SEOC Sachet Portal : आपदा के समय गुजरात की मजबूत सुरक्षा ढाल बना स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर

State Emergency Operations Center served as robust security shield for Gujarat during disaster

State Emergency Operation Center : आपदा कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आती, लेकिन गुजरात सरकार ने आधुनिक तकनीक, रियल-टाइम समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के आधार पर ऐसा मजबूत आपदा प्रबंधन ढांचा विकसित किया है, जो संकट के समय लाखों नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) राज्य के प्रमुख कमांड एंड कंट्रोल हब के रूप में 24 घंटे कार्यरत रहकर भूकंप, चक्रवात, बाढ़ सहित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान पूरे प्रशासनिक तंत्र का समन्वय करता है।

 

कच्छ भूकंप के बाद विकसित हुआ आधुनिक ढांचा

वर्ष 2001 के कच्छ भूकंप से मिले अनुभवों के आधार पर गुजरात सरकार ने विश्वस्तरीय आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। आज SEOC राज्य के आपदा प्रबंधन का केंद्रबिंदु बन चुका है, जहां से राज्यभर के सभी जिला एवं तहसील स्तर के कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाता है।

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पूरे राज्य में त्रि-स्तरीय नेटवर्क

गुजरात का आपदा प्रबंधन केवल एक कंट्रोल रूम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में सुव्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है। इसमें गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अलावा सभी 33 जिलों में डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC), 248 तहसील इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (TEOC) तथा पांच क्षेत्रीय इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर (ERC) कार्यरत हैं। ये सभी केंद्र गुजरात स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (GSWAN) की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जुड़े हुए हैं।

 

'सचेत' पोर्टल से करोड़ों लोगों को समय पर चेतावनी

राज्य सरकार ने SEOC Sachet Portal और मास एसएमएस प्रणाली के माध्यम से अब तक प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को 2864 करोड़ से अधिक अलर्ट संदेश भेजे हैं। इसके अलावा 6 करोड़ से अधिक मोबाइल एप उपयोगकर्ताओं और 5.3 लाख से अधिक वेब एक्सेस के जरिए नागरिकों को आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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आपदा के दौरान यदि सामान्य संचार व्यवस्था बाधित हो जाए, तब भी सैटेलाइट फोन, GSWAN हॉटलाइन, लैंडलाइन, ई-मेल, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, पुलिस वायरलेस तथा हैम रेडियो जैसी वैकल्पिक संचार व्यवस्थाएं लगातार सक्रिय रहती हैं।

 

विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय

SEOC भारतीय मौसम विभाग (IMD), इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR), ISRO, INCOIS, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज सहित विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय बनाए रखता है। इससे भूकंप, चक्रवात, बाढ़, सुनामी, सूखा, हीटवेव, महामारी तथा औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेना संभव हो पाता है।

 

NDRF और SDRF की टीमें हमेशा तैयार

राज्य में जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए NDRF की 17 टीमें और SDRF की 32 टीमें तैनात रहती हैं। इसके अलावा आवश्यकता होने पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ भी सीधा समन्वय किया जाता है।

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24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन

आपदा के समय नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर पर 1070 तथा जिला स्तर पर 1077 हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे संचालित किए जाते हैं।

 

गुजरात की प्रमुख उपलब्धियां

गुजरात देश का पहला राज्य है, जिसने वर्ष 2003 में अलग डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू कर गुजरात स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (GSDMA) की स्थापना की। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए GSDMA को संयुक्त राष्ट्र का प्रतिष्ठित सासाकावा अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है।

 

'जीरो कैजुअल्टी' नीति की सफलता

हाल के वर्षों में आए बिपरजॉय और ताउते जैसे भीषण चक्रवातों के दौरान गुजरात सरकार ने समय रहते लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर जनहानि को न्यूनतम रखने में सफलता हासिल की। इसके अलावा समुद्री तटों पर आधुनिक साइक्लोन शेल्टर, अर्ली वार्निंग सिस्टम तथा 'आपदा मित्र' योजना के तहत हजारों स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देकर सामुदायिक आपदा प्रबंधन को भी मजबूत बनाया गया है।

