PM मोदी ने कैप्टन स्मित से बात की, VIDEO:174 जानें बचाने वाले पायलट बोले- हनुमान चालीसा पढ़ रहा था, भगवान ने ही हमें बचाया

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से बात की और उनकी बहादुरी की तारीफ की। मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा, “पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है। आपके साहस और सूझबूझ से कई लोगों की जान बची।” मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं। कैप्टन स्मित ने PM मोदी को बताया कि उस घटना के दौरान वे हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। पीएम मोदी ने स्मित की मां की तारीफ की प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित की मां गीताबेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्मित की मां ने उन्हें भगवद्गीता के मूल्यों और उपदेशों के साथ बड़ा किया है। कैप्टन स्मित ने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आने से उन्हें बहुत गर्व महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनके जीवन में ऐसा पल आएगा। अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन स्मित कैप्टन स्मित अभी UAE के अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें कल सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी ले जाया गया। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया था कि पायलट की हालत स्थिर है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। उनका मनोबल भी ऊंचा है। मित्तल ने कहा कि कैप्टन को अच्छा इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास वहां के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। राजदूत ने कैप्टन स्मित को भारत का बहादुर बेटा बताया। उन्होंने कहा कि हवा में आपात स्थिति के दौरान उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। PM मोदी पहले भी कर चुके हैं तारीफ प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य और साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है।

मोदी ने कहा, “इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी रोक दी। हमारे देश के हर नागरिक को स्मित की बहादुरी पर बहुत गर्व है।”

प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छर के माता-पिता और पत्नी से भी बात की थी। उन्होंने पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से उनकी सेहत की जानकारी ली। साथ ही भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशनों की ओर से पायलट और उनके परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। खबर अपडेट हो रही है… ——————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- फ्लाईदुबई को-पायलट का ईरान कनेक्शन हो सकता है:ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई विमान के को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Drishyam 3: ‘दृश्यम 3’ की सिनेमाघरों में दस्तक, 2026 में इंडियन फिल्मों के कलेक्शन को 10,000 करोड़ के पहुंचाएगी पार?

Drishyam 3: अजय देवगन की मल्टी स्टारर फिल्म ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार हैं। फिल्म ने अपनी एडवांस बुकिंग से 16.6 करोड़ का कलेक्शन किया है। वहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म का ओपनिंग डे कलेक्शन 30 से 35 करोड़ के आसपास होगा। वहीं फिल्म 2026 में इंडियन बॉक्स ऑफिस की कुल कमाई में अच्छा खासा योगदान देगी।

दृश्यम 3′ की एडवांस बुकिंग

इंडियन बॉक्स ऑफिस पर हलचल तेज हो गई है। अगस्त में रिकॉर्ड-तोड़ कमाई और सितंबर में कई बेहतरीन फिल्मों के बाद अब ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। इसकी एडवांस बुकिंग के आंकड़े जबरदस्त हैं। वहीं उम्मीद है कि यह फिल्म भी बड़ी हिट हो सकती है।

रिलीज से पहले किया करोड़ों का बिजनेस

अजय देवगन की ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ ने ओपनिंग डे की एडवांस बुकिंग में ही लगभग 16.6 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। फिल्म के 4.44 लाख टिकट बिक चुके हैं। लंबे ओपनिंग वीकेंड के लिए एडवांस सेल 28.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे सक्सेसफुल थ्रिलर फ्रैंचाइजी में से एक का अंत भी है।

पहले और दूसरे पार्ट का कलेक्शन

2015 में रिलीज हुई ‘दृश्यम’ पार्ट 1 ने भारत में 76.16 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। वहीं ‘दृश्यम 2’ ने 2022 में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी। दूसरे पार्ट ने 250.59 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। अब तीसरी फिल्म ऐसे समय में आ रही है, जब सिनेमाघरों के लिए ये दौरा काफी सफल चल रहा है। एक के बाद एक फिल्म हिट हो रही है।

मिर्जापुर द मूवी बॉक्स ऑफिस

सितंबर की शुरुआत ‘मिर्जापुर द मूवी’ जैसी हिट फिल्म के साथ हुई। एक्सेल एंटरटेनमेंट की पॉपुलर वेब फ्रेंचाइजी पर बेस्ड इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी और अली फजल लीड रोल में हैं। लगभग 90 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म ने 26 दिनों में दुनिया भर में 329.21 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया है। यह महीने की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में से बनी है।

एवेंजर्स एंडगेम एनकोर बॉक्स ऑफिस

उम्मीद से कम ओपनिंग के बावजूद ‘मार्वल की एवेंजर्स एंडगेम एनकोर’ दर्शकों का मनोरंजन करने में पीछे नहीं है। इस री-रिलीज ने क्रिस्टोफर नोलन की ‘इंटरस्टेलर’ को पीछे छोड़ दिया है और भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हॉलीवुड री-रिलीज बन गई है। अब तक लगभग 27.3 करोड़ रुपये की नेट कमाई करने के बाद यह फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ के रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश कर रही है, जो 35.55 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन के साथ सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड री-रिलीज बनी हुई है।

अगस्त में कई बड़ी फिल्में हुईं रिलीज

अगस्त में रिलीज हुई फिल्मों ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कुछ 1768 करोड़ रुपये कमाए हैं, जिससे यह साल का सबसे अच्छा महीना और भारतीय बॉक्स ऑफिस के इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा महीना बन गया। इससे पहले ऐसी कमाई दिसंबर 2024 और दिसंबर 2023 में हुई थी। इस महीने की परफॉर्मेंस में ‘हनुमान अंश’, ‘टॉक्सिक’, ‘इरुमुडी’, ‘बेथलहम कुडुम्बा यूनिट’ और ‘आवारापन 2’ जैसी फिल्मों ने धूम मचाई है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘हनुमान अंश’ ने किया चमत्कार

