Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क इंडेक्स 23 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में भी बढ़त देखने को मिल रही है। यह शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,145.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को हुई बिकवाली के बाद,22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति को लेकर बनी उम्मीदों के चलते निफ्टी ने फिर से तेजी पकड़ी और 24,100 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 32 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 24,132 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.87 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.24 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 0.56 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.19 फीसदी की गिरावट है। कोस्पी 4.14 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.10 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

Asian markets today: एशियाई बाजारों में गिरावट, कोस्पी 1.5% टूटा, जापान बॉन्ड यील्ड में बढ़त

अमेरिकी बाजार

सोमवार को S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की वजह से डॉओ (Dow)बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 148.01 अंक या 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर बंद हुआ। S&P 500 में 27.79 अंक या 0.37 फीसदी की गिरावट आई और यह 7,472.79 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 351.33 अंक या 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स मजबूत दिख रहा है। यह पिछले साल मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब आ गया। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.02 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.50% और 4.22% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज कमजोर हुईं हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में जोखिम को लेकर सावधानी का माहौल दिखा। फिलीपीन पेसो का प्रदर्शन सबसे खराब दिख रहा है,जिसमें 0.315 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया में 0.219 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीनी रेनमिनबी भी 0.117 प्रतिशत कमजोर हुई है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन और थाई बहत में क्रमशः 0.075 प्रतिशत और 0.055 प्रतिशत की गिरावट आई है।

उधर जापानी येन में 0.006 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि ताइवान डॉलर और सिंगापुर डॉलर में क्रमशः 0.019 प्रतिशत और 0.023 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके विपरीत,मलेशियाई रिंगित ने 0.305 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चा तेल सपाट

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद मंगलवार को तेल की कीमतों में सुधार हुआ। इसकी वजह US-Iran शांति वार्ता को लेकर बनी थोड़ी उम्मीद थी,जबकि निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने में प्रगति के साफ संकेतों का इंतजार करते दिखे। WTI क्रूड में 0.03 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 0.23 फीसदी की गिरावट आई है।

सोना सपाट

मंगलवार को सोने की कीमतें स्थिर दिख रहीं हैं, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर नजरें बनाए रखी हैं। जबकि, दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों का असर इस मेटल पर पड़ा। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.18 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं, चांदी 0.74 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Crude Oil price: बिकवाली के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, होर्मुज स्ट्रेट में फ्लो में प्रगति का इंतजार, ब्रेंट $78 प्रति बैरल पर

Crude Oil price: पिछले सेशन में तेज़ गिरावट के बाद मंगलवार को तेल की कीमतों में उछाल आया, जिसे US-ईरान के बीच चल रही शांति बातचीत को लेकर उम्मीद की वजह से सपोर्ट मिला। मार्केट पार्टिसिपेंट्स होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल का फ्लो फिर से शुरू होने की संभावना से जुड़े डेवलपमेंट पर भी नज़र रखे हुए थे।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 24 सेंट या 0.38% बढ़कर $78.15 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 33 सेंट या 0.46% बढ़कर $74.19 प्रति बैरल हो गया।

सोमवार को तेल की कीमतों में 3% से ज़्यादा की गिरावट आई, जब अमेरिका ने शांति बातचीत के शुरुआती दौर के बाद ईरान को 60 दिन के लिए बैन से छूट दी। इस गिरावट को उन रिपोर्टों से और बल मिला, जिनमें बड़े समझौते के तहत लेबनान में लड़ाई रुकने का संकेत दिया गया था।

आज कच्चे तेल की कीमतों में क्या तेजी है?

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, US और ईरानी अधिकारियों ने फरवरी के आखिर में शुरू हुए संघर्ष को खत्म करने के लिए एक लंबे समय का समझौता करने के मकसद से बातचीत के शुरुआती दौर में अच्छी प्रगति की सूचना दी। हालांकि, मतभेद बने हुए हैं, वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने कहा कि ईरान देश में न्यूक्लियर इंस्पेक्टरों को आने देने के लिए मान गया है—एक दावा जिसे तेहरान ने खारिज कर दिया है।

इस छूट से लगभग सभी खरीदार, जिसमें US रिफाइनर भी शामिल हैं, ईरानी कच्चा तेल खरीद सकते हैं और उसका पेमेंट कर सकते हैं, हालांकि कुछ संभावित जोखिमों के कारण सावधान रह सकते हैं। इस बीच, हाल के हफ्तों में फारस की खाड़ी से तेल की सप्लाई बढ़ी है, क्योंकि कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने एक्सपोर्ट बनाए रखने के दूसरे तरीके ढूंढ लिए हैं। ईरान ने पिछले हफ्ते 30 मिलियन बैरल से ज़्यादा तेल भी भेजा है।

सोमवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान हथियारों के इंस्पेक्शन की इजाज़त देगा, जिसका मकसद यह पक्का करना है कि जिसे उन्होंने “न्यूक्लियर ईमानदारी” कहा है।

इस बीच, शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि लगभग 2 मिलियन बैरल तेल ले जा रहे दो कच्चे तेल के टैंकर सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक गुज़रे, जो रास्ते की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच रविवार को कम मूवमेंट के बाद समुद्री ट्रैफिक में सुधार का संकेत है।

