Nykaa Share Price : शानदार अपडेट के बाद 5% भागा शेयर, ब्रोकरेज से जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Nykaa Share Price : शानदार अपडेट के बाद Nykaa (FSN E-Commerce Ventures Nykaa) के शेयर में करीब 5 फीसदी की तेजी आई है। यह शेयर आज वायदा के टॉप गेनर में शामिल है। कंपनी के Q2 अपडेट पर नजर डालें तो कंपनी के मुताबिक इसकी कंसोलीडेटेड ग्रॉस मर्चेंट वैल्यू लेट ट्वन्टीज में रहनी संभव है। वहीं, कंसोलीडेट्ड नेट सेल्स वैल्यू अर्ली थर्टीज में रहनी संभव है। जबकि,कंसोलीडेटेड नेट आय लेट ट्वन्टीज में रह सकती है। ब्यूटी सेगमेंट की NSV और नेट आय लेट ट्वन्टीज में रहनी संभव है। दूसरी तिमाही में कंपनी के कुल स्टोरों की संख्या 338 पर पहुंच गई है। दूसरी तिमाही में कंपनी ने 14 नए स्टोर जोड़े हैं। ब्यूटी में LFL स्टोर सेल्स अर्ली ट्वन्टीज में संभव है। वहीं, फैशन की नेट सेल्स वैल्यू लेट फोर्टीज में रह सकती है। जबकि, फैशन की नेट आय अर्ली फोर्टीज में रहनी संभव है। Q2 में 250 से ज्यादा नए ब्रांड्स जोड़े गए हैं। Nike के साथ पार्टनरशिप को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

नायका पर ब्रोकरेज की राय

नोमुरा ने इस स्टॉक पर BUY रेटिंग देते हुए 411 रुपए का टारगेट दिया है। इस ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि दूसरी तिमाही में मजूबत आय ग्रोथ जारी रहेगी। कंपनी के BPC सेगमेंट में शानदार मोमेंटम बरकरार है। फैशन आय में भी लगातार ग्रोथ जारी है। EBITDA मार्जिन 8.7% रहने की उम्मीद है। Q2 में GMV ग्रोथ मजबूत रहेगी। अच्छे अपडेट के बाद अनुमान में बढ़ोतरी की गई है।

नायका पर BOFA की राय

BOFA ने इस स्टॉक पर NEUTRAL रेटिंग देते हुए 370 रुपए का टारगेट दिया है। BofA को उम्मीद है कि Nykaa के ग्रॉस मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) में बढ़ोतरी के मामले में एक और तिमाही मज़बूत रहेगी, हालांकि इसकी रफ़्तार पहली तिमाही के मुकाबले धीमी हो सकती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी का मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बढ़कर 8.9% हो जाएगा। हालांकि, BofA को किसी सकारात्मक सरप्राइज़ की ज़्यादा गुंजाइश नहीं दिखती, क्योंकि आम सहमति वाले अनुमान पहले ही बढ़ चुके हैं।

Nykaa की शेयर प्राइस हिस्ट्री

यह स्टॉक काफी समय से चर्चा में है। इसने पिछले तीन सालों में 132% से ज़्यादा रिटर्न दिया है और अकेले इस कैलेंडर ईयर में इसमें लगभग 29% की तेज़ी आई है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप लगभग ₹96,841.8 करोड़ है और यह 359.05 गुना के प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज की पॉज़िटिव राय और अनुमानों में बढ़ोतरी को देखते हुए,इन्वेस्टर्स का फोकस कंपनी की दूसरी तिमाही की ग्रोथ और मार्जिन परफॉर्मेंस पर रहने की संभावना है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IndiGo से हवाई सफर होगा महंगा, 6 अक्टूबर से बढ़ाएगी फ्यूल सरचार्ज

विमानन कंपनी इंडिगो विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने जा रही है। यह बढ़ोतरी 6 अक्टूबर से लागू होगी और इसके चलते हवाई किराया भी बढ़ेगा। एयरलाइन ने बयान में कहा कि घरेलू उड़ानों के लिए दूरी के आधार पर फ्यूल सरचार्ज में 100 से 350 रुपये तक की बढ़ोतरी की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया गया है।

यह अप्रैल के बाद दूसरा मौका है, जब इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी की है। यह सरचार्ज इस साल मार्च से लगाना शुरू किया गया था। बयान के अनुसार, 500 किलोमीटर तक की दूरी वाली उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज 375 रुपये और 501 से 1,000 किलोमीटर की दूरी वाली उड़ानों के लिए 600 रुपये होगा। वहीं 1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी वाली उड़ानों के लिए यह सरचार्ज 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर की दूरी वाली उड़ानों के लिए 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों के लिए 1,300 रुपये होगा।

