Risks of MTF: ₹12000 करोड़ की सीख, दक्षिण कोरिया में हाहाकार के पांच सबक

Risks of MTF: मान लीजिए कि स्टॉक मार्केट में MTF (मार्जिन ट्रे़डिंग फैसिलिटी) चुनने वाले हर 30 में से एक को एक ही हफ्ते में मैसेज आए, ‘मार्जिन काल, फंड डालिए, नहीं तो हम बेच देंगे’, तो क्या होगा, हड़कंप मच जाएगा न। वैसे यह कल्पना नहीं रह गई और पिछले महीने जुलाई में दक्षिण कोरिया में ऐसा ही हुआ। अब सवाल ये है कि क्या भारत में भी ऐसा कुछ हो सकता है। सैमको सिक्योरिटीज के सीईओ और फाउंडर जिमीत मोदी का मानना है कि रिस्क तो बढ़ा है। उनका कहना है कि एनालिसिस में गलती हुई तो मार्केट माफ कर सकता है लेकिन अत्यधिक लेवरेज की गलती शायद माफ न हो। उनका कहना है कि दक्षिण कोरिया के निवेशकों ने यह सबक सीखने के लिए सिर्फ चार हफ्ते में करीब ₹12,000 करोड़ गंवा दिए और भारतीय निवेशकों के पास अभी भी यह मौका है कि वे बिना नुकसान उठाए इस अनुभव से सीख लें।

क्या है मामला

शुरुआत में सब शानदार चल रहा था। चिप से जुड़े स्टॉक में तेजी के चलते दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स उछलकर जून में रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। साथ ही कोरिया का एमटीएफ यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी का लोन बुक रिकॉर्ड 38.6 ट्रिलियन वान (KRW) यानी ₹2.56 लाख करोड़ पर पहुंच गया जोकि एक साल में करीब डबल हो गया। खास बात ये है कि इस उधार लिए गए पैसे का बड़ा हिस्सा सिर्फ दो शेयरों, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हाइनिक्स (SK Hynix), में लगाया गया था जिनका कोस्पी इंडेक्स में आधे से अधिक हिस्सा है।

फिर बाजार ने गोता लगाया और गिरावट इतनी तेज रही कि कोस्पी जून महीने के रिकॉर्ड हाई से करीब 40% टूट गया। इसके बाद करीब 12 लाख रिटेल अकाउंट्स को मार्जिन कॉल मिले और इनमें से 3.20 लाख-3.60 लाख निवेशकों के शेयर जबरन बेच दिए गए। जबरन बिकवाली से शेयरों की कीमतें और नीचे आईं, जिससे और अधिक निवेशकों को मार्जिन कॉल मिले। इससे खुदरा निवेशकों को करीब 2.15 ट्रिलियन वान (KRW) यानी करीब ₹12 हजार करोड़ की दौलत सिर्फ एक महीने में खत्म हो गई। सबसे अधिक नुकसान 20 से 30 साल की उम्र के निवेशकों को हुआ, जिनकी हिस्सेदारी इस पूरे नुकसान में 62% रही।

भारत के लिए क्या है चेतावनी

भारतीय मार्केट में एमटीएफ बुक FY23 में लगभग ₹25,000 करोड़ से बढ़कर अब ₹1.44 लाख करोड़ से अधिक हो गया है यानी तीन साल में लगभग छह गुना बढ़ोतरी। इस पर सेबी की नजर तो है और सेबी ने एमटीएफ पर एक्सपोजर लिमिट और रिस्क से जुड़े नियम का प्रस्ताव पेश किया है, जिन्होंने हमें कोरिया जैसी बुरी स्थितियों से पहले ही बचा लिया है। हालांकि ध्यान दें कि रेगुलेशन सिर्फ नियम बनाता है, सही फैसला लेने की समझ नहीं देता और वह जिम्मेदारी निवेशकों की खुद की है। यहां ऐसे ही कुछ रिस्क के बारे में बताया जा रहा है, जिन पर ध्यान देना चाहिए-

कम लिक्विडिटी वाले शेयरों के लिए भी लेवरेज: ब्रोकर करीब 1,500 शेयरों पर एमटीएफ की फैसिलिटी दे रहे हैं। फिलहाल इंडस्ट्री के एमटीएफ बुक का एक बड़ा हिस्सा एफएंडओ सेगमेंट से बाहर के ऐसे स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में है जो लगातार लोअर सर्किट में जा सकते हैं, जिससे अचानक मुश्किल आने पर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचता। कोरिया के निवेशकों के शेयर कम से कम किसी कीमत पर तो बिके थे, लोअर सर्किट पर तो शेयर बिकेगा भी नहीं।

नया सिस्टम: एटीएफ का चलन सिर्फ 3-4 साल में तेजी से बढ़ा है। कोरोना महामारी के बाद अभी यहां कोस्पी जैसी स्थिति आई नहीं है जिसका मतलब है कि ₹1.44 लाख करोड़ के लेवरेज ने असली आंधी का सामना नहीं किया है।