‘हनुमान अंश’ ने इतिहास रच दिया है। उम्मीद है कि यह अपनी लाइफटाइम डोमेस्टिक ग्रॉस कमाई लगभग 360 करोड़ रुपये तक पहुंचा लेगी। फिल्म सिर्फ 2 करोड़ के बजट में तैयार हुई थी। वहीं मलयालम ब्लॉकबस्टर ‘बेथलहम कुडुम्बा यूनिट’ इस साल की सबसे बड़ी रीजनल सफलताओं में से एक बनकर उभरी है और बॉक्स ऑफिस पर सभी भाषाओं के वर्जन में सबसे अधिक कमाई करने वाली मलयालम फिल्म बनने की कोशिश में लगी है।

मिड 2026 में पैन इंडिया का जलवा

अगस्त के टॉप-10 चार्ट में पैन-इंडिया फिल्मों में सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। इसमें हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और कन्नड़ भाषाओं की फिल्में शामिल थीं, जिसने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में अहम योगदान दिया है। साल 2026 के सितंबर तक कुल डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 9,868 करोड़ रुपये का हुआ है, जो पिछले साल के मुकाबले 18 फीसद ज्यादा है। सिनेमा विशेषज्ञों का कहना है कि ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ इस आंकड़े को 10,000 के पार पहुंचा सकती हैं। इंडस्ट्री पूरे जोश के साथ फेस्टिव क्वार्टर में एंट्री करने के लिए तैयार है। अजय देवगन की फिल्म के बाद सबकी निगाहें दिवाली पर रिलीज हो रही रणबीर कपूर, यश स्टारर ‘रामायणम्’ और दिसंबर में रिलीज होने वाली शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ पर हैं।

BPL कार्ड लेकर राशन दुकान जा रही मां को फोन पर मिली बेटी के गोल्ड जीतने की खबर, गोल्ड जीतने वाली निशानेबाज नीरू ढांडा की कहानी

हरियाणा के जींद के संगतपुरा गांव में मंगलवार सुबह एक मां रोजमर्रा के काम से घर से निकली थी, लेकिन कुछ ही देर में उसे ऐसी खबर मिली जिसने पूरा दिन यादगार बना दिया। 48 वर्षीय सुदेश देवी राशन लेने जा रही थीं, तभी उनके पुराने कीपैड फोन पर एक अनजान कॉल आई। दूसरी तरफ से बताया गया कि उनकी बेटी नीरू ने एशियन गेम्स में गोल्ड जीत लिया है। घर में टीवी या स्मार्टफोन नहीं होने के कारण सुदेश देवी बेटी का मुकाबला देख नहीं पाई थीं। इसलिए फोन पर मिली इस खबर ने उन्हें खुशी के साथ हैरानी में भी डाल दिया।

उन्हें पहले इस बात पर भरोसा नहीं हुआ कि नीरू ने सच में इतिहास रच दिया है। आखिरकार जब खबर की पुष्टि हुई, तो बेटी की कामयाबी की खुशी मां के चेहरे पर साफ नजर आई। एक छोटे से गांव से निकली बेटी की यह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व का पल बन गई।

खबर सुनकर भी मां को नहीं हुआ यकीन

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, सुदेश देवी को पिछली रात इतना पता था कि नीरू एशियन गेम्स में मुकाबला करने वाली हैं, लेकिन नतीजे की जानकारी नहीं थी। अनजान शख्स से गोल्ड की खबर मिलने के बाद भी उन्हें तुरंत यकीन नहीं हुआ। वह किसी ऐसे व्यक्ति से इसकी पुष्टि करना चाहती थीं, जो उन्हें सही खबर बता सके। राशन लेने के बाद वह जल्दी घर लौटीं और बेटी की जीत की खबर को लेकर बेहद भावुक नजर आईं।

नागोया में नीरू ने रच दिया इतिहास

उधर जापान के नागोया में खराब मौसम के बीच नीरू धांडा ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने भारतीय शूटिंग के इतिहास में उनका नाम दर्ज कर दिया। 26 वर्षीय नीरू महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। बारिश और कम तापमान के कारण शूटिंग रेंज पर परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं। इसके बावजूद नीरू ने फाइनल में 30 में से 28 निशाने साधे। चीन की सुन युनोंग ने 26 और कुवैत की अब्दुलमलिक हाजर ने 21 निशाने लगाए।

बीमारी से जूझकर पहुंचीं पोडियम तक

नीरू की यह कामयाबी इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्स से करीब 10 दिन पहले वह गंभीर फ्लू की चपेट में आ गई थीं। उन्हें भोपाल के अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था और कई दिनों तक वह ठीक से खाना भी नहीं खा सकीं। इसके बावजूद कोच मंशेर सिंह ने उन्हें बीमारी को पीछे छोड़कर सिर्फ निशाने पर ध्यान देने की सलाह दी। नीरू ने वही किया और आखिरकार गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

नीरू ने किसे समर्पित किया गोल्ड?

गोल्ड जीतने के बाद नीरू ने अपनी उपलब्धि देश की सीमाओं पर तैनात जवानों को समर्पित की। उन्होंने 1978 में एशियन गेम्स में व्यक्तिगत ट्रैप गोल्ड जीतने वाले रणधीर सिंह को भी याद किया।

अब नीरू की नजर अगली बड़ी मंजिल पर है। उनका कहना है कि हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना होता है और एशियन गेम्स के ये पदक उसी लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले कदम हैं।

चीनी महिला ने रोते हुए 4 महीने के अपने बेटे को सुनाया हनुमान चालीसा, 5 सेकंड में शांत हुआ बच्चा! वीडियो वायरल

चीनी महिला ने रोते हुए 4 महीने के अपने बेटे को सुनाया हनुमान चालीसा, 5 सेकंड में शांत हुआ बच्चा! वीडियो वायरल

