Market View : कच्चे तेल में नरमी और रुपये की मजबूती ने बाजार में भरा जोश, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market View : कच्चे तेल में तेज गिरावट और रुपये की मजबूती से बाजार में जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी 150 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24150 के ऊपर कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में भी 350 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी है। मिडकैप में भी रौनक है। INDIA VIX 4% फिसलकर 13 के नीचे आय गया है। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए अच्छे संकेत हैं। कच्चे तेल का भाव 73 डॉलर के नीचे फिसल गया है। इसका भाव US-ईरान वॉर से पहले वाले स्तर पर लौट आया है। इधर गिफ्ट-निफ्टी में हल्की बढ़त है। एशियाई बाजारों में रौनक है। निक्कई में 2.5 तो कॉस्पी में 5 फीसदी का उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में आइए देखते है आज निफ्टी-बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति और किन शेयरों में मिल सकता है अच्छा रिटर्न।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने इंडेक्स पर आज के लिए अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24123-24167 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24223-24289/24364 पर है। इसके लिए पहला बेस 23909-23961 पर और बड़ा बेस 23789/23817-23851 पर है। जैसा कल कहा था,23755 बचते ही बाजार में रिकवरी आई। फिर रिवर्सल में ऊपर की ओर 23968-24041 हासिल हुआ। FII की कैश में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी फ्यूचर्स में हल्के शॉर्ट्स बनें। FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर अब 2.29 लाख हो गया है। कच्चा तेल 73-74 डॉलर पर आ गया है। यह बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव है। इससे रेट सेंसिटिव शेयरों को सहारा मिल सकता है।

लॉन्ग पोजिशन में बने रहें,बेस-1 तक गिरावट में खरीदारी करें पहली रुकावट रजिस्टेंस-1 (100 DEMA)पर होगी। 100 DEMA पार होते ही 24400-24500 तक रुकावट नहीं है। इसके बाद 24400-24500 तक तेजी का रास्ता खुल सकता है। 24000-24200 पर ज्यादातर कॉल राइटर्स निकले हैं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58478-58641 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58888-59032/59241 पर है। इसके लिए पहला बेस 57641-57810 पर और बड़ा बेस 57317-57410 पर है। कल जैसा कहा था,10 DEMA तक गिरावट आई। 57100-57000 पर शानदार खरीदारी का मौका मिला। 58000 की बड़ी बाधा पार हुई। वीकली और डेली दोनों स्तरों पर ब्रेकआउट देखने को मिला। कॉल राइटर्स अब 59000 पर शिफ्ट हो गए हैं।

क्रूड में नरमी बैंक निफ्टी के लिए बड़ा पॉजिटिव है। पहली रुकावट 58478-58641 पर है। इसके ऊपर रजिस्टेंस-2 का रास्ता खुलेगा। बेस-1 तक गिरावट में खरीदारी कारगर रहेगी।

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चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors)के पंकज रांदड़। इनकी एयू बैंक के फ्यूचर्स में 1067-1068 रुपए के आसपास,1055 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 1099 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वही,अंबुजा सीमेंट फ्यूचर्स में इनकी 428.10 रुपए के आसपास,423.40 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 436.80 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ट्रम्प ने संसद से ₹8 लाख करोड़ की फंडिंग मांगी:बोले- ईरान जंग पर हुए खर्चों की भरपाई के लिए जरूरी; संसद इसके खिलाफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर यानी करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग मंजूर करने की मांग की है। इसका बड़ा हिस्सा ईरान युद्ध से जुड़े खर्चों के लिए रखा गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह रकम पिछले साल मंजूर किए गए करीब 1 ट्रिलियन डॉलर और अगले वित्तीय वर्ष के लिए मांगे गए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट से अलग है। सरकार का कहना है कि यह पैसा युद्ध से जुड़े ऑपरेशन, सेना की तैयारी, हथियारों के भंडार को फिर से भरने और सीक्रेट रक्षा कार्यक्रमों पर खर्च किया जाएगा। वहीं, संसद में इस मांग का विरोध बढ़ रहा है। मंगलवार को सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा। इससे पहले ऐसा ही प्रस्ताव लोअर हाउस भी पास कर चुकी है। चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. कच्चा तेल 70 डॉलर से नीचे आया: अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। ब्रेंट क्रूड भी गिरकर 73.50 डॉलर पर पहुंच गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली है। 2. तेल कंपनियों को ट्रम्प की धमकी: ट्रम्प ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 3. खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए मोदी को न्योता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। 4. ट्रम्प ने तेल कंपनियों पर जांच बैठाई: ट्रम्प ने अमेरिकी न्याय विभाग को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं। 5. ईरान-IAEA में परमाणु जांच पर मतभेद: IAEA का कहना है कि उसे ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच का अधिकार मिलेगा, जबकि ईरान ने कहा है कि किसी भी निरीक्षण पर फैसला अंतिम समझौते और प्रतिबंध हटने के बाद होगा। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

