वीकली मौसम अपडेट: 20+ राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट, गुजरात-महाराष्ट्र में खतरा ज्यादा, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश भर में मानसून के एक्टिव होने से भारी बारिश का दौर देखने को मिला है। आने वाला पूरा सप्ताह भी एक बार फिर जोरगार बारिश का गवाह बनने जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने विस्तृत वीकली मौसम बुलेटिन में देश के 20 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 से 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत समेत देश के बड़े हिस्से में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों के लिए मौसम विभाग ने सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। डिप्रेशन के असर से गुजरात रीजन में 31 जुलाई को अलग अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश और 1 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। गुजरात में 2 अगस्त को भी भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।

मध्य महाराष्ट्र में 31 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश और 2 व 3 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। कोंकण और गोवा में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 31 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में भी 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर से यूपी, पंजाब और राजस्थान तक उत्तर भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 6 से 7 दिनों के दौरान बारिश का दौर जारी रहेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 31 जुलाई से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस दौरान भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 3 से 5 अगस्त तक अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक जबकि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 31 जुलाई से 4 अगस्त के दौरान भारी बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा से लेकर 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में पूर्वी राजस्थान में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 31 जुलाई व 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है जबकि पश्चिम राजस्थान में 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का दौर

मध्य भारत में विदर्भ और मध्य प्रदेश पर बने डिप्रेशन का असर दिख रहा है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा (आंधी में 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 31 जुलाई तथा 3 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है, जिसमें छत्तीसगढ़ में 3 से 6 अगस्त तक भारी बारिश होगी। विदर्भ में 31 जुलाई, 1 अगस्त और 6 अगस्त को बारिश का जोर रहेगा, जबकि 1 से 4 अगस्त के बीच आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, बंगाल, ओडिशा और असम का पूर्वानुमान

पूर्व भारत में बिहार में 1 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और 1 से 6 अगस्त तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 से 6 अगस्त और ओडिशा में 2 से 6 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह और झारखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 31 जुलाई से 6 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 2 अगस्त को भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को 50-60 किमी/घंटा (आंधी में 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से थंडरस्क्वॉल चलने की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में 40 से 60 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

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SEOC Sachet Portal : आपदा के समय गुजरात की मजबूत सुरक्षा ढाल बना स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर

State Emergency Operations Center served as robust security shield for Gujarat during disaster

State Emergency Operation Center : आपदा कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आती, लेकिन गुजरात सरकार ने आधुनिक तकनीक, रियल-टाइम समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के आधार पर ऐसा मजबूत आपदा प्रबंधन ढांचा विकसित किया है, जो संकट के समय लाखों नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) राज्य के प्रमुख कमांड एंड कंट्रोल हब के रूप में 24 घंटे कार्यरत रहकर भूकंप, चक्रवात, बाढ़ सहित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान पूरे प्रशासनिक तंत्र का समन्वय करता है।

 

कच्छ भूकंप के बाद विकसित हुआ आधुनिक ढांचा

वर्ष 2001 के कच्छ भूकंप से मिले अनुभवों के आधार पर गुजरात सरकार ने विश्वस्तरीय आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। आज SEOC राज्य के आपदा प्रबंधन का केंद्रबिंदु बन चुका है, जहां से राज्यभर के सभी जिला एवं तहसील स्तर के कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाता है।

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पूरे राज्य में त्रि-स्तरीय नेटवर्क

गुजरात का आपदा प्रबंधन केवल एक कंट्रोल रूम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में सुव्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है। इसमें गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अलावा सभी 33 जिलों में डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC), 248 तहसील इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (TEOC) तथा पांच क्षेत्रीय इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर (ERC) कार्यरत हैं। ये सभी केंद्र गुजरात स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (GSWAN) की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जुड़े हुए हैं।

 