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC क्षेत्र) के लिए उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज 1,000 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक, अफ्रीका के लिए उड़ानों पर 6,000 रुपये और यूरोप की उड़ानों पर 10,000 रुपये होगा। दक्षिण-पूर्व एशिया, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और पश्चिम एशिया व उत्तर एवं पूर्वी एशिया के लिए उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज 5,500 रुपये होगा।

IndiGo के तर्क

इंडिगो ने कहा कि हाल के महीनों में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहा है, खासकर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बाद। ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है और हाल में मासिक आधार पर वृद्धि 14 प्रतिशत से अधिक रही है। इससे ATF की लागत 10 साल के हाई पर पहुंच गई है।

बयान में कहा गया कि विमान ईंधन, एयरलाइन कंपनियों की ऑपरेटिंग कॉस्ट में एक बड़ा हिस्सा रखता है। इसलिए ATF की कीमतों में बढ़ोतरी से इंडिगो समेत सभी एयरलाइंस के कॉस्ट स्ट्रक्चर और नेटवर्क इकोनॉमिक्स प्रभावित होने की आशंका है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए इंडिगो ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज में मामूली बदलाव किया है।

जरूरत के अनुसार उचित बदलाव करती रहेगी इंडिगो

एयरलाइन ने कहा कि ईंधन लागत में हुई बढ़ोतरी की पूरी भरपाई के लिए फ्यूल सरचार्ज में काफी अधिक वृद्धि करनी पड़ती, लेकिन ग्राहकों पर असर कम करने के लिए इस सरचार्ज में सीमित और अपेक्षाकृत मामूली बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला ऑपरेटिंग कॉस्ट में लगातार बढ़ोतरी और बाजार के बदलते माहौल को देखते हुए किया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखेगी और जरूरत के अनुसार उचित बदलाव करती रहेगी।

Aadhaar: आधार में नाम बदलने के नए नियम लागू! शादी के बाद सरनेम और स्पेलिंग मिस्टेक के लिए जान लें ये पूरी प्रक्रिया

Aadhaar Name Correction: अगर आपके आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत दर्ज हो गई है, शादी के बाद सरनेम बदलना चाहते हैं या फिर अपना नाम पूरी तरह बदलना चाहते हैं, तो अब यह प्रक्रिया नए SOP नियमों के तहत होगी। UIDAI द्वारा जारी ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ 2026 के तहत नाम में संशोधन के लिए अलग-अलग दस्तावेज और एफिडेविट की अनिवार्य शर्तें लागू कर दी गई हैं।

UIDAI का यह नया SOP 18 सितंबर 2026 से प्रभावी हो चुका है। इसके तहत आधार में नाम सुधार के लिए आवेदक को निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे, जिनकी प्रामाणिकता, एफिडेविट और गजट नोटिफिकेशन की UIDAI द्वारा कड़ी जांच की जाएगी।

माइनर नेम चेंज में क्या-क्या शामिल है?

नियमों के तहत छोटे संशोधनों को माइनर बदलाव की श्रेणी में रखा गया है। इसके अंतर्गत ये संशोधन आते हैं:

  • नाम के संक्षेप या इनिशियल्स का विस्तार करना।
  • मिडल नेम या लास्ट नेम (सरनेम) जोड़ना या हटाना।
  • शब्दों या नामों के क्रम में बदलाव करना।
  • स्पेलिंग की छोटी-मोटी गलतियों को सुधारना (जहां उच्चारण/ध्वनि समान हो)।
  • नाम के बीच से डॉट (.) हटाना या रैंडम कैपिटल लेटर्स की गलतियों को ठीक करना।

जैसे अगर किसी का नाम ‘Rama Prasad’ है, तो वह उसे बढ़ाकर ‘Rama Shyam Prasad’ करवा सकता है। इसे पहचान में पूर्ण बदलाव नहीं माना जाता है।

2. शादी या तलाक के बाद नाम में बदलाव

शादी के बाद सरनेम बदलना या तलाक के बाद नाम में संशोधन करने के लिए विशेष नियम तय किए गए हैं:

आवश्यक दस्तावेज: इसके लिए Annexure D का निर्धारित एफिडेविट और प्रूफ ऑफ आइडेंटिटी (पहचान पत्र) देना होगा।

शर्त: इस एफिडेविट में यह स्पष्ट करना होता है कि नाम में यह बदलाव केवल विवाह या विवाह विच्छेद के कारण है और इससे व्यक्ति की मूल पहचान नहीं बदल रही है।

3. डेटा-एंट्री गलती के कारण हुई स्पेलिंग मिस्टेक

अगर आधार बनवाते या अपडेट कराते समय आपने सही दस्तावेज दिए थे, लेकिन ऑपरेटर की गलती (डेटा-एंट्री एरर) की वजह से नाम गलत दर्ज हो गया:

