क्रूड और US बॉन्ड यील्ड बिगाड़ सकते है बाजार का मूड, गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, इंडेक्स पर कहां रखें आज नजर

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के निचले स्तर पर खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी 100 अंक से ज़्यादा की गिरावट के साथ कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में नई तेज़ी, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और एशियाई व US इक्विटी बाज़ारों में गिरावट का असर बाजारों पर पड़ रहा है। मध्य पूर्व के अहम शिपिंग रूट पर हमले तेज़ होने के बाद ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि US में थोक महंगाई बढ़ने से अगले हफ़्ते फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें मजबूत हुईं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे 23,343 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो 117 अंक या 0.5 प्रतिशत नीचे था। गुरुवार को भारतीय इक्विटी बाजारों ने लगातार तीन सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था, हालांकि सीमित दायरे में कारोबार के कारण बढ़त मामूली रही। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर पहुंचा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

शुक्रवार को एशियाई शेयरों और बॉन्ड में गिरावट आई क्योंकि निवेशक ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और US में सख्त मौद्रिक नीति की संभावना से जूझ रहे थे। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया में सबसे ज़्यादा नुकसान देखा गया। जापान का Topix 1 प्रतिशत गिरा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई। ऑस्ट्रेलिया के S&P/ASX 200 और हांगकांग के Hang Seng में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि शंघाई कंपोजिट 0.6 प्रतिशत गिरा।

गुरुवार की बिकवाली के बाद US इक्विटी फ्यूचर्स में कुछ स्थिरता के संकेत दिखे, जिसमें एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

मध्य पूर्व में सप्लाई से जुड़े जोखिम बढ़ने से ब्रेंट $110 के करीब पहुंचा

कच्चा तेल भारतीय बाज़ारों के लिए सबसे बड़ी मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौती बना हुआ है। फारस की खाड़ी और लाल सागर दोनों से शिपिंग के लिए बढ़ते खतरों के बीच कीमतों में ज़बरदस्त तेज़ी जारी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग $110 तक पहुंचने के बाद 1% बढ़कर $108.68 प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1% बढ़कर $103.45 प्रति बैरल हो गया। गुरुवार को दोनों बेंचमार्क में 6% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी।

ईरान-समर्थित हूतियों ने गुरुवार को यमन के मोचा बंदरगाह पर कब्ज़ा कर लिया, जिससे रेड सी में शिपिंग के लिए खतरा बढ़ गया है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ट्रैफ़िक पर भी रोक लगी हुई है क्योंकि खाड़ी में टैंकरों पर हमले बढ़ गए हैं।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमलों से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है और क्रूड मार्केट में जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम ऊंचा बना हुआ है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

गुरुवार को अमेरिकी इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि प्रोड्यूसर की कीमतों में बढ़ोतरी और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से यह चिंता बढ़ गई कि महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व को अगले हफ़्ते ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। अगस्त में अमेरिकी थोक महंगाई 0.4% बढ़ी, जिससे कीमतों के दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके जवाब में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई, और 10-साल की यील्ड लगभग तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी को उम्मीद है कि 23,500-23,600 का स्तर निफ्टी के लिए तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा, जबकि 23,200 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। 23,200 के नीचे जाने पर गिरावट 23,050-23,000 तक बढ़ सकती है, हालांकि बहुत ज़्यादा ओवरसोल्ड मोमेंटम इंडिकेटर टेक्निकल बाउंस की गुंजाइश भी बनाते हैं।

गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय इक्विटी में नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाज़ार को सपोर्ट देना जारी रखा और सेशन के दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की इक्विटी खरीदी।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 111 अंक नीचे, एशिया में भी दबाव, क्रूड $108 के पार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गिफ्ट निफ्टी, क्रूड और ग्लोबल बाजार क्या सब मिलकर बिगाड़ेगे बाजार का मूड़, जानें क्या मिल रहा है संकेत

GIFT Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के संभलकर खुलने की उम्मीद है। पिछले सेशन में निफ्टी के तीन महीने के निचले स्तर पर आने के बाद GIFT निफ्टी से संकेत मिल रहा है कि बाजार की शुरुआत लगभग सपाट होगी। बता दें कि सितंबर सीरीज़ के अब तक के 11 ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी सिर्फ़ 2 बार बढ़ा है और अब तक 900 पॉइंट गिर चुका है। यह कोई हैरानी की बात नहीं है क्योंकि इसके दो सबसे बड़े सेक्टर – बैंक और IT – खराब प्रदर्शन कर रहे हैं। सितंबर के अब तक के सात सेशन में निफ्टी IT इंडेक्स 8% गिरा है।

ब्रेंट क्रूड का भाव $101 प्रति बैरल से ऊपर होना, मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ना, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और एशियाई , US इक्विटी में गिरावट से बाजार का मूड दबाव में रह सकता है। निवेशक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी के बारे में संकेत पाने के लिए US के अहम महंगाई आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 23,489 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले दिन की क्लोजिंग से लगभग कोई बदलाव नहीं दिखाता है। बुधवार को भारतीय इक्विटी में गिरावट जारी रही क्योंकि ज्यादातर सेक्टर, खासकर IT और रियल्टी में बिकवाली तेज हो गई। सेंसेक्स 813.35 अंक या 1.08 प्रतिशत गिरकर 74,764.23 पर आ गया, जबकि निफ्टी 203.60 अंक या 0.86 प्रतिशत गिरकर 23,431.50 पर आ गया, जो तीन महीने का निचला स्तर है।

मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ने से एशियाई बाजारों में गिरावट

गुरुवार को एशियाई इक्विटी में गिरावट आई। मिडिल ईस्ट में शिपिंग पर हमलों की नई लहर ने एनर्जी सप्लाई की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे क्रूड का भाव मनोवैज्ञानिक रूप से अहम $100 के स्तर से ऊपर चला गया है और महंगाई व ब्याज दरों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 1 प्रतिशत गिर गया, जबकि जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी दोनों 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरे। वॉल स्ट्रीट में गिरावट के बाद क्षेत्रीय बाजारों में भी गिरावट देखी गई।

क्रूड की रैली तेज, ब्रेंट $101 के पार

भारतीय इक्विटी के लिए क्रूड ऑयल सबसे बड़ी तत्काल मैक्रो-इकोनॉमिक चिंता बनी हुई है। जुलाई के बाद पहली बार पिछले सेशन में $100 का स्तर तोड़ने के बाद गुरुवार को ब्रेंट क्रूड $101.94 प्रति बैरल तक चढ़ गया। नवंबर सेटलमेंट के लिए ब्रेंट बाद में $101.33 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.5 प्रतिशत बढ़कर $96.56 प्रति बैरल हो गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एनर्जी की ऊंची कीमतें और बॉन्ड यील्ड में मजबूती रिस्क लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं, जो उभरते बाजारों की इक्विटी के लिए एक मुश्किल स्थिति पैदा कर रही हैं। WTI का भाव $96-97 के आसपास और ब्रेंट का भाव $101 से ऊपर होने से महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं और US ट्रेजरी यील्ड पर ऊपर की ओर दबाव पड़ रहा है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एनर्जी की ऊंची कीमतें और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से रिस्क लेने की इच्छा पर असर पड़ रहा है, जो उभरते बाजारों की इक्विटी के लिए एक मुश्किल स्थिति पैदा कर रहा है। WTI का भाव $96-97 के आसपास और ब्रेंट का भाव $101 से ऊपर होने से महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं और US ट्रेजरी यील्ड पर ऊपर की ओर दबाव पड़ रहा है।

भू-राजनीतिक अनिश्चितता भी बनी हुई है। US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ टकराव मिड-टर्म चुनावों के बाद “तुरंत” खत्म हो सकता है, लेकिन पोनमुडी ने कहा कि तनाव कम करने के रास्ते पर स्पष्टता की कमी के कारण निवेशक सतर्क हैं और एनर्जी की कीमतों में भू-राजनीतिक रिस्क प्रीमियम शामिल है।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी निफ्टी के लिए 23,550-23,600 को तुरंत रेजिस्टेंस (बाधा) मानते हैं; अगर यह 23,600 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 23,800 की ओर रिकवरी की संभावना बन सकती है। नीचे की तरफ, अगर यह 23,400 के नीचे जाता है, तो गिरावट 23,200 तक बढ़ सकती है।

बुधवार को लगातार दूसरे सेशन में विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 582 करोड़ रुपये की भारतीय इक्विटी बेचीं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने सपोर्ट जारी रखा और 1,509 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। इससे उनकी खरीदारी का सिलसिला लगातार 22वें सेशन तक जारी रहा।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT निफ्टी में गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी के लिए सुस्त शुरुआत के संकेत, कच्चा तेल 97 डॉलर के पार

मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है। GIFT निफ्टी फ्लैट या नेगेटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतें $97 प्रति बैरल के पार चली गई हैं और अमेरिका-ईरान के बीच लगातार तनाव का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। एशियाई बाजार बिना किसी साफ दिशा के कारोबार कर रहे हैं,जबकि सोमवार को अमेरिकी बाजार में छुट्टी के कारण वॉल स्ट्रीट से कोई संकेत न मिलने से भी निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,802 पर ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 25 पॉइंट या 0.1 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पिछले सेशन की रिकवरी को बनाए नहीं रख पाए। ज़्यादातर सेक्टर में बिकवाली के दबाव के कारण बेंचमार्क इंडेक्स नीचे आ गए। सेंसेक्स 382.62 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 118.55 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 23,779.15 पर बंद हुआ।

बेंचमार्क इंजेक्सों में गिरावट के बावजूद,पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो से भारतीय इक्विटी को कुछ सहारा मिला। 7 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 280 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी 566 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए नेट खरीदारी की।

