28 साल के भारतीय नागरिक आशीष कपूर उर्फ रोमी कपूर को अमेरिकी अदालत ने 121 महीने (10 साल और 1 महीना) की जेल की सजा सुनाई है। रोमी कपूर पर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण वाली तस्वीरें, वीडियो रखने और उन्हें ले जाने के गंभीर आरोप लगे हैं।अशिश कपूर फरवरी 2024 में मुंबई से न्यू ऑरलियन्स (N
Vietnam Boat Accident: शनिवार, 11 जुलाई को वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास एक टूरिस्ट बोट के पलटने से कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। वहीं, इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। तेज लहरों और खराब समुद्री स्थिति के कारण यह नाव फु क्वोक के पास होन मे रूट नगोई द्वीप के पास पलट गई।
सोशल मीडिया पर आए कुछ वीडियो में स्थानीय अधिकारियों को बचाव अभियान चलाते हुए देखा गया। हालांकि, CNN-News18 ने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
BREAKING: TOURIST SPEEDBOAT SINKS OFF PHU QUOC
A speedboat carrying 32 Indian tourists sank near Hon May Rut Ngoai, Phu Quoc, at around 10:30 a.m. on July 11.
18 people had been rescued by early afternoon.
Authorities say fatalities are feared, but the official death… pic.twitter.com/rTkrbZ6GQp
— NGO-SUGAR (@ngosugartp) July 11, 2026
Boat capsizes in Phu Quoc, 18 dead. Most of tourits are Indian pic.twitter.com/VmwDdha0Hn
— Linh (@holinh87) July 11, 2026
Another angle captures the desperate rescue effort after the speedboat capsized off Phu Quoc.
Heartbreaking scenes — but also extraordinary courage from rescuers and local boats racing against time to save lives.
Our thoughts are with the victims, their families, and everyone… pic.twitter.com/YuUHvPIDkD
— NGO-SUGAR (@ngosugartp) July 11, 2026
इस घटना में अधिकारियों ने 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिसमें तीन क्रू मेंबर और एक अटेंडेंट भी शामिल हैं। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाए गए हैं।
दूतावास ने ‘X’ पर कहा, “एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।”
In a tragic incident, a boat carrying several Indian tourists has capsized near Phu Quoc Island in Vietnam a few hours ago.
Exact details of the incident are being ascertained as search and rescue operations by local authorities are ongoing.
In order to provide information…
— India in Vietnam (@AmbHanoi) July 11, 2026
क्या हुआ था?
लोकल मीडिया के अनुसार, 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट ‘हॉन मे रुट आइलैंड’ से ‘एन थोई पोर्ट’ जा रही थी, तभी वह किनारे से लगभग 400 मीटर दूर पलट गई। बताया जा रहा है कि उस समय समुद्र में हालात खराब थे।
वहीं, बचाव कार्य शुरू करने के लिए लोकल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य में शामिल एक बोट ऑपरेटर ने VnExpress को बताया कि उनकी बोट लगभग पांच मिनट में ही मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन कई यात्री पलटी हुई बोट के अंदर फंसे हुए थे, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया।
बता दें कि यह घटना वियतनाम में पिछले साल हुई एक और बोट दुर्घटना के लगभग एक साल बाद हुई है। जुलाई 2025 में, ‘हा लॉन्ग बे’ में अचानक आए तूफान के दौरान 48 लोगों (जिनमें कम से कम 20 बच्चे शामिल थे) को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट पलट गई थी, जिसमें कम से कम 39 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस घटना को पिछले 20 से ज्यादा सालों में वियतनाम की सबसे घातक समुद्री दुर्घटना माना गया था।
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Cochin Shipyard Share Price: किसी सरकारी कंपनी का शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के ऐलान के बाद गिरने लगता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स को लगता है कि कंपनी डिस्काउंट पर अपने शेयर बेचेगी। कंपनी के कई मौजूदा इनवेस्टर्स ओएफएस से पहले अपने शेयर बेचते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शेयर की कीमत गिरकर डिस्काउंटेड ऑफर प्राइस के करीब पहुंच जाएगी। कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस के वक्त भी ऐसा देखने को मिला।
OFS के ऐलान के बाद शेयरों में गिरावट
