Stock in Focus: पाइप कंपनी को अमेरिका से ₹960 करोड़ का ऑर्डर मिला, 6 महीने में स्टॉक 121% चढ़ा

Stock in Focus: पाइप बनाने वाली कंपनी वेलस्पन कॉर्प को अमेरिका से करीब ₹960 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है। कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को इसकी जानकारी दी।

यह ऑर्डर अमेरिका के लिटिल रॉक स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से कोटेड लाइन पाइप की सप्लाई के लिए मिला है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची ऑर्डर बुक

इस नए ऑर्डर के बाद वेलस्पन कॉर्प की कुल ग्लोबल ऑर्डर बुक करीब ₹25,750 करोड़ (करीब 2.7 अरब डॉलर) पर पहुंच गई है। कंपनी के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी ऑर्डर बुक है।

कंपनी का कहना है कि इससे आने वाले समय में रेवेन्यू की अच्छी तस्वीर दिखाई देती है। साथ ही, भारत और अमेरिका में मौजूद उसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी होगा।

दो साल में पूरा होगा ऑर्डर

वेलस्पन कॉर्प ने बताया कि इस ऑर्डर को वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 के दौरान पूरा किया जाएगा।

कंपनी का कहना है कि लगातार मिल रहे बड़े ऑर्डर उसकी लंबी अवधि की ग्रोथ को मजबूत करेंगे। साथ ही, वैश्विक पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार में उसकी मौजूदगी भी और मजबूत होगी।

वेलस्पन कॉर्प के शेयर

सोमवार को वेलस्पन कॉर्प के शेयर 0.19% चढ़कर 1,599.90 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 121.64% चढ़ा है। इसने बीते 5 साल में 1,055.58% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 42.19 हजार करोड़ रुपये है।

क्या बनाती है कंपनी?

वेलस्पन कॉर्प स्टील पाइप और पाइपलाइन सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। कंपनी तेल और गैस, पानी, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए बड़े व्यास (Large Diameter) वाले पाइप बनाती है। भारत के अलावा अमेरिका में भी इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं और यह दुनिया के कई देशों में अपने उत्पादों की सप्लाई करती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को दो बड़े ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Waaree Renewable Technologies Ltd (WRTL) को दो बड़े लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिले हैं। कंपनी 800 MWac (1,082 MWp) क्षमता वाले दो ग्राउंड-माउंटेड सोलर पीवी प्लांट लगाएगी। EPC कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी डिजाइन, उपकरणों की खरीद और प्रोजेक्ट का निर्माण करेगी।

Waaree Renewable ने बताया कि यह ऑर्डर भारत की एक बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी से मिला है। हालांकि, कंपनी ने ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

दो सोलर प्लांट लगाएगी कंपनी

वारी रिन्यूएबल के मुताबिक, एक प्लांट की क्षमता 400 MWac / 530 MWp होगी, जबकि दूसरे की क्षमता 400 MWac / 552 MWp होगी। ये दोनों प्रोजेक्ट भारत में ही लगाए जाएंगे। इन्हें वित्त वर्ष 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जून तिमाही में बढ़ा मुनाफा

इस सप्ताह वारी रिन्यूएबल ने जून तिमाही के नतीजे भी जारी किए थे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 34% बढ़ा। वहीं, रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹924 करोड़ और EBITDA 48% बढ़कर ₹173 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 19.5% से घटकर 18.8% रह गया।

वारी रिन्यूएबल के शेयर

वारी रिन्यूएबल का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.63% की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.15% कमजोर रहा है। पिछले 1 साल में स्टॉक 10% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 9.78 हजार करोड़ रुपये है।

वारी रिन्यूएबल का बिजनेस

यह कंपनी सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC सेवाएं देती है। कंपनी सोलर प्लांट्स की डिजाइनिंग, उपकरणों की खरीद और निर्माण का काम करती है। इसके अलावा इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और ऑपरेशन-मेंटेनेंस (O&M) जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

JK Cement Q1 Result: 20% बढ़ा रेवेन्यू लेकिन 14% गिरा मुनाफा, ये है वजह, सोमवार को रहेगी शेयरों पर नजर