'सचेत' पोर्टल से करोड़ों लोगों को समय पर चेतावनी

राज्य सरकार ने SEOC Sachet Portal और मास एसएमएस प्रणाली के माध्यम से अब तक प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को 2864 करोड़ से अधिक अलर्ट संदेश भेजे हैं। इसके अलावा 6 करोड़ से अधिक मोबाइल एप उपयोगकर्ताओं और 5.3 लाख से अधिक वेब एक्सेस के जरिए नागरिकों को आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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आपदा के दौरान यदि सामान्य संचार व्यवस्था बाधित हो जाए, तब भी सैटेलाइट फोन, GSWAN हॉटलाइन, लैंडलाइन, ई-मेल, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, पुलिस वायरलेस तथा हैम रेडियो जैसी वैकल्पिक संचार व्यवस्थाएं लगातार सक्रिय रहती हैं।

 

विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय

SEOC भारतीय मौसम विभाग (IMD), इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR), ISRO, INCOIS, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज सहित विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय बनाए रखता है। इससे भूकंप, चक्रवात, बाढ़, सुनामी, सूखा, हीटवेव, महामारी तथा औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेना संभव हो पाता है।

 

NDRF और SDRF की टीमें हमेशा तैयार

राज्य में जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए NDRF की 17 टीमें और SDRF की 32 टीमें तैनात रहती हैं। इसके अलावा आवश्यकता होने पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ भी सीधा समन्वय किया जाता है।

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24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन

आपदा के समय नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर पर 1070 तथा जिला स्तर पर 1077 हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे संचालित किए जाते हैं।

 

गुजरात की प्रमुख उपलब्धियां

गुजरात देश का पहला राज्य है, जिसने वर्ष 2003 में अलग डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू कर गुजरात स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (GSDMA) की स्थापना की। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए GSDMA को संयुक्त राष्ट्र का प्रतिष्ठित सासाकावा अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है।

 

'जीरो कैजुअल्टी' नीति की सफलता

हाल के वर्षों में आए बिपरजॉय और ताउते जैसे भीषण चक्रवातों के दौरान गुजरात सरकार ने समय रहते लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर जनहानि को न्यूनतम रखने में सफलता हासिल की। इसके अलावा समुद्री तटों पर आधुनिक साइक्लोन शेल्टर, अर्ली वार्निंग सिस्टम तथा 'आपदा मित्र' योजना के तहत हजारों स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देकर सामुदायिक आपदा प्रबंधन को भी मजबूत बनाया गया है।

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गुजरात की सुरक्षा ढाल

आधुनिक तकनीक, त्वरित संचार व्यवस्था, विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय और प्रशिक्षित राहत एवं बचाव दलों के कारण गुजरात का स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) आज देश के लिए आपदा प्रबंधन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। राज्य सरकार की 'जीरो कैजुअल्टी' नीति को सफल बनाने में SEOC महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आपदा के समय लाखों नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रहा है।

31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, एमपी-राजस्थान से गुजरात-महाराष्ट्र तक मौसम का रौद्र रूप

India Weather Update: देश भर में मानसून की तेज गतिविधियों के चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई के लिए विस्तृत मौसम चेतावनी जारी की है। देश के 20 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी, वज्रपात और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का खतरा

मौसम विभाग ने 31 जुलाई को गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में बारिश का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है। स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम के इस कड़े रुख को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश

देश के कई राज्यों में 31 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। उत्तर और मध्य भारत में अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं पश्चिमी तट और दक्षिण भारत की बात करें तो कर्नाटक, केरल व माहे और कोंकण व गोवा के इलाकों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर, बिहार और इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

31 जुलाई को देश के विस्तृत भू-भाग में मध्यम से भारी बारिशहोने की संभावना है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम राजस्थान में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बिहार, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बारिश का असर रहेगा। इसके अलावा मध्य और दक्षिण भारत के पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश 31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाएं चलने का भी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली चमक सकती है।

पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण व गोवा, पूरे महाराष्ट्र और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम जताया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