सरकार ने कोचिन शिपयार्ड में ओएफएस के जरिए अपनी 5.04 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। उसने प्रति शेयर 1400 रुपये का प्राइस तय किया था। इसके बाद शेयर की कीमत इस साल मई के मध्य में 1800 रुपये से करीब 7 फीसदी गिर गई। हालांकि, इस गिरावट से शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है। लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग है। एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट है। शिप रिपेयर क्षमता भी बढ़ रही है।
26000 करोड़ रुपये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक
कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 26,000 करोड़ रुपये की है। यह FY26 में रेवेन्यू की छह गुनी है। इससे अगले कुछ सालों तक कंपनी के रेवेन्यू की तस्वीर साफ है। आगे डिफेंस और कमर्शियल शिप बिल्डिंग के करीब 10,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। कंपनी इनके लिए बोली लगाएगी। मैनेजमेंट को मीडियम टर्म में ऑर्डर बुक 12-15 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसकी वजह नवल शिपबिल्डिंग, कमर्शियल शिप और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते मौके हैं।
45 फीसदी का दमदार मार्केट शेयर
भारत में शिप-रिपेयर इंडस्ट्री में कोचिन शिपयार्ड ने अपनी अच्छी पैठ बना ली है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी तक पहुंच गई है। यह अकेली भारतीय शिपयार्ड कंपनी है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर की रिपेयरिंग क्षमता भी है। पिछली 2-3 तिमाहियों में इस सेगमेंट में प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन, मैनेजमेंट को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने अगले तीन सालों में शिप रिपेयर से करीब 2,500 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट रखा है। वाडिनार शिफ रिपेयर फैसिलिटी के तैयार हो जाने पर कंपनी की रिपेयिरंग क्षमता बढ़ जाएगी।
15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस
मैनेजमेंट ने रेवेन्यू ग्रोथ के लिए करीब 15 फीसदी गाइडेंस दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही से एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। ग्रोथ बढ़ाने के लिए कंपनी ने अगले तीन सालों में 2,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। यह कंपनी के 6,500 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट प्लान का हिस्सा है। कंपनी नॉन-डिफेंस ग्रोथ के रास्ते भी तलाश रही है।
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शेयरों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर
कंपनी के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 32 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह इसके एक साल के औसत करीब 65 गुना के फॉरवर्ड पी/ई से काफी कम है। कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन में कमी आई है, जबकि फंडामेंटल्स बेहतर हुए हैं। अभी शेयरों में निवेश का अच्छा मौका है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, बढ़ता शिप रिपेयरिंग बिजनेस और बेहतर होती अर्निंग्स की तस्वीर शेयर को अट्रैक्टिव बनाती है।
Gold Price Diwali Target Outlook: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगाई का डर एक बार फिर बढ़ गया है। इस तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक एक बार फिर बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,000 प्रति औंस के करीब पहुंच गया है, वहीं घरेलू बाजार में सोने की कीमतें फिलहाल ₹1.40 लाख से ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशक और आम खरीदार असमंजस में हैं कि अभी सोना खरीदना चाहिए या नहीं। आइए समझते हैं कि दिवाली तक सोने की चाल कैसी रह सकती है।
क्या सोने की कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट?
बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने की कीमतों में किसी बड़ी या भारी गिरावट की उम्मीद बहुत कम है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना मौजूदा स्तरों पर अपना एक मजबूत आधार बना चुका है। अगर यहां से कीमतों में कोई गिरावट आती भी है, तो वह महज 5% तक ही सीमित रहने की संभावना है। घरेलू बाजार में सोने को ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बेहद मजबूत सपोर्ट पर है। इसलिए ग्राहकों को बहुत ज्यादा दाम गिरने की उम्मीद में अपनी खरीदारी को टालना नहीं चाहिए।
क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?
