Hanuman Ansh: इतनी सफलता के बावजूद ऑस्कर में ‘हनुमान अंश’ नहीं कर पाई एंट्री, प्रोड्यूसर ने वजह का किया खुलासा

Hanuman Ansh: ‘मिर्जापुर’, ‘हैवान’ और ‘टॉक्सिक’ जैसी फिल्मों से कड़ी टक्कर मिलने के बावजूद ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर छाई हुई है। दर्शक फिल्म की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। इतनी लोकप्रियता के बावजूद ‘हनुमान अंश’ ऑस्कर के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री नहीं होगी। ऐसा क्यों? प्रोड्यूसर नम्रता सिंह ने इसकी वजह बताई।

बॉलीवुड हंगामा के साथ बातचीत में प्रोड्यूसर से पूछा गया कि क्या फिल्म को तेलुगु के अलावा किसी और भाषा में डब किया जाएगा। उन्होंने कहा- “नहीं।” यह पूछे जाने पर कि फिल्म ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री क्यों नहीं होगी। उन्होंने जानकारी की कमी को मुख्य कारण बताया और कहा कि वे डेडलाइन चूक गए। उन्हें सबमिशन प्रोसेस के बारे में पता नहीं था।

प्रोड्यूसर ने कहा- “हमने इसे सिर्फ तेलुगु में डब किया है। मुझे समय ही नहीं मिल रहा है! हम कल ऑस्कर सबमिशन की डेडलाइन चूक गए, क्योंकि वह आखिरी दिन था। हमें हजारों लोगों के फोन आए कि आपने फिल्म सबमिट नहीं की। लेकिन हमें इसके बारे में पता नहीं था। हम बहुत सी चीजों में व्यस्त हैं। साथ ही हमारी टीम बहुत छोटी है।”

उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमने तेलुगु में डबिंग कर ली है और फिर बाकी भाषाओं पर काम करेंगे। हम फिल्म को सुलभ बनाने पर भी काम कर रहे हैं ताकि अलग-अलग क्षमताओं वाले लोग भी इसे देख सकें।

हनुमान अंश के बारे में

‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफ़िस पर शुरुआत धीमी रही और पहले दिन इसने सिर्फ 10 लाख रुपये कमाए। शुरुआती दो हफ्ते भी कुछ खास नहीं रहे और फ़िल्म ने कुल मिलाकर सिर्फ 1.48 करोड़ रुपये (नेट) कमाए। हालांकि लोगों के बीच फिल्म की तारीफ होने के बाद इसकी किस्मत बदल गई।

16वें दिन फ़िल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल आया, जिससे आने वाले हफ्तों में इसकी मजबूत दौड़ का रास्ता साफ हो गया। फिल्म ने तीसरे, चौथे और पांचवें हफ्ते में रिकॉर्ड कमाई की। चौथे वीक में 61 करोड़ रुपये और पांचवें वीक में 90 करोड़ रुपये कमाए। इसकी रफ्तार छठे वीकेंड में भी बनी रही और फिल्म ने शुक्रवार को—जो सिनेमाघरों में इसका 36वां दिन था—10.50 करोड़ रुपये (नेट) कमाए। इसके साथ ही, भारत में इसकी कुल नेट कमाई 174 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

‘हनुमान अंश’ का निर्देशन और निर्माण विशाल चतुर्वेदी ने अपने बैनर, स्वयंभू मीडिया नेटवर्क के तहत किया था। यह फिल्म उनकी किताब पर आधारित है।

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ के बाद स्टार सिंगर बने सुनील लोधी, फ्लाइट में फैंस की फरमाइश पर गाया भजन, वायरल हुआ वीडियो

Sunil Lodhi: फिल्म ‘हनुमान अंश’ की कहानी, कास्ट, भजन से लेकर हर छोटी चीज की दर्शक जमकर तारीफ कर रहे हैं। 2 करोड़ के बजट में तैयार हुई ये फिल्म 2026 की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर बन गई है। इंडियन बॉक्स ऑफिस पर इसने 5 हफ्ते में 90 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया है। रिलीज के महीनेभर बाद भी सिनेमाघरों में इसके शो हाउसफुल चल रहे हैं। फिल्म की पॉपुलैरिटी के साथ-साथ इससे जुड़े कलाकार भी स्टार बन गए हैं। सोशल मीडिया पर ‘हनुमान अंश’ के सिंगर का एक लेटेस्ट वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह फ्लाइट में ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ भजन गाते नजर आ रहे हैं।

