Rahu Dhanishtha Nakshatra Gochar: धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर से राहु बनाएंगे अंगारक योग, जानें किन राशियों के लिए लकी होगा यह समय

Rahu Dhanishtha Nakshatra Gochar: ज्योतिष शास्त्र में राहु को भ्रम व आवेग का कारक माना जाता है। यह छाया ग्रह इस समय कुंभ राशि में गोचर कर रहा है और आने वाले 30 जून को मंगल के नक्षत्र धनिष्ठा में गोचर करने जा रहा है। राहु इस नक्षत्र में 5 दिसंबर 2026 तक रहेगा। राहु इस दौरान कुंभ राशि के अंतर्गत धनिष्ठा नक्षत्र के चौथे और तीसरे पद से होकर गुजरेगा। मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और क्रोध का कारक माना जाता है। इन दोनों ग्रहों की ऊर्जा का मिलन ज्येतिष शास्त्र बहुत शुभ नहीं माना जाता है। इन दोनों की युति से बनने वाले अंगारक योग को एक बेहद उग्र और चुनौतीपूर्ण योग माना जाता है, जो जीवन में तनाव, अचानक होने वाली घटनाओं और आक्रामकता को बढ़ाता है। इन दोनों का मिलन अक्सर गुस्से, जल्दबाजी में गलत फैसले, और जोखिम भरी स्थितियों का कारण बनता है। ज्योतिष जानकारों के अनुसार, राहु के धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर करने से एक तरह का छोटा अंगारक योग बनेगा। कई राशियों के लिए यह दिक्कत देने वाला रहेगा और कई राशियों के लिए अच्छा रहेगा।

अंगारक योग क्या है?

जब मंगल और राहु सीधे या किसी विशेष परिस्थिति में मिलते हैं, तो अंगारक योग बनता है। यह योग सेहत के लिहाज से और मानसिक तौर पर जातक को परेशान कर सकता है।

तीन राशियों के लिए लकी होगा अंगारक योग

मेष राशि : मंगल और राहु का नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए अच्छा रहेगा। आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ को लेकर थोड़ी परेशानी है और आर्थिक तौर पर आपको आय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कन्या राशि : कन्या राशि के लोगों के लिए मंगल और राहु की युति अच्छे नतीजे लाएगी। इस राशि के लोग आगे बढ़ेंगे। एक के बाद एक आप कई तरह से सफल होते हुए दिखेंगे। आपके लिए चीजें अच्छी होंगी।

धनु राशि : धनु राशि के लिए भी यह युति से लाभ मिल सकता है। आपका बिजनेस रफ्तार पकड़ेगा और आप सफल होंगे। बिजनेस ग्रोथ से आप संतुष्ट दिखेंगे। आपके लिए समय अच्छा है।

राहु के बुरे असर को इस तरह करें दूर

राहु के बुरे असर को दूर करने के लिए आलस को त्याग दें। आलस करने से आपके फैसले बुद्धि भर्मित होगी। राहु की कोई दशा चल रही है, तो आप साफ सफाई का ध्यान रखें, शिवजी को जल अर्पित करें, सूखा नारियल, कोयला आदि बहते जल में प्रवाहित करें या तिल का दिया जलाएं।

अंगारक योग से बचने के ज्योतिषीय उपाय

गुस्से पर नियंत्रण : इस समय धैर्य बनाए रखना और किसी भी विवाद से दूर रहना महत्वपूर्ण होता है।

ऊर्जा का सही उपयोग : खेलकूद, व्यायाम या शारीरिक श्रम के माध्यम से अतिरिक्त ऊर्जा को सही दिशा दें।

हनुमान जी की पूजा : मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने और हनुमान चालीसा का पाठ करने से इसके नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

शांति पूजा : अधिक परेशानी होने पर किसी योग्य पंडित से ‘अंगारक योग शांति पूजा’ कराई जाती है।

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Shani Pradosh Vrat 2026 Today: ज्येष्ठ माह का अंतिम प्रदोष व्रत आज, शनि प्रदोष व्रत पर 5 राशि के जातक करें ये 5 उपाय

