Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना लगातार 5वें सत्र गिरा, चांदी एक दिन में ₹5000 फिसली

Gold Silver Prices Today: सोने में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 1 सितंबर को दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार पांचवें सत्र सोने में गिरावट आई। यह 2,700 रुपये गिरकर 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह करीब दो हफ्ते में सोने का सबसे कम भाव है। चांदी में भी बड़ी गिरावट आई।

बीते 5 सत्रों में सोना करीब 9000 रुपये सस्ता हुआ

बीते पांच सत्रों में दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 5.3 फीसदी यानी 8,900 रुपये तक सस्ता हो चुका है। 25 अगस्त को सोने का भाव 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, जो बीते तीन महीनों में सोने का सबसे हाई लेवल था। लेकिन, उसके बाद से सोने में लगातार गिरावट दिख रही है।

दिल्ली में चांदी एक दिन में 5000 रुपये फिसली

दिल्ली सर्राफा बाजारर में चांदी में भी 1 सितंबर को बड़ी गिरावट आई। यह 5,000 रुपये गिरकर 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने और चांदी में लगातार गिरावट की वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। एक बार फिर से दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी हमले की सूरत बनती दिख रही है।

मध्यपूर्व में तनाव बढ़ने का असर बुलियन पर पड़ रहा

अमेरिका-ईरान में टेंशन बढ़ने का असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा है। ब्रेंट क्रूड का प्राइस 1 सितंबर को 92 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया। अगर क्रूड की कीमतें इस लेवल पर बनी रहती हैं तो इस महीने अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श पहले ही कह चुके हैं कि उनकी प्राथमिकता महंगाई को बढ़ने से रोकना है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने का डर

आनंदराठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटीज एंड करेंसीज) वेदिका नार्वेकर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत में भी सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। दरअसल इससे क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही है, जो महंगाई बढ़ा सकती हैं।

पीएम मोदी ने सोना नहीं खरीदने की अपील लोगों से की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से तब तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है, जब तक ऐसा करना बहुत जरूरी नहीं हो जाता। उन्होंने लोगों से बेवजह विदेश यात्रा नहीं करने की भी अपील की है। देश में लोगों के ज्यादा सोना खरीदने से सरकार को गोल्ड का ज्यादा आयात करना पड़ता है। इससे सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ता है। इसका असर विदेशी मुद्रा भंडार पर भी पड़ता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में बड़ी गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी 1 सितंबर को सोने और चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 2.42 फीसदी गिरकर 4,334 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 3.02 फीसदी गिरकर 64.52 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट टर्म में सोने और चांदी पर दबाव जारी रह सकता है।

Gold Silver Prices Today: सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

दिल्ली सर्राफा बाजार में 31 अगस्त को सोने में लगातार चौथे सत्र गिरावट देखने को मिली। यह 1,500 रुपये गिरकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ।

बीते हफ्तों में अच्छी तेजी के बाद मुनाफावसूली

ट्रेडर्स ने बताया कि बीते कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में अच्छी तेजी दिखी थी। अब लगातार मुनाफावसूली हो रही है, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। ट्रेडर्स सोने में इस लिए भी पोजीशन घटा रहे हैं, क्योंकि सोने में तेजी का ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहने में नाकाम रहा। चांदी की कीमतें 31 अगस्त को 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही।

केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने पर दबाव

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद सोने की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। उन्होंने 28 अगस्त को जैक्सन होल में अपनी स्पीच में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दिए। इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।”

बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी असर

उन्होंने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का भी निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ा। डॉलर में मजबूती का सोने की कीमतों पर खराब असर पड़ता है, क्योंकि इससे दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में कमजोरी दिखी। यह 0.35 फीसदी गिरकर 4,436 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, चांदी हल्की मजबूती के साथ 66.97 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुलियन मार्केट्स पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का भी असर पड़ा, क्योंकि इससे क्रूड की कीमतें एक बार फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रही हैं।

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क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बने रहने पर बढ़ सकती है महंगाई