सुनील लोधी ने फ्लाइट में गाया भजन

वायरल हुए इस लेटेस्ट वीडियो में आप सुनील लोधी को एक फ्लाइट के अंदर देख सकते हैं। यात्रियों ने फिल्म के हिट भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ के गायक सुनील लोधी को जैसे ही देखा घेर लिया। फ्लाइट में अलग ही नजारा देखने को मिला। लोगों के उनसे रिक्वेस्ट की और उन्होंने जैसे ही गाना शुरू किया तो पूरी फ्लाइट का माहौल भक्तिमय नजर आया।

फ्लाइट में गूंजी ‘हनुमान अंश’ की धुन

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में सिंगर सुनील लोधी भोपाल से मुंबई की फ्लाइट में सवार हैं। जैसे ही वहां मौजूद यात्रियों ने उन्हें देखा तो उनसे भजन गाने के लिए कहने लगे। सुनील की आवाज सुनाते ही वहां लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। हर कोई हिट भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ सुनकर खुश हो गया। ऐसे में सिंगर सुनील ने भी किसी को निराश नहीं किया और बिना आनाकानी किए गाना शुरू कर दिया। अब सोशल मीडिया पर यह खूबसूरत पल लोगों का दिल जीत रहा है।

लता मंगेशकर के गाने सुन सुनील लोधी ने सिखा संगीत

हाल ही में दूरदर्शन को सुनील ने इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने बताया कि उन्हें कभी कोई फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं मिली है। न ही उनका कोई म्यूजिक टीचर रहा है। सुनील ने कहा कि लता मंगेशकर के गाने सुनने और फिर अपने गांव के कार्यक्रमों में भजन गानकर उन्होंने थोड़ा बहुत सीख लिया। संगीत उन्हें क्लासरूम में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में मिला है। बता दें कि हनुमान अंश फिल्म 11 सितंबर को विदेश में भी रिलीज हो चुकी है।

Hanuman Ansh advance booking worldwide: ‘हनुमान अंश’ ने दुनिया भर में की धमाकेदार शुरुआत की, प्री-सेल्स में कमाए इतने करोड़

Hanuman Ansh advance booking worldwide: ‘हनुमान अंश’ अब सिर्फ देश में मिली सफलता तक ही सीमित नहीं है। नीम करौली बाबा पर बनी यह बायोपिक अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी, जिससे भारत के बाहर के दर्शकों को बड़े पर्दे पर यह आध्यात्मिक ड्रामा देखने का मौका मिलेगा। यह फिल्म 11 सितंबर, 2026 को दुनिया भर में रिलीज होने वाली है और होम्बले फिल्म्स ने होम्बले ओवरसीज के जरिए इसके अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन की घोषणा की है। फिल्म के अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने के साथ ही अब सबकी नजरें इसकी विदेशी एडवांस बुकिंग पर टिकी हैं। यह देखा जा रहा है कि क्या दर्शकों की वही उत्सुकता भारत के बाहर भी टिकट बिक्री में बदल पाएगी।

‘हनुमान अंश’ की विदेशी एडवांस बुकिंग

‘हनुमान अंश’ की विदेशी रिलीज फिल्म की यात्रा के एक दिलचस्प मोड़ पर हो रही है। शोभिनव सत्या स्टारर इस फ़िल्म ने 7 अगस्त 2026 को भारत में सिनेमाघरों का सफर शुरू किया था और शुरुआत में इसे बहुत ज्यादा चर्चा नहीं मिली थी। हालांकि लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया (वर्ड ऑफ़ माउथ) की वजह से फ़िल्म ने आने वाले हफ़्तों में रफ़्तार पकड़ी और साल की सबसे बड़ी सरप्राइज़ हिट फ़िल्मों में से एक बन गई।

