Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट लागू, घर बैठे जानें आपके शहर का ताजा भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 27 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 | डीजल ₹95.44

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 | डीजल ₹100.92

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 | डीजल ₹86.09

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 | डीजल ₹97.78

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55

पटना: पेट्रोल ₹113.35 | डीजल ₹99.36

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 | डीजल ₹104.40

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live  Update: कच्चा तेल के नीचे आने से बाजारों के सेंटिमेंट सुधरे है। गिफ्ट निफ्टी करीब 150 प्वाइंट ऊपर है। एशिया में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। डाओ और नैस्डैक फ्यूचर्स 300 प्वाइंट तक ऊपर नजर आए। इधर शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी निचले स्तरों से रिकवरी दिखी। सोने में भी चमक दिखी है और 4100 डॉलर के पार निकली है।

पिछले सेशन में, BSE सेंसेक्स 0.43% गिरकर 76,059.77 के लेवल पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 0.43% गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। सोमवार को एशियाई मार्केट मिले-जुले ट्रेड कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 0.26% गिरा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स 0.4% बढ़ा। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.9% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.68% बढ़ा। पिछली बार चेक करने पर, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4% से ज़्यादा गिरकर $87 प्रति बैरल पर था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 4.5% गिरकर $85 प्रति बैरल पर था।

Petrol Diesel Price Today: आज जारी हुए नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 26 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 | डीजल ₹95.44

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 | डीजल ₹100.92

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 | डीजल ₹86.09

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 | डीजल ₹97.78

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55

पटना: पेट्रोल ₹113.35 | डीजल ₹99.36

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 | डीजल ₹104.40

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Petrol Diesel Price Today: नए रेट जारी, चेक करें आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 25 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 | डीजल ₹95.44

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 | डीजल ₹100.92

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 | डीजल ₹86.09

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 | डीजल ₹97.78

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55

पटना: पेट्रोल ₹113.35 | डीजल ₹99.36

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 | डीजल ₹104.40

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

ट्रम्प बोले- चीन-रूस जंग में आए तो अंजाम बुरा होगा:पुतिन-जिनपिंग ने मुझे यकीन दिलाया, वे ईरान को हथियार नहीं देंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि चीन या रूस ईरान युद्ध में शामिल हैं। हालांकि उन्होंने धमकी दी कि अगर दोनों देशों ने इस युद्ध में दखल दिया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे और यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हाल ही में बीजिंग में हुई उनकी मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिया था कि वे किसी भी हाल में ईरान को हथियार नहीं देंगे। चीनी कंपनियों के लिए भी यही चीज लागू है। ट्रम्प ने कहा मुझे जिनपिंग पर यकीन है। उन्होंने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी उनसे कहा था कि वे ईरान को हथियार नहीं बेचेंगे। ट्रम्प ने कहा कि यूक्रेन जंग के बावजूद उनकी पुतिन से बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका सीधे यूक्रेन को हथियार नहीं बेचता, बल्कि नाटो देशों को बेचता है। नाटो देश इन हथियारों की पूरी कीमत चुकाते हैं। उसके बाद वे इन्हें किस तरह आगे भेजते हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं होती। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. नेतन्याहू अमेरिका जाएंगे, जंग के बाद पहली बार ट्रम्प से मुलाकात: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को अमेरिका रवाना होंगे। वह राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ईरान जंग शुरू होने के बाद पहली बार होगी। 2. कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार: ईरान-अमेरिका में लगातार बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड का भाव मई के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। 3. कुवैत में 3 अमेरिकी ठिकानों पर हमला: ईरान ने शुक्रवार को कुवैत में मौजूद अमेरिका के तीन सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमला किया है। इसमें कैंप अरिफजान, कैंप दोहा और कैंप अदैरी को निशाना बनाया गया। 4. ईरान बोला- अमेरिका के आगे नहीं झुकेंगे: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान अमेरिका के सामने झुकेगा नहीं और उसकी धमकियां भी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह बयान किर्गिस्तान में SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक में दिया। 5. होर्मुज में 28 क्रू मेंबर्स वाले LPG टैंकर पर हमला: ईरान के जलक्षेत्र में एक LPG टैंकर पर हमला हुआ। मोजाम्बिक के झंडे वाला यह टैंकर दिशा 28 भारतीय चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहा था। भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

दिल्ली में सोना 2000 रुपये गिरा, चांदी 5000 रुपये फिसली, अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों में तेजी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। सोना 2000 रुपये गिरकर 1,47,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी 5000 रुपये गिरकर 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह मुनाफावसूली बताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुलियन मे तेजी