ग्लोबल मार्केट पर एक नजर

निवेशकों की सावधानी के बीच एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला रुख दिख रहा है। मंगलवार को मिले-जुले आर्थिक आंकड़ो, तेल की बढ़ती कीमतों और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच एशियाई शेयरों में साफ दिशा नहीं है। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.2 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जबकि जापान का निक्केई 225 उतार-चढ़ाव के बाद लगभग 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सोमवार को अमेरिकी बाज़ार बंद थे,इसलिए निवेशकों को वॉल स्ट्रीट से कोई नया संकेत नहीं मिला। मंगलवार को एशियाई कारोबार में S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला प्रदर्शन यह बताता है कि निवेशक जोखिम लेने में सावधानी बरत रहे है। वे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी मौद्रिक नीति के आउटलुक पर नजर रखे हुए हैं।

ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी के बाद ब्रेंट क्रूड $97 के पार

मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त जारी है। मध्य पूर्व में लंबे समय तक संघर्ष चलने का खतरा बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका के किसी भी नए हमले का जवाब देने की धमकी दी है,जिससे तनाव बढ़ने और तेल की सप्लाई में रुकावट आने की चिंताएं और बढ़ गई हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.35% बढ़कर $97.34 प्रति बैरल हो गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.26% बढ़कर $92.63 प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला प्रदर्शन यह बताता है कि निवेशक जोखिम लेने में सावधानी बरत रहे है। वे तेल की कीमतों को लेकर सतर्क बने हुए है। ऐसे में निफ़्टी का रुख सतर्क से लेकर मंदी वाला (बेयरिश) बना रहेगा। मोमेंटम वापस लाने के लिए इसे 24,000 के ऊपर टिके रहने की ज़रूरत है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,750-23,700 पर है और उसके बाद 23,600 पर बड़ा सपोर्ट है।

 

Market View : निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, ट्रेडर इस ऑटो शेयर में बना सकते हैं अच्छा पैसा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन कैसी होगी बाजार की चाल, जानें ग्लोबल बाजार और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है, क्योंकि GIFT Nifty फ्लैट या नेगेटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। Nvidia के अच्छे आउटलुक ने पूरे एशिया में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों को बढ़ावा दिया है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट से भारतीय शेयरों को सहारा मिल रहा है। हालांकि, उम्मीद से ज़्यादा US महंगाई के आंकड़ों और जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह करीब 7:40 बजे GIFT Nifty 30 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,366 पर ट्रेड कर रहा था। बुधवार को भारतीय शेयर पिछले सेशन की बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और Nifty दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ। Sensex 183.15 अंक या 0.24 प्रतिशत गिरकर 77,472.94 पर आ गया, जबकि Nifty 126.80 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरकर 24,207.75 पर बंद हुआ।

Nvidia के आउटलुक से एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में उछाल

Nvidia द्वारा बिक्री का अच्छा आउटलुक जारी करने के बाद एशियाई शेयरों में बढ़त हुई। इससे उन चिंताओं में कमी आई कि AI से जुड़े कैपिटल खर्च में तेज़ी से हो रही बढ़ोतरी की रफ़्तार धीमी पड़ सकती है। हाल के हफ़्तों में AI पर खर्च के पैमाने और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंताओं के कारण इस सेक्टर में ज़बरदस्त बिकवाली हुई थी, ऐसे में यह अच्छा आउटलुक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी शेयरों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकता है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत बढ़ा, जिसमें सेमीकंडक्टर शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। दक्षिण कोरिया के Kospi में 1.1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जिसे SK Hynix और Samsung Electronics जैसे शेयरों का सहारा मिला, जबकि जापान के Topix में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई। Nvidia के शेयरों में US में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान 4.7 प्रतिशत का उछाल आया, क्योंकि इसके आउटलुक ने बिक्री में लगातार मज़बूत बढ़ोतरी का संकेत दिया। इस घोषणा के बाद Nasdaq 100 फ्यूचर्स में 1.3 प्रतिशत तक की बढ़त हुई, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.4 प्रतिशत ऊपर थे।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

Nvidia पर सकारात्मक प्रतिक्रिया तब आई जब बुधवार को रेगुलर ट्रेडिंग में अमेरिकी शेयर मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे, क्योंकि उम्मीद से ज़्यादा महंगाई के आंकड़ों ने सेंटीमेंट पर असर डाला था। Dow Jones Industrial Average 0.21 प्रतिशत गिरकर 53,463.88 पर आ गया, जबकि S&P 500 0.02 प्रतिशत गिरकर 7,675.70 पर और Nasdaq Composite 0.08 प्रतिशत गिरकर 26,130.20 पर बंद हुआ।

महंगाई के आंकड़े अमेरिकी ब्याज दरों और ट्रेजरी यील्ड के आउटलुक पर फोकस बनाए रख सकते हैं। हाल के हफ्तों में, लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें और ज़्यादा बॉन्ड यील्ड ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए, खासकर ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयरों और उभरते बाजारों की एसेट्स के लिए, एक बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं।

ब्रेंट में लगातार चौथे दिन गिरावट

कच्चे तेल की गिरती कीमतें भारतीय बाजारों के लिए एक अच्छा संकेत हैं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.7 प्रतिशत गिरकर $87.24 प्रति बैरल पर आ गए, जिससे लगातार चौथे सेशन में इसमें गिरावट जारी रही। US West Texas Intermediate क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर $81.67 प्रति बैरल पर आ गया, जो लगातार पांचवां सेशन था जब इसमें गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