‘हनुमान अंश’ ने 11 सितंबर, 2026 को होने वाली विदेशी रिलीज से पहले ही नॉर्थ अमेरिका में $150+ (और यह संख्या बढ़ रही है) की एडवांस प्री-सेल्स दर्ज की है। यह फ़िल्म नॉर्थ अमेरिका के सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी और होम्बले फ़िल्म्स इसके विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभालेगी। मज़बूत प्री-सेल्स फ़िल्म की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में एंट्री का संकेत देती हैं, जहाँ इसे चुनिंदा जगहों पर रिलीज़ किया जाएगा। नॉर्थ अमेरिका से मिले अच्छे एडवांस रिस्पॉन्स ने नीम करौली बाबा बायोपिक की ग्लोबल थिएट्रिकल रिलीज़ से पहले इसके लिए उत्साह और बढ़ा दिया है।

‘हनुमान अंश’ 11 सितंबर, 2026 से कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रिलीज हो रही है।

USA

नॉर्थ अमेरिका

यूनाइटेड किंगडम

दुबई

कनाडा

मॉरिशस

हॉंगकॉंग

फ़िलीपींस

सिंगापुर

न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया 1 सितंबर, 2026 को एक्सक्लूसिव प्रीमियर।

बता दें कि होम्बले ओवरसीज़ अंतरराष्ट्रीय रिलीज का काम संभाल रही है और अलग-अलग बाज़ारों में स्थानीय पार्टनर भी शामिल हैं।

भारत में सफलता के बाद ‘हनुमान अंश’ की ज़बरदस्त ग्लोबल एंट्री

‘हनुमान अंश’ अपनी ग्लोबल थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए 11 सितंबर, 2026 को तैयार है। फ़िल्म के अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन का काम बड़े प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन बैनर ‘होम्बले फ़िल्म्स’ द्वारा संभाला जा रहा है। इंटरनेशनल रिलीज़ उस फ़िल्म के लिए एक अहम कदम है, जिसके बारे में शुरू में यह उम्मीद नहीं थी कि वह सिनेमाघरों में बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी।

भारत में इसकी सफलता ने इस सोच को बदल दिया है, क्योंकि रिलीज़ के एक महीने बाद भी यह फ़िल्म दर्शकों को अपनी ओर खींच रही है। Sacnilk के अनुसार, अब तक ‘हनुमान अंश’ ने भारत में लगभग ₹156.02 करोड़ की नेट कमाई की है। ‘हनुमान अंश’ को हाल के सालों की सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने वाली हिंदी फ़िल्मों में से एक माना जा रहा है, क्योंकि इसकी बताई गई प्रोडक्शन कॉस्ट और बॉक्स ऑफ़िस की कमाई के बीच बहुत बड़ा अंतर है।

नीम करौली बाबा की बायोपिक की नज़र विदेशी दर्शकों पर

विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन और शोभिनव सत्या की मुख्य भूमिका वाली ‘हनुमान अंश’ आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा की कहानी बताती है। बड़े पर्दे तक इस फ़िल्म का सफ़र भी अनोखा रहा है। प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर, जो इस प्रोजेक्ट पर काम करते समय सिर्फ़ 21 साल की थीं, शुरू में एप्पल के को-फ़ाउंडर स्टीव जॉब्स पर आध्यात्मिक प्रभाव के बारे में अपनी रिसर्च के ज़रिए नीम करौली बाबा की ओर आकर्षित हुई थीं।

फ़िल्म की इंटरनेशनल रिलीज़ अब इस कहानी को बहुत बड़े दर्शकों तक पहुंचा सकती है, खासकर विदेशों में रहने वाले भारतीयों और नीम करौली बाबा के अनुयायियों तक। भारत में बॉक्स ऑफ़िस पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के बाद, अब ध्यान इस बात पर है कि ‘हनुमान अंश’ इंटरनेशनल मार्केट में कैसा प्रदर्शन करती है। एक छोटे स्तर के प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई इस फ़िल्म का, एक साधारण थिएट्रिकल रिलीज़ से ग्लोबल रिलीज़ तक का सफ़र निश्चित रूप से एक अप्रत्याशित मोड़ है।

Hanuman Ansh Box Office: 34वें दिन भी हनुमान अंश की आंधी, बुधवार को मनाया मंगल! इतने करोड़ पर पहुंची नीम करौली बाबा की फिल्म

