Asian Market Today: एशिया बाजारों में गिरावट, नैस्डैक 1.55% फिसला, यूएस बॉन्ड यील्ड बढ़ी

Asian Market Today: US-ईरान युद्ध के बीच तेल की बढ़ती कीमतों से सेंटिमेंट पर असर पड़ने से मंगलवार को एशियाई बाज़ारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ। नैस्डैक 1.5 फीसदी से ज्यादा फिसला, डाओ और S&P में भी दबाव दिखा। जापान का निक्केई 225 0.58% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.30% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.46% और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। ताइवान का बाजार 2.24 फीसदी  गिरकर 44,338.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि  शंघाई कम्पोजिट 0.07 फीसदी की बढ़त के साथ फ्लैट कामकाज कर रहा है।

गिफ्ट निफ्टी 24,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 168 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को नीचे बंद हुआ क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध के हालिया बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गईं और रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 138.31 पॉइंट्स या 0.26% गिरकर 52,498.70 पर आ गया, जबकि S&P 500 59.92 पॉइंट्स या 0.79% गिरकर 7,515.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 408.43 पॉइंट्स या 1.55% गिरकर 25,873.18 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 3.52% गिरी, AMD के शेयर 4.21% गिरे, ब्रॉडकॉम के शेयर 3.98% गिरे, इंटेल के शेयर 6.12% फिसले, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.32% गिरे, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.53% बढ़े, मेटा के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.23% गिरे, टेस्ला के शेयर 3.19% टूटे, और स्पेसएक्स के शेयर 4.24% फिसले।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑफिशियली सांसदों को बताया है कि देश एक बार फिर ईरान के साथ युद्ध में है, और अपने एडमिनिस्ट्रेशन को कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना इस इलाके में मिलिट्री इस्तेमाल करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। इस बीच, यमन में ईरान सपोर्टेड हूथियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

बॉन्ड यील्ड

US ट्रेजरी यील्ड रातों-रात तेज़ी से बढ़ी क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों ने US-ईरान के बीच नए तनाव के बाद इन्फ्लेशन की आशंका बढ़ा दी। बेंचमार्क US 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 bps बढ़कर 4.618% हो गई, जबकि 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 bps बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के US ट्रेजरी यील्ड 6.5 bps बढ़कर 4.273% हो गई।

बेंचमार्क जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड दूसरे दिन भी बढ़ी। 10-साल के JGB की यील्ड 1 bp बढ़कर 2.795% हो गई। दो-साल की यील्ड और पांच-साल की यील्ड दोनों स्थिर रहीं।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान युद्ध में नए सिरे से बढ़ोतरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से एनर्जी फ्लो को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़कर चार हफ्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त है।

आज सोने का रेट

महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने की बढ़ती संभावना के कारण सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.1% गिरकर $3,996.63 प्रति औंस हो गईं, जबकि चांदी की कीमत 0.3% गिरकर $57.50 प्रति औंस हो गई।

डॉलर

US महंगाई के डेटा से पहले डॉलर स्थिर हुआ। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, 101.27 पर फ्लैट था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूरो डॉलर के मुकाबले $1.1383 पर और स्टर्लिंग $1.3347 पर ट्रेड कर रहा था। जापानी येन डॉलर के मुकाबले लगभग फ्लैट 162.40 प्रति डॉलर पर था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी, हाल में आए IPO में निवेशकों को लगी बड़ी चपत

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर भारी पड़ सकता है। हाल में आए IPO में निवेशकों को बड़ी चपत लगी है। अनलिस्टेड शेयरों में निवेशकों के पॉकेट लगातार खाली होते रहे हैं। तमाम अईपीओ अनलिस्टेड प्राइस के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर आए हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो SBI फंड्स का IPO अनलिस्टेड भाव के मुकाबले 32% डिस्काउंउट पर आया है। जून में इसका अनलिस्टेड प्राइस 850 रुपए पर दिख रहा था। IPO ऑफर प्राइस 574 रुपए प्रति शेयर था। यह आईपीओ 32 फीसदी डिस्काउंट पर आया है।

इस पर सेबी भी लगातार अलर्ट दे रहा है। ध्यान में रखने का बात है कि अनलिस्टेड स्पेस में लिक्विडिटी बहुत कम होती है। ऐसे प्राइस डिस्कवरी कैसी हो रही है? क्या हो रहा है? शेयर किस भाव पर ट्रेड कर रहे हैं? अधिकतर वेबसाइट्स आपको इन पर एक इंडिकेटिव प्राइस ही बताते हैं। ऐसे में इनमें इस बात का रिस्क होता है कि जिस भाव पर आप स्टॉक में खरीदारी कर रहे हैं, बिकवाली कर रहे हैं या ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, क्या वो असल भाव है या नहीं है? अगर आप देखें तो बहुत सारे लोग अनलिस्टेड स्पेस को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। उनको लगता है कि आईपीओ में अलॉटमेंट मिले ना मिले लेकिन आईपीओ से पहले ही हम इन शेयरों खरीदारी कर लेते हैं। हम सोचते हैं जब आईपीओ आएगा तो उसके बाद फायदा हो जाएगा। लेकिन अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड यह बताता है कि यह स्ट्रेटजी बिल्कुल गलत पड़ती है और निवेशकों पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

