शामली और कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासक : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted the Samajwadi Party and the Congress

– मुख्यमंत्री ने शामली, थानाभवन व कैराना विधानसभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रुपए से अधिक की 89 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– 10 साल पहले आतंक व भय का प्रतीक था शामली, अब यहां गन्ने की मिठास और एक्सप्रेसवे की ‘त्रिवेणी’ है

– कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर दें

– 2017 के पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में 4 बजे से काम करने वाली सरकार

– 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 मिलें संचालित

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्ना के उपासक लोग डेमोग्राफी बदल रहे थे और इसीलिए कैराना व कांधला से पलायन हो रहा था। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को चेताया कि जिन्ना के अनुयायियों को जब भी मौका मिलेगा, वे आपको क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटेंगे। विकास कार्यों में लूट-खसोट करेंगे। बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएंगे। इनसे लगातार सतर्क रहना है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कैराना, शामली व थानाभवन विधानसभा क्षेत्र की 581 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण देते हुए गत 10 वर्ष में शामली, थानाभवन व कैराना में आए सकारात्मक बदलाव की भी चर्चा की।

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कैराना व शामली का आध्यात्मिकता, संस्कृति व आजादी में योगदान

सीएम योगी ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने हनुमान टीले में आकर विश्राम किया था और यहां के पवित्र जल को ग्रहण किया था। शामली व कैराना ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिला दिया था। कैराना घराने से पं. भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को नई ऊंचाई दी। 

 

10 साल पहले आतंक और भय का प्रतीक था शामली

सीएम ने कहा कि 10 साल पहले लोग पूछते थे कि आतंक-भय का प्रतीक शामली जनपद कहां है। शामली, कैराना-कांधला से पलायन होता था, यहां गुंडागर्दी होती थी। कोई सुरक्षित नहीं था। शरारत के तहत डेमोग्राफी को बदलने की साजिश हो रही थी। अब यहां के गन्ने की मिठास प्रसिद्ध है। पीएम मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार शामली की गति को प्रगति में बदल रही है।

 

एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है शामली

मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है। यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया तो आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एनसीआर के सबसे धनी व समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा।

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शामली वाले 10 साल पहले बिजली के लिए तरसते थे, लेकिन आज शामली 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का माध्यम बना है। 10 साल पहले मेडिकल सुविधाएं नदारद थीं। लेकिन, कोरोना महामारी में दिल्ली व आसपास के लोग इलाज कराने शामली के हॉस्पिटलों में पहुंचे। 

 

2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 चल रहीं 

सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों चौधरी जयंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा के कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों की स्थिति में सुधार व पुनरोद्धार का बीड़ा 2017 में सुरेश राणा ने उठाया था। 2007 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं।

21 मिलें औने-पौने दाम पर बेची गईं। 2017 में सुरेश राणा ने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो मैंने पूछा कि अब मिलें बिकेंगी तो नहीं, तब उन्होंने कहा था कि इन मिलों को वापस लेकर चलाएंगे। आज 122 चीनी मिलें चल रही हैं और किसानों को समय से भुगतान हो रहा है। अब गन्ना किसानों को 400 रुपए कुंतल दाम मिल रहा है। यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक है। यह प्रगति किसानों की समृद्धि का कारक बनी है।

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शामली व कैराना को देखकर लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ 

सीएम योगी ने कहा कि विकास का विकल्प नहीं हो सकता। हम किसानों के उपासक हैं, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया। हमने भी चीनी मिलों के माध्यम से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान करा के दिखा दिया। शामली की खुशहाली और थानाभवन-कैराना का विकास देख लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ है।

पिछली बार मैंने यहां के स्कूलों का दौरा किया था। यूपी-सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के बच्चों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाया। वे बच्चे भी बता रहे थे कि अब डर नहीं लगता, क्योंकि अपराधी जानता है कि हिमाकत की तो जेल या जहन्नुम में ही जगह मिलेगी। 

 

सैफई का सिंडिकेट अब युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता

सीएम ने कहा कि शामली में तेज गति से प्रगति होगी। कैराना में पीएसी की भव्य बटालियन बन रही है। सैफई का नौकरी का सिंडिकेट अब शामली के युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता। शामली, मुजफ्फरनगर का नौजवान भी अब नौकरी पाता है।

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया कि 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाने वाले, कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित करने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन को रोकने, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देने वाले, धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं।

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चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही डबल इंजन सरकार

सीएम ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, किसानों, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार साकार कर रही है। एक तरफ किसान के चेहरे पर खुशहाली लाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार व नौकरी है। हर गरीब को शासन की योजना का लाभ मिल रहा है। हर व्यापारी के निवेश को सुरक्षा मिल रही है। 