आज भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग: MP-महाराष्ट्र में मूसलाधार, IMD ने इन 2 दर्जन राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: देश में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 30 जुलाई के लिए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए ‘रेड कलर वॉर्निंग’ यानी अत्यंत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब समेत लगभग 2 दर्जन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट दिया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक सेंट्रल छत्तीसगढ़ और उससे सटे नॉर्थ इंटीरियर ओडिशा पर बना गहरा दबाव 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। शाम को यह बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के पास केंद्रित था, जो अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे विदर्भ की ओर पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। इस उग्र वेदर सिस्टम के चलते आज देश के एक बड़े भू-भाग में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं का असर रहेगा।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट: ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

IMD ने आज पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में ‘बहुत भारी बारिश’ का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य और पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आज देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर तेज से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश हो सकती है।

तूफानी हवाएं, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप, पूरा महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40-50 किमी/घंटा (गस्टिंग 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है।

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बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम), जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, तटीय कर्नाटक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूरा गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी, जिसके चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

मौसम पूर्वानुमान में कल भारी बारिश की चेतावनी! MP-महाराष्ट्र में होगी मूसलाधार बरसात, दिल्ली-यूपी संग इन 20+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

Weather Update News: देशभर में इस वक्त मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाके बाढ़ से भी जूझ रहे हैं। इसमें सबसे बुरी स्थिति असम की है जहां लाखों की आबादी प्रभावित हुई है और 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए विशेष वेदर बुलेटिन जारी करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर आंतरिक ओडिशा और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बना गहरा दबाव 15 किमी/घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।

29 जुलाई की सुबह यह मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी ओडिशा के आसपास केंद्रित था। यह अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से 30 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है।

MP और महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

दिल्ली और आसपास: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़।

उत्तर भारत: पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

मध्य व पूर्वोत्तर भारत: छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दक्षिण व द्वीप समूह: उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

तेज हवाओं (40-50 kmph) और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, कल कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाओं और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), पश्चिम मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और लक्षद्वीप में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

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इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा और राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट है। इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे समुद्र में भी हलचल तेज रहेगी।

Weather Update : देशभर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है असम का हाल?

Monsoon gathers momentum across country, heavy rain alert for 17 states

Weather Update News : देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं।

 

देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

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देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों में बारिश की चेतावनी है।

बिहार के पटना, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। IMD ने 31 जुलाई से 3 अगस्त के बीच राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 30 जुलाई के दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में बारिश का असर बना रहेगा।

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उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल, बरेली और बदायूं में आज भारी बारिश का अलर्ट है। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है।

असम में बाढ़ का कहर जारी

असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपए कर दी है और राहत अभियान जारी है। प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है। ऊपरी असम में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री पुनर्वास कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए पूरे राज्य में जाएंगे। 

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MP में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 अगस्त तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रहेगा।

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मौसम विभाग ने 29 जुलाई को बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आज से 3 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड में 29 जुलाई और फिर 2 से 3 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

अगले 7 दिन बारिश का कहर: यूपी से गुजरात तक इन 15+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट, इन 6 राज्यों में तो मूसलाधार वाला मौसम

India Weather Update: देश भर के कई इलाके इस वक्त भारी से बेहद भारी बारिश से जूझ रहे हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी जारी की है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश होगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, उड़ीसा और गंगीय पश्चिम बंगाल पर बने गहरे दबाव, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम यूपी और पूर्वोत्तर असम के निचले ट्रोपोस्फीयर में बने चक्रवातीय परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर सेआने वाले 7 दिनों (28 जुलाई से 3 अगस्त) तक देश भर में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 6 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 6 प्रमुख राज्यों में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक की अत्यंत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है:-

ओडिशा: 28 जुलाई को थंडरस्क्वाल (50-60 किमी/घंटा से 70 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं) के साथ अत्यंत भारी बारिश।