युवाओं की अधिक संख्या: एटीएफ का इस्तेमाल कोरियाई मार्केट की तरह अधिकतर युवा ही कर रहे हैं जिन्होंने अधिकतर सिर्फ चढ़ता हुआ मार्केट ही देखा है।

पांच बातों का रखें ख्याल

लेवरेज लोन है, स्ट्रैटेजी नहीं: शेयर परफॉर्म करे या नहीं, सालाना 10-15% की दर से ब्याज देना पड़ता है। 50% मार्जिन पर खरीदे गए स्टॉक से फंडिंग कॉस्ट निकालने के लिए ही सालाना 5% से ज़्यादा रिटर्न मिलना ज़रूरी है। उधार के पैसे से कोई खराब निवेश नहीं बन जाता, बल्कि और खराब हो जाता है।

कुछ ही स्टॉक्स में न लें लवरेज: दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी गलती केवल लीवरेज लेना नहीं था, बल्कि सिर्फ दो शेयरों में भारी निवेश करना था। अगर आपके भी एमटीएफ वाले अधिकतर निवेश सिर्फ दो-तीन स्टॉक्स में हैं, जिनमें बाकी लोग भी पैसे डाल रहे हैं तो गिरावट आने पर सभी लोग एक साथ बेचने की कोशिश करेंगे और ऐसी स्थिति में नुकसान अधिक तेजी से बढ़ सकता है।

मार्जिन कॉल आ सकती है खराब समय में: अच्छी कंपनी में भी एमटीएफ निवेश से घाटा हो सकता है। इसकी वजह ये है कि मार्जिन कॉल हमेशा सबसे खराब समय में आती है। लोअर सर्किट में ब्रोकर को भी खरीदार नहीं मिलेगा और मार्केट अगर अनुमान से अधिक समय तक नीचे आया और गिरवी रखा पैसा यानी कोलैटरल उतने समय के लिए पर्याप्त न हो तो दिक्कत हो सकती है।

अधिकतम मुनाफा नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिके रहने की योजना: हर मार्केट में कभी न कभी 25% से 30% की गिरावट आती ही है। दक्षिण कोरिया में यह गिरावट सिर्फ चार सप्ताह में आ गई। ऐसे में एमटीएफ का इस्तेमाल से पहले खुद से एक प्रश्न पूछे कि क्या अगर अगले महीने मेरा शेयर 30% गिर जाए, तो क्या मैं बिना किसी अन्य निवेश को बेचे इस स्थिति से निकल सकता हूं? अगर इसका जवाब ना में है तो आपका निवेश बहुत बड़ा है।

खुद से जरूर पूछें एक सवाल: अगर आप किसी शेयर को बिना उधार लिए हुए पैसे के साथ लॉन्ग टर्म तक नहीं रख सकते, तो इसे उधार लेकर भी नहीं खरीदना चाहिए क्योंकि लेवरेज सिर्फ उस भरोसे को बढ़ाना चाहिए जो आपके पास पहले से है। यह उस भरोसे की जगह नहीं ले सकता जो आपके पास है ही नहीं।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : आज बाजार के लिए ग्बोबल और घरेलू संकेत अच्छे हैं। गिफ्टी निफ्टी करीब 70 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। FIIs ने कैश और वायदा में मिलाकर करीब 4700 करोड़ की खरीदारी की है। इंडेक्स में दो दिनों में करीब 19000 नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए गए हैं। क्रूड में भी नरमी है। यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन के बाद भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT शेयरों में आई तेजी का असर रियल्टी,कैपिटल गुड्स,हेल्थकेयर और कुछ बड़े शेयरों में आई कमजोरी से संतुलित हो गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन मुख्य इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

विदेशी निवेशकों के रुझान पर एक नजर

30 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,623 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे। इससे घरेलू बाजार में उनका भरोसा बना रहने का संकेत मिलता है। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार पांच सेशन से चली आ रही खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर बन गए,क्योंकि उन्होंने ₹1,864 करोड़ के शेयर बेचे।

कमोडिटी न्यूज

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से कुछ जहाज निकलने की खबरों से क्रूड में थोड़ी नरमी आई है। ब्रेंट 89 डॉलर के पास पहुंच गया है। इधर US में दरें ना बढ़ने से सोना 4100 डॉलर के पार चला गया है। चांदी भी 2.5 फीसदी उछली है।

चिप शेयरों में दिखी जोरदार तेजी

अमेरिका में कल चिप शेयरों में जोरदार रिबाउंड दिखा। मैक्रॉन,वेस्टर्न डिजिटल,सैनडिस्क और SK HYNIX ADR में 15 से 26% तक का उछाल आया। वहीं सॉफ्टवेयर कंपनियों पर दबाव दिखा। Accenture और Cognizant पांच से छह परसेंट फिसले। इंफोसिस का ADR भी 5% नीचे आय।

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एशियाई बाजारों में रौनक

चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से एशियाई बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। निक्केई 5% तो कॉस्पी 16% दौड़ा है। कॉस्पी में सैमसंग 20% तो SK HYNIX 30% तक दौड़े हैं। उधर अमेरिकी बाजारों में भी कल शानदार तेजी दिखी। नैस्डैक करीब तीन परसेंट उछला। वहीं, डाओ जोंस भी तेजी के साथ बंद हुआ।