वयस्कों के लिए: इसके लिए Annexure B का एफिडेविट और प्रूफ ऑफ आइडेंटिटी(PoI) या प्रूफ ऑफ रिलेशनशिप(PoR) जमा करना होगा।

नाबालिगों के लिए: Annexure C का एफिडेविट और PoI/PoR जमा करना अनिवार्य है।

भाषा में गलती: अगर आपका नाम अंग्रेजी में सही है लेकिन भाषा में गलत प्रिंट हो गया है, तो निर्धारित एफिडेविट और PoI जमा करके इसे ठीक कराया जा सकता है।

4. नाम में पूरी तरह बदलाव के लिए गजट नोटिफिकेशन

अगर आप अपना नाम पूरी तरह बदल रहे हैं या ऐसा बदलाव कर रहे हैं जिससे आपकी पुरानी पहचान बदलती है, तो इसे Major Name Change माना जाएगा।

अनिवार्य शर्त: इस श्रेणी में नाम बदलने के लिए सरकारी गजट नोटिफिकेशन जमा करना अनिवार्य है। बिना गजट नोटिफिकेशन के पूरा नाम नहीं बदला जा सकता।

महत्वपूर्ण अपडेट: UIDAI अब नाम सुधारने की सुविधा ऑनलाइन पर नहीं दे रहा है। नाम में किसी भी तरह के सुधार के लिए आवेदक को नजदीकी आधार नामांकन/अपडेट केंद्र ही जाना होगा।

आधार में नाम सुधारने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

आधार में नाम अपडेट कराने के लिए आपको इन चरणों का पालन करना होगा:

कैटेगरी पहचानें: सबसे पहले तय करें कि आपका नाम सुधार माइनर है, शादी के बाद का बदलाव है, डेटा-एंट्री एरर है या फिर मेजर नेम चेंज है।

दस्तावेज जुटाएं: अपनी कैटेगरी के अनुसार निर्धारित सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स (PoI, PoR या गजट नोटिफिकेशन) तैयार करें।

एफिडेविट बनवाएं: अगर लागू हो, तो निर्धारित फॉर्मेट (Annexure B, C या D) में एफिडेविट या डिक्लेरेशन तैयार कराएं।

आधार केंद्र जाएं: अपने नजदीकी आधार नामांकन/अपडेट केंद्र पर जाएं।

आवेदन जमा करें: नाम अपडेट फॉर्म भरकर सभी जरूरी दस्तावेजों की कॉपी ऑपरेटर को सौंपें।

सत्यापन: ऑपरेटर द्वारा बायोमेट्रिक और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कराएं।

रसीद लें: प्रक्रिया पूरी होने पर अपडेट रिक्वेस्ट की पावती प्राप्त करें।

स्टेटस ट्रैक करें: रसीद पर दिए गए URN का उपयोग करके UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर अपनी रिक्वेस्ट का स्टेटस ट्रैक करें।

Video: न दिखावा, न बेवजह खर्च… बेंगलुरु के इस कपल ने बनाए 5 ऐसे Money Rules जो हर परिवार के काम आएंगे

पैसों को लेकर हर कोई अपनी तरह से प्लानिंग करता है, लेकिन बेंगलुरु के मेघा और शुभम ने परिवार के लिए कुछ ऐसे आसान नियम बनाए हैं, जो सोशल मीडिया पर लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। दोनों फुल-टाइम नौकरी करते हैं और उनके परिवार में एक छोटा बच्चा और पेट डॉग भी है। इसके बावजूद वे खर्च, बचत और निवेश के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं। उनका फोकस सिर्फ ज्यादा पैसा जमा करने पर नहीं, बल्कि उस पैसे का सही इस्तेमाल करने पर है।

वे दिखावे के लिए महंगी चीजें खरीदने के बजाय उन चीजों पर खर्च करना पसंद करते हैं, जो परिवार की जिंदगी को बेहतर बनाएं। साथ ही, वे घूमने-फिरने, सेहत और भविष्य के लिए निवेश को भी जरूरी मानते हैं। कपल ने अपने ऐसे ही पांच मनी रूल्स सोशल मीडिया पर शेयर किए, जिन्हें लोग काफी प्रैक्टिकल बता रहे हैं।

पहला नियम- दिखावे के लिए नहीं, अपनी खुशी के लिए खर्च

कपल का पहला नियम है कि पैसा दूसरों को प्रभावित करने के लिए नहीं, अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए खर्च होना चाहिए। वे महंगी कार, ब्रांडेड कपड़े या सिर्फ दिखावे के लिए खरीदी जाने वाली चीजों पर पैसा खर्च करने से बचते हैं। वहीं, जिस घर और सोसाइटी में वे अपना ज्यादातर समय बिताते हैं, उसकी क्वालिटी को लेकर समझौता नहीं करते।