छत्तीसगढ़: 28 और 29 जुलाई को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत मूसलाधार बारिश।

पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।

विदर्भ: 29 और 30 जुलाई को मूसलाधार बारिश की संभावना।

पश्चिम मध्य प्रदेश: 30 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश।

गुजरात रीजन: 31 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा का पूर्वानुमान।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश, 29-30 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश। 28 जुलाई से 30 जुलाई के दौरान गरज-चमक का अलर्ट है।

इसी तरह पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28-29 जुलाई और 3 अगस्त को भारी बारिश, जबकि 28 से 30 जुलाई तक आकाशीय बिजली चमकने और आंधी की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 और 29 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

इसी तरह पंजाब में 28-29 जुलाई को बहुत भारी बारिश, और 30 जुलाई से 3 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान। पूर्वी राजस्थान में 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश, जबकि 28-29 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश होगी। पश्चिम राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होगी। 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान भी भारी बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 30 जुलाई को बहुत भारी बारिश, जबकि 28-29 जुलाई और 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, महाराष्ट्र और गुजरात का पूर्वालोकन

पश्चिम मध्य प्रदेश में 29 और 31 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और 30 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। दोनों क्षेत्रों में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक 30-40 किमी/घंटा की हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है। महाराष्ट्र के विदर्भ में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 29 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 28-30 जुलाई एवं 1 अगस्त को भारी बारिश होगी।

मध्य महाराष्ट्र में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश और 28-29 जुलाई व 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना। मराठवाड़ा में 28 से 30 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र में 30 जुलाई और 1-2 अगस्त को बहुत भारी बारिश होगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं का अलर्ट है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, बिहार और असम का मौसम

ओडिशा में 29 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 29 जुलाई तथा 2-3 अगस्त को भारी बारिश होगी। बिहार में 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ भारी बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं।

असम और मेघालय में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक लगातार भारी बारिश की संभावना। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28-29 जुलाई और 2-3 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी। अरुणाचल प्रदेश में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 28-31 जुलाई व 2 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: कर्नाटक, केरला और तेलंगाना

तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई और 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। केरल और माहे में 28 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश, तेज हवाओं (30-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।

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इसके अलावा तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश (यनाम) में 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश और तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

Weather Update : हिमाचल में बादल फटा; असम में 68 मौतें, गुजरात में सेना का रेस्क्यू, IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

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असम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है तो गुजरात में भारी बारिश के कारण भारी तबाही हुई। सेना राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ALSO READ: Top News 27 July: संसद में पेपर लीक संशोधन बिल, सोनम वांगचुक होंगे डिस्चार्ज, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

 

असम में 68 की मौत

असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक 68 लोगों की मौत हो गई। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को फोन कर हालात की जानकारी ली। सोनोवाल बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर हैं।

 

गुजरात ने सेना ने संभाली कमान

गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद कई इलाकों में भीषण जलभराव की स्थिति बन गई है। विशेष रूप से अहमदाबाद जिले के बावला और सानंद क्षेत्र में जलजमाव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। राज्य में वर्षाजन्य हादसों में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें से 29 मौतें वलसाड और नवसारी जिलों में हुई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर बारिश के बाद के हालात की विस्तृत समीक्षा की। चर्चा के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने और जल निकासी का काम तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। है। 

 

हिमाचल में फटे बादल

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में शनिवार रात बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। इससे मयाड़ घाटी के सात गांवों का संपर्क टूट गया। भूस्खलन की वजह से राज्य में करीब 135 सड़कें बंद कर दी गई है। प्रदेश में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड से 15 लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने 5 जिलों में 28 से 31 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है।

 

IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भारी बारिश के साथ ही तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

 

ओडिशा में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार को और गहरा होकर डिप्रेशन में बदल गया है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 29 जुलाई तक सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

 

