PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल

Punjab National Bank FY27 Q1 Results: सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। सालाना आधार पर बैंक के कोर पैरामीटर्स भले ही थोड़े सुस्त नजर आ रहे हैं, लेकिन बैंक के नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

टैक्स खर्चों में आई भारी कमी ने पीएनबी के मुनाफे को तगड़ा बूस्ट दिया है, जिससे बैंक का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 3 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि पहली तिमाही में पीएनबी का प्रदर्शन कैसा रहा और निवेशकों के लिए इस रिजल्ट में क्या खास है।

नेट प्रॉफिट में बंपर उछाल, टैक्स में राहत ने बदली बाजी

PNB के लिए जून तिमाही मुनाफे के लिहाज से शानदार साबित हुई है:

मुनाफे में बड़ी छलांग: जून तिमाही में पीएनबी का नेट प्रॉफिट उछलकर ₹5,253 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही (Q1) में बैंक का मुनाफा केवल ₹1,675 करोड़ था।

टैक्स खर्च में भारी गिरावट: बैंक के मुनाफे में इस रिकॉर्ड तेजी की सबसे बड़ी वजह टैक्स देनदारी का कम होना है। जून तिमाही में पीएनबी का टैक्स खर्च घटकर ₹1,725 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹5,083 करोड़ था।

ब्याज से कमाई 6 तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर

अगर बैंक के मुख्य कामकाज यानी ब्याज से होने वाली कमाई की बात करें तो सालाना आधार पर पीएनबी की शुद्ध ब्याज आय 2.1% बढ़कर ₹10,798 करोड़ रही। हालांकि सालाना ग्रोथ मामूली है, लेकिन यह आंकड़ा पिछले 6 तिमाहियों में बैंक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।

एसेट क्वालिटी में सुधार: डूबा हुआ पैसा यानी NPA घटा

बैंक की एसेट क्वालिटी यानी बैड लोन की स्थिति इस तिमाही में काफी स्थिर और बेहतर नजर आई है। बैंक का ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही (मार्च) के 2.95% से घटकर 2.78% पर आ गया है। रुपयों में बात करें तो यह ₹37,124 करोड़ से घटकर ₹35,380 करोड़ रह गया है।

बैंक का नेट एनपीए भी मार्च तिमाही के 0.29% से मामूली सुधरकर 0.28% पर आ गया है। वैल्यू के हिसाब से यह ₹3,609 करोड़ से घटकर ₹3,433 करोड़ बचा है।

बैंक के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि नए खराब लोन की रफ्तार धीमी हुई है। जून तिमाही में नए स्लिपेज ₹2,080 करोड़ रहे, जो मार्च तिमाही के ₹2,758 करोड़ से काफी कम हैं।

हालांकि, लोन डूबने की आशंका में रखी जाने वाली रकम पिछली तिमाही के ₹424 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹541 करोड़ हो गई है।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दिखा थोड़ा दबाव

सालाना आधार पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि फंड की लागत थोड़ी बढ़ी है:

ग्लोबल एनआईएम: यह सालाना आधार पर 2.7% से घटकर 2.5% पर आ गया। हालांकि, मार्च तिमाही (2.47%) के मुकाबले इसमें 3 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़त है।

डोमेस्टिक एनआईएम: घरेलू स्तर पर बैंक का मार्जिन पिछले साल के 2.84% से 20 बेसिस पॉइंट घटकर 2.64% रहा, लेकिन यह भी मार्च के 2.61% से 3 बेसिस पॉइंट बेहतर है।

PNB के शेयरों का क्या है हाल?

नतीजों से ठीक पहले, यानी शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन पंजाब नेशनल बैंक का शेयर एनएसई पर 0.75% की बढ़त के साथ ₹106.01 पर बंद हुआ था। हालांकि, अगर इस साल की शुरुआत से बात करें तो पीएनबी का स्टॉक अब तक करीब 15% टूट चुका है। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने पर इन नतीजों का असर शेयर की चाल पर देखने को मिल सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Axis Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 23% बढ़ा, NII में 8% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,113.92 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 5,806.14 करोड़ रुपये से 22.5 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक की कुल इनकम 6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 40,721.05 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 38,321.57 करोड़ रुपये थी।