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गुजरात की सुरक्षा ढाल

आधुनिक तकनीक, त्वरित संचार व्यवस्था, विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय और प्रशिक्षित राहत एवं बचाव दलों के कारण गुजरात का स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) आज देश के लिए आपदा प्रबंधन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। राज्य सरकार की 'जीरो कैजुअल्टी' नीति को सफल बनाने में SEOC महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आपदा के समय लाखों नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रहा है।

31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, एमपी-राजस्थान से गुजरात-महाराष्ट्र तक मौसम का रौद्र रूप

India Weather Update: देश भर में मानसून की तेज गतिविधियों के चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई के लिए विस्तृत मौसम चेतावनी जारी की है। देश के 20 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी, वज्रपात और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का खतरा

मौसम विभाग ने 31 जुलाई को गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में बारिश का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है। स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम के इस कड़े रुख को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश

देश के कई राज्यों में 31 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। उत्तर और मध्य भारत में अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं पश्चिमी तट और दक्षिण भारत की बात करें तो कर्नाटक, केरल व माहे और कोंकण व गोवा के इलाकों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर, बिहार और इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

31 जुलाई को देश के विस्तृत भू-भाग में मध्यम से भारी बारिशहोने की संभावना है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम राजस्थान में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बिहार, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बारिश का असर रहेगा। इसके अलावा मध्य और दक्षिण भारत के पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश 31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाएं चलने का भी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली चमक सकती है।

पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण व गोवा, पूरे महाराष्ट्र और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम जताया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

weather update 27 july : rain, flood, imd alert

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

weather update 27 july : rain, flood, imd alert

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

आज भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग: MP-महाराष्ट्र में मूसलाधार, IMD ने इन 2 दर्जन राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: देश में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 30 जुलाई के लिए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए ‘रेड कलर वॉर्निंग’ यानी अत्यंत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब समेत लगभग 2 दर्जन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट दिया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक सेंट्रल छत्तीसगढ़ और उससे सटे नॉर्थ इंटीरियर ओडिशा पर बना गहरा दबाव 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। शाम को यह बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के पास केंद्रित था, जो अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे विदर्भ की ओर पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। इस उग्र वेदर सिस्टम के चलते आज देश के एक बड़े भू-भाग में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं का असर रहेगा।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट: ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

IMD ने आज पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में ‘बहुत भारी बारिश’ का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य और पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आज देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर तेज से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश हो सकती है।

तूफानी हवाएं, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप, पूरा महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40-50 किमी/घंटा (गस्टिंग 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है।

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बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम), जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, तटीय कर्नाटक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूरा गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी, जिसके चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

मौसम पूर्वानुमान में कल भारी बारिश की चेतावनी! MP-महाराष्ट्र में होगी मूसलाधार बरसात, दिल्ली-यूपी संग इन 20+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

Weather Update News: देशभर में इस वक्त मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाके बाढ़ से भी जूझ रहे हैं। इसमें सबसे बुरी स्थिति असम की है जहां लाखों की आबादी प्रभावित हुई है और 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए विशेष वेदर बुलेटिन जारी करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर आंतरिक ओडिशा और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बना गहरा दबाव 15 किमी/घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।

29 जुलाई की सुबह यह मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी ओडिशा के आसपास केंद्रित था। यह अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से 30 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है।

MP और महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

दिल्ली और आसपास: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़।

उत्तर भारत: पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

मध्य व पूर्वोत्तर भारत: छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दक्षिण व द्वीप समूह: उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

तेज हवाओं (40-50 kmph) और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, कल कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाओं और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), पश्चिम मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और लक्षद्वीप में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

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इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा और राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट है। इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे समुद्र में भी हलचल तेज रहेगी।

Weather Update : देशभर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है असम का हाल?