Viral Video: बच्चे के रोने पर उसे चुप कराने के लिए अक्सर माता-पिता अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कोई उसे गोद में लेकर टहलाता है, तो कोई लोरी सुनाता है। लेकिन कैलिफोर्निया के सबसे बड़े शहर लॉस एंजिल्स में रहने वाली 40 वर्षीय चीनी बिजनेसवुमन सारा जेन हो ने अपने चार महीने के बेटे के साथ अपनाई जाने वाली कुछ पेरेंटिंग आदतों को इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इन आदतों में बच्चे को रोजाना सुबह लूप में हनुमान चालीसा सुनाना, बच्चे को कुत्तों के आसपास रहने देना, और उसके नंगे पैरों को प्राकृतिक सतहों (घास या जमीन) के संपर्क में आने देना शामिल है।

इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरीए मां बनने के अपने अनुभव के बारे में भी बताया और दूसरे माता-पिता से अपने 4 महीने के बेटे की परवरिश को लेकर सुझाव भी मांगे। सारा ने पोस्ट में बताया कि वह अपने बेटे को Baby J कहकर बुलाती हैं।

सारा अपने बच्चे को सुनाती हैं ‘हनुमान चालीसा’

उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि जब Baby J चिड़चिड़ा हो जाता है या रोने लगता है, तो वह उसे हनुमान चालीसा सुनाती हैं। हनुमान चालीसा एक हिंदू धार्मिक पाठ है। सारा के मुताबिक, जैसे ही वह हनुमान चालीसा चलाती हैं, उनका बेटा करीब 5 सेकंड में शांत हो जाता है और लगभग 2 मिनट में सो जाता है।

इंडियन दोस्त ने बताया ‘हनुमान चालीसा’ के बारे में

उन्होंने बताया कि हनुमान चालीसा के बारे में उन्हें एक इंडियन दोस्त से पता चला था, जिनसे उनकी मुलाकात Burning Man फेस्टिवल के दौरान हुई थी। जो लोग नहीं जानते उन्हें बताते चलें कि Burning Man अमेरिका के नेवादा के Black Rock Desert में होने वाला एक सालाना सांस्कृतिक फेस्टिवल है, जो करीब सात दिनों तक चलता है।

Sarah ने बताया कि अब वह हर सुबह हनुमान चालीसा को लूप पर चलाती हैं, यानी इसे बार-बार सुनाती हैं।

‘मैं उसे रोते हुए छोड़ने में यकीन नहीं रखती’

सारा ने यह भी बताया कि जब उनका बच्चा रोता है, तो वह कैसे रिएक्ट करती हैं।

उन्होंने बताया, “शुरुआती 9 महीनों में बच्चे को यह एहसास नहीं होता कि वह एक अलग इंसान है, इसलिए जब भी वह रोता है, मैं उसे तुरंत गोद में उठा लेती हूं। मैं उसे रोते-रोते सो जाने देने में यकीन नहीं रखती। अगर कुछ कोशिशों करने के बाद भी वह शांत नहीं होता, तो मैं तुरंत हनुमान चालीसा चला देती हूं, जिससे वह शांत हो जाता है।”

उनकी पोस्ट में उन दूसरे तरीकों का भी जिक्र था जिन्हें उन्होंने बेबी J की दिनचर्या में शामिल किया है।

सारा ने बताया कि वह अपने बेटे को रोजाना 8 मिनट तक ब्राह्म्स की लोरी (Brahms’ Lullaby) सुनाती हैं। उनका दावा है कि कुछ डेटा से पता चलता है कि यह म्यूजिक बच्चे के दिमाग के विकास की रफ्तार बढ़ाने में मदद कर सकता है।

40 की उम्र में सरोगेसी से मां बनी हैं सारा

अपनी पोस्ट में सारा बताती हैं वे 40 साल की उम्र में सरोगेसी की मदद से मां बनी हैं. वे बताती हैं कि बच्चा अभी सरोगेट मदर का ही दूध पीता है, इसीलिए वे उनको मूंगफली और सोया मिल्क भेज रही हैं ताकि बच्चे को इनकी आदत जल्दी हो जाए और उसे एलर्जी न हो। सारा बताती हैं कि वे अपनी समझ से ऐसा कर रही हैं, हालांकि साइंटिफिकली यह कितना सही है, इसका अंदाजा उन्हें नहीं है।’

उन्होंने अपने सरोगेसी के अनुभव में दिलचस्पी रखने वाले फॉलोअर्स को अपने पॉडकास्ट ‘हॉट वॉटर’ (Hot Water) के एपिसोड 69 को सुनने के लिए भी कहा।

एलर्जी से बचाने के लिए ये सब कर रहीं सारा

बेबी जे को किसी की तरह से की तरह की एलर्जी से बचाने के लिए सारा अभी से उसे दोस्तों और पड़ोसियों के कुत्तों के संपर्क में ले जाती हैं। साथ ही साथ रोजाना उसे बगीचे में ग्राउंडिंग भी करवाती हैं। वे कहती हैं कि बच्चे के पैरों में 2 लाख से ज्यादा नर्व एंडिंग्स होते हैं, और ऐसे करने से उसके न्यूरोलॉजिकल और शारीरिक विकास में मदद मिलती है।

सारा ने अपनी पोस्ट के आखिर में दूसरे माता-पिता से सुझाव मांगे कि वे अपने चार महीने के बच्चे के साथ क्या-क्या कर सकती हैं। उन्होंने लिखा, “क्या आप मेरे साथ कुछ और टिप्स शेयर कर सकते हैं जिन्हें मैं बेबी J के साथ आजमा सकूं?”