ब्रेंट क्रूड का भाव अगर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है तो इससे अमेरिकी सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी। महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंकों पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ जाएगा। फेडरल रिजर्व सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर इसकी शुरुआत कर सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने वाले माहौल में सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में लगातार दूसरे दिन गिरा सोना, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में लगातार दूसरे गिरावट आई। इसकी कीमत 800 रुपये गिरकर 1,65,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ। इसकी कीमत 2,50,500 रुपये प्रति किलग्राम पर बनी रही। हालांकि, 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। इस मौके पर गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी की खरीदारी बढ़ती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों का पड़ा असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों का असर घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने का असर भी सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। बीते दो दिनों में सोने की कीमतें 1,400 रुपये गिर चुकी है। 25 अगस्त को सोने का भाव 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था।

बुलियन मार्केट की नजरें फेड चेयरमैन की स्पीच पर

बुलियन मार्केट की नजरें अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच पर लगी हैं। वह जैक्सन होल में 28 अगस्त को यह स्पीच देने वाले हैं। इससे फेड की मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में कुछ संकेत मिल सकते हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि इनफ्लेशन और इंटरेस्ट रेट्स को लेकर फेड की पॉलिसी का असर पहले डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर पड़ेगा। फिर सोने कीमतों पर पड़ेगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट 

27 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में गिरावट दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.12 फीसदी गिरकर 4,588 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 0.11 फीसदी की कमजोरी के साथ 67 डॉलर प्रति औंस पर था। हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी 87 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई हैं। ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने को लेकर बातचीत के बावजूद ब्रेंट क्रूड में ज्यादा गिरावट नहीं आई है।

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इस हफ्ते की शुरुआत में तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंचा था सोना

इस हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमतें तीन महीने के सबसे लेवल पर पहुंच गई थीं। इस तेजी में डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड का हाथ था। पिछले हफ्ते अमेरिकी सरकार ने बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम का ऐलान किया था। लेकिन, इससे बॉन्ड यील्ड में तेजी पर थोड़े समय के लिए लगाम लगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेड चेयरमैन वॉर्श शुक्रवार को अपने भाषण में फिर से इनफ्लेशन कंट्रोल पर फोकस बढ़ा सकते हैं।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में चार सत्रों से जारी तेजी पर ब्रेक, चांदी ₹500 उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार चार सत्रों से सोने में जारी तेजी पर 26 अगस्त को ब्रेक लग गया। सोना 600 रुपये गिरकर 1,65,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में कमजोरी का असर घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर पड़ा।

चांदी की कीमतों में 500 रुपये का उछाल

चांदी में 500 रुपये का उछाल आया। इससे इसकी कीमतें 2,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म मडरेक्स में लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि लगातार तेजी के बाद सोने में प्रॉफिट बुकिंग हुई, जिससे इसकी कीमतों में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि हालिया तेजी के गोल्ड का भाव बीते कई महीनों की उंचाई पर पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरे सोना और चांदी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.66 फीसदी गिरकर 4,627 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 0.27 फीसदी की कमजोरी के साथ 68.39 प्रति औंस पर चल रही थी। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी गिरावट दिखी। इसका भाव 1.22 फीसदी गिरकर 87.51 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।

क्रूड ऑयल की कीमतों में भी गिरावट 

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट दिखी। इसकी वजह लगातार पांच सत्रों की तेजी के बाद कंसॉलिडेशन है। उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल में भी गिरावट आई है। इसकी वजह इसकी सप्लाई को लेकर चिंता में कमी है। ईरान और ओमान अस्थायी रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ओपन करने के तरीकों पर बातचीत कर रहे हैं।