 

कांवड़ यात्रा में गलत व्यक्तियों को कान पकड़कर बाहर कर दें 

सीएम ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी व भोले शंकर के भक्त हैं। राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला व शंकर की समरसता/जीवंतता आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अनुशासन व धैर्य जीवन की पूंजी है। अनुशासनहीनता करने वालों को सीएम ने चेताया कि छोटी बातों को लेकर हुड़दंग नहीं होना चाहिए।

विरोधी लोग अनुशासनहीनता पर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बंद कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। किसी गलत व्यक्ति ने हमारे बीच में आकर उपद्रव करने का प्रयास किया तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यकता है। अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं होगी। पर्वों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो परंपरा और अच्छे तरीके से बढ़ेगी।

 

सीएम ने विधायकों के कार्यों की प्रशंसा की 

सीएम ने थाना भवन के विधायक अरशद अली और शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अरशद अली का सुबह फोन पर हालचाल लिया था, वह स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित हैं। वहीं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्रसन्न चौधरी यहां मौजूद हैं। हमारे जनप्रतिनिधि निरंतर विकास के लिए प्रयास करते हैं।

जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही कुछ ही दिनों में 750 किमी. लंबा गोरखपुर-शामली इकॉनमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर व सिलीगुड़ी तक जोड़ देगा। इसकी दूरी लगभग 1100-1200 किमी की होगी। एक्सप्रेसवे के जरिए शामली से ही अंबाला व पानीपत की यात्रा कराएंगे। शामली चारों ओर से एक्सप्रेसवे हाईवे के महत्वपूर्ण पड़ाव का केंद्र होगा। आज दी जा रही योजनाएं शामली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। 

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प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स 

सीएम ने कहा कि शामली अब एनसीआर का हिस्सा हो गया है। प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स यहां बनने जा रहा है, जिससे 8000 युवाओं को नौकरी/रोजगार प्राप्त होगा। आमजन का समर्थन ही हमारी ताकत है और हम इसका इस्तेमाल करके ही कार्य कर रहे हैं। शामली अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। जनता के आशीर्वाद से शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है।

 

पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में चार बजे से काम करने वाली सरकार  

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार में सोने वाले लोग थे। वे 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे और 5 बजे जिम चले जाते थे। उनके पास जनता के लिए फुर्सत नहीं थी। यह माफिया के सामने नाक रगड़ते और दंगाइयों को घर में बुलाकर सम्मानित करते थे, लेकिन यूपी अब बदल चुका है। यूपी की यात्रा अब सुबह चार बजे से प्रारंभ होती है। चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ हर वर्ग का हित करने वाली सरकार है। 

 

इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप आदि मौजूद रहे।

Ranbir Kapoor: ‘रामायणम्’ के ट्रेलर रिलीज से पहले रणबीर कपूर की बिगड़ी तबियत, इंफेक्शन से जूझ रहे एक्टर

Ranbir Kapoor: रणबीर कपूर ‘रामायणम्’ के ट्रेलर लॉन्च के साथ साल के सबसे बड़े इवेंट्स में से एक की तैयारी कर रहे हैं। इस बड़े इवेंट से कुछ दिन पहले ही एक्टर को कंजंक्टिवाइटिस (आंखों का इन्फेक्शन) हो गया है और एहतियात के तौर पर उनके काले चश्मे पहनने की उम्मीद है। इसके बावजूद, रणबीर इस इन्फेक्शन को अपने कमिटमेंट के आड़े नहीं आने दे रहे हैं और तय कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली में होने वाले इस स्टार-स्टडेड इवेंट में शामिल होंगे।

एक्टर के करीबी एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि यह इन्फेक्शन सबसे पहले रणबीर कपूर की बेटी राहा को हुआ था। बच्चों की देखभाल करने के चलते एक्टर को भी उसी से कंजंक्टिवाइटिस (आंखों का इन्फेक्शन) हुआ है। आंखों का यह इन्फेक्शन, जिसे आमतौर पर ‘पिंक आई’ कहा जाता है, करीबी संपर्क से आसानी से फैलता है, इसलिए इसके फैलने पर परिवार के कई सदस्यों के संक्रमित होने की संभावना रहती है। फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने बताया, “रणबीर कपूर को कंजंक्टिवाइटिस हो गया है। सबसे पहले उनकी बेटी राहा को यह हुआ था।”