इकोनॉमी पर भी पड़ेगी कमजोर मानसून की मार, S&P ने कहा- घट सकती है भारत की GDP ग्रोथ

रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में भारत की GDP ग्रोथ घटकर 6.6% रह सकती है। एजेंसी का मानना है कि गैस-तेल के ऊंचे दाम, कमजोर मानसून और वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्ती का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

भारत की GDP ग्रोथ FY26 में 7.7% रही थी। वहीं FY25 में यह 7.1% थी। S&P का अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 6.6% के अनुमान के बराबर है। महंगाई के बढ़ते दबाव को देखते हुए S&P को उम्मीद है कि RBI इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

क्यों घट सकती है GDP ग्रोथ?

S&P के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण एनर्जी मार्केट दबाव में हैं। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ता है और महंगाई के जोखिम में इजाफा होता है।

एजेंसी ने यह भी कहा कि अल नीनो के असर से मानसून कमजोर पड़ा है। 22 जून तक देश में बारिश सामान्य से 43% कम दर्ज की गई थी। कमजोर मानसून का असर खेती और ग्रामीण मांग दोनों पर पड़ सकता है।

स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने राज्यों के लिए वैकल्पिक फसल योजनाएं तैयार की हैं। इनमें कम बारिश की स्थिति में होने वाली फसलों की सिफारिश की गई है।

महंगाई बढ़ने की आशंका

S&P का कहना है कि तेल का दाम बढ़ने से उद्योगों का खर्च बढ़ रहा है। सप्लाई चेन पर भी दबाव दिखाई दे रहा है। इसके अलावा उर्वरक (Fertiliser) महंगे होने से खेती की लागत बढ़ सकती है। यह फैक्टर खाद्य उत्पादन और खाद्य कीमतों दोनों पर असर डाल सकता है।

एजेंसी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की रिटेल इंफ्लेशन बढ़कर 5.1% तक पहुंच सकती है। तीसरी तिमाही में महंगाई 0.5 से 0.6 प्रतिशत अंक तक ज्यादा रह सकती है।

S&P के मुताबिक, कंपनियां तेल के बढ़े दाम का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। हाल में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी भी महंगाई बढ़ाएगी।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर क्या कहा?

अपनी रिपोर्ट ‘Economic Outlook Asia-Pacific Q3 2026: AI-Exposed Markets To Outperform’ में S&P ने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की तस्वीर तीन बड़े फैक्टर से तय होगी। इनमें वैश्विक आर्थिक गतिविधियों की मजबूती, कच्चे तेल का दबाव और AI बेस्ड टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट में तेजी शामिल है।

एजेंसी का कहना है कि फिलहाल भारत समेत पूरे क्षेत्र पर कच्चे तेल की लागत और महंगाई का दबाव बना हुआ है। इसका असर आर्थिक विकास पर पड़ सकता है।

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युद्ध थम गया फिर भी लगने वाला है महंगाई का तगड़ा झटका! और जेब ढीली करेंगी हवाई टिकटें, ये है वजह

Will Flight Tickets Get Costlier: अगर आप भी इस तपती गर्मी में पहाड़ों की सैर करने या परिवार के साथ कहीं बाहर घूमने के लिए हवाई सफर की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब का बजट बिगाड़ सकती है। उद्योग के अनुमानों और एक ताजा वैश्विक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले व्यस्त समर सीजन में हवाई टिकटों की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।

इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विमान ईंधन की सप्लाई में आ रही रुकावटें हैं। McKinsey की एक रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो हवाई किराए आसमान छू सकते हैं। आइए समझते हैं कि आपकी फ्लाइट टिकटें कितनी महंगी हो सकती हैं और इसके पीछे की पूरी गणित क्या है।

20 से 25% तक महंगी हो सकती हैं फ्लाइट टिकटें!