एक्सिस बैंक ने 18 जुलाई को तिमाही नतीजे जारी किए हैं। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 14,646 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 13,560 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.46 प्रतिशत दर्ज किया गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11,659.10 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 11,515.16 करोड़ रुपये था।

एसेट क्वालिटी में सुधार

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो घटकर 1.28 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.57 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.39 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में यह 0.45 प्रतिशत था।

डिपॉजिट और एडवांसेज

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 13.73 लाख करोड़ रुपये के रहे। नेट एडवांसेज 19 प्रतिशत बढ़कर 12.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। सालाना आधार पर कॉर्पोरेट लोन में 38 प्रतिशत, SME एडवांसेज में 25 प्रतिशत और रिटेल लोन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बैंक की बैलेंस शीट सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 19,21,966 करोड़ रुपये हो गई।

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Axis Bank शेयर में सोमवार को आ सकती है तेजी

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद एक्सिस बैंक के शेयर में सोमवार, 20 जुलाई को तेजी देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को BSE पर शेयर 1328.95 रुपये पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप 4.13 लाख करोड़ रुपये है। शेयर एक साल में 14 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,418.30 रुपये और एडजस्टेड लो 1,041.30 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Apple का मार्केट कैप पहुंचा $4.88 लाख करोड़ पर, Nvidia को पछाड़कर बनी दुनिया की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी

शुक्रवार को iPhone मेकर एपल (Apple) ने चिपमेकर एनवीडिया (Nvidia) को पीछे छोड़कर दुनिया की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया। रॉयटर्स के मुताबिक, Apple की वैल्यूएशन 4.88 लाख करोड़ डॉलर रही, शेयर स्थिर रहे। वहीं Nvidia की वैल्यूएशन, शेयरों में 3.5% की गिरावट के बाद लगभग 4.86 लाख करोड़ डॉलर थी। रैंकिंग में यह बदलाव दिखाता है कि निवेशक अब AI यानि कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के दौर में सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कंपनियों से आगे बढ़कर भी सोच रहे हैं।

Apple ने पिछले साल अप्रैल के बाद पहली बार यह पोजिशन हासिल की है। Nvidia लगभग एक साल से दुनिया की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बनी हुई थी। इसने जून 2025 में माइक्रोसॉफ्ट को पीछे छोड़कर यह टॉप रैंक हासिल की थी। Nvidia अक्टूबर 2025 में 5 लाख करोड़ डॉलर की मार्केट वैल्यूएशन को पार करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बनी। इस उपलब्धि ने कंपनी को एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया, जो उसके प्रतिस्पर्धियों की पहुंच से बहुत दूर था।

स्थायी नहीं है ये रैंकिंग

Apple से पीछे छूट जाने का मतलब यह नहीं है कि कंपनियों की रैंकिंग में कोई स्थायी बदलाव आ गया है। Nvidia AI से जुड़े खर्चों का बड़ा फायदा उठा रही है। अगर लोगों की सोच बदलती है, तो यह फिर से टॉप पर आ सकती है। इसके अलावा, Apple खुद भी एक मुश्किल स्थिति में है। कंपनी ने बढ़ती लागत की भरपाई के लिए डिवाइसेज की कीमतें बढ़ाई हैं। इस रणनीति का मांग पर बुरा असर पड़ सकता है।

इस साल जून महीने में Apple ने दुनिया भर में MacBooks और iPads की कीमतें 25% तक बढ़ा दीं। CNBC के मुताबिक, Apple के शेयरों में इस साल अब तक लगभग 22-23% की तेजी देखने को मिली है। वहीं Nvidia के शेयर करीब 7% बढ़े हैं।

Reliance Industries Q1 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार की उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन, सभी बिजनेसेज की ग्रोथ डबल डिजिट में रही

Reliance Retail का रेवेन्यू जून तिमाही में 7.4 फीसदी बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये पहुंचा

रिलायंस रिटेल वेंचर्स का रेवेन्यू जून तिमाही में 7.4 फीसदी बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 84,171 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से एबिड्टा 1.8 फीसदी गिरककर 5,935 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,044 करोड़ रुपये था।

टैक्स बाद प्रॉफिट 2806 करोड़ रुपये

रिलायंस रिटेल का टैक्स बाद प्रॉफिट जून तिमाही में 2,806 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 80 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 7.9 फीसदी रहा। कंपनी ने 17 जुलाई को यह जानकारी दी। रिलायंस रिटेल रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिटेल इकाई है।

सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल का अच्छा प्रदर्शन

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “जून तिमाही में रिलायंस रिटेल की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रही। सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल्स का प्रदर्शन अच्छा रहा। हमारा ओमिनी-चैनल करोड़ों भारतीय कंज्यूमर्स को सेवाएं दे रहा है। मुझे भरोसा है कि इसे लंबी अवधि में भारत में कंजम्प्शन ग्रोथ का फायदा मिलेगा।”

जून तिमाही में कंपनी ने 252 नए स्टोर ओपन किए

रिलायंस रिटेल ने जून तिमाही में 252 नए स्टोर ओपन किए। इससे कंपनी के स्टोर की कुल संख्या बढ़कर 20,169 पहुंच गई। रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या बढ़कर 10 फीसदी बढ़कर 39.6 करोड़ हो गई। कंपनी के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जियोमार्ट का प्रदर्शन भी स्ट्रॉन्ग रहा। ग्रॉसरी ऑर्डर की संख्या साल दर साल आधार पर 116 फीदी बढ़ी।

सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ

आरआरवीएल की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “रिलायंस रिटेल ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। डिजिटल कॉमर्स में हमारे लगातार निवेश से हमारे डिजिटल प्लेफॉर्म्स में आ रहे बदलाव का पता चलता है।”

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कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का भी अच्छा प्रदर्शन

कंपनी के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा। इसमें एयर कंडिशनर्स, लैपटॉप, मोबाइल फोन और स्मॉल अप्लायंसेज की अच्छी सेल्स का हाथ रहा। फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस की ग्रोथ अच्छी रही। इसकी लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4 फीसदी रही। इसमें Shein और Ajio Luxe का हाथ रहा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।

Reliance Industries Q1 Results: कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रहा, उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन

Reliance Industries Q1 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। सभी प्रमुख सेगमेंट यानी ऑयल-टू-केमिकल (ओ2सी), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल की ग्रोथ डबल डिजिट में रही। इससे आरआईएल को बीते कुछ सालों में एनर्जी मार्केट में आए सबसे बड़े संकट का सामना करने में मदद मिली।

RIL का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें सभी बिजनेस सेगमेंट के अच्छे प्रदर्शन का हाथ रहा। रेकरिंग कंसॉलिडेटेड EBITDA एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10.1 फीसदी बढ़कर 54,067 करोड़ रुपये रहा। टैक्स से पहले प्रॉफिट (PBT) 8.5 फीसदी बढ़कर 30,630 करोड़ रुपये रहा।

आरआईएल का टैक्स बाद रेकरिंग प्रॉफिट (मॉइनरिटी इंटरेस्ट से पहले) जून तिमाही में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 6.1 फीसदी बढ़कर 23,196 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। हालांकि, रिपोर्टेड प्रॉफिट में गिरावट आई। इसकी वजह यह है कि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बेचने से 8,924 करोड़ रुपये का वन-टाइम गेन हुआ था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही में 38,682 करोड़ रुपये का निवेश किया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो से कंपनी को पूंजीगत खर्च करने में मदद मिली। जून तिमाही के अंत में कंपनी पर शुद्ध कर्ज (Net Debt) 1.23 लाख करोड़ रुपये पर बना रहा। आरआईएल ने 17 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

RIL के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “रिलायंस ने FY27 की अच्छी शुरुआत की है। सभी बिजनेसेज का प्रदर्शन मजबूत रहा। हमारे विविध बिजनेस पोर्टफोलियो ने एक बार ऐसी तिमाही में अपनी ताकत दिखाई है, जिसमें जियोपॉलिटिकल टेंशन लगातार बना रहा और कमोडिटी मार्केट्स में उतार-चढ़ाव रहा।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update:भारतीय बाजारों के लिए मिले जुले संकेत मिल रहे है। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त देखने को मिल रही है। FIIs की कैश में 4200 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। लेकिन वायदा में अच्छी खरीदारी रही। FIIs ने इंडेक्स फ्यूचर्स में करीब 14000 शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट कवर किए।