दूसरा नियम- सामान से ज्यादा यादें जरूरी

मेघा और शुभम के लिए नई चीजें खरीदने से ज्यादा जरूरी परिवार के साथ अच्छा समय बिताना है। उनका फोकस ऐसी यादें बनाने पर रहता है, जिन्हें बाद में याद किया जा सके। वे हर गर्मियों में एक इंटरनेशनल ट्रिप प्लान करते हैं। इसके अलावा सालभर में कई बार स्टेकेशन करते हैं और त्योहारों या जरूरत के समय माता-पिता से मिलने भी जाते हैं।

तीसरा नियम- सेहत पर खर्च को निवेश मानते हैं

कपल के लिए फिटनेस कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे अगले महीने से शुरू किया जाए। वे हेल्दी खाना, बेहतर प्रोडक्ट्स और जिम जैसी चीजों पर खर्च करने को जरूरी मानते हैं। उनका मानना है कि आज अपनी सेहत पर ध्यान देने से आगे चलकर बड़ी मेडिकल परेशानियों और भारी खर्च से बचा जा सकता है।

चौथा नियम- हर साल बढ़ाएं निवेश

मेघा और शुभम सिर्फ खर्च पर नजर नहीं रखते, बल्कि निवेश को भी लगातार बढ़ाने की कोशिश करते हैं। उनका लक्ष्य है कि हर साल उनका निवेश पिछले साल से ज्यादा हो। उनके लिए कार या दूसरी महंगी चीजों से ज्यादा अहम निवेश पोर्टफोलियो की बढ़ती रकम है। वे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म, दोनों तरह के वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर प्लानिंग करते हैं।

पांचवां नियम- पैसों की जिम्मेदारी दोनों की

घर का खर्च सिर्फ एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। दोनों ने खर्चों को आपस में बांट रखा है। मेघा किराया, बिजली-पानी जैसे तय खर्च और घरेलू कर्मचारियों की सैलरी संभालती हैं। वहीं शुभम क्रेडिट कार्ड बिल, राशन और ट्रैवल से जुड़े खर्च देखते हैं।

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लोगों को क्यों पसंद आई उनकी सोच?

कपल ने अपने इन नियमों को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए बताया कि ये कोई परफेक्ट फाइनेंशियल फॉर्मूला नहीं हैं, बल्कि उनके परिवार के लिए काम करने वाले तरीके हैं। लोगों को खास तौर पर यह बात पसंद आई कि वे दिखावे से ज्यादा अपनी जिंदगी, सेहत, परिवार और भविष्य को प्राथमिकता देते हैं। कई यूजर्स ने उनके खर्च बांटने के तरीके और ‘इमेज नहीं, लाइफ पर खर्च’ वाली सोच को काफी प्रैक्टिकल बताया।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

मां से दूर विदेश में काम कर रहा था बेटा, फिर भी हर पल साथ; टेक प्रोफेशनल ने पुराने लैपटॉप से निकाला गजब जुगाड़

नोबेल मेडिसिन पुरस्कार का कुछ देर में ऐलान:वजन घटाने वाली दवा से नींद और जीन एडिटिंग तक, 5 वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में

2026 का नोबेल मेडिसिन पुरस्कार ऑप्टोजेनेटिक्स नाम की तकनीक के लिए पीटर हेगेमैन, जॉर्ज नागेल और कार्ल डीसेरोथ को दिया गया है। इस तकनीक की मदद से वैज्ञानिक दिमाग की नसों यानी तंत्रिका कोशिकाओं को रोशनी से कंट्रोल कर सकते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि हमारा दिमाग यादों, भावनाओं और व्यवहार को कैसे कंट्रोल करता है। GLP-1 को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा नोबेल समिति पहले से यह नहीं बताती कि किन लोगों को पुरस्कार के लिए चुना गया है। हालांकि इस साल मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार के लिए GLP-1 पर हुए शोध को सबसे ज्यादा चर्चा मिल रही है। यह वही हार्मोन है, जिस पर आधारित दवाओं ने मोटापा और डायबिटीज के इलाज में बड़ा बदलाव किया है। ओजेम्पिक और वेगोवी जैसी दवाएं इसी शोध से जुड़ी हैं। इसके अलावा कैंसर के इलाज, जीन एडिटिंग, इम्यून सिस्टम और उम्र बढ़ने से जुड़ी बीमारियों पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों के नाम भी चर्चा में हैं। नोबेल प्राइज से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