एक अलग डेवलपमेंट में, US डिपार्टमेंट ऑफ़ एनर्जी के सोमवार को जारी डेटा से पता चला कि स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व में कच्चे तेल का स्टॉक पिछले हफ़्ते घटकर 331.2 मिलियन बैरल रह गया, जो जून 1983 के बाद सबसे कम लेवल है, क्योंकि US-ईरान लड़ाई के बाद सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी सेक्टर में खरीदारी के दम पर निफ्टी 24,100 के लेवल के आसपास पहुंच गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ। लगभग 2500 शेयरों में बढ़त हुई, 1688 शेयरों में गिरावट आई और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज,टेक महिंद्रा,रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा शामिल थे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,नेस्ले इंडिया,ट्रेंट और पावर ग्रिड प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया,IT, मेटल,फार्मा,ऑटो और एनर्जी इंडेक्स में 0.5-1 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो रैली में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। ब्रॉडर मार्केट भी मज़बूत रहा,जिसमें निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि बाजार में आज एक सीमित दायरे में कारोबार हुआ,लेकिन इसका रुख पॉजिटिव रहा। निवेशक US-ईरान बातचीत की प्रगति को लेकर अच्छी उम्मीद लगाए रहे । कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक रहा,जिसे यूटिलिटी,बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन का सहारा मिला। यह मजबूती मुख्य रूप से चुनिंदा सेक्टरों और स्टॉक में आई खरीदारी की वजह से आई। हालांकि,मॉनसून की धीमी रफ्तार की चिंताएं महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं,जिससे कंज्यूमर सेंटीमेंट और खेती से जुड़े सेक्टर की मांग पर असर पड़ सकता है।

इससे निकट भविष्य में बाजार की तेजी धीमी पड़ सकती है। लेकिन बाजार का बड़ा ट्रेंड अच्छा बना हुआ है। मजबूत कमाई और लगातार मिल रहे पॉलिसी सपोर्ट के चलते बाजार के लिए मध्यम अवधि का ट्रेंड अच्छा बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि RSI अभी भी बुलिश क्रॉसओवर में है,जो दिखाता है कि पॉजिटिव मोमेंटम बना हुआ है। ऊपरी स्तर पर,24,200 का लेवल एक इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस लेवल के ऊपर की मजबूत चाल 24,500 की ओर रैली शुरू कर सकती है। निचले स्तर पर,सपोर्ट 24,000 पर है। इस लेवल के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि सोमवार के सेशन में बैंक निफ्टी डेली चार्ट पर एक छोटी ‘डोजि कैंडलस्टिक'(Doji candlestick)के साथ बंद हुआ। यह हालिया रिकवरी के बाद ऊपर की ओर कंसोलिडेशन (upward consolidation) का संकेत है। इंडेक्स पॉजिटिव रुख के साथ एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है,जिससे पता चलता है कि खरीदारी की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है।

आवरली चार्ट पर बैंक निफ्टी अपने 20-SMA और 50-SMA के ऊपर बना हुआ है,जो ट्रेंड में मजबूती दिखाता है। इसलिए,जब तक इंडेक्स 57,500 और 57,000 के सपोर्ट लेवल के ऊपर रहता है,तब तक गिरावट पर खरीदारीसकी रणनीति फायदेमंद रहेगी। ऊपर की ओर तत्काल रेजिस्टेंस 58,500–59,000 के जोन में है।

 

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

Trading Strategy : गैप-अप के बाद बाजार में रफ्तार कायम है। निफ्टी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर 24100 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा है। निफ्टी 100 DMA पार करने के कगार पर है। वहीं बैंक निफ्टी में भी मजबूती है। मिडकैप और स्मॉल कैप में भी अच्छी रौनक देखने को मिल रही है। IT और फार्मा शेयरों में अच्छी खरीदारी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। फार्मा में सिप्ला 4% से ज्यादा उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही MANKIND और डॉक्टर रेड्डीज 2% से ज्यादा चढ़े हैं। वहीं तेल-गैस,ऑटो और रियल्टी में भी रफ्तार देखने को मिल रही है। हालांकि FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयर हल्के कमजोर दिख रहे हैं।

निफ्टी पर सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,रिलायंस इंडस्ट्रीज़,टेक महिंद्रा और इंफोसिस शामिल हैं। जबकि एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,श्रीराम फाइनेंस,पावर ग्रिड कॉर्प और नेस्ले इंडिया में गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.2% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर कारोबार कर रहे हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल में 0.2-0.5% की गिरावट है। जबकि ऑटो,IT,फार्मा,ऑयल एंड गैस और मीडिया में 0.5-1% की है।

बाजार: अच्छा दिन

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज भी बढ़िया दिन है। खास तौर से उनके लिए, जिन्होंने शुक्रवार की गिरावट में खरीदारी की। शुक्रवार के निचले स्तर से निफ्टी 200 प्वाइंट से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। निफ्टी और बैंक निफ्टी रजिस्टेंस जोन में हैं। रिलायंस और IT ने मिलकर आज निफ्टी को सपोर्ट किया है। मिडकैप और स्मॉलकैप में फिर बढ़िया तेजी आई है। वेदांता से अलग हुए शेयरों में अपर सर्किट लगे हैं। FMCG शेयरों में आज थोड़ी गिरावट है।

Market Insight : अगले 4-5 सेशन में निफ्टी में 24500 का टारगेट मुमकिन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अदाणी पैक के शेयरों पर रहे नजर

बाजार : अब क्या?

