कल का मौसम 20 जून: IMD ने 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली समेत इन राज्यों में आंधी तूफान- Weather update

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जून (शनिवार) के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है । मौसम विभाग के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई मौसमी सिस्टम एक्टिव हैं, जिसके चलते कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है, तो कहीं धूलभरी आंधी और तेज तूफान लोगों को परेशान कर सकता है । इसके साथ ही, कुछ राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी (हीटवेव) का प्रकोप जारी रहेगा ।

इन राज्यों में होगी ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश

मौसम विभाग ने देश के पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है:

असम और मेघालय तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन इलाकों के लिए मौसम विभाग ने बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है । यहां कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश आफत बन सकती है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल: इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली, यूपी और पंजाब-हरियाणा में आंधी-तूफान का अलर्ट

उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में शनिवार को मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा:

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड: दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तराखंड में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चलेंगी और बिजली चमकने के साथ आंधी-तूफान आने की पूरी संभावना है।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी (Thundersquall) चल सकती है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट है।

राजस्थान में धूलभरी आंधी: राजस्थान के कुछ हिस्सों (खासकर पश्चिमी राजस्थान) में शनिवार को तेज आंधी के साथ-साथ धूलभरी आंधी (Dust Storm) चलने की आशंका है, जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में ओलावृष्टि: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद के पहाड़ी इलाकों में आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने (Hailstorm) की भी संभावना है।

झारखंड, बिहार और दक्षिण भारत का हाल

बिहार और झारखंड: झारखंड में शनिवार को 50-60 km प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झंझावात (Thundersquall) आ सकता है । वहीं बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ आंधी आ सकती है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी बिजली चमकने और 40-50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है।

सावधान! कुछ इलाकों में अभी भी सताएगी ‘लू’

भले ही कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्से अभी भी भट्टी की तरह तपेंगे । मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में शनिवार को भी लू (Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में दोपहर के समय लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है ।

मछुआरों के लिए चेतावनी: मौसम विभाग ने समुद्र में चल रही तेज हवाओं के कारण मछुआरों को सलाह दी है कि वे शनिवार को अरब सागर (सोमालिया और ओमान तट के पास) और बंगाल की खाड़ी (मन्नार की खाड़ी और अंडमान सागर) की तरफ न जाएं।

Monsoon Update 2026: IMD का बड़ा अपडेट, तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून, कई राज्यों में हो सकती है भारी बारिश

 

Monsoon: इन 5 कारणों से महाराष्ट्र में फंसा मानसून, खरीफ फसलों पर पड़ सकता है असर

Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण महाराष्ट्र में रुके रहने के कारण देश में 4 जून से 18 जून के बीच बारिश में 41 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस दौरान देश में सामान्य 72.2mm बारिश के मुकाबले केवल 42.6mm बारिश हुई है। IMD के क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, मध्य भारत में 67%, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 42%, दक्षिणी प्रायद्वीप में 22%  और उत्तर-पश्चिम भारत में 6% बारिश की कमी दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया कि “बड़े पैमाने पर अनुकूल मौसमी परिस्थितियों की कमी” ही मुख्य वजह है, जिसके कारण पिछले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में आगे नहीं बढ़ पाया है।

मानसून के उत्तर की ओर बढ़ने में देरी के पीछे कुल 5 प्रमुख कारण हैं:

पहला कारण यह है कि वर्तमान मानसून प्रवाह को अरब सागर से मजबूत “सर्ज” यानी तेज और स्थिर हवाओं का सपोर्ट नहीं मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, “आम तौर पर ऐसी तेज हवाएं ही नमी को बढ़ाने और बड़े पैमाने पर बारिश कराने के लिए जिम्मेदार होती हैं, जिससे मानसून आगे बढ़ता है।”

दूसरा कारण यह है कि अरब सागर में मानसून से जुड़ी निचले स्तर की दक्षिण-पश्चिमी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। इसके चलते महाराष्ट्र के तटीय और अंदरूनी इलाकों तक नमी (moisture) का प्रवाह कम हो गया है।

तीसरा कारण पश्चिमी हिंद महासागर और अरब सागर में क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो का कमजोर होना है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए मुख्य नमी स्रोत माना जाता है। आईएमडी के अनुसार, इस प्रवाह के कमजोर होने से मानसून की गतिविधि भी प्रभावित हुई है।

चौथा कारण यह है कि अभी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसमीय सिस्टम नहीं है, जैसे निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area), चक्रवाती परिसंचरण या पश्चिमी तट के साथ सक्रिय ऑफशोर ट्रफ। ये सिस्टम सामान्यतः मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, लेकिन फिलहाल इनकी कमी है।

आखिरी वजह मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का कमजोर दौर है। यह हवा, बादलों और दबाव का एक चलता-फिरता सिस्टम है जो भूमध्य रेखा के चारों ओर घूमते हुए बारिश लाता है। जब यह सक्रिय होता है, तो दक्षिण भारत में अधिक बादल बनते हैं, जो मानसून हवाओं के साथ उत्तर की ओर बढ़कर ज्यादा बारिश कराते हैं। लेकिन अभी यह कमजोर स्थिति में है।