‘द साइकिल ऑफ लव’ के लंदन प्रीमियर में पहुंचीं एली अवराम

अभिनेत्री एली अवराम हाल ही में ‘द साइकिल ऑफ लव’ के लंदन प्रीमियर में शामिल हुईं। यह डॉक्यूमेंट्री भारतीय कलाकार पीके महानंदिया और स्वीडिश महिला लोट्टा की सच्ची प्रेम कहानी पर आधारित है।

एली ने कहा कि उनके लिए लंदन स्क्रीनिंग महज एक फिल्म समारोह नहीं, बल्कि उस परिवार से अपने पुराने जुड़ाव को महसूस करने का अवसर था। उन्होंने बताया कि वह इस परिवार को कई वर्षों से जानती हैं और उनकी कहानी से गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं।

एली ने कहा, “पीके और लोट्टा की कहानी बहुत प्रेरणादायक है और दुनिया को इसे जरूर सुनना चाहिए। यह कहानी आपके दिल में इतनी उम्मीद भर देती है कि आपको प्यार और इंसानियत की ताकत पर विश्वास होने लगता है।

‘द साइकिल ऑफ लव’ पीके महानंदिया के असाधारण जीवन और अपने प्रेम तक पहुंचने के उनके जुनून को दर्शाती है। लोट्टा के भारत से स्वीडन लौटने के बाद पीके ने उनसे दोबारा मिलने का फैसला किया और भारत से स्वीडन तक साइकिल से सफर किया। आज इस दंपति की शादी को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं।

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न्यूयॉर्क में प्रियंका चोपड़ा द्वारा आयोजित स्क्रीनिंग के बाद लंदन प्रीमियर में शामिल होने को लेकर एली ने कहा, “मैं यहां आकर उनका समर्थन करने और उनकी कहानी से जुड़े इस खूबसूरत संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए बहुत खुश हूं।

एली ने कहा कि यह केवल किसी फिल्म की कल्पना नहीं, बल्कि वास्तविक प्रेम कहानी है। उन्होंने कहा, “उन्होंने सच में भारत से स्वीडन तक साइकिल से सफर किया था। आज उनकी शादी को 50 साल हो चुके हैं। यह पीके के मजबूत इरादे और लोट्टा तक पहुंचने के उनके संकल्प की खूबसूरत मिसाल है।

एली के लिए पीके और लोट्टा से व्यक्तिगत रूप से मिलना भी बेहद भावुक अनुभव रहा। उन्होंने कहा, “आखिरकार उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलना और आज भी उनके बीच उसी तरह का प्यार देखना बहुत भावुक करने वाला था। दुनिया को ऐसी और कहानियों की जरूरत है।

एली का इस कहानी से जुड़ाव कई वर्ष पुराना है। उन्होंने 2017 में उनकी किताब पढ़ी थी। स्वीडन की रहने वाली एली बचपन से ही भारत के प्रति आकर्षित रही हैं और लोट्टा के भारत से जुड़ाव में उन्हें अपने जीवन और सफर की झलक दिखाई देती है।

एली ने कहा, “2017 में जब मैंने उनकी किताब पढ़ी, तो लोट्टा और भारत के साथ उनके जुड़ाव ने मुझे बहुत प्रभावित किया। मैं खुद स्वीडन से हूं और बचपन से ही भारत की ओर आकर्षित रही हूं। इसलिए उनकी कहानी की कई बातें मुझे अपनी जिंदगी और अपने सफर से जुड़ी हुई लगती हैं।

Pic Credit : UNI

तीसरे वनडे में धीमी ओवर गति के लिए भारत और वेस्टइंडीज पर लगा जुर्माना

अंतरराष्ट्रीय क्रिकैट परिषद (आईसीसी) ने तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में धीमी ओवर गति के लिए भारत के खिलाड़ियों पर मैच फीस का 20 प्रतिशत और वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।

शनिवार को खेले गये इस मैच में भारत निर्धारित समय से चार ओवर पीछे पाया गया, जबकि वेस्टइंडीज दो ओवर पीछे रहा। इसी आधार पर दोनों टीमों पर जुर्माना लगाया गया। आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के अनुसार, निर्धारित समय में जितने ओवर कम फेंके जाते हैं, प्रति ओवर पांच प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया जाता है।

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वेस्टइंडीज न्यू चंडीगढ़ वनडे में 0-2 से पीछे रहते हुए उतरा था। उसे तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे और गुवाहाटी में हुए दूसरे वनडे में आठ-आठ विकेट से हार मिली थी। दूसरे मैच में भारत ने रिकॉर्ड लक्ष्य का सफल पीछा कर सीरीज अपने नाम कर ली थी। तीसरे मैच में कप्तान शाई होप ने 143 गेंदों में नाबाद 162 रन की शानदार पारी खेली। उनकी अगुवाई में वेस्टइंडीज ने 351 रन के लक्ष्य को पार करते हुए वनडे इतिहास का अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज कर पांच विकेट से जीत दर्ज की।