Monsoon gathers momentum across country, heavy rain alert for 17 states

Weather Update News : देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं।

 

देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

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देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों में बारिश की चेतावनी है।

बिहार के पटना, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। IMD ने 31 जुलाई से 3 अगस्त के बीच राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 30 जुलाई के दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में बारिश का असर बना रहेगा।

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उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल, बरेली और बदायूं में आज भारी बारिश का अलर्ट है। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है।

असम में बाढ़ का कहर जारी

असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपए कर दी है और राहत अभियान जारी है। प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है। ऊपरी असम में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री पुनर्वास कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए पूरे राज्य में जाएंगे। 

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MP में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 अगस्त तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रहेगा।

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मौसम विभाग ने 29 जुलाई को बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आज से 3 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड में 29 जुलाई और फिर 2 से 3 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

यूक्रेन के युद्धग्रस्त पोर्ट पर फंसे 13 भारतीय नाविक, ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच जान पर मंडरा रहा खतरा

Russia-Ukraine War: यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क (Chornomorsk) बंदरगाह पर खड़े मालवाहक जहाज MV AMIR1 पर सवार 13 भारतीय नाविकों समेत कुल 15 क्रू मेंबर युद्ध के बीच फंस गए हैं। यूक्रेन में लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण इनकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने इस स्थिति को ‘बेहद भयावह और जानलेवा’ बताते हुए भारत सरकार समेत संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप और सुरक्षित निकासी की मांग की है।

यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि MV AMIR1 अभी भी चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर खड़ा है। जबकि उसके आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं। ऐसे में जहाज पर मौजूद भारतीय नाविक हर पल अपनी जान को लेकर भय के साये में जी रहे हैं।

हर पल सीधे हमले का खतरा

FSUI के मुताबिक, जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइलों की गतिविधियां देखी जा रही हैं। यूनियन ने कहा कि क्रू के सदस्य इस डर में रह रहे हैं कि किसी भी समय जहाज पर सीधा हमला हो सकता है। यूनियन ने जहाज के मालिकों, जहाज के फ्लैग स्टेट, संबंधित इंटरनेशनल समुद्री अधिकारियों और भारत सरकार से अपील की है कि नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें जल्द से जल्द वहां से सुरक्षित निकाला जाए। FSUI ने कहा कि भारतीय नाविकों को युद्ध क्षेत्र में आसान निशाना बनाकर नहीं छोड़ा जा सकता। अब तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

MEA पहले ही जता चुका है चिंता

FSUI की यह अपील ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही विदेश मंत्रालय (MEA) ने ब्लैक सी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर यूक्रेन के सामने गंभीर चिंता जताई थी। सोमवार को भारत ने यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया था। यह कदम यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह के पास कमर्शियल जहाज MV OMORFI पर हुए हमले के बाद उठाया गया, जिसमें चार भारतीय नाविक भी सवार थे।

कमर्शियल जहाजों पर हमलों की भारत ने की निंदा

विदेश मंत्रालय ने बताया कि MV OMORFI पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी। भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गंभीर खतरा हैं। भारत ने यूक्रेन से यह भी आग्रह किया कि नागरिक नाविकों को लेकर चलने वाले व्यापारिक जहाजों को किसी भी तरह के सैन्य हमलों का निशाना न बनाया जाए।

ब्लैक सी में बढ़ता खतरा

FSUI का कहना है कि ब्लैक सी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है। चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर फंसे MV AMIR1 के चालक दल की सुरक्षित वापसी अब सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक इन नाविकों को सुरक्षित नहीं निकाला जाता, तब तक वे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच लगातार जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं।

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FSUI की नई अपील में संघर्ष से प्रभावित ब्लैक सी क्षेत्र में चल रहे मर्चेंट जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई गई है। MV AMIR1 अभी भी चोर्नोमोर्स्क में खड़ा है। यूनियन ने क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी तुरंत वापसी का इंतजाम करने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि नाविक बंदरगाह के आसपास बार-बार ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे में रहते हैं।

Delhi Weather: झमाझम बारिश से राजधानी में मौसम हुआ सुहाना, 24 घंटे में 9°C तक लुढ़का तापमान, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi Weather: मौसम की कई स्थितियों के एक साथ बनने की वजह से मंगलवार को दिल्ली-NCR में जबरदस्त बारिश हुई, जिससे यह जुलाई के सबसे ज्यादा बारिश वाले दिनों में से एक बन गया। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश की वजह से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को काफी राहत मिली।

राजधानी के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 57.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूसा में सबसे ज्यादा 88.5 मिमी बारिश हुई। इसके बाद महरौली (79 मिमी), जनकपुरी (77 मिमी) और लोधी रोड (68.8 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई।

इस महीने मंगलवार से ज्यादा बारिश सिर्फ एक बार हुई थी, जब 8 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 72.66 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

