Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Share Market Live Update: वॉल स्ट्रीट की रात भर की रैली जारी रहने के बाद, ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों को देखते हुए, बुधवार को भारतीय स्टॉक मार्केट के सुस्त नोट पर खुलने की उम्मीद है। शुरुआती ट्रेड में एशियाई इक्विटी में मिला-जुला कारोबार हुआ, जबकि US मार्केट बढ़त के साथ बंद हुए, जो जियोपॉलिटिकल और मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं के बावजूद लगातार उम्मीद को दिखाता है।

मंगलवार को, घरेलू बेंचमार्क बिकवाली के दबाव के बीच नीचे बंद हुए, जिसमें निफ्टी 50 23,900 के निशान से नीचे फिसल गया। BSE सेंसेक्स 249.70 पॉइंट या 0.33% गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 80.50 पॉइंट या 0.34% गिरकर 23,865.75 पर बंद हुआ।

Sensex में 300 अंकों का उछाल, Nifty भी 24000 के पार, निवेशकों पर डेढ़ लाख करोड़ रुपये की बारिश

Stock Market Rally: कच्चे तेल की नरमी और एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी के चलते आज शुरुआती कारोबार में मार्केट में रौनक दिखी। चूंकि आज निफ्टी के साथ-साथ बैंक निफ्टी समेत एनएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव्स और स्टॉक्स के F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की भी मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख रही है। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स और निफ्टी ग्रीन और रेड जोन में झूलने लगे। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप में थोड़ा दबाव है लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में रौनक दिख रही है। निफ्टी मिडकैप 100 में हल्की गिरावट है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी ही कम बढ़त है।

सेक्टरवाइज मार्केट पर ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर दबाव बना रहे हैं जिनके निफ्टी इंडेक्स में फिलहाल आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। हालांकि दूसरी तरफ पीएसयू बैंक, प्राइलेट बैंक और रियल्टी स्टॉक्स इसे ऊपर लाने की कोशिश में तो है लेकिन इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से भी कम बढ़त है।

ओवरऑल इस रस्साकसी में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:16 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 240.82 प्वाइंट्स यानी 0.31% के उछाल के साथ 76,969.19 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 62.75 प्वाइंट्स यानी 0.26% के उछाल के साथ 24,009.00 पर है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 308.99 प्वाइंट्स चढ़कर 77,037.36 तक तो निफ्टी भी 89.30 प्वाइंट्स उछलकर 24,035.55 तक पहुंच गया।

₹1.73 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 29 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,72,74,146.70 करोड़ था। आज यानी 30 जून 2026 को यह बढ़कर ₹4,74,47,694.61 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,73,547.91 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 12 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 12 स्टॉक्स ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल मारुति, एक्सिस बैंक और सन फार्मा में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, टाटा स्टील और जोमैटो की एटर्नल में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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57 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज फिलहाल 2371 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1528 शेयर फिलहाल मजबूत हैं तो 691 में गिरावट है जबकि 152 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। इसके अलावा 57 शेयर एक साल के हाई और 18 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 42 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 48 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन स्टॉक्स पर रखें नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: एक्सपायरीज की बाढ़; HDFC Bank, SIS और Yes Bank समेत इन स्टॉक्स पर खास वजहों से रहेगी नजर

Stocks to Watch: कच्चे तेल की नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 22.00 प्वाइंट्स यानी 0.09% की मामूली बढ़त के साथ 23,976.00 पर है। चूंकि आज निफ्टी के साथ-साथ बैंक निफ्टी समेत एनएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव्स और स्टॉक्स के F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की भी मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 30 जून को सेंसेक्स (Sensex) 372.10 प्वाइंट्स यानी 0.48% की गिरावट के साथ 76,728.37 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 109.75 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 23,946.25 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज, हेक्सागॉन न्यूट्रिशन, मैजेस्टिक रिसर्च सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस और सुपरहाउस आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

HDFC Bank

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने 30 जून से एडिशनल डायरेक्टर (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) के तौर पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उन्हें आरबीआई की मंजूरी मिलने पर बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा बोर्ड ने एक्सिस बैंक के सीएफओ पुनीत शर्मा को 1 सितंबर, 2026 से एचडीएफसी बैंक का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डेज़िनेट और 1 दिसंबर से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर बनाने की मंजूरी दी।

Axis Bank

एक्सिस बैंक के सीएफओ पुनीत शर्मा ने 31 अगस्त से प्रभावी इस्तीफा दे दिया है।

Bandhan Bank

राजीव मंत्री ने नए मौकों की तलाश के लिए बंधन बैंक के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 25 सितंबर से लागू होगा।

Engineers India

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अतुल गुप्ता (डायरेक्टर-कमर्शियल) को इंजीनियर्स इंडिया का चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। उन्होंने 29 जून से कंपनी के सीएमडी का पदभार संभाल लिया है।

SIS

एसआईएस के बोर्ड ने ₹120 करोड़ तक के शेयर बायबैक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अगस्त 2017 में कंपनी की लिस्टिंग के बाद से यह उसका पांचवां बायबैक होगा।