एसबीआई फंड्स के आईपीओ से ही यह बात समझ में आती है जो अपने अपने अनलिस्टेड भाव के 32 फीसदी नीचे के भाव पर आया है। जिन्होंने यह सोचा था कि इसके आईपीओ के पहले अनलिस्टेड मार्केट में खरीदारी करके फायदा लेंगे, अब उनको फिलहाल बड़ा झटकाव लगा है। इस आईपीओ में अनलिस्टेड मार्केट में पॉकेट भरने के चक्कर में बड़ा नुकसान देखने को मिला।

यह सिर्फ एसबी फंड्स की बात नहीं है। अगर आप पिछले रिकॉर्ड देखें तो बहुत सारे आईपीओ जिनका अनलिस्टेड स्पेस में बहुत तगड़ा हाइप था, उन्होंने निवेशकों को तगड़ा चूना लगाया है। AGS Transact के IPO की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 185-195 रुपए प्रति शेयर था। लेकिन जनवरी 2022 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 550 रुपए प्रति शेयर था। HDB Financial को लेकर भी अनलिस्टेड स्पेस में काफी हाइप था। इसमें स्टॉक में लिक्विडिटी भी काफी अच्छी थी। इस आईपीओ का प्राइस 700-740 रुपए प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस 1200-1250 रुपए प्रति शेयर था। यानी यह आईपीओ अपने अनलिस्टेड प्राइस से 40 फीसदी कम भाव पर आया।

UTI AMC की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 552–554 प्रति शेयर था। लेकिन अनलिस्टेड स्पेस में इसका भाव 1,100 रुपए प्रति शेयर के आसपास तक पहुंच गया। यह आईपीओ भी अपने अनलिस्टेड प्राइस से लगभग आधे भाव पर आया है।

PB Fintech (Policybazaar) का आ IPO प्राइस 940–980 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 1,800 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 45 फीसदी डिस्काउंट पर आया। Tata Technologies का आईपीओ प्राइस 475–500 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 950 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 47 फीसदी डिस्काउंट पर आया।

इसी तरह Waaree Energies और Delhivery के आईपीओ पर नजर डालें तो Waaree Energies का IPO प्राइस 1,427–1,503 प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस अक्टूबर 2024 में 2,700–2,750 रुपए प्रति शेयर था। Delhivery का आईपीओ भी अनलिस्टेड प्राइस से 50 फीसदी कम भाव पर आया था। ऐसे अगर आप अनलिस्टेड स्पेस में सिर्फ आईपीओ की उम्मीद से निवेश करते हैं तो यह आपके लिए बहुत बड़ा अलर्ट हैं।

 

 

Chartist Talk: जुलाई में निफ्टी के 25000 के स्तर को पार करने की संभावना कम, जोरदार कमाई के लिए इस हफ्ते इन दो शेयरों पर लगाएं दांव

Cochin Shipyard Share Price: बीते 6 महीनों में 10% गिरावट के बाद कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में निवेश का बड़ा मौका

Cochin Shipyard Share Price: किसी सरकारी कंपनी का शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के ऐलान के बाद गिरने लगता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स को लगता है कि कंपनी डिस्काउंट पर अपने शेयर बेचेगी। कंपनी के कई मौजूदा इनवेस्टर्स ओएफएस से पहले अपने शेयर बेचते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शेयर की कीमत गिरकर डिस्काउंटेड ऑफर प्राइस के करीब पहुंच जाएगी। कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस के वक्त भी ऐसा देखने को मिला।

OFS के ऐलान के बाद शेयरों में गिरावट 

सरकार ने कोचिन शिपयार्ड में ओएफएस के जरिए अपनी 5.04 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। उसने प्रति शेयर 1400 रुपये का प्राइस तय किया था। इसके बाद शेयर की कीमत इस साल मई के मध्य में 1800 रुपये से करीब 7 फीसदी गिर गई। हालांकि, इस गिरावट से शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है। लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग है। एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट है। शिप रिपेयर क्षमता भी बढ़ रही है।

26000 करोड़ रुपये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक

कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 26,000 करोड़ रुपये की है। यह FY26 में रेवेन्यू की छह गुनी है। इससे अगले कुछ सालों तक कंपनी के रेवेन्यू की तस्वीर साफ है। आगे डिफेंस और कमर्शियल शिप बिल्डिंग के करीब 10,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। कंपनी इनके लिए बोली लगाएगी। मैनेजमेंट को मीडियम टर्म में ऑर्डर बुक 12-15 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसकी वजह नवल शिपबिल्डिंग, कमर्शियल शिप और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते मौके हैं।

45 फीसदी का दमदार मार्केट शेयर 

भारत में शिप-रिपेयर इंडस्ट्री में कोचिन शिपयार्ड ने अपनी अच्छी पैठ बना ली है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी तक पहुंच गई है। यह अकेली भारतीय शिपयार्ड कंपनी है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर की रिपेयरिंग क्षमता भी है। पिछली 2-3 तिमाहियों में इस सेगमेंट में प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन, मैनेजमेंट को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने अगले तीन सालों में शिप रिपेयर से करीब 2,500 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट रखा है। वाडिनार शिफ रिपेयर फैसिलिटी के तैयार हो जाने पर कंपनी की रिपेयिरंग क्षमता बढ़ जाएगी।