यह बाजार शानदार है,इसमें मौके तलाशें। बढ़िया बात ये कि बाजार आपको रिवॉर्ड कर रहा है। लॉजिक बेस्ड ट्रेड्स और निवेश में रिवॉर्ड हैं। शुक्रवार को IT लॉन्ग करने वालों को बड़ा रिवॉर्ड मिला। आज डेल्हीवरी में पूरी रैली स्क्रीन पर हुई है। अगर आप high पर भी ले रहे हैं तब भी फंस नहीं रहे हैं। गुरुवार की रैली में लेने वालों का भी आज भाव आया होगा। FIIs की बिकवाली अब काफी काम हो चुकी है। कच्चे तेल का भाव जब तक 80 डॉलर के पास है,डर नहीं है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस जोन 24,150-24,200 पर और सपोर्ट जोन 24,050-24,100 है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस 58,000-58,200 पर और सपोर्ट 57,300-57,500 पर है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी और बैंक निफ्टी की कॉल लेकर जाएं। निफ्टी और बैंक निफ्टी पिछले हफ्ते का हाई निकाल सकते हैं। एक्सपायरी का मोमेंटम बुल्स के साथ है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमतें आईं सामने, जानें आपके शहर का हाल

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 22 जून 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

 

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

ट्रम्प बोले-अमेरिका होर्मुज में टोल लगा सकता है:इससे मिडिल-ईस्ट में सुरक्षा पर खर्च की भरपाई करेंगे; स्विट्जरलैंड में आज US-ईरान की बातचीत

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर ईरान के साथ 60 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट में टोल लगाने पर विचार कर सकता है। यह शुल्क मिडिल-ईस्ट में सुरक्षा पर हुए अमेरिकी खर्च की भरपाई के लिए होगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि सीजफायर के दौरान अगले 60 दिनों तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टोल नहीं लगाया जाएगा। 60 दिन खत्म होने के बाद भी टोल नहीं लगाया जाएगा, जब तक यह अमेरिका की तरफ से नहीं लगाया गया होता। इस बीच अमेरिका और ईरान शांति वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। अमेरिकी डेलिगेशन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर हैं। वहीं, ईरानी डेलिगेशन का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघच कर रहे हैं। संसद स्पीकर बाघेर गालिबाफ भी बातचीत में शामिल होंगे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान की जहाजों को चेतावनी: ईरान की रिवोल्यूशनरी फोर्स (IRGC) ने जहाजों को होर्मुज के पास से न गुजरने की चेतावनी दी और कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं तो उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं होगी। 2. ईरानी टीम स्विट्जरलैंड रवाना: अमेरिका से बातचीत करने ईरान की टीम स्विट्जरलैंड रवाना हो गई। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। 3. भारत से जुड़े 3 तेल टैंकर ने होर्मुज पार किया: भारतीय झंडे वाले तीन तेल टैंकर शनिवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत के लिए रवाना हो गए। इन जहाजों में 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल और 94 भारतीय क्रू मेंबर शामिल हैं। 4. नेतन्याहू बोले- हमले जारी रखेंगे: इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा, और दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेगा। 5. ट्रम्प बोले- पाकिस्तान ने बहुत मदद की: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ हुए समझौते (MoU) में पाकिस्तान ने अमेरिका की बहुत मदद की। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

INR vs USD: डॉलर के मुकाबले रुपया 94.35 पर खुला, क्रूड में नरमी से मिल रहा सपोर्ट, आगे कैसा रहेगा आउटलुक

INR vs USD:  शुक्रवार, 19 जून को रुपया US डॉलर के मुकाबले 2 पैसे की मामूली गिरावट के साथ 94.35 पर खुला, क्योंकि US फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के बाद घरेलू फ्लो और सेंटिमेंट में सुधार से मजबूत डॉलर के असर को कम करने में मदद मिली।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने बताया कि हाल के सेशंस में कैपिटल फ्लो भारतीय करेंसी के लिए तेजी से सपोर्टिव हो गया है। घरेलू डेट मार्केट में मजबूत इनफ्लो, इक्विटी से विदेशी पोर्टफोलियो आउटफ्लो में कमी और इंपोर्टर्स और एक्सपोर्टर्स की बैलेंस्ड भागीदारी ने फॉरेक्स मार्केट में डिमांड-सप्लाई डायनामिक्स को बेहतर बनाने में मदद की है।

बैंकर्स ने बताया कि इंपोर्टर हेजिंग एक्टिविटी अभी भी ऊंची बनी हुई है, लेकिन मार्केट में एकतरफा डॉलर डिमांड से एक साफ बदलाव देखा गया है, जिसने हाल के हफ्तों में रुपये पर दबाव डाला था। इससे पहले, इंपोर्टर्स की तेज खरीदारी और लगातार विदेशी फंड आउटफ्लो ने लोकल करेंसी पर दबाव बनाए रखा था।

रुपये को विदेशी कैपिटल को आकर्षित करने और डॉलर इनफ्लो को बढ़ाने के मकसद से पॉलिसी उपायों से भी फायदा हुआ है। इसके अलावा, US-ईरान शांति समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से भारत के इंपोर्ट बिल को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे करेंसी को लेकर ओवरऑल सेंटिमेंट बेहतर हुआ है।

मज़बूत इनफ्लो, तेल की कम कीमतों और मार्केट में बढ़ते भरोसे के मेल से US डॉलर में नई मज़बूती के बावजूद रुपया मज़बूत बना हुआ है।

क्रूड में नरमी से मिला रुपये को मजबूत सपोर्ट

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कच्चा तेल अभी भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के लिए सबसे बड़ा पॉज़िटिव फ़ैक्टर बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड अभी $75–78 प्रति बैरल की रेंज में ट्रेड कर रहा है, जो इस साल की शुरुआत में ईरान संघर्ष से पहले के लेवल पर वापस आ गया है। हालांकि हाल ही में हुए US-ईरान शांति समझौते ने तुरंत सप्लाई की चिंताओं को कम किया है, लेकिन एनालिस्ट एक बड़े स्ट्रक्चरल ट्रेंड की ओर इशारा करते हैं जो तेल की कीमतों को कम रख सकता है।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) को उम्मीद है कि 2027 तक ग्लोबल तेल सप्लाई लगभग 8 मिलियन बैरल प्रति दिन बढ़ जाएगी, जबकि डिमांड ग्रोथ केवल लगभग 2 मिलियन बैरल प्रति दिन रहने का अनुमान है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सप्लाई-डिमांड के इस बढ़ते अंतर से तेल की कीमतों पर एक नैचुरल लिमिट लग सकती है, जिससे भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी को सपोर्ट मिल सकता है।

