Kartik Aaryan: कार्तिक आर्यन के घुटने की हुई सर्जरी, कबीर खान की फिल्म के सेट पर हुए थे चोटिल

Kartik Aaryan: एक्टर कार्तिक आर्यन की मुंबई के एक अस्पताल में घुटने की सफल सर्जरी हुई है। हाल ही में अपनी एक फिल्म के सेट पर एक्शन सीन करते समय उनके घुटने में चोट लग गई थी, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी।

उनके प्रवक्ता के बयान के मुताबिक नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर अभी ठीक हो रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही शूटिंग शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा, “कार्तिक आर्यन को अपनी फिल्म के सेट पर एक एक्शन सीन करते समय घुटने में चोट लग गई थी। उनकी सर्जरी सफल रही और अब वह घर पर आराम कर रहे हैं और ठीक हो रहे हैं। वह जल्द ही सेट पर लौटेंगे।”

कार्तिक को यह चोट डायरेक्टर कबीर खान के साथ अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग के दौरान लगी। प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने इंडिया टुडे को बताया, “कार्तिक को फोर्टिस रहेजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह डॉक्टरों की देखरेख में हैं। डॉक्टर एक दिन में उनके घुटने की सर्जरी करेंगे, जिसके बाद उन्हें कुछ दिन आराम करना होगा। इसके बाद वह अपने काम पर लौट सकेंगे।” इससे पहले एक्टर को 2023 में आई अपनी फिल्म ‘शहजादा’ की शूटिंग के दौरान भी घुटने में चोट लगी थी।

कार्तिक की नेशनल अवॉर्ड में जीत

भले ही कार्तिक अभी चोट से जूझ रहे हों और ठीक हो रहे हों, लेकिन प्रोफेशनल तौर पर 2026 उनके लिए बहुत खास साल रहा है। एक्टर ने हाल ही में 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट एक्टर इन ए लीडिंग रोल’ का अवॉर्ड जीता। 18 जुलाई को घोषित यह अवॉर्ड कार्तिक को कबीर खान की डायरेक्ट की गई बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाने के लिए दिया गया।

इस कामयाबी पर इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया देते हुए आर्यन ने लिखा, “अभी भी यकीन नहीं हो रहा… कुछ पल शब्दों से कहीं बड़े होते हैं, और यह उन्हीं में से एक है। बरसों से देखा गया मेरा सपना आखिरकार सच हो गया। हमेशा विनम्र और आभारी रहूंगा… बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड #ChanduChampion।”

कार्तिक को बेस्ट एक्टर का सम्मान मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी के साथ मिला, जिन्हें ‘ब्रह्मायुगम’ में उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए यह अवॉर्ड दिया गया। यह कार्तिक का पहला नेशनल अवॉर्ड है, जबकि ममूटी का यह चौथा अवॉर्ड है। ठीक होने के बाद, उम्मीद है कि कार्तिक कबीर खान की बिना नाम वाली फिल्म की शूटिंग फिर से शुरू करेंगे। वह अनुराग बसु की रोमांटिक ड्रामा फिल्म में श्रीलीला के साथ बाकी हिस्सों की शूटिंग भी करेंगे।

पंजाबी युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या:पिज्जा डिलीवर करने जाते वक्त लुटेरों ने फायरिंग की; पिता बोले- ₹30 लाख कर्ज लेकर भेजा था

पंजाब में कपूरथला के रहने वाले एक 28 वर्षीय युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिस समय युवक पर हमला हुआ, वह पिज्जा डिलीवरी देने जा रहा था। इसी दौरान बाइक पर आए हमलावरों ने उसपर फायरिंग कर दी। युवक को घायल अवस्था में अस्पताल भी पहुंचाया गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। युवक की पहचान गुरदीप सिंह के रूप में हुई है। वह कपूरथला में बेगोवाल कस्बे में जब्बोवाल गांव का रहने वाला था और करीब 10 साल पहले काम करने के लिए अमेरिका गया था। शनिवार, 22 अगस्त को उसकी मौत की सूचना मिलने के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिवार ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि उनके बेटे का शव भारत लाया जाए और अमेरिका में उसकी हत्या करने वालों को सजा दी जाए। मृतक के पिता ने ये जानकारियां दीं अविवाहित था गुरदीप सिंह परिजनों के मुताबिक, गुरदीप सिंह अविवाहित था। उसका एक भाई है जो गांव में ही रहकर परिवार को संभालता है। गुरदीप की मौत के बाद अब माता-पिता का यह भाई ही इकलौता सहारा बचा है। परिवार ने शव वापस लाने की लगाई गुहार गुरदीप सिंह के परिवार ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से अपील की है कि उनके बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। परिवार ने अमेरिकी प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और हत्या के जिम्मेदार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की है। गांव के लोगों ने भी सरकार से परिवार की मदद करने और गुरदीप सिंह का शव भारत लाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… जालंधर में महिला को पति-सास ने हार्पिक पिलाया:फोर्टिस अस्पताल में छोड़कर भागे; पत्नी को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का पता चल गया था जालंधर के करतारपुर थाने में महिला को हार्पिक पिलाकर मारने की कोशिश करने का मामला दर्ज हुआ है। केस महिला के पति और सास के खिलाफ है। महिला को गंभीर हालत में जालंधर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…