15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस

मैनेजमेंट ने रेवेन्यू ग्रोथ के लिए करीब 15 फीसदी गाइडेंस दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही से एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। ग्रोथ बढ़ाने के लिए कंपनी ने अगले तीन सालों में 2,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। यह कंपनी के 6,500 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट प्लान का हिस्सा है। कंपनी नॉन-डिफेंस ग्रोथ के रास्ते भी तलाश रही है।

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शेयरों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर 

कंपनी के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 32 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह इसके एक साल के औसत करीब 65 गुना के फॉरवर्ड पी/ई से काफी कम है। कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन में कमी आई है, जबकि फंडामेंटल्स बेहतर हुए हैं। अभी शेयरों में निवेश का अच्छा मौका है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, बढ़ता शिप रिपेयरिंग बिजनेस और बेहतर होती अर्निंग्स की तस्वीर शेयर को अट्रैक्टिव बनाती है।

Zerodha के नितिन कामत ने Groww पर कसा तंज, फिर सोशल मीडिया पर शुरू हो गई डायरेक्ट वर्सेज रेगुलर फंड पर बहस

इनवेस्टर्स के निवेश के तरीके को लेकर अगर देश के दो सबसे बड़े इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स के बीच बहस छिड़ जाए तो क्या होगा? हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऐसा ही हुआ। डायरेक्ट और रेगुलेटर फंड्स से जुड़ी यह बहस काफी दिलचस्प हो गई। इसमें इनवेस्टर्स ने भी अपनी-अपनी राय व्यक्त की। आइए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है।

नितिन कामत ने एक्स पर 9 जुलाई को पोस्ट शेयर किया

Zerodha के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डायरेक्ट म्यूचुअल फंड के बारे में अपनी राय बताई। उन्होंने अपने ग्राहकों को फ्री-ऑफ कॉस्ट डायरेक्ट फंड ऑफर करने की पॉलिसी के बारे में बताया। उनके इस पोस्ट ने कई इनवेस्टर्स का ध्यान खींचा। कई इनवेस्टर्स और यूजर्स ने इसे Groww की हाल में लॉन्च प्राइम सर्विस पर तंज के रूप में लिया।

ग्रो के जवाब देते ही सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई

Groww ने बाद में इसका जवाब दिया। उसने साफ किया कि उसकी नई सर्विस के बारे में गलतफहमी है। हालांकि, इससे डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के फायदे और नुकसान को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। पहले यह जान लेना जरूरी है कि डायरेक्ट फंड और रेगुलर फंड में क्या फर्क है। म्यूचुअल फंड की स्कीम में इनवेस्टर्स दो तरह से निवेश कर सकते हैं-डायरेक्ट और रेगुलर। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस के जरिए उसकी स्कीम में निवेश करते हैं। इसमें कोई ब्रोकर या डिस्ट्रिब्यूटर शामिल नहीं होता है।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के बीच के फर्क को समझें

म्यूचुअल फंड की किसी स्कीम में अगर आप डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए निवेश करते हैं तो उसे रेगुलर फंड कहा जाता है। चूंकि रेगुलर फंड में निवेश डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए होता है, जिससे इसमें उसका कमीशन शामिल होता है। आपके निवेश का कुछ हिस्सा उसके कमीशन पर खर्च होता है। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस की स्कीम में निवेश करते हैं, जिससे इसमें किसी तरह का कमीशन नहीं होता है। आपके निवेश का पूरा पैसा फंड हाउस के पास जाता है, जिसे वह निवेश करता है।

कामत ने कस्टमर्स को किफायती सर्विस देने की पॉलिसी पर दिया जोर

कामत ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि जीरोधा का फोकस शुरू से ही निवेश को आसान और किफायती रखने पर रहा है। उन्होंने बताया कि 2010 में जब हमने डिस्काउंट ब्रोकरेज मॉडल शुरू किया था तब हमने छोटे-बड़े सभी ट्रेड के लिए एक समान फीस रखने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि जीरोधा अपने इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Coin के जरिए म्यूचुअल फंड के मामले में भी यही पॉलिसी अपनाती है।

जीरोधा के कामत ने लो-कॉस्ट सर्विसेज पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म निवेश के अमाउंट पर कोई फीस चार्ज करता है तो उसे खुद की सर्विस को लो-कॉस्ट या डिस्काउंट सर्विसेज नहीं बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहरहाल CoinByZerodha इंडिया में डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। इसका डायरेक्ट म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट 1.6 लाख करोड़ रुपये है। हमारे सभी कस्टमर्स ने कमीशन के रूप में हजारों करोड़ रुपये की सेविंग्स की है।