Bajaj Broking ने कहा कि निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए; इस स्तर के ऊपर जाने (ब्रेकआउट) से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म सपोर्ट 24,000-23,800 पर देखा जा रहा है।

बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार दूसरे सेशन में नेट बायर रहे और उन्होंने 26 अगस्त को 502 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने कहीं ज़्यादा खरीदारी की और शेयरों में 6,425 करोड़ रुपये का निवेश किया।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या भारतीय बाजार पर दिखाएगी अपना असर, इंडेक्स में आज किन लेवल पर दें ध्यान

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी गैप-अप शुरुआत का संकेत दे रहा है, कच्चे तेल की गिरती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी और वॉल स्ट्रीट में रात भर हुई बढ़त ने ग्लोबल माहौल को बेहतर बनाया है। ज़्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी और घरेलू स्तर पर इंस्टीट्यूशनल बाइंग से और सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन निवेशक Nvidia की तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं, इसलिए वे सतर्क रह सकते हैं।

सुबह 8.10 बजे GIFT निफ्टी 75.00 अंक या 0.31 फीसदी बढ़कर 24,555 पर ट्रेड कर रहा था। घरेलू इक्विटीज़ पॉज़िटिव मोमेंटम के साथ सेशन की शुरुआत कर रही हैं, क्योंकि मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के दिन आखिरी घंटे में हुई खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को रिकवर करने में मदद मिली थी। मंगलवार को सेंसेक्स 286.98 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 77,656.09 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 115.50 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 24,334.55 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में ज़्यादातर तेजी

बुधवार को एशियाई इक्विटीज़ में ज़्यादातर तेज़ी देखी गई, जिसे टेक्नोलॉजी स्टॉक्स और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी से सपोर्ट मिला। MSCI के एशिया-पैसिफिक इक्विटीज़ गेज में 0.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। हांगकांग का हैंग सेंग 1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि शंघाई कंपोजिट में 0.4 प्रतिशत की बढ़त हुई। जापान का टोपिक्स और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी मामूली रूप से ऊपर थे, हालांकि निक्केई 225 फ्यूचर्स में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

बुधवार को भारतीय इक्विटीज़ के लिए कच्चे तेल की कीमतों में और तेज़ गिरावट सबसे अच्छे संकेतों में से एक है, जबकि अमेरिकी टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में रिकवरी और बॉन्ड यील्ड में कमी ने भी ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मदद की है। शुरुआती एशियाई कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई, जो पिछले सेशन की भारी गिरावट को और बढ़ा रही है। ईरान ने कहा है कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ बातचीत फिर से शुरू कर दी है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2 प्रतिशत गिरकर $86.80 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.8 प्रतिशत गिरकर $80.87 प्रति बैरल पर आ गया। मंगलवार को दोनों बेंचमार्क में 3 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई थी।

टेक शेयरों में रिकवरी और बॉन्ड यील्ड में कमी से वॉल स्ट्रीट में बढ़त

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए। Nvidia के नतीजों से पहले टेक्नोलॉजी शेयरों में रिकवरी देखी गई, जबकि हाल ही में बॉन्ड मार्केट में बिकवाली के बाद कच्चे तेल और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से निवेशकों को कुछ राहत मिली। Nasdaq Composite 0.66 प्रतिशत बढ़कर 26,151.30 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 0.32 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 7,677.24 पर बंद हुआ। Dow Jones Industrial Average 0.30 प्रतिशत बढ़कर 53,577.40 पर पहुंच गया।

बॉन्ड यील्ड में कमी ग्लोबल इक्विटी के लिए एक और सकारात्मक संकेत है। इससे पहले, कर्ज लेने की लागत में बढ़ोतरी ने वैल्यूएशन पर दबाव डाला था और उभरते बाजारों में पूंजी प्रवाह को लेकर चिंताएं पैदा की थीं।

FII और DII की खरीदारी

मंगलवार को इंस्टीट्यूशनल फ्लो (संस्थागत निवेश प्रवाह) सकारात्मक रहा, जिसमें विदेशी और घरेलू दोनों तरह के निवेशक नेट बायर (शुद्ध खरीदार) के तौर पर उभरे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सत्र में भी खरीदारी जारी रखी और 1,593 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी नेट बायर रहे और उन्होंने भारतीय शेयरों में 230 करोड़ रुपये का निवेश किया। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी घरेलू इक्विटी के लिए एक उत्साहजनक संकेत है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि बुधवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में तेज़ी के साथ शुरुआत होने की उम्मीद है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी से रिस्क एसेट्स के लिए माहौल बेहतर हुआ है। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में नरमी और वॉल स्ट्रीट में रात भर आई रिकवरी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। बेहतर माहौल को देखते हुए, GIFT निफ्टी फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में 24,500 के स्तर से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि निफ्टी की पिछली क्लोजिंग 24,334 थी; इससे घरेलू इक्विटी में गैप-अप ओपनिंग का संकेत मिलता है।