तकलीफ होने के बावजूद, रणबीर ने इस अहम इवेंट में शामिल न होने का फैसला नहीं किया है। सूत्र ने आगे कहा, “‘रामायणम्’ की टीम दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले बड़े ‘प्रथम संकल्प’ कार्यक्रम के लिए पूरी तरह तैयार है, इसलिए हमेशा अपने वादे पूरे करने के लिए पहचाने जाने वाले RK शायद सावधानी के तौर पर इस इवेंट के दौरान काले चश्मे पहने हुए दिखाई देंगे।”

साल के सबसे बड़े फ़िल्म इवेंट्स में से एक से कुछ दिन पहले ही, ‘रामायणम् पार्ट 1’ को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। खबरों के मुताबिक, नितेश तिवारी की इस पौराणिक फिल्म का ट्रेलर 18 जुलाई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में रिलीज किया जाएगा।

इस शानदार इवेंट में डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​मुख्य भूमिका में होंगे और फिल्म की कास्ट के कई सदस्य भी इसमें शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि रावण का किरदार निभाने वाले यश और भगवान हनुमान का रोल करने वाले सनी देओल इस लॉन्च इवेंट में शामिल होंगे या नहीं।

दिल्ली में ट्रेलर लॉन्च, रामायण के दुनिया भर में प्रमोशन के सफर का बस पहला पड़ाव है। भारत में हुए इवेंट के बाद, मेकर्स 23 जुलाई को सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में एक खास शोकेस के लिए जाएंगे। इसके साथ ही, ‘कल्कि 2898 AD’ के बाद ‘रामायण’ दुनिया भर में मशहूर इस इवेंट में पेश की जाने वाली दूसरी भारतीय फिल्म बन जाएगी। उम्मीद है कि इस इवेंट में रणबीर कपूर, यश और नमित मल्होत्रा ​​मौजूद रहेंगे।

₹4,000 करोड़ के अनुमानित बजट पर बन रही यह दो-भागों वाली फिल्म भारतीय सिनेमा के अब तक के सबसे बड़े और मोस्ट अवेटेड प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसका म्यूजिक भी दो दिग्गज नामों—एआर रहमान और ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस ज़िमर—को एक साथ लाता है, जो इस महाकाव्य को एक और ग्लोबल आयाम देता है।

नमित मल्होत्रा ​​के प्राइम फोकस स्टूडियोज़ और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के सहयोग से बन रही ‘रामायण’ को दो-भागों वाली सिनेमैटिक गाथा के रूप में प्लान किया गया है। नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित, इसका पहला भाग दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में आएगा, और इसके बाद आखिरी भाग दिवाली 2027 में रिलीज़ होगा।

Ashadha Amavasya Upay: आज भौमवती अमावस्या पर जानें स्नान–दान का मुहूर्त और किन चीजों का दान करने का मिलता है पुण्य फल

Ashadha Amavasya 2026: मंगलवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को भौमवती अमावस्या भी कहा जाता है। इस बार भौमवती अमावस्या का संयोग आषाढ़ अमावस्या को बन रहा है। इसे हलहारिणी अमावस्या भी कहते हैं। हालांकि, यह साल 2026 की दूसरी भौमवती अमावस्या है। इससे पहले, मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को फाल्गुन अमावस्या पर भौमवती अमावस्या का संयोग को हुआ था। इस साल, दूसरी बार भौमवती अमावस्या 14 जुलाई 2026 को आषाढ़ अमावस्या में हो रही है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भौमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और विशेष रूप से पितरों के निमित्त तर्पण व पिंडदान करने का अत्यधिक महत्व है। इसके साथ ही इस दिन मंगल ग्रह के निमित्त पूजा या हनुमान जी की आराधना करने से कर्ज से मुक्ति और मंगल दोषों से राहत मिलती है।

आषाढ़ अमावस्या तिथि

द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या की तिथि 13 जुलाई को शाम 6 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 14 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर होगा। उदया तिथि को देखते हुए इस दिन आषाढ़ अमावस्या मानी जा रही है।

आषाढ़ अमावस्या शुभ मुहूर्त

इस दिन स्नान व दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और सुबह 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन योगों में की गई पूजा, जप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है।

अमावस्या पर मिलता है दान का अक्ष्य पुण्य 

अमावस्या तिथि पर किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। इस दिन अन्न और जल जैसे गेहूं, चावल, सत्तू, या मौसमी फल। काले तिल, छाता, चप्पल या सूती वस्त्र जैसे चीजें दान की जा सकती हैं। कई श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर दिनभर भजन-कीर्तन और मंत्र जाप भी करते हैं।

आषाढ़ अमावस्या का महत्व

ग्रह दोष शांति : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या के स्वामी शनि देव हैं। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है। साथ ही, मंगलवार का संयोग होने से राहू-केतु और मंगल के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।

पितृ दोष से मुक्ति : जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उनके लिए आषाढ़ अमावस्या पर पिंड दान, तर्पण और अन्नदान करना अमोघ उपाय माना गया है। इससे अतृप्त पितर प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