सोने की मौजूदा तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:
भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते विवाद ने निवेशकों को शेयर बाजार जैसी जोखिम भरी जगहों से निकालकर सोने की तरफ आकर्षित किया है।
कच्चा तेल और महंगाई: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई की चिंता को दोबारा हवा दे दी है, जिससे हेजिंग के लिए सोने की मांग बढ़ी है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व: अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रही है।
दिवाली तक कहां पहुंच सकता है सोना?
दिवाली पर सोने के भाव को लेकर विश्लेषकों ने दो तरह की संभावनाएं जताई हैं:
पहली स्थिति: अगर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और स्थितियां सामान्य होती हैं, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमतें छलांग लगाते हुए ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकती हैं।
दूसरी स्थिति: अगर तनाव और अनिश्चितता का माहौल आगे भी बरकरार रहता है, तो सोने के दाम ₹1.35 लाख से ₹1.45 लाख के सीमित दायरे में ही बने रहेंगे।
ग्लोबल टारगेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को $3,800 पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि लंबी अवधि के लिए $5,100 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ज्वैलरी मार्केट में लौटी रौनक, खरीदारी का अच्छा मौका
सोने की कीमतों में आई हालिया मामूली गिरावट ने ज्वैलरी बाजार में ग्राहकों की डिमांड को फिर से जिंदा कर दिया है। जब कीमतें अपने रिकॉर्ड हाई पर थीं, तब बिक्री में भारी गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब इसमें सुधार हो रहा है। अगस्त और सितंबर से शुरू होने वाले आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस साल दिवाली पर सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले बेहतर या उसके बराबर रह सकती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
एनएसई इस महीने दुनिया के 30 से ज्यादा बड़े इनवेस्टर्स को अपने आईपीओ के बारे में जानकारी देगी। एक्सचेंज ने पिछले महीने सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। इस साल दो बड़े मेगा आईपीओ बाजार में आने वाले हैं। एनएसई के अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स का भी आईपीओ आने वाला है। ये दोनों ही बड़े आईपीओ होंगे।
एनएसई के आईपीओ के बारे में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि अगले हफ्ते इनवेस्टर मीटिंग्स शुरू हो जाने की उम्मीद है। एक्सचेंज के शेयरों की लिस्टिंग अक्तूबर में हो जाने की उम्मीद है। इस बारे में पूछने पर एनएसई के प्रवक्ता ने कहा कि एक्सचेंज ने रेगुलेटर के पास पेपर फाइल कर दिए हैं। इस वक्त इस बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।
रायटर्स ने पिछले महीने अपने सूत्रों और प्राइवेट मार्केट ट्रेड्स के हवाले से बताया था कि एनएसई का आईपीओ 3.3 अरब डॉलर का हो सकता है। एनएसई के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। भारत के दूसरे बड़े एक्सचेंज BSE का आईपीओ 2017 में आया था। लिस्टिंग के बाद से बीएसई के शेयर की कीमत 30 गुना से ज्यादा हो गई है।
बीएसई का मुकाबला एनएसई से है। बीते कुछ सालों में बीएसई के प्रदर्शन में सुधार दिखा है। FY26 में इसकी रेवेन्यू ग्रोथ 88 फीसदी रही। एनएसई के रेवेन्यू में इस दौरान 3 फीसदी की गिरावट आई। इसमें डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के सेबी के सख्त नियमों का ब़ड़ा हाथ है। हालांकि, एनएसई का रेवेन्यू बीएसई का करीब छह गुना है।
NSE इनवेस्टर्स को अपने संभावित प्रदर्शन के बारे में बताएगा। वह इनवेस्टर्स को बताएगा कि अगले पांच सालों में कैश इक्विटीज और इक्विटीज फ्यूचर्स की सालाना टर्नओवर ग्रोथ 12 फीसदी रह सकती है। इक्विटी ऑप्शंस की ग्रोथ अगले पांच सालों में सालाना 10 फीसदी रह सकती है। अभी इक्विटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग में एनएसई की हिस्सेदारी 100 फीसदी है। कैश मार्केट में हिस्सेदारी 93 फीसदी है और इक्विटी ऑप्शंस में 75 फीसदी है।
एनएसई ने कहा है कि भारत में शेयर बाजार तक लोगों की पहुंच अभी विकसित देशों के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए शेयर ट्रेडिंग का वॉल्यूम बढ़ने की काफी ज्यादा संभावना है। एनएसई को करेंसी डेरिवेटिव्स मार्केट में भी अपनी ग्रोथ 15 फीसदी रहने की उम्मीद है। एनएसई का सीनियर मैनेजमेंट अगले हफ्ते से संस्थागत निवेशकों से मुलाकात का सिलसिला शुरू करेगा। मैनेजमेंट सिंगापुर, मलेशिया, हांगकांग इस महीने के अंत तक रोडशो कर सकता है।