पॉजिटिव सेंटिमेंट में यह भी शामिल है कि गल्फ के रास्ते तेल शिपमेंट नॉर्मल हो गए हैं, सऊदी अरब और UAE के टैंकर महीनों की रुकावटों के बाद रेगुलर ऑपरेशन फिर से शुरू कर रहे हैं, जिससे सप्लाई में रुकावटों को लेकर चिंता और कम हो गई है।

बेहतर फंडामेंटल्स के बीच रुपये में रिकवरी जारी

करेंसी स्ट्रैटेजिस्ट्स का कहना है कि तेल की कीमतों में गिरावट पर रुपये ने पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है, लगातार पांच सेशन तक मजबूत हुआ है और 94.30–94.60 प्रति डॉलर की रेंज में आराम से ट्रेड कर रहा है। यह कुछ हफ्ते पहले देखे गए दबाव से एक बड़ी रिकवरी है, जब क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों और विदेशी आउटफ्लो ने करेंसी पर दबाव डाला था।

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि कैपिटल फ्लो में सुधार, इंपोर्ट से जुड़ी डॉलर की कम डिमांड और जियोपॉलिटिकल रिस्क में कमी, इन सभी ने रुपये की हालिया मजबूती में योगदान दिया है।

फेड के सख्त रवैये से डॉलर को मिला सपोर्ट

हालांकि रुपया मजबूत हुआ है, लेकिन एनालिस्ट चेतावनी दे रहे हैं कि फेडरल रिजर्व के पॉलिसी रुख से US डॉलर को सपोर्ट मिलता रहेगा।

US सेंट्रल बैंक ने इंटरेस्ट रेट को 3.50%-3.75% पर बिना किसी बदलाव के रखा, लेकिन पॉलिसी बनाने वालों ने तुलनात्मक रूप से सख्त रुख बनाए रखा, जिसमें कमिटी के लगभग आधे सदस्य अभी भी इस साल कम से कम एक और रेट बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।

हाल के US इकोनॉमिक डेटा ने भी डॉलर की मजबूती को और मजबूत किया है। शुरुआती बेरोजगारी के दावे कम होकर 226,000 हो गए, जबकि छंटनी अब भी ऐतिहासिक रूप से कम है। हालांकि लगातार दावे बढ़े हैं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि लेबर मार्केट तेजी से कमजोर होने के बजाय धीरे-धीरे ठंडा होता दिख रहा है।

इस वजह से, डॉलर को जल्द ही सपोर्ट मिल सकता है, हालांकि मार्केट यह देखना जारी रखेंगे कि क्या महंगाई कम होने और एनर्जी की कीमतों में नरमी से फेड आखिरकार ज्यादा न्यूट्रल रुख अपना पाएगा।

एक्सपर्ट्स का यह भी मानना ​​है कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया अपने बाहरी बफ़र्स को मज़बूत करने के लिए अच्छे मार्केट हालात का फ़ायदा उठा रहा है। कच्चे तेल की कम कीमतों और बेहतर विदेशी करेंसी इनफ़्लो से रुपये को सपोर्ट मिलने के साथ, RBI से उम्मीद है कि वह फ़ॉरेक्स रिज़र्व को फिर से भरने के लिए एक्टिव रूप से डॉलर खरीदेगा और धीरे-धीरे अपनी बड़ी फ़ॉरवर्ड डॉलर पोज़िशन को कम करेगा, जिसका अनुमान लगभग $110 बिलियन है।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स का अनुमान है कि सेंट्रल बैंक ने पिछले कुछ सेशन में मार्केट से $3-5 बिलियन एब्ज़ॉर्ब किए होंगे। एनालिस्ट्स ज़ोर देते हैं कि इस तरह का दखल करेंसी के ट्रैजेक्टरी को लेकर किसी चिंता के बजाय समझदारी भरे रिज़र्व मैनेजमेंट को दिखाता है।

हालांकि ये खरीदारी रुपये की बढ़त की रफ़्तार को कम कर सकती हैं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनसे करेंसी की रिकवरी ज़्यादा टिकाऊ होगी और भविष्य के बाहरी झटकों से कम कमज़ोर होगी।

रुपये का आउटलुक

CR फ़ॉरेक्स एडवाइज़र्स के MD, अमित पाबारी के अनुसार, तेल की कीमतें सपोर्टिव बनी हुई हैं, विदेशी इनफ़्लो बेहतर हो रहे हैं, और डॉलर की मज़बूती नए सवालों का सामना कर रही है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अमेरिका-ईरान ‘डील साइन’

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच निर्धारित समय से एक दिन पहले 18 जून को ही युद्धविराम समझौते पर दस्तखत हो गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में समझौते पर दस्तखत करने के बाद बाहर निकल कर मीडिया के सामने चिल्ला कर कहा ‘डील साइन’। ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने समझौते पर दस्तखत किया। पिछले करीब 50 साल में पहली बार अमेरिका और ईरान ने किसी समझौते पर दस्तखत किया है।

अंतरिम समझौते पर दस्तखत के समय दोनों देशों के राष्ट्रपति आमने सामने नहीं बैठे थे, बल्कि डिजिटल तरीके से जुड़े थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार की रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में युद्धविराम से जुड़े समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मौजूद थे। समझौते के दस्तावेज पर दस्तखत करने के बाद ट्रम्प वर्साय पैलेस से बाहर आए। इस दौरान किसी रिपोर्टर ने उनसे पीस डील को लेकर पूछा, तो उन्होंने चिल्लाते हुए कहा, ‘डील साइन हो गई है’। गौरतलब है कि वर्साय में पहले विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी के साथ ऐतिहासिक समझौता हुआ था।