मैकिन्से की रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च का लगभग 30% हिस्सा अकेले विमान ईंधन (ATF) पर खर्च होता है। रिपोर्ट में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि अगर वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं, तो एयरलाइन कंपनियां इसका बोझ सीधे यात्रियों की जेब पर डालेंगी। इसके चलते आने वाले दिनों में हवाई किरायों में 20 से 25% तक की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

क्यों गहराया जेट ईंधन का संकट?

विमान ईंधन की कीमतों पर इस समय चौतरफा दबाव बना हुआ है, जिसके मुख्य कारण ये हैं:

सप्लाई और रिफाइनरी पर दबाव: वैश्विक ऊर्जा मार्गों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण व्यवधान आया है। इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र और प्रमुख एशियाई निर्यातकों जो दुनिया की कुल जेट ईंधन आपूर्ति का लगभग 40% हिस्सा संभालते हैं वहां से रिफाइनरी आउटपुट में कमी आई है।

कम स्टॉक और बढ़ती डिमांड: गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा करने वालों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने वाली है, जिससे ईंधन की मांग बढ़ रही है। इसके उलट, वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन का स्टॉक फिलहाल काफी कम है।

क्या है ‘क्रैक स्प्रेड’ और यह कैसे बढ़ा रहा है मुसीबत?

ईंधन संकट की गंभीरता को समझने के लिए ‘क्रैक स्प्रेड’ को जानना जरूरी है। यह कच्चा तेल खरीदने और उसे रिफाइंड ईंधन उत्पाद जैसे- जेट फ्यूल में बदलने के बीच के मूल्य अंतर को मापता है। आम तौर पर, ऐतिहासिक रूप से यह अंतर $20 प्रति बैरल के आसपास रहता आया है।

मैकिन्से के मुताबिक, साल 2026 में यह क्रैक स्प्रेड औसतन $50 प्रति बैरल से भी अधिक रह सकता है। यह उछाल साफ संकेत देता है कि ईंधन को रिफाइंड करने की लागत और मार्जिन बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं, जिसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ेगा।

साफ है कि आने वाले हफ्तों में विमानों का सफर सस्ता नहीं रहने वाला है। अगर आप गर्मियों की छुट्टियों में कहीं जाने का मन बना रहे हैं, तो आखिरी मिनट की बुकिंग से बचें। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस संभावित 25% तक की बढ़ोतरी से बचने के लिए टिकटों की बुकिंग जितना जल्दी हो सके, एडवांस में ही कर लें ताकि महंगे होते जेट फ्यूल का असर आपके वेकेशन के बजट पर न पड़े।

Stock Market Insight: बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके, IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं

Stock Market Insight: बाजार में निचले स्तरों से शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी नीचे से करीब 150 प्वाइंट सुधरकर 23950 के आसपास कारोबार कर रहा है। साथ ही बैंक निफ्टी में भी करीब 500 प्वाइंट का उछाल आया है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में हल्की नरमी है। AI में बड़े मौके के नंदन नीलेकणी के बयान के बाद IT शेयरों का जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी IT इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहा है। टेक महिंद्रा निफ्टी का टॉप गेनर बना है। इंफोसिस और TCS में भी खरीदारी आई है। प्राइवेट बैंक,फार्मा-हेल्थकेयर और रियल्टी शेयर भागे हैं। हालांकि मेटल,कंज्यूमर ड्यरेलबल,एनर्जी और ऑटो सेक्टर पर दबाव दिख रहा है।

बाजार: क्या कल ट्रेंड बदला?

ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि एक दिन के मूव से ट्रेंड्स नहीं बदला करते। लेकिन हमारी एक अपस्विंग कल ट्रेलिंग SL के साथ खत्म हो गई। आज बाजार के ट्रेंड का टेस्ट होगा। आज की क्लोजिंग तय करेगी कि ट्रेंड बदला या नहीं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बदलेगा। 23,750 पर निफ्टी का सबसे महत्वपूर्ण 20 DEMA है। अपट्रेंड फिर शुरू करने के लिए 23,900 के ऊपर क्लोजिंग जरूरी है। बैंक निफ्टी अभी भी अपट्रेंड में ही है। बैंक निफ्टी का 10 DEMA 56,900 पर और 20 DEMA 56,200 पर है।