इस बीच एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे है। निक्केई में 3 परसेंट तो ताइवान में 4% से ज्यादा की गिरावट दिखा रहा है। वहीं कॉस्पी में आज CONSTITUTION DAY की छुट्टी है। डाओ फ्यूचर्स भी 200 प्वाइंट से ज्यादा नीचे है। उधर कल अमेरिका में चिप शेयरों में फिर तेज बिकवाली दिखी। नैस्डैक करीब डेढ़ परसेंट फिसला है। डाओ और S&P में भी हल्की गिरावट देखने को मिली।

अब सभी की नज़रें अगले दो दिनों पर होंगी जब इंडेक्स के एक-तिहाई से ज़्यादा लोग तिमाही के नतीजों की रिपोर्ट करेंगे, जिसकी शुरुआत आज शाम रिलायंस इंडस्ट्रीज़ से होगी। यह समय HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक के साथ खत्म होगा, ये सभी शनिवार को नतीजों की रिपोर्ट करेंगे।

इन नतीजों की उम्मीद में, निफ्टी बैंक भी उतार-चढ़ाव वाला रहा है और इंडेक्स नीचे की तरफ 57,500 पर बना रहा, जबकि 58,000 एक रुकावट बन गया है। आज विप्रो, टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल, CEAT, पिरामल फाइनेंस वगैरह कंपनियों के अर्निंग्स रिएक्शन आ रहे हैं, जबकि RIL के अलावा फेडरल बैंक, हैवेल्स इंडिया, JSW स्टील, RBL बैंक, टाटा टेक भी आज रिजल्ट्स की रिपोर्ट कर रहे हैं।

 

Jio Financial Q1 Results: जियो फाइनेंशियल का प्रॉफिट 156% बढ़कर 830 करोड़ रुपये पहुंचा, रेवेन्यू तीन गुना से ज्यादा

Jio Financial Q1 Results: जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने 16 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 156 फीसदी बढ़कर 830 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 325 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 17 जुलाई को कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा।

कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 227 फीसदी बढ़ा

Jio Financial Services का ऑपरेशंस से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में 227 फीसदी बढ़कर 2,004 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 612 करोड़ रुपये था। तिमाही दर तिमाही आधार पर जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 205 फीसदी बढ़कर 272 करोड़ रुपये रहा।

कुल इनकम में 141 फीसदी इजाफा

जून तिमाही में ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज में तेज उछाल के बावजूद कंपनी की कुल इनकम साल दर साल आधार पर 141 फीसदी बढ़कर 1,496 करोड़ रुपये रही। इसमें इंटरेस्ट इनकम में उछाल का बड़ा हाथ रहा। इस दौरान इंटरेस्ट इनकम 165 फीसदी बढ़कर 962 करोड़ रुपये हो गई। फीस और कमीशन से इनकम बढ़कर पांच गुना यानी 325 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की डिविडेंड इनकम जून तिमाही में 509 करोड़ रुपये रही।

कुल एक्सपेंसेज 291 फीसदी बढ़ा

जियो फाइनेंशियल का कुल एक्सपेंसेज जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 291 फीसदी बढ़कर 991 करोड़ रुपये रहा। इसमें ज्यादा फाइनेंस कॉस्ट, स्टाफ एक्सपेंसेज और दूसरे ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज का हाथ रहा। लेकिन, इनकम में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ से प्री-प्रोविजनिंग प्रॉफिट (PPOP) साल दर साल आधार पर 38 फीसदी बढ़कर 505 करोड़ रुपये रहा।

सभी वर्टिकल्स में अच्छी ग्रोथ 

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ हितेश सेठिया ने कहा, “हमारी सभी वर्टिकल्स में लगातार बिजनेस मोमेंटम से हमारे फुल-स्टॉक ईकोसिस्टम के स्ट्रॉन्ग आर्किटेक्चर की पुष्टि होती है। इससे हमारे एग्जिक्यूशन की ताकत का भी संकेत मिलता है। स्ट्रेटेजिक रूप से AI और डेटा एनालिटिक्स को इंटिग्रेट करने से हमें एफिशियंसी के मामले में काफी फायदा हुआ है।”

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एनबीएफसी बिजनेस का भी बेहतर प्रदर्शन