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Ashadh Pradosh Vrat 2026 upay: आषाढ़ माह का पहला प्रदोष व्रत होगा कब, इस दिन खास उपाय करने वालों के घर जल्द बजेगी शादी की शहनाई

Ashadh Pradosh Vrat 2026 upay: हिंदी माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि भगवान शिश को समर्पित है। इस दिन प्रदोष व्रत किया जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में विराजमान होते हैं। इस समय विधि-विधान से की गई भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना विशेष फल प्रदान करती है।

भगवान शिव और माता पार्वती के भक्त दिनभर उपवास रखकर प्रदोष काल में शिव परिवार की पूजा कर व्रत का पारण करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने वाली विवाहित महिलाओं के जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य बढ़ता है। वहीं जो अविवाहित लोग सच्चे मन से यह व्रत रखते हैं, उनके विवाह के योग जल्दी बनने लगते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, प्रदोष व्रत पर किए गए विशेष उपाय शादी में आ रही बाधाओं को दूर कर सकते हैं। आइए जानें आषाढ़ माह का पहला प्रदोष व्रत किस दिन किया जाएगा और इस दिन कौन से उपाय कर सकते हैं।

आषाढ़ का पहला प्रदोष व्रत

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 जुलाई 2026 को सुबह 02 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगी और रात्रि 10 बजकर 29 मिनट के लगभग तक रहेगी। इसलिए आषाढ़ का पहला प्रदोष व्रत 12 जुलाई रविवार को रखा जाएगा। रविवार के दिन पड़ने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस दिन प्रदोष काल पूजा मुहूर्त शाम 07 बजकर 22 मिनट से रात्रि 09 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।

रवि प्रदोष व्रत का महत्व

रवि प्रदोष व्रत भगवान शिव और सूर्यदेव की उपासना का अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने पर करियर और कारोबार में तरक्की के योग बनते हैं।

जल्द विवाह के लिए करें ये उपाय

विवाह में बार-बार रुकावटें आ रही हों, तो प्रदोष व्रत के दिन स्नान के बाद लाल वस्त्र पहनकर भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा करें। पूजा के दौरान माता को सिंदूर अर्पित करें और उसी सिंदूर को माथे पर लगाकर शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें, इससे विवाह संबंधी बाधाएं दूर होने की मान्यता है।

विवाह में बार-बार अड़चनें आने का कारण कमजोर शुक्र ग्रह माना जाता है। प्रदोष व्रत पर भगवान शिव का शहद और सुगंधित जल से अभिषेक करें। इस उपाय से शुक्र ग्रह मजबूत होता है।

विवाह में बार-बार आ रही बाधाएं दूर करने के लिए प्रदोष व्रत पर भगवान शिव का विशेष अभिषेक करें। स्नान के बाद गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। मान्यता है कि इससे ग्रह दोष शांत होते हैं और शीघ्र विवाह के शुभ योग बनने लगते हैं।

Ashadha Amavasya 2026: आषाढ़ अमावस्या पर बन रहा ये दुर्लभ संयोग, हनुमान जी की कृपा पाने और शनि दोष निवारण के लिए है शुभ

Ashadha Amavasya 2026: आषाढ़ अमावस्या पर बन रहा ये दुर्लभ संयोग, हनुमान जी की कृपा पाने और शनि दोष निवारण के लिए है शुभ

Ashadha Amavasya 2026: आषाढ़ माह हिंदी कैलेंडर का चौथा महीना है। हर माह की तरह इस माह के कृष्ण पक्ष का समापन अमावस्या तिथि से होता है। इसे ही आषाढ़ अमावस्या के रूप में जाना जाता है। इस साल आषाढ़ अमावस्या पर एक ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे यह दिन संकटमोचन हनुमान की कृपा पाने और शनि दोष निवारण के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। यह अमावस्या तिथि मंगलवार के दिन पड़ रही है। इसलिए इसका महत्व और बढ़ गया है।

हर हिंदू माह में अमावस्या तिथि आती है, जो पितृ तर्पण और स्नान-दान के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके पितरों की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। माना जाता है कि इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी कृपा से जीवन सुखमय होता है। यह दिन जीवन से नकारात्मकता को दूर करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

आषाढ़ अमावस्या 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ अमावस्या मंगलवार, 14 जुलाई, 2026 को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि की शुरुआत 13 जुलाई 2026 को शाम 06:50 बजे से होगी और इसका समापन 14 जुलाई 2026 को दोपहर 03:14 बजे होगा। उदयातिथि के नियमों के कारण स्नान-दान और व्रत की अमावस्या 14 जुलाई को ही रहेगी। इस दिन मंगलवार होने के कारण इसे भौमवती अमावस्या का विशेष संयोग भी मिल रहा है।