ट्रेडर्स ने कहा कि बुलियन की कीमतों पर कमजोर सेंटिमेंट का भी असर पड़ा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। इससे भाव बढ़कर 4,063 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी भी 2 फीसदी के उछाल के साथ 58.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इसकी वजह ब्रेंट क्रूड की कीमतों गिरावट है। 23 जुलाई को ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया था। 24 जुलाई को इसमें गिरावट दिखी।

क्रूड में नरमी से विदेश में बुलियन में तेजी

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “ब्रेंट क्रूड में गिरावट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। ब्रेंट क्रूड करीह 4 फीसदी गिरा। इससे पहले पांच दिन में यह 12 फसदी चढ़ा था।” उन्होंने कहा कि अमेरिका का ईरान पर हमला जारी है। उसने लगातार 14वें रात ईरान पर हमले किए।

क्रूड में तेजी थमी तो सोने-चांदी में आएगी तेजी

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि अगर क्रूड की कीमतों में तेजी पर ब्रेक लगता है और अमेरिकी में बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है तो सोने और चांदी में तेजी दिख सकती है। सोना 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी 60 डॉलर प्रति औंस पर जा सकती है।

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: $100 के पार निकला कच्चा तेल, आखिर सोने के निवेशकों के लिए इसका क्या है मतलब

शेयर बाजारों में लगातार पांचवें दिन गिरावट 

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने का असर शेयर बाजारों पर भी पड़ा है। इस हफ्ते घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार पांचवें दिन गिरावट आई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर क्रूड की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इससे महंगाई बढ़ने का खतरा होगा। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकती है। इसका सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ेगा।

Market Mantra : AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे,कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे दिखेगी अच्छी तेजी – कैलाश कुलकर्णी

Market Mantra : इस समय बाजार एक दोराहे पर खड़ा है। कच्चा तेल है जिसने बाजार की सांस फूला रखी है। वहीं अबतक आए नतीजे हैं मिलेजुले होने के बाद कमेंट्री के फ्रंट पर अच्छे हैं। IT,बैंक और कंज्यूमर कंपनियां सब आगे की अच्छी राह की बात कर रही हैं। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर आगे क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं। HSBC MF के CEO कैलाश कुलकर्णी (Kailash Kulkarni)।

कैलाश कुलकर्णी की राय

कैलाश कुलकर्णी का कहना है कि जियोपॉलिटिकल हालात के चलते बाजार में काफी ज्यादा अनिश्चितता है। पिछले कुछ सालों में भारतीय निवेशक मैच्योर हुए हैं। इसके चलते भारतीय निवेशकों की तरफ से पैनिक बिकवाली नहीं हुई है। निवेशकों अभी वेट एंड वॉच मोड में ही रहना चाहिए। भारतीय इकोनॉमी के हालात काफी बेहतर है।

डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना पैसा

उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों का पैसा डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना है। निवेशक लार्जकैप की बजाय मिडकैप और स्मॉलकैप में पैसे डाल रहे हैं। फ्लैक्सीकैप कैटेगरी में काफी निवेश आ रहा है। मिडकैप की तरफ निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इनमें रिटर्न भी अच्छे मिले हैं।

मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है। PLI और चीन+1 के चलते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा होगा। देश के 8-10 राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग हो रही है।

AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन ज्यादा

कैलाश कुलकर्णी ने आगे कहा कि AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे दिख रहे हैं। IT कंपनियों पर अंडरवेट नजरिया है। BFSI फंड में कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस है। कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे अच्छी तेजी दिखेगी। फार्मा शेयरों पर वेट एंड वॉच का नजरिया है।

Market Mantra : कैलाश कुलकर्णी के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है

 

Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में अब नया शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की, अगर पहले से शॉर्ट हैं तो अब ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस लगाएं

Market Insight : चौतरफा बिकवाली के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में शुरुआती गिरावट और बढ़ गई है। निफ्टी 23600 के आसपास आ गया है। सुबह 10:50 बजे के आसपास सेंसेक्स 795.76 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 75,595.63 पर और निफ्टी 227.50 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,642.10 पर दिख रहा था। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई थी।

बाजार: क्या आज बनेगा बॉटम?

बाजार की आगे की चाल और रणनीति पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि अगर गिफ्ट निफ्टी सही हुआ तो आज हम रेंज का ब्रेकडाउन करेंगे। लेकिन याद है ना,पिछले शुक्रवार हमने रेंज का ब्रेकआउट देखा था। बुधवार से हमारा नजरिया था कि 23,800 टूटेगा। मगर ये भी संभव है कि ब्रेकडाउन भी टिके नहीं। US की 10 साल की बॉन्ड यील्ड अब मेक ऑर ब्रेक लेवल पर है। 4.7% की बॉन्ड यील्ड के ऊपर अमेरिका में पैनिक होता है। हो सकता है वीकेंड पर डॉनल्ड ट्रंप कुछ कदम पीछे लें। उन्होंने धमकी दी है कि कुछ बड़ा करेंगे। हो सकता है वीकेंड पर वो कहें कि ईरान मान गया है।

कच्चा तेल $102 तक गया लेकिन अब $100 के करीब है। आज शायद IT सबसे पहले रिकवरी दिखाए। इंफोसिस के नतीजे कमजोर हैं लेकिन बहुत ज्यादा कमजोर नहीं हैं। एक नजर मार्केट ब्रेड्थ पर भी रखें जो 2 दिन से काफी कमजोर है।

 

निफ्टी: अब क्या हैं अहम स्तर?