बजाज ब्रोकिंग ने कहा कि अगर निफ्टी 24,360 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह 24,550-24,700 के स्तर तक जा सकता है, जबकि शॉर्ट-टर्म सपोर्ट 24,000-23,800 के आसपास दिख रहा है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, क्रूड में नरमी 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty Indicator: क्रूड में नरमी से क्या सुधरेगा बाजार का सेंटिमेंट, गिफ्ट निफ्टी दे रहा मजबूत शुरुआत के संकेत

GIFT Nifty Indicator:  लगातार दो हफ़्तों की गिरावट के बाद, सोमवार को इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के मामूली बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। हालांकि, बाज़ार का मूड सतर्क रहेगा क्योंकि निवेशक ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए जा सकने वाले प्रतिबंधों के बारे में और जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं।

सुबह 8:30 बजे (IST) GIFT निफ्टी फ़्यूचर्स 24,378 पॉइंट्स पर था, जो बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स के लिए अच्छी शुरुआत का संकेत देता है; यह इंडेक्स शुक्रवार को 24,252 पर बंद हुआ था।

पिछले सेशन में घरेलू इक्विटी इंडेक्स फ्लैट बंद हुए थे, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 24,300 के लेवल से नीचे बंद हुआ था। सेंसेक्स 3.11 पॉइंट या 0.00% बढ़कर 77,540.83 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 20.15 पॉइंट या 0.08% गिरकर 24,252 पर बंद हुआ।

ग्लोबल संकेत

एशियाई बाज़ार ज़्यादातर स्थिर रहे क्योंकि निवेशक ईरान पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों और इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले Nvidia के नतीजों का इंतज़ार कर रहे थे। इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने इस महीने भारतीय इक्विटी में खरीदारी तेज़ कर दी है। अगस्त में अब तक उन्होंने 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है, क्योंकि बेहतर तिमाही नतीजों, स्थिर रुपये और बाज़ार की बेहतर संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, “FPIs को भारतीय बाज़ार की ओर वापस लाने वाले कारक ये हैं: Q1 नतीजों में दिखी कमाई में बढ़ोतरी, ‘चिप ट्रेड’ से FPIs का बाहर निकलना, रुपये में स्थिरता और व्यापक बाज़ार की कंपनियों की शानदार ग्रोथ की संभावनाएँ।”

यह निवेश तब आया है जब FPIs ने जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह लगातार चार महीनों की भारी बिकवाली के बाद एक बड़ा बदलाव है और भारतीय इक्विटी में फिर से भरोसा बढ़ने का संकेत है।

इंडेक्स पर किन लेवल पर दें ध्यान

Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाज़ार सावधानी के साथ हफ़्ते की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रिस्क लेने की इच्छा को कम कर रही हैं। कच्चे तेल की कीमतें मज़बूत बनी हुई हैं। WTI $86 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है क्योंकि बाज़ार ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की तैयारी कर रहे हैं, जबकि पहले से ही लंबे समय से जियोपॉलिटिकल तनाव चल रहा है। GIFT Nifty फ्यूचर्स के शुरुआती संकेत – जो Nifty की पिछली क्लोजिंग 24,252 के मुकाबले 24,300–24,350 की रेंज में ट्रेड कर रहे हैं – घरेलू इक्विटी के लिए काफी हद तक सपाट या थोड़ी बढ़त वाली शुरुआत का संकेत देते हैं।

आज Bank Nifty के आउटलुक पर, Enrich Money के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि Bank Nifty का टेक्निकल सेटअप तुलनात्मक रूप से मज़बूत रहने की उम्मीद है, और इंडेक्स में लगातार मज़बूती दिख रही है। हालांकि, व्यापक स्ट्रक्चर एक रेंज में ही बना हुआ है, और इंडेक्स को ऊंचे लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। टेक्निकल नज़रिए से, 57,800–58,000 का ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस वाला एरिया बना हुआ है। 58,000 के ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के लेवल की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ, 57,400–57,300 तुरंत सपोर्ट ज़ोन बना हुआ है, और उसके बाद 57,100–57,000 का मज़बूत एरिया है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए इन लेवल के ऊपर बने रहना ज़रूरी होगा, जबकि 57,000 के नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर फिर से बिकवाली का दबाव बन सकता है और निकट अवधि का टेक्निकल रुझान कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, Bank Nifty के लिए निकट अवधि का आउटलुक सावधानी के साथ सकारात्मक बना हुआ है, जिसमें 58,000 तुरंत ब्रेकआउट ट्रिगर के रूप में और 57,000 मुख्य डाउनसाइड सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बाजार के लिए क्या होगा आज गुड फ्राइडे या लगेगी निराशा हाथ, ग्लोबल बाजार से लेकर गिफ्ट निफ्टी तक जानें कैसे मिल रहे है संकेत

शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के सपाट खुलने की संभावना है। GIFT Nifty मामूली बढ़त का संकेत दे रहा है, जबकि पिछले सेशन में Nifty ने लगातार सात दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में फिर से दबाव और कच्चे तेल की कीमतों के एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने से सेंटीमेंट पर असर पड़ सकता है, भले ही एशियाई इक्विटी में मिला-जुला कारोबार हुआ और US स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी बढ़त दिखी।