आषाढ़ अमावस्या का महत्व

हिंदू धर्म में आषाढ़ अमावस्या का बहुत गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह तिथि पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंड दान और श्राद्ध कर्म करने के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

भौमवती अमावस्या का विशेष संयोग

इस साल आषाढ़ अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ रही है। हिंदू धर्म में ‘भौम’ शब्द मंगल ग्रह के लिए प्रयोग किया जाता है, इसलिए मंगलवार और अमावस्या के इस विशेष संयोग का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है। मंगवार के दिन अमावस्या पड़ने से मंगल जनित दोषों और कर्ज से मुक्ति के लिए इस दिन की गई पूजा विशेष फल देती है। साथ ही, यह दिन हनुमान जी की कृपा पाने और शनि दोष निवारण के लिए बहुत शुभ है।

आषाढ़ अमावस्या पूजा विधि

इस दिन पितरों की प्रसन्नता और भगवान विष्णु व शिव जी की कृपा पाने के लिए नीचे दी गई सरल विधि से पूजा करें :

  • अमावस्या के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर किसी पवित्र नदी, जलाशय या घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें और तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करें और जल में काले तिल और कुशा मिलाकर अपने पितरों के निमित्त तर्पण करें। पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें।
  • घर के मंदिर में दीपक जलाएं। भगवान विष्णु और भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा करें। चूंकि इस दिन भौमवती अमावस्या है, इसलिए हनुमान जी की पूजा करना और हनुमान चालीसा का पाठ करना भी बेहद शुभ रहेगा।
  • पूजा और तर्पण के बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को अनाज, तिल, वस्त्र, छाता या सामर्थ्य के अनुसार धन का दान अवश्य करें।
  • शाम के समय पीपल के पेड़ के पास जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और परिक्रमा करें, इससे भी पितर और देव प्रसन्न होते हैं।

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Mumbai Rains: मुंबई में आसमान से बरसी आफत! 6 लोगों की मौत, आज बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

Mumbai Rains: मुंबई के मानखुर्द इलाके में रविवार (5 जुलाई) रात भारी बारिश के बीच तीन मंजिला चॉल ढह जाने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका है। उसे खोजने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के कर्मियों सहित कई एजेंसियों द्वारा एक संयुक्त बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों के अनुसार, चार महिलाओं और एक पुरुष को नगर निकाय द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया। एक अन्य पुरुष को राजावाड़ी अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

उन्होंने बताया कि एक घायल पुरुष का इलाज बीएमसी द्वारा संचालित राजावाड़ी अस्पताल में किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा रात करीब साढ़े आठ बजे हनुमान मंदिर के पीछे स्थित जनता नगर की चॉल नंबर-5 में हुआ। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ग्राउंड सहित तीन मंजिला इमारत के दो-तीन कमरे अचानक ढह गए। इसके बाद, मुंबई अग्निशमन दल (एमएफबी), पुलिस, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के वार्ड कार्यालय तथा 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।

एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका

अधिकारियों ने बताया कि मलबे में एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका है। उसे बाहर निकालने के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है तथा एनडीआरएफ की एक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने का पता लगाने के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय पार्षद नवनाथ बान ने भी कहा कि एक और व्यक्ति लापता है। उन्होंने बताया कि चॉल का हिस्सा पास की एक झोपड़ी पर गिर गया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की वजह से बचाव कार्य में व्यवधान आ रहा है।

आज बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सोमवार 6 जुलाई को सभी सरकारी, निजी और नगर निगम के स्कूलों तथा कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने रविवार शाम एक बयान में कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसके मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। आईएमडी ने भारी बारिश के अलावा तेज हवा चलने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

अब तक बारिश से 3 की मौत

बयान में कहा गया है कि सरकारी और निजी दफ्तर सामान्य रूप से काम करेंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलें। मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बहुत भारी बारिश हो रही है जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया है। पेड़ गिरने की घटनाएं हुई हैं। 30 जून से अब तक इन घटनाओं में एक स्कूली छात्र समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि पुणे, ठाणे और पालघर जिलों के शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी इसी तरह का एडवाइजरी जारी किया गया है। मौसम विभाग द्वारा भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पुणे जिला प्रशासन ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने यह जानकारी दी।

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इस बीच, IMD द्वारा भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुंबई विश्वविद्यालय ने छह जुलाई को निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड द्वारा रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जल्द ही यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।

Exclusive: रावण के अलावा रामायण का कोई और किरदार नहीं निभाना चाहते आशुतोष राणा, वजह जान दंग रह जाएंगे आप