Crest Ventures

क्रेस्ट वेंचर्स ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी सतलज हाउसिंग (SHPL) के जरिए प्रफुल्ल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के साथ एक डेवलपमेंट एग्रीमेंट रजिस्टर किया है। यह सोसाइटी मुंबई के दादर में एक बड़े क्लस्टर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

Yes Bank

यस बैंक के बोर्ड ने इक्विटी सिक्योरिटीज जारी करके ₹7,500 करोड़ तक और डेट सिक्योरिटीज जारी करके ₹8,500 करोड़ तक जुटाने की मंज़ूरी दे दी है।

RITES, Container Corporation of India

राइट्स ने कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (CONCOR) के साथ एक एमओयू किया है। इसके तहत वे CONCOR के टर्मिनल और एस्टैब्लिशमेंट्स के विकास और सुधार के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) सेवाओं पर मिलकर काम करेंगे, जिसमें कॉन्सेप्ट से लेकर कमीशनिंग तक के प्रोजेक्ट शामिल होंगे।

Sterling and Wilson Renewable Energy

स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी ने मिस्र और MENA क्षेत्र के प्रमुख कॉन्ट्रैक्टर में से एक हसन अल्लाम कंस्ट्रक्शन के साथ 50:50 के जॉइंट वेंचर में मिस्र के मिन्या गवर्नरेट में वेस्ट मिन्या सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए लगभग $5 करोड़ का ऑर्डर हासिल किया है।

Afcons Infrastructure

एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए हर शेयर पर ₹2 के फाइनल डिविडेंड को मंजूरी दी है जिसकी रिकॉर्ड डेट 23 जुलाई है।

Juniper Hotels

जुनिपर होटल्स के सीएफओ तरुण जेटली ने नए मौकों की तलाश में इस्तीफा दे दिया है। जो 15 जुलाई से प्रभावी होगा।

Jagsonpal Pharmaceuticals

जगसोनपाल फार्मा ने ₹20.8 करोड़ में मुंबई की एक फार्मा कंपनी इक्विटास हेल्थकेयर में 85% इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है।

SJVN

एसजेवीएन ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स (PPAs) किया है। ये एग्रीमेंट्स हिमाचल प्रदेश में कंपनी की आने वाले समय में आने वाली पनबिजली परियोजनाओं—66 MW धौलासिध HEP, 210 MW लुहरी स्टेज-I HEP और 382 MW सुन्नी डैम HEP—से बिजली की सप्लाई के लिए हैं।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Indo Tech Transformers

आईआईएफएल एसेट मैनेजमेंट ने प्रमोटर शिर्डी साई इलेक्ट्रिकल्स से प्रति शेयर ₹2,985 के भाव पर इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स के 2 लाख शेयर (1.88% हिस्सेदारी) ₹59.7 करोड़ में खरीदे हैं।

Bliss GVS Pharma

इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर मैटेउस (Mateus) ने एरियन इन्वेस्टमेंट से प्रति शेयर ₹490 के भाव पर ब्लिस GVS फार्मा के 11.5 लाख शेयर (1.08% हिस्सेदारी) ₹56.35 करोड़ में खरीदे हैं।

Goodluck India

सेजवन-फ्लैगशिप ग्रोथ OE फंड ने प्रति शेयर ₹1420 के भाव पर गर्ग परिवार की कंपनी गुडलक इंडिया के अतिरिक्त 2.5 लाख शेयर (0.75% हिस्सेदारी) ₹35.5 करोड़ में खरीदे हैं। हालांकि प्रमोटर मनीष गर्ग ने कंपनी के 2.9 लाख शेयर (0.87% हिस्सेदारी) ₹1,420.81 के भाव पर ₹41.2 करोड़ में बेचे हैं। सेजवन के पास फ्लैगशिप ग्रोथ OE फंड समेत अपनी दो स्कीमों के जरिए मार्च 2026 तक गुडलक इंडिया में 2.46% हिस्सेदारी थी।

Multi Commodity Exchange of India

यूटीआई म्यूचुअल फंड ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX के 14.65 लाख शेयर (0.57% हिस्सेदारी) ₹425.01 करोड़ में प्रति शेयर ₹2,899.23 के भाव पर खरीदा है।

Pondy Oxides & Chemicals

प्रमोटर मंजू बंसल ने प्रति शेयर ₹1,270.27 के भाव पर पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स के 9 लाख शेयर (2.94% हिस्सेदारी) ₹114.32 करोड़ में बेच दिए। दूसरी तरफ ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स के 4.72 लाख शेयर (1.54% हिस्सेदारी) ₹59.94 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,270 के भाव पर खरीदे।

Ramco Systems

ओरेगन पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम ने रामको सिस्टम्स के 1.9 लाख शेयर (0.5% हिस्सेदारी) ₹14.73 करोड़ में प्रति शेयर ₹772.4 के भाव पर खरीदे। वहीं जेन सिक्योरिटीज ने ₹18.78 करोड़ में 2.39 लाख शेयर (0.63% हिस्सेदारी) प्रति शेयर ₹785.4 के भाव पर बेचे।