टाटा स्टील का Q1 मुनाफा 12% बढ़ा, 24% बढ़ा वेदांता का मुनाफा,मार्जिन में सुधार

पहली तिमाही में टाटा स्टील के नतीजे अनुमान के करीब रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 12 परसेंट तो आय में 14 परसेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्जिन में भी एक फीसदी की बढ़त हुई है। करीब 33,900 करोड़ के कैपेक्स को बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। वहीं वेदांता का मुनाफा 24% बढ़ा है। मार्जिन में भी सुधार दिखा है।

10% बढ़ा LIC हाउसिंग का मुनाफा, टोरेंट फार्मा का मुनाफा बढ़ा

पहली तिमाही में LIC हाउसिंग फाइनेंस का मुनाफा 10% बढ़ा है। हालांकि इसकी ब्याज से होने वाली कमाई करीब एक परसेंट बढ़ी है। दूसरी ओर टोरेंट फार्मा का मुनाफा 3% बढ़ा है। इसके मार्जिन में भी सुधार दिखा है।

अनुमान से कमजोर रहे स्विगी के नतीजे, फूड डिलिवरी,इंस्टामार्ट ग्रोथ कमजोर

स्विगी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। पहली तिमाही में कंपनी का घाटा कम हुआ है। इसकी आय में 37 फीसदी का उछाल दिखा है। लेकिन फूड डिलिवरी का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू और इंस्टामार्ट का नेट ऑर्डर वैल्यू अनुमान से कम रहा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बेहद अहम दिन है। आज निफ्टी की चार कंपनियों,ITC, MARUTI,सन फार्मा और बजाज फिनसर्व के रिजल्ट आएंगे। ITC का मुनाफा 12% घट सकता है ,मार्जिन पर भी दबाव संभव है। सिगरेट की वॉल्यूम ग्रोथ निगेटिव हो सकती है। वहीं डिक्सन,गेल,ABB समेत वायदा की 9 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

South Korea Market Crash: किसी का फ्लैट खरीदने का पैसा डूबा तो किसी की शादी की पूरी सेविंग्स स्वाहा

South Korea Market Crash: दक्षिण कोरिया में शेयरों के निवेशकों की दुनिया सिर्फ एक महीने में पलट गई है। एक महीने पहले शेयरों में निवेश से मोटी कमाई का जश्न मनाने वाले कई इनेवस्टर्स आज गम में डूबे हैं। इसकी वजह बीते एक महीने में दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट है। एक महीने में बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी 34 फीसदी क्रैश कर चुका है।

चिप बनाने वाली दो कंपनियों की बदौलत चढ़ा था बाजार

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते एक साल में जबर्दस्त तेजी दिखी थी। यह दुनिया में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला बाजार बन गया था। हालिया गिरावट के बावजूद कोस्पी का एक साल का रिटर्न 71 फीसदी है। शायद ही दुनिया के किसी बाजार में एक साल में ऐसा उछाल आया होगा। इस तेजी में चिप बनाने वाली दो कंपनियों-SK Hynix और Samsung Electronics का सबसे बड़ा हाथ है। अब बाजार में गिरावट में भी इन्हीं दोनों का हाथ है।

एसके हायनिक्स के शेयर में बीते एक साल में 400% उछाल

फॉरेन इनवेस्टर्स ने एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में बीते एक साल में जमकर पैसे लगाए। इससे दोनों शेयरों की कीमतें रॉकेट जैसी रफ्तार से चढ़ीं। इसका अंदाजा बीते एक साल में दोनों शेयरों में आई तेजी से लगाया जा सकता है। SK Hynix का शेयर बीते एक साल में 400 फीसदी चढ़ा है। सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स का शेयर इस दौरान 185 फीसदी चढ़ा है। यह रिटर्न हालिया गिरावट के बावजूद है। इन दोनों शेयरों का वेटेज कोस्पी में करीब 60 फीसदी है।

बीते एक महीने में एसके हायनिक्स 50 फीसदी फिसला 

SK Hynix का शेयर बीते एक महीने में 50 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। Samsung Electronics का शेयर बीते एक महीने में 38 फीसदी गिरा है। इस गिरावट ने उन रिटेल इनवेस्टर्स को बड़ी चोट पहुंचाई है, जिन्होंने शेयर बाजार में तेजी का फायदा उठाने के लिए अपनी जिंदगी भर की सेविंग्स शेयरों में लगा दिए थे। कई निवेशकों ने अपना दर्द सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बयां किए हैं। 29 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे निवेशकों के कई पोस्ट देखने को मिले।

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घर खरीदने के पैसे से लेकर शादी की सेविंग्स तक स्वाहा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म थ्रेड पर एक यूजर ने बताया कि शेयरों में निवेश से एक समय उसका मुनाफा करीब 4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। अब वह 4.6 करोड़ रुपये के घाटे पर बैठा है। एक दूसरे इनवेस्टर ने बताया कि उसके पोर्टफोलियो की वैल्यू 40 फीसदी घट गई है। उसने शादी के लिए अपनी सेविंग्स के पैसे शेयर बाजार में लगाए थे। एक दूसरे यूजर ने बताया कि उसे करीब 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उसने फ्लैट खरीदने के लिए रखे पैसे को शेयर बाजार में लगा दिया था।