सुबह 8:05 बजे GIFT Nifty 25 अंक या 30. प्रतिशत बढ़कर 24,333.5 पर कारोबार कर रहा था। कल भारतीय इक्विटी में जोरदार वापसी हुई थी क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड में कमी से ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता में कुछ सुधार हुआ था। Sensex 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत बढ़कर 77,537.72 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत बढ़कर 24,231.85 पर बंद हुआ।

हालांकि, रात भर में ग्लोबल माहौल कम सपोर्टिव हो गया क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड फिर से बढ़ने लगीं और US-ईरान तनाव के समाधान की उम्मीदें कम होने के बीच कच्चा तेल एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

US बॉन्ड यील्ड में फिर से बढ़ोतरी, वॉल स्ट्रीट पर दबाव

इस हफ्ते की शुरुआत में US ट्रेजरी के दखल से मिली राहत कम समय के लिए ही रही, इसलिए शुक्रवार को भी ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में तनाव इक्विटी के लिए एक मुख्य जोखिम बना रहा। US 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड वापस लगभग 5.25 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि 10-वर्षीय यील्ड 4.71 प्रतिशत को छू गई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव पड़ता है और इससे विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों की संपत्ति कम आकर्षक हो सकती है।

यील्ड में फिर से बढ़ोतरी का असर रात भर वॉल स्ट्रीट पर दिखा। Dow Jones Industrial Average 703.84 अंक या 1.32 प्रतिशत गिरकर 52,759.21 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,641.16 और Nasdaq Composite में 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,067.17 पर कारोबार हुआ। रिटेल सेक्टर की बड़ी कंपनी वॉलमार्ट के निराशाजनक नतीजों ने भी सेंटीमेंट को खराब किया, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दीं।

शुक्रवार सुबह US इक्विटी फ्यूचर्स से थोड़े सकारात्मक संकेत मिले; S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत और नैस्डैक फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत ऊपर रहे।

बॉन्ड मार्केट की चिंताओं के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। कई प्रमुख इंडेक्स साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहे थे क्योंकि निवेशक ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी से जूझ रहे थे। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरियाई और ताइवानी शेयरों में थोड़ी बढ़त देखी गई। हालांकि, जापान का निक्केई 0.8 प्रतिशत गिर गया और इसमें 4 प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक गिरावट की संभावना थी।

US-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट $93 के करीब

घरेलू निवेशकों के लिए कच्चा तेल एक और बड़ी चिंता का विषय बना रहा, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक गतिरोध के कारण कीमतें लगभग एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड पहले $94.71 प्रति बैरल तक पहुंचा, लेकिन बाद में प्रॉफिट बुकिंग के कारण इसमें थोड़ी नरमी आई। फ्यूचर्स अंत में 0.7 प्रतिशत गिरकर $93.12 प्रति बैरल पर रहे, लेकिन पूरे सप्ताह के दौरान 5 प्रतिशत से अधिक ऊपर बने रहे। US क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर $86.18 प्रति बैरल पर आ गया।

तेल की कीमतों को उस समझौते की कम होती उम्मीदों से सहारा मिला है जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से फिर से खुल सकता था; यह उम्मीद तब कम हुई जब US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर “इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध” लगाएगा।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक: आगे की रिकवरी के लिए 24,265 का स्तर अहम

बजाज ब्रोकिंग ने कहा कि अगर निफ्टी 24,265 के स्तर के ऊपर लगातार बना रहता है, तो इसकी रिकवरी 24,400 तक बढ़ सकती है; वहीं, अगर यह इस स्तर को पार नहीं कर पाता है, तो यह 24,000-24,250 के दायरे में ही बना रह सकता है। ब्रोकरेज फर्म को 24,000-23,800 पर मजबूत सपोर्ट दिख रहा है और उम्मीद है कि इंडेक्स 24,000-24,600 की व्यापक रेंज में रहेगा। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को भारतीय शेयरों को सहारा देना जारी रखा और 3,537 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक नेट सेलर बन गए और उन्होंने 583 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेश के प्रवाह पर नज़र बनी रहेगी क्योंकि US ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से डॉलर एसेट्स का आकर्षण बढ़ सकता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 70 अंक चढ़ा, सेंसेक्स-निफ्टी की हो सकती है मजबूत शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: बुल्स या बीयर्स, आज कौन होगा बाजार पर हावी, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के फ्लैट या मामूली गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत मिलने के बावजूद GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 15 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,444 पर ट्रेड कर रहा था, जो सेंसेक्स और निफ्टी 50 के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत है।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा, जिससे एशियाई बाजारों में तेजी आई और वॉल स्ट्रीट भी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सीजफायर बातचीत के रुकने और ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखने की अमेरिकी धमकियों के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है।

गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय बाजार काफी हद तक फ्लैट बंद हुए, क्योंकि निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को अपने इंट्राडे निचले स्तरों से उबरने में मदद मिली। सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 78,079.96 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ।

ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होने से एशियाई बाजारों में तेजी

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी आई क्योंकि अमेरिकी महंगाई में नरमी के और सबूतों ने इस उम्मीद को मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व अपनी सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जिससे इंडेक्स लगातार चौथे सप्ताह बढ़त की ओर अग्रसर है, जो मई के बाद से इसकी सबसे लंबी बढ़त की अवधि है।

पिछले महीने की भारी बिकवाली के बाद निवेशकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेड पर फिर से दांव लगाने से टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई। दक्षिण कोरिया के टेक-हैवी कोस्पी में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि जापान के टॉपिक्स में 0.9 प्रतिशत की तेजी आई। रात भर की रैली के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स सुस्त रहे; S&P 500 फ्यूचर्स में बहुत कम बदलाव हुआ, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई।

वॉल स्ट्रीट में तेजी, S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद

गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में तेजी आई क्योंकि प्रोड्यूसर-प्राइस इन्फ्लेशन (उत्पादक-मूल्य मुद्रास्फीति) के आंकड़े कम रहने से कीमतों के दबाव में कमी के सबूत मिले और इस उम्मीद को बल मिला कि फेडरल रिजर्व अगले महीने उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) नहीं बढ़ाएगा। प्रोड्यूसर-प्राइस डेटा बुधवार के अपेक्षाकृत कम कंज्यूमर इन्फ्लेशन (उपभोक्ता मुद्रास्फीति) आंकड़ों के बाद आया, जिससे सितंबर में फेड द्वारा दरों को अपरिवर्तित रखने की संभावना मजबूत हुई। S&P 500 में 0.65% की बढ़त हुई और यह 7,798.99 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट में 0.81% और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.13% की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी में टेक्नोलॉजी शेयरों की अहम भूमिका रही, खासकर मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई।

क्रूड में तेजी

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) को अनिश्चित काल तक जारी रखने की धमकी दी, जिससे मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.1% बढ़कर $87.16 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत $81.29 पर लगभग स्थिर रही।

गुरुवार को ग्लोबल डिमांड आउटलुक कमजोर रहने के कारण दोनों बेंचमार्क में 2% से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिसके बाद यह मामूली बढ़त देखने को मिली। इस गिरावट के बावजूद, ब्रेंट और WTI दोनों ही साप्ताहिक आधार पर लगभग 4% की बढ़त की राह पर बने रहे।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी के निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज) में रहने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स 57,500–57,400 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक इसका व्यापक स्ट्रक्चर काफी हद तक स्थिर रहेगा। 57,800–58,000 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है। 58,000 के स्तर से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की ओर, 57,500 तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जिसके बाद 57,200–57,000 का ज़ोन आता है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए 57,400 से ऊपर बने रहना महत्वपूर्ण होगा, जबकि 57,200 से नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और निकट-अवधि का टेक्निकल सेटअप कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, निकट-अवधि का आउटलुक सतर्क और एक दायरे में रहने वाला है, जिसमें 58,000 मुख्य अपसाइड ट्रिगर के रूप में और 57,400–57,200 महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहे हैं।

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Stock Market: क्रूड की तेजी क्या बिगाड़ेगी बाजार का खेल, गिफ्ट निफ्टी से लेकर जानें संकेत दे रहे है ग्लोबल बाजार

GIFT Nifty Indicator: भारतीय बाजारों के लिए आज भी सुस्त संकेत मिल रहे है। गिफ्ट निफ्टी फ्लैट कामकाज कर रहा है।  FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही।  नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े बढ़े है।  हालांकि निवेशक US महंगाई के अहम आंकड़ों से पहले सतर्क हैं। मिले-जुले एशियाई बाज़ार, वॉल स्ट्रीट में रात भर की गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी से बढ़त सीमित रह सकती है।

सुबह 7:50 बजे GIFT Nifty 40 अंक या 0.16 फीसदी बढ़कर 24,555.5 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 मंगलवार के 24,471.70 के क्लोजिंग स्तर से ऊपर खुल सकता है। घरेलू बाज़ार पिछले सत्र में गिरावट के बाद रिकवरी की कोशिश करेगा। मंगलवार को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच Sensex 388.19 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 78,154.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 112.10 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 24,471.70 पर आ गया।

US महंगाई के आंकड़ों पर सबकी नजर

ग्लोबल निवेशक जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (महंगाई) रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, जो बुधवार को आएगी। इससे फेडरल रिज़र्व के अगले ब्याज दर कदम के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं। इस अनिश्चितता के कारण बुधवार को एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

एशियाई बाज़ार मिले-जुले, टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त

US महंगाई के आंकड़ों से पहले भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के बीच एशियाई बाज़ारों में सतर्कता के साथ कारोबार हुआ, हालांकि टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त से कुछ सहारा मिला। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी (Kospi) मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की बदौलत 2.8 प्रतिशत उछला।

अन्य जगहों पर, जापान का Topix 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा, हांगकांग का Hang Seng 0.8 प्रतिशत गिरा और शंघाई कंपोजिट में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। मिडिल ईस्ट में तनाव की चिंताओं के बीच