हनुमान चालीसा वाली पोस्ट पर यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया

इंस्टाग्राम पर इन तस्वीरों और फोटोज को लोग खूब पसंद कर रहे हैं और कमेंट बॉक्स मेंज जमकर प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं:-

एक यूजर ने लिखा, “हनुमान चालीसा सिर्फ एक इंडियन सॉन्ग नहीं है। यह गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक पवित्र भक्ति ग्रंथ है, जिसे हिंदू बहुत सम्मान देते हैं। इसे भगवान हनुमान के प्रति भक्ति और प्रार्थना के रूप में पढ़ा और गाया जाता है। कृपया एक सांस्कृतिक गीत और एक ऐसे पवित्र ग्रंथ के बीच का अंतर समझें, जिसका लाखों हिंदुओं के लिए गहरा आध्यात्मिक महत्व है।”

एक अन्य यूजर ने हनुमान चालीसा को अपनी रोजाना की पूजा का हिस्सा बताया। साथ ही, उन्होंने इसके ज्योतिषीय फायदों को लेकर भी एक दावा किया। यूजर ने लिखा, “हनुमान चालीसा मेरा रोज का मंत्र है। जिन लोगों की कुंडली में 8वें भाव में केतु होता है, उनके लिए यह बहुत फायदेमंद है। यह एक तरह की प्राकृतिक दवा है।”

एक तीसरे यूजर ने सारा के मां बनने के तरीके की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “Baby J बहुत खुशकिस्मत है कि उसे आप जैसी मां मिली हैं।”

एक अन्य यूजर ने भगवान हनुमान से जुड़े धार्मिक पाठ सुंदरकांड का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “सुंदरकांड नाम की एक खूबसूरत किताब है, जिसमें भगवान हनुमान की महिमा बताई गई है। मेरी मां गर्भावस्था के दौरान इसका पाठ करती थीं। इससे बच्चे में भक्ति और साहस की अच्छी भावना जागती है। यह सूर्य का ज्ञान रखने वाले एक दिव्य और निस्वार्थ प्रेम करने वाले देवता की कहानी है।”

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Hanuman Ansh Box Office Collection Day 52: 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर ‘हनुमान अंश’ ने रचा इतिहास, 52वें दिन 6.50 करोड़ का किया बिजनेस

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 52: विशाल चतुर्वेदी की ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने सिनेमाघरों मे 50 से ज्यादा दिन का सफर पूरा कर लिया है। रिलीज के 52वें दिन फिल्म ने 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। चलिए इसके कलेक्शन पर एक नजर डालते हैं।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

इस स्पिरिचुअल ड्रामा फिल्म ने सिनेमाघरों में 52 दिन पूरे कर लिए हैं। अब दुनिया भर में इसकी कुल कमाई (ग्रॉस कलेक्शन) 400 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। भारत में फिल्म की नेट कमाई 300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। फिल्म की कमाई में आठवें रविवार को उछाल देखा गया।

Sacnilk के अनुसार ‘हनुमान अंश’ ने 52वें दिन भारत में 9.00 करोड़ रुपये (नेट) कमाए, जबकि शनिवार को यह कमाई 6.50 करोड़ रुपये (नेट) थी। यह नया आंकड़ा पिछले दिन की तुलना में 38.5% की बढ़ोतरी दिखाता है। रविवार को 4,387 शो में फिल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 46.0% रही। शनिवार को 3,979 शो में ऑक्यूपेंसी 37.0% थी।

हालिया कमाई के बाद ‘हनुमान अंश’ ने भारत में कुल 307.03 करोड़ रुपये (नेट) कमाए हैं। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अभी 362.70 करोड़ रुपये है। फिल्म के हिंदी 2D वर्शन ने रविवार को कुल मिलाकर 53.33% ऑक्यूपेंसी दर्ज की। सुबह के शो में 30.54% ऑक्यूपेंसी रही, जबकि दोपहर के शो में यह आंकड़ा बढ़कर 60.38% हो गया। शाम के शो में दिन की सबसे ज्यादा 75.00% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, और रात के शो में यह 47.38% रही।

फिल्म के शो की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। रविवार को 4,387 शो हुए, जबकि एक दिन पहले 3,979 शो हुए थे। भारत में 362.70 करोड़ रुपये और विदेशों में 38.50 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 401.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

‘हनुमान अंश’ आठ वीक्स से सिनेमाघरों में लगी हुई है। पहले सात हफ्तों में इसका भारत में नेट कलेक्शन कुछ ऐसा रहा- पहले वीक में 1.08 करोड़ रुपये, दूसरे वीक में 40 लाख रुपये, तीसरे वीक में 10.40 करोड़ रुपये, चौथे वीक में 61 करोड़ रुपये, 5वें वीक में 90.25 करोड़ रुपये, 6वें हफ्ते में 80.25 करोड़ रुपये और सातवें हफ्ते में 44.80 करोड़ रुपये। फिल्म अभी अपने आठवें हफ्ते में चल रही है।

कैसी है फिल्म

‘हनुमान अंश’ हिंदी भाषा की एक आध्यात्मिक ड्रामा फिल्म है, जिसमें शोभिनव सत्या और विहान शेडगे मुख्य भूमिकाओं में हैं। विशाल चतुर्वेदी ने इस फिल्म को लिखा और डायरेक्ट किया है। आजादी से पहले के भारत पर आधारित यह फिल्म लक्ष्मी नारायण के शुरुआती जीवन की कहानी है। अपनी मां को खोने के बाद, वह छोटा लड़का घर छोड़ देता है और ईश्वर की तलाश में उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़ता है। रास्ते में उसे कई ऐसे अनुभव होते हैं जो उसकी यात्रा को आकार देते हैं और आखिरकार उसे नीम करौली बाबा में बदल देते हैं।

भारत में सच्चे संतों की कमी नहीं!

