Weather Update: एमपी में भारी बारिश का दौर जारी, दिल्ली-UP में भी बरसेंगे बादल, इन राज्यों में 27 अगस्त तक होगी मूसलाधार बारिश

India Weather Update: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से देश के कई हिस्सों में मानसून सुपर एक्टिव मोड में है और जबर्दस्त बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि पूर्वी मध्य प्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि देश के अलग-अलग हिस्सों में 27 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, मिजोरम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य भारत में बारिश का तांडव, मध्य प्रदेश में मूसलाधार का अलर्ट

मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से मध्य भारत में मानसूनी बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब भी सक्रिय है। इसकी वजह से 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 25 अगस्त के बीच, पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 26 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 21 से 27 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है।

उत्तर-पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम, दिल्ली-यूपी में बरसेंगे बादल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून ट्रफ के सामान्य स्थिति के आसपास रहने और उत्तरी हरियाणा में एक चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के चलते दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव देखा जाएगा। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 22 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच व्यापक स्तर पर बारिश होगी। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में 21 से 27 अगस्त तक लगातार मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी 21 और 22 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत का हाल, उड़ीसा और बंगाल में अलर्ट

उत्तरी बंगाल की खाड़ी, बांग्लादेश और दक्षिण गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण की वजह से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 से 26 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उड़ीसा में 24 से 27 अगस्त के बीच बेहद भारी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में भी 22 से 25 अगस्त के दौरान तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण भारत में कम होगी बारिश की रफ्तार, तटीय इलाकों में तेज हवाएं

एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियां स्लो रहने का पूर्वानुमान दिया है। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 21 से 27 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। केरल और तमिलनाडु में 23 से 25 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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21 अगस्त को मूसलाधार बारिश का महा-अलर्ट! यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में होगी भारी बारिश, देखें- मौसम विभाग की चेतावनी

Weather update for August 21: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों और पूर्वोत्तर के राज्यों तक मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस क्षेत्र में मानसूनी प्रणालियों के असर की वजह से जमकर बारिश होगी। इससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यूपी-एमपी समेत 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा देश के 14 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की पूरी संभावना जताई गई है। उत्तर भारत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश होगी। मध्य भारत के पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत की बात करें तो ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना

कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अलर्ट भी दिया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली कड़कने के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

इसके अलावा बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और वज्रपात का अनुमान जताया गया है।

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, पूरे मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व व पूर्व-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

Weather Update: मध्य प्रदेश, यूपी संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में भी मूसलाधार! 26 अगस्त तक ऐसा रहेगा मौसम

Weather Update: देश भर में मानसूनी बारिश का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। इस वक्त उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तथा पूर्वोत्तर राज्यों तक झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी जारी की है कि उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर बना हुआ वेल-मार्क लो प्रेशर एरिया मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब समेत देश के कई राज्यों में 26 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

अगर बीते 24 घंटों के दौरान दर्ज किए गए बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पश्चिम उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, असम, नागालैंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-NCR में 26 अगस्त तक ऐसा रहेगा हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का बड़ा असर असर देखने को मिल रहा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 26 अगस्त के दौरान अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 20 अगस्त और 22 अगस्त को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश जबकि 21 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में 20 से 26 अगस्त तक लगातार गरज-चमक के साथ बारिश की व्यापक गतिविधियां जारी रहेंगी। यहां पूरे सप्ताह भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 20 से 23 अगस्त के दौरान काफी बारिश होगी। 24 से 26 अगस्त के बीच बारिश का असर कम हो जाएगा। हिमाचल प्रदेश में 20 से 22 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी बारिश की चेतावनी है, जिसके बाद 23 से 26 अगस्त के दौरान बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है।

मध्य भारत में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में लो प्रेशर एरिया का सीधा असर देखने को मिल रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 20 से 26 अगस्त तक लगभग पूरे सप्ताह बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है जबकि 22 से 26 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को व्यापक बारिश होगी और 20 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 22 से 26 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होगी।