कामत ने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में बताया

कामत ने यह भी कहा कि कई प्लेटफॉर्म्स ने तो शुरुआत डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स के साथ की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पॉलिसी बदल दी। उन्होंने यह भी कहा कि जीरोधा ऐसा नहीं करेगी। हम कस्टमर्स को डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स फ्री ऑफर करते रहेंगे। उन्होंने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में भी बताया। उन्होंने इसे एक उदाहरण के जरिए समझाने की कोशिश की।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड के रिटर्न में आता है फर्क

उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में कॉस्ट काफी मायने रखता है। उन्होंने डीएसपी लार्जकैप फंड में मंथली 5000 रुपये के सिप का उदाहरण दिया। इस स्कीम में एक समान अवधि में डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान में एक समान अमाउंट निवेश करने पर रिटर्न अलग-अलग आता है। डायरेक्ट प्लान में पैसा बढ़कर करीब 19.5 लाख रुपये हो जाता है, जबकि रेगुलर प्लान में यह 18.3 लाख रुपये रहता है। इस फर्क की वजह कमीशन है।

ग्रो ने कहा कि डायरेक्ट फंड में निवेश की फ्री सर्विस जारी रहेगी

ग्रो ने उनके इस पोस्ट पर अपनी सफाई पेश की। उसने कहा कि म्यूचुअल फंड्स में निवेश को लेकर उसकी पॉलिसी नहीं बदली है। कंपनी ने कहा कि डायरेक्ट फंड अभी ग्रो के लिए सबसे अहम है और आगे भी रहेगा। 1 करोड़ से ज्यादा इनवेस्टर्स ने हमारे प्लेटफॉर्म के जरिए 1.9 लाख करोड़ रुपये का निवेश म्यूचुअल फंड्स में किए हैं। इससे ग्रो देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है। उसने साफ किया कि उसका MF Prime एक ऑप्शनल सर्विस है। इसे उन निवेशकों के लिए शुरू किया गया है जो अपने निवेश के प्रबंधन में अतिरिक्त सहायता चाहते हैं। इसका मतलब है कि उसकी बेसिक सर्विस फ्री बनी रहेगी।

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मारुति कारों पर जुलाई में मिल रही महा-छूट! Invicto, Grand Vitara, Swift और Brezza पर मिल रहा 2 लाख तक का डिस्काउंट

मारुति सुजुकी इंडिया ने जुलाई 2026 के लिए अपने एरिना और नेक्सा शोरूम पर कई कारों पर शानदार छूट का ऐलान किया है। इस महीने ग्राहकों को चुनिंदा हैचबैक, एसयूवी और एमपीवी मॉडल पर 2.10 लाख रुपये तक का फायदा मिलेगा। इन ऑफर्स में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बोनस, स्क्रैपेज बेनिफिट और कॉर्पोरेट डिस्काउंट शामिल हैं। इस ऑफर का लाभ वैगनआर, स्विफ्ट, ब्रेज़ा, बलेनो, ग्रैंड विटारा और इनविक्टो जैसी लोकप्रिय कारों पर मिलेगा।

मारुति कारों पर जुलाई में मिल रही महा-छूट! 

मारुति की सभी कारों में सबसे ज्यादा फायदा इनविक्टो एमपीवी पर दिया जा रहा है। इस मॉडल पर ग्राहक अलग-अलग ऑफर्स को मिलाकर कुल 2.10 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं। वहीं, ग्रैंड विटारा एसयूवी पर भी आकर्षक ऑफर मिल रहे हैं। इसके पेट्रोल वेरिएंट पर 95,000 रुपये तक और CNG वेरिएंट पर 90,000 रुपये तक का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल खरीदने पर, जहां यह सुविधा लागू है, वहां जीरो रोड टैक्स, एक्सचेंज और लॉयल्टी बोनस के साथ 5 साल की मुफ्त एक्सटेंडेड वारंटी भी दी जा रही है।

2 लाख तक का डिस्काउंट

मारुति सुजुकी के एरिना पोर्टफोलियो में इस महीने सबसे बड़ा ऑफर ग्रैंड विटारा एसयूवी पर दिया जा रहा है। इसके स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट पर ग्राहकों को 90,000 रुपये तक का फायदा मिलेगा। वहीं, CNG मॉडल पर 80,000 रुपये तक और पेट्रोल वेरिएंट पर 60,000 रुपये तक की छूट और अन्य लाभ दिए जा रहे हैं। इसके अलावा ब्रेज़ा एसयूवी पर भी ग्राहकों को 55,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। आकर्षक ऑफर्स की वजह से ब्रेज़ा इस महीने मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा छूट पाने वाली लोकप्रिय कारों में शामिल है।

वैगनआर पर  भी छूट

मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा बिकने वाली हैचबैक कारों में शामिल वैगनआर पर इस महीने ग्राहकों को 52,500 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। यही ऑफर चुनिंदा ऑल्टो K10 वेरिएंट पर भी उपलब्ध है। अगर आप नई स्विफ्ट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो AGS (ऑटोमैटिक) वेरिएंट पर 45,000 रुपये तक और मैनुअल पेट्रोल व CNG वेरिएंट पर 40,000 रुपये तक की छूट और अन्य लाभ मिल सकते हैं। इसके अलावा सेलेरियो, एस-प्रेसो और ईको वैन के चुनिंदा वेरिएंट पर भी 37,500 रुपये तक के ऑफर दिए जा रहे हैं। हालांकि, मिलने वाले फायदे कार के वेरिएंट और ग्राहक की पात्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

