अमेरिका-ईरान ‘डील साइन’

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच निर्धारित समय से एक दिन पहले 18 जून को ही युद्धविराम समझौते पर दस्तखत हो गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में समझौते पर दस्तखत करने के बाद बाहर निकल कर मीडिया के सामने चिल्ला कर कहा ‘डील साइन’। ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने समझौते पर दस्तखत किया। पिछले करीब 50 साल में पहली बार अमेरिका और ईरान ने किसी समझौते पर दस्तखत किया है।

अंतरिम समझौते पर दस्तखत के समय दोनों देशों के राष्ट्रपति आमने सामने नहीं बैठे थे, बल्कि डिजिटल तरीके से जुड़े थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार की रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में युद्धविराम से जुड़े समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मौजूद थे। समझौते के दस्तावेज पर दस्तखत करने के बाद ट्रम्प वर्साय पैलेस से बाहर आए। इस दौरान किसी रिपोर्टर ने उनसे पीस डील को लेकर पूछा, तो उन्होंने चिल्लाते हुए कहा, ‘डील साइन हो गई है’। गौरतलब है कि वर्साय में पहले विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी के साथ ऐतिहासिक समझौता हुआ था।

राष्ट्रपति ट्रंप के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी ईरान से डिजिटल तरीके से दस्तखत किए। समझौते का ऐलान भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे किया गया। यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। इस समझौते के तहत ईरान और लेबनान में सैन्य अभियान खत्म किया जाएगा। साथ ही होर्मुज की खाड़ी को दोबारा खोला जाएगा और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म की जाएगी।

गौरतलब है कि इस समझौते पर 19 जून को स्विटजरलैंड में जेनेवा के पास लूसर्न शहर में दस्तखत होने थे, लेकिन निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही इस पर दस्तखत कर दिए गए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते को ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह दुनिया के लिए एक मजबूत ईरान का संदेश है। पेजेशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान वैश्विक शांति, अपनी गरिमा और स्वतंत्रता बनाए रखने के साथ साथ विकास और क्षेत्रीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

इस बीच खबर है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर दस्तखत होने के बाद होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही तेज हो गई है। सऊदी अरब के झंडे वाले तीन बड़े तेल टैंकर होर्मुज की खाड़ी से गुजरे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन सुपर टैंकरों में करीब 60 लाख बैरल कच्चा तेल भरा हुआ था। दूसरी ओर यह भी खबर है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगले 60 दिन में अमेरिका औरर ईरान के अंतिम समझौते को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ‘इजराइल टाइम्स’ के मुताबिक, नेतन्याहू दक्षिणपंथी मीडिया हस्तियों और इजराइल समर्थक अमेरिकी सांसदों के जरिए राष्ट्रपति ट्रंप पर दबाव बनाना चाहते हैं।