Shankara Building Products

प्रमोटर ‘द बालीगंज फैमिली ट्रस्ट’ (The Ballygunge Family Trust) ने प्रति शेयर ₹123.54 के भाव पर शंकर बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के 1.36 लाख शेयर (0.56% हिस्सेदारी) ₹1.68 करोड़ में खरीदी है।

एक्स-डेट

आज बजाज फिनसर्व, बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट, बजाज फाइनेंस, महाराष्ट्र स्कूटर्स और वेल्सपन कॉर्प के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो पटेल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स के बायबैक की भी आज एक्स-डेट है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Markets Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, निक्केई में बढ़त,US-ईरान बातचीत पर फोकस

एशियाई बाज़ार

वॉल स्ट्रीट पर रात भर की तेज़ी के बाद, मंगलवार को एशियाई बाज़ार ज़्यादातर ऊपर कारोबार कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 0.29% और टॉपिक्स 0.17% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.92% गिरा, जबकि कोसडैक 0.88% गिरा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम शुरुआत का संकेत दिया।

गिफ्ट निफ्टी 24,011 के लेवल के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 38 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए हल्की पॉजिटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को तेज़ी से ऊपर बंद हुआ, जिसमें डाउ जोन्स ने प्रमुख टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज़ी के कारण रिकॉर्ड ऊंचाई पर क्लोजिंग की।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 306.63 पॉइंट्स या 0.59% बढ़कर 52,182.74 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 86.41 पॉइंट्स या 1.18% बढ़कर 7,440.43 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 522.53 पॉइंट्स या 2.07% बढ़कर 25,820.14 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 1.27% बढ़ी, AMD के शेयर 3.43% बढ़े, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.18% गिरे, अमेज़न के शेयर 3.20% बढ़े, एप्पल के स्टॉक की कीमत 0.72% गिरी, अल्फाबेट के शेयर 4.96% बढ़े, मेटा 2.24% बढ़ा, टेस्ला के स्टॉक की कीमत 8.46% बढ़ी और स्पेसएक्स के शेयर 7.15% बढ़े।

US-ईरान बातचीत

ईरान ने उन खबरों से इनकार किया है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ उसकी कोई बातचीत तय है। इस बीच, व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि US के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीनियर सलाहकार, जेरेड कुशनर, ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए मंगलवार को दोहा जाएंगे।

जापान फैक्ट्री आउटपुट

जापान का फैक्ट्री आउटपुट मई में पिछले महीने की तुलना में उम्मीद से कम गति से बढ़ा। मई में इंडस्ट्रियल आउटपुट पिछले महीने की तुलना में 0.5% बढ़ा, जबकि औसत बाजार अनुमान 1.1% बढ़ोतरी का था। यह बढ़ोतरी का दूसरा महीना था।

आज सोने का रेट

सोने की कीमतों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई और यह लगातार चौथे महीने गिरावट के लिए तैयार था। स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.5% गिरकर $3,957.74 प्रति औंस हो गई और यह 12.7% की मासिक गिरावट के लिए तैयार थी। अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 1.7% गिरकर $3,971.60 पर आ गया। स्पॉट सिल्वर की कीमतें 2.4% गिरकर $56.89 प्रति औंस हो गईं।

क्रूड ऑयल की कीमतें

दोहा में US-ईरान बातचीत की उम्मीद से पहले क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.03% गिरकर $72.40 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.83% गिरकर $70.16 पर आ गया।

डॉलर

डॉलर इंडेक्स, जो US करेंसी को छह दूसरी यूनिट्स के मुकाबले मापता है, पिछले सेशन में 0.26% गिरने के बाद 101.6 पर था, लेकिन दूसरी तिमाही में 1.3% बढ़ने की उम्मीद है। येन 40 साल के सबसे निचले स्तर 162.27 प्रति डॉलर पर आ गया। यूरो $1.14165 पर था, जबकि स्टर्लिंग पिछली बार $1.3251 पर था।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, कोस्पी 1% से ज्यादा गिरा, निक्केई में भी दबाव

Asian Market Today: मिडिल ईस्ट में हुए नए डेवलपमेंट के बाद सोमवार सुबह एशिया-पैसिफिक मार्केट में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.98% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.21% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.23% फिसला, जबकि कोसडैक 0.97% चढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बढ़त के संकेत दिए। होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग जहाजों पर ईरान के हमलों के बदले में US के ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमला करने के बाद वीकेंड में मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया।