जियो फाइनेंशियल ने इनवेस्टर प्रजेंटेशन में बताया कि उसके एनबीएफसी बिजनेस ने लगातार अच्छी ऑर्गेनिक ग्रोथ दिखाई है। तिमाही डिस्बर्समेंट 11,000 करोड़ रुपये के पार हो गया। कंपनी के एसेट मैनेजमेंट बिजनेस का एयूएम जून तिमाही के अंत में 18,412 करोड़ रुपये पहुंच गया। रीइंश्योरेंस प्रीमियम अंडररिटेन ऑपरेशन की पहली तिमाही में 266 करोड़ रुपये रहा।

Q1 Results: घाटे से ₹86 करोड़ के मुनाफे में लौटी सोलर कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables ने जून तिमाही (Q1FY27) में शानदार वापसी की है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत

जून तिमाही में बोरोसिल रिन्यूएबल्स का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 17.1% बढ़कर ₹405.7 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹346.6 करोड़ था। वहीं, EBITDA बढ़कर ₹127.2 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹63.1 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.2% से बढ़कर 31.3% हो गया। इससे पता चलता है कि कंपनी की कमाई और लागत नियंत्रण दोनों में सुधार हुआ है।

आगे क्या है कंपनी का प्लान?

बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका ने कहा है कि FY28 तक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 60% बढ़ाने का लक्ष्य है।

उनके मुताबिक, नई क्षमता इस साल शुरू होने की उम्मीद है। FY27 में करीब 8% वॉल्यूम ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद है।

बोरोसिल का मुनाफा कैसे बढ़ा?

हाल में सरकार ने चीन और वियतनाम से आने वाले सस्ते सोलर ग्लास पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है।

इससे Borosil Renewables जैसी घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात से मुकाबले में राहत मिली है। साथ ही, बेहतर प्राइसिंग और मार्जिन का भी फायदा मिला है।

बोरोसिल के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले 16 जुलाई को Borosil Renewables का शेयर 0.44% गिरकर ₹617.80 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में कंपनी ने 14.29% का रिटर्न दिया है। इसका मार्केट कैप 8.59 हजार करोड़ रुपये है।

बोरोसिल का बिजनेस क्या है

Borosil Renewables भारत की प्रमुख सोलर ग्लास निर्माता कंपनी है। कंपनी सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाला लो-आयरन टेक्सचर्ड ग्लास बनाती है। इसके उत्पाद सोलर मॉड्यूल निर्माताओं को सप्लाई किए जाते हैं। कंपनी का कारोबार भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फैला हुआ है।

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शेयरों में पैसा डूबने पर नाराज शख्स ने यूट्यूबर पर कर दिया जानलेवा हमला

शेयर बाजार में निवेश के साथ रिस्क जुड़ा होता है। शेयरों में निवेश से पहले यह बात समझना जरूरी है। कई बार किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर फायदा होता है। कभी-कभी निवेश पर नुकसान उठाना पड़ता है। सवाल है कि किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर नुकसान हो जाए तो क्या आपको एक्सपर्ट पर नाराज होना चाहिए? दरअसल, दक्षिण कोरिया में एक इनवेस्टर ने एक फिनफ्लूएंसर पर इसलिए जानलेवा हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसे बड़ा लॉस हुआ था।

लॉस से नाराज शख्स ने बनाया हमले का प्लान

यह मामला दक्षिण कोरिया के बुसान का है। एक यूट्यूबर पर उसके एक सब्सक्राइबर ने इसलिए हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसके पैसे डूब गए। पुलिस के मुताबिक, हमलावर की उम्र 20 साल से कुछ ज्यादा है। बताया जाता है कि उसने फिनफ्लूएंसर का पीछा किया और मौका मिलते ही एक कमर्शियल बिल्डिंग में उस पर जानलेवा हमला कर दिया। चाकू से कई बार हमला करने के बाद वह फरार हो गया।

पुलिस ने दो घंटे बाद ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया

घटना के करीब दो घंटे बाद हमलावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर यूट्यूबर की सलाह पर शेयरों में निवेश करता था। काफी पैसा डूबने पर वह नाराज हो गया और यूट्यूबर पर हमले का प्लान बनाया। उसने यूट्यूबर का पीछा किया और मौका मिलते ही उस पर हमला कर दिया।

यूट्यूबर की स्थिति खतरे से बाहर

हमले में यूट्यूबर बुरी तरह से घायल हो गया। हालांकि, उसकी जान बच गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमलावर ने किस तरह पूरी साजिश रची और कहां से हथियार हासिल किया।