JK Cement Q1 Result: सीमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी जेके सीमेंट के लिए चालू वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत मिली-जुली रही। एक तरफ इसके रेवेन्यू में 20% से अधिक की तेजी आई तो दूसरी तरफ ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी को झटका लगा और शुद्ध मुनाफा भी 14% से अधिक घट गया। कंपनी ने 18 जुलाई को जून तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश किए और अब सोमवार 20 जुलाई को मार्केट खुलने पर शेयरों पर इसका असर दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो 17 जुलाई को बीएसई पर यह 0.65% की गिरावट के साथ ₹5388.90 (JK Cement Share Price)s पर बंद हुआ था। पिछले साल 20 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह एक साल के हाई ₹7,565 पर था जिससे 10 महीने में यह 38.27% फिसलकर 12 जून 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹4,670.05 पर आ गया था।

JK Cement Q1 Result: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जेके सीमेंट का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 20.3% बढ़कर ₹4,031.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा इस दौरान 14.5% गिरकर ₹277 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी को जून तिमाही में दबाव झेलना पड़ा। इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.8% गिरकर जून तिमाही में ₹647.7 करोड़ पर आ गया तो ईबीआईटीडीए मार्जिन भी सिकुड़कर 20.5% से 16.1% पर आ गया। मार्जिन में गिरावट के चलते इसकी कमाई पर दबाव पड़ा और रेवेन्यू में दोहरे अंकों की ग्रोथ के बावजूद शुद्ध मुनाफा नीचे आया।

जून तिमाही में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ मजबूत बनी रही और सालाना आधार पर इसमें 18% की तेजी आई। ग्रे सीमेंट का वॉल्यूम 19% तो व्हाइट सीमेंट और पुट्टी का वॉल्यूम 11% बढ़ा। जून तिमाही में ग्रे सीमेंट की बिक्री 59.6 लाख टन रही तो व्हाइट सीमेंट की बिक्री 5.4 लाख टन रही जोकि सालाना आधार पर 29% अधिक रहा।

कंपनी के मुताबिक दोहरे अंकों में वॉल्यूम ग्रोथ की वजह वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में शुरू हुए 6 MTPA क्षमता विस्तार और यूएई से कम आयात पर व्हाइट सीमेंट वॉल्यूम में हुई बढ़ोतरी है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट को लेकर कंपनी का कहना है कि प्राइस हाइक और व्हाइट सीमेंट वॉल्यूम में तेजी के बावजूद मेंटेनेंस और पैकेजिंग कॉस्ट में उछाल के चलते इसे झटका लगा।

विस्तार की योजना को लेकर कंपनी का कहना है कि ग्रे सीमेंट कैपेसिटी बढ़ाने का काम योजना के मुताबिक ही बढ़ रहा है। अभी इसकी क्षमता 32.3 MTPA है जिसे बढ़ाकर वित्त वर्ष 2028 तक 40 MTPA और वित्त वर्ष 2030 तक 50 MTPA करने की योजना है। इसे लेकर कंपनी ने अगले दो साल में ₹5000-₹6000 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की योजना बनाई है।

Stock in Focus: 20 जुलाई को इस नवरत्न कंपनी के शेयरों पर रहेगी नजर, विलय के बड़े प्लान को बोर्ड की मंजूरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ather Energy share Price: एथर एनर्जी का शेयर बना रॉकेट, आईपीओ के निवेशकों का पैसा 3 गुना हुआ

एथर एनर्जी के शेयर 15 जुलाई को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गए। एक समय शेयर 9 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए थे। हालांकि, बाद में तेजी थोड़ी कम पड़ गई। 11:40 बजे शेयर 8.65 फीसदी उछाल के साथ 1,306 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में तेजी की वजह एक खबर है। हीरो मोटोकॉर्प का एथर एनर्जी में 1,000 करोड़ रुपये निवेश करने का प्लान है।

Ather Energy बेंगलुरु की कंपनी है, जो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाती है। हीरो मोटोकॉर्प यह निवेश प्रिफरेंशियल इश्यू या कनवर्टिबल वारंट्स के जरिए करेगी। हीरो मोटोकॉर्प ने कहा है कि इस ट्रांजेक्शन के बाद उसकी शेयरहोल्डिंग प्रस्तावित सिक्योरिटीज इश्यूएंस की फाइनल प्राइसिंग और स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगी। जरूरी एप्रूवल मिलने के 15 दिन के अंदर इस ट्रांजेक्शन के पूरा हो जाने की उम्मीद है।