Weather Forecast: यूपी-बिहार के लिए अगले 24 घंटे होंगे खतरनाक! IMD ने बारिश-तूफान का दिया अलर्ट

Weather Alert: देश के कई इलाकों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इसके चलते मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदल गया है। मौसम में बदलाव के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 23 अगस्त को दिल्ली और बिहार समेत 19 राज्यों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर तेज आंधी के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन की आशंका जताई गई है। ऐसे में आईएमडी लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 23 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की संभावना जताई है। यूपी, दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मेघालय, केरल और असम में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 23 अगस्त को मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिन के दौरान बारिश की संभावना जताई है। लेकिन, बारिश के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से पूरी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

यूपी-बिहार में होगी तेज बारिश

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 23 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के नोएडा, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के भी कई जिलों में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। लखनऊ में तापमान 33 डिग्री और पटना में 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दोनों शहरों में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

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Gold Vs Share Market: 1 साल में सोना चमका, पर लंबे समय में कौन बनाएगा ज्यादा अमीर? समझें 20 साल का पूरा गणित

Gold Vs Equity Investment Comparison: बीते एक साल में सोने ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। एक तरफ जहां पिछले 1 साल में सोने ने करीब 35.3 फीसदी का बंपर रिटर्न दिया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय शेयर बाजार का बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 TRI लगभग 5.4 फीसदी टूटा है।

हालिया रिटर्न को देखकर पहली नजर में गोल्ड ही असली विजेता नजर आता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या 10, 15 या 20 साल के लंबे समय में भी सोना शेयर बाजार को पछाड़ सकता है? फाइनेंशियल रिसर्च फर्म FundsIndia की अगस्त 2026 की ‘वेल्थ कन्वर्सेशंस’ रिपोर्ट के आंकड़े कुछ अलग ही कहानी बयां करते हैं।

लंबे समय में कौन आगे? 10, 15 और 20 साल का आंकड़ा

फंड्सइंडिया ने जनवरी 2000 से लेकर अब तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। शॉर्ट टर्म में सोने का प्रदर्शन शेयर बाजार से बेहतर दिख सकता है, लेकिन जैसे-जैसे निवेश का समय बढ़ता है, बाजी शेयर बाजार के हाथ में चली जाती है।

निवेश की अवधि Nifty 50 TRI के मुकाबले सोने का औसत प्रदर्शन
1 साल की अवधि -65% (न्यूनतम) से +79% (अधिकतम) तक उतार-चढ़ाव
10 साल की अवधि10 साल की अवधि सोना औसतन 2% प्रति वर्ष पीछे रहा
15 साल की अवधिसोना औसतन 2% प्रति वर्ष पीछे रहा
20 साल की अवधि सोना औसतन 2% प्रति वर्ष पीछे रहा

वर्षों के आंकड़ों से साफ है कि 10, 15 और 20 साल के क्षितिज पर शेयर बाजार ने औसतन सोने के मुकाबले 2 फीसदी सालाना ज्यादा रिटर्न दिया है। भले ही 2% का अंतर छोटा लगे, लेकिन जब 15-20 सालों में कंपाउंडिंग का असर पड़ता है, तो बड़ा वेल्थ गैप बन जाता है।

क्या शेयर बाजार, सोने से बेहतर विकल्प है?