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फेड चेयरमैन की स्पीच पर इनवेस्टर्स की नजरें 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि इनवेस्टर्स की नजरें अमेरिकी केंद्रीय बैंक के चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच पर लगी हैं। वह 28 अगस्त यानी शुक्रवार को जैक्सन होल में स्पीच देने वाले हैं। उनकी स्पीच से फेड की पॉलिसी के संकेत मिलेंगे। सितंबर में फेड के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। अगर वह इंटरेस्ट रेट को अपरिवर्तित रखता है तो यह सोने की कीमतों के लिए पॉजिटिव होगा।

Delhi Lakshmi Yojana First Installment: कंफर्म हो गया, 26 अगस्त को लक्ष्मी योजना की जारी होगी पहली किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटस

Delhi Lakshmi Yojana First Installment: दिल्ली की महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना की पहली किस्त 26 अगस्त को जारी होने जा रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों के खातों में 2500 रुपये की पहली किस्त ट्रांसफर करेंगी। इस योजना की शुरुआत दिल्ली में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से की गई है।

तालकटोरा स्टेडियम में भव्य कार्यक्रम, 2500 महिलाओं को मिलेगी किस्त

इस योजना की पहली किस्त जारी करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 26 अगस्त की सुबह 11 बजे शुरू होगा। इस विशेष समारोह में लगभग 2500 महिलाओं को सांकेतिक रूप से पहली किस्त दी जाएगी। आपको बता दें कि दिल्ली लक्ष्मी योजना 1 अगस्त से प्रभावी हुई थी और अब तक इस योजना के तहत 6 लाख से अधिक महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया है।

2500 रुपये का पूरा गणित: बैंक खाते और एफडी/आरडी का नियम

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जानी है। ये मदद 1 सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होना शुरू हो जाएगी। हालांकि इस 2500 रुपये की राशि को पूरा का पूरा अकाउंट में नहीं भेजा जाएगा। बाय डिफॉल्ट 2500 रुपये में से 1500 रुपये लाभार्थी महिला के RD या फिक्स्ड डिपॉजिट (खाते में जमा किए जाएंगे। बाकी 1000 रुपये लाभार्थी के उस बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे जो सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट से जुड़ा होगा। आरडी या एफडी में जमा की गई राशि पर 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन पीरियड लागू रहेगा।

अगर कोई लाभार्थी महिला चाहे तो वह पूरी 2500 रुपये की राशि को भी एफडी या आरडी में जमा करने का विकल्प चुन सकती है, जिस पर भी समान समय तक लॉक-इन पीरियड लागू रहेगा।

ऐसे चेक करें अपनी एप्लीकेशन का स्टेटस

अगर आपने दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन किया है और अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहते हैं, तो इन आसान स्टेप्स का पालन कर सकते हैं:

  • सबसे पहले दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल dly.delhi.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर दिखाई दे रहे Track Application विकल्प पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर, जन्म तिथि और स्क्रीन पर दिखाई दे रहा कैप्चा डालना करना होगा।
  • सभी जानकारी भरने के बाद Sign In बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपके आवेदन का स्टेटस स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।

क्या अभी भी किया जा सकता है आवेदन?

जो महिलाएं अभी तक इस योजना में आवेदन नहीं कर सकी हैं, वे पोर्टल पर जाकर कभी भी आवेदन कर सकती हैं। दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरे साल खुली रहेगी। इसके लिए महिलाएं dly.delhi.gov.in/Account/Login पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। हर महीने की अंतिम तारीख को उस महीने मिलने वाले आवेदनों के लिए कट-ऑफ तारीख माना जाएगा। इसके बाद स्वीकृत होने वाले पात्र आवेदनों को अगले महीने से योजना का लाभ दिया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन? पात्रता और शर्तें

दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता मापदंड तय किए हैं-

  • आवेदन जमा करने की तिथि पर महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह अपने परिवार की सबसे बड़ी महिला सदस्य होनी चाहिए।
  • परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • महिला दिल्ली की पंजीकृत मतदाता होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक, उसके पति या उसके माता-पिता में से कोई भी आवेदन की तिथि पर कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
  • पिछले 12 महीनों के दौरान परिवार की बिजली की खपत 2400 यूनिट से अधिक नहीं होनी चाहिए।

कौन नहीं होगा पात्र?