Sell-off in chip stocks : चिप शेयरों में उधार लेकर की गई खरीदारी दक्षिण कोरिया पर पड़ रही भारी, जानिए भारत के लिए है कितना बड़ा खतरा

Sell-off in chip stocks : अमेरिका में चिप शेयरों में बिकवाली दक्षिण कोरिया पर भारी पड़ रही है। कॉस्पी में आज करीब 11% की भारी गिरावट दिख रही है। इस बिकवाली का एक बड़ा कारण कोस्पी में बढ़ती मार्जिन पोजिशन भी है। जब बाजार में बिकवाली बढ़ती है तो मार्जिन ट्रिगर होते हैं और ब्रोकर्स सौदे काट देते हैं। मार्जिन ट्रेडिंग की समस्या सिर्फ कोस्पी की नहीं,पूरी दुनिया में है। अमेरिका,चीन के साथ साथ भारत में भी मार्जिन पोजिशन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। ये भारत और दुनिया भर के बाजारों के लिए कितनी बड़ी चुनौती है,इस पर खास चर्चा के लिए हमारे साथ हैं स्टॉकएज (Stockedge) के को-फाउंडर विवेक बजाज। लेकिन इसके पहले जान लेते हैं कि दुनिया के बड़े बाजारों में क्या है मार्जिन पोजिशन (लेवरेज पोजिशन) की स्थिति।

रिकॉर्ड स्तर पर लेवरेज पोजिशन

अमेरिका में लेवरेज पोजिशन 1.53 लाख करोड़ डॉलर पर है। वहीं, चीन में यह 3 लाख करोड़ यूआन, दक्षिण कोरिया में 39 अरब डॉलर और भारत में 1.38 लाख करोड़ रुपए पर है। भारत में MTF पोजिशन की बात करें तो यह FY23 में 0.25 लाख करोड़ रुपए,FY24 में 0.47 लाख करोड़ रुपए, FY 25 में 0.72 लाख करोड़ रुपए। सितंबर 2025 में 1 लाख करोड़ रुपए, दिसंबर 2025 में 1.16 लाख करोड़ रुपए और जुलाई 2026 में 1.38 लाख करोड़ रुपए थी।

मार्केट कैप में MTF पोजिशन का हिस्सा

मार्केट कैप में MTF पोजिशन के हिस्से की बात करें तो चीन में यह कुल मार्केट कैप का 2.4%, अमेरिका में कुल मार्केट कैप का 2%, दक्षिण कोरिया में कुल मार्केट कैप का 0.8% और भारत में कुल मार्केट कैप का 0.34% है।

कोस्पी की गिरावट का लेवरेज कनेक्शन

27 मई को कोरिया में सिंगल स्टॉक लेवरेज ETF लॉन्च किया गया। इस ETF में सिर्फ सैमसंग और SK Hynix शामिल हैं। AI चिप रैली में रिटेल ने अंधाधुंध पैसा लगाया। इसमें कुछ ही हफ्तों में 9.48 अरब डॉलर की खरीदारी हुई। इस ETF के 92 फीसदी होल्डर रिटेल निवेशक हैं। मई के अंत तक रिटेल मार्जिन लोन 39 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

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कोस्पी: मार्जिन कॉल और फोर्स सेलिंग

कोस्पी में सैमसंग और SK Hynix की हिस्सेदारी 50% से ज्यादा है। सैमसंग और SK Hynix में सबसे ज्यादा लेवरेज पोजिशन है। चिप शेयरों में बिकवाली से सैमसंग और SK Hynix में तेज बिकवाली आई। एक महीने में सैमसंग 38% और SK Hynix 42% टूट गया। तेज बिकवाली से ब्रोकर्स ने मार्जिन पोजिशन काटी।

मार्जिन ट्रेडिंग भारत के लिए चुनौती?

भारत में भी मार्जिन ट्रेडिंग या MTF तेजी से बढ़ रही है। 27 जुलाई को MTF 1.38 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। हालांकि कुल मार्केट कैप में MTF का हिस्सा 0.34% ही है।

एक्सपर्ट की राय

स्टॉकएज (Stockedge) के को-फाउंडर विवेक बजाज ने कहा कि सालों से मार्जिन ट्रेडिंग चलती आ रही है। यह अमेरिका की उपज है। अमेरिकी लीवरेज पसंद करते है। वे हर तरह के इंस्ट्रूमेंट में लीवरेज क्रिएट करते हैं। वहां पर भी यह काफी बड़ा होता जा रहा है। टिपिकली जब भी किसी एसेट में बबल बनता है तो वह पूरे बाजार में बबल बनाने में अहम भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए जैसे 2008 में रियल एस्टेट बबल बना उसमें रियल एस्टेट लीवरेज बाजार में बबल बनने का कारण बना। जब बबल फटता है तो जहां भी लीवरेज होता है वहां असर पड़ता है।