जरूरी नहीं, क्योंकि दोनों ही एसेट क्लास का पोर्टफोलियो में अलग-अलग रोल होता है:

इक्विटी (शेयर बाजार): इसका मुख्य काम लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन है।

सोना: यह पोर्टफोलियो को सुरक्षा और डाइवर्सिफिकेशन देता है। जब शेयर बाजार संकट या मंदी के दौर से गुजरता है, तब सोना तेजी से चमकता है।

फंड्सइंडिया की सीनियर मैनेजर जिराल मेहता का कहना है, ‘अलग-अलग एसेट क्लास का लीडरशिप रोल बदलता रहता है। कोई भी एक एसेट क्लास हर साल टॉप पर नहीं रह सकता।’

निवेशकों के लिए क्या है सबक?

केवल पिछले 1 साल के 35% रिटर्न को देखकर शेयर बाजार छोड़कर सारा पैसा सोने में लगाना गलत रणनीति हो सकती है। इतिहास गवाह है कि लंबी अवधि (10 से 20 साल) में शेयर बाजार ने सोने से ज्यादा संपत्ति बनाकर दी है। इसीलिए पोर्टफोलियो बैलेंस रखें। किसी एक में दांव लगाने के बजाय, लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए इक्विटी और पोर्टफोलियो की स्थिरता के लिए गोल्ड का सही मिश्रण बनाएं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ट्रम्प ने होर्मुज को फिर अमेरिकी इलाका बताया:ईरान बोला- अमेरिका ने बातचीत में धोखा दिया; अपना रवैया सुधारे, तभी खुलेगा होर्मुज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को ‘अमेरिकी इलाका’ बताया है। ट्रम्प इससे पहले 18 अगस्त को भी कह चुके हैं कि अमेरिका जल्द होर्मुज को अपने इलाके के तौर पर घोषित कर सकता है। वहीं ईरान ने ट्रम्प के दावे को खारिज किया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा कि अमेरिका ने बातचीत, कूटनीति और अपने हस्ताक्षर तक के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि अब ईरान को अमेरिका के साथ अपने बातचीत के तरीके में बदलाव करना होगा। रेजाई ने कहा कि होर्मुज अभी बंद है और अमेरिका के अपना रवैया सुधारने तक नहीं खुलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार अमेरिका को पहले अपनी जिम्मेदारियां और किए गए वादे पूरे करने होंगे। होर्मुज स्ट्रेट पर किसका अधिकार है? होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से लगता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी रास्ते से अरब सागर और फिर हिंद महासागर की ओर जाते हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि कई देशों के लिए अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिका यहां अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है ताकि समुद्री व्यापार और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। खाड़ी देशों से दुनिया को भेजे जाने वाले करीब 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होती है। फरवरी में अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से होकर गुजरता था। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की एनर्जी सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। रेजाई बोले- ट्रम्प के हमले से परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ सकती है रेजाई ने कहा कि ट्रम्प के ईरान पर हमले से दुनिया में परमाणु हथियारों को लेकर डर और बढ़ गया है। उनका कहना है कि अब दूसरे देशों को भी लग सकता है कि बिना परमाणु हथियार के वे सुरक्षित नहीं हैं। रेजाई ने कहा कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का सदस्य है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक अपने परमाणु कार्यक्रम की जांच भी कराता रहा है। इसके बावजूद अमेरिका ने उस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया के दूसरे देशों में परमाणु हथियार हासिल करने की इच्छा बढ़ सकती है। रेजाई के मुताबिक, अमेरिका की कार्रवाई ने परमाणु सुरक्षा मजबूत करने के बजाय उल्टा खतरा बढ़ा दिया है। ईरानी राष्ट्रपति बोले- युद्ध नहीं बातचीत से समाधान चाहते हैं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता। वह बातचीत के जरिए समस्या का हल निकालना चाहता है। पजशकियान ने कहा कि ईरान किसी के दबाव में नहीं आएगा, लेकिन ताकत और समझदारी से बातचीत कर समाधान निकाला जा सकता है। अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव के बीच हुए समझौते में ईरान ने एक भी शर्त नहीं छोड़ी है। उनके मुताबिक, ईरान की सुरक्षा परिषद में सभी पक्षों ने इस समझौते को सही रास्ता माना था। ——————————- होर्मुज से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा:ईरान की नेवी और एयरफोर्स खत्म, उसके पास सिर्फ कुछ मिसाइल और ड्रोन बचे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे अपडेट हुई कीमतें, जानिए पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 23 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

weather update : कमजोर पड़ा मानसून, अगले 2 हफ्ते बारिश को तरसेंगे कई इलाके, IMD ने जताई बड़ी चिंता, बढ़ सकता है फसलों पर संकट

weather update : कमजोर पड़ा मानसून, अगले 2 हफ्ते बारिश को तरसेंगे कई इलाके, IMD ने जताई बड़ी चिंता, बढ़ सकता है फसलों पर संकट