एथर एनर्जी में इस साल जून के अंत में Hero MotoCorp की 29.5 फीसदी हिस्सेदारी थी। हीरो मोटोकॉर्प का दर्जा एथर एनर्जी के प्रमोटर का है। एथर एनर्जी भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली शुरुआती कंपनियों में से एक है। इसका मुकाबला TVS Motor और Bajaj Auto जैसी दिग्गज कंपनियों से है, जिन्होंने बड़े लेवल पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में एंट्री की है। इसके अलावा ओला भी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के मार्केट में है।

एथर एनर्जी का आईपीओ अप्रैल 2025 में आया था। कंपनी के शेयर 321 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 328 रुपये पर लिस्ट हुए थे। कंपनी का शेयर 2026 में 60 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। यह इश्यू प्राइस से करीब 3 गुना हो चुका है। उधर, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली ओला इलेक्ट्रिक का शेयर इश्यू प्राइस से करीब 48 फीसदी गिरा है।

एथर एनर्जी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री खुद करती है। इसका चार्जिंग नेटवर्क और बैटरी एनर्जी मैनेजमेंट सर्विसेज भी है। 31 मार्च, 2026 के अंत में कंपनी का टर्नओवर 3,671.76 करोड़ रुपये था। 14 जुलाई को कंपनी का शेयर 1,47 फीसदी चढ़कर 1,202 रुपये पर बंद हुआ था। ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि एथर एनर्जी ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के बाजार में अच्छी पैठ बना ली है।

15 जुलाई को शेयर बाजार में तेजी दिखी। निफ्टी 0.56 फीसदी यानी 132 अंक चढ़कर 24,185 अंक पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.65 फीसदी यानी 500 अंक के उछाल के साथ 77,549 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.89 फीसदी की तेजी दिखी। 14 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट आई थी।

Stock in Focus: दो इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को मिले बड़े ऑर्डर, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: शेयर बाजार में बुधवार, 8 जुलाई को दो इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी। एक कंपनी को पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा नया ऑर्डर मिला है। दूसरी कंपनी को 158 करोड़ रुपये से ज्यादा के सीवरेज प्रोजेक्ट में सबसे कम बोली लगाने वाला (L-1) घोषित किया गया है।

Advait Energy Transitions

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Advait Energy Transitions Ltd को दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) से 51.62 करोड़ रुपये का टर्नकी ऑर्डर मिला है। कंपनी 11KV 55mm² AAAC मीडियम वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर (MVCC) की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करेगी।

इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन 15 महीने है। पिछले महीने कंपनी की सब्सिडियरी Advait BESS Bhesaan Pvt Ltd ने Gujarat Urja Vikas Nigam Ltd (GUVNL) के साथ 150 MW/300 MWh क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया था। यह प्रोजेक्ट गुजरात में बनेगा।

Advait Energy Transitions Ltd का शेयर मंगलवार को 1.59% की गिरावट के साथ 2,148 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक तकरीबन फ्लैट रहा। वहीं, 1 साल में इसने करीब 20.80% का रिटर्न दिया है।

EMS

वॉटर और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी EMS Ltd को दिल्ली जल बोर्ड से करीब 158.29 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए L-1 घोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली के टिकरी कलां इलाके में सीवर नेटवर्क बिछाने का है। कंपनी को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिलने के बाद ऑर्डर फाइनल होगा। इस प्रोजेक्ट को 15 महीने में पूरा किया जाएगा।

इससे पहले अप्रैल 2026 में भी EMS को UP Jal Nigam (Urban) से वाराणसी के दो सीवरेज प्रोजेक्ट मिले थे। इनकी कुल अनुमानित कीमत 208.6 करोड़ रुपये (GST छोड़कर) थी। इन प्रोजेक्ट्स में सीवर नेटवर्क, हाउस कनेक्शन, सर्वे, डिजाइन और टर्नकी आधार पर निर्माण का काम शामिल है।

EMS Ltd का शेयर मंगलवार को 3.84% गिरकर 402.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 24.87% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में इसमें करीब 34% की गिरावट आई है।

AI Stocks: AI शेयरों में मची बिकवाली, Netweb से Black Box तक 10% टूटे; जानिए क्या है वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex IPO Listing: 6 जुलाई को कितना लिस्टिंग गेन? ग्रे मार्केट से ये है संकेत