राष्ट्रपति ट्रंप के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी ईरान से डिजिटल तरीके से दस्तखत किए। समझौते का ऐलान भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे किया गया। यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। इस समझौते के तहत ईरान और लेबनान में सैन्य अभियान खत्म किया जाएगा। साथ ही होर्मुज की खाड़ी को दोबारा खोला जाएगा और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म की जाएगी।

गौरतलब है कि इस समझौते पर 19 जून को स्विटजरलैंड में जेनेवा के पास लूसर्न शहर में दस्तखत होने थे, लेकिन निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही इस पर दस्तखत कर दिए गए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते को ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह दुनिया के लिए एक मजबूत ईरान का संदेश है। पेजेशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान वैश्विक शांति, अपनी गरिमा और स्वतंत्रता बनाए रखने के साथ साथ विकास और क्षेत्रीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

इस बीच खबर है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर दस्तखत होने के बाद होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही तेज हो गई है। सऊदी अरब के झंडे वाले तीन बड़े तेल टैंकर होर्मुज की खाड़ी से गुजरे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन सुपर टैंकरों में करीब 60 लाख बैरल कच्चा तेल भरा हुआ था। दूसरी ओर यह भी खबर है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगले 60 दिन में अमेरिका औरर ईरान के अंतिम समझौते को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ‘इजराइल टाइम्स’ के मुताबिक, नेतन्याहू दक्षिणपंथी मीडिया हस्तियों और इजराइल समर्थक अमेरिकी सांसदों के जरिए राष्ट्रपति ट्रंप पर दबाव बनाना चाहते हैं।

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग धीरे-धीरे हो रही सामान्य

Crude Oil Price Today: अंतरिम US-ईरान शांति समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग सामान्य होने लगी, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई और इसमें हफ़्ते में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद थी। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 0.84% ​​गिरकर $79.18 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल की कीमत 0.67% गिरकर $76.09 प्रति बैरल हो गई।

फंसे हुए तेल ले जा रहे जहाज़ गुरुवार को पानी के रास्ते से निकलने लगे, जबकि कुवैत ने कहा कि वह प्रोडक्शन बढ़ाना शुरू कर देगा। US सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने ईरानी पोर्ट और तटीय इलाकों से आने-जाने वाले ट्रैफिक पर लगी रोक हटा ली है, जबकि जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर, जो एक अहम नेवल इन्फॉर्मेशन बॉडी है, ने पानी के रास्ते से गुज़रने की कोशिश कर रहे जहाजों को सलाह दी कि वे ओमान के समुद्र तट के पास वाले रास्ते का इस्तेमाल करें ताकि माइन से बचा जा सके।

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इन डेवलपमेंट की तारीफ़ की, और ईरान के कट्टर समर्थकों, जिनमें कुछ साथी देश भी शामिल हैं, की इस आलोचना का जवाब दिया कि इस डील में तेहरान को बहुत ज़्यादा छूट दी गई है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “मार्केट को यह पसंद आ रहा है कि तेल की कीमतें बहुत नीचे हैं और स्टॉक्स बहुत ऊपर हैं।”

क्रूड की बिकवाली का मतलब है कि फ्यूचर्स ने युद्ध से हुई लगभग सारी बढ़त गंवा दी है, जो फरवरी में तब शुरू हुई थी जब US और इज़राइल ने ईरान पर उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर हमला किया था। यह स्ट्रेट — जो फारस की खाड़ी को ग्लोबल मार्केट से जोड़ता है और आम तौर पर ग्लोबल तेल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा ले जाता है — तेहरान और US दोनों की तरफ से डबल ब्लॉकेड का सामना कर रहा था।

वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने इस चिंता को कम करके आंका कि ईरान आखिरकार स्ट्रेट से होने वाले ट्रैफिक पर टोल लगा सकता है, यह एक ऐसा कदम है जो तेहरान के लिए पैसे कमाने का ज़रिया बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग में विवादित डिटेल्स पर काम करने के लिए 60 दिन का समय शुरू हो गया है।

हालांकि क्रूड की कीमतें गिर गई हैं, होर्मुज को पूरी तरह से फिर से खोलना एक मुश्किल और लंबा चलने वाला ऑपरेशन साबित हो सकता है। इस प्रोसेस को ठीक से चलाने के लिए, जहाज़ों को सही जगह पर रखना, कुओं को फिर से चालू करना, इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत और डी-माइनिंग ऑपरेशन पर सहमति बनाना ज़रूरी है। कुछ जहाज़ मालिक पानी के रास्ते और फ़ारस की खाड़ी के हालात को लेकर सावधान हैं।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा साउथ कोरिया का बाजा

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बाल एकांकी: काला सोना

A scene from a childrens play featuring a character dressed as crude oil, in a short drama centered on petrol, diesel, gas, and kerosene

पात्र –
1- एक बालक आयु लगभग 15 वर्ष- काले लबादे में {क्रूड ऑयल के वेश में}

2- एक बालक रूद्र आयु लगभग 12 वर्ष
3- एक बालिका आद्या आयु लगभग 10 वर्ष
4- चार अन्य बच्चे आयु 10 से 12 वर्ष के बीच

 

मंच का परदा खुलता है और उस पर एक आकृति काला लबादा ओढ़े दिखाई देती है। वह आकृति नाचते हुए गा रही है।

 

      काला सोना काला सोना,

 

      नाम हमारा काला सोना।

 

      हमसे ही संचालित होता,

 

      है धरती का कोना-कोना।

 

      काला सोना काला सोना…….का….ला …

 

{तभी मंच के एक तरफ से आद्या का प्रवेश}

 

आद्या –ये भाई …. क्यों शोर मचा रहे हो, कौन हो तुम और ये काला सोना काला सोना, क्या है सब ये……..।

 

काली आकृति –लो जी लो, अब सुन लो इनकी बात, ये काला सोना भी नहीं जानते। सारी दुनिया में हल्ला है और ये मेम साब पूछती हैं काला सोना क्या है।

 

{तभी दूसरी तरफ से रूद्र का प्रवेश}

 

रूद्र–अरे भाई शांत ..शांत रहो भाई काले आदमी। एक तो यहां हल्ला मचा रहे हो और ठीक से अपना परिचय भी नहीं दे रहे हो।

 

काली आकृति–

 

     पेट्रोल हैं,  डीज़ल हैं हम, 

 

     हम हैं गैस रसोई वाली।

 

     नींद नहीं आती है घर को,

 

     पडा सिलेंडर हो जब खाली।

 

     बिना हमारे जले न चूल्हा,

 

     गरम न होता हाय भगौना

 

     काला सोना काला सोना …..