Weekly Weather Forecast: देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 से 17 जुलाई तक के लिए देशभर का साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान पूर्वी, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है।
इस दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में जहां मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। वहीं, मध्य भारत में तेज आंधी-तूफान का अलर्ट है। दूसरी ओर, दक्षिण के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।
आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम:-
मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहेगा:-
- 14 से 17 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
- 11 से 15 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट।
- पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका।
पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में मूसलाधार बारिश
पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।
- बिहार में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना।
- 11 और 12 जुलाई को बिहार के कुछ इलाकों में अति भारी बारिश हो सकती है।
- झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।
- कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी।
पूर्वोत्तर भारत: मेघालय में सबसे ज्यादा खतरा
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है:-
- 11 जुलाई को मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
- 12 जुलाई को असम और मेघालय में अति भारी बारिश का अलर्ट।
- पूरे सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना।
- पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र में बरसेंगे बादल
- कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
- गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर।
दक्षिण भारत: बारिश भी, हीटवेव भी
- केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार।
- 11 जुलाई को तमिलनाडु में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी।
- तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 जुलाई को हीटवेव का अलर्ट जारी।
कहां चलेगी तेज हवा?
IMD के मुताबिक, कई राज्यों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं:-
पूर्वी मध्य प्रदेश
विदर्भ
झारखंड
अंडमान-निकोबार
तमिलनाडु
ओडिशा
बीते 24 घंटे: कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।
- चेरापूंजी (मेघालय) – 19 सेमी
- मौसिनराम (मेघालय) – 17 सेमी
- नाहन (हिमाचल प्रदेश) – 16 सेमी
- फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 सेमी
- कीर्तिनगर (उत्तराखंड) – 13 सेमी
- बिक्रम (पटना, बिहार) – 10 सेमी
लोगों के लिए जरूरी सलाह
- भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- स्थानीय प्रशासन और IMD की एडवाइजरी का पालन करें।
इन राज्यों में आज ‘अत्यधिक भारी’ बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर में आफत
पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका है। इसके अलावा:-
- असम और मेघालय में 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि 13 से 17 जुलाई के बीच भी भारी बारिश जारी रहेगी।
- अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। इन सभी राज्यों में 15 जुलाई तक आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।
बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वी भारत के राज्यों के लिए भी मौसम विभाग ने चिंता जताई है:-
- बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 11 और 12 जुलाई को ‘बहुत भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) होने के आसार हैं। बिहार में 13 से 15 जुलाई के बीच भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
- झारखंड में 12 से 14 जुलाई, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 11-13 व 16-17 जुलाई और ओडिशा में 11 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
- मध्य और पश्चिम भारत: आंधी-तूफान के साथ 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मध्य भारत में बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का तांडव देखने को मिल सकता है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश (11-14 जुलाई) और विदर्भ (13-15 जुलाई) में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- पश्चिम मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
