सेना के जवानों ने सेलिंग में दिलाया एतिहासिक सिल्वर मेडल, महिलाओं ने ब्रॉंज

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भारतीय जोड़ी मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने गुरुवार को एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता में पुरुष स्किफ की नौवीं रेस में रजत पदक जीता।हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की टीम ने महिलाओं की स्किफ सेलिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

भारतीय जोड़ी ने नौ रेस में 24 नेट अंक और 28 कुल अंकों के साथ प्रतियोगिता समाप्त की और चीन से आगे रही। चीन दूसरी रेस, छठी रेस और आठवीं रेस में तीन बार अयोग्य घोषित किया गया।जापान ने 11 नेट अंक और 14 कुल अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि हांगकांग ने 15 नेट अंक और 18 कुल अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया।

इससे पहले 31 वर्षीय फ्रांसिस और 30 वर्षीय नोबल ने नौ रेस के बाद कुल 23 अंक जुटाए और दूसरे स्थान पर रहे। दोनों भारतीय खिलाड़ी जो एर्नाकुलम के रहने वाले और रिश्ते में भाई हैं। चीन की जोड़ी ने 16 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में सबसे कम कुल अंक हासिल करने वाली टीम विजेता बनती है।

चीन की टीम में वेन जैडिंग और लियू तियान शामिल थे।पुरुष स्किफ सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और कुल अंक सबसे कम होने पर जीत दर्ज होती है। स्किफ छोटी और हल्की नौकाएं होती हैं।

हांगकांग चीन के अकिरा ल्यूक साकाई और रसेल आयल्सवर्थ ने 24 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।भारतीय जोड़ी ने तीसरी रेस जीती जबकि पहली, पांचवीं और नौवीं रेस में दूसरा स्थान हासिल किया। दूसरी ओर चीन ने चार रेस में पहला स्थान हासिल करके शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया।

केरल में 2018 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान जान गंवाने वाले मछुआरे के बेटे नोबल ने कहा कि अपने पहले एशियाई खेलों में पदक जीतना विशेष एहसास है।दोनों मुंबई स्थित आर्मी यॉटिंग नोड में प्रशिक्षण लेते हैं।फ्रांसिस के लिए यह मिश्रित भावनाओं वाला दिन रहा क्योंकि उन्हें लगा कि वे स्वर्ण पदक जीत सकते थे।

महिला स्किफ स्पर्धा में भारत की हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी 26 अंक के साथ चौथे और अंतिम स्थान पर रही। जापान ने 11 अंक के साथ इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता जबकि हांगकांग चीन 16 अंक के साथ दूसरे और चीन 23 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा।भारतीय जोड़ी नौ में से किसी भी रेस में जीत दर्ज नहीं कर सकी। हालांकि उसने तीसरी और चौथी रेस में दूसरा स्थान हासिल किया।

ग्रीको रोमन में भारतीय पहलवान नितेश सिवाचने जीता एतिहासक सिल्वर मेडल

Nitesh Siwach

भारतीय पहलवान नितेश सिवाच ने गुरुवार को एशियाई खेल 2026 की पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उनके पास स्वर्ण पदक जीतने के भी स्वर्णिम अवसर था लेकिन वह जापान के खिलाड़ी यूरी नाकाजातो से 0-4 से हार गए।

लेकिन यह लम्हा भी एतिहासिक है क्योंकि 1962 के बाद यानि कि 64 साल बाद एशियाई खेलों में ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत को पहला रजत पदक मिला है। जापान के पहलवान ने नितेश को आगे धकेलकर स्कोरिंग की शुरुआत की। नितेश को निष्क्रियता के कारण ‘ग्राउंड पोजीशन’ में आना पड़ा, लेकिन उन्होंने शानदार बचाव किया और नाकाज़ातो को अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया।

नाकाज़ातो ने पहले पीरियड के अंत तक 2-0 की बढ़त बना ली थी और अंत तक नितेश को ‘हेड लॉक’ पोजीशन में जकड़े रखा। स्थानीय खिलाड़ी ने इसके बाद नितेश का संतुलन बिगाड़ दिया और इस दांव को सफलतापूर्वक ‘टेक डाउन’ में बदलकर 4-0 की बढ़त हासिल कर ली।

इससे पहले नितेश ने गुरुवार को एशियाई खेल 2026 की पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किग्रा भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में तुर्कमेनिस्तान के अमनबर्डी आगामम्मेदोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

नितेश ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 97 किलोग्राम क्वार्टरफाइनल में तुर्कमेनिस्तान के अमनबर्डी आगामम्मेदोव को आसानी से हरा दिया, पहले पीरियड में 7-0 की बढ़त हासिल की और फिर 7-1 से जीत दर्ज करते हुए अंकों के आधार पर मैच जीत लिया।

वहीं महिला पहलवान मानसी अहलावत ने कजाकिस्तान की इरिना कुजनेत्सोवा को हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया।भारत की मानसी अहलावत ने कजाकिस्तान की इरिना कुजनेत्सोवा को 6-1 से हराकर महिलाओं के 62किग्रा के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। लेकिन सेमीफाइनल में वह हार गई।

मानसी अल्तजिन के खिलाफ शुरू में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए कांस्य पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गई थी।मंगोलिया की खिलाड़ी ने मानसी को दो बार पीछे धकेलकर 2-0 की बढ़त हासिल की और फिर भारतीय खिलाड़ी के दोहरे पैर के हमले का बचाव किया। मानसी को पैर से हमला करने का एक और मौका मिला, लेकिन अल्तजिन ने एक बार फिर उनके प्रयास को विफल कर दिया।