 

आद्या –रूद्र {एक साथ}-आंय! पेट्रोल, डीज़ल, गैस …..अरे तो क्या आप क्रूड ऑयल हैं -क्रूड ऑयल, काले-काले अंकल। आप यहां क्या कर रहे हैं? {दोनों चहकते हैं}

 

काली आकृति –क्या कर रहे हैं! आश्चर्य मेरे कारण दुनिया में इतनी मारा-मारी मची है और तुम लोग पूछ रहे हो कि यहां क्या कर रहे हो।

 

आद्या –अरे अंकल, अब ठीक से बताओ भी, इतने काले और अकड़ …काले को तो काला ही कहेंगे ना। अच्छा अपने बारे में ठीक से बताओ। यह तो मैंने भी पढ़ा कि पेट्रोल, डीज़ल, गैस इत्यादि क्रूड ऑयल से ही बनता है। लेकिन कैसे, कहां? ठीक से नहीं मालूम। अब आप बताओ। आपका जन्म स्थान कहां है, कैसे इस धरती पर आते हो और कैसे डीज़ल, पेट्रोल, गैस बन जाते हो? ज़रा ठीक से बताओ।

 

काली आकृति –ये बड़ी लम्बी दास्तान है बच्चों। कितनी पीड़ा होती है हमें है, धरती के भीतर, बाहर आने में और फिर बाहर आकर भी।

 

रूद्र –अंकल पूरी कथा सुनाओ प्लीज, बिना रुके, बिना कुछ छुपाए चटपट और झटपट।

 

काली आकृति–बताता हूं, बताता हूं, ध्यान से सुनो-बात करोड़ों साल पुरानी है।समुद्र के नीचे करोड़ों करोड़ सूक्ष्म जीव और वनस्पतियों का जमावड़ा था, जमावड़ा होता रहता था। समय के साथ ये जीव और वनस्पतियां नष्ट होती जाती थीं और समुद्र की तह में जमा होती जाती थीं। धीरे-धीरे उनके ऊपर गाद मिटटी और धूल जमती गई। चट्टानें बनती गईं और ये जीवाश्म तलछट में दबते रहे।

 

आद्या –फिर पेट्रोल कैसे बन गए ?

 

काली आकृति –अरे सुनो भी, कहानी जरा लम्बी है ना ज़रा धैर्य रखो। हां तो जब उन जीवाश्मों पर जब धरती का भारी दबाव पडा और भीतर का तापमान बढ़ा तो ये जीव/पौधे एक चिप चिपे गीले पदार्थ में परिवर्तित हो गए। यह मोम सरीखा पदार्थ केरोसिन कहलाता है और वह क्रिया जिससे यह पदार्थ बनता है, डायजे नेसिस क्रिया कहलाती है।

 

रूद्र –लेकिन ..लेकिन इतना, कितना केरोसिन कहां बनता होगा, ये तो सारी दुनिया में…..कितनी अधिक खपत है पेट्रोल, डीज़ल, गैस की। फिर केरोसिन से पेट्रोल कैसे बना।

 

काली आकृति –फिर जल्द बाजी, बेटे धीरज रखो थोड़ा। असीमित मात्रा में हमारी उपस्थति धरती के भीतर है। लाखों साल पहले जब ये सूक्ष्म पौधे प्रकाश संश्लेषण क्रिया से भोजन बनाते थे ऊर्जा पाते थे और जीवित रहते थे। छोटे छोटे करोड़ों जीव इस वनस्पति को खाकर जीवित रहते थे। इन जीवों का जीवन बहुत छोटा होता था लेकिन ये करोड़ों अरबों की मात्रा में पैदा होते मरते रहते थे। और सागर की तलहटी में डूब जाते थे। भारी दबाव और तापमान से बने केरोसिन भी केटाजेनिस क्रिया से तरल रूप में बदल जाते थे और यही तरल पदार्थ ही कच्चा तेल या क्रूड ऑयल कहलाया, मतलब हम कहलाए।

 

आद्या–लेकिन ..लेकिन यह क्रूड ऑयल, मतलब अंकल आप केरोसिन के वंशज हो, ऊपर धरती पर कैसे आते हो?

 

काली आकृति -गुरुत्वाकर्षण के कारण, धरती का दबाव नीचे की तरफ होने से, हम तरल कम दबाव की तरफ मतलब ऊपर की तरफ आना चाहते हैं लेकिन भारी चट्टानें हमें रोक लेती हैं और, और हम क्रूड ऑयल तरल के रूप में चट्टानों के बीच खाली जगह में एकत्रित होते रहते हैं। और अभी भी करोड़ों लीटर कच्चे तेल के रूप में हमारे भाई वंशज जमीन में चट्टानों के नीचे दबे पड़े हैं। कहीं-कहीं जहां चट्टानें हमारी बाधा नहीं बनतीं,  मिट्‍टी को भेदता हुआ ये तरल मतलब क्रूड ऑयल मतलब हम धरती के ऊपर बिना रोक टोक के आ जाते हैं। यथार्थ में तकनीकी भाषा में हमारे इस क्रूड ऑयल रूप को हाइड्रो कार्बन कहते हैं।

 

रूद्र-तभी तो मजा है ना,  हम लोग खूब सारा पेट्रोल भरवाकर कारों में यहां वहां घूमते हैं। जितना चाहे क्रूड ऑयल धरती से निकालो। आप तो सब जगह हैं न धरती पर-धरती के नीचे अंकल?