इंडिया VIX कल इंट्राडे में 200 DMA के ऊपर आया। लेकिन क्लोजिंग में वापस उसके नीचे 14 पर बंद हुआ। इंडिया VIX अगर 14.5 के ऊपर सेटल हुआ तो थोड़ा निगेटिव होगा। कल काफी दिनों बाद Adv/Dec काफी खराब था। सबसे पहले इंडिकेटर यहीं से मिलेगा।

बाजारों के लिए मिलेजुले संकेत

कल हम जहां छोड़कर गए,वहां से बेहतर ग्लोबल संकेत मिल रहे हैं। सिर्फ डॉलर इंडेक्स हमारे लिए थोड़ा और निगेटिव हुआ है। US बाजार उतने नहीं गिरे जितने हम फ्यूचर्स से पचा चुके थे। एशियन मार्केट्स में खास तौर पर कोस्पी में आज बाउंस है। कोरिया को विकसित मार्केट्स में शामिल नहीं किया गया है। कल कोरिया शायद इसी लिए इतना ज्यादा गिरा था। कोरिया अगर विकसित मार्केट बनता तो हमारे लिए पॉजिटिव होता। क्योंकि ऐसे में भारत का इमर्जिंग मार्केट वेटेज काफी बढ़ जाता। खैर जो भी है,FIIs की बिकवाली काफी कम हुई है और कच्चा तेल अभी भी हमारे कम्फर्ट जोन के नीचे ही है। कल की गिरावट को अब भी हम एक मुनाफावसूली का मूव ही मानेंगे। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना था,कल लग गया। मगर फिर भी इस स्विंग में निफ्टी ने 1000 अंक दिए और बैंक निफ्टी ने तो 4,000 अंक से ज्यादा ही दिए।

टेक/AI गिरावट: और कहां हैं हम?

एशिया के टेक शेयरों में बड़ी बिकवाली का असर वॉल स्ट्रीट तक हुआ। नैस्डैक 100 इंडेस्क 1000 प्वाइंट फिसला। नैस्डैक कंपोजिट 2.2% (600 प्वाइंट) गिरा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 8% लुढ़का। स्टेट स्ट्रीट टेक्नोलॉजी ETF में 4% की गिरावट आई। बड़ी टेक कंपनियों की मार्केट वैल्यू 3 दिनों में $1 ट्रिलियन घटी। बताते चलें कि माइक्रॉन के नतीजे आज आएंगे।

टेक शेयरों में बिकवाली क्यों ?

SK Hynix के बारे में लोकल न्यूज रिपोर्ट से कॉस्पी में तेज बिकवाली आई। दिग्गज टेक कंपनियों की भारी कर्ज जुटाने की होड़ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर है। इसका बाजार पर नेगेटिव असर पड़ा।

Cerebras Systems के नतीजे

लिस्टिंग के बाद इस बड़ी चिप कंपनी के पहले नतीजे आए हैं। कंपनी ने कहा है कि 2026 में रेवेन्यू $855 मिलियन से $865 मिलियन के बीच रहना संभव (अनुमान $824 मिलियन का था) है। Q1 में कंपनी की सेल्स 94% बढ़कर $193 मिलियन (अनुमान $181 मिलियन का था) रही है। आफ्टरआवर्स में शेयर 11% फिसलकर $202 पर आ गया। इसकी लिस्टिंग प्राइस $350 थी। वहीं,IPO भाव $185 था।

IT सेक्टर में क्या करें?

भारतीय IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं है। पिछले एक साल हमने निफ्टी IT पर शॉर्ट का नजरिया रखा। बीच में आई दो रैलियों में फंसने से भी बचाया था। साफ नजरिया रखा गया था कि रैली में निकलें और शॉर्ट करें। फिलहाल स्टॉक स्पेसिफिक ही रहें। कोफोर्ज और OFSS सबसे मजबूत हैं। टाटा टेक भी मजबूत है,लेकिन अब थोड़ा महंगा है।

बाजार: फिर कहां लगाएं दांव?

बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके हैं। डॉलर का तेजी से ऊपर आना मेटल्स के लिए निगेटिव है। कल भी हमने मेटल्स को शॉर्ट साइड पर प्ले किया था। फार्मा अभी के लिए सबसे स्ट्रॉन्ग सेक्टर है। इसके अलावा जो कंपनियां फंड जुटा रही हैं, उनपर भी नजरिया बनाना जरूरी है। जहां भी फंड ग्रोथ कैपिटल के लिए जुटाया जा रहा है वहां बड़ा पॉजिटिव है। जहां सिर्फ OFS हो रहा है,वो शेयर पिट रहे हैं और कई शेयर तो OFS भाव के नीचे भी जा रहे हैं।

चुनिंदा ऑटो शेयरों में मजबूती लौटी है। अशोक लेलैंड जैसे शेयर अभी भी काफी कमजोर हैं। बैंकिंग में कल एक ब्रेक लगा लेकिन आज असली टेस्ट होगा। रिटेल और सिलेक्टिव कंजम्प्शन शेयरों में तेजी है। वोल्टास जैसे AC शेयरों में अब मुनाफावसूली आ रही है। परसों के हाई से वोल्टास 5-6% से ज्यादा गिर चुका है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,750-23,800 पर और बड़ा सपोर्ट 23,500-23,550 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। पहले से तय की गई ट्रेड आज काम नहीं करेगी। इंतजार करें फिर जरूरत के हिसाब से रणनीति बनाएं। अगर रैली फेल हुई तो अब शॉर्ट के लिए भी तैयार रहें। लेकिन अगर निफ्टी 23,750-23,800 होल्ड करे तो तेजी भी संभव है।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,200-56,500 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। बाजार में कूदने की जल्दबाजी न करें। साइडलाइंस पर रहें। हमें एक बड़ी स्विंग मिल चुकी है,अब अगली का इंतजार करेंगे।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

LPG Price Today: गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी, जानें दिल्ली, मुंबई, नोएडा समेत आपके शहर का रेट

LPG Price Today: बुधवार, 24 जून को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर रही, जबकि US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति के कारण ग्लोबल ऑयल की कीमतों में कमी आई है। बता दें कि 7 जून को हुई बढ़ोतरी के बाद से रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उस समय तेल कंपनियों (OMCs) ने 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम 29 रुपये बढ़ाए थे। इससे पहले 7 मार्च को भी सिलेंडर 60 रुपये महंगा किया गया था। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में पिछली बार करीब 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसकी वजह ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सप्लाई में आई दिक्कतें थीं।

गौरतलब है कि US-ईरान तनाव के कारण पश्चिम एशिया से एनर्जी सप्लाई प्रभावित हुई है और LPG का आयात प्रति माह 2 मिलियन टन से घटकर अप्रैल में 696,000 टन रह गया। पिछले चार महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग 79% की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि इसकी कीमत सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) पर आधारित होती है, जिसे सऊदी अरामको हर महीने की शुरुआत में तय करती है।

शहर के हिसाब से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें

शहरघरेलू LPG (14.2 किलोग्राम)कमर्शियल LPG (19 किलोग्राम)
नई दिल्ली₹942.00 (+₹29.00)₹3,113.50 (+₹42.00)
कोलकाता₹968.00 (+₹29.00)₹3,255.50 (+₹53.50)
मुंबई₹941.50 (+₹29.00)₹3,067.50 (+₹43.50)
चेन्नई₹957.50 (+₹29.00)₹3,283.00 (+₹46.00)
गुरुग्राम₹950.50 (+₹29.00)₹3,130.00 (+₹42.00)
नोएडा₹939.50 (+₹29.00)₹3,113.50 (+₹42.00)
बेंगलुरु₹944.50 (+₹29.00)₹3,198.00 (+₹46.00)
भुवनेश्वर₹968.00 (+₹29.00)₹3,290.00 (+₹52.00)
चंडीगढ़₹951.50 (+₹29.00)₹3,136.00 (+₹43.50)
हैदराबाद₹994.00 (+₹29.00)₹3,367.00 (+₹52.00)
जयपुर₹945.50 (+₹29.00)₹3,141.00 (+₹42.00)
लखनऊ₹979.50 (+₹29.00)₹3,236.00 (+₹42.00)
पटना₹1,031.50 (+₹29.00)₹3,400.00 (+₹53.50)
तिरुवनंतपुरम₹951.00 (+₹29.00)₹3,152.00 (+₹46.

US-Iran डील के बाद भारत आने वाले कितने जहाज होर्मुज से गुजरे?