गिफ्ट निफ्टी 24,087 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 15 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट शुक्रवार को AI से जुड़े चिप स्टॉक्स में भारी गिरावट के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.09% गिरकर 51,876.11 पर आ गया, जबकि S&P 500 0.05% गिरकर 7,353.95 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.24% गिरकर 25,297.62 पॉइंट्स पर बंद हुआ। इस हफ़्ते, S&P 500 2.05% और नैस्डैक 4.7% गिरा।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 1.64% गिरी, AMD के शेयर 2.06% गिरे, ब्रॉडकॉम 3.67% गिरा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 5.71% उछले, एप्पल के स्टॉक की कीमत 3.14% बढ़ी, अमेज़न के शेयर 2.50% बढ़े, मेटा 1.36% बढ़ा, जबकि अल्फाबेट के शेयर 2.19% फिसले।

माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 6.69% गिरे, टेस्ला के शेयर की कीमत 1.22% बढ़ी, जबकि स्पेसएक्स के शेयर 0.15% और मॉडर्ना के शेयर की कीमत 12.59% बढ़ी।

US-ईरान युद्ध

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, US और ईरान इस हफ़्ते होर्मुज स्ट्रेट और युद्ध खत्म करने के लिए दूसरे मुद्दों पर शांति वार्ता खत्म होने से पहले एक-दूसरे पर हमला करना बंद करने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों ने वीकेंड में एक-दूसरे पर नए हमले किए और एक-दूसरे पर सीज़फ़ायर तोड़ने का आरोप लगाया।

हालांकि खबर आई है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए ‘एक्सियोस’ (Axios) ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार 30 जून को कतर में बैठक करेंगे।

यह घटनाक्रम कई दिनों से चल रहे सैन्य टकराव के बढ़ने के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक सफलता हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष दोहा में बातचीत आगे बढ़ने के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।”

US कंज्यूमर सेंटिमेंट

US कंज्यूमर सेंटिमेंट जून में रिकॉर्ड निचले स्तर से वापस उछला। यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन के कंज्यूमर सर्वे ने कहा कि उसका कंज्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स मई में 44.8 से बढ़कर इस महीने 49.5 की फ़ाइनल रीडिंग पर पहुंच गया। यह इस महीने की शुरुआत में 48.9 से थोड़ा बेहतर था। रॉयटर्स के पोल में शामिल अर्थशास्त्रियों ने इंडेक्स के 50.0 की फ़ाइनल रीडिंग तक बढ़ने का अनुमान लगाया था।

 

आज का गोल्ड रेट

US-ईरान के नए हमलों और US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों के कारण गोल्ड की कीमतों में गिरावट आई। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.5% गिरकर $4,067.99 प्रति औंस हो गई, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% गिरकर $4,081.20 पर आ गया। स्पॉट सिल्वर 1.1% गिरकर $58.49 प्रति औंस पर आ गया।

क्रूड ऑयल की कीमतें

मिडिल ईस्ट में यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के कई दिनों तक एक-दूसरे पर हमला करने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.67% बढ़कर $72.51 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.03% बढ़कर $69.94 प्रति बैरल पर था।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अब पैसे लगाने लायक हो गया शेयर बाजार? JPMorgan ने कहा- टैक्स और नीतिगत बदलावों से सुधरा माहौल

भारतीय स्टॉक मार्केट में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक JPMorgan का मानना है कि सरकार के टैक्स और नीतिगत बदलावों की वजह से अब इक्विटी में निवेश पहले से ज्यादा आकर्षक हो गया है। यही कारण है कि पिछले दो साल में बाजार की रिटर्न ज्यादा दमदार नहीं रहने के बावजूद घरेलू निवेशकों का पैसा लगातार शेयर बाजार में आ रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG), डेट म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स से जुड़े टैक्स नियमों में हुए बदलावों से इक्विटी की स्थिति मजबूत हुई है। इससे लोगों का रुझान धीरे-धीरे पारंपरिक बचत की जगह वित्तीय निवेश की ओर बढ़ रहा है।

टैक्स नियमों से इक्विटी को फायदा कैसे?

JPMorgan के मुताबिक, फिलहाल इक्विटी पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। वहीं, डेट म्यूचुअल फंड पर इंडेक्सेशन का फायदा खत्म हो चुका है। कुछ इंश्योरेंस पॉलिसियों की मैच्योरिटी रकम पर भी टैक्स लागू हो गया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि इन बदलावों से दूसरे निवेश विकल्पों के मुकाबले इक्विटी ज्यादा आकर्षक बन गई है।

SIP से लगातार आ रहा पैसा

रिपोर्ट का कहना है कि घरेलू निवेशकों की सबसे बड़ी ताकत अब सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) बन गया है। पिछले दो साल में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी घटाई। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों ने SIP के जरिए लगातार निवेश जारी रखा। इससे बाजार को मजबूत सहारा मिला।

JPMorgan का मानना है कि यह सिर्फ बाजार की चाल से जुड़ा निवेश नहीं है, बल्कि लोगों की बचत की आदत में स्थायी बदलाव का संकेत है। मतलब कि अब लोग तेजी की गिरावट की परवाह किए बगैर निवेश जारी रख रहे हैं।

घरेलू निवेशक सबसे बड़ा सहारा

ब्रोकरेज का कहना है कि घरेलू निवेशकों का लगातार निवेश भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा सहारा बन गया है। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर काफी हद तक संतुलित हो जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले वर्षों में भी घरेलू बचत का बड़ा हिस्सा वित्तीय निवेश और इक्विटी की ओर जा सकता है।

किन बातों का है जोखिम?