  • सरकारी पेंशन या नियमित वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
  • आयकरदाता, जीएसटी भरने वाले, सरकारी कर्मचारी और जन प्रतिनिधि इस योजना से बाहर रखे गए हैं।
  • अगर आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य चार पहिया वाहन का मालिक है या सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, बोर्ड या स्थानीय निकाय में काम करता है तो लाभ नहीं मिलेगा।
  • जिन आवेदकों के 3 से अधिक बच्चे हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, वे भी इस योजना की शर्तों के तहत अपात्र हैं।

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में तूफानी तेजी जारी, चांदी ₹3500 रुपये फिसली

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में तूफानी तेजी जारी है। 25 अगस्त को सोने में लगातार चौथे सत्र तेजी रही। यह 2,700 रुपये चढ़कर 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि, चांदी में तेजी पर तीन दिन बाद ब्रेक लग गया। दिल्ली में चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इसकी वजह प्रॉफिट-बुकिंग बताई जा रही है।

चांदी में तीन सत्रों से जारी तेजी पर लगा ब्रेक

चांदी की कीमतें मंगलवार को 3,500 रुपये गिरकर 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में गिरावट आई। स्पॉट गोल्ड 0.31 फीसदी गिरकर 4,636 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 1.48 फीसदी गिरकर 67.89 डॉलर प्रति औंस पर था।

डॉलर में मजबूती से विदेश में गिरा सोना 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद प्रॉफिट बुकिंग और डॉलर में मजबूती से उसमें गिरावट आई। अमेरिकी सरकार के बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम के ऐलान के बाद डॉलर में कमजोरी दिखी थी। यह तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया था। लेकिन, मंगलवार को इसमें तेजी लौट आई। डॉलर में मजबूती पर दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

सितंबर में अमेरिका में इंटरेस्ट बढ़ने की उम्मीद कम

अमेरिका में फेडरल रिजर्व के अगले महीने इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना घटी है। टेडर्स को अगले महीने अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की सिर्फ 40 फीसदी संभावना लग रही है। 60 फीसदी संभावना यह है कि फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा। इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं होने से सोने को सपोर्ट मिलेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घटती है, जबकि इंटरेस्ट रेट घटने के माहौल में बढ़ती है।

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अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने से सोने को मिल रहा सपोर्ट

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन पर दबाव बढ़ गया। अब फिर से सोने और चांदी में तेजी दिख रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में तेजी में अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव का हाथ है।

Gold ने बीते एक साल में 35% रिटर्न दिया, अभी गोल्ड और शेयर में से किसमें निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा?

सोना ने बीते एक साल में 35.3 फीसदी रिटर्न दिया है। इस दौरान निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स (टीआरआई) ने 5.4 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। इस लिहाज से बीते एक साल में गोल्ड के निवेशकों को अच्छा मुनाफा हुआ है, जबकि शेयरों के निवेशकों को लॉस उठाना पड़ा है। सवाल है कि क्या शेयरों की जगह गोल्ड में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद है?

छोटे टाइम फ्रेम में कई बार सोने ने दिया ज्यादा रिटर्न

इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। फंड्सइंडिया के वेल्थ कनवर्सेशंस अगस्त 2026 की रिपोर्ट बताती है कि छोटे-छोटे टाइम फ्रेम में गोल्ड ने शेयरों से ज्यादा रिटर्न दिया है। लेकिन, जब हम लंबे टाइम फ्रेम में देखते हैं तो शेयरों ने सोने के मुकाबले निवेशकों को ज्यादा रिटर्न दिए हैं।