विदर्भ क्षेत्र में 23 और 24 अगस्त को तेज बारिश की संभावना है जबकि बाकी दिनों में छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 24 अगस्त तक गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20 से 26 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 22 से 26 अगस्त, बिहार में 22 से 24 अगस्त और ओडिशा में 21 से 26 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर देखने को मिलेगा। ओडिशा में 23 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि 21-22 और 24-26 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। बिहार में 22 से 25 अगस्त, गांगेय पश्चिम बंगाल में 23 से 25 अगस्त और झारखंड में 23 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 20 से 26 अगस्त के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 20 से 22 अगस्त तक काफी बारिश होगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 से 26 अगस्त तक पूरा हफ्ता बारिश से सराबोर रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 20 से 25 अगस्त के दौरान और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 से 23 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसमी पूर्वानुमान

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 20 से 26 अगस्त तक लगातार काफी बारिश होने की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 20 से 26 अगस्त के दौरान छिटपुट से लेकर हल्की या मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक में 20 से 26 अगस्त तक काफी बारिश होगी। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 20 अगस्त और फिर 23 से 26 अगस्त के दौरान अच्छी बारिश होने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 व 25 अगस्त को और केरल में 23 व 24 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलाा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 20 से 24 अगस्त के दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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UP Weather Alert: यूपी में बारिश से अभी नहीं मिलेगी राहत, 22 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिले प्रभावित

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में इन दिनों बारिश का दौर जारी है। वहीं आने वाले दिनों में भी लोगों को बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD), लखनऊ केंद्र ने 19 अगस्त 2026 को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण-पूर्वी यूपी के पास बना कम दबाव का क्षेत्र बारिश का मुख्य कारण है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश जारी रह सकती है। खासकर अगले 48 घंटों में दक्षिणी यूपी के कुछ इलाकों में बहुत तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 22 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

24 घंटें होंगे खतरनाक

मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। यह सिस्टम अब उत्तरी झारखंड, दक्षिण-पश्चिमी बिहार और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास बना हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके चलते झारखंड, दक्षिण-पूर्वी यूपी और उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश हो सकती है। वहीं, मानसून की ट्रफ भी सक्रिय है, जिससे प्रदेश में नमी बढ़ने के साथ बारिश का असर और तेज हो सकता है।

इन जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

19 से 20 अगस्त तक बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 22 अगस्त के बीच बुंदेलखंड के कई जिलों में बारिश तेज रहने की संभावना है। 22 से 23 अगस्त को चित्रकूट, सोनभद्र और मिर्जापुर में भारी बारिश हो सकती है।

विभाग के अनुसार 19 और 20 अगस्त को पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वी यूपी में भी बारिश की संभावना है। 21 अगस्त को कुछ जगहों पर बारिश होगी, जबकि 22-23 अगस्त को पूर्वी यूपी में बारिश जारी रह सकती है। पिछले 24 घंटों में प्रतापगढ़ में 130 मिमी और प्रयागराज में 119.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।

यातायात पर होगा असर

बहुत भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है और नदियों-तालाबों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। कच्चे और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने के साथ सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को बाढ़ वाले इलाकों, नदियों और जलमग्न सड़कों से दूर रहने की सलाह दी है। भारी बारिश में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

कल का मौसम: 20 अगस्त को इन 15+ राज्यों में होगी आफत की बारिश! हिमाचल से यूपी-बिहार तक IMD का अलर्ट जारी, ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर रखा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त के लिए मौसम का डिटेल्ड पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक 15 से भी अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की आशंका है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर मध्य भारत के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का दौर बेहद आक्रामक रहने वाला है। कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 20 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में मौसम का सबसे ज्यादा रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के तल्ख तेवर जारी रहेंगे। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में 20 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर होने वाली इस बारिश से भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बारिश कहर बरपाने को तैयार है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ कई जगहों पर बिजली चमकने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट भी देखने को मिलेगी।

बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत में आंधी-तूफान और कड़कती बिजली का साया

20 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का गखतरा मंडरा रहा है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल व माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में मौसम और भी ज्यादा उग्र रह सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड-मणिपुर के विभिन्न इलाकों में भी सिर्फ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

तेज हवाओं का प्रकोप और समुद्र में मछुआरों के लिए चेतावनी

मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का जोर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई स्थानों पर दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में बन रहे मौसमी दबाव के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिमी-मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्व-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

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इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने की आशंका जताई गई है।