JPMorgan ने यह भी कहा कि उसकी यह उम्मीद घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी पर टिकी है। अगर लंबे समय तक हर महीने SIP निवेश 250 अरब रुपये (25,000 करोड़ रुपये) से नीचे रहता है, तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

इसके अलावा, अगर किसी नियामकीय बदलाव की वजह से डेरिवेटिव कारोबार में 20% से ज्यादा गिरावट आती है, तो इसका असर पूरे शेयर बाजार की गतिविधियों पर पड़ सकता है।

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कच्चे तेल की नरमी और जियोपॉलिटिकल जोखिम कम होने से इन सेक्टर्स को होगा फायदा, इन पर रहे नजर

अमर सिंह

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक देश के तौर पर,भारत अपनी जरूरत का 88% से ज्यादा तेल आयात करता है। इसलिए,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से उसे फायदा होता है। ब्रेंट क्रूड की कीमत में प्रति बैरल $1 की गिरावट से देश के सालाना आयात बिल में आम तौर पर लगभग 10,000 से 13,000 करोड़ रुपये की बचत होती है।

इसके साथ ही जियोपॉलिटिकल जोखिम कम हो रहे हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव का घटना,ईरान-इजरायल युद्ध का समाधान,होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही का शुरू होना भी भारत के लिए फायदेमंद है। इससे देश को महंगाई कम होने,करंट अकाउंट घाटा घटने,रुपये को सहारा मिलने और RBI व सरकार के लिए पॉलिसी बनाने की बेहतर गुंजाइश मिलने जैसे फायदे होंगे।

इतिहास गवाह है कि तेल की कीमतों में भारी गिरावट (जैसे 2014-16 के दौरान) ने कुछ खास सेक्टर को काफी फायदा पहुंचाया है,भले ही ग्लोबल ग्रोथ की रफ्तार धीमी रही हो। मौजूदा हालात से फायदे में रहने वाले सेक्टर एक जैसे नहीं हैं। ये फायदे उन इंडस्ट्रीज़ तक सीमित हैं जहां फ्यूल या कच्चे तेल से जुड़े कच्चे माल की लागत का हिस्सा बहुत ज्यादा होता है,या जहां कम महंगाई और ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम से बिक्री की मात्रा(वॉल्यूम)सीधे तौर पर बढ़ती है।

कच्चे तेल के भाव कम होने से एविएशन सेक्टर को सीधा और बड़ा फायदा मिलता है। भारतीय एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF)का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत होता है। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट से ATF की कीमतें तुरंत कम हो जाती हैं,जिससे इंडिगो,एयर इंडिया और स्पाइसजेट के ऑपरेटिंग मार्जिन में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होती है।

तेल के भाव घटने से एयरलाइंस या तो अपने मार्जिन को सुरक्षित रख सकती हैं या कम किराए के जरिए डिमांड बढ़ा सकती हैं। ये दोनों ही बातें इस सेक्टर के लिए अच्छी हैं। कीमतों में उतार-चढ़ाव कम होने से हेजिंग की लागत भी कम हो जाती है। पहले के दौर में,तेल की कीमतों में बदलाव पर एयरलाइन शेयरों ने अच्छी तेजी दिखाई है। घरेलू हवाई ट्रैफिक में अभी भी मजबूत बढ़त बनी हुई है,इसलिए ईंधन की कम लागत इनके मुनाफे और क्षमता बढ़ाने में आने वाली एक बड़ी रुकावट को दूर कर सकती है।

इसके बाद डाउनस्ट्रीम ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs)और कच्चे तेल से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का नंबर आता है। इंडियन ऑयल,BPCL और HPCL जैसी कंपनियों को कच्चा तेल खरीदने की कम लागत का फायदा मिलता है। जब रिटेल फ्यूल की कीमतों में बदलाव में देरी होती है या टैक्स की वजह से कीमतों में आई गिरावट का कुछ हिस्सा एडजस्ट हो जाता है। ऐसे में इनका मार्केटिंग मार्जिन बढ़ जाता है। इनको इन्वेंट्री से होने वाला फायदा भी मिल सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में कमी से पेंट सेक्टर को फायदा होता है। इनके कच्चे माल की लागत (जैसे सॉल्वैंट्स,रेजिन और कुछ एडिटिव्स)का 35-50 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल से जुड़ा होता है। ऐसे में कच्चे तेल में नरमी से एशियन पेंट्स,बर्जर पेंट्स और ऐसी दूसरी कंपनियों को अच्छे मार्जिन या कीमतें तय करने में लचीलेपन का फायदा मिलता है।