मारुति सुजुकी ने जुलाई 2026 में अपनी नेक्सा रेंज की कारों पर भी शानदार ऑफर पेश किए हैं। बलेनो हैचबैक पर ग्राहकों को 40,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। फ्रॉन्क्स एसयूवी के टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट पर 25,000 रुपये तक, जबकि सामान्य (नेचुरली एस्पिरेटेड) पेट्रोल वेरिएंट पर 15,000 रुपये तक की छूट और अन्य लाभ दिए जा रहे हैं। वहीं, XL6 एमपीवी के पेट्रोल और CNG दोनों वेरिएंट पर 45,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा जिम्नी एसयूवी खरीदने पर भी ग्राहकों को 45,000 रुपये तक के ऑफर का लाभ मिल सकता है।

मारुति सुजुकी के जुलाई 2026 ऑफर की खास बात यह है कि 16 जुलाई से नेक्सा रेंज की कई कारों पर मिलने वाला कस्टमर डिस्काउंट कम हो जाएगा। कंपनी की आंतरिक ऑफर सूची के अनुसार, महीने के दूसरे हिस्से में बलेनो, फ्रॉन्क्स, ग्रैंड विटारा और XL6 पर मिलने वाली सीधी छूट घटा दी जाएगी। ऐसे में जो ग्राहक इन कारों को खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए 15 जुलाई से पहले खरीदारी करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, जिम्नी एसयूवी और इनविक्टो एमपीवी पर पूरे महीने मौजूदा ऑफर जारी रहेंगे।

कंपनी ने यह भी बताया है कि अंतिम छूट ग्राहक की पात्रता पर निर्भर करेगी। एक्सचेंज बोनस, स्क्रैपेज बेनिफिट, लॉयल्टी बोनस और कॉर्पोरेट डिस्काउंट जैसी सुविधाएं तय नियमों के अनुसार मिलेंगी। ज्यादातर मामलों में ग्राहक एक्सचेंज बोनस या स्क्रैपेज बेनिफिट में से किसी एक का ही लाभ ले सकेंगे, जबकि लॉयल्टी बोनस केवल कुछ विशेष शर्तों को पूरा करने पर मिलेगा।

Stocks to Watch: 6 स्टॉक्स की लिस्टिंग; Titan-Trent समेत इन शेयरों पर आज Nifty की एक्सपायरी को रहेगी नजर

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में हल्की बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 9.50 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,501.50 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 06 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 521.16 प्वाइंट्स यानी 0.67% की बढ़त के साथ 78,285.07 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 159.50 प्वाइंट्स यानी 0.66% के उछाल के साथ 24,430.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज आएंगे रिजल्ट

चंबल ब्रूअरीज एंड डिस्टिलरीज आज कारोबारी नतीजे पेश करेगी।

तिमाही कारोबारी अपडेट

Titan Company Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाइटन कंपनी का घरेलू बिजनेस 37%, इंटरनेशनल बिजनेस 128%, कंज्यूमर बिजनेस 41%, घड़ियों का बिजनेस 23% और आईकेयर बिजनेस 23% की रफ्तार से बढ़ा। इसके अलावा कंपनी का एमर्जिंग बिजनेस 19% और ज्वैलरी बिजनेस भी जून तिमाही में सालाना आधार पर 39% की रफ्तार से बढ़ा। जून तिमाही में कंपनी ने देश में 76 और देश के बाहर 1 स्टोर खुला और अब इसके कुल 3680 स्टोर्स हो गए हैं।

Trent Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर ट्रेंट का स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹5,666 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में 1 वेस्टसाइज स्टोर और 19 जूडियो स्टोर खोला और अब इसके पास कुल 1312 स्टोर्स हैं।

Jubilant FoodWorks Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जुबिलैंट फूडवर्क्स का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 14.1% की रफ्तार से बढ़कर ₹2,569.3 करोड़, स्टैंडएलोन रेवेन्यू 9.2% बढ़कर ₹1,848.5 करोड़ पर पहुंच गया। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 2.5% रही और कंपनी ने जून तिमाही में 76 स्टोर्स जोड़े जिसके बाद इसके 3712 स्टोर्स हो गए।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Hexaware Technologies

हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने अमेरिकी मार्केट में लिस्टेड स्मार्टरेंट के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान किया है।

Torrent Pharmaceuticals

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), अहमदाबाद ने जेबी केमिकल्स एंड फार्मा के टोरेंट फार्मा के साथ विलय को मंजूरी दे दी है। अब विलय की यह योजना RoC (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) के पास ऑर्डर की सर्टिफाइड कॉपी जमा करने के बाद लागू होगी।

Varun Beverages

वरुण बेवरेजेज की सब्सिडियरी VBL इंडस्ट्रीज (केन्या) ने देवयानी फूड इंडस्ट्रीज (केन्या) के वैल्यू-एडेड डेयरी बेवरेजेज, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर बिजनेस को $3.2 करोड़ (₹305 करोड़) में खरीदने के लिए एक एग्रीमेंट किया है।