हम सभी जानते हैं कि इस समय दुनिया में एआई ड्रिवेन बबल बन चुका है। लेकिन ये कब फटेगा हमें नहीं पता है। इस नजरिए से कोस्पी इस समय बहुत बड़ा केस स्टडी बन गया है। कोरियन मार्केट अपने हाई से 33 फीसदी टूट चुका है। लेकिन लीवरेज बबल फटने पर इसमें और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

विवेक बजाज ने आगे कहा कि भारत में मार्जिन ट्रेडिंग या MTF 2000 शेयरों में हैं। वहीं, कोरिया में सिर्फ 20 शेयरों में भारत से कई गुना बड़ा लीवरेज्ड पोजीशन है। भारत में फ्री फ्लोट बेसिस पर MTF पोजीशन मार्केट कैप का 0.74 फीसदी है। ऐसे में भारत में मार्जिन ट्रेंडिंग का बड़ा रिस्क नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि कोरिया का बाजार एक ट्रिगर का काम करेगा। अगर वहां,लीवरेज्ड शेयरों में गिरावट आती है तो इसका असर भारत सहित पूरे ग्लोबल मार्केट पर देखने को मिलेगा। ऐसे में जहां भी लीवरेज ज्यादा होगा वहां दबाव दिखेगा।

MTF क्या है?

मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ‘आज खरीदें,बाद में भुगतान करें’के मॉडल की तरह काम करता है। इसमें निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए जरूरी पैसों का कुछ हिस्सा ही चुकाना पड़ता है और बाकी पैसा ब्रोकर लोन की तरह देता है। जैसे कि मान लें कि 100 रुपये के भाव वाले 1 हजार शेयरों की ट्रेडिंग करनी है तो 1 लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी। अब या तो आप पूरे एक लाख रुपये अपने पास से लगाएं या 30 फीसदी यानी 30 हजार रुपये खुद का लगाएं और बाकी 70 फीसदी यानी 70 हजार रुपये ब्रोकर से लोन के रूप में मिल जाएगा।

मार्जिन ट्रेडिंग का फायदा ट्रेडर्स और ब्रोकर्स दोनों को मिलता है। ट्रेडर्स ज्यादा पैसा लगाने के लिए लोन ले सकते हैं और बड़ा मुनाफा कमाने की कोशिश कर सकते हैं, वहीं ब्रोकर्स दिए गए लोन पर ब्याज कमाते हैं।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

दक्षिण कोरिया का बाजार 11% क्रैश, सिर्फ इन दो शेयरों ने निकाली कोस्पी की हवा

बीते एक महीने में कोरिया के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है। बाजार के प्रमुख सूचकांक इस दौरान 28 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 28 जुलाई को कोस्पी करीब 11 फीसदी फिसला। इसमें चिप बनाने वाली दो कंपनियों के शेयरों का बड़ा हाथ है। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद दक्षिण कोरिया का बाजार दुनिया में बीते एक साल में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला बाजार है।

SK Hynix का शेयर एक महीने में 41 फीसदी क्रैश

दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बीते एक साल में करीब 88 फीसदी चढ़ा है। बीते एक महीने से दक्षिण कोरिया के बाजार पर बिकवाली का दबाव है। सबसे ज्यादा गिरावट SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में दिखी है। 28 जुलाई को SK Hynix का शेयर 14 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। बीते एक महीने में यह शेयर 41 फीसदी गिरा है।

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर एक महीने में 32 फीसदी फिसला

Samsung Electronics का शेयर 28 जुलाई को 13.39 फीसदी क्रैश कर गया। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 32 फीसदी गिरा है। इन दोनों शेयरों में आई गिरावट ने दक्षिण कोरिया के बाजार को आसमान से जमीन पर ला पटका है। इन दोनों शेयरों ने ही दक्षिण कोरिया के बाजार को बीते एक साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला शेयर बाजार बनाया था।

एसके हायनिक्स का शेयर एक साल में 491% चढ़ा

SK Hynix और Samsung Electronics चिप बनाती हैं। बीते एक-डेढ़ साल में दुनियाभर में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में ग्लोबल इनवेस्टर्स ने खूब दिलचस्पी दिखाई थी। इससे एस के हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों की कीमतें आसमान में पहुंच गई थी। हालिया गिरावट के बावूजद इन दोनों कंपनियों के शेयरों का रिटर्न हैरान करता है। एसके हायनिक्स का शेयर बीते एक साल में 491 फीसदी चढ़ा है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर इस दौरान 212 फीसदी चढ़ा है।

चीन में CXMT की जोरदार लिस्टिंग ने बढ़ाया दबाव 

कोस्पी में इन दोनों कंपनियों का वेटेज करीब 60 फीसदी है। अब चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी घट रही है। इसका असर एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों पर दिख रहा है। उधर, चीन से आने वाली खबरों ने इन दोनों शेयरों पर दबाव और बढ़ा दिया है। चीन की ChangXin Memory Technologies (CXMT) के शेयर की लिस्टिंग धमाकेदार रही।