मंगलवार शाम तक, दिल्ली में इस जुलाई में 258.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इसके 209.7 मिमी के मासिक औसत से ज्यादा है।

बीते कई दिनों से राजधानी में उमस इतनी ज्यादा थी कि ‘फील्स लाइक’ (महसूस होने वाला) तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन मंगलवार की झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। महज 24 घंटे में अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इसके साथ ही यह पिछले तीन वर्षों का सबसे ठंडा जुलाई का दिन बन गया।

इससे पहले जुलाई में इससे कम अधिकतम तापमान 8 जुलाई 2023 को दर्ज किया गया था, जब पारा 28.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार दोपहर दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया। विभाग के अनुसार, बुधवार को मध्यम बारिश और गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाएं, अरब सागर से आने वाली पश्चिमी हवाएं, ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव (डीप डिप्रेशन) और पश्चिमी हिमालय में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मिलकर उत्तर भारत के बड़े हिस्से में जोरदार बारिश करा रहे हैं।

स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया, “ओडिशा के ऊपर बना गहरा निम्न दबाव अब उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले दो से तीन दिनों तक रुक-रुक कर हल्की बारिश होने की संभावना है।”

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने से बचें, क्योंकि वहां भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ सकते हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) आने का भी खतरा बना हुआ है।

वहीं, लगातार हुई बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मंगलवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 6 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस कम था। इससे दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली।

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India Weather Update: देश भर के कई इलाके इस वक्त भारी से बेहद भारी बारिश से जूझ रहे हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी जारी की है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश होगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, उड़ीसा और गंगीय पश्चिम बंगाल पर बने गहरे दबाव, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम यूपी और पूर्वोत्तर असम के निचले ट्रोपोस्फीयर में बने चक्रवातीय परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर सेआने वाले 7 दिनों (28 जुलाई से 3 अगस्त) तक देश भर में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 6 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 6 प्रमुख राज्यों में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक की अत्यंत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है:-

ओडिशा: 28 जुलाई को थंडरस्क्वाल (50-60 किमी/घंटा से 70 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं) के साथ अत्यंत भारी बारिश।

छत्तीसगढ़: 28 और 29 जुलाई को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत मूसलाधार बारिश।

पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।

विदर्भ: 29 और 30 जुलाई को मूसलाधार बारिश की संभावना।

पश्चिम मध्य प्रदेश: 30 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश।

गुजरात रीजन: 31 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा का पूर्वानुमान।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश, 29-30 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश। 28 जुलाई से 30 जुलाई के दौरान गरज-चमक का अलर्ट है।

इसी तरह पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28-29 जुलाई और 3 अगस्त को भारी बारिश, जबकि 28 से 30 जुलाई तक आकाशीय बिजली चमकने और आंधी की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 और 29 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

इसी तरह पंजाब में 28-29 जुलाई को बहुत भारी बारिश, और 30 जुलाई से 3 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान। पूर्वी राजस्थान में 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश, जबकि 28-29 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश होगी। पश्चिम राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होगी। 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान भी भारी बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 30 जुलाई को बहुत भारी बारिश, जबकि 28-29 जुलाई और 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, महाराष्ट्र और गुजरात का पूर्वालोकन

पश्चिम मध्य प्रदेश में 29 और 31 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और 30 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। दोनों क्षेत्रों में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक 30-40 किमी/घंटा की हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है। महाराष्ट्र के विदर्भ में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 29 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 28-30 जुलाई एवं 1 अगस्त को भारी बारिश होगी।

मध्य महाराष्ट्र में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश और 28-29 जुलाई व 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना। मराठवाड़ा में 28 से 30 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र में 30 जुलाई और 1-2 अगस्त को बहुत भारी बारिश होगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं का अलर्ट है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, बिहार और असम का मौसम

ओडिशा में 29 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 29 जुलाई तथा 2-3 अगस्त को भारी बारिश होगी। बिहार में 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ भारी बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं।

असम और मेघालय में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक लगातार भारी बारिश की संभावना। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28-29 जुलाई और 2-3 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी। अरुणाचल प्रदेश में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 28-31 जुलाई व 2 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: कर्नाटक, केरला और तेलंगाना

तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई और 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। केरल और माहे में 28 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश, तेज हवाओं (30-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।

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इसके अलावा तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश (यनाम) में 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश और तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने का अनुमान है।