पिछले हफ्ते US और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, भारत आने वाले कुल 11 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। मंगलवार को एक मीडिया ब्रीफिग में विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “17 जून को MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर होने के बाद से, भारत आने वाले 11 जहाज होर्मुज से गुजरे हैं।”

इन जहाजों में 3 भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक में 2.85 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल है। इसके अलावा विदेशी झंडे वाला एक LPG कैरियर, विदेशी झंडे वाला एक कच्चे तेल का टैंकर और विदेशी झंडे वाले छह बल्क कैरियर शामिल हैं, जिनमें उर्वरक (खाद) लदा था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय झंडे वाले 10 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं, जबकि दो हाल ही में वहां पहुंचे हैं।

क्या भारत के लिए वेस्ट एशिया से आने वाली LPG का कोई स्थायी विकल्प है?

रॉयटर्स ने इंडस्ट्री के सूत्रों के हवाले से बताया है कि जून में अमेरिका से भारत का LPG इंपोर्ट 1 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंचने वाला है, जो अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसी महीने संयुक्त अरब अमीरात से सप्लाई में सुधार हुआ है और यह 3,00,000 से 4,00,000 टन के आसपास पहुंच गई है। साथ ही, जून में OMCs को कुवैत से भी लगभग 45,000 टन LPG मिलेगी।

आपको बताते चलें कि अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से पहले, भारत अपने LPG आयात के लिए पश्चिमी एशिया पर बहुत ज्यादा निर्भर था; इसका लगभग 90% हिस्सा इसी व्यापार मार्ग से आता था।

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Trading Strategy : ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेत बाजार पर पड़े भारी, जानिए अब क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Strategy : ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत भारतीय बाजार पर भारी पड़े है। निफ्टी 200 प्वाइंट से ज्यादा फिसलकर 23900 के नीचे आ गया है। बैंक निफ्टी करीब 650 प्वाइंट गिरा है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 9% से ज्यादा चढ़कर 14 के करीब पहुंच गया है। चिप शेयरों में दबाव जारी है। नैस्डैक फ्यूचर्स 700 प्वाइंट से ज्यादा टूटा है। एशिया में कोस्पी में 10% का लोअर सर्किट लगा है। दूसरे एशियाई बाजारों में भी तेज गिरावट देखने को मिल रही है। डॉलर इंडेक्स के 101 के ऊपर निकलने से मेटल सेक्टर में तगड़ी मुनाफावसूली आई है। मेटल इंडेक्स 3.5 फीसदी टूटा है। नाल्को,हिंदुस्तान जिंक और NMDC वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। IT इंडेक्स में भी दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। साथ ही सरकारी बैंक,कंज्यूर ड्यूरेबल और कैपिटल मार्केट शेयर भी फिसले हैं। वहीं कमजोर बाजार में भी फार्मा शेयर मजबूत दिख रहे हैं।

बाजार: बड़ी गिरावट

ऐसे में बाजार में अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि भारतीय बाजारों पर ग्लोबल बाजारों की गिरावट हावी हो गई है। एशिया और US फ्यूचर्स में गिरावट का असर देखने को मिल रहा है। निफ्टी ने इंट्राडे में 23,900 तोड़ा है। बैंक निफ्टी में भी बड़ी गिरावट आई है। इंफोसिस की अगुवाई में IT में फिर गिरावट आई है। निफ्टी IT फिर 52-WEEK LOW के करीब है। आज मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट आई है। बड़ा सवाल यह है कि क्या आज ट्रेंड बदला है?

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बाजार: अब क्या?

अगर निफ्टी 23,900 के नीचे बंद हो तो बाहर हों। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना ही था। फिर भी ये वाली स्विंग काफी अच्छी रही है। आज बाजार में थोड़ी घबराहट है। हमारे मार्केट्स का इतना गिरने का लॉजिक नहीं है। कोरिया जब 50% भागा हम तो नहीं भागे। आज कोरिया 10% गिरा तो हम क्यों गिरे? कच्चा तेल अभी भी $77 के ही करीब है। आज थोड़ा एक्सपायरी का भी प्रेशर लगता है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति साझा करते हुए अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 23,800-23,850 पर और बैंक निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 57,000-57,200 पर है।

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Stock Market Recovery: दो सेक्टर की गिरावट को थाम लिया अकेले, Sensex ने निचले स्तर से की वापसी, Nifty भी ग्रीन

