रवी लोग भी शामिल थे। ALSO READ: CJP Effect! शिक्षकों की कमी, टूटी बेंचों और खराब शौचालयों को लेकर कई राज्यों में सड़कों पर उतरे स्कूली छात्र

 

भाजपा सांसद ने पूछा सवाल

भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर जो हमला हुआ है, जिनको चोट लगी है, हमें संवेदनशील होना चाहिए, उनके भी परिवार हैं, उनके भी मानवाधिकार हैं, इस बात को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम नौजवानों का सम्मान करते हैं लेकिन अगर उनके आंदोलन के पीछे अपराधी खड़े होते हैं…तो यह गंभीर सवाल है।

 

क्या है सीजेपी का दावा

CJP ने आरोप लगाया था कि 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च में और उसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट्स गन का इस्तेमाल किया। पार्टी ने कई छात्रों के घायल होने का दावा करते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बड़ा धमाका! अब यूपी के भाजपा नेता की बेटी ने किया CJP का समर्थन, जानिए कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह?

Yashasvini Raje Singh Support CJP

Yashasvini Raje Singh Support CJP: नीट धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के शांत होते ही एक बड़े राजनीतिक भूचाल ने दस्तक दे दी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हुए प्रदर्शन का सत्तारूढ़ भाजपा के ही एक बड़े नेता की बेटी ने खुलकर समर्थन किया है। पेशे से कंटेंट क्रिएटर यशस्विनी राजे सिंह ने न सिर्फ अपनी ही सरकार के नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं, बल्कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी सरेआम मजाक उड़ाया है।

 

यूपी के फतेहपुर सदर से पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी ने सीजेपी का समर्थन करते हुए सीधे केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोला है। 'अल जजीरा' को दिए इंटरव्यू में यशस्विनी ने प्रह्लाद जोशी को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाए जाने के फैसले पर तीखा तंज कसते हुए इसे 'एक बेहद भद्दा मजाक' करार दिया। ALSO READ: धमकी के बाद छिपकर रहे थे दीपके के माता-पिता, CJP नए आंदोलन की तैयारी में

 

पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को बताया 'शहादत का ड्रामा'

नीट परीक्षा विवाद के बाद 25 जुलाई को जब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया, तो यशस्विनी ने उनके पत्र की धज्जियां उड़ा दीं। यशस्विनी ने कहा कि इस्तीफे की भाषा देखकर बिल्कुल नहीं लगता कि धर्मेंद्र प्रधान को अपने किए पर जरा भी पछतावा है या वे अपनी गलती मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्र की भाषा ऐसी है जैसे कोई खुद को 'शहीद' साबित करने की कोशिश कर रहा हो। 
 

गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा था कि वे छात्रों के नुकसान को रोकने और 'राष्ट्रविरोधी ताकतों' से देश को बचाने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं। ALSO READ: CJP Effect! शिक्षकों की कमी, टूटी बेंचों और खराब शौचालयों को लेकर कई राज्यों में सड़कों पर उतरे स्कूली छात्र

परिवार और पिता की राजनीति से पूरी तरह बनाई दूरी

बीजेपी नेता की बेटी होने के बावजूद यशस्विनी का यह रुख हर किसी को हैरान कर रहा है। हालांकि, यशस्विनी ने साफ किया कि वे पिछले साढ़े तीन सालों से अपने परिवार से अलग रह रही हैं। वे अपने पिता से राजनीति पर कोई बात नहीं करतीं और सालों से उनके निर्वाचन क्षेत्र भी नहीं गई हैं। यशस्विनी के मुताबिक, इसी आजादी और दूरी की वजह से वे बिना किसी पाखंड या डर के अपनी बात बेबाकी से रख पाती हैं।

कौन हैं यशस्विनी?