कल भारी बारिश वाला मौसम: 2 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग, यूपी से MP तक इन 23 राज्यों में IMD ने दिया मूसलाधार, अंधड़ का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में मानसून अपनी चरम तीव्रता पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जुलाई के लिए अपना लेटेस्ट मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। देश के 23 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में कल भारी बारिश, अंधड़, आकाशीय बिजली और तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है।

आइए जानते हैं कि 27 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम की स्थिति कैसी रहने वाली है।

2 राज्यों के लिए रेड अलर्ट, होगी अत्यंत भारी बारिश

IMD के मुताबिक 27 जुलाई को देश के दो मध्य व पूर्वी राज्यों पर मानसून का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिलेगा-

  • छत्तीसगढ़: राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है।
  • ओडिशा: ओडिशा के विभिन्न जिलों में गर्जना के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने निचले और तटीय क्षेत्रों में अलर्ट रहने को कहा है।

इन 5 राज्यों/क्षेत्रों में अति भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान जताया है-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल के जिलों में बादलों का तेज जमावड़ा रहेगा और कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
  • उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश से बहुत भारी वर्षा का खतरा बना हुआ है।
  • गांगेय पश्चिम बंगाल: तटीय व दक्षिणी पश्चिम बंगाल के इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।
  • कोंकण और गोवा: तटीय महाराष्ट्र और गोवा के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
  • मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
  • इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 16 अन्य राज्यों और क्षेत्रों में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है-

  • उत्तर व उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है।
  • मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और गुजरात रीजन के विभिन्न जिलों में भारी वर्षा का पूर्वाकलन है।
  • पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।
  • दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल व माहे में भारी बारिश की संभावना है।

50-60 किमी/घंटा का अंधड़ और आंधी-तूफान

बारिश के अलावा कल कई राज्यों में तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा बना रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में वज्रपात की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक और तेलंगाना के इलाकों में कड़ाके की सतही हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर उमस भरी गर्मी का असर भी देखने को मिल सकता है।

मौसम अलर्ट: अगले 7 दिन भारी बारिश की आशंका! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा, इन 26 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन की वजह से अगले सात दिनों तक देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके 27 जुलाई की दोपहर तक पाराद्वीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों (26 जुलाई से 1 अगस्त 2026) के दौरान देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों का हाल: ओडिशा में 33 सेमी रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के जगतसिंहपुर में 33 सेमी बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम में भी काफी भारी बारिश देखने को मिली है।

जानिए आपके राज्य में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? (क्षेत्रवार और राज्यवार पूर्वानुमान)

1- पूर्वी भारत: ओडिशा और बंगाल पर सबसे ज्यादा खतरा

ओडिशा: डिप्रेशन के सीधे असर के चलते 26 और 27 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश और 29 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। तटीय इलाकों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गंगेटिक पश्चिम बंगाल: 26 और 27 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

झारखंड: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

बिहार: 26 से 29 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

2- मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में बाढ़ की आशंका, एमपी-विदर्भ में अलर्ट

छत्तीसगढ़: 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 26 और 28 जुलाई को भी अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को अति भारी बारिश, जबकि 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26 से 30 जुलाई के दौरान दोनों हिस्सों में 50 किमी/घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकता है।

विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26, 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

3- उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26-27 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 26 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भी बारिश का अलर्ट है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं 27 जुलाई और 30-31 जुलाई को भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 29 से 31 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।

4- पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी बारिश

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र: 26 और 27 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 28 से 31 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 28-30 जुलाई को तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26-27 जुलाई और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

5- उत्तर-पूर्व भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भी आफत

असम और मेघालय: 29 जुलाई को अत्यंत भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। 26-28 जुलाई और 30-31 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।

6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में अंधड़ की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 और 27 जुलाई को 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वॉल’ (तेज अंधड़ और तूफान) की चेतावनी दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल, माहे और तटीय कर्नाटक: केरल में 26 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक भाग: इन क्षेत्रों में 26 से 30 जुलाई के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तटीय राज्यों के जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।