सालाना आधार पर गोल्ड कभी आगे तो कभी पीछे रहा है

फंडसइंडिया ने साल 2000 से लेकर अब तक गोल्ड और Nifty 50 TRI के रिटर्न की तुलना की है। डेटा बताते हैं कि सालान आधार पर रिटर्न की तुलना करने पर गोल्ड कई बार रिटर्न के मामले में शेयरों से आगे रहा है तो कई बार पीछे रहा है। कई बार किसी साल इसने शेयरों के मुकाबले 79 फीसदी रिटर्न दिया है तो कभी इसका रिटर्न शेयरों के मुकाबले 65 फीसदी तक कम रहा है।

लंबी अवधि में शेयरों का रिटर्न गोल्ड से ज्यादा 

निवेश की अवधि बढ़ाने पर हमें दूसरे तरह के नतीजे मिलते हैं। 10 साल की अवधि में गोल्ड का सालाना रिटर्न Nifty 50 TRI के मुकाबले करीब 2 पर्सेंटेज प्वाइंट कम रहा है। 15 साल की अवधि में भी औसत रिटर्न सालाना आधार पर शेयरों के मुकाबले 2 पर्सेंटेज प्वाइंट कम रहा है। 20 साल की अवधि में भी देखने पर सालाना आधार पर गोल्ड का औसत रिटर्न शेयरों के मुकाबले करीब 2 पर्सेंटेज प्वाइंट कम रहा है।

रिटर्न में थोड़ा अंतर भी लंबी अवधि में बड़ा फर्क पैदा करता है

रिटर्न में 2 पर्सेंटेज प्वाइंट का फर्क पहली नजर में ज्यादा नहीं लगता है। लेकिन, जब हम 10, 15 और 20 साल की अवधि में रिटर्न की बात करते हैं तो यह छोटा फर्क काफी बड़ा बन जाता है। सवाल है कि क्या इसका मतलब है कि गोल्ड की जगह शेयरों में निवेश करने पर ज्यादा पैसा बनेगा? इस सवाल का जवाब बहुत आसान नहीं है। इसकी वजह यह है कि आपके निवेश (पोर्टफोलियो) में सोने और शेयरों की भूमिका अलग-अलग होती है।

लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए शेयरों में निवेश समझदारी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन यानी पैसा बनाने के लिए शेयर सही हैं। गोल्ड का काम पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना है। इसका फायदा यह है कि कई बार जब शेयर बाजार में दबाव दिखता है तो गोल्ड पोर्टफोलियो को नुकसान से बचाता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है बीता एक साल है। बीते एक साल में जब शेयरों ने निगेटिव रिटर्न दिया है तो गोल्ड ने बंपर 35 फीसदी का रिटर्न दिया है।

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इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड और शेयर की भूमिका अलग-अलग है

जब आप निवेश का प्लान बनाते हैं तो आपके दिमाग में गोल्ड और शेयर की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। ज्यादातर इनवेस्टर्स दूसरी तरह से सोचते हैं। वे सिर्फ यह देखते हैं कि किसी एसेट में निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा। ऐसा सोचना गलत है। 10, 15, 20, 30 साल के पीरियड में रिटर्न की तुलना से यह स्पष्ट हो चुका है कि शेयरों में निवेश करने पर ज्यादा वेल्थ क्रिएशन होता है। इसका मतलब है कि आपका ज्यादा निवेश शेयरों में होना चाहिए और कुछ निवेश गोल्ड में होना चाहिए। इससे लंबी अवधि में आपके पोर्टफोलियो का रिटर्न बेहतर रहेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

अमीर बनने का सीक्रेट फॉर्मूला! आज ही अपनाएं ये 5 मनी हैबिट्स, तेजी से बढ़ेगी आपकी वेल्थ

फाइनेंशियल सिक्योरिटी हासिल करना और प्रॉपर्टी या वेल्थ क्रिएट करने के लिए जरूरी नहीं कि सिर्फ आपकी कमाई ज्यादा हो। यह इस बात पर भी डिपेंड करता है कि आप अपने कमाए हुए पैसे को कितने बेहतर तरीके से मैनेज करते हैं, बचाते हैं और इन्वेस्ट करते हैं। लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन करने और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के लिए सही फाइनेंशियल हैबिट्स को अपनाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं पैसे की बचत और निवेश से जुड़े उन व्यावहारिक नियमों के बारे में जो आपकी वित्तीय स्थिति को एक मजबूत रास्ते पर ला सकते हैं।