भारत में मानसून अब उस समय कमजोर पड़ता नजर आ रहा है, जब इस मौसम में बारिश अपने चरम पर होनी चाहिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कम से कम दो सप्ताह यानी 2 सितंबर तक देशभर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। शनिवार तक देश में कुल बारिश लंबी अवधि के औसत से 14 फीसदी कम दर्ज की गई थी और आने वाले दिनों में यह कमी और बढ़ सकती है।

 

IMD के 20 अगस्त के विस्तारित अवधि पूर्वानुमान (Extended Range Forecast) के मुताबिक, मानसून ट्रफ के मध्य भारत की ओर बढ़ने के बजाय लगातार हिमालय की तलहटी के पास बने रहने की संभावना है। इसका सीधा असर देश के उन हिस्सों पर पड़ सकता है, जहां अगस्त में कृषि के लिए महत्वपूर्ण बारिश की जरूरत होती है।

 

हिमालय और पूर्वोत्तर में भारी बारिश, मध्य भारत में संकट

 

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दोनों सप्ताह देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, हिमालयी क्षेत्र तथा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, प्रायद्वीपीय भारत में अगले सप्ताह भी बारिश की स्थिति कमजोर रहने का अनुमान है।

 

अगले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तरी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

 

स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया के मुताबिक, मानसून ट्रफ का हिमालयी क्षेत्र में केंद्रित रहना देश के बाकी हिस्सों में बारिश को प्रभावित करेगा। उनके अनुसार, ट्रफ के कम से कम एक सप्ताह तक हिमालय की तलहटी में बने रहने की संभावना है।

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मध्य भारत में बारिश की कमी बढ़ा सकती है कृषि की चिंता

 

मानसून ट्रफ का दक्षिण की ओर मध्य भारत में नहीं आना बड़ी चिंता का कारण है। अगस्त के दौरान मध्य भारत में यही ट्रफ आमतौर पर सबसे अधिक और कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण बारिश कराता है। ऐसे में जिन क्षेत्रों को बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होने का खतरा बढ़ गया है।

 

एक्सपर्ट्‍स के अनुसार मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और गुजरात के वर्षा आधारित इलाकों में 2026 का मानसून अनियमित रहा है। वर्तमान में बारिश की कमी करीब 14 फीसदी है और अगस्त के बाकी दिनों में कमजोर बारिश के साथ यह घाटा 15 फीसदी से अधिक हो सकता है। अरहर (तूर), सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों पर निगरानी और उपज के आकलन की जरूरत बताई है।  मानसून में आगे भी कमी रहने से आने वाले दिनों में खाद्य महंगाई बढ़ने का दबाव बन सकता है।

 

वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियां भी स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। रूस-यूक्रेन क्षेत्र से कार्गो आपूर्ति में बाधा के कारण लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याएं पहले से बनी हुई हैं। ऐसे में कमजोर मानसून के बीच सरकार के लिए मजबूत सप्लाई चेन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

 

अल नीनो भी बढ़ा रहा चिंता

 

इस साल मानसून के कमजोर प्रदर्शन से जुड़ा अल नीनोभी लगातार मजबूत हो रहा है। ब्रिटेन के Met Office ने शुक्रवार को कहा कि यह घटना एक सदी से अधिक समय में सबसे शक्तिशाली अल नीनो बनने की दिशा में बढ़ रही है। प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस से अधिक ऊपर जाने का अनुमान है। इसका वैश्विक मौसम पर व्यापक असर पड़ सकता है और 2027 के दुनिया के सबसे गर्म वर्ष बनने की संभावना भी बढ़ सकती है।

कनाडा का अमेरिकी सामान पर 8 सितंबर से जवाबी टैरिफ:ट्रम्प ने 50% टैरिफ का ऐलान किया था, दोनों देशों के बीच तीन दिन की बातचीत फेल