Hanuman Ansh Box Office: बॉक्स ऑफिस पर नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर बनी मूवी हनुमान अंश का जादुई और चमत्कारिक सफर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बेहद सीमित बजट में तैयार हुई यह फिल्म अब कोई छोटी-मोटी रिलीज नहीं रह गई है बल्कि सिनेमाघरों में 100 करोड़ रुपये का विशाल आंकड़ा पार कर 2026 की सबसे बड़ी सरप्राइज ब्लॉकबस्टर साबित हो चुकी है। यह फिल्म हर दिन कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है और 34वें दिन यानी अपने 5वें बुधवार को भी इसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार ‘मंगल’ मनाते हुए तगड़ी कमाई दर्ज की है।

टिकट खिड़की पर 34वें दिन आया बड़ा उछाल

Sacnilk की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक रिलीज के 34वें दिन हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 3.73 करोड़ रुपये की सॉलिड कमाई कर ली है। जैसे-जैसे दिन और रात के शो आगे बढ़ेंगे, ये आंकड़ा अभी और बढ़ेगा। इस फिल्म की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिलीज के पांचवें हफ्ते में एंट्री के बाद भी देश भर में इसके 5200+ शो चल रहे हैं।

आपको बता दें कि बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म की शुरुआत बेहद धीमी रही थी। पहले हफ्ते में फिल्म महज 1.08 करोड़ रुपये का बिजनेस ही कर सकी थी, जबकि दूसरे हफ्ते में इसने अपनी झोली में सिर्फ 40 लाख रुपये जोड़े। लेकिन असली चमत्कार तीसरे हफ्ते से शुरू हुआ, जब दर्शकों की जबर्दस्त माउथ-ऑफ-पब्लिसिटी के दम पर फिल्म के कलेक्शन में अभूतपूर्व उछाल आया। अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन 146.61 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, वहीं इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 173.26 करोड़ रुपये हो चुका है।

तरण आदर्श ने बताया 2026 की सबसे बड़ी सक्सेस

विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अभिनेता शोभिनव सत्या ने नीम करौली बाबा की मुख्य भूमिका निभाई है। कम बजट की इस फिल्म ने सिनेमाप्रेमियों की उम्मीदों से कहीं बढ़कर प्रदर्शन किया है। मशहूर फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने हनुमान अंश की इस ऐतिहासिक सफलता को 2026 की सबसे बड़ी सफलता बताया है।

इसके राइटर और डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी हैं। यह फिल्म महाराज जी के नाम से प्रसिद्ध नीब करोरी बाबा के जीवन, विनम्रता और उनके प्रेम से भरे संदेशों पर आधारित है। भक्त जिन्हें भगवान हनुमान का अवतार मानते हैं, उनकी सीख को बड़े पर्दे पर बेहद सादगी से उकेरा गया है।

अब 11 सितंबर से विदेशों में तहलका मचाने की तैयारी

भारत में झंडे गाड़ने के बाद अब यह फिल्म ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। हनुमान अंश को आगामी 11 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओवरसीज सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, जिसके बाद इसके वर्ल्डवाइड आंकड़े और भी नए कीर्तिमान रचने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

गरबा में अगर मुस्लिम आएं… VHP के बैन के फरमान के बीच अमृता फडणवीस ने बिल्कुल अलग ही बात कह दी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा है कि त्योहार सभी के लिए होते हैं और अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति भी इसमें शामिल होता है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) की उस मांग का समर्थन किया है, जिसमें मुस्लिमों को नवरात्रि के कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकने की बात कही गई है।

बता दें कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने पिछले हफ्ते कहा था कि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि उत्सव के दौरान राज्य में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

वहीं, राज्य के मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को VHP के इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, उन्हें हिंदू धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होना चाहिए।

राणे की टिप्पणियों के बारे में सवाल पूछे जाने पर, अमृता फडणवीस ने कहा कि उनका मानना ​​है कि इस त्योहार में सभी को शामिल होना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति भी वहां आता है और त्योहार का ठीक से आनंद लेता है, तो मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता।”

वहीं, VHP ने आयोजकों के लिए “गाइडलाइंस” जारी की हैं, ताकि नवरात्रि के ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ कार्यक्रमों में शामिल होने वालों की पहचान की पुष्टि की जा सके। इसके लिए उनके आधार कार्ड की जांच करने और उनके माथे पर ‘तिलक’ लगाने को कहा गया है।