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कल का मौसम 19 अगस्त: यूपी में प्रचंड बारिश की रेड कलर वॉर्निंग, IMD ने इन 20+ राज्यों में मूसलाधार का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: देश में मानसूनी हवाओं की वजह से मौसम का मिजाज काफी आक्रामक हो गया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 अगस्त के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि बुधवार को देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और अंधड़ की स्थिति बनी रहेगी। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से बेहद सतर्क रहने और जलभराव व आकाशीय बिजली की घटनाओं से बचाव के कदम उठाने की अपील की है।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक मानसून की रफ्तार काफी तेज रहने वाली है। उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भी कुदरत का प्रकोप देखने को मिल सकता है, जहां मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

पूर्वी यूपी में रेड अलर्ट, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी तबाही की आशंका

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 19 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में आफत की बारिश होगी। यहां अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे नदियां उफान पर आ सकती हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

इन राज्यों के अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी झमाझम बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और बिहार में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। साथ ही झारखंड, विदर्भ, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में भी होगी जोरदार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। दक्षिण भारत के राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कई हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की पूरी संभावना जताई गई है।

तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ देश के बड़े हिस्से में आकाशीय बिजली और तेज आंधी-तूफान की चेतावनी भी जारी की गई है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज और आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं आंध्र प्रदेश, बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

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उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के मैदानी इलाकों में सतह पर तेज हवाएं चलेंगी।

समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों के लिए चेतावनी

मौसम विज्ञान विभाग ने अरब सागर के तटीय और मध्य भागों में मौसम खराब रहने का अनुमान जताया है। गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ और उससे दूर और पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम, उत्तर और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।

Weather Update: अगले 48 घंटे भारी! यूपी, MP और झारखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम हुआ एक्टिव

IMD Weather Bulletin: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप पकड़ने की वजह से भारी बारिश का दौर चल रहा है। आने वाले दिनों में भी इसमें राहत की उम्मीद नहीं दिख रही क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त को जारी अपने वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटे देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिलेगी। झारखंड और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों पर बने डिप्रेशन (अवदाब) के असर से मौसम का मिजाज काफी आक्रामक हो गया है।

इसके चलते उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उठा यह डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए झारखंड और आसपास के इलाकों में केंद्रित हो गया है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके इसी दिशा में झारखंड और बिहार से होकर गुजरने और धीरे-धीरे कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। त्तर हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब के ऊपर ऊपरी हवा का साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि मानसूनी ट्रफ भी अपने सामान्य स्थान पर सक्रिय है।

पिछले 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

IMD के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिली है। उत्तराखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 21 सेमी से अधिक की बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं छत्तीसगढ़, असम व मेघालय, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में 12 से 20 सेमी की बहुत भारी बारिश हुई है। इसके अलावा कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में भी 7 से 11 सेमी तक की भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

दक्षिण-पूर्वी UP, MP और झारखंड में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर भारत और मध्य भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर बेहद मूसलाधार यानी अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसी तरह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में 18 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य क्षेत्रों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त को, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 अगस्त के दौरान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी अलग-अलग दिनों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड में 18 से 24 अगस्त तक गरज और चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।

मध्य भारत और ओडिशा-छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं के साथ बरसेगी आफत

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 20 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 18 से 22 अगस्त के दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का अनुमान है। पूर्वी भारत में झारखंड में 18 अगस्त को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इनकी स्पीड 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 20 अगस्त के दौरान हल्की से मीडियम और कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के राज्यों का हाल

पूर्वोत्तर भारत में असम और मेघालय में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18 से 24 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और बिजली चमकने का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 18 से 24 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी गरज-चमक देखने को मिलेगी।

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दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और कर्नाटक के अलग अलग इलाकों में तेज सतही हवाएं और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

UP Weather Alert: यूपी के भारी होंगे अगले कुछ दिन! IMD ने कई जिलों में जारी किया भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून इन दिनों पूरी रह एक्टिव है। इन दिनों प्रदेश में जमकर बारिश हो रही है। वहीं लोगों को अभी बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 17 अगस्त को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं 20 और 21 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। वहीं लोगों को इससे सावधान रहने की सलाह दी है।