व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो भारत के कप्तान शुभमन गिल और होप दोनों ने बल्ले से यादगार सीरीज खेली। गिल ने 110, नाबाद 223 और एक रन की पारियां खेलकर सीरीज में सबसे अधिक 334 रन बनाए, जबकि होप ने 12, 104 और नाबाद 162 रन की पारियों की मदद से 278 रन बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया।

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वरिष्ठ अधिकारी चक्रपाणि दत्त मिश्र की पुस्तक ‘कमेंट्री ऑन इंडियन स्टाम्प एक्ट, 1899’ का गौरवमयी विमोचन

वरिष्ठ अधिकारी चक्रपाणि दत्त मिश्र की पुस्तक 'कमेंट्री ऑन इंडियन स्टाम्प एक्ट, 1899' का गौरवमयी विमोचन

Grand launch of book Commentary on Indian Stamp Act 1899 by senior officer Chakrapani Dutt Mishra

इंदौर में आयोजित एक भव्य गौरवमयी समारोह में वरिष्ठ अधिकारी चक्रपाणि दत्त मिश्र (जिला पंजीयक एवं स्टाम्प कलेक्टर) द्वारा लिखित पुस्तक- ‘कमेंट्री ऑन इंडियन स्टाम्प एक्ट, 1899 (एज एप्लीकेबल टू द स्टेट ऑफ एम.पी.)’ का भव्य विमोचन संपन्न हुआ। खेत्रपाल लॉ हाउस, इंदौर द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक स्टाम्प विधि व प्रशासनिक क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी मानी जा रही है।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद बेबी अलायना ने गणेश वंदना और आकांक्षा जाचक शेट्टी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मंचासीन अतिथियों, सभागार में बड़ी संख्या में उपस्थित प्रशासनिक/राजस्व अधिकारियों,वरिष्ठ अधिवक्ताओं,सर्विस प्रोवाइडर्स का शब्द पुष्प से स्वागत इंदौर परिक्षेत्र के डी.आई.जी. रजिस्ट्रेशन उमाशंकर बाजपेयी ने किया। उन्होंने कहा कि लेखक द्वारा पद पर रहते हुए अपने अनुभवों के आधार पर की गई यह कमेंट्री सर्वहितकारी और उपयोगी साबित होगी। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा मंच पर बनी आदमकद पुस्तक का पर्दा हटाकर औपचारिक अनावरण किया गया।

 

लेखक चक्रपाणि दत्त मिश्र ने बताया कि मध्यप्रदेश में ‘संपदा परियोजना’ के जरिए कागज रहित कार्य करते हुए त्वरित पीडीएफ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विधिक विवेक, स्वांतःसुखाय तथा समाज-सुखाय हेतु 1200 पृष्ठों की इस पुस्तक की रचना की गई है, जिसमें 101 केस स्टडीज, व्यावहारिक समस्याएं व उनके समाधान शामिल हैं। अधिनियम पर न्याय निर्णयों की कठिन शब्दावली के बीच सेतु बनने के लिए इस पुस्तक को लिखा गया है ताकि लोक प्राधिकारी,अधिवक्ता,न्यायाधीश, विधि के विद्यार्थी और आम नागरिक इसे सरलता से समझ सकें।

 

गेस्ट ऑफ़ ऑनर, इंदौर के संभागायुक्त (IAS) भास्कर लक्षकार ने कहा कि पद पर रहते हुए किताब लिखना बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक प्रशासनिक स्तर के साथ-साथ एवं आम जनता के स्तर पर आने वाली स्टाम्प ड्यूटी संबंधी कठिनाइयों के निवारण में यह पुस्तक सहायक साबित होगी तथा एक सच्चे एवं प्रभावी संदर्भ ग्रन्थ की तरह स्टाम्प शुल्क की प्रभार्यता संबंधी दुविधाओं को दूर कर सही मार्गदर्शन करेगी।

 

पुस्तक पर चर्चा में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने इसे विधि के क्षेत्र में ‘मील का पत्थर’ करार दिया। वहीं पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज द्विवेदी ने कहा कि लिटिगेशन को कम करने तथा स्टाम्प ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन की समस्याओं को सुलझाने में यह अनुभव-आधारित पुस्तक अत्यंत कारगर होगी। भोपाल से पधारे विशिष्ट अतिथि स्वप्नेश शर्मा (सीनियर डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार, भोपाल एवं संपदा के परियोजना अधिकारी ) ने बताया कि इंदौर जिला अकेले 25% राजस्व देता है और लेखक के 30 वर्षों के अनुभवों से राज्य की अर्थव्यवस्था व टैक्स कलेक्शन को समृद्धि मिलेगी।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी ने 1200 पेजेज की इस पुस्तक को प्रशासनिक व कानूनी संदर्भों के लिए अत्यंत उपयोगी ग्रंथ बताया और एक संक्षिप्त ‘लघु रिफरेंस बुक’ लिखने का सुझाव भी दिया।