Blue Jet Healthcare

ब्लू जेट हेल्थकेयर ने 6 जुलाई को अपना QIP इश्यू प्रति शेयर ₹531.7 के भाव पर लॉन्च किया। कंपनी फ्लोर प्राइस पर 5% का डिस्काउंट भी दे सकती है।

Concord Enviro Systems

अनीश गोएल ने कॉनकार्ड एंवायरो सिस्टम्स के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है जो 21 जुलाई को प्रभावी होगा।

RITES

राइट्स को दक्षिण अफ्रीका की वोलांटिस एसेट फाइनेंस से 4,000 HP के केप गेज डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की सप्लाई और कमीशनिंग के लिए $3.58 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

TANFAC Industries

टैनफैक इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹2,341 के भाव पर 7.41 लाख इक्विटी शेयरों के ₹173.5 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है। प्रस्तावित प्रेफरेंशियल इश्यू में प्रमोटर अनुपम रसायन इंडिया का ₹135 करोड़ का निवेश शामिल है, और बाकी हिस्सा एलरॉक्स एंटरप्राइजेज, विवेक जैन (एक्शन ग्रुप) और तत्वम ट्रेड (निवेशाय इन्वेस्टमेंट्स)जैसे इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स सब्सक्राइब करेंगे।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड का ऑफर फॉर सेल विंडो आज खुल रहा जिसमें फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,400 तय किया गया है। सरकार इस इश्यू के जरिए कंपनी में 5.04% हिस्सेदारी बेचेगी।

बल्क डील्स

Karnika Industries

सेजवन (SageOne) ने अपने फ्लैगशिप और कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) ग्रोथ ओई फंड के जरिए कोलकाता की कर्णिका इंडस्ट्रीज के 19.91 लाख शेयर (3.2% हिस्सेदारी) ₹18.18 करोड़ में प्रति शेयर ₹91.33 के भाव पर खरीदे हैं।

Agarwal Toughened Glass India

इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म ग्रीन पोर्टफोलियो ने प्रति शेयर ₹137.74 के भाव पर अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया के 92,400 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹1.27 करोड़ तो द गोल्डन बर्ड इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट-I ने प्रति शेयर ₹138.61 के भाव पर ₹2.86 करोड़ में 2.06 लाख शेयर (1.16% हिस्सेदारी) खरीदे। वहीं दूसरी तरफ वीपीके ग्लोबल वेंचर्स फंड-स्कीम 1 ने प्रति शेयर ₹139.52 के भाव पर ₹2.09 करोड़ में 1.5 लाख शेयर (0.84% हिस्सेदारी) बेचे। मार्च 2026 तक इस फंड के पास अग्रवाल टफन्ड ग्लास इंडिया में 3.18% होल्डिंग थी।

लिस्टिंग

आज तेजा इंजीनियरिंग और विनीत मोबाइल के शेयरों की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो संपर्क इंडिया लॉजिस्टिक्स, सीमैक्स रिसोर्सेज, अथर्व पॉलीप्लास्ट, और तेजा इंजीनयरिंग इंडस्ट्रीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डेट

आज सन फार्मा, जेएसडब्ल्यू स्टील, सेरा सैनिटीवेयर, डोडला डेयरी और एलकेपी सिक्योरिटीज के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 7 जुलाई को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 7 जुलाई को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। इनमें कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट जारी किए हैं। कुछ ने अधिग्रहण, मर्जर, फंड जुटाने और नई साझेदारी जैसे बड़े ऐलान किए हैं। इन कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard में सरकार OFS के जरिए हिस्सेदारी बेचेगी। पहले 2.52% हिस्सेदारी बिक्री के लिए लाई जाएगी। ज्यादा मांग होने पर इतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। 7 जुलाई को गैर-रिटेल और 8 जुलाई को रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे।

Tata Motors PV

टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। Punch और Nexon का प्रोडक्शन 80,001 से बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। Curvv और Sierra की बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd ने जून तिमाही में अच्छा कारोबार किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 19% बढ़ा है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह Westside और Zudio स्टोर्स का लगातार विस्तार रहा।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals को कानूनी राहत मिली है। NCLT की अहमदाबाद बेंच ने JB Chemicals & Pharmaceuticals के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। अब दोनों कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

Tata Motors Passenger Vehicles

ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में अपने ज्यादातर पैसेंजर व्हीकल मॉडल्स की बिक्री और प्रोडक्शन बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक, Punch, Nexon, Curvv, Sierra, Safari और Harrier जैसे मॉडल्स की मांग मजबूत रही।

Varun Beverages

एफएमसीजी कंपनी Varun Beverages Ltd ने केन्या में बड़ा अधिग्रहण किया है। कंपनी की इकाई VBL Industries (Kenya) Ltd ने Devyani Food Industries (Kenya) Ltd के डेयरी ड्रिंक्स, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर कारोबार को खरीदने का समझौता किया है। इस डील की कीमत 3.2 करोड़ डॉलर, यानी करीब 305 करोड़ रुपये है।