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के आईपीओ को निवेशकों के अच्छे रिस्पांस के बाद अब इसके शेयरों के लिस्टिंग की तैयारी हो रही है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से जो संकेत मिल रहे हैं, उसके मुताबिक इसके शेयरों की कल 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर प्रीमियम एंट्री हो सकती है। ग्रे मार्केट में इसकी GMP इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹3 यानी 2.21% है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं। आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर ₹136 के भाव पर जारी हुए हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹125-₹136 था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

Stock in Focus: ₹236 करोड़ का ऑर्डर और मिला, अब 6 जुलाई को फोकस में शेयर

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Oswal Pumps Share Price: ओसवाल पंप्स को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से ₹235.92 करोड़ का ऑर्डर और मिला है। कंपनी को यह ऑर्डर पीएम कुसुम बी स्कीम (PM Kusum B Scheme) के तहत मिला है। कंपनी ने इसकी जानकारी शनिवार 4 जुलाई को एक्सचेंज फाइलिंग में दी। अब इसका असर कंपनी के शेयरों पर सोमवार 6 जुलाई को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 3 जुलाई को बीएसई पर यह 2.01% की गिरावट के साथ ₹409.70% के भाव पर बंद हुआ था।

कैसा ऑर्डर मिला है Oswal Pumps को?

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसे पूरे महाराष्ट्र में 10,000 ऑफ-ग्रिड DC सोलर फोटोवोल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम (SPWPS) के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर करीब ₹235.92 करोड़ का है जिसमें जीएसटी भी शामिल गै। इस पर कंपनी को 60 दिनों के भीतर काम पूरा करना है।

इस प्रोजेक्ट में कंपनी महाराष्ट्र में चुने गए किसानों की जगहों पर पीएम कुसुम बी स्कीम की “मागेल त्याला सौर कृषि पंप” योजना के तहत 3 HP, 5 HP और 7.5 HP के सोलर वॉटर पंपिंग सिस्टम लगाएगी। कंपनी को 5 साल तक इनके वारंटी, रिपेयर और मेंटेनेंस सर्विसेज और रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम का भी काम संभालना है। कंपनी के चेयरमैन और एमडी विवेक गुप्ता ने 10 हजार सोलर पंप्स के अतिरिक्त ऑर्डर्स मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह राज्य सरकार के साथ कंपनी की मजबूत और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को दिखाता है जो राज्य के सोलर सिंचाई मिशन को आगे बढ़ा रही है

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

ओसवाल पंप्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है और कम ही समय में आधे से अधिक पूंजी घटा दी। पिछले सााल बीएसई पर 21 अगस्त 2025 को यह ₹889.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 7 ही महीने में यह 68.18% फिसलकर 16 मार्च 2026 को ₹283.05 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर पर शेयर संभले और अब तक 30.91% रिकवर हो चुके हैं लेकिन एक साल के हाई से अब भी यह 53.94% नीचे है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: ₹1000 करोड़ जुटाने की योजना, बोर्ड ने भी दी खास मंजूरी, 3 वजहों से 29 जून को फोकस में रहेगा यह शेयर

Stock in Focus: दिग्गज NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों में 29 जून को मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स और रेगुलेटरी मंज़ूरी मिलने पर एक या इससे अधिक किश्तों में इक्विटी शेयर या अन्य एलिजिबल सिक्योरिटीज जारी करके ₹10,000 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने इसकी जानकारी 27 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में दी और इस खुलासे से एक कारोबारी दिन पहले 25 जून गुरुवार को बीएसई पर यह 2.75% की गिरावट के साथ ₹510.10 (IIFL Finance Share Price) पर बंद हुआ था।

IIFL Finance से जुड़े तीन बड़े अपडेट्स

आईआईएफएल फाइनेंस के बोर्ड ने इसे ₹10 हजार करोड़ का फंड जुटाने की मंजूरी दी है। मार्केट के माहौल और कैपिटल की जरूरतों के आधार पर, फंड जुटाने का काम कई तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, प्राइवेट प्लेसमेंट, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIPs) या इन्हें मिलाकर। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी इश्यू पर बोर्ड या उसकी कमेटियां सही समय पर विचार करेंगी।