Exclusive: अपने नए Durlabh Darshan को लेकर आशुतोष राणा बेहद एक्साइटेड है। ये प्रोजेक्ट उन्होंने प्रोड्यूसर प्रशांत मिश्रा और फिल्म राइटर आलोक श्रीवास्तव के साथ मिलकर बनाया और लॉन्च किया। इस प्रोजेक्ट को लेकर एक्टर ने कहा कि जहां धर्म और विज्ञान दोनों मिल जाते हैं, वह दुर्लभ दर्शन है। वहीं अपने रावण के किरदार को लेकर भी उन्होंने खुलकर बात की है। बताया क्यों वह रावण का रोल करना पसंद करते हैं।

रावण का किरदार है खास

अशुतोष राणा से जब हमें पूछा कि रामायण में उन्होंने रावण के किरदार को क्यों चुना और रावण के अलावा वह किस किरदार को निभाने में दिलचस्पी रखते? इस सवाल का जवाब उन्होंने बिना देर किए दे दिया। एक्टर ने कहा कि रावण के अलावा में किसी और किरदार को नहीं निभाना चाहता हूं। रावण अपने आप में बहुत दिलचस्प किरदार है। वहीं उसके दोनों हाथ में लड्डू हैं। उन्होंने अपनी बात समझाते हुए कहा कि रावण के लिए खुद नारायण वैकुंठ से आए। वहीं वध के बाद उसे वैकुंठ मिला…और अगर वध न होता तो शिव भक्ति के चलते कैलाश में स्थान मिल जाता।

दुर्लभ दर्शन में क्या खास?

आप एक जगह बैठ कर ही देश के प्रसिद्ध मंदिरों का दर्शन एवं वहां होने वाले समस्त पूजा-अनुष्ठान देख पाएंगे, और वह भी मंदिर में अपनी प्रत्यक्ष उपस्थिति जैसे अनुभव के साथ। दुर्लभ दर्शन द्वारा तैयार की गई विशेष 6D VR टेक्नोलॉजी के जरिए यह सब अनुभव संभव हो पाएगा। दुर्लभ दर्शन, आशुतोष राणा के साथ मिल कर, विश्व के पहले 100 से अधिक 6D अनुभव वाले केंद्र खोलेगा। फिलहाल इस सुविधा का आनंद देश के ग्यारह प्रसिद्ध मंदिरों में लिया जा सकेगा। विशेष बात यह होगी कि इस वर्चुअल रियलिटी में आप 3D दृश्य के साथ-साथ मंदिर के वातावरण में मौजूद जल, वायु और सुगंध की भी हूबहू अनुभूति कर सकेंगे।

सस्ते दामों में उपलब्ध

आपको ये दुर्लभ दर्शन आसानी से 11 शहरों में मिल जाएंगे- श्री काशी विश्वनाथ, Varanasi, श्री महाकालेश्वर, उज्जैन, मां वैष्णो देवी, राजद्वार पार्क , हनुमान गढ़ी , अयोध्या, पावन धाम , हरिद्वार, मां महालक्ष्मी मंदिर, नागपुर, ISKCON मंदिर , कैलाश दिल्ली, नीलकंठ धाम , गुजरात, मां बगलामुखी नलखेड़ा, मां शारदा शक्तिपीठ मैहर, मां भद्रकाली शक्तिपीठ, कुरुक्षेत्र , ityadi। वहीं दाम की बात करें तो अयोध्या में 3D- 200 रुपए और 6D-300 रुपए में उपलब्ध है। जबकि बाकी जगह 3D- 150 रुपए और 6D-250 रुपए में उपलब्ध है।

Rahu Dhanishtha Nakshatra Gochar: धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर से राहु बनाएंगे अंगारक योग, जानें किन राशियों के लिए लकी होगा यह समय

Rahu Dhanishtha Nakshatra Gochar: ज्योतिष शास्त्र में राहु को भ्रम व आवेग का कारक माना जाता है। यह छाया ग्रह इस समय कुंभ राशि में गोचर कर रहा है और आने वाले 30 जून को मंगल के नक्षत्र धनिष्ठा में गोचर करने जा रहा है। राहु इस नक्षत्र में 5 दिसंबर 2026 तक रहेगा। राहु इस दौरान कुंभ राशि के अंतर्गत धनिष्ठा नक्षत्र के चौथे और तीसरे पद से होकर गुजरेगा। मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और क्रोध का कारक माना जाता है। इन दोनों ग्रहों की ऊर्जा का मिलन ज्येतिष शास्त्र बहुत शुभ नहीं माना जाता है। इन दोनों की युति से बनने वाले अंगारक योग को एक बेहद उग्र और चुनौतीपूर्ण योग माना जाता है, जो जीवन में तनाव, अचानक होने वाली घटनाओं और आक्रामकता को बढ़ाता है। इन दोनों का मिलन अक्सर गुस्से, जल्दबाजी में गलत फैसले, और जोखिम भरी स्थितियों का कारण बनता है। ज्योतिष जानकारों के अनुसार, राहु के धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर करने से एक तरह का छोटा अंगारक योग बनेगा। कई राशियों के लिए यह दिक्कत देने वाला रहेगा और कई राशियों के लिए अच्छा रहेगा।

अंगारक योग क्या है?