Titan

टाटा ग्रुप की ज्वेलरी कंपनी Titan Company Ltd ने जून तिमाही में दमदार कारोबार किया है। कंपनी के कंज्यूमर बिजनेस में 41% की ग्रोथ दर्ज की गई। ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा। घड़ियों और आईकेयर कारोबार में भी 23-23% की बढ़ोतरी रही। कंपनी ने इस दौरान 77 नए स्टोर भी खोले।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज कंपनी Hexaware Technologies Ltd ने SmartRent Inc. के साथ नई साझेदारी की है। दोनों कंपनियां मिलकर AI आधारित सॉल्यूशंस तैयार करेंगी। इनकी मदद से कस्टमर ऑपरेशंस और रेवेन्यू से जुड़े कामों को ज्यादा तेज और स्मार्ट बनाया जाएगा।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance का बोर्ड 10 जुलाई को बैठक करेगा। इस बैठक में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अगर बोर्ड मंजूरी देता है, तो कंपनी बॉन्ड जारी कर पूंजी जुटा सकती है।

Blue Jet Healthcare

फार्मा कंपनी Blue Jet Healthcare ने ग्रोथ के लिए 600 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। इश्यू का सांकेतिक भाव 506 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव 572 रुपये से करीब 10% कम है। कंपनी ने SEBI के नियमों के तहत 531.70 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस भी तय किया है।

Cochin Shipyard OFS : डिफेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 7% डिस्काउंट पर है फ्लोर प्राइस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cochin Shipyard OFS : डिफेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 7% डिस्काउंट पर है फ्लोर प्राइस

Cochin Shipyard OFS : सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) का ऐलान किया गया है। पहले चरण में सरकार 2.52% हिस्सेदारी बेचेगी। अगर निवेशकों की ओर से अच्छी मांग रही, तो ग्रीन-शू ऑप्शन के तहत इतनी ही अतिरिक्त 2.52% हिस्सेदारी भी बिक्री के लिए लाई जाएगी।

कितना है फ्लोर प्राइस?

सरकार ने OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह सोमवार के बंद भाव से करीब 7.2% डिस्काउंट पर रखा गया है। गैर-रिटेल निवेशक 7 जुलाई 2026 को बोली लगा सकेंगे। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए OFS 8 जुलाई 2026 को खुलेगा।

सरकार क्यों बेच रही है हिस्सेदारी?

यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार के विनिवेश (Disinvestment) कार्यक्रम का हिस्सा है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSU) में अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसे जुटा रही है।

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 67.91% है। रिटेल इनेवस्टर्स के पास 22.95% हिस्सा है। वहीं, FII 3.10% और DII 6.05% हिस्से के मालिक हैं।

सरकार ने कितना पैसा जुटाया?

केंद्र सरकार ने हाल के महीनों में विनिवेश की रफ्तार तेज कर दी है। 21 मई से अब तक सरकार अलग-अलग PSU कंपनियों के OFS के जरिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा चुकी है।

शेयर का क्या हाल रहा?

Cochin Shipyard Ltd का शेयर सोमवार को 19 रुपये यानी 1.25% गिरकर 1,504.75 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में इस सरकारी कंपनी का स्टॉक 6.94% बढ़ा है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें 26.70% की गिरावट आई है।

Cochin Shipyard का बिजनेस

Cochin Shipyard Ltd भारत की सबसे बड़ी शिपयार्ड कंपनियों में से एक है। कंपनी भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए युद्धपोत और दूसरे रक्षा जहाज बनाती है। इसके अलावा कमर्शियल जहाजों का निर्माण, शिप रिपेयर, जहाजों की मरम्मत और मेंटेनेंस का काम भी करती है। हाल के वर्षों में डिफेंस ऑर्डर और सरकारी फोकस की वजह से कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा है।

Titan Q1 Update: टाटा की कंपनी का ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा, Tanishq-Mia की बिक्री ने भरी उड़ान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Amazon Prime Day 2026 Sale: iPhone से लेकर Vivo तक पर मिल रहा जबरदस्त ऑफर, चेक करें डील

Amazon Prime Day 2026 की सेल अभी चल रही है और यह आज (सोमवार) खत्म हो जाएगी। इस सेल में स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज और कई अन्य प्रोडक्ट्स पर भारी छूट मिल रही है। ऐसे में अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका साबित हो सकता है। क्योंकि इस सेल में आपको बेहतरीन डील्स मिलेगी।

Prime Day 2026 के बेस्ट स्मार्टफोन डील्स

इस सेल सबसे खास बात Apple के iPhone Air पर मिल रही छूट है। इसका 256GB वाला मॉडल अब ₹96,990 की प्रभावी कीमत पर मिल रहा है, जबकि इसकी असली कीमत ₹1,19,900 है। iPhone Air के अलावा, आप iPhone 17 Pro को भी ₹1,34,900 की जगह ₹1,24,900 की कम कीमत पर खरीद सकते हैं।