- छत्तीसगढ़ में 14 से 17 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, कोंकण, गोवा और गुजरात के इलाकों में भी 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।
लू (Heat Wave) की चेतावनी
एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में पानी बरस रहा है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अलग-अलग इलाकों में 11 और 12 जुलाई को भीषण लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है।
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक बोट समुद्र में पलट गई। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसे में भारतीयों समेत 15 लोगों की मौत हो गई है। खोज-बचाव अभियान जारी है। सोशल मीडिया पर दावा किया किया जा रहा है नाव पर 32 भारतीय टूरिस्ट सवार थे। इनमें ज्यादातर तेलंगाना के हैं। हादसे की तस्वीरें… हेल्पलाइन नंबर जारी, कंट्रोल रूम बनाया इंडियन एंबेसी ने बताया कि घटना के सही जानकारी जुटाई जा रही है। यहां यात्रियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इससे संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414 जारी किए गए हैं। भारतीय दूतावास ने कहा कि हम स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद दी जा रही है। सुबह 10:30 बजे हुआ हादसा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। नाव भारतीय पर्यटकों को फु क्वोक के पास स्थित होन मे रुट न्गोआई द्वीप घुमाने ले जा रही थी। यह द्वीप अपने साफ समुद्र, छोटे बीच और कोरल रीफ डाइविंग के लिए मशहूर है। यहां पहुंचने के लिए पर्यटक आमतौर पर एन थोई बंदरगाह से नाव या स्पीडबोट किराये पर लेते हैं।
खबर लगातर अपडेट हो रही है…

Mercedes-Benz will launch the new AMG E 53 HYBRID 4MATIC+ in India on July 23. The performance sedan returns to India with a plug-in hybrid powertrain that combines a 3.0-litre six-cylinder petrol engine with an electric motor. It will join Mercedes-AMG’s India line-up as its latest electrified performance model.
- Plug-in hybrid system uses a 21.2kWh battery
- 0-100kph takes as little as 3.8 seconds
- India-bound E 53 will get 4Matic+ all-wheel drive
Mercedes-AMG E 53 powertrain and performance

The E 53 uses a 3.0-litre turbo-petrol straight-six engine producing 449hp, paired with an electric motor integrated into the 9-speed automatic gearbox. The motor develops up to 163hp, taking combined output to 585hp and 750Nm in standard form.
With the optional AMG Dynamic Plus package, output rises to 612hp when Race Start is activated. In this configuration, the sedan can accelerate from 0-100kph in 3.8 seconds and reach a top speed of 280kph. A 21.2kWh usable battery gives the E 53 a claimed electric-only range of over 100km. The PHEV can run on electric power at speeds of up to 140kph and supports 11kW AC charging. In international markets, optional 60kW DC charging can take the battery from 10-80 percent in around 20 minutes.

The E 53 gets AMG-specific chassis changes, including additional bracing at the front and rear axles, an 11mm wider front track and adaptive suspension with Comfort, Sport and Sport+ settings. The braking system has also been adapted to work with the hybrid system’s energy recuperation.
Mercedes-AMG E 53 exterior and interior

The E 53 is based on the current E-Class but gets several AMG-specific design changes. These include an illuminated AMG grille, larger front air intakes, wider front wheel arches and a boot-lid spoiler. At the rear, it gets a diffuser and four round exhaust outlets.

Inside, the E 53 gets AMG sports seats, an AMG steering wheel and model-specific trim. The dashboard houses a 12.3-inch digital instrument display and 14.4-inch central touchscreen, while the MBUX Superscreen, which adds a separate display for the front passenger, is available in international markets.
Mercedes-AMG E 53 India launch and expected price

Mercedes-Benz will announce prices for the E 53 HYBRID 4MATIC+ on July 23. The previous-generation E 53 sedan was launched in India in 2021, while the E 53 Cabriolet was subsequently introduced here. The new model will return the E 53 sedan to Mercedes-AMG’s India range.