राणे ने आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान “लव जिहाद” के मामले बढ़ जाते हैं और कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने वालों की पहचान की जांच होनी चाहिए और उन्हें अंदर जाने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

बता दें कि ‘लव जिहाद’ एक ऐसा शब्द है, जिसका इस्तेमाल दक्षिणपंथी कार्यकर्ता अक्सर इस आरोप के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष महिलाओं, खासकर हिंदू महिलाओं, को प्रेम संबंधों में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करने की कोशिश करते हैं।

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नीम करौली बाबा पर बनी मूवी हनुमान अंश देखने के बाद प्रीति जिंटा को कैसा फील हुआ?

‘हनुमान अंश’ की चर्चा अब आम दर्शकों से निकलकर बॉलीवुड सितारों तक पहुंच गई है। फिल्म देखने के बाद अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने इसकी जमकर तारीफ की। थिएटर में फिल्म देखते हुए उन्होंने अपनी एक झलक भी सोशल मीडिया पर शेयर की और पोस्ट के साथ ‘सिया राम’ और ‘Wow’ लिखा।

इसके बाद प्रीति ने एक और पोस्ट करते हुए अपने फैंस से फिल्म को सिनेमाघरों में देखने की अपील की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इसे मिस नहीं करना चाहिए।

शुरुआत में धीमी थी रफ्तार

‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज के शुरुआती दो हफ्तों में फिल्म की कमाई कुछ खास नहीं रही। ऐसा लग रहा था कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा लंबा सफर तय नहीं कर पाएगी। लेकिन तीसरे हफ्ते में कहानी ने अचानक करवट ली। नीम करोली बाबा के अनुयायियों के बीच फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ी और पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ ने दर्शकों को थिएटर तक पहुंचाना शुरू कर दिया।

अब 170 करोड़ के पार पहुंची फिल्म

धीरे-धीरे बढ़ती लोकप्रियता का असर फिल्म की कमाई पर भी नजर आया। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ भारत में 170 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है। फिल्म की इस अप्रत्याशित सफलता ने इसे 2026 की सरप्राइज हिट्स में शामिल कर दिया है।

प्रीति से पहले वरुण धवन भी कर चुके हैं तारीफ

प्रीति जिंटा पहली बॉलीवुड हस्ती नहीं हैं, जिन्होंने फिल्म को पसंद किया है। इससे पहले वरुण धवन भी अपनी मां के साथ थिएटर में ‘हनुमान अंश’ देखने पहुंचे थे। फिल्म देखने के बाद वरुण ने लोगों से इसे थिएटर में देखने की अपील की थी। उन्होंने इसे अपने लिए एक बेहद खास और आध्यात्मिक अनुभव बताया था। वरुण ने यह भी बताया था कि बचपन से ही उनका भगवान हनुमान से एक खास जुड़ाव रहा है और इसी वजह से फिल्म ने उन्हें काफी प्रभावित किया।

आदित्य धर ने भी बढ़ाया फिल्म का हौसला

फिल्म की तारीफ करने वालों में निर्देशक आदित्य धर का नाम भी शामिल है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए ‘हनुमान अंश’ के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया। लगातार मिल रहे ऐसे रिएक्शन से फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ती दिखाई दे रही है।

नीम करोली बाबा के किरदार में दिखे शोभिनव सत्य

‘हनुमान अंश’ का निर्देशन और निर्माण डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने किया है। फिल्म में शोभिनव सत्य ने नीम करोली बाबा की भूमिका निभाई है। यह उनका बॉलीवुड डेब्यू भी बताया गया है। फिल्म में चंदन आनंद, निखिल दुबे, उदयसिंह राजपूत, पूर्णिमा तिवारी और मनीष चौधरी भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से भी हुई टीम की मुलाकात

फिल्म की सफलता के बीच इसकी टीम ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की। इस दौरान टीम ने उन्हें फिल्म के कुछ महत्वपूर्ण अंश दिखाए। इन दृश्यों में गुरु गोरखनाथ जी से जुड़े पवित्र मंत्रों और नाथ परंपरा से संबंधित प्रसंग शामिल थे।