इमरजेंसी फंड बनाएं

नौकरी छूटने, मेडिकल बिल या अचानक आए किसी भी खर्च जैसी स्थिति में इमरजेंसी फंड वित्तीय सपोर्ट देता है। फाइनेंशियल प्लानर आमतौर पर सलाह देते हैं कि आपको बेसिक खर्चों के करीब तीन से छह महीने के बराबर की राशि किसी ऐसे खाते में रखनी चाहिए जहां से उसे आसानी से निकाला जा सके।

बचत को प्राथमिकता दें

सैलरी आते ही सबसे पहले बचत की आदत डालें। इसके लिए अपने वेतन में से एक निश्चित राशि को बचत या निवेश खातों में तुरंत ऑटोमैटिक ट्रांसफर करने की व्यवस्था करें। नियमित रूप से पैसे को सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर करने से बचत में निरंतरता बनी रहती है और पैसे खर्च करने का ऑप्शन भी कम होता है।

खर्चों पर नजर रखें

अपने रोजाना के खर्चों को ट्रैक करने से यह स्पष्ट हो जाता है कि आपका पैसा वास्तव में कहां जा रहा है। गैर-जरूरी सब्सक्रिप्शन, बार-बार किए जाने वाले छोटे-छोटे खर्चों और दूसरे ऐसे पैटर्न की पहचान करने के लिए बजटिंग ऐप, स्प्रेडशीट या सिंपल एक्सपेंस ट्रैकर का इस्तेमाल करें।

क्रेडिट कार्ड का समझदारी से इस्तेमाल करें

सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने पर क्रेडिट कार्ड काफी मददगार साबित हो सकते हैं। अपनी क्षमता से अधिक खर्च करने से बचें और ड्यू डेट तक पूरे बिल का भुगतान करने का लक्ष्य रखें। जिम्मेदारी से क्रेडिट का इस्तेमाल करने से एक स्वस्थ क्रेडिट हिस्ट्री बनाए रखने में मदद मिलती है और भारी लेट फीस या इंटरेस्ट से बचा जा सकता है।

जल्दी निवेश शुरू करें

कम उम्र में या जल्दी निवेश शुरू करने से आपके पैसे को कम्पाउंडिंग के जरिए बढ़ने का अधिक समय मिलता है। लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए निवेशक जिन विकल्पों पर विचार करते हैं उनमें कम लागत वाले इंडेक्स फंड भी शामिल हैं। हालांकि निवेश के विकल्पों का चयन हमेशा पर्सनल फाइनेंस टारगेट, जोखिम लेने की क्षमता और समय अवधि के अनुसार ही होना चाहिए।

स्किल्स बढ़ाएं और सैलरी नेगोशिएट करें

अपनी व्यावसायिक योग्यताओं और स्किल्स को सुधारने से समय के साथ आपकी कमाने की क्षमता बढ़ सकती है। सर्टिफिकेट्स, स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग और वर्कशॉप आपको बेहतर अवसरों के काबिल बनाने में मदद करते हैं।

इसके अलावा आपकी सैलरी आपके भविष्य के बोनस, बचत और रिटायरमेंट योगदान को प्रभावित करती है। इसलिए जॉब ऑफर या अप्रेजल के दौरान अपनी इंडस्ट्री के सैलरी लेबल का रिसर्च करें। अपने लिए उचित सैलरी को मैनेजमेंट के साथ हमेशा कॉन्फिडेंस से डिस्कस करें।

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में तेजी, चांदी सिर्फ दो दिन में 15000 रुपये चढ़ गई

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 21 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी आई। इससे सोने और चांदी का भाव तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया। 20 अगस्त को भी सोना तेजी के साथ बंद हुआ था। बुलियन में तेजी की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और तेजी में जोरदार तेजी को माना जा रहा है। साथ ही डॉलर इंडेक्स में नरमी से भी कीमतों को सपोर्ट मिला।