फंड जुटाने की योजना के साथ-साथ बोर्ड ने कंपनी के ग्लोबल मीडियम टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम का साइज $100 करोड़ से बढ़ाकर $200 करने को भी मंजूरी दी। इससे कंपनी को फंडिंग के लिए विदेशी मार्केट तक पहुँचने में अधिक आसानी होगी। साथ ही बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की सीमा और अपनी एसेट्स पर सिक्योरिटी बनाने की सीमा को भी मौजूदा ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹75,000 करोड़ करने को मंजूरी दी लेकिन इस पर कंपनी को आने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी होगी।

इसके अलावा कंपनी ने अपने फाइनेंस डिपार्टमेंट में लीडरशिप में बदलाव का भी ऐलान किया। कपिश जैन ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद छोड़ दिया ताकि वह कंपनी के भीतर ही दूसरा पद संभाल सकें और सीएफओ के पद पर उनकी जगह विकास जैन को 27 जून से जिम्मेदारी मिली है। विकास जैन इससे पहले हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और PwC जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को कम समय में तगड़ा झटका दिया है। इस साल की शुरुआत में 6 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹674.95 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से तीन ही महीने में यह 39.34% फिसलकर 27 अप्रैल 2026 को यह ₹409.45 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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Stock in Focus: आईटी कंपनी HCLTech की Nokia और Neste से AI डील, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: आईटी कंपनी HCLTech ने AI बेस्ड सर्विसेज को मजबूत करने के लिए दो बड़े समझौतों का ऐलान किया है। कंपनी ने टेलीकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली Nokia और फिनलैंड की रिन्यूएबल फ्यूल कंपनी Neste के साथ साझेदारी की है। इन समझौतों का फोकस AI, नेटवर्क ऑटोमेशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर रहेगा।

Nokia के साथ बनाएगी स्मार्ट नेटवर्क

HCLTech ने Nokia के साथ अपनी मौजूदा साझेदारी का विस्तार किया है। दोनों कंपनियां AI बेस्ड नेटवर्क ऑटोमेशन को बढ़ावा देंगी। इसका मकसद टेलीकॉम कंपनियों को ज्यादा स्मार्ट और ऑटोमेटेड नेटवर्क उपलब्ध कराना है।

इस समझौते के तहत HCLTech, Nokia के SMO Marketplace में चार AI बेस्ड rApps जोड़ेगी। इनमें Anomaly Detector नेटवर्क की गड़बड़ियां पकड़ने का काम करेगा। Energy Optimizer कम ट्रैफिक के दौरान बिजली की खपत घटाने में मदद करेगा।

mMIMO Interference Mitigation सिग्नल क्वालिटी बेहतर करेगा। वहीं Traffic Balancer नेटवर्क पर दबाव और लेटेंसी कम करने का काम करेगा। दोनों कंपनियां मिलकर 5G और भविष्य की नेटवर्क तकनीकों के लिए नए rApps भी विकसित करेंगी।

HCLTech के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट हरी सदरहल्ली ने कहा कि यह साझेदारी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को AI बेस्ड नेटवर्क ऑटोमेशन अपनाने में मदद करेगी। साथ ही वे सेल्फ-ड्राइविंग नेटवर्क्स की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।

Neste के साथ बढ़ाएगी ऑपरेशनल एफिशिएंसी

HCLTech को फिनलैंड की रिन्यूएबल फ्यूल कंपनी Neste ने अपने प्रदर्शन सुधार कार्यक्रम के लिए रणनीतिक साझेदार चुना है। इस समझौते के तहत HCLTech, Neste के आईटी सिस्टम को सरल बनाने पर काम करेगी। कंपनी अलग-अलग आईटी सेवाओं को कंसॉलिडेट करेगी। साथ ही ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने और तकनीकी ढांचा मजबूत करने में मदद करेगी।

Neste की CFO ईवा सिपिला ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की आईटी क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे प्रदर्शन सुधार कार्यक्रम को भी गति मिलेगी। HCLTech के चीफ ग्रोथ ऑफिसर अजय बहल ने कहा कि यह समझौता Neste को ज्यादा कुशल और मजबूत तकनीकी ढांचा तैयार करने में मदद करेगा।

HCLTech का शेयर मंगलवार को 0.41% बढ़कर ₹1,114 पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर करीब 32% टूट चुका है।

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