Stock Market Recovery: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज शुरुआती कारोबार में घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 लाल खुले। हालांकि शुरुआती गिरावट से उबरते हुए ये ग्रीन हो गए। इंट्रा-डे के निचले स्तर से सेंसेक्स प्वाइंट्स रिकवर हुआ तो निफ्टी भी एक बार फिर 24100 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर मार्केट में रौनक बनी हुई है और स्मॉलकैप स्पेस में तो अधिक ही। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से कम बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:09 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 68.59 प्वाइंट्स यानी 0.09% की मामूली बढ़त के साथ 77,162.66 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 22.95 प्वाइंट्स यानी 0.10% की तेजी के साथ 24,125.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 215.41 प्वाइंट्स टूटकर 76,878.66 तक आ गया था जिससे 313.97 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,192.6 तक पहुंचा तो निफ्टी 50 भी 62.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,040.05 तक आया था जिससे यह 95.45 प्वाइंट्स चढ़कर 24,135.50 तक पहुंच गया।

Stock Market Recovery: ये है वजह

कच्चे तेल में फिसलन

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बातचीत आगे बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। इससे कच्चा तेल का भाव आज भी नरम पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में ब्रेंट क्रूड एक समय उछलकर प्रति बैरल $120 के करीब पहुंच गया था लेकिन अब यह टूटकर $78 के भी नीचे आ चुका है।

Pharma Sector ने मार्केट को खींच लिया ऊपर

निफ्टी आईटी में डेढ़ फीसदी से अधिक और निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की गिरावट को फार्मा सेक्टर ने अकेले संभाल लिया जिसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी पीएसयू बैंक में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है लेकिन निफ्टी रियल्टी में 1% से अधिक उछाल है।

वैल्यू बाइंग

मार्केट में आज शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स की नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। India VIX फिलहाल 2.49% की गिरावट के साथ 12.52 पर है। इसके अधिक होने का मतलब आने वाले दिनों में वोलैटिलिटी के हाई होने और कम होने का मतलब वोलैटिलिटी के कम होने की संभावना है।

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उत्तराखंड के कैप्टन की मदद करेंगे विदेश मंत्री:रूस से तेल लाते समय ब्रिटेन में गिरफ्तार; 2 महीने पहले पिता का इलाज कराकर ड्यूटी जॉइन की