चीन की चिप बनाने की क्षमता बढ़ने से बढ़ा डर

CXMT का शेयर पहले ही दिन अपने इश्यू प्राइस से 466 फीसदी चढ़ गया। दूसरा, खबर है कि चीन की एक सरकारी कंपनी ने इमर्सन DUV लिथोग्राफी इक्विपमेंट का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है। इससे माना जा रहा है कि चीन की चिप बनाने की क्षमता बहुत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर दक्षिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा। इस वजह से एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रिॉनिक्स के शेयरों में बड़ी बिकवाली दिख रही है।

Kospi Crashed: दो स्टॉक्स ने 10% तोड़ दिया कोस्पी, 20 मिनट थम गई ट्रे़डिंग, तीन वजहों से दक्षिण कोरियाई मार्केट में हाहाकार

Kospi Crashed: चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में वैश्विक बिकवाली ने दक्षिण कोरियाई बाजार में कोहराम मचा दिया। टेक स्टॉक्स पर दबाव में दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 724.37 प्वाइंट्स यानी 10.73% टूटकर 6,031.38 पर आ गया जिसके कारण 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग भी थम गई। निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली ने सिर्फ दक्षिण कोरियाई बाजार को ही नहीं बल्कि जापान की चिप हैवी निक्केई 225 और ताइवान के Taiex को भी 4% से अधिक तोड़ दिया।

Kospi Crash: ये है वजहें

वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताएं

एआई पर खर्च लगातार बना रहेगा या नहीं, इसे लेकर चिंता ने वैश्विक चिप कंपनियों के शेयरों पर दबाव डाला और बिकवाली की आंधी चलने लगी। दिग्गज चिप कंपनी एनवीडिया कॉर्प (Nvidia Corp) के $75 हजार करोड़ के एआई इंफ्रा डील के बाद भी शेयरों में गिरावट ने चिंता बढ़ाई जिसने बिकवाली तेज की। यूनियन बैंकेयर प्रिवी के एमडी Vey-Sern Ling का कहना है कि एआई से जुड़े शेयरों को लेकर लालच अब डर में बदल गया है और किसी भी खबर के असर को देखने की बजाय उसे शेयर बेचने के लिए इस्तेमाल कर रहे।

चीन से तगड़ा कॉम्पटीशन

निवेशक यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या एआई निवेश की जबरदस्त लहर और कंपनियों की ऊंची वैल्यूएशन लंबे समय तक बनी रह सकती है, खासकर इसलिए क्योंकि चीन की कंपनियां उम्मीद से अधिक रफ्तार से टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। एएसएमएल होल्डिंग एनवी के शेयरों में जून महीने की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ी गिरावट आई। इसमें यह गिरावट एक रिपोर्ट के बाद आई जिसमें ये है कि चीन की सरकारी कंपनी ने कुछ खास चिप बनाने वाली मशीनों का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू कर दिया है, जिससे डच कंपनी की बिक्री पर असर पड़ सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक के मुताबिक शंघाई की एक कंपनी ने इमर्शन डीप अल्ट्रावायलेट (DUV) लिथोग्राफी टूल्स बनाना शुरू कर दिया है। इसने दुनिया भर की चिप कंपनियों के शेयरों को तोड़ दिया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में चैंगजिन मेमोरी टेक्नोलॉजीज (ChangXin Memory Technologies- CXMT) की मार्केट में धांसू एंट् ने मार्केट सेंटीमेंट को और कमजोर किया है।

बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली

दक्षिण कोरिया की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स को तोड़ दिया। मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयर धड़ाम हो गए। इसमें से एसके हीनिक्स के शेयरों में न्यूयॉर्क में इसके ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) के टूटकर शुरुआती यूएस ऑफरिंग प्राइस से नीचे रिकॉर्ड निचले स्तर पर आने के चलते 10% की गिरावट आई। वहीं सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 9.15% फिसल गए। इन दोनों की कोस्पी में हिस्सेदारी आधे से अधिक है, जिससे इस सेक्टर की बिकवाली की आंच पूरे मार्केट पर और भी अधिक दिखा।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Samsung ‘इंडिया इनोवेशन कॉन्टेस्ट’ की टॉप चार टीमों को 2 करोड़ रुपये देगी, जानिए कॉन्टेस्ट की जरूरी बातें

सैमसंग अपनी इनोवेशन और एजुकेशन प्रतियोगिता के अगले चरण में भारत में 100 टीमों का चुनाव करेगी। इस प्रतियोगिता का नाम ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ है। इस प्रतियोगिता की टॉप 4 टीमों को 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। यह प्रतियोगिता पूरे देश में आयोजित होगी। सैमसंग दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है।

सैमसंग ने 184 डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित किए

Samsung ने इस साल 184 डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित किए। इसमें जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और गुजरात से लेकर त्रिपुरा के स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज के हजारों स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिए। सैमसंग ने बताया कि डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स देश के 135 शहरों में आयोजित किए गए। इससे यह देश के सबसे बड़े ग्रॉसरूट इनोवेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक बन गया है।

सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो में 100 टॉप टीमें चुनी जाएंगी

डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स अब पूरा हो चुका है। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो अगले चरण में प्रवेश कर गया है। इसमें पार्टिसिपेंट्स की तरफ से सब्मिट किए गए आइडिया के आधार पर टॉप 100 टीमें चुनी जाएंगी। उसके बाद टीमों को मेन्टॉरशिप, एक्सपर्ट गाइडेंस जैसी सहायता दी जाएगी। यह जानकारी कंपनी ने दी है। टॉप चार टीमों को 2 करोड़ रुपये की इनक्यूबेशन ग्रांट दी जाएगी।

टॉप 4 टीमों को मेन्टॉरशिप और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट सपोर्ट भी मिलेगा

इनक्यूबेशन ग्रांट के अलावा टॉप 4 टीमों को मेन्टॉरशिप और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट सपोर्ट मिलेगा। यह सपोर्ट FITT-IIT देगा। सैमसंग के साऊथवेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रसिडेंट एस पी चुन ने कहा कि हम सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के जरिए देशभर के युवाओं के माइंडसेट डेवलप करने में मदद कर रहे हैं।

देश के हर कोने से इनोवेटिव आइडिया के लिए युवाओं को प्रोत्साहन

उन्होंने कहा कि युवाओं के माइंडसेट डेवलप करने के लिए टेक्नोलॉजी के साथ थिंकिंग को प्रोत्साहित किया जाता है। इसके लिए उन्हें अपनी कम्युनिटी से जुड़ी चुनौतियों को हल करना होता है। उन्होंने कहा कि यह इस प्रोग्राम का पांचवां साल है। इसके जरिए देश के हर कोने से इनोवेटिव आइडिया के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें 14 से 22 साल की उम्र के युवा हिस्सा लेते हैं।

Samsung Galaxy Unpacked 2026: Z Fold 8 Ultra से Android XR Glasses तक, जानें क्या-क्या होगा लॉन्च?

Samsung Galaxy Unpacked 2026: Samsung बस कुछ ही घंटों में अपने नए जनरेशन के फोल्डेबल स्मार्टफोन पेश करने वाला है। दक्षिण कोरियाई स्मार्टफोन कंपनी आज रात लंदन में अपना ‘Galaxy Unpacked 2026’ इवेंट आयोजित करेगी। उम्मीद है कि इस इवेंट में ‘Galaxy Z Fold 8’ लाइनअप के साथ-साथ नई Galaxy स्मार्टवॉच और शायद इसके Android XR स्मार्ट ग्लास भी पेश किए जाएंगे। हालांकि, Samsung ने फाइनल प्रोडक्ट लाइनअप के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन लीक से पहले ही काफी कुछ पता चल गया है कि कंपनी क्या-क्या लॉन्च कर सकती है। अब आइए हम आपको Samsung Galaxy Unpacked 2026 इवेंट से जुड़ी वो जानकारी देते हैं, जहां आपको पता चलेगा की लाइवस्ट्रीम कब और कहां देखें और इस इवेंट से क्या उम्मीद की जा सकती है।

सैमसंग क्या लॉन्च कर सकता है?

कई लीक के अनुसार, यह टेक कंपनी तीन फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है: Galaxy Z Fold 8, Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Flip 8।

माना जा रहा है कि Galaxy Z Fold 8 Ultra Samsung का अब तक का सबसे प्रीमियम फोल्डेबल फोन होगा, जिसकी शुरुआती कीमत लगभग 2,09,990 रुपये हो सकती है। स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 की शुरुआती कीमत लगभग 1,84,999 रुपये होने की उम्मीद है, जबकि Galaxy Z Flip 8 की शुरुआती कीमत लगभग 1,34,999 रुपये हो सकती है।

वहीं, फोल्डेबल डिवाइस के साथ-साथ, ऐसी भी चर्चा है कि कंपनी Galaxy Watch 9 और Galaxy Watch Ultra 2 भी लॉन्च कर सकती है। हालिया लीक से यह भी पता चलता है कि इन दोनों स्मार्टवॉच में Qualcomm का नया Snapdragon Wear Elite चिपसेट और बड़ी बैटरी हो सकती है, जबकि इनकी डिस्प्ले पिछली जनरेशन जैसी ही रहेगी।

इसके अलावा, एक और प्रोडक्ट है जिसे लेकर काफी उत्साह है और वह है सैमसंग के Android XR Glasses। उम्मीद है कि यह वियरेबल डिवाइस AI-पावर्ड कॉन्टेक्चुअल अवेयरनेस के लिए काफी हद तक Google Gemini पर निर्भर करेगा, और इसमें लगे कैमरे सीन को पहचानने और वीडियो कैप्चर करने में मदद करेंगे।

Galaxy Unpacked 2026: तारीख, समय और लाइवस्ट्रीम की जानकारी

दक्षिण कोरिया की टेक कंपनी ने लंदन में बुधवार, 22 जुलाई को Galaxy Unpacked 2026 इवेंट तय किया है। यह इवेंट दोपहर 2:00 बजे BST (शाम 6:30 बजे IST) शुरू होगा और इसे दुनिया भर में लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। जो लोग इसे देखना चाहते हैं, वे Samsung.com और Samsung के ऑफिशियल YouTube चैनल पर लाइव देख सकेंगे।