टायर बनाने वाली कंपनियों (अपोलो टायर्स,MRF,सिएट,JK टायर)को सिंथेटिक रबर और कार्बन ब्लैक की लागत में कमी से राहत मिल रही है। लुब्रिकेंट्स और कुछ खास केमिकल सेगमेंट को भी इसका फायदा हो रहा है। जब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है तो इन कंपनियों के लिए लागत कम,मार्जिन ज्यादा वाली क्लासिक स्थितियां बनती हैं।

तेल की कीमतों में कमी से ऑटोमोबाइल और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को लागत और मांग,दोनों ही फ्रंट पर फायदा होता है। टू-व्हीलर और पैसेंजर गाड़ियों के मामले में,पेट्रोल और डीजल की कम कीमतें गाड़ियों की कुल ओनरशिप लागत (टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप)को बेहतर बनाती हैं। कीमत को लेकर संवेदनशील बाजार में यह खरीदारी का एक अहम कारण होता है। पहले भी देखा गया है कि जब ईंधन की कीमतें कम रही हैं,तब एंट्री-लेवल और मास-मार्केट सेगमेंट में रिटेल बिक्री में तेजी आई है।

इसके अलावा क्रूड की कीमतों में कमी से कमर्शियल गाड़ियों और बड़े लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम (ट्रकिंग,लास्ट-माइल डिलीवरी)को डीजल खर्च पर सीधे बचत होती है,जो वेरिएबल कॉस्ट का एक बड़ा हिस्सा होता है। इससे लॉजिस्टिक्स कंपनियों की ऑपरेटिंग लेवरेज बेहतर होती है और ज्यादा ब्याज दरों वाले माहौल में वॉल्यूम रिकवरी में मदद मिल सकती है। भारत में सामान की ढुलाई के लिए सड़क परिवहन ही मुख्य जरिया (70%) है,इसलिए सप्लाई चेन पर इसका मल्टीप्लायर असर काफी अहम है।

कच्चे तेल में नरमी से कंज्यूमर-फेसिंग सेक्टर और फाइनेंशियल सेक्टर को मैक्रो-लेवल पर दूसरे दौर के फायदे मिलते हैं। फ्यूल और ट्रांसपोर्ट की लागत कम होने से महंगाई कम होती है। इससे RBI को पॉलिसी रेट्स को मैनेज करने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिलती है। इससे क्रेडिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार होता है। जिन बैंकों और NBFCs का रिटेल और SME पोर्टफोलियो मज़बूत है,उन्हें कम महंगाई,स्थिर या कम रेट्स और बेहतर होते कॉर्पोरेट कैश फ्लो के अच्छे चक्र से फायदा होता है।

इसके अलावा ईंधन और ट्रांसपोर्ट पर खर्च कम होने से’कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी’और कुछ खास FMCG कैटेगरी में खर्च करने लायक आय(डिस्पोजेबल इनकम)में थोड़ी लेकिन वास्तविक बढ़ोतरी देखने को मिलती है। अगर कम महंगाई और बेहतर फिस्कल हेडरूम (ईंधन सब्सिडी का दबाव कम होने से)से बेहतर कैपेक्स(पूंजीगत व्यय)माहौल बनता है या ब्याज दरों पर निर्भर मांग में सुधार होता है,तो रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा हो सकता है।

भू-राजनीतिक जोखिम कम होने से इन प्रभावों का असर सिर्फ तेल के गणित से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। ग्लोबलअनिश्चितता कम होने से इक्विटी रिस्क प्रीमियम घटता है,FII निवेश को बढ़ावा मिलता है और कुल मिलाकर जोखिम लेने की क्षमता बेहतर होती है। ग्लोबल ट्रेड और कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़े सेक्टर जैसे कुछ कैपिटल गुड्स,चुनिंदा मैन्युफैक्चरिंग और टूरिज़्म/हॉस्पिटैलिटी शेयरों के लिए अनुकूल माहौल बनता है। सप्लाई-चेन में स्थिरता से आयात पर निर्भर असेंबली इंडस्ट्रीज को भी मदद मिलता है।

सस्ती एनर्जी और शांत भू-राजनीतिक स्थिति का मेल वोलैटिलिटी के उन मुख्य कारणों में से एक को घटाता है,जिन्होंने समय-समय पर भारत की विकास गाथा में बाधा डाली है।

एक बार होने वाले इन्वेंट्री या मार्जिन से मिलने वाले फायदे और लगातार होने वाली कमाई में बढ़ोतरी के बीच फ़र्क करना जरूरी है। ग्राहकों को कितना फायदा होगा और कंपनियां कितना फायदा अपने पास रखेंगी,यह टैक्स पॉलिसी,कॉम्पिटिशन की तीव्रता और प्राइसिंग डिसिप्लिन पर निर्भर करेगा। फायदा पाने वाले सेक्टर की हर कंपनी को एक जैसा फायदा नहीं होगा। बैलेंस-शीट की मजबूती,प्राइसिंग पावर और ऑपरेशनल क्षमता के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियां ज्यादा बेहतर स्थिति में रहेंगी।