Shani Pradosh Vrat 2026 Today: हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रदोष व्रत किया जाता है। यह तिथि भगवान शिव को समर्पित है और इस दिन प्रदोष काल में पूजा करने का विधान है। शनिवार को पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि को शनि प्रदोष का व्रत करते हैं। शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव और शनिदेव दोनों की कृपा पाने का एक बेहद पावन और फलदायी अवसर है। यह व्रत करने से कुंडली में मौजूद शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से राहत मिलती है। आज ज्येष्ठ माह का अंतिम प्रदोष व्रत किया जा रहा है। आज 27 जून 2026, शनिवार को शनि प्रदोष व्रत है। यह दिन भगवान शिव के साथ शनिदेव की कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

शनि प्रदोष व्रत पूजा मूहूर्त

प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम को सूर्यास्त के समय यानी प्रदोष काल में की जाती है:

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ : 26 जून 2026 को रात 10:22 बजे से

त्रयोदशी तिथि समाप्त : 28 जून 2026 को रात 12:43 बजे तक

प्रदोष काल पूजा मुहूर्त (27 जून): शाम 07:23 बजे से रात 09:23 बजे तक

कुल अवधि : 2 घंटे

5 राशियों के जातक शनि प्रदोष में करें ये उपाय

शनि प्रदोष व्रत शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ फलों से रक्षा करता है। मान्यता है कि इस दिन साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ बचाव से बचने के लिए कुछ उपायों को करना लाभकारी होता है। इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है, जबकि सिंह और धनु राशि पर ढैय्या चल रही है। ऐसे में इन पांच राशियों के जातक इस दिन शनि कृपा पाने के लिए यहां बताए जा रहे 5 उपाय कर सकते हैं

  • शनि प्रदोष व्रत के दिन शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें। मान्यता है कि ऐसा करने शनि कृपा प्राप्त होती है और साढ़ेसाती, ढैय्या के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
  • शनि प्रदोष व्रत के दिन शनि से संबंधित काले वस्त्र, काले तिल, काली उड़द की दाल और लोहा आदि का दान लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन दान करने से शनि कृपा प्राप्त होती है।
  • शनि प्रदोष व्रत के दिन साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव कम करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक लगाना और परिक्रमा करने से शनि कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
  • शनि प्रदोष व्रत के दिन शनि कृपा पाने के लिए हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए। उन्हें चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करना चाहिए। साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए हनुमान चालीसा का कम के कम 108 बार पाठ करना चाहिए।
  • शनि प्रदोष व्रत के दिन शनि के अशुभ प्रभावों से राहत पाने के लिए भगवान शिव की भक्ति भाव से पूजा करनी चाहिए और शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए। शनिदेव को भगवान शिव का परम शिष्य माना जाता है। मान्यता है कि शिव भक्तों को शनि देव कभी परेशान नहीं करते हैं।

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Last Bada Mangal 2026: आज ज्येष्ठ के आखिरी बड़े मंगल पर राशि अनुसार बजरंग बली को अर्पित करें ये चीजें, जानें आज पूजा के शुभ मुहूर्त

Last Bada Mangal 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ अब अपने समापन पर पहुंच चुका है। इस माह में कई वर्षों के बाद अधिक मास का दुर्लभ संयोग बना था। इस दुर्लभ संयोग की वजह से बजरंग बली के भक्तों को 8 बड़े मंगल की पूजा और उपवास का शुभ संयोग प्राप्त हुआ था। आज इस माह का अंतिम यानी 8वां बड़ा मंगल है। यूं तो हर हफ्त में आने वाले मंगलवार को हनुमान जी की पूजा की जाती है। लेकिन ज्येष्ठ माह के मंगलवार का विशेष महत्व है और इसलिए इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहते हैं।

ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। माना जाता है कि संकटमोचन अपने भक्तों की रोग, दोष और शुत्रों से रक्षा करते हैं। जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली आती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ के आखिरी मंगल को हनुमान जी को राशि अनुसार कुछ खास चीजें अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। आइए जानें आज के शुभ मुहूर्त, शुभ संयोग और राशिनुसार उपाय के बारे में।

आखिरी बड़े मंगल के शुभ मुहूर्त

आज बजरंगबली की पूजा के लिए दिनभर में कई विशेष शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें पूजा करना अत्यंत फलदायी रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 55 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक

संध्या काल मुहूर्त : शाम 07 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 23 मिनट तक

आज के शुभ योग

आज के दिन रवि योग (सुबह 11:54 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 05:24 बजे तक) और हस्त नक्षत्र के साथ वारीयान योग का बेहद शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शाशास्त्र में रवि योग को सभी अशुभ प्रभावों और दोषों को नष्ट करने वाला माना गया है।