एक फिल्म, जिसने धीरे-धीरे बना लिया अपना दर्शक वर्ग

‘हनुमान अंश’ की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि फिल्म ने शुरुआत में भले ही धीमी रफ्तार पकड़ी हो, लेकिन बाद में दर्शकों की जुबानी चर्चा ने इसकी तस्वीर बदल दी। अब प्रीति जिंटा जैसे सितारों की तारीफ और बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत प्रदर्शन ने फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है।

Hanuman Ansh Movie: ‘हनुमान अंश’ का शो किया रद्द तो मुंबई का मशहूर Gaiety Galaxy थिएटर पर पड़ गया ताला? सामने आई बंदी की पूरी कहानी

PoK Bandh: पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बगावत! फुल शटडाउन और खाली पड़ीं सड़कें, क्यों सुलग रहा है ये इलाका?

PoK Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के लोगों ने शहबाज शरीफ की सरकार के अत्याचार के खिलाफ अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। PoK में बुधवार (9 सितंबर) को एक बार फिर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के ऐलान पर पूरे क्षेत्र में शटर-डाउन और व्हील-जाम हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। कई इलाकों में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। जबकि सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

JAAC लंबे समय से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की सरकार और इस्लामाबाद की नीतियों के खिलाफ आंदोलन चला रही है। संगठन में व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, छात्र, वकील और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हैं। आंदोलन अब केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा। बल्कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व, स्थानीय शासन और पाकिस्तान के कथित हस्तक्षेप जैसे मुद्दे भी इसके केंद्र में आ गए हैं।

12 आरक्षित सीटों को खत्म करने की मांग

JAAC की प्रमुख मांगों में क्षेत्रीय विधानसभा में पाकिस्तान में बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि इन सीटों की वजह से स्थानीय आबादी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का संतुलन प्रभावित होता है और पाकिस्तान समर्थित राजनीतिक प्रभाव को बढ़ावा मिलता है। यह मुद्दा हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान भी काफी विवादित रहा। चुनाव हिंसा, सुरक्षा प्रतिबंधों और JAAC के बहिष्कार के बीच हुए। कुछ क्षेत्रों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण मतदान भी टालना पड़ा।

आंदोलन के केंद्र में ये मुद्दे

PoK में विरोध का एक बड़ा कारण आर्थिक समस्याएं भी हैं। प्रदर्शनकारी बिजली की दरों, खाद्य एवं गेहूं सब्सिडी, रोजगार, महंगाई और सरकारी सुविधाओं को लेकर लंबे समय से नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। इससे पहले भी क्षेत्र में बिजली और गेहूं की कीमतों को लेकर बड़े आंदोलन हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप रहा है कि आम जनता आर्थिक दबाव झेल रही है, जबकि राजनीतिक और प्रशासनिक वर्ग को विशेष सुविधाएं हासिल हैं।

पाक सरकार ने JAAC पर लगाया बैन

आंदोलन बढ़ने के डर से पाकिस्तान-प्रशासित क्षेत्र की सरकार ने JAAC पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया है। सरकार ने इसके पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया। हालांकि, संगठन के नेताओं और समर्थकों ने सरकार के इस कदम को विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बताया। पिछले कुछ महीनों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन घटनाओं में मौत और घायल होने की खबरों ने तनाव को और बढ़ाया है। कई इलाकों में आवाजाही और संचार पर भी प्रतिबंध लगाए गए।

इन इलाकों में बंद का व्यापक असर

बुधवार के बंद का असर PoK के कई हिस्सों में दिखाई दिया। खासतौर पर भिंबर, मीरपुर, रावलाकोट, मुजफ्फराबाद और नीलम घाटी समेत प्रमुख क्षेत्रों में बाजार बंद रहे। इस दौरान परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। कई जगह प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। लोगों ने अपनी मांगों के समर्थन में पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ नारे लगाए। JAAC का कहना है कि जब तक उसकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

नई सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

PoK में यह विरोध ऐसे समय में हो रहा है जब हालिया विधानसभा चुनावों के बाद पाकिस्तान की सत्तारूढ़ तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (PML-N) ने करीब एक दशक बाद क्षेत्र में सत्ता में वापसी की है। ऐसे में JAAC का आंदोलन नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। एक ओर सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