उम्मीद है कि Samsung इस इवेंट में अपने नए फोल्डेबल डिवाइस दिखाएगा और नए वियरेबल्स और AI-पावर्ड प्रोडक्ट्स के साथ अपने प्रीमियम Galaxy इकोसिस्टम का पेश करेगा।

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Samsung ने अमेरिका में मचाया कहर, इस कारण कई एंप्लॉयीज की कर दी छुट्टी

Samsung Lays Off: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अमेरिका में अपने एंप्लॉयीज को तगड़ा शॉक दिया है। कंपनी ने अमेरिका मपने डिस्प्ले, मोबाइल फोन और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस से कुछ एंप्लॉयीज को बाहर किया है और इसकी मार मुख्य रूप से न्यू जर्सी और टेक्सास में पड़ी है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी कंपनी के डॉक्यूमेंट्स और मामले से परिचित दो सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इसमें कितने एंप्लॉयीज की नौकरी गई है, ये तो नहीं पता चल सका लेकिन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक यूनिट ने 30 जून को कुछ एंप्लॉयीज को पूरी कंपनी में छंटनी के बारे में जानकारी दी थी और कहा था कि इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

दक्षिण कोरियाई कंपनी ने रविवार को बताया कि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका (SEA) के हेडक्वार्टर को टेक्सास ले जाने की योजना से न्यू जर्सी के एंगलवुड क्लिफ्स में 739 एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। इसमें से अधिकतर को नई जगह काम करने का ऑफर दिया गया तो कुछ की छुट्टी कर दी गई है। SEA का फोकस कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर है और इसमें चिप्स का बिजनेस शामिल नहीं है। न्यूज एजेंसी रायटर्स को सूत्रों ने बताया कि टेक्सास के प्लानो में एसईए के ऑफिस में करीब 100 वर्कर्स की छुट्टी की गई है जिसमें से कुछ मोबाइल डिविजिन के थे।

Samsung के भीतर बिजनेस की अलग-अलग तस्वीरें

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में यह जो छंटनी हुई, वह हेडक्वार्टर शिफ्ट होने के चलते हुई है लेकिन यह कंपनी के अलग-अलग बिजनेस की स्थिति को भी दिखाता है। एक तरफ कंपनी का चिप बिजनेस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसके मोबाइल, टीवी और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस पर चिप की बढ़ती लागत और कॉम्पटीशन का दबाव बना हुआ है।

सैमसंग पहले ही संकेत दे चुकी है कि एआई से जुड़ी चिप्स की मजबूत मांग के चलते दूसरी तिमाही का मुनाफा 19 गुना तक बढ़ सकता है और पिछले महीने ही कंपनी ने नए चिप प्लांट्स में सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश की योजना का भी ऐलान किया था। वहीं दूसरी तरफ कंपनी का मोबाइल बिजनेस पहली बार घाटे में जा सकता है। इसे एपल के साथ-साथ चीन की कंपनियों- टीसीएल और हिसेंसे से टीवी और घरेलू उपकरणों के बाजार में कड़ी चुनौती मिल रही है। इसके अलावा एआई बूम के कारण चिप्स की लागत बढ़ी है जिससे कंपनी के सभी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा है।

चौंकाने वाला है फैसला

हेडक्वार्टर शिफ्ट करने का सैमसंग का फैसला चौंकाने वाला है क्योंकि न्यू जर्सी में इसके एंप्लॉयीज एक साल से भी कम समय पहले नए ऑफिस में शिफ्ट हुए थे। सितंबर में नए ऑफिस के उद्घाटन के मौके पर अमेरिकी सांसद जॉश गॉटहाइमर भी मौजूद थे और उनकी प्रेस रिलीज के मुताबिक एसईए न्यू जर्सी में करीब 1200 एंप्लॉयीज हैं। रायटर्स ने कुछ लिंक्डइन पोस्ट को रिव्यू कर पाया कि टेक्सास और न्यू जर्सी में सीनियर सेल्स और मार्केटिंग ऑफिशियल्स समेत 30 से अधिक वर्कर्स पिछले दो हफ्ते में या तो कंपनी छोड़ चुके हैं या उनकी छंटनी हुई है। साल 2025 के आखिर तक चिप डिविजन मिलाकर अमेरिका में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के 11,770 एंप्लॉयीज थे।

अभी और हो सकती है छंटनी?

टेस्ला, ओरेकल और दूसरी टेक कंपनियों की तरह ही सैमसंग भी अपने हेडक्वार्टर या बड़े ऑपरेशन्स को कम टैक्स और आसान नियमों के लिए मशहूर टेक्सास ले जाने वाली कंपनियां में शामिल हो गई है। हालांकि इसके चलते एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। अब सैमसंग के एंप्लॉयीज आगे भी छंटनी को लेकर परेशान हैं। एसईए के एक एंप्लॉयी के मुताबिक कंपनी चिप पर फोकस बढ़ा रहा है तो एंप्लायंस, होम एंटरटेनमेंट और मोबाइल डिवीजनों को एक साथ ला सकती है जिससे छंटनी हो सकती है।

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