जब मंगल और राहु सीधे या किसी विशेष परिस्थिति में मिलते हैं, तो अंगारक योग बनता है। यह योग सेहत के लिहाज से और मानसिक तौर पर जातक को परेशान कर सकता है।

तीन राशियों के लिए लकी होगा अंगारक योग

मेष राशि : मंगल और राहु का नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए अच्छा रहेगा। आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ को लेकर थोड़ी परेशानी है और आर्थिक तौर पर आपको आय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कन्या राशि : कन्या राशि के लोगों के लिए मंगल और राहु की युति अच्छे नतीजे लाएगी। इस राशि के लोग आगे बढ़ेंगे। एक के बाद एक आप कई तरह से सफल होते हुए दिखेंगे। आपके लिए चीजें अच्छी होंगी।

धनु राशि : धनु राशि के लिए भी यह युति से लाभ मिल सकता है। आपका बिजनेस रफ्तार पकड़ेगा और आप सफल होंगे। बिजनेस ग्रोथ से आप संतुष्ट दिखेंगे। आपके लिए समय अच्छा है।

राहु के बुरे असर को इस तरह करें दूर

राहु के बुरे असर को दूर करने के लिए आलस को त्याग दें। आलस करने से आपके फैसले बुद्धि भर्मित होगी। राहु की कोई दशा चल रही है, तो आप साफ सफाई का ध्यान रखें, शिवजी को जल अर्पित करें, सूखा नारियल, कोयला आदि बहते जल में प्रवाहित करें या तिल का दिया जलाएं।

अंगारक योग से बचने के ज्योतिषीय उपाय

गुस्से पर नियंत्रण : इस समय धैर्य बनाए रखना और किसी भी विवाद से दूर रहना महत्वपूर्ण होता है।

ऊर्जा का सही उपयोग : खेलकूद, व्यायाम या शारीरिक श्रम के माध्यम से अतिरिक्त ऊर्जा को सही दिशा दें।

हनुमान जी की पूजा : मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने और हनुमान चालीसा का पाठ करने से इसके नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

शांति पूजा : अधिक परेशानी होने पर किसी योग्य पंडित से ‘अंगारक योग शांति पूजा’ कराई जाती है।

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Shani Pradosh Vrat 2026 Today: ज्येष्ठ माह का अंतिम प्रदोष व्रत आज, शनि प्रदोष व्रत पर 5 राशि के जातक करें ये 5 उपाय

Shani Pradosh Vrat 2026 Today: हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रदोष व्रत किया जाता है। यह तिथि भगवान शिव को समर्पित है और इस दिन प्रदोष काल में पूजा करने का विधान है। शनिवार को पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि को शनि प्रदोष का व्रत करते हैं। शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव और शनिदेव दोनों की कृपा पाने का एक बेहद पावन और फलदायी अवसर है। यह व्रत करने से कुंडली में मौजूद शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से राहत मिलती है। आज ज्येष्ठ माह का अंतिम प्रदोष व्रत किया जा रहा है। आज 27 जून 2026, शनिवार को शनि प्रदोष व्रत है। यह दिन भगवान शिव के साथ शनिदेव की कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

शनि प्रदोष व्रत पूजा मूहूर्त

प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम को सूर्यास्त के समय यानी प्रदोष काल में की जाती है:

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ : 26 जून 2026 को रात 10:22 बजे से

त्रयोदशी तिथि समाप्त : 28 जून 2026 को रात 12:43 बजे तक

प्रदोष काल पूजा मुहूर्त (27 जून): शाम 07:23 बजे से रात 09:23 बजे तक

कुल अवधि : 2 घंटे

5 राशियों के जातक शनि प्रदोष में करें ये उपाय

शनि प्रदोष व्रत शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ फलों से रक्षा करता है। मान्यता है कि इस दिन साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ बचाव से बचने के लिए कुछ उपायों को करना लाभकारी होता है। इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है, जबकि सिंह और धनु राशि पर ढैय्या चल रही है। ऐसे में इन पांच राशियों के जातक इस दिन शनि कृपा पाने के लिए यहां बताए जा रहे 5 उपाय कर सकते हैं