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को उस समझौते की उम्मीद कम हो गई जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सकता था और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता था। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नए नियुक्त सेक्रेटरी ने कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक यह जलडमरूमध्य बंद रहेगा। इससे समझौते की उम्मीदें और कम हो गई।

S&P 500 में 0.32 प्रतिशत, नैस्डैक कम्पोजिट में 0.6 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई।

ब्रेंट क्रूड $90 के करीब पहुंचा

भारतीय शेयरों के लिए कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। बुधवार को कीमतों में हालिया तेजी जारी रही, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदें कम हो रही हैं और दो जहाजों पर हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.81 प्रतिशत बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.85 प्रतिशत बढ़कर $83.91 पर पहुंच गया।

मंगलवार को दोनों बेंचमार्क $1 से अधिक बढ़कर 31 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर बंद हुए थे। सोमवार को इनमें लगभग 5 प्रतिशत की तेजी आई थी, जिसके बाद यह बढ़त जारी रही।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty indicator: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन किस ओर घूमेगा बाजार का पहिया, आखिर गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत, जानें

GIFT Nifty indicator: सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के स्थिर या थोड़ी बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT Nifty से सीमित बढ़त के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि मजबूत एशियाई बाजार और शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से बाज़ार का मूड बेहतर हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता निवेशकों को सतर्क रख सकती है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT Nifty 18.5 अंक या 0.08 फीसदी बढ़कर 24,660 पर ट्रेड कर रहा था। इससे शुक्रवार को 24,570.65 पर बंद हुए Nifty 50 के लिए काफी हद तक सपाट या सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिलते हैं। पिछले सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे, क्योंकि ऑटो और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी शेयरों में मजबूत बढ़त के मुकाबले फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी हावी रही। Sensex 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर आ गया, जबकि Nifty 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ।

एशियाई बाज़ार चढ़े

सोमवार को एशियाई इक्विटी में बढ़त देखी गई। शुक्रवार को Wall Street में आई तेज़ी से संकेत लेते हुए ये बाज़ार ऊपर चढ़े। कमज़ोर अमेरिकी रोज़गार डेटा के कारण फेडरल रिज़र्व द्वारा सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गई थीं। जापान का Nikkei 225 0.6 प्रतिशत चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 0.5 प्रतिशत बढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़ा।

पिछले हफ़्ते की मज़बूत बढ़त के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में सुस्ती रही।  S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत गिरे और Nasdaq फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

शुक्रवार को अमेरिकी इक्विटी में बढ़त हुई, जब डेटा से पता चला कि अर्थव्यवस्था में उम्मीद के विपरीत नौकरियों में कमी आई है। इससे निवेशकों ने निकट भविष्य में उधार लेने की लागत बढ़ने की उम्मीदें कम कर दीं। S&P 500 0.62 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite 1.30 प्रतिशत और Dow Jones Industrial Average 0.28 प्रतिशत चढ़ा। इस हफ़्ते नैस्डैक में 5.19% की तेज़ी आई, S&P 500 में 3.58% की बढ़त हुई और डॉव 2.96% ऊपर चढ़ा। इसकी वजह कंपनियों की अच्छी कमाई और ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंताएं थीं। अब निवेशक फ़ेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा के बारे में और संकेत पाने के लिए इस हफ़्ते आने वाले US महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखेंगे।

होर्मुज़ को लेकर अनिश्चितता के बीच तेल की कीमतों में सुधार

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त हुई क्योंकि इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) कितनी जल्दी पूरी तरह से फिर से खुल पाएगा। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 1.09% बढ़कर $84.46 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.78% बढ़कर $78.79 हो गया।

ईरान ने रविवार को कहा कि होर्मुज से होकर नए शिपिंग रूट तय करने के लिए ओमान के साथ समझौता अंतिम चरण में है, लेकिन उसने यह भी कहा कि जलमार्ग के फिर से खुलने से पहले अमेरिका को कुछ अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।

इंडेक्स पर क्या बनाए रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान-ओमान समझौते की दिशा में हुई प्रगति से बाज़ार की धारणा (sentiment) को मदद मिली है, हालांकि बातचीत अभी भी शर्तों पर आधारित है। जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता, तब तक मध्य पूर्व को लेकर बनी अनिश्चितता बड़े जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर सकती है। पोनमुडी ने आगे कहा कि WTI क्रूड का $78-79 प्रति बैरल के आसपास बने रहना यह बताता है कि बाज़ार अभी भी कुछ जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम (भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम) को ध्यान में रख रहे हैं।

पोनमुडी ने कहा कि निफ़्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर सकारात्मक बना हुआ है। 24,600-24,700 का ज़ोन मुख्य रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। इसके ऊपर लगातार बने रहने से तेज़ी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 24,800-25,000 के स्तर तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकता है। नीचे की तरफ, 24,500 तुरंत सपोर्ट का काम कर रहा है, और उसके बाद 24,400-24,300 का ज़ोन सपोर्ट के तौर पर है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

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