बीते एक साल में कोस्पी 114% चढ़ा

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते एक साल में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है। बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी इस दौरान 114 फीसदी चढ़ा है। कई कंपनियों के शेयरों की कीमतें इस दौरान कई गुनी हो गई हैं। इसमें चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों खासकर SK Hynix और Samsung Electronics का बड़ा हाथ है। इन दोनों शेयरों की कोस्पी में 50 फीसदी से ज्यादा वेटेज है। SK Hynix के शेयर ने एक साल में 522 फीसदी रिटर्न दिया है। Samsung Electronics का शेयर एक साल में 294 फीसदी चढ़ा है।

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एक महीने में कोस्पी 22 फीसदी गिरा है

शेयर बाजार में तेजी का फायदा उठाने के लिए लोगों ने शेयरों में जमकर पैसे लगाए। अब बाजार में गिरावट आ रही है तो उन्हें नुकसान हो रहा है। 16 जुलाई को कोस्पी में बड़ी गिरावट आई। यह 6.37 फीसदी गिर गया। बीते एक महीने में कोस्पी करीब 22 फीसदी गिरा है। इससे कई निवेशकों को ब़़ड़ा नुकसान हुआ है। ज्यादा परेशान वे निवेशक हैं, जिन्होंने उधार लेकर शेयरों में निवेश किया था।

Wipro Q1 Results: आईटी कंपनी को ₹3352 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 10% बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Wipro Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर ₹3,352 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,330 करोड़ था।

कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹24,479 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान ₹24,776 करोड़ से थोड़ा कम रहा। कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

आईटी सर्विसेज कारोबार में कैसी रही ग्रोथ?

तिमाही के दौरान विप्रो का ग्रॉस रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1% बढ़ा। वहीं, आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.61 अरब डॉलर रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 1.4% कम, लेकिन सालाना आधार पर 1% ज्यादा है।

कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर आईटी सर्विसेज रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.2% घटा, जबकि सालाना आधार पर इसमें 0.9% की बढ़त रही।

बड़े डील्स बढ़े, लेकिन कुल बुकिंग घटी

विप्रो की जून तिमाही में कुल बुकिंग 3.37 अरब डॉलर रही। यह कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर पिछली तिमाही से 2.4% कम है।

हालांकि, बड़े डील्स (Large Deals) की बुकिंग 12.9% बढ़कर 1.63 अरब डॉलर पहुंच गई।

मार्जिन और कर्मचारियों का हाल

आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस प्वाइंट और पिछले साल के मुकाबले 120 बेसिस प्वाइंट कम है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹3,288 करोड़ रहा, जो कंपनी की शुद्ध आय का 98% है।

वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर कर्मचारियों की स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की दर (Voluntary Attrition) 13.9% रही।

अगली तिमाही के लिए क्या अनुमान?

जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए Wipro ने आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.57 अरब डॉलर से 2.63 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान दिया है। इसका मतलब है कि कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 1.5% तक की गिरावट या 0.5% तक की बढ़त हो सकती है।

विप्रो ने क्या कहा?

Wipro के CEO और MD श्रीनी पलिया ने कहा कि अब ग्राहक सिर्फ टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन तक सीमित नहीं हैं। वे AI बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल अपना रहे हैं। इससे काम की क्वालिटी, प्रोडक्टविटी और एफिशिएंसी बढ़ रही है।

वहीं, CFO अपर्णा अय्यर ने कहा कि कंपनी शॉर्ट टर्म मार्जिन दबाव के बावजूद कर्मचारियों और अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में निवेश जारी रखेगी।

₹2 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

विप्रो के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर (100%) अंतरिम डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। कंपनी ने 27 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान 14 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।

हाल ही में पूरा हुआ बायबैक

विप्रो ने जून तिमाही के दौरान 60 करोड़ शेयरों का बायबैक भी पूरा किया। यह बायबैक ₹250 प्रति शेयर के भाव पर किया गया। इस पर कुल ₹15,049.7 करोड़ खर्च हुए। बायबैक पूरा होने के बाद कंपनी की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Capital) भी घट गई है।

विप्रो के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले गुरुवार को Wipro का शेयर 1.75% बढ़कर ₹177.70 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 33.56% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.86 लाख करोड़ रुपये है।

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