आज राशिनुसार करें से उपाय

  • मेष राशि के लोग हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। इससे साहस बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलने के योग बनते हैं।
  • वृषभ राशि वाले सफेद मिठाई का भोग लगाएं। इससे मानसिक तनाव कम होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
  • मिथुन राशि वालों को मीठा पान अर्पित करना चाहिए। इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और रिश्तों में मजबूती बढ़ती है।
  • कर्क राशि के लोग चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन शांत रहता है।
  • सिंह राशि के लोग हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। इसके प्रभाव से मान-सम्मान में वृद्धि होती हैं।
  • कन्या राशि के लोगों को बेसन के लड्डू चढ़ाना चाहिए। इससे प्रभु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं और सफलता के रास्ते खुलते हैं।
  • तुला राशि के लोग हनुमान जी को मिठाई अर्पित करें। इससे पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है।
  • वृश्चिक राशि के लोग प्रभु को नारियल चढ़ाएं। इससे बाधाएं दूर होती हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  • धनु राशि वालों को पीले फूल और केले का भोग लगाना चाहिए। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।
  • मकर राशि के लोग सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा इमरती का भोग लगाएं। इससे ग्रह-दोषों से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है।
  • कुंभ राशि के लोग हनुमान जी को बूंदी अर्पित करें। इससे करियर में आ रही रुकावटें कम होती हैं।
  • मीन राशि के लोग बूंदी चढ़ाएं। इससे धन लाभ के योग बनते हैं और हनुमान जी संकटों से रक्षा करते हैं।

8th Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें ये उपाय

8th Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें ये उपाय

8th Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह हनुमान जी को अति प्रिय है। इस माह में उनकी पहली बार अपने आराध्य भगवान श्री राम से मुलाकात हुई थी। कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह में ही उन्हें अमरता का वरदान प्राप्त हुआ था। इसलिए इस माह में हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगा था, जिससे 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग बना था। आज इस माह का 8वां और अंतिम बड़ा मंगल है।

यूं तो हर हफ्ते मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है, लेकिन ज्येष्ठ माह में आने वाले मंगलवार का अधिक महत्व माना जाता है। ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। इस दिन बजरंग बली की पूजा करने से जीवन के दुख, तकलीफें और बीमारियों से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी संकटमोचन हैं, इसलिए इनकी विधि-विधान और श्रद्धा से पूजा करने पर संकट दूर होते हैं और सकारात्मकता आती है। आज ज्येष्ठ माह का आखिरी मंगल है, जब आप पवनपुत्र की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

आखिरी बड़े मंगल पर जरूर करें ये उपाय

  • बड़ा मंगल की पूजा का पुण्यफल पाने के लिए साधक को हनुमान जी की पूजा में लाल रंग के पुष्प जैसे गुड़हल, गुलाब आदि और तुलसी दल अर्पित करना चाहिए। बड़ा मंगल की पूजा वाले दिन हनुमान जी की पूजा में चढ़ाई जाने वाली तुलसी को एक दिन पूर्व तोड़ लेना चाहिए।
  • आखिरी बड़ा मंगल वाले दिन साधक को हनुमान जी की पूजा में सिंदूर का चोला और लाल रंग की झंडी अवश्य चढ़ाना चाहिए।
  • बड़ा मंगल की पूजा के समय साधक को बूंदी, बेसन के लड्डू, चूरमा, गुड़-चना और मौसमी फल अर्पित करना चाहिए।
  • हनुमान जी की पूजा में अन्य चीजों के अलावा गुलकंद वाला मीठा पान जरूर चढ़ाना चाहिए। इस उपाय से साधक के जीवन में मिठास बनी रहती है और वह स्वस्थ और सुखी जीवन जीता है।
  • बड़ा मंगल वाले दिन हनुमान जी की पूजा के साथ उनके नाम का भंडारा करने का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। मान्यता है कि भंडारा प्रसाद बांटने या सहयोग करने वाले साधक को बजरंग बली बल, बुद्धि, विद्या, विवेक और सुख-संपत्ति का आशीर्वाद देते हैं।
  • इस दिन हनुमान जी पूजा के साथ आम लोगों के लिए जल सेवा का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। ऐसे में साधक को जून महीने की गर्मी से राहत दिलाने वाली जल सेवा करनी चाहिए।

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