उत्तराखंड के नैनीताल के मर्चेंट नेवी कैप्टन अजय पंत को ब्रिटेन से सुरक्षित वापस लाने में विदेश मंत्रालय मदद करेगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मामले की पूरी रिपोर्ट मांगकर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग को हर कानूनी मदद देने के निर्देश दिए हैं। मामले को खुद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात पी. कुमारन देख रहे हैं। ब्रिटेन के अखबार ‘द गार्जियन’ के मुताबिक, ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने अजय को रूस से गैर-कानूनी तरीके से तेल लाने के आरोप में 14 जून की रात गिरफ्तार किया था। इसके बाद 16 जून को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को बॉर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में होगी। द गार्जियन के मुताबिक, इस मामले में उन्हें अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है। ब्रिटेन की सत्ताधारी लेबर पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इसे रूस के खिलाफ की गई कार्रवाई बता रहे हैं। मामले पर रूस भी नजर बनाए हुए है। कैप्टन की पत्नी रितु पंत ने 17 जून को X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री से अपने पति की रिहाई की मांग की है। अजय पंत नैनीताल के रामनगर के चिल्किया गांव रहने वाले हैं। वे छुट्टियां बिताकर 23 अप्रैल को घर से ड्यूटी पर गए थे। शुरुआत से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ? 1. 4 जून 2026- रूस से भारत के लिए रवानगी- प्रतिबंधित तेल टैंकर एमवी स्मिर्टोस (MV Smyrtos) पर रूस के उस्त-लूगा (Ust-Luga) टर्मिनल से एक लाख एक हजार 400 टन कच्चा तेल लादा गया। कैप्टन अजय पंत इस जहाज को लेकर गुजरात (भारत) के सिक्का पोर्ट के लिए रवाना हुए थे। 2. 14 जून 2026 (रविवार)– ब्रिटिश मरीन कमांडो का आधी रात को सीक्रेट ऑपरेशन- यह रूसी तेल टैंकर बिना किसी वैध राष्ट्रीय झंडे के ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र में घुस गया। दरअसल, यह जहाज पहले अफ्रीकी देश कैमरून के झंडे के तहत रजिस्टर था, लेकिन अक्टूबर 2025 से प्रतिबंधित होने के कारण जून की शुरुआत में ही कैमरून ने इसे अपनी रजिस्ट्री से बाहर कर दिया था, जिससे यह ‘बिना झंडे’ का (Stateless) हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टारर के सीधे निर्देश पर ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय और नेशनल क्राइम एजेंसी ने एक साझा सीक्रेट ऑपरेशन चलाया। आधी रात के अंधेरे में चिनूक हेलिकॉप्टर से रॉयल मरीन कमांडो रस्सियों के सहारे जहाज पर उतरे और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इसी दिन शाम को कैप्टन अजय पंत को गिरफ्तार कर लिया गया। जहाज पर भारत और जॉर्जिया के 24 क्रू मेंबर्स अभी भी मौजूद हैं और जहाज को डॉर्सेट के वेमाउथ तट के पास रोककर खड़ा किया गया है। 3. 16 जून 2026 (मंगलवार)- ब्रिटिश कोर्ट में पेशी और जमानत खारिज- कैप्टन अजय पंत को साउथेम्प्टन मजिस्ट्रेट कोर्ट में बॉर्नमाउथ पुलिस स्टेशन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। उन पर ‘रूस (प्रतिबंध) विनियम 2019 के नियम 46Z9B’ के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। दोष सिद्ध होने पर उन्हें अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। सरकारी अभियोजक वरुण चुनी ने कोर्ट को बताया कि जहाज पर करोड़ों का तेल है। वहीं बचाव पक्ष के वकील जेम्स डायमंड ने तर्क दिया कि कैप्टन केवल कंपनी के कर्मचारी हैं और वरिष्ठों का आदेश मान रहे थे। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर कैप्टन को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को बॉर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में होगी। 4. 17 जून 2026 – पत्नी ने X पर पीएम मोदी से मांगी मदद- कैप्टन की पत्नी रितु पंत को इस गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना किसी विभाग से नहीं, बल्कि ब्रिटिश मीडिया और सोशल मीडिया से मिली। रितु पंत ने 17 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि अजय पिछले 15 साल से बेदाग रिकॉर्ड के साथ काम कर रहे हैं, वे केवल नौकरी के तहत अपनी कंपनी के निर्देशों का पालन कर रहे थे, इसमें उनकी कोई व्यक्तिगत गलती नहीं है। 5. कैप्टन अजय पंत के पिता बीमार- कैप्टन अजय पंत के पिता वीसी पंत (जो खुद पेयजल निगम से सेवानिवृत्त हैं और क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं) महज डेढ़ महीने पहले ही दिल्ली के गंगाराम अस्पताल से गंभीर बीमारी को मात देकर लौटे हैं। बुजुर्ग पिता, मां दीपा पंत और दो छोटी बेटियां सदमे में हैं। अजय ही परिवार के मुख्य कमाने वाले हैं, जबकि उनका छोटा भाई अभिषेक एयरलाइंस में प्राइवेट नौकरी करता है। परिवार ने क्षेत्रीय सांसदों अनिल बलूनी और अजय भट्ट से भी मदद मांगी है। 6. उत्तराखंड सरकार ने विदेश मंत्रालय से मदद मांगी- उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि राज्य सरकार ने भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) को पत्र लिखकर कैप्टन अजय पंत की सुरक्षित रिहाई और वतन वापसी के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। दिल्ली में तैनात राज्य के क्षेत्रीय आयुक्त लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में हैं। ब्रिटेन में स्थित भारतीय उच्चायोग को कैप्टन अजय पंत तक राजनयिक पहुंच दे दी गई है ताकि उन्हें कानूनी और हर जरूरी मदद मुहैया कराई जा सके। ——————————— पढ़ें पूरी खबर… उत्तराखंड का कैप्टन ब्रिटेन में गिरफ्तार:रूस से तेल लाते वक्त पकड़ा, गुजरात लौट रहा था जहाज; पत्नी ने PM मोदी से मांगी मदद उत्तराखंड के नैनीताल के मर्चेंट नेवी कैप्टन अजय पंत को ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया है। ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने अजय को रूस से गैर-कानूनी तरीके से तेल लाने के आरोप में पकड़ा है। (पढ़ें पूरी खबर)