एक अन्य मुकाबले में भारतीय पहलवान अमन पुरुषों के ग्रीको-रोमन 77 किग्रा क्यूएफ में कतर के शाहीन बडाघिमोफ्राड से हार गये। कतर के मौजूदा एशियाई चैंपियन शाहिन बदाघिमोफ्राद ने दबदबे के साथ शुरुआत की और पहले ही मिनट में अमन को दो बार सर्कल के बाहर भेजकर 2-0 की बढ़त हासिल कर ली। शाहिन ने आसानी से अमन को बार-बार पटका और तकनीकी श्रेष्ठता के बल पर जीत हासिल कर ली।अगर शाहिन फाइनल में पहुँचते हैं, जिसकी संभावना काफी अधिक है, तो अमन रिपेचेज राउंड में चले जाएंगे।

विश्व शाकाहारी दिवस आज : क्यों मनाया जाता है यह खास दिन? जानें इसका इतिहास और महत्व

विश्व शाकाहारी दिवस आज : क्यों मनाया जाता है यह खास दिन? जानें इसका इतिहास और महत्व

Why is World Vegetarian Day celebrated, Learn about its history and significance

World Vegetarian Day 2026 : हर साल 1 अक्टूबर को विश्व शाकाहारी दिवस (World Vegetarian Day) मनाया जाता है। यह दिन पूरी दुनिया में शाकाहार (Vegetarianism) के प्रति लोगों को जागरूक करने, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर इसके सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित करने और अहिंसात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इस दिवस के साथ ही अंतरराष्ट्रीय शाकाहारी माह (1 अक्टूबर से 1 नवंबर) ‘विश्व वीगन दिवस’ की शुरुआत भी होती है। आइए जानते हैं विश्व शाकाहारी दिवस के इतिहास और महत्‍व के बारे में विस्‍तार से… 

विश्व शाकाहारी दिवस का इतिहास

विश्व शाकाहारी दिवस की शुरुआत वर्ष 1977 में नॉर्थ अमेरिकन वेजीटेरियन सोसाइटी (NAVS) द्वारा की गई थी। वर्ष 1978 में इंटरनेशनल वेजीटेरियन यूनियन (IVU) ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी और हर साल 1 अक्टूबर को इसे मनाने की घोषणा की।

विश्व शाकाहारी दिवस का मुख्य उद्देश्य

पौधे-आधारित (Plant-based) भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों, ऊर्जा और गंभीर बीमारियों से बचाव के फायदों के बारे में लोगों को बताना। शाकाहार को बढ़ावा देकर पशुपालन उद्योग के कारण होने वाले कार्बन उत्सर्जन, वनों की कटाई और जल संकट को कम करने में मदद करना। पशु-पक्षियों के प्रति क्रूरता को रोकना और एक संवेदनशील समाज का निर्माण करना।

शाकाहार अपनाने के प्रमुख लाभ

शाकाहारी भोजन में फाइबर, विटामिन्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हृदय रोग, उच्च रक्तचाप (BP), टाइप-2 मधुमेह और मोटापे जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करते हैं। फाइबर से भरपूर होने के कारण शाकाहारी भोजन पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है।

मांस या पशु-आधारित आहार के उत्पादन की तुलना में शाकाहारी भोजन के उत्पादन में प्राकृतिक संसाधनों (जैसे जल और भूमि) की खपत काफी कम होती है। गौरतलब है कि पूरे अक्टूबर महीने को ‘शाकाहारी जागरूकता माह’ (Vegetarian Awareness Month) के रूप में भी जाना जाता है।

पहलवानी में पहला पदक, सुनील कुमार तकनीकी श्रेष्ठता से जीते कांस्य पदक

भारत के ग्रीको रोमन पहलवान सुनील कुमार ने पुरुषों के 87 किग्रा वर्ग में फिलीपींस के रॉबर्ट कैलम जॉनस्टन को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर कांस्य पदक जीता। इससे पहले भारतीय पहलवान सुनील कुमार ने बुधवार को पुरुषों के 87 किग्रा ग्रीको-रोमन कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में जगह बना ली।

आज खेले गये मुकाबले में भारत के सुनील कुमार ने ताजिकिस्तान के मुहम्मद सुल्तानजोडा को ‘टेक्निकल सुपीरियरिटी’ के आधार पर 9-0 से हराकर पुरुषों के 87 किग्रा ग्रीको-रोमन सेमीफाइनल में जगह बनाई।

सुनील ने अपने प्रतिद्वंद्वी का दाहिने हाथ बांधकर उन्हें पटखनी देते हुए 4-0 से बढत बना ली। रक्षात्मक खेल रहे जॉनस्टन को ‘पार टेरे’ पोजिशन से जमीन पर गिराते हुए सुनील ने स्कोरिंग मूव बनाते हुए पहले ही पीरियड में मुकाबला जीत लिया।

उन्होंने हांगझोउ में 2023 खेलों में भी कांस्य पदक जीतकर ग्रीको रोमन शैली में भारत का पदक का 13 साल का इंतजार खत्म किया था।इससे पहले रविंदर सिंह और सुनील कुमार ने 2010 में ग्वांग्झू खेलों में कांस्य पदक जीता था।