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वहीं, दूसरी ओर प्रदर्शनकारी राजनीतिक अधिकारों, आर्थिक राहत और स्थानीय मामलों में अधिक आजादी की मांग पर पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि सरकार और JAAC के बीच बातचीत का रास्ता नहीं निकलता है, तो टकराव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। आपको बता दें कि पीओके में पिछले कई महीनों से हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।

स्टीव जॉब्स पर लेख फिर नीम करौली बाबा की कृपा… 21 साल की अनुप्रिया नागर और हनुमान अंश मूवी के चमत्कार की असल कहानी तो ये निकली

‘हनुमान अंश’ की सफलता ने 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नगर को रातोंरात चर्चा में ला दिया है। दिलचस्प बात यह है कि फिल्मों में आने का उनका कोई सपना या प्लान नहीं था। उनकी कहानी एक ऐसी जानकारी से शुरू हुई, जिसने उनकी दिलचस्पी को पूरी तरह बदल दिया। Economics की पढ़ाई के दौरान Steve Jobs से जुड़ी एक बात ने उन्हें भारतीय आध्यात्मिक दुनिया को करीब से समझने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे यही जिज्ञासा रिसर्च में बदली और फिर एक फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। आज उनकी फिल्म दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बना चुकी है और बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन कर रही है।

Economics पढ़ रही थीं, विदेश में नौकरी भी तय थी

अनुप्रिया ने ब्रिटेन से Economics की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका इरादा स्विट्जरलैंड जाकर आर्ट इंडस्ट्री में काम करने का था। यानी उस वक्त फिल्मों का निर्माण उनके करियर प्लान में कहीं नहीं था। लेकिन पढ़ाई के आखिरी साल में उन्होंने टेक्नोलॉजी कंपनियों के संस्थापकों और उनके आइडिया को लेकर रिसर्च शुरू की। इसी दौरान उन्हें Steve Jobs और उत्तराखंड के कैंची धाम से जुड़ी एक जानकारी मिली।

Steve Jobs और नीम करोली बाबा के कनेक्शन ने खींचा ध्यान

रिसर्च के दौरान अनुप्रिया को पता चला कि Steve Jobs का संबंध नीम करोली बाबा से रहा था और वह कैंची धाम भी गए थे। एक अमेरिकी टेक दिग्गज की कहानी में एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु का जिक्र अनुप्रिया के लिए बेहद दिलचस्प था। इसके बाद उनकी जिज्ञासा बढ़ती गई। उन्होंने नीम करोली बाबा के जीवन, विचारों और उनके प्रभाव के बारे में विस्तार से पढ़ना शुरू किया। धीरे-धीरे यह रिसर्च उनके लिए सिर्फ एक जानकारी जुटाने का काम नहीं रहा।

पहले किताब और कॉमिक का आया था ख्याल

अनुप्रिया ने सोचा था कि उनकी यह रिसर्च आगे चलकर किसी किताब या कॉमिक का रूप ले सकती है। लेकिन भारत लौटने के बाद उनकी मुलाकात फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी से हुई। चतुर्वेदी पहले से ही नीम करोली बाबा पर आधारित एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। यह मुलाकात अनुप्रिया के लिए एक ऐसा मोड़ साबित हुई, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की थी। इसी जुड़ाव के बाद वह फिल्म निर्माण की ओर बढ़ीं और ‘हनुमान अंश’ का हिस्सा बन गईं।

21 साल की उम्र में फिल्म प्रोड्यूस करना बना बड़ी चुनौती

अनुप्रिया के लिए फिल्म बनाना आसान रास्ता नहीं था। उनके पास पहले से फिल्म इंडस्ट्री का अनुभव नहीं था और न ही उन्होंने इसे अपना करियर बनाने की योजना बनाई थी। इसके बावजूद उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर भरोसा किया। सबसे खास बात यह रही कि फिल्म को लेकर उनका फोकस सिर्फ कमाई पर नहीं था। उनके मुताबिक, इस कहानी को दर्शकों तक पहुंचाना उनके लिए बॉक्स ऑफिस आंकड़ों से ज्यादा महत्वपूर्ण था।