 

कार्यक्रम का मंच संचालन प्रसिद्ध कवयित्री व शिक्षिका प्रीति दुबे एवं डॉ. अमरेश नायडू (वरिष्ठ जिला पंजीयक एवं स्टाम्प कलेक्टर) द्वारा किया गया। अतिथियों का स्वागत कनिष्क मिश्र, डॉ. अंजना चक्रपाणि मिश्र, सिद्धार्थ मिश्र, इंदू मिश्र, डॉ.पीयूष मिश्र, निष्ठा मिश्र, आकांक्षा जाचक शेट्टी और नीतेश शेट्टी ने किया। अंत में डॉ. अंजना चक्रपाणि मिश्र ने आभार व्यक्त किया, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रदेश के कई क्षेत्रों से पधारे प्रशासनिक अधिकारी, पंजीयन अधिकारी, अधिवक्ता गण, ईष्ट मित्र, शुभचिंतक आदि उपस्थित थे!

1 दिन में आधा दर्जन गोल्ड मेडल! तीरंदाजों से लेकर महिला ह़ॉकी टीम ने जीता खिताब

Asian Games

शुक्रवार का दिन कुछ ऐसा था जैसा भारतीय खेलों में कभी-कभी ही देखने को मिलता है – अविश्वसनीय, रोमांचक और जिसे एक ही हेडलाइन में समेटना मुश्किल हो। एक पहलवान था जो 9-2 से पिछड़ने के बावजूद गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहा, तीन बॉक्सर जिन्होंने रिंग में गोल्ड मेडल की झड़ी लगा दी, तीरंदाज जिन्होंने आखिरकार दक्षिण कोरिया को हरा दिया, और सबसे बड़ी बात, महिला हॉकी टीम जिसने एशियाई खेलों का खिताब फिर से जीतने के लिए 44 साल का लंबा इंतज़ार खत्म किया।

भारत 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य सहित 76 पदक जीतकर पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सबसे खास पल शाम को आया जब भारत ने महिला हॉकी फ़ाइनल में चीन को 1-0 से हराया और एशियाई खेलों के खिताब के लिए 44 साल का इंतज़ार खत्म किया। लालरेम्सियामी ने अपने 200वें इंटरनेशनल मैच में 10वें मिनट में एकमात्र गोल किया, लेकिन उसके बाद असली मेहनत गोलकीपर सविता पूनिया और मज़बूत डिफेंस को करनी पड़ी।

चीन ने पेनल्टी कॉर्नर, पेनल्टी स्ट्रोक और आखिरी मिनटों में गोलकीपर को हटाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी के साथ भारत पर दबाव बनाया। लेकिन भारत टस से मस नहीं हुआ। फ़ाइनल की सीटी बजने पर न सिर्फ़ गोल्ड मेडल मिला, बल्कि लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल हुआ।

अगर हॉकी ने शाम को रोमांच पैदा किया, तो सुजीत कलकल ने दोपहर में मुश्किल हालात से शानदार वापसी की। पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फ़ाइनल में भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ताजिकिस्तान के अब्दुलमज़िद कुदिएव के खिलाफ़ 2-9 से पिछड़ रहे थे और ऐसा लग रहा था कि जीतना लगभग नामुमकिन है। लेकिन उन्होंने ज़बरदस्त वापसी की और दूसरे हाफ में चार बार प्रतिद्वंद्वी को गिराकर 10-9 से जीत हासिल की।

भारत को इन खेलों का पहला रेसलिंग गोल्ड दिलाया। इससे पहले, सुजीत ने सेमीफ़ाइनल में मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जापान के कोटारो कियोका को क्राइटेरिया के आधार पर (3-3 स्कोर रहने पर) चौंकाते हुए हराया था। उन्होंने आखिरी समय में हुए हमले का डटकर सामना किया और गोल्ड मेडल के मुक़ाबले में जगह बनाई।

बॉक्सिंग रिंग में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75किग्रा फ़ाइनल में चीन की बाओ ज़ी यी को सर्वसम्मति से हराकर अपना पहला एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल जीता। 2014 में मैरी कॉम की जीत के बाद एशियाई खेलों में महिलाओं की बॉक्सिंग में भारत का यह पहला गोल्ड मेडल था।