Samsung भी अपने लेटेस्ट Galaxy S26 Plus 5G पर बड़ा डिस्काउंट दे रहा है। इसका 12GB RAM और 512GB स्टोरेज वाला वेरिएंट अब ₹1,04,999 में मिल रहा है, जबकि इसकी असली कीमत ₹1,39,999 है।

वहीं, Vivo X300 Ultra की कीमत में सेल के दौरान सबसे बड़ी कटौती हुई है। 16GB + 512GB वाला वेरिएंट अब ₹1,99,999 की जगह ₹1,59,999 की असरदार कीमत पर बिक रहा है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सेल सिर्फ Prime मेंबर्स के लिए है। जो ग्राहक पहले से मेंबर नहीं हैं, वे Prime का सब्सक्रिप्शन लेकर सेल के सभी ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। बता दें कि Amazon इस समय Prime Annual Membership ₹999 में दे रहा है, जबकि इसकी सामान्य कीमत ₹1,499 है। नए यूजर्स को अतिरिक्त ₹500 का डिस्काउंट भी मिल रहा है।

रेगुलर प्लान के अलावा, ग्राहक ‘प्राइम शॉपिंग एडिशन’ (₹200 सालाना) या ‘प्राइम लाइट प्लान’ (₹599 सालाना) चुन सकते हैं।

प्राइम मेंबर्स चेकआउट के समय एलिजिबल बैंक कार्ड का इस्तेमाल करके अतिरिक्त बचत कर सकते हैं। Amazon Pay ICICI क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने वाले ग्राहकों को एलिजिबल खरीदारी पर 5% कैशबैक मिलेगा।

वहीं, SBI और Axis Bank कार्डहोल्डर्स चुनिंदा प्रोडक्ट्स और एलिजिबल EMI ट्रांजैक्शन पर 10% तक का इंस्टेंट डिस्काउंट पा सकते हैं। खरीदार चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर 12 महीने तक की ‘नो कॉस्ट EMI’ का ऑप्शन भी चुन सकते हैं।

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Maruti Victoris खरीदने का शानदार मौका! 2 लाख रुपये तक की छूट के साथ जानें पूरी डिटेल

अगर आप नई मिड-साइज SUV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। मारुति सुजुकी विक्टोरिस पर इस महीने शानदार डिस्काउंट मिल रहा है। मारुति सुजुकी की विक्टोरिस ने लॉन्च के कुछ ही महीनों में भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। ये मिड-साइज SUV ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई है। इसी के साथ बिक्री के मामले में भी कई बड़ी गाड़ियों को कड़ी टक्कर दे रही है। अगर आप नई SUV खरीदने की सोच रहे हैं, तो ये मॉडल आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। आइए जानते हैं इस पर मिलने वाले ऑफर्स, कीमत और फीचर्स की पूरी जानकारी।

जुलाई महीने में मारुति सुजुकी विक्टोरिस पर ग्राहकों को शानदार ऑफर मिल रहे हैं। डीलर सूत्रों के अनुसार, इस SUV के कुछ वेरिएंट्स, खासकर CNG मॉडल पर, कुल 2 लाख रुपये तक का फायदा उठाया जा सकता है। इस ऑफर में एक्सचेंज बोनस भी शामिल है।

कितनी हुई होलसेल

1 जुलाई को आयोजित मारुति सुजुकी की मासिक सेल्स मीडिया ब्रीफिंग में कंपनी के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पार्थो बनर्जी ने बताया कि, जून महीने में विक्टोरिस की करीब 10,000 यूनिट्स की होलसेल हुई। वहीं, इसकी रिटेल बिक्री 13,000 यूनिट्स से अधिक रही। उन्होंने ये भी कहा कि विक्टोरिस की कुल बिक्री में CNG वेरिएंट की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है, जबकि पूरे मारुति सुजुकी पोर्टफोलियो में CNG मॉडल की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है। मारुति सुजुकी विक्टोरिस को ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से कई इंजन और ट्रांसमिशन विकल्पों के साथ पेश करती है।

इसमें पेट्रोल, CNG और हाइब्रिड वेरिएंट उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि CNG मॉडल में टैंक को गाड़ी के नीचे लगाया गया है, जिससे बूट में सामान रखने के लिए पहले की तरह पर्याप्त जगह मिलती है।

कार का खासियत

मारुति सुजुकी साल 2010 से भारत में CNG कारें बेच रही है। वहीं, विक्टोरिस कंपनी की पहली ऐसी कार है, जिसमें अंडरबॉडी CNG टैंक दिया गया है। इस मॉडल को साल 2025 में लॉन्च किया गया था। वहीं माइलेज की बात करें तो, मारुति सुजुकी विक्टोरिस का पेट्रोल मैनुअल वेरिएंट 21.18 kmpl, पेट्रोल ऑटोमैटिक वेरिएंट 21.06 kmpl, CNG मैनुअल वेरिएंट 27.02 km/kg और हाइब्रिड e-CVT वेरिएंट 28.65 kmpl तक का माइलेज देने का दावा करता है। वहीं, इस SUV की एक्स-शोरूम कीमत 10.50 लाख रुपये से 19.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच है, जबकि इसके CNG वेरिएंट की कीमत 11.50 लाख रुपये से 14.72 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक है।