The Lego Technic Ducati Desmo 450MX Factory Motorcycle is a 457-piece assembly kit based on Ducati’s real-world 449.6cc single-cylinder motocross machine. Aimed at children aged 10 and above, the completed model measures 19cm tall, 31cm long and 11cm wide. Despite its relatively modest part count– roughly a third of the existing Lego Ducati Panigale V4 S kit — it still features functional steering, working suspension at both ends and a moving chain that actuates the single piston within the engine. A three-speed transmission, as found on the Panigale kit, is not included.
The kit is priced at USD 50 (approximately Rs 4,768)– significantly more affordable than the Panigale V4 S kit at USD 200. It goes on sale in the US on August 1, 2026, and is already listed on Lego’s India website, with availability expected to follow shortly after the US launch.

Trip To London: जब भी पर्यटन के लिए विदेश जाएं तो भारतीय रुपए में मूल्य आंकना मुसीबत खड़ी करेगा। वजह साफ है कि विश्व की अधिकांश लेन-देन की मुद्रा का मूल्य रुपए से कई गुना ज्यादा है। प्रमुख तौर पर डॉलर 95 रुपए का, पाउंड 130 रुपए का, यूरो 111 का, कुवैती दीनार सबसे महंगा 310 का और दुबई का दिरहम 26 रुपए का। इसलिए ब्रिटेन में चाय जब 450 रुपए की आती है तो हम लोग एक खाली गिलास मांगकर कट मार लेते हैं।
लंदन चूंकि विश्व के पहले पांच महंगे शहर में है तो आपका बजट तो गड़बड़ाएगा ही। सर्वाधिक महंगा सिंगापुर है। इसलिए पहले से मानसिक और आर्थिक तैयारी जरूरी है। वहां यदि आपका कोई परिजन है तो पहले चर्चा कर तय कर लें कि कौन-सी खाद्य सामग्री ले जाना है और कौन-सी वहां से खरीदना है। विशेष तौर पर दाल, सब्जी, राजमा, पोहे, उपमा, चाय का रेडी टू इट वाला सामान साथ लिया जा सकता है। यदि एकाध हफ्ता रुकना है तो 15 किलो की एक अटैची में खाने का सामान रखना समझदारी होगी। यदि बजट की चिंता नहीं है तो कोई बात नहीं। मैं आपको मोटे पर लगने वाली सामग्री की लंदन की दरें बता देता हूं, जो मई 2026 में वहां थीं।
ये मध्यम बजट की दरें हैं
रेस्टारेंट में एक व्यक्ति का खाना 2,500 का, दो का करीब 10 हजार का। याने 20 से 80 पाउंड तक। कैपेचिनो कॉफी 530 रुपए की, मसाला डोसा 1300 रुपए का, छोले-भटूरे 1500 रुपए के, पानी की बोतल 80 से 200 तक की, दूध 182 रुपए लीटर, ब्रेड 212 की, जो हमें 40 में मिल जाती है। चावल एक किलो 235 का, 12 अंडे 500 के। इसी तरह से मोबाइल का 10 जीबी डाटा 1755 रुपए का, जो यहां 400 में मिलता है। ब्रॉडबैंड 4,000 का जो यहां 775 में मिलता है। पेट्रोल-डीजल 150-170 रुपए लीटर है।
सब्जियों के भाव सुनकर दहशत में आ सकते हैं। खीरा 3 नग 130 रुपए के, गाजर करीब 600 रुपए किलो, पत्ता गोभी एक नग 90 रुपए की, नींबू 120 रुपए का। केले 155 के एक किलो (जिसमें 6-7 आएंगे), आलू 165 रुपए किलो, प्याज 150 रुपए किलो। भाव का यह अंतर रुपए और पाउंड के मूल्य में फर्क का नतीजा तो है ही, वहां महंगाई का स्तर भी ऊंचा है।