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शनिवार को कहा कि कनाडा 8 सितंबर से अमेरिकी सामान पर जवाबी टैरिफ लगाएगा। यह फैसला अमेरिका की ओर से कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद लिया गया है। दोनों देशों के बीच आखिरी दौर की बातचीत भी शुक्रवार को बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। कनाडा का जवाबी टैरिफ स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, पल्प एंड पेपर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अमेरिकी सामान पर लगेगा। किन-किन उत्पादों पर कितना टैरिफ लगेगा, इसकी पूरी जानकारी आने वाले दिनों में जारी की जाएगी। दोनों देशों के बीच 3 दिन चली बातचीत बेनतीजा रही अमेरिका और कनाडा के बीच 3 दिन तक चली ट्रेड डील की बातचीत नाकाम रही। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार आधी रात से कनाडा के 20 अरब डॉलर (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया। यह टैरिफ कनाडा के अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% है। अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में तीन दिन की बातचीत की थी, लेकिन व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो सका। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका जितना टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतना ही जवाब देगा। अमेरिका बोला- अच्छा ऑफर दिया था, उन्होंने मौका गंवाया दोनो देशों के बीच ट्रेड डील नहीं हो पाने के बाद अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कनाडा ने अमेरिका के साथ पार्टनशिप का बहुत अच्छा मौका गंवा दिया है। USTR के मुताबिक, उन्होंने कनाडा को किसी भी बड़े एक्सपोर्टर के मुकाबले सबसे अच्छा ऑफर दिया था। लेकिन कनाडा की नई मांगों और पहले किए गए वादों से पीछे हटने की वजह से यह डील नहीं हो पाई। USTR ने आगे कहा कि अगर यह डील होती तो इससे एयरोस्पेस में सप्लाई चेन कोऑर्डिनेशन, गलत ट्रेड प्रैक्टिस से निपटने के लिए जरूरी कदम, खनिजों पर सहयोग, और US-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) बातचीत की घोषणा जैसे नतीजे सामने आते। अमेरिका ने कनाडा पर इतना ज्यादा टैरिफ क्यों लगाया? अमेरिका का कहना है कि कनाडा की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी कंपनियों के लिए नुकसानदेह हैं। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इनमें ऑटोमोबाइल, डेयरी प्रोडक्ट्स, शराब और लकड़ी का कारोबार प्रमुख हैं। अमेरिका ने पहले नए टैरिफ 20 अगस्त से लगाने का ऐलान किया था। हालांकि, डेडलाइन से ठीक पहले दोनों देशों ने बातचीत शुरू करने का फैसला किया। इसके बाद ट्रम्प ने टैरिफ लागू करने की समयसीमा 3 दिन बढ़ा दी, ताकि समझौते की कोशिश की जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कई मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन कुछ अहम मामलों में दोनों देश एक-दूसरे की शर्तों पर सहमत नहीं हो सके। 1. अमेरिकी कारों के साथ भेदभाव का आरोप अमेरिका लंबे समय से शिकायत करता रहा है कि कनाडा की ट्रेड पॉलिसी अमेरिकी कार कंपनियों को कनाडा के बाजार में बराबर मौका नहीं देती। अमेरिका चाहता है कि उसकी कारों और दूसरे सामान के लिए कनाडा का बाजार ज्यादा खुले। कनाडा ने बदले में अमेरिका से स्टील, एल्युमिनियम, कारों और लकड़ी पर लगाए गए टैरिफ में राहत मांगी थी। लेकिन अमेरिका इन टैरिफ को हटाने पर तैयार नहीं हुआ। 2. कनाडा का अपने डेयरी मार्केट को प्रोटेक्शन कनाडा अपने डेयरी बाजार को विदेशी कंपनियों और सस्ते डेयरी प्रोडक्ट्स से बचाने के लिए लंबे समय से कई नियम लागू करता रहा है। अमेरिका चाहता है कि उसके दूध, पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स को कनाडा के बाजार में ज्यादा आसानी से बेचने का मौका मिले। लेकिन कनाडा अपने डेयरी सेक्टर को लेकर ज्यादा रियायत देने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस मुद्दे पर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने रहे। 3. अमेरिकी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध कनाडा के कुछ हिस्सों में अमेरिकी शराब की बिक्री को लेकर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। अमेरिका इसे अपने सामान के साथ भेदभाव के तौर पर देखता है। अमेरिका चाहता है कि उसकी शराब को कनाडा के बाजार में ज्यादा आसानी से बेचने की इजाजत मिले। इसके अलावा दोनों देशों के बीच कनाडा की सॉफ्टवुड लंबर यानी लकड़ी को लेकर भी लंबे समय से विवाद है। अमेरिका कनाडा से आने वाली लकड़ी पर कई तरह के व्यापारिक प्रतिबंध और शुल्क लगाता रहा है। ————— यह खबर भी पढ़ें… भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास:रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। पूरी खबर पढ़ें…