 

काली आकृति –अरे ना- ना- ना बच्चों। बहुत कम स्थानों पर निकलते हैं हम। वे क्षेत्र भाग्यवान हैं जहां की धरती में हमारी मौजूदगी रहती है।

 

       जिस धरती के नीचे हैं हम,

 

       लोग वहां के हैं आभारी।

 

       और हमारे कारण ही तो,

 

       लोग वहां के सब पर भारी।

 

       लोग सहेजे रखते हमको, 

 

       जैसे हम हैं मृग का छौना|

 

       काला सोना ….

 

आद्या –अरे यार अंकल आप तो फिर गाने लगे। आपने क्रूड ऑयल की बात तो बताई लेकिन ये क्रूड ऑयल पेट्रोल, डीज़ल, गैस में कैसे बदलता है ये तो बताया ही नहीं। हां अंकल एक बात और आपके वंशज आजकल सबसे ज्यादा किस क्षेत्र में उपलब्ध हैं ?

 

काली आकृति — हम तो बेताज बादशाह हैं बच्चों। जिस क्षेत्र में हम हैं तो हम ही हम हैं। वहां के लोगों की बल्ले-बल्ले है। जिस-जिस की धरती से हम निकले वह देश देखते ही देखते धनवान हो गए। अमेरिका-रूस बहुत से अरब देश, जहां-जहां हम प्रकट हुए वहां धन की कोई कमी नहीं है।

 

मेरे कारण ही दुनिया में,

 

मची हुई है बहुत लड़ाई।

 

बड़े देश छोटे देशों पर,

 

करते बम से हाथापाई।

 

मैं हूं सच में बड़ा कीमती,

 

मैं हूं अब लड्डू का दौना।

 

काला सोना………….

 

रूद्र –और हमारे अपने देश भारत में आप धरती से क्यों नहीं बाहर आते?

 

काली आकृति –बड़े नादान हो बालक, हम जब यहां धरती के नीचे होंगे तब ही तो बाहर आएंगे। लेकिन फिर भी असम, राजस्थान, गुजरात और मुंबई के पास समुद्र के नीचे से हम क्रूड ऑयल बनकर निकल रहे हैं। हमारी तेजी से खोजबीन भी हो रही है, शायद और कई स्थानों पर हम धरती में छुपे मिल जाएं। लेकिन इस देश की मांग दिन पर दिन बढ़ रही है और इतनी कम मात्रा का उत्पादन देश की आपूर्ति नहीं कर सकता आपको बाहरी देशों पर निर्भर रहना पड़ता है।

 

आद्या –ठीक है, ठीक है अब बताओ आप काले से गोरे और चमकदार मतलब पेट्रोल कैसे बने और रोज लाखों करोड़ों लीटर की मात्रा में कैसे बन जाते हो? 

 

काली आकृति –ये हुई ना काम की बात। तो सुनो बच्चों- बड़ी-बड़ी मशीनों से धरती को ड्रिल करके कई हज़ार फुट नीचे से कच्चा तेल मतलब हमें बाहर निकाला जाता है। फिर हमें सेपरेशन टेंकों में एकत्रित करते हैं। और बाद में रिफायनरी में भेज दिया जाता है।

 

रूद्र- रिफायनरी मतलब शोधन शाला ना?

 

काली आकृति –हां-हां वही जगह जहां हमारे शरीर से काम के अवयव अलग-अलग कर दिए जाते हैं। शोधन शाला में  बहुत बड़े-बड़े चेंबरनुमा संयंत्र लगे होते हैं। जिनको डिस्टिलेशन टावर कहते हैं। जिसमें हमें बहुत अधिक तापमान पर, लगभग 400 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किया जाता है। और गरमी पाकर हम भाप बनने लगते हैं। हमारे जिस-जिस अवयव का बोइलिंग पॉइंट मतलब क्वथनांक सबसे कम होता है वह जल्दी भाप बनकर चेंबर के सबसे ऊपरी भाग में एकत्रित हो जाता है उससे थोडा अधिक क्वथनांक वाला उसके नीचे और अधिक क्वथनांक वाले अवयव क्रमशःनीचे के खण्डों में एकत्रित होते रहते हैं।

 

आद्या– फिर अंकल, फिर क्या होता है?

 

काली आकृति– फिर क्या, सबसे ऊपरी भाग में हमारा एक विशेष रूप एलपीजी उसके नीचे नेप्था उसके नीचे गेसोलीन मतलब पेट्रोल फिर केरोसिन फिर और नीचे डीज़ल फिर फ्यूल आयल और अंत में सबसे नीचे बिटूमिन मतलब डामर अलग होकर एकत्रित हो जाता है। यह क्रिया चलती रहती है। और पेट्रोलियम मतलब मेरे इन उत्पादों का अलग-अलग भण्डारण कर और शुद्धिकरण एक निश्चित प्रक्रिया द्वारा बाजारों में विक्रय के लिए भेज दिया जाता है। पेट्रोल, डीजल मोबिल आयल इत्यादि पेट्रोल पम्पों पर और अन्य सामान उचित भंडारण घरों अथवा दुकानों पर भेज दिया जाता है|

 

रूद्र–अंकल हवाई जहाज वाला ईंधन इनमें कौन सा वाला है?