कमाई ने चौंकाया, 27 दिन में 61 करोड़ का कलेक्शन

‘हनुमान अंश’ अब इस साल की सरप्राइज बॉक्स ऑफिस सफलताओं में शामिल हो चुकी है। फिल्म ने रिलीज के 27 दिनों में भारत में 61 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। फिल्म की इस कामयाबी ने अनुप्रिया को भी चर्चा में ला दिया है। जिस प्रोजेक्ट की शुरुआत एक जिज्ञासा और रिसर्च से हुई थी, वही अब सिनेमाघरों में दर्शकों का ध्यान खींच रहा है।

कला के माहौल में पली-बढ़ीं अनुप्रिया

अनुप्रिया का कला से रिश्ता नया नहीं है। वह ऐसे परिवार से आती हैं जहां कला और कलाकारों का हमेशा से खास स्थान रहा है। उनके परिवार में आर्ट कलेक्शन का माहौल रहा, जिसकी वजह से बचपन से ही उनका जुड़ाव रचनात्मक दुनिया से रहा। यही माहौल शायद उनके भीतर कहानी और कला को लेकर दिलचस्पी पैदा करने में मददगार रहा।

परिवार भी पहले हुआ हैरान, फिर बढ़ाया हौसला

जब अनुप्रिया ने अपने पारंपरिक करियर रास्ते को छोड़कर फिल्म बनाने का फैसला किया, तो उनके पिता भी शुरुआत में हैरान हुए थे। लेकिन जब परिवार को फिल्म के विषय और उसके पीछे की सोच के बारे में पता चला, तो उनका समर्थन बढ़ता गया।

अब ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद परिवार का भरोसा और भी मजबूत हुआ है। अनुप्रिया की कहानी इस बात की मिसाल बन गई है कि कभी-कभी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ किसी तय योजना से नहीं, बल्कि एक छोटी सी जिज्ञासा से आता है।

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ओडिशा के जंगल में मिले 5 विदेशी ओरंगुटान: वन विभाग ने किया रेस्क्यू, आखिर भारत कैसे पहुंचे ये जीव?

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Orangutans found in Balasore

ओडिशा के बालासोर के बिचित्रपुर जंगल में 5 ओरंगुटान मिलने से लोगों में हलचल मच गई। इनमें 2 मादा और 3 नर हैं। इन सभी की उम्र एक साल से कम है। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम पहुंची और सभी को रेस्क्यू कर लिया। ALSO READ: क्‍यों नहीं हटे उज्‍जैन के खड़े हनुमान, चमत्‍कार या कुछ और, क्‍या है रील्‍स और वीडियो की हकीकत?

 

ये ओरांगउटान भोगराई ब्लॉक के बडापाली गांव के पास मिले थे। वे छोटे थे और ज्यादा हिल-डुल नहीं रहे थे, लेकिन सक्रिय थे। उन्हें खाने के लिए भोजन दिया गया। रेस्क्यू किए गए जानवरों की विस्तृत जांच की जा रही है।

 

अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ये जानवर कहां से आए और बालासोर कैसे पहुंचे। बताया जा रहा है कि इनका प्राकृतिक निवास उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Tropical Rainforests) होता है, इसलिए वे खुद चलकर या प्राकृतिक रूप से यहां नहीं आ सकते। ALSO READ: मालदा में गंगा का रौद्र रूप, 150 साल पुराना शिव मंदिर नदी में समाया; 62 गांव पानी में डूबे

प्रशासन की लोगों से अपील

इन विदेशी जानवरों को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो रही है। हालांकि प्रशासन ने लोगों से जानवरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।

 

कहां पाए जाते हैं ओरंगटान?

ओरंगुटान इंडोनेशिया और मलेशिया के मूल निवासी 'ग्रेट एप' हैं, जो अपनी बुद्धिमत्ता और लाल-भूरे बालों के लिए जाने जाते हैं। भारत में ओरंगुटान की कोई मूल आबादी नहीं है। ओडिशा के तटीय जंगल में उनका दिखना काफी असामान्य है।

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उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए खड़े हनुमान जी की प्रतिमा हटाने की तमाम कोशिशें विफल रही हैं। श्रद्धालु और हिंदूवादी संगठन विरोध पर उतर आए हैं और प्रशासन को आगाह किया है।