इसके बाद परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा फ़ाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के करीबी ‘स्प्लिट-डिसीजन’ से हराया। फिर अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिन सियोंग को हराकर बॉक्सिंग में भारत की हैट्रिक पूरी की।

और फिर तीरंदाज़ों की बारी आई। अंकिता भकत, कीर्ति और कुमकुम मोहोद ने दक्षिण कोरिया को हराकर महिलाओं के रिकर्व टीम इवेंट में भारत का पहला एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल जीता। गोल्ड के बाद पुरुषों की रिकर्व टीम को सिल्वर मेडल मिला, जो दक्षिण कोरिया से हार गई थी। इसके अलावा, धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की मिक्स्ड टीम को भी सिल्वर मेडल मिला, क्योंकि फ़ाइनल में चीन की टीम जीत गई।

सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने एक और ब्रॉन्ज़ मेडल दिलाया, जबकि सेपक टकरा के पुरुषों के क्वाड्रेंट इवेंट में जापान से सेमीफ़ाइनल में हारने के बावजूद भारत ने अपना पहला मेडल पक्का किया।

प्रणवी उर्स ने गोल्फ़ में भी भारत की चर्चा बनाए रखी; उन्होंने फ़ोर-अंडर 68 का स्कोर करके 15-अंडर पार तक पहुँचते हुए फ़ाइनल राउंड में बढ़त बना ली। जब हॉकी खिलाड़ी गले में गोल्ड मेडल पहनकर मैदान से बाहर निकले, तब तक भारत के लिए यह दिन यादगार बन चुका था – इसमें इतिहास, निराशा, वापसी और ऐसे पल भी थे जब स्कोरबोर्ड ने खेल को बेवजह मुश्किल बनाने की ठान ली थी। हालाँकि, शुक्रवार का दिन भारत के नाम रहा।

सेना के जवानों ने सेलिंग में दिलाया एतिहासिक सिल्वर मेडल, महिलाओं ने ब्रॉंज

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भारतीय जोड़ी मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने गुरुवार को एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता में पुरुष स्किफ की नौवीं रेस में रजत पदक जीता।हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की टीम ने महिलाओं की स्किफ सेलिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

भारतीय जोड़ी ने नौ रेस में 24 नेट अंक और 28 कुल अंकों के साथ प्रतियोगिता समाप्त की और चीन से आगे रही। चीन दूसरी रेस, छठी रेस और आठवीं रेस में तीन बार अयोग्य घोषित किया गया।जापान ने 11 नेट अंक और 14 कुल अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि हांगकांग ने 15 नेट अंक और 18 कुल अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया।

इससे पहले 31 वर्षीय फ्रांसिस और 30 वर्षीय नोबल ने नौ रेस के बाद कुल 23 अंक जुटाए और दूसरे स्थान पर रहे। दोनों भारतीय खिलाड़ी जो एर्नाकुलम के रहने वाले और रिश्ते में भाई हैं। चीन की जोड़ी ने 16 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में सबसे कम कुल अंक हासिल करने वाली टीम विजेता बनती है।

चीन की टीम में वेन जैडिंग और लियू तियान शामिल थे।पुरुष स्किफ सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और कुल अंक सबसे कम होने पर जीत दर्ज होती है। स्किफ छोटी और हल्की नौकाएं होती हैं।

हांगकांग चीन के अकिरा ल्यूक साकाई और रसेल आयल्सवर्थ ने 24 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।भारतीय जोड़ी ने तीसरी रेस जीती जबकि पहली, पांचवीं और नौवीं रेस में दूसरा स्थान हासिल किया। दूसरी ओर चीन ने चार रेस में पहला स्थान हासिल करके शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया।

केरल में 2018 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान जान गंवाने वाले मछुआरे के बेटे नोबल ने कहा कि अपने पहले एशियाई खेलों में पदक जीतना विशेष एहसास है।दोनों मुंबई स्थित आर्मी यॉटिंग नोड में प्रशिक्षण लेते हैं।फ्रांसिस के लिए यह मिश्रित भावनाओं वाला दिन रहा क्योंकि उन्हें लगा कि वे स्वर्ण पदक जीत सकते थे।

महिला स्किफ स्पर्धा में भारत की हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी 26 अंक के साथ चौथे और अंतिम स्थान पर रही। जापान ने 11 अंक के साथ इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता जबकि हांगकांग चीन 16 अंक के साथ दूसरे और चीन 23 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।भारतीय जोड़ी नौ में से किसी भी रेस में जीत दर्ज नहीं कर सकी। हालांकि उसने तीसरी और चौथी रेस में दूसरा स्थान हासिल किया।