आज देश में सनातन धर्म के नाम पर शोर मचाने वाले ऐसे हज़ारों धर्मध्वजी, आत्मघोषित ‘संत’ गुरु, कथावाचक आदि सोशल मीडिया और समाज में छा गए हैं, जिनका आचरण दूर-दूर तक संतों जैसा नहीं है। रंगमंच के कलाकारों के जैसे रंगबिरंगे चमकीले-भड़कीले डिज़ाइनर वस्त्र पहन कर सरकारी सुरक्षाकर्मियों के साये में विशाल पंडालों में श्रोताओं के सम्मुख स्वयं को किसी राजाधिराज की तरह प्रस्तुत करना आम हो गया है। इसलिए कहावत है, ‘पानी पीजिए छान कर, गुरु कीजिए जान कर।’

बाबा नीब करौरी के जीवन के पूर्वार्ध पर बनी फ़िल्म ‘हनुमान अंश’ ने देश-विदेश के सनातनधर्मियों के हृदय को स्पर्श किया है। पिछले हफ़्ते जब थिएटर में मैं ये फ़िल्म देख रहा था तो अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाया और आँखे कई बार छलछला गईं। कारण ये कि नीब करौरी बाबा का तो नहीं पर उन जैसे कुछ संतों का सानिध्य पिछले 28 वर्षों में मुझे निरंतर प्राप्त हुआ है। इन संतों की सहजता, दरिद्र नारायण के प्रति करुणा और अमीर-ग़रीब के बीच कोई फ़र्क़ न करने की प्रवृत्ति ने मुझे बहुत प्रभावित किया।

1998 में जब बरसाना के विरक्त संत श्री रमेश बाबा से मिला तो वे मानगढ़ की पहाड़ी पर एक खण्डहर-नुमा कमरे में रहते थे। जिसमें जून की गर्म दोपहरी में आती गर्म हवा के थपेड़ों को रोकने के लिए खिड़कियों पर फटी बोरियों को भिगो कर टांगा हुआ था। जब बाबा ने मुझे ब्रज की सांस्कृतिक धरोहरों को सजाने संवारने का आदेश दिया तो उन्होंने यह भी कहा कि, “भगवान दीनबंधु दीनानाथ हैं, धनीबंधु वीआईपीनाथ नहीं। पहले फ़क़ीर बनो, तब ब्रज की सेवा करना।”

बाबा के सानिध्य में 2002-05 के बीच मैंने भी ऐसा जीवन जीने का प्रयास किया। बोरी बिछा कर सोना, भिक्षा माँग कर रोटी खाना और बेहद साधारण कपड़े पहनना। पर इतना ही काफ़ी नहीं था। अपने स्वभाव में दीनता लाने का भी अभ्यास करना था। इस तरह बाबा ने अनेक प्रकार से ब्रज सेवा के लिए प्रशिक्षित किया। उनके प्रताप से जो कुछ ब्रज में धरोहरों के जीर्णोद्धार के कार्य हुए वो जग-जाहिर हैं।

इसी तरह बरसाना की पीली पोखर पर रहने वाले विरक्त संत विनोद बाबा भी हैं। जिनके तप, सादगी, करुणा और हृदय की विशालता को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। मेरी मित्र मीरा बोरवाँकर जो महाराष्ट्र की चर्चित पुलिस अधिकारी रही और जिसके जीवन पर बॉलीवुड की फ़िल्म ‘मर्दानी’ बनी, वो श्री विनोद बाबा के दर्शन को तैयार नहीं थी। पर मैं उसे ले गया। बाबा को देखते ही वो ऐसी स्तब्ध हुई कि वहाँ उनके सामने घंटों बैठने की इच्छा व्यक्त करने लगी। ‘हनुमान अंश’ के अनेक प्रसंग ऐसे हैं जैसे मैंने उपरोक्त दोनों संतों के जीवन में प्रत्यक्ष अनुभव किए हैं। ‘संत हृदय नवनीत समाना’। जिस तरह बादल रात में चुपचाप किसान के खेत पर बिना बताए वर्षा करके चले जाते हैं, वैसे ही संत भी हमारे जीवन में अपनी कृपा की वृष्टि अनायास ही करते रहते हैं। गोवर्धन के सियाराम बाबा, वृंदावन के कृपाविलास वाले महाराज, पिछले कुछ वर्षों में प्रेमानंद जी महाराज और केरल की संत माता अमृतानंदमयी ‘अम्मा’ के सानिध्य में मुझे ऐसे ही अनेक अनुभव हुए हैं। इन सभी संतों ने मुझ पर अपना वात्सल्य खूब उड़ेला है। इसीलिए ‘हनुमान अंश’ फ़िल्म देखते समय मुझे बार-बार ऐसे प्रसंग याद आ रहे थे और आँसूँ थम नहीं रहे थे।

सच्चे संत हमारी पात्रता को नहीं देखते, वे तो अहैतुकि कृपा करते हैं। नीब करौरी बाबा का जीवन भी ऐसा ही था।  उन्होंने आडंबर और वैभव रहित सादगी भरा जीवन आम जनमानस के लिए समर्पित किया था। उनके क्रियाकलाप ये सिद्ध करने के लिए काफ़ी हैं कि संत को आपके पद, धन, रुतबे और हैसियत से कुछ लेना-देना नहीं होता। दुर्भाग्य की बात यह है कि आज देश में सनातन धर्म के नाम पर शोर मचाने वाले ऐसे हज़ारों धर्मध्वजी, आत्मघोषित ‘संत’ गुरु, कथावाचक आदि सोशल मीडिया और समाज में छा गए हैं, जिनका आचरण दूर-दूर तक संतों जैसा नहीं है।

रंगमंच के कलाकारों के जैसे रंगबिरंगे चमकीले-भड़कीले डिज़ाइनर वस्त्र पहन कर सरकारी सुरक्षाकर्मियों के साये में विशाल पंडालों में श्रोताओं के सम्मुख स्वयं को किसी राजाधिराज की तरह प्रस्तुत करना आम हो गया है। मोह-माया त्यागने का उपदेश देना और स्वयं वैभव युक्त जीवन जीना, सत्ताधीशों के आगे-पीछे मंडराना या उनके सानिध्य में गर्वित होना, अपने ही संसाधनों से मीडिया में स्वयं को ‘परम श्रद्धेय गुरुदेव’ जैसे अलंकारों से प्रचारित करवाना और खुलेआम धर्म का व्यापार करना इनके लिए आम बात है। आम जनता अपने जीवन के कष्टों से मुक्ति पाने के लिए धर्म की शरण लेती है। पर उन्हें मिलता है ‘ऊँची दुकान और फीका पकवान’।