  • शनि प्रदोष व्रत के दिन शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें। मान्यता है कि ऐसा करने शनि कृपा प्राप्त होती है और साढ़ेसाती, ढैय्या के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
  • शनि प्रदोष व्रत के दिन शनि से संबंधित काले वस्त्र, काले तिल, काली उड़द की दाल और लोहा आदि का दान लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन दान करने से शनि कृपा प्राप्त होती है।
  • शनि प्रदोष व्रत के दिन साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव कम करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक लगाना और परिक्रमा करने से शनि कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
  • शनि प्रदोष व्रत के दिन शनि कृपा पाने के लिए हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए। उन्हें चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करना चाहिए। साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए हनुमान चालीसा का कम के कम 108 बार पाठ करना चाहिए।
  • शनि प्रदोष व्रत के दिन शनि के अशुभ प्रभावों से राहत पाने के लिए भगवान शिव की भक्ति भाव से पूजा करनी चाहिए और शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए। शनिदेव को भगवान शिव का परम शिष्य माना जाता है। मान्यता है कि शिव भक्तों को शनि देव कभी परेशान नहीं करते हैं।

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Last Bada Mangal 2026: आज ज्येष्ठ के आखिरी बड़े मंगल पर राशि अनुसार बजरंग बली को अर्पित करें ये चीजें, जानें आज पूजा के शुभ मुहूर्त

Last Bada Mangal 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ अब अपने समापन पर पहुंच चुका है। इस माह में कई वर्षों के बाद अधिक मास का दुर्लभ संयोग बना था। इस दुर्लभ संयोग की वजह से बजरंग बली के भक्तों को 8 बड़े मंगल की पूजा और उपवास का शुभ संयोग प्राप्त हुआ था। आज इस माह का अंतिम यानी 8वां बड़ा मंगल है। यूं तो हर हफ्त में आने वाले मंगलवार को हनुमान जी की पूजा की जाती है। लेकिन ज्येष्ठ माह के मंगलवार का विशेष महत्व है और इसलिए इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहते हैं।

ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। माना जाता है कि संकटमोचन अपने भक्तों की रोग, दोष और शुत्रों से रक्षा करते हैं। जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली आती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ के आखिरी मंगल को हनुमान जी को राशि अनुसार कुछ खास चीजें अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। आइए जानें आज के शुभ मुहूर्त, शुभ संयोग और राशिनुसार उपाय के बारे में।

आखिरी बड़े मंगल के शुभ मुहूर्त

आज बजरंगबली की पूजा के लिए दिनभर में कई विशेष शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें पूजा करना अत्यंत फलदायी रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 55 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक

संध्या काल मुहूर्त : शाम 07 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 23 मिनट तक

आज के शुभ योग

आज के दिन रवि योग (सुबह 11:54 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 05:24 बजे तक) और हस्त नक्षत्र के साथ वारीयान योग का बेहद शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शाशास्त्र में रवि योग को सभी अशुभ प्रभावों और दोषों को नष्ट करने वाला माना गया है।

आज राशिनुसार करें से उपाय

  • मेष राशि के लोग हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। इससे साहस बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलने के योग बनते हैं।
  • वृषभ राशि वाले सफेद मिठाई का भोग लगाएं। इससे मानसिक तनाव कम होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
  • मिथुन राशि वालों को मीठा पान अर्पित करना चाहिए। इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और रिश्तों में मजबूती बढ़ती है।
  • कर्क राशि के लोग चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन शांत रहता है।
  • सिंह राशि के लोग हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। इसके प्रभाव से मान-सम्मान में वृद्धि होती हैं।
  • कन्या राशि के लोगों को बेसन के लड्डू चढ़ाना चाहिए। इससे प्रभु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं और सफलता के रास्ते खुलते हैं।
  • तुला राशि के लोग हनुमान जी को मिठाई अर्पित करें। इससे पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है।
  • वृश्चिक राशि के लोग प्रभु को नारियल चढ़ाएं। इससे बाधाएं दूर होती हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  • धनु राशि वालों को पीले फूल और केले का भोग लगाना चाहिए। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।
  • मकर राशि के लोग सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा इमरती का भोग लगाएं। इससे ग्रह-दोषों से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है।
  • कुंभ राशि के लोग हनुमान जी को बूंदी अर्पित करें। इससे करियर में आ रही रुकावटें कम होती हैं।
  • मीन राशि के लोग बूंदी चढ़ाएं। इससे धन लाभ के योग बनते हैं और हनुमान जी संकटों से रक्षा करते हैं।

8th Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें ये उपाय