सोने का भाव 19 मई के बाद पहली बार 1,63,500 रुपये पर

सोना 21 अगस्त को 1,200 रुपये चढ़कर 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले सोने की यह कीमत 19 मई को थी। तब सोने का भाव 1,63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। चांदी तो आज रॉकेट बन गई। 5000 रुपये के उछाल के साथ इसकी कीमत 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। सिर्फ दो दिन में चांदी में 15,000 रुपये का उछाल आया है।

इन वजहों से देश और विदेश में सोने और चांदी को लगे पंख

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि सोने में शुक्रवार को भी तेजी जारी रही। यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब सोने में तेजी देखने को मिली है। चांदी भी सोने के पीछे-पीछे चलती दिख रही है। इसकी वजह डॉलर में कमजोरी और लंबी अवधि के अमेरिकी बॉऩ्ड की यील्ड में नरमी है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन महीने बाद सोना 4600 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में जोरदार तेजी दिखी। सोना 2 फीसदी यानी करीब 81 डॉलर के उछाल के साथ 4,600.91 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सिल्वर में तो करीब 3 फीसदी का उछाल आया। इससे इसका भाव 69.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि सोना 18 मई के बाद पहली बार 4,600 डॉलर के लेवल पर पहुंचा है।

यह सोने की कीमतों में तेजी का लगातार तीसरा हफ्ता रहा

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि इस हफ्ते सोने में 4 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है। इसकी वजह अमेरिकी सरकार की तरफ से बॉन्ड पर्चेंज प्रोग्राम का ऐलान है। इससे डॉलर में नरमी आई है। बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। इसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच डील की कोई संभावना नहीं दिख रही। दोनों देशों के बीच गतिरोध जारी रहने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नहीं खुलने से क्रूड की कीमतें 93 डॉलर के पार बनी हुई हैं।

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क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी काफी ऊंचे लेवल पर 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक क्रूड की कीमतों में नरमी नहीं आती है सोने और चांदी में तेजी जारी रहने की उम्मीद कम है। पिछले कई महीनों में काफी ज्यादा गिरावट के बाद सोने और चांदी में रिकवरी दिख रही है। इससे बुलियन के निवेशकों ने राहत की सांस ली है। उधर, कई देशों के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से भी सोने को सपोर्ट मिल रहा है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना ₹4300 चढ़ा, चांदी एक दिन में ₹10000 उछली

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 20 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों को पंख लग गए। सोना 4,300 के उछाल के साथ 1,62,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का तीन महीने का सबसे ज्यादा प्राइस है। चांदी में भी जोरदार तेजी दिखी। इसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कमजोरी बताई जा रही है।

चांदी 10,000 रुपये के उछाल से 7 हफ्ते की उंचाई पर

20 अगस्त को चांदी में 10,000 रुपये की जोरदार तेजी आई। इससे इसका भाव 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। यह बीते सात हफ्तों में चांदी का सबसे ज्यादा भाव है। इससे पहले 3 जुलाई को चांदी की कीमतें इस लेवल पर थीं। लंबे समय बाद सोने और चांदी में अच्छी तेजी दिखी है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर से नरमी बुलियन को सपोर्ट 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “सोना गुरुवार को बीते दो महीनों के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया। इसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर में कमजोरी है।” उन्होंने कहा कि डॉलर इंडेक्स तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी दिखी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में नरमी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.95 फीसदी गिरकर 4,475 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर हल्की तेजी के साथ 67 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी दिखी। ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया।

बेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के पार 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया है। उधर, ईरान का कहना है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। इस तनातनी की वजह से क्रूड की कीमतों में तेजी जारी है।

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क्रूड में तेजी जारी रहने से महंगाई बढ़ने का डर

अगर लंबे समय तक क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रहती हैं तो इससे महंगाई बढ़ने का खतरा होगा। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सहित दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इसका सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ेगा।