पिछले तीस वर्षों में मैंने इस कॉलम में कई बार लिखा है कि जिसके सम्मुख बैठ कर आपकी भौतिक कामनाएँ समाप्त हो जाएँ और आध्यात्मिक जिज्ञासा का वेग प्रबल हो जाए, वही सच्चा संत है। बाक़ी तो सब धार्मिक मनोरंजन हैं। हमें भगवान या सच्चे संत से कुछ कह कर माँगना नहीं होता। नीब करौरी बाबा की तरह वे स्वयं ही जान लेते हैं कि हमें क्या चाहिए या हमारा भला किसमें है। भगवान श्री कृष्ण भगवद्गीता के 18वें अध्याय के 61वें श्लोक में कहते हैं कि, ‘ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति। भ्रामयन्सर्वभूतानि यन्त्रारूढानि मायया ॥’ अर्थात् हे अर्जुन! ईश्वर सभी प्राणियों के हृदय में निवास करते हैं। तो उनसे कुछ बोल कर मांगने की क्या ज़रूरत है?

देश के कोने-कोने में ऐसे सच्चे संतों की कमी नहीं है जो हमें तत्वज्ञान भी करा सकते हैं और हमारी व्यग्रता को भी शांत कर सकते हैं। ऐसे संतों को हमसे धन या संसाधन पाने की अपेक्षा नहीं होती। उन्हें जबरन शिष्य बनाने की इच्छा भी नहीं होती। ऐसे संत तो हमारे लाख बार नाक रगड़ने के बाद भी हमारी पात्रता को देख कर अपना शिष्य स्वीकार करते हैं। आजकल तो देश में थोक में शिष्य बनाने का व्यापार चल रहा है। ‘जैसा गुरु वैसा चेला, दोनों मिलकर ठेलमठेला’। लगभग 500 वर्ष पूर्व महाप्रभु वल्लभाचार्य जी ब्रज चौरासी कोस यात्रा के दौरान एक जंगल में पड़े विशालकाय अजगर को देख कर ठिठक गए। उस अजगर को हज़ारों चींटियां खा रही थीं। वो दर्द से छटपटा रहा था। महाप्रभु ने वहीं ठहर कर श्रीमद् भगवद् के 108 पाठ करने के निर्णय किया। उनके अचंभित शिष्यों ने इसका कारण पूछा। महाप्रभु ने कहा कि ये अजगर पिछले जन्म में आत्मघोषित गुरु था। इसने हज़ारों लोगों को दीक्षा देकर अपना शिष्य बनाया। पर न तो वो अपना उद्धार कर सका और न ही अपने हज़ारों शिष्यों का। वही शिष्य इस जन्म में ये हज़ारों चींटियाँ बन कर उसका शरीर खा रही हैं। इसलिए कहावत है, ‘पानी पीजिए छान कर, गुरु कीजिए जान कर।’

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 51: विशाल चतुर्वेदी की ‘हनुमान अंश’ ने भारत में 350 करोड़ रुपये का पार किया आंकड़ा

Hanuman Ansh Box Office Collection Day 51: विशाल चतुर्वेदी की डायरेक्ट की गई फिल्म ‘हनुमान अंश’ 51 दिनों के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। 10 लाख रुपये से शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने 51 दिनों में भारत में 352 करोड़ रुपये की कमाई की है।

Sacnilk के अनुसार इस भक्ति ड्रामा फिल्म ने शनिवार 26 सितंबर को भारत में 6.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। फिल्म ने सिनेमाघरों में अपने आठवें हफ्ते के दौरान यह बढ़त दर्ज की। 51वें दिन की कमाई 3,979 शो से हुई, जिसमें फ़िल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 37% रही।

शनिवार की कमाई को कुल कलेक्शन में जोड़ने के बाद ‘हनुमान अंश’ ने अब भारत में कुल 298.03 करोड़ रुपये (नेट) कमा लिए हैं। इसका भारत में ग्रॉस कलेक्शन 352.10 करोड़ रुपये है। भारत में नेट कलेक्शन 298.03 करोड़ रुपये होने के साथ, फिल्म अब 300 करोड़ रुपये के माइलस्टोन के बहुत करीब है।

‘हनुमान अंश’ ने विदेशी बाजारों में भी दर्शकों को आकर्षित करना जारी रखा है। फिल्म ने 51वें दिन अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से 0.75 करोड़ रुपये कमाए, जिससे इसका कुल विदेशी ग्रॉस कलेक्शन 37.75 करोड़ रुपये हो गया।

फिल्म के बारे में

विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित और प्रोड्यूस की गई ‘हनुमान अंश’ को एक ट्रिलॉजी के पहले हिस्से के तौर पर प्लान किया गया है। यह फिल्म चतुर्वेदी की किताब ‘डिवाइन डिटूर: दैट चेंज्ड माई लाइफ’ पर आधारित है। आजादी से पहले के भारत पर आधारित यह कहानी लक्ष्मी नारायण के शुरुआती जीवन को दिखाती है। अपनी मां को खोने के बाद, वह लड़का अपना घर छोड़ देता है और ईश्वर की तलाश में पूरे उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़ता है। यात्रा के दौरान हुए अनुभव ही आगे चलकर उसे नीम करौली बाबा में बदल देते हैं।

फिल्म में मुख्य भूमिका शोभिनव सत्या ने निभाई है। कलाकारों की टीम में चंदन के. आनंद (राम नंदन भोसले), निखिल दुबे (सुधीर), अनिल रस्तोगी (महंत जी), सुगंधा मल्होत्रा ​​(सुधि) और भगवानदास पटेल (गोपाल) भी शामिल हैं। नेहा परांजपे ने पार्वती, उदयसिंह राजपूत ने बंसीधर और पूर्णिमा तिवारी ने राम बेटी का किरदार निभाया है।

PM Modi Join Bhajan Clubbing: ‘हनुमान अंश’ का ‘पार्वती’ गाना सुन मंत्रमुग्ध हुए पीएम मोदी, GEN Z के साथ भजन क्लबिंग का उठाया लुफ्त