एक विश्लेषण के अनुसार यदि इंदौर व लंदन का तुलनात्मक अध्ययन करें तो लंदन की बजाय इंदौर में जीवन स्तर 79.6 प्रतिशत सस्ता है। मकान, दुकान, ऑफिस का किराया 94.3 प्रतिशत सस्ता है। इंदौर में रेस्टारेंट 84.4 प्रतिशत, किराना 71.3 प्रतिशत सस्ता है। हमारी क्रय शक्ति लंदन वालों की बजाय 50.6 प्रतिशत अधिक है। यदि इंदौर में रहने के लिए 1011 पाउंड (एक लाख 30 हजार 460 रुपए) चाहिए तो लंदन वाले को 6900 पाउंड (8 लाख 90 हजार 100 रुपए) चाहिए। स्वाभाविक रूप से प्रॉपर्टी भी मंहगी है। मध्यमवर्गीय इलाके में 2 बेडरूम का फ्लैट औसत सवा चार करोड़ रुपए से पौने सात करोड़ रुपए का आएगा। याने 4 लाख से साढ़े 6 लाख पाउंड में। इतनी रकम में इंदौर में शानदार 3-4 हजार वर्गफीट का बंगला मिल जाएगा।
इसे एक दूसरे तरीके से भी समझ सकते हैं। लंदन में औसत प्रति व्यक्ति मासिक खर्च 1500 पाउंड याने 18 हजार पाउंड वार्षिक (23 लाख 32 हजार रुपए है) होता है। इंदौर में औसत खर्च 15 हजार से 25 हजार रुपए याने अधिकतम 3 लाख रुपए वार्षिक होता है। इस तरह लंदन हमसे करीब 8 गुना अधिक महंगा है। यह विश्लेषण ग्लोबल वेल्थ एंड लाइफस्टाइल का है, जो बताता है कि सिंगापुर व लंदन काफी महंगे शहर हैं। लंदन में जहां 4 व्यक्तियों के रुकने लायक जो अपार्टमेंट औसत 20-25 हजार रुपए रोज वाले मिलेंगे, वे एडिनबरा (स्कॉटलैंड) में 35 हजार रुपए रोज के रहेंगे। यहां अपेक्षाकृत सीमित सुविधा व अत्यधिक पर्यटकों की वजह से मंहगाई अधिक है, क्योंकि यह लंदन से प्राकृतिक रूप से अधिक खूबसूरत है।
अपार्टमेंट में रूम सर्विस या रोजाना सफाई जैसी कोई सुविधा नहीं होती। वहां हफ्ते में तय दिन सफाई के लिये कोई आएगा। अपार्टमेंट व कमरे के लॉक डिजिटल होते हैं, जो आपको बुकिंग होने पर बता दिए जाएंगे। एडिनबरा में तो मेन गेट के बाहर एक बॉक्स होता है, जिसका नंबर आपको दे देंगे। वह सही हुआ तो बॉक्स खोलकर कमरे की चाबी मिल जाएगी। यदि कुछ गड़बड़ हो तो पचते रहो, कोई मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि कोई सुरक्षा गार्ड नहीं होता।
ब्रिटेन व यूरोप में भी ज्यादातर मकानों के दरवाजे-खिड़कियां कांच के होते हैं, जिनमें सरियों की ग्रिल नहीं होती। इसका आशय यही है कि वहां ग्रिल उखाड़कर या दरवाजे तोड़कर चोरियां नहीं होतीं। ऐसा भी नहीं है कि चोरियां नहीं होतीं। लंदन के व्यस्त इलाकों में विशेष तौर पर आई फोन की लूट काफी होती हैं। ये काम ई-बाइक गिरोह व नकाबपोश करते हैं, जो राह चलते उन लोगों के फोन उड़ा लेते हैं, जो बात करते हुए चलते हैं।
2024-25 में एक लाख 6 हजार आई फोन चोरी हुए थे। ये फोन चीन में बेच दिए जाते हैं। वहां इन्हें नए सिरे से असेंबल कर विश्व बाजार में फिर बेच देते हैं। यह करीब एक हजार करोड़ रुपए का चोरी के आई फोन का कारोबार है। अधिकांश फोन हांगकांग व चीन भेज दिए जाते हैं, जहां रि-सेट, रि-प्रोग्रामिंग कर फिर से बेच दिए हैं। (क्रमश:) -लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।