23 अगस्त तक होगी भारी बारिश

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के मुताबिक,, प्रदेश के ऊपर बने मौसमी सिस्टम और मानसूनी द्रोणी की स्थिति में बदलाव के कारण बारिश के लिए परिस्थितियां अनुकूल हुई हैं। अगले 48 घंटों में कई जगह भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम भी आगे बढ़ रहा है, जिसका असर 19 अगस्त से उत्तर प्रदेश में दिखाई दे सकता है। इसके चलते 23 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

यूपी के इन शहरों में होगी भारी बारिश

18 से 22 अगस्त तक यूपी के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। 18 अगस्त को पूर्वी और मध्य यूपी के कई जिलों में भारी बारिश, 19 अगस्त को चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना है। 20 और 21 अगस्त को कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं 22 अगस्त को भी बांदा, चित्रकूट, गोरखपुर, लखनऊ, रायबरेली, अयोध्या समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।

बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। लोगों को खुले में जाने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है और नदियों व जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। इससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

तूफानी मौसम का खतरा: यूपी-उत्तराखंड संग इन 15 राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश! यहां 17 अगस्त को एक्स्ट्रीम हैवी रेनफॉल का अलर्ट

India Weather update: दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का कहर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अगस्त 2026 को जारी अपने विशेष बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में भी हफ्ते के ज्यादातर दिनों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

आईएमडी ने बताया कि मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बना हुआ है। 14 अगस्त को झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था, जो 15 अगस्त की सुबह दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर स्थित है। यह प्रणाली अगले 12 घंटों के दौरान और कमजोर हो जाएगी। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य और निकटवर्ती उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में एक शीयर जोन बना हुआ है जबकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और मध्य असम के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है।

बीते 24 घंटों में बारिश का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई। वहीं हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में 15 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर चलेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद में 15 से 21 अगस्त तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। मैदानी इलाकों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 15 और 18 अगस्त को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में 15 से 17 अगस्त के दौरान और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को तथा जम्मू-कश्मीर इलाके में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 15 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 15 से 21 अगस्त के बीच उत्तराखंड और यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार हैं।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में मौसम सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखाएगा। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 15 से 21 अगस्त तक और बिहार में 17 से 20 अगस्त तक भारी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। इस दौरान 17 अगस्त को उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 अगस्त को, ओडिशा में 16 से 18 अगस्त को और झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 15 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को बिहार में भीषण आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तक और असम व मेघालय में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कोंकण में झमाझम

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक तथा विदर्भ में 15 से 18 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 15 से 21 अगस्त तक तथा गुजरात क्षेत्र में 15 और 16 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा में 15 से 17 अगस्त, मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अगस्त और गुजरात क्षेत्र में 15 व 16 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश

दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे में 15 से 21 अगस्त तक तथा लक्षद्वीप में 15-16 और 19-21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 20 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और तेज गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इलाकों में 15 से 19 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

El Nino Impact: अल नीनो का कहर! 2026 बन सकता है अब तक का सबसे गर्म साल, रिकॉर्ड गर्मी से क्या बदलेगा बारिश का पैटर्न?

El Nino & Monsoon update: प्रशांत महासागर में तेजी से मजबूत हो रहे अल नीनोके असर से साल 2026 के इतिहास का सबसे गर्म साल बनने की संभावना बेहद बढ़ गई है। अमेरिका के नॉन प्रॉफिट रिसर्च ग्रुप बर्कले अर्थ के ग्लोबल वेदर के मंथली एनालिसिस के मुताबिक अल नीनो के शक्तिशाली रूप लेने के कारण 2026 के सबसे गर्म साल बनने की संभावना जुलाई में दर्ज 12 फीसदी से बढ़कर अगस्त में सीधे 69 फीसदी पर पहुंच गई है। रिसर्चर्स का मानना है कि इसके अलावा साल 2027 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बनने की पूरी उम्मीद है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक बर्कले अर्थ के चीफ साइंटिस्ट रॉबर्ट रोडे ने इसे लेकर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगले एक साल या उससे थोड़े अधिक समय में हम कुछ बहुत ही नाटकीय बदलाव देख सकते हैं। यह हमें ऐसी मौसमी स्थितियां देगा जिसकी उम्मीद हम आम तौर पर एक दशक या उससे अधिक समय बाद करते हैं। यह एक बहुत बड़ी घटना साबित होने वाली है।

क्या होता है अल नीनो और कैसे बदलेगा बारिश का पैटर्न?