IMD के अनुसार, इसी वजह से अगले 4-5 दिनों तक महाराष्ट्र के अधिकतर हिस्सों में बारिश सीमित और केवल छिटपुट रहने की संभावना है।

अल नीनो से खरीफ फसलों पर पड़ेगा असर

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तर दिशा में धीमी गति और हाल ही में उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में उत्पन्न हुई अल नीनो की स्थिति, जिसके कारण भारत में कम बारिश हुई है, खरीफ फसलों के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है, क्योंकि इन फसलों के फलने-फूलने के लिए समय पर बारिश जरूरी है।

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को दिया निर्देश

इसी को देखते हुए मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि ऐसे जिलों की पहचान की जाए जहां कम या असमान बारिश की संभावना है। साथ ही राज्यों के साथ मिलकर फसल-वार आपातकालीन (contingency) योजनाएं तैयार करने को कहा गया है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण, नमी प्रबंधन, अंतर-फसल खेती और वैकल्पिक फसल पैटर्न पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

चौहान ने निर्देश दिया कि हर जोखिम वाले जिले के लिए एक अलग और व्यावहारिक रणनीति बनाई जानी चाहिए ताकि खरीफ के मौसम में किसानों को कोई परेशानी न हो।

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IMD Heavy Rain Alert: इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, MP से राजस्थान तक 30 इलाकों में आंधी-तूफान! 24 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून तक के लिए देश का विस्तृत राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर दिया है। इसके तहत दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत देश के 30 अलग-अलग इलाकों (मौसम उप-मंडलों) में भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में लू का प्रकोप भी देखने को मिलेगा।

मानसून प्रोग्रेस: अगले 4-5 दिनों में इन राज्यों में बढ़ेगा आगे

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) अभी हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4-5 दिनों के भीतर मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बिहार, बंगाल, केरल समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (24 जून तक)

मौसम विभाग ने 18 से 24 जून की अवधि के दौरान देश के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जताया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18-19 जून और 21-23 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं 20 जून को बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 24 जून को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय: यहां 19 से 22 जून के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा 18 जून, 23 जून और 24 जून को भी भारी बारिश की चेतावनी है।

18 जून को केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 21 से 23 जून तक भारी बारिश दर्ज की जाएगी। बिहार में 18 से 20 जून तक लगातार भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 18 जून और 21 से 24 जून तक जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 जून व 21-22 जून और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 21-22 जून को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 18 से 23 जून तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18-19 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में 80 Kmph का महातूफान और आंधी

मौसम विभाग ने देश के लगभग 30 मौसम क्षेत्रों (इलाकों) में 40 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। 18 जून को पश्चिमी राजस्थान में और 18-19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) आएगा। इसके झोंके 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद 19-20 जून को पश्चिमी राजस्थान और 20 जून को पूर्वी राजस्थान में 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार की हवाएं चलेंगी। पश्चिमी राजस्थान में 18-20 जून और पूर्वी राजस्थान में 18 जून को धूलभरी आंधी चलेगी।

बिहार में 18-19 जून को 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार वाला भीषण थंडरस्क्वाल आएगा। इसकी अधिकतम गति 80 किमी/घंटे तक हो सकती है। इसके बाद 20-24 जून तक 50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली का दौर चलेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल चलने की आशंका है। इसकी रफ्तार 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद 20-22 जून तक 50 किमी/घंटे की आंधी का येलो अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 18-22 जून तक आंधी-तूफान का असर रहेगा। झारखंड में 18-20 जून और ओडिशा में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली, यूपी और पंजाब-हरियाणा सहित अन्य 30 इलाकों में आंधी-बिजली का हाल

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18 से 22 जून के बीच लगातार गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18-22 जून और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18-19 जून को आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18-19 जून को (जम्मू-कश्मीर में 20 जून तक) गरज-चमक के साथ ओले गिरने और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी है।

पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसम कैसा रहेगा?

कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा में 18-19 जून को और कोंकण व मध्य महाराष्ट्र में 22-24 जून को 50 किमी/घंटे की आंधी चलेगी। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में 18 जून आंधी-बिजली का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में 18-22 जून तक आंधी और बिजली कड़कने की घटनाएं होंगी। इसके अलावा अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी 22 जून तक तेज हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश में 24 जून तक जारी रहेगा हीट वेव का सितम

मौसम में आ रहे इस बदलाव के बीच देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 24 जून तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जून तक लगातार अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 18 जून को लू चलेगी। इसके अलावा महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ) और तेलंगाना में 18 से 20 जून तक लू का प्रकोप जारी रहेगा। गंगीय पश्चिम बंगाल (18-19 जून), ओडिशा (18-20 जून), कोंकण व गोवा (18-21 जून) और तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा (19-20 जून) में असहनीय उमस भरी गर्मी परेशान करेगी।

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