यमुना के बाढ़ क्षेत्र को पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने के सभी आरोपों से आर्ट ऑफ लिविंग मुक्त, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

यमुना के बाढ़ क्षेत्र को पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने के सभी आरोपों से आर्ट ऑफ लिविंग मुक्त, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

Art Of Living

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय के एक महत्त्वपूर्ण एवं निर्णायक निर्णय के साथ आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिष्ठित 2016 वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल को लेकर लगभग एक दशक से चले आ रहे मीडिया ट्रायल और निराधार आरोपों का पटाक्षेप हो गया है। न्यायालय ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के पूर्व निर्णय को निरस्त करते हुए उससे संबंधित सभी परिणामी अंतरिम कार्रवाइयों को भी समाप्त कर दिया है।

निर्णय का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पक्ष यह है कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से माना कि अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों से यह सिद्ध होता है कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल से यमुना के बाढ़ क्षेत्र को किसी प्रकार की पर्यावरणीय क्षति नहीं हुई थी।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा जमा की गई 5 करोड़ की राशि उसे पूर्णतः वापस की जानी चाहिए। इस राशि को अनुचित रूप से ‘जुर्माना’ के रूप में प्रचारित किया गया था, जिसका उद्देश्य संस्था की प्रतिष्ठा को धूमिल करना था।

2016 का वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल एक ऐतिहासिक वैश्विक आयोजन था, जिसमें 155 से अधिक देशों की सहभागिता रही और लगभग 35 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से इसमें सम्मिलित हुए। इस विराट आयोजन की अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सी. लाहोटी ने की थी। संयुक्त राष्ट्र के छठे महासचिव दिवंगत डॉ. बुतरस बुतरस-घाली भी इस आयोजन के सह-अध्यक्ष बनने वाले थे, किंतु दुर्भाग्यवश आयोजन से एक माह पूर्व ही उनका निधन हो गया।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात आर्ट ऑफ लिविंग के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा: “निहित स्वार्थों से प्रेरित कुछ लोगों द्वारा उस संस्था पर निराधार आरोप लगाने का यह दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद प्रयास अब पूरी तरह उजागर हो गया है, जो स्वयं लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के संवर्धन के लिए समर्पित भाव से कार्य करती आ रही है।”

कॉकरोच मैन अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR, बिना इजाजत के सरकारी स्कूल में घुसने और धमकाने का आरोप

कॉकरोच मैन अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR, बिना इजाजत के सरकारी स्कूल में घुसने और धमकाने का आरोप

abhijeet dipke at jantar mantar

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) बनाकर और फिर जंतर-मंतर पर आंदोलन कर के चर्चा में आए अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दीपके पर सरकारी स्कूल में बिना अनुमति के घुसने, सरकारी काम में बाधा डालने और धमकाने का आरोप लगा है। इसके बाद उन पर यह एफआईआर दर्ज हुई है। यह एफआईआर लातूर पुलिस ने दर्ज की है।

क्‍यों हुई एफआईआर : सरकारी स्‍कूल में बिना अनुमति के घुसने, काम में बाधा डालने और शिक्षकों को धमकाने के आरोप में महाराष्ट्र के लातूर जिले की पुलिस ने कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके और अन्य लोगों के खिलाफ कथित यह एफआईआर दर्ज की गई है।

किसने दर्ज करवाई शिकायत : यह एफआईआर जिला परिषद उर्दू स्कूल की 53 वर्षीय शिक्षिका सैयद शमशादबानो खैरात अली की शिकायत पर औसा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।  दिपके CJP के चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत मध्य महाराष्ट्र के लातूर जिले के स्कूलों का दौरा कर वहां की समस्याओं को सामने ला रहे हैं।

शिकायत के अनुसार, कथित घटना मुंबई से 500 किलोमीटर से अधिक दूर औसा के पास जावली स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल में हुई। आरोप है कि दिपके और उनके सहयोगी बिना अनुमति स्कूल में घुस गए, छात्रों के बीच बैठ गए और उनसे कई सवाल पूछे। इससे पढ़ाई और सरकारी काम में बाधा पहुंची।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि CJP नेता ने इस दौरान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया. शिकायत के मुताबिक, दिपके ने यह दावा कर स्कूल को बदनाम किया कि उनके दौरे के दौरान दूसरे स्कूल के छात्रों को लाकर कक्षाओं में बैठाया गया था। उन पर शिक्षकों को निलंबित करवाने की धमकी देने का भी आरोप है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 329(3), 351(2) और 356(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।