बुनियादी नज़रिए से देखें तो,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कम होते जियोपॉलिटिकल तनाव का मेल भारत के लिए एक अच्छा संकेत है। इससे बाहरी फैक्टर का दबाव कम होता है,महंगाई पर लगाम लगती है और ज्यादा कर्ज वाले सेक्टर में कंपनियों का मुनाफा बढ़ता है। जब तेल की कीमतें गिरती हैं और तो बाजार अक्सर तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया देता है।

इस स्थिति में निवेशकों को ऐसी कंपनियों पर फोकस करना चाहिए जिनका ऑपरेटिंग लेवरेज ज़्यादा हो (खासकर ईंधन या कच्चे तेल से जुड़े इनपुट के मामले में),जिनकी बैलेंस शीट मज़बूत हो (ताकि वे किसी भी तरह के उतार-चढ़ाव का सामना कर सकें) और जिनकी वॉल्यूम ग्रोथ भरोसेमंद हो। ऐसे माहौल में, एविएशन,OMCs,पेंट,टायर,ऑटोमोबाइल,लॉजिस्टिक्स और ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले फाइनेंशियल सेक्टर में चुनिंदा निवेश करना,भारत की जारी स्ट्रक्चरल ग्रोथ स्टोरी में शामिल होने का एक भरोसेमंद तरीका है।

अमर सिंह एंजेल वन में रिसर्च के सीनियर VP हैं.

 

Market View : गिरते बाजार में वोलैटिलिटी को खतरा नहीं,मौका मानें, डेट से पैसा निकालकर इक्विटी निवेश बढ़ाने का अच्छा मौका

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SIP ने संभाल लिया भारतीय मार्केट, दो वजहों से शेयरों में आया ताबड़तोड़ निवेश, लेकिन जेपीमॉर्गन ने जारी किया यह अलर्ट

टैक्स और पॉलिसी में कई बदलाव ने भारतीय स्टॉक मार्केट में निवेश को अधिक आकर्षक बना दिया है। यह दावा जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट में किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो वर्षों में शेयर बाजार से सुस्त रिटर्न के बावजूद इन बदलावों के चलते घरेलू शेयर मार्केट में निवेश की रफ्तार यानी इनफ्लो के लगातार मजबूत बने रहने की संभावना है। जेपीमॉर्गन के मुताबिक लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स, डेट म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर टैक्स में हालिया बदलावों ने रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो को ऐसा बना दिया कि इक्विटी में निवेश अधिक आकर्षक हो गया।

पॉलिसी और टैक्स से इक्विटी मार्केट को मिल रहा सपोर्ट

जेपी मॉर्गन ने अपनी इक्विटी स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में कहा कि पॉलिसी और टैक्स से इक्विटी मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है। इक्विटी पर 12.5% ​​LTCG टैक्स लगता है, और इंडेक्सेशन हटाने, इंश्योरेंस पॉलिसी से मिलने वाले पैसे पर टैक्स और डेट म्यूचुअल फंड के लिए स्लैब-रेट टैक्स से इक्विटी की चमक बढ़ी। ब्रोकरेज फर्म का मानना ​​है कि इन स्ट्रक्चरल बदलाव और SIP के जरिए खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से इक्विटी मार्केट में घरेलू निवेश लगातार मजबूत बना रहेगा।

जेपीमॉर्गन का कहना है कि वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय इक्विटी में अपना निवेश कम किया लेकिन फिर भी घरेलू निवेशक डटे रहे। इस दौरान बेंचमार्क इंडेक्स ने भले ही बहुत ज्यादा रिटर्न नहीं दिया, लेकिन रिटेल निवेशकों ने एसआईपी के जरिए निवेश जारी रखा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इससे बाजार में लॉन्ग टर्म बदलाव का संकेत मिल रहा है।

SIP से मिला सपोर्ट लेकिन इस बात को लेकर किया अलर्ट

जेपीमॉर्गन ने अपनी रिपोर्ट में एसआईपी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया, जो इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश आने का मुख्य जरिया बन गए हैं। जेपीमॉर्गन के मुताबिक हर महीने एसआईपी में निवेश का लगातार बढ़ना दिखाता है कि घरों की बचत का अधिकतर हिस्सा अब फाइनेंशियल एसेट्स में जा रहा है और आने वाले वर्षों में भी इस रुझान के बने रहने की उम्मीद है। हालांकि जेपीमॉर्गन ने चेतावनी दी है कि अगर लंबे समय तक एसआईपी में मासिक निवेश ₹25 हजार करोड़ से कम रहता है, तो निवेशकों के नजरिए पर दबाव पड़ सकता है।

एक और रिस्क रेगुलेटरी बदलावों से जुड़ा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इन बदलावों से डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग वॉल्यूम में 20% से अधिक की गिरावट आ सकती है और इसका असर मार्केट की एक्टिविटीज पर पड़ सकता है।

Nifty Outlook for June 29: निफ्टी के चार्ट पर ये लेवल्स करें मार्क, 5 एक्सपर्ट्स ने तैयार की ये ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी

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Asian Market Today: टेक शेयरों में बिकवाली से एशियाई मार्केट में दबाव, निक्केई 4%, कोस्पी में 7% गिरा

Asian Market Today: वॉल स्ट्रीट पर उतार-चढ़ाव वाले सेशन के बाद शुक्रवार, 26 जून को एशियाई मार्केट में गिरावट आई। हैवीवेट टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमजोरी ने सेमीकंडक्टर कंपनियों से मिली अच्छी गाइडेंस से मिली उम्मीद को कम कर दिया।

सुबह 8.25 बजे के आसपास निक्केई करीब 4.18 फीसदी की गिरावट के  साथ 69,341.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.89 फीसदी की  कमजोरी दिखा रहा है।  ताइवान का बाजार 2.28 फीसदी  गिरकर 45,200.59 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 2.32 फीसदी की गिरावट के साथ 22,541.00  के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 7.38 फीसदी की गिरावट के साथ  कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 2.57 फीसदी की बढ़त के साथ 4,014.45 के स्तर पर दिख रहा है।

भारतीय स्टॉक मार्केट आज, 26 जून को मुहर्रम की छुट्टी के कारण बंद है। दोनों बड़े स्टॉक एक्सचेंज, BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आज ट्रेडिंग बंद रहेगी।

वॉल स्ट्रीट की रैली की रफ़्तार पड़ी फीकी 

गुरुवार को US स्टॉक मार्केट मिला-जुला रहा, जिसमें नैस्डैक बड़े टेक शेयरों में गिरावट के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 71.72 पॉइंट्स या 0.14% बढ़कर 51,920.62 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.73 पॉइंट्स या 0.01% गिरकर 7,357.49 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 118.03 पॉइंट्स या 0.46% गिरकर 25,358.60 पर बंद हुआ।

यह कमजोरी वॉल स्ट्रीट पर मिले-जुले सेशन के बाद आई, जहां माइक्रोन टेक्नोलॉजी की अच्छी कमाई और गाइडेंस से मिली शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहने के बाद S&P 500 काफी हद तक बिना बदले बंद हुआ।

Apple सेंटीमेंट पर सबसे बड़ी रुकावट बनकर उभरा, जिसके शेयर 6.1% गिर गए, जब कंपनी ने Macs, iPads और होम डिवाइस की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की। इस गिरावट का असर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स के बड़े मैग्निफिसेंट सेवन ग्रुप पर भी पड़ा।

होर्मुज स्ट्रेट की चिंता बनी रहने से तेल की कीमतों में नरमी

गुरुवार को बढ़त के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट आई, जब होर्मुज स्ट्रेट में एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल के हमले की खबरों ने दुनिया के सबसे अहम एनर्जी ट्रेड रूट में से एक के ज़रिए शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दीं।

इस बीच, US सेंट्रल बैंक के पसंदीदा महंगाई गेज के उम्मीद से कम बढ़ने के बाद बॉन्ड मार्केट ने फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया।

AI से चलने वाली अस्थिरता निवेशकों को सतर्क रखती है

ग्लोबल इक्विटी मार्केट एक अस्थिर हफ्ते के आखिर में इस चिंता के साथ खत्म होने वाले हैं कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बड़े निवेश से काफी रिटर्न मिलेगा, जिससे टेक्नोलॉजी स्टॉक में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

हालांकि माइक्रोन के मजबूत तिमाही नतीजों और आशावादी नजरिए ने निवेशकों को कुछ भरोसा दिया, लेकिन सावधानी अभी भी बनी हुई है। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स और S&P 500 दोनों ही तिमाही में अपनी पहली महीने की गिरावट दर्ज करने की राह पर हैं।

पिछली रैली के बाद चिप स्टॉक्स में गिरावट

हालांकि नैस्डैक 100 गुरुवार को 0.8% ऊपर बंद हुआ, जबकि सेशन के दौरान यह 2.1% तक बढ़ा था, लेकिन यह बढ़त एशियाई मार्केट में पॉजिटिव सेंटिमेंट बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।

माइक्रोन के साथ-साथ, क्वालकॉम के शेयर भी बढ़े, जब कंपनी ने फिस्कल ईयर 2029 तक सालाना AI डेटा-सेंटर कंपोनेंट की बिक्री $15 बिलियन से ज़्यादा होने का अनुमान लगाया।

हालांकि, शुक्रवार को एशियाई सेमीकंडक्टर स्टॉक्स ने रुख बदल दिया। पिछले सेशन में उछाल के बाद MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स पर SK हाइनिक्स, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और कियॉक्सिया होल्डिंग्स के शेयर सबसे बड़ी गिरावट में रहे।

ओपनAI के IPO में कथित तौर पर देरी हुई

इसके अलावा, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की अंदरूनी बातचीत से जुड़े लोगों के हवाले से कहा गया है कि ओपनAI अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को 2027 तक टालने की ओर झुक रहा है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।