अल नीनो महीनों तक चलने वाला एक रिकरिंग वेदर फेज है। इसके ग्लोबल लेबल पर गंभीर असर होते हैं। अल नीनो के असर से दुनिया के कई हिस्सों में सूखा पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर भारत, पश्चिमी और दक्षिणी अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया जैसे क्षेत्रों में देखने को मिलता है। अल नीनो की वजह से इन इलाकों में बारिश की कमी हो जाती है। वहीं दूसरी ओर अल नीनो की वजह से कुछ दूसरे क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होती है। उदाहरण के लिए इसके असर से दक्षिणी अमेरिका के इलाकों में भारी बारिश की संभावना बढ़ जाती है।

कितना शक्तिशाली है यह अल नीनो?

वैज्ञानिक पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के एक विशिष्ट क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान से अल नीनो की ताकत का आकलन करते हैं। अनुमान बताते हैं कि प्रशांत महासागर के उस विशिष्ट हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक असाधारण रूप से अधिक बढ़ जाएगा। इसकी तुलना में 2015 से 2016 के अल नीनो के दौरान समुद्र का तापमान सामान्य से 2.75 डिग्री सेल्सियस अधिक बढ़ा था। इससे यह साफ पता चल रहा है कि मौजूदा अल नीनो कितना खतरनाक है।

यह अल नीनो इस साल जून में शुरू हुआ था। हालांकि इस साल देर वसंत और शुरुआती गर्मियों में पड़ी भीषण गर्मी के लिए अल नीनो जिम्मेदार नहीं था क्योंकि तब तक इसका असर इतना तेज नहीं हुआ था।

जून-जुलाई में टूटे गर्मी के रिकॉर्ड

बर्कले अर्थ के मुताबिक प्रमुख जलवायु डेटासेट के मुताबिक बीता जुलाई का महीना अब तक दर्ज किया गया सबसे गर्म या दूसरा सबसे गर्म जुलाई रहा। जुलाई के महीने में भीषण गर्मी की वजह से फ्रांस और स्पेन में विनाशकारी जंगलों की आग भड़क उठी जबकि अमेरिका के कई हिस्से हीट डोम की वजह से झुलस गए। अमेरिका के मुख्य भूभाग में जुलाई का औसत अधिकतम तापमान 90 साल पुराने उस रिकॉर्ड को तोड़ गया जो डस्ट बाउल के दौर में बना था। वैज्ञानिक रोडे ने चुटकी लेते हुए कहा कि दुनिया का इतना बड़ा हिस्सा झुलस रहा है कि उन जगहों का नाम लेना आसान है जो गर्म नहीं हैं, अंटार्कटिका में इस बार बहुत ही अत्यधिक ठंड वाली सर्दियां रही हैं।

ग्लोबल इकॉनमी और व्यापार पर अल नीनो की मार

कई देशों विशेष रूप से उभरते बाजारों में अल नीनो द्वारा लाई गई भीषण गर्मी और मूसलाधार बारिश ईरान युद्ध के कारण उपजे आर्थिक संकट को और बढ़ा सकती है। उदाहरण के लिए समुद्र के पानी के गर्म होने की वजह से पेरू में एंकोवी मछली के शिकार/पकड़ने पर पूरी तरह से रोक लग गई है।

ग्रीनहाउस गैसों का स्थायी असर

बर्कले अर्थ के वैज्ञानिक ज़ेक हॉसफादर ने अल नीनो की तुलना एक बड़े हथौड़े से करते हुए कहा कि अल नीनो एक विशाल हथौड़े की तरह है जिससे जलवायु पर प्रहार होता है इसलिए यह बहुत सी अलग-अलग चीजों को अस्त-व्यस्त कर देगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि अल नीनो किसी एक महीने या साल के तापमान को नाटकीय रूप से प्रभावित कर सकता है लेकिन ग्रीनहाउस गैसों के प्रदूषण से होने वाली ग्लोबल वार्मिंग हमेशा मौजूद रहती है और लगातार बढ़ रही है।