अनुज सिंघल का कहना है कि 23,800 का लेवल तो तो आज निर्णायक तौर पर टूटने वाला है। इस रैली की शुरुआत हुई थी 23,123 से। 23,123 से हम 24,430 तक गए, यानी 1307 अंकों की रैली हुई। उसमें से अब हम रैली का 43% गिर चुके हैं। 50% रिट्रेसमेंट 23,776 पर है और 61.8% रिट्रेसमेंट 23,622 पर है और अब 23,622 निफ्टी की आखिरी लक्ष्मण रेखा है। इसके नीचे बंद हुए तो पूरी रैली खत्म होने का रिस्क होगा।

बाजार: क्या हो अब रणनीति?

बाजार में अब नया शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की है। अगर पहले से शॉर्ट हैं तो अब आप ट्रेलिंग SL लगाएं। वीकेंड पर शॉर्ट्स बिल्कुल ना लेकर जाएं, क्योंकि अब बाजार काफी हद तक पैनिक फैक्टर को पचा चुका है और अगर वीकेंड पर कुछ पॉजिटिव हुआ तो बड़ी कवरिंग होगी। मगर दिक्कत ये है कि बाजार का टेक्सचर काफी कमजोर है। पैसा पूरे हफ्ते सिर्फ बेचकर बना है। ऐसे में जोखिम लेकर लॉन्ग करने की रणनीति भी थोड़ी रिस्की है।

ये बाजार थकाने वाला है,इसमें कोई शक नहीं है। इस बाजार में रिवेंज ट्रेडिंग ना करें। जरूरी नहीं है कि इस हफ्ते का नुकसान आप आज ही पूरा भरें। कई बार आपको स्वीकार करना पड़ता है कि ये बाजार अलग है। बाजार में चुनिंदा शेयरों में मौके अब भी हैं,हालांकि बहुत सीमित हैं। पिछले 2-3 दिनों से बड़ा पैसा 2-व्हीलर शेयरों में बना है। अगर शॉर्ट करना नहीं आता तो इस बाजार में काफी दिक्कत है। बाजार में अंदाजे को नहीं बल्कि प्राइस एक्शन को फॉलो कीजिए।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,700-23,750 (ऑप्शंस जोन) पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,600-23,650 (Fibonacci लेवल्स) पर है। वहीं, इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। गैपडाउन के बाद वेट एंड वॉच की रणनीति रखें। अगर पहले से शॉर्ट हैं तो आधी पोजिशन बुक करें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

इसके लिए अगला बड़ा सपोर्ट 55,200 पर है। उसके पहले बीच-बीच में शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। लेकिन अगर 57,000 जल्दी वापस नहीं आया तो बड़ी गिरावट का खतरा है। बैंक निफ्टी में अब इन लेवल्स पर नया ट्रेड करना लगभग नामुमकिन है। पहले के शॉर्ट्स हैं तो ट्रेलिंग SL के साथ रहें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market view : ग्लोबल सेटअप,कच्चा तेल और बॉन्ड यील्ड्स सभी हमारे खिलाफ, जाने कमजोर बाजार में भी कमाई करने की रणनीति

Market view : कच्चे तेल में उछाल से बाजार में लगातार पांचवे दिन बिकवाली देखने को मिल रही है। निफ्टी करीब 200 प्वाइंट से ज्यादा फिसलकर 23650 के नीचे आ गया है। भारती एयरटेल,ICICI BANK,L&T और HDFC बैंक ने सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। बैंक निफ्टी भी 400 प्वाइंट से ज्यादा गिरा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव देखने को मिल रहा है। वहीं INDIA VIX 6% से ज्यादा चढ़कर 14 के पार निकल गया है।

रियल्टी,कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आई है।ये तीनो सेक्टर इंडेक्स एक फीसदी से ज्यादा फिसले हैं। साथ ही मेटल और NBFCs भी करीब एक फीसदी नीचे हैं। वहीं FMCG,फार्मा और चुनिंदा IT शेयरों में खरीदारी आई है।