PM Modi Join Bhajan Clubbing: शुक्रवार को दिल्ली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के मौके पर ‘भजन क्लबिंग’ इवेंट हुआ। इस शाम भक्ति और आज के दौर के संगीत का संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इवेंट में शामिल हुए। यहां ‘हनुमान अंश’ के लिए मशहूर गायक साधु तिवारी ने फिल्म का लोकप्रिय भक्ति गीत ‘पार्वती’ गाया। जब भजन बज रहा था तो प्रधानमंत्री को ‘जेन-जी’ (Gen Z) दर्शकों के साथ गाने का आनंद लेते हुए देखा गया।

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में पीएम मोदी को भीड़ के साथ पूरी तरह घुलते-मिलते, तालियां बजाते और दिल को छू लेने वाली भक्ति परफॉमेंस के दौरान ‘खंजरी’ बजाते हुए देखा गया। बाद में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर इवेंट का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा, “दिल्ली में भजन क्लबिंग। शानदार!”

‘हनुमान अंश’ के एक्टर शोभिनव सत्य भी इवेंट में मौजूद थे और उन्होंने फिल्म के भक्ति गीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आनंद लेने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। NDTV से बातचीत में शोभिनव ने अफसोस जताया कि वह प्रधानमंत्री से मिल नहीं पाए। उन्होंने कहा, “उन्होंने जो कदम उठाए, जिस तरह से वह यहां आए और कुर्सी पर बैठे, ताली बजा रहे थे, पूरा आनंद ले रहे थे, ऐसा लगा जैसे वह बच्चों के बीच एक बच्चे बन गए हों। मुझे लगता है कि ऐसा केवल एक सच्चा संत ही कर सकता है। मेरे लिए वह एक सच्चे संत की तरह हैं।”

क्या है भजन क्लबिंग?

भजन क्लबिंग उभरता हुआ मूवमेंट पूरे भारत में ‘जेन-जी’ (Gen Z) का एक प्रमुख ट्रेंड है, जो भजन को नए अंदाज में पेश करता है। यह इवेंट आध्यात्मिक भजनों को आधुनिक कॉन्सर्ट-स्टाइल स्टेजिंग, शानदार लाइटों, लाइव बैंड और हाई-एनर्जी प्रोडक्शन के साथ पेश करता है। इसे खास तौर पर युवा पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक सभाओं को दिलचस्प बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह लोगों को शराब-मुक्त कॉन्सर्ट के माहौल में नाचने, भजन गाने और एक-दूसरे से घुलने-मिलने का मौका देता है।

‘हनुमान अंश’

विशाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित ‘हनुमान अंश’ फिल्म लक्ष्मी नारायण नाम के एक दुखी लड़के के शुरुआती जीवन की कहानी है, जो भगवान की तलाश में घर छोड़ देता है। दशकों तक भटकने, ध्यान करने और सेवा करने के बाद वह सम्मानित संत नीम करौली बाबा बन जाते हैं, जिन्हें भक्त भगवान हनुमान का अवतार मानते हैं। सिर्फ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 375 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और बड़े मेनस्ट्रीम स्टूडियो की फिल्मों पर पूरी तरह छा गई।

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ ने कमाया 18,200% मुनाफा, 4 लोगों के बीच बंटेगी कमाई, निर्देशक को मिलेंगे इतने करोड़

Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ 2026 की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट फिल्म बन गई है। ‘धुरंधर 2’ और ‘बॉर्डर 2’ के बाद यह इस साल की तीसरी सबसे बड़ी हिट फिल्म है जो पिछले सात हफ्तों से सिनेमाघरों में डटी है। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन इसके कुछ वीक और लगे रहने की तरफ इशारा कर रहा है। हाल में ही अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में फिल्म की प्रोड्यूसर में से एक अनुप्रिया नागर ने बताया था कि फिल्म 1.5 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा के बजट में बनी थी। उन्होंने फिल्म में 50 लाख रुपये लगाए हैं। साथ ही डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म बनाने के दौरान फीस के तौर पर एक पैसा नहीं लिया था। लेकिन अब फिल्म से होने वाला मुनाफा चारों पार्टनर्स के बीच बांटा जाएगा।

डायरेक्टर को मिलेंगे 50 करोड़

‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया कि इस फिल्म को डायरेक्ट करने के लिए विशाल चतुर्वेदी ने फीस नहीं ली थी। उन्होंने एक पैसा नहीं लिया था। अब प्रोफिट में से उन्हें हिस्सा दिया जाएगा। खबरों के मुताबिक विशाल को 50 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। हालांकि ये पुष्ट आंकड़ा नहीं है।

4 लोगों में बांटे जाएंगे इतने करोड़!

ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म ने 47 दिनों में कुल 366.45 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। जब उनसे रिटर्न को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे मुनाफे का एक-चौथाई हिस्सा दिया जाएगा। सबसे पहले डिस्ट्रीब्यूटर को हिस्सा दिया जाएगा। फिर हम बाकी खर्चों और टैक्स को पे करेंगे। इसके बाद जितना भी पैसा बचेगा वह 4 लोगों में बांट दिया जाएगा।

अनुप्रिया को दिए जाएंगे 50 करोड़

अनुप्रिया से जब सवाल किया गया कि उन्हें कितने पैसे मिलने वाले हैं तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें कम से कम 50 करोड़ रुपये की उम्मीद है। इतना अमाउंट तब है, जब फिल्म ओटीटी पर नहीं आई है। मेकर्स ने अभी तक OTT, सैटेलाइट या म्यूजिक में से कोई डील नहीं की है। उन्होंने बताया कि ‘अभी तक तो मेरा अनुमान है कि 50 करोड़ रुपये कमा लूंगी। लेकिन पक्का नहीं कह सकती हूं। हमें अभी OTT, म्यूजिक और सैटेलाइट डील भी करनी है, तो ये संख्या बढ़ भी सकती है।