 

काली आकृति–अरे! सॉरी बच्चे, वैरी सॉरी, हम तो भूल ही गए केरोसिन और डीज़ल के बीच का उत्पाद ए.टी. ऍफ़. मतलब एविएशन टरबाइन फ्यूल कहलाता है, काले कलूटे हमारे रूप का नया स्वरूप -जो हवाई जहाज उड़ा देता है।

 

स्वच्छ हमारे रंग रूप से,

 

दुनिया के वाहन चल पाते।

 

हमें पेट में भर लेते जब,

 

वायुयान नभ में उड़ पाते।

 

हम हैं तो ही पहुंच सरल है,

 

लंदन, पेरिस, वार्सीलोना।

 

काला सोना ………

 

आद्या –इन्हीं गानों के चक्कर में आप काम की बात भी भूल जाते हैं। काले अंकल, ये जो डामर है जिसे आप सभ्य भाषा में बिटुमिन कहते हैं मुझे बहुत गन्दा लगता है और प्लास्टिक छी-छी …चिपचिपा सा ….

 

काली आकृति –-

 

सड़कों पर जो चम-चम करता,

 

वह डामर भी हम हैं भाई।

 

और प्लास्टिक- पॉलीथिन भी,

 

तो हमने ही है उपजाई।

 

इनकी बनी थैलियां डिब्बे,

 

बच्चों के हैं बने खिलौना।

 

रूद्र -–अरे यार फिर गाना, क्या आप गवैए हो।

 

काली आकृति –हां हां गवैया हूं गवैया। आजकल सारी दुनिया मुझे ही तो गा रही है। एक तो हमारे बिना काम नहीं चलता, हमारा अंधाधुंध उपयोग होता है और जब प्रदूषण होता है गाली भी सब हमें ही देते हैं।

 

होने लगी रोज ही अब तो,

 

घर-घर बात प्रदूषण वाली।

 

जुम्मेवारी इसकी सिर पर,

 

लोगों ने बस हम पर डाली।

 

उनकी गलती का अपने सिर,

 

दोष पड़ रहा हमको ढोना।

 

काला सोना…………...

 

आद्या –क्या बात है काले अंकल, आप क्रूड ऑयल कम और कवि ज्यादा लग रहे हैं।

 

काली आकृति –क्या कहूं यातनाएं सहते-सहते आलोचनाएं सुनते-सुनते जैसे आदमी कवि बन जाता है तो हम भी बन गए। आप लोग दस कदम पैदल नहीं चल सकते, हाथ में कपडे की या कागज़ की थैली लेकर नहीं चल सकते और प्रदूषण के लिए दोष डीज़ल का, पेट्रोल का, पॉलीथिन का और प्लास्टिक का, वाह क्या गजब की सोच है।

 

क्यों उपयोग बढाए जाते,

 

लोग हमारा हर दिन भाई।

 

पैदल दस गज चलने में ही,

 

उन्हें हो रही क्यों कठिनाई।

 

कपड़े वाली थैली हाथों,

 

में लगती क्यों भारी ढोना।

 

काला सोना …………..

 

रूद्र –क्षमा करें अंकल। हमें नहीं मालूम था कि आपको भी आम आदमियों के सेहत की इतनी चिंता है। गलतियां आदमियों से हो रहीं हैं और दोष हम कारखानों को, पेट्रोल को, डीज़ल को,पॉलीथिन को दे रहे हैं। पेट्रोलियम के लिए युद्ध हो रहे हैं, निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं, करोड़ों की संपत्ति नष्ट हो रही है और देश इसके अधिपत्य के लिए अरबों खरबों रुपयों के हथियार बना रहे हैं, बेच रहे हैं और खरीद रहे हैं।

 

अंधाधुंध दोहन धरती का,

 

धरती होती जाती खाली।

 

हुई मानसिकता लोगों की,

 

ज्यादा धन सुविधाओं वाली।

 

बढ़ते रोग अस्थमा दिल के,

 

फैला करता यहां करोना।

 

काला सोना…..

 

आद्या –रूद्र भैया इन अंकल ने तो हमारी आंखें खोल दीं। मुझे भी माफ़ करना मेरे प्रिय काले अंकल। आप काले हैं तो क्या हुआ। आप सच में काला सोना कहलाने के हकदार हैं। आप सोने के सामान कीमती हैं लेकिन आपका ह्रदय पेट्रोल सरीखा चमकदार और ऊर्जावान है।

 

हमें ही सुधरना होगा। हम बच्चों को सोचना होगा। हम ही तो हैं प्रदूषण के हरकारे।

 

{आद्या और रूद्र गाते हैं}

 

पेट्रोल, डीज़ल, पॉलीथिन,

 

घोर प्रदूषण हैं फैलाते।

 

पता नहीं क्यों नहीं नियंत्रण,

 

थोड़ा भी इन पर कर पाते।

 

आम हमे पाना है तो फिर,

 

बीज बबूलों के क्यों बोना।

 

काला सोना….

 

आद्या –रूद्र भैया क्यों न हम अपने मित्रों को भी बुलाकर काले अंकल की बातों का समर्थन कर उनका अभिनन्दन करें?

 

रूद्र –हां हां बिलकुल बहन आद्या, बिलकुल ठीक कहा तुमने। हम अपने मित्रों को अभी बुलाते हैं।

 

{तभी मंच पर चार बच्चे और आ जाते हैं}

 

फिर काली आकृति सहित सब बच्चे गाते हैं –

 

अब हम सबने सोच लिया है,

 

आसपास पैदल जाएंगे।

 

दूर-दूर जाना होगा तो,

 

ही हम वाहन ले जाएंगे।

 

अब कपडे के थैलों का ही,

 

हम उपयोग करेंगे हरदिन।

 

जीना भी अब शुरू करेंगे,

 

बिना प्लास्टिक, पॉलीथिन बिन,

 

पैदल चलने में अब हमको,

 

नहीं आएगा बिलकुल रोना।

 

काला सोना काला सोना ……..

 

{धीरे- धीरे परदा बंद होता है}

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