यशस्विनी राजे सिंह पेशे से एक कंटेंट क्रिएटर हैं। वे उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी हैं। सिंह भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं। यशस्विनी पिछले साढ़े तीन साल से अपने परिवार से अलग रहकर स्वतंत्र जीवन जी रही हैं और उन्होंने CJP के तहत जंतर-मंतर पर हुए नीट आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया है। ALSO READ: NEET विवाद, CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, छात्रों के उत्पीड़न का लगाया आरोप

 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी भाजपा नेताओं, यहां तक कि वर्तमान सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहड़ ने भी सीजेपी प्रोटेस्ट का समर्थन किया था। अर्चिता ने इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाते हुए स्टोरी पोस्ट की और लिखा- “पूरा भाजपा परिवार और मेरे संबंधी डीपी (धर्मेंद्र प्रधान) के साथ हैं, लेकिन मैं छात्रों के साथ हूं।

 

जब उनकी पोस्ट हटाने को लेकर दबाव बनाने के दावे सोशल मीडिया पर चले, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया कि वे अपनी पोस्ट डिलीट नहीं करेंगी। इनके साथ ही असम सरकार में कैबिनेट मंत्री और एनडीए के सहयोगी दल असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता ने भी सीजेपी का समर्थन किया था। 

शहजाद पूनावाला ने भाजपा छोड़ी? X बायो बदलते ही इस्तीफे की चर्चाओं ने पकड़ा जोर

Shehzad Poonawala Resigns BJP

Shehzad Poonawala Resigns BJP : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के X प्रोफाइल से 'BJP National Spokesperson' हटने के बाद उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, भाजपा या पूनावाला की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ALSO READ: CJP Effect! शिक्षकों की कमी, टूटी बेंचों और खराब शौचालयों को लेकर कई राज्यों में सड़कों पर उतरे स्कूली छात्र

 

शहजाद पूनावाला ने गुरुवार को अपने X प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट शेयर किया। नए बायो में 'नेशनल स्पोक्सपर्सन, बीजेपी' का पद हटा दिया गया है। नए बायो में लिखा है: धर्म: इस्लाम, संस्कृति: हिंदू, विचारधारा: भारतीय। लेखक: GST की यात्रा, पीएम नरेंद्र मोदी के आजीवन अनुयायी।

हालांकि पूनावाला के इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर उन्हें अभी भी BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर दिखाया जा रहा है। X पर भी पहले यही लिखा था। ALSO READ: पुजारी बनकर संसद पहुंचे पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपात्र में डाले पैसे; 'चढ़ावा चोरी' पर विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन

 

पेशे से वकील और एक्टिविस्ट शहजाद पूनावाला ने अपने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। दिसंबर 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को धांधली और दिखावा बताने के बाद वे भाजपा में शामिल हुए थे।

बांग्‍लादेश से निर्वासित लेखिका तस्‍लीमा नसरीन 19 साल बाद लौटीं कोलकाता, क्‍या है कोलकाता आने की वजह?

बांग्लादेश से निर्वासित प्रसिद्ध लेखिका तस्लीमा नसरीन 19 साल बाद 1 अगस्त को कोलकाता कट्टरपंथ के खिलाफ एक साहित्यिक कार्यक्रम में शामिल होने और अपनी कविताएं सुनाने पहुंची हैं। कोलकाता पहुंचने पर तस्लीमा नसरीन काफी खुश दिखीं। 1 अगस्त को वह सालों बाद सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगी।
 
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 'सिटी ऑफ जॉय' यानी कोलकाता पहुंची हैं। तस्लीमा नसरीन कोलकाता के रवींद्र सदन में 1 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पहुंची हैं। बता दें कि बांग्लादेश से सालों के निर्वासन के बाद नसरीन 2004 और 2007 के बीच कोलकाता में रहीं। बांग्लादेश में धर्म, महिलाओं के अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता पर उनकी लेखनी के कारण उन्हें धमकियां मिल रही थीं, जिससे वहां उनका रहना नामुमकिन हो गया था। इसके बाद उन्हें कोलकाता छोड़ना पड़ा था।
 
क्या बोलीं तस्लीमा : तस्लीमा नसरीन ने कोलकाता पहुंचने पर कहा कि यह उनके लिए घरवापसी जैसा है। वह 1 अगस्त को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ मंच साझा करेंगी। तस्लीमा नसरीन ने कहा कि खुशी और दर्द दोनों के साथ मैं कोलकाता लौटी हूं। तस्लीमा 1 अगस्त को सीएम शुभेंदु अधिकारी के अलावा लेखक शीर्षेंदु मुखोपाध्याय के साथ मंच साझा करेंगी। वह 2007 के बाद पहली बार कोलकाता में सार्वजनिक तौर पर दिखाई देंगी। 2003 में उनकी किताब द्विखंडित पर बंगाल सरकार ने पाबंदी लगा दी थी। उन पर तक मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत करने का आरोप लगा था।