अनुप्रिया ने बताया आगे का प्लान

जब उनसे 50 करोड़ रुपये का वह अब वह क्या करने वाली हैं। इस सवाल पर वह मुस्कुराईं और उन्होंने कहा, ‘मुझे तो यह भी नहीं पता कि इतने सारे पैसे कैसे संभालूं। मुझे लगता है कि इसे सोसाइटी को वापस कर दिया जाना चाहिए।’ अनुप्रिया ने बताया कि वह अपना प्रोडक्शन हाउस बनाना चाहती हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि वह ऐसी और कहानियां पर्दे पर लाएंगी। रीजनल फिल्में और वेब सीरीज बनाना चाहेंगी, लेकिन उनका बजट कम होगा।

Mahakavya Shri Ramayan Katha: भाव, भक्ति और मर्यादा के साथ बड़े पर्दे पर लौटी देव शर्मा-अंजलि अरोड़ा स्टारर ‘रामायण’

Mahakavya Shri Ramayan Katha: कुछ कहानियां हमें विरासत में मिलती हैं। ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ कुछ ऐसी है। रामायण सिर्फ एक महाकाव्य नहीं, बल्कि भारतीय समाज और संस्कृति का ऐसा हिस्सा है, जिसकी कहानियां पीढ़ियों से घरों, मंदिरों, रामलीलाओं और परिवारों के बीच आगे बढ़ती रही है।

निर्देशक अभिषेक सिंह रामायण को किसी ऐसी कहानी के तौर पर पेश करने की कोशिश नहीं करते, जिसे नए सिरे से बदलने की जरूरत हो। फिल्म को उसी भरोसे, प्यार, आस्था, त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और भक्ति की भावना के साथ बनाया गया है, जो इसे लेकर हर भारतीय अनुभव करता है।

फिल्म की खास बात यह है कि यह ऑरिजनल रामायण के इमोशन को बरकरार रखते हुए आज के दर्शक से कनेक्ट करने की कोशिश करती है। कथा की मूल पहचान को बदले बिना फिल्म के कई प्रसंगों में ऐसे भाव उभरते हैं, जिनसे वर्तमान पीढ़ी भी आसानी से जुड़ सकती है।

‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का फोकस सिर्फ रॉयल सीन्स या बड़े पैमाने पर कहानी दिखाने के बजाय उन रिश्तों पर अधिक है, जो रामायण की आत्मा हैं। श्री राम और माता सीता का प्रेम, लक्ष्मण की अपने बड़े भाई के प्रति अटूट निष्ठा, हनुमान की श्री राम के प्रति पूर्ण भक्ति और राम की मर्यादा के सामने रावण का अहंकार — यही फिल्म की नींव हैं।

देव शर्मा ने श्री राम के किरदार को काफी संयम और गरिमा के साथ निभाया है। उनके एक्सप्रेशन सिर्फ वीरता दिखाने तक सीमित नहीं , बल्कि श्री राम के धैर्य, करुणा और मर्यादा को भी सामने लाते हैं। उनके किरदार में एक ठहराव दिखाई देता है। अंजलि अरोड़ा के किरदार को लेकर दर्शकों शक था, लेकिन माता सीता उन्होंने शानदार तरीके से निभाया हैं। फिल्म सीता के किरदार को सिर्फ राम की कहानी का हिस्सा बनाकर नहीं रखती, बल्कि उनके विश्वास, आत्मसम्मान और आंतरिक शक्ति को भी महत्व देती है।

शील वर्मा लक्ष्मण के रूप में राम परिवार की कहानी में एक महत्वपूर्ण इमोशनल परत जोड़ते हैं। श्री राम और माता सीता के प्रति उनका समर्पण और अपने बड़े भाई के साथ उनका रिश्ता फिल्म की यात्रा में लगातार महत्वपूर्ण बना रहता है। वहीं निर्भय वाधवा हनुमान के किरदार में ऊर्जा और भक्ति लेकर आते हैं। हनुमान की मौजूदगी वाले हिस्सों में उनका उत्साह कहानी को अलग गति देता है। जबकि राजनेश दुग्गल रावण के रूप में जच रहे हैं।

फिल्म का संगीत सुनने में अच्छा लगता है। संगीत कहानी के माहौल के साथ सटीक बैठता है। ‘सिया राम’ को जावेद अली ने अपनी आवाज दी है। वहीं फरहाद बिवंडीवाला की आवाज में ‘राम जी की सेना’ फिल्म में ऊर्जा और उत्साह लेकर आता है। कैलाश खेर का ‘हे हनुमान’ हनुमान से जुड़े सीन्स में भक्ति और जोश को बढ़ाता है। इसके अलावा शान, शाहिद मल्ल्या और वैशाली सामंत जैसे गायकों की आवाजें भी साउंडट्रैक का हिस्सा हैं।

बात वीएफएक्स की करें तो कुछ बड़े सीन्स में और बेहतर काम किया जा सकता था। खास कर युद्ध वाले सीन या लंका से जुड़े सीन थोड़े फीके लगते हैं। फिर भी यह कमी फिल्म की कहानी से जुड़ाव को पूरी तरह कमजोर नहीं करती है। अयोध्या से वनवास, सीता हरण, हनुमान के आगमन, लंका की ओर बढ़ती कहानी रावण के अंत तक की जर्नी दिखाती है।

शायद फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह अपने दर्शकों को अच्छी तरह समझती है। महाकाव्य श्री रामायण कथा रामायण को किसी चौंकाने वाले या पूरी तरह अलग रूप में पेश करने की कोशिश नहीं करती। यह आस्था और उन मूल्यों को केंद्र में रखती है, जिनके कारण यह कथा आज भी लोगों के जीवन का हिस्सा बनी हुई है। फिल्म को हम 3.5 रेटिंग देते हैं।

फिल्म का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है और इसका निर्माण प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने महोबिया फिल्म्स प्रोडक्शन के बैनर तले किया है। फिल्म को एजे फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड और अजय कनोजिया प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि हनी कुलदीप अग्रवाल और मोनिका सेन सह-निर्माता हैं।