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए 24061/24110 पर पहला रेजिस्टेंस और 24159/24188/209 पर दूसरा रेजिस्टेंस है। वहीं, 23766-23681 पर पहला बेस और 23645/23577-531 पर दूसरा बेस है। कल बेस-1 टूटने के बाद शॉर्ट के सभी टार्गेट जोन हासिल हुए। FIIs की भारी बिकवाली जारी रही। शॉर्ट्स बढ़कर 2.63 लाख पहुंच गए। 24,000-24,100-24,200 पर भारी शॉर्ट कॉल पोजिशंस देखने को मिली। 23,800 पर हल्की पुट राइटिंग रही।

ग्लोबल सेटअप और कच्चा तेल और बॉन्ड यील्ड्स सभी हमारे खिलाफ हैं। बेस-1 के नीचे निफ्टी गैप भरने करने की तैयारी शुरू करेगा,निचली सीमा 23,645 है। रेजिस्टेंस-1 के नीचे शॉर्ट,रैली में शॉर्ट करें। लेकिन रिस्क-रिवॉर्ड का ध्यान रखें,बेस के बहुत करीब शॉर्ट ना करें। अगर 23,809-23,766 के नीचे सेटल हुए तो लोअर चैनल खुल जाएगा। इसके बाद 23,577-23,531 के टारगेट खुल सकते हैं।

Market cues : बाजार में घबराहट तो बढ़ी लेकिन अभी तक पैनिक की स्थिति नहीं, 23800 का सपोर्ट टूटने पर बढ़ सकती है गिरावट

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए 56832-57040 पर पहला रेजिस्टेंस और 57277-57466/588 पर दूसरा रेजिस्टेंस है। वहीं, 56110-55890 पर पहला बेस और 55740-55610/513 पर दूसरा बेस है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते। इनकी हीरो मोटो फ्यूचर्स में 5030 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 5240 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, अदाणी एंटरप्राइजेज फ्यूचर्स में इनकी 3050 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 2940 रुपए के टारगेट के लिए बिकवाली की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Oil Price: $100 के पार पहुंचा कच्चा तेल, हूती हमले और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव से चिंता बढ़ी

Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को जोरदार उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 7% चढ़कर 100.71 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। यह करीब दो महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 6% बढ़कर 92.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

तेल की कीमतों में यह तेजी यमन के हूती विद्रोहियों के दावे के बाद आई। हूतियों ने कहा कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। इससे दुनिया में तेल सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

मिडिल ईस्ट पहले से ही तनाव में है। ऊपर से होर्मुज स्ट्रेट में तेल की आवाजाही लगभग ठप पड़ गई है। अब लाल सागर में भी हमले शुरू हो गए हैं। ऐसे में बाजार को डर है कि दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई और कम हो सकती है।

मैटाडोर इकोनॉमिक्स के चीफ इकोनॉमिस्ट टिम स्नाइडर का कहना है कि सऊदी टैंकरों पर हमला तेल बाजार के लिए बड़ा झटका है। इससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा और कीमतें ऊपर रह सकती हैं।

हूतियों ने क्या दावा किया?

हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी तेल ले जा रहे दो टैंकरों को निशाना बनाया। उनका कहना है कि वे सऊदी अरब के तेल निर्यात पर समुद्री नाकेबंदी लागू करेंगे।

बाद में सऊदी समाचार एजेंसी ने भी पुष्टि की कि दो टैंकरों में से एक पर हमला हुआ और उसमें आग लग गई।

गोल्डमैन सैक्स की बड़ी चेतावनी

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में मौजूदा संकट 2027 तक जारी रहता है, तो इस साल की चौथी तिमाही में ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है। अगले साल इसका औसत भी करीब 100 डॉलर रह सकता है।

अगर बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट और स्वेज नहर में भी लंबे समय तक रुकावट बनी रही, तो तेल और महंगा हो सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट में क्या हो रहा है?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा है कि ओमान के पास एक तेल टैंकर में विस्फोट के बाद आग लग गई। दो दूसरे टैंकर वापस लौट गए।

ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट उसके नियंत्रण में है। जब तक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी, तब तक उसकी मंजूरी के बिना कोई टैंकर वहां से नहीं गुजर सकेगा।

सप्लाई पर कितना असर?

यूबीएस के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले गैर-ईरानी टैंकरों की संख्या तेजी से घटी है। वहीं, अमेरिकी नाकेबंदी के चलते ईरान का तेल निर्यात भी लगभग शून्य पर पहुंच गया है।

पिछले सात दिनों में खाड़ी क्षेत्र से तेल लोडिंग घटकर 25 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई। इससे पहले 30 दिनों का औसत 60 लाख बैरल प्रतिदिन था।

अमेरिका भी लगातार कर रहा हमला

अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने लगातार 12वीं रात ईरान के ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज को निशाना बनाया, तो अमेरिका उसके अहम ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।

(रॉयटर्स से इनपुट के साथ)

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।