वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर के बाद बनी चारों कंपनियों के शेयर 1 जुलाई को रॉकेट बन गए। वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता आयरन एंड स्टील, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता पावर में से सबसे ज्यादा तेजी वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में दिखी। इसकी वजह यह है कि चारों कंपनियों के शेयर बुधवार को ट्रेड-टू-ट्रेड सेगमेंट से बाहर आ गए। ये चारों शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में 15 जून को लिस्ट हुए थे। पहले 10 कारोबारी दिनों के लिए इन्हें टी2टी सेगमेंट में डाला गया था।
टी2टी सेगमेंट के शेयरों पर लागू होती हैं ये शर्तें
T2T सेगमेंट में शामिल शेयरों में हर ट्रांजेक्शन पर डिलीवरी जरूरी होती है। इन शेयरों में इंट्रा-डे बाइंग और सेलिंग की इजाजत नहीं होती है। शेयर की कीमत चढ़ने या उतरने की स्थिति में 5 फीसदी पर ही सर्किट लग जाता है। इन चारों शेयरों के 1 जुलाई को टी2टी सेगमेंट से बाहर आने के बात ये बंदिशें खत्म हो गई हैं। इन शेयरों में इंट्रा-डे ट्रेडिंग भी हो सकेगी। इससे इनमें लिक्विडिटी बढ़ेगी। साथ ही कीमतों में उतार-चढ़ाव भी दिखेगा।
वेदांता ऑयल के शेयरों में 20 फीसदी तक उछाल
2:15 बजे Vedanta Oil & Gas का शेयर 19.98 फीसदी चढ़कर 38.68 रुपये पर चल रहा था। वेदांता पावर का शेयर 11.30 फीसदी के उछाल के 45 रुपये पर चल रहा था। वेदांता आयरन का शेयर 9.98 फीसदी की तेजी के साथ 38.78 रुपये पर था। वेदांता एल्युमीनियम का शेयर 2.60 फीसदी चढ़कर 460.10 रुपये पर चल रहा था। शेयर बाजारों में 1 जुलाई को अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में करीब 0.70 फीसदी की मजबूती थी।
कंपनी विदेशी कंपनियों से कर रही पार्टनरशिप
ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल ने वेदांता ऑयल एंड गैस के बारे में कहा है कि कंपनी ने एंड-टू-एंड आउटसोर्सिंग एप्रोच के इस्तेमाल का प्लान बनाया है। इसके लिए वह ग्लोबल लेवल की सीजमिक, सबसर्फेस इवोल्यूशन, ड्रिलिंग और फील्ड डेवलपमेंट के लिए पार्टनरशिप कर रही है। इससे कंपनी को अपनी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे एफिशियंसी बढ़ेगी, जिसका पॉजिटिव असर वॉल्यूम ग्रोथ पर पड़ेगा।
टॉप 3 प्राइवेट कंपनियों में आने का लक्ष्य
ब्रोकरेज फर्म ने वेदांता पावर के बारे में कहा है कि कंपनी स्थापित क्षमता के लिहाज से भारत के टॉप पांच प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में शामिल है। कंपनी FY33 तक टॉप 3 प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में अपनी जगह बनाना चाहती है। कंपनी कोयला आधारित अपनी क्षमता 4.2GW से बढ़ाकर इस वित्त वर्ष के अंत तक 4.8GW करना चाहती है।
ब्रोकरेज फर्म यस सिक्योरिटीज ने वेदांता ऑयल एंड गैस के बारे में कहा कि मैनेजमेंट ने अपनी उत्पादन क्षमता में बड़ी वृद्धि करने के प्लान के बारे में बताया है। कंपनी के प्रमुख फोकस एरिया में राजस्थान नॉर्थ में एएसपी का डेप्लॉयमेंट, राजस्थान साऊथ में डीप गैस डेवलपमेंट और केजी बेसिन में डीपवाटर शामिल हैं। इससे पोर्टफोलियो की लंबी अवधि की ग्रोथ में मदद मिलेगी।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।
Rules Changing From July 1 2026: 1 जुलाई से देश में कई जरूरी फाइनेंशियल और और नीतिगत बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर इनकम टैक्स, सैलरीड क्लास, पेंशन पाने वालों, बैंक कस्टमर और विदेश यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ने जा रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और पासपोर्ट फीस से लेकर ईपीएफओ सेवाओं, आधार नियमों और क्रेडिट कार्ड के फायदों में कई बड़े अपडेट किए गए हैं। आइए आपको इन बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं ताकि आप किसी तरह की असुविधा से बचें और बजट को बेहतर तरीके से प्लान कर पाएं।
1- कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ सस्ता, घरेलू दाम स्थिर
सरकार ने 1 जुलाई से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की है। इससे होटलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है। इस कटौती के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3113.50 से घटकर ₹2930 हो गई है। हालांकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह कटौती 2026 की पहली छमाही के दौरान कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में हुई कई तेज वृद्धियों के बाद आई है।
2- FY 2025-26 के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन
करदाताओं को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरने वाले व्यक्तिगत करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। ऐसे करदाता जो ITR-3 और ITR-4 दाखिल करते हैं और जिन पर टैक्स ऑडिट की आवश्यकता लागू नहीं होती है, उनके पास अपना रिटर्न जमा करने के लिए 31 अगस्त 2026 तक का समय है। तय समय-सीमा चूकने पर जुर्माना लग सकता है, टैक्स रिजीम को चुनने पर रोक लग सकती है और नुकसान को आगेल कैरी फॉरवर्ड करने की सर्विस से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
3- EPFO 3.0: UPI आधारित पीएफ विड्रॉल की सुगबुगाहट
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बहुप्रतीक्षित EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया जा रहा है। इसके तहत ईपीएफ सब्सक्राइबर्स को यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से तुरंत पैसे निकालने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
4- पासपोर्ट फीस में हुआ भारी इजाफा
सरकार ने पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करके पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बदलाव किया है। ये बदलाव भी 1 जुलाई से प्रभावी हो गया है। अब 36 पन्नों के नए सामान्य पासपोर्ट की फीस 1500 से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है। इसी कैटेगरी में तत्काल शुल्क को 3500 से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है। 60 पन्नों के पासपोर्ट और खोए या कटे-फटे पासपोर्ट को बदलने की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। वरिष्ठ नागरिकों और 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नए आवेदनों पर 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी।
5- आधार (Aadhaar) में ईमेल अपडेट करना हुआ फ्री
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधिकारिक आधार मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीकृत ईमेल पते को अपडेट करने पर लगने वाले ₹75 के शुल्क को माफ कर दिया है। यह मुफ्त सुविधा 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
6- मिस-सेलिंग पर RBI की सख्ती, टेलीमार्केटिंग का समय तय
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों द्वारा वित्तीय उत्पादों की गलत तरीके से बिक्री को रोकने और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम पेश किए हैं। अगर किसी ग्राहक को उचित सहमति के बिना या भ्रामक तरीकों से उत्पाद बेचे जाते हैं तो वे रिफंड और मुआवजे के हकदार होंगे। बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे टेलीमार्केटिंग और प्रमोशनल कॉल्स को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही सीमित रखें।
7- HDFC बैंक ने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड और लाउंज नियमों को बदला
एचडीएफसी बैंक ने अपने रेगेलिया गोल्ड और डाइनर्स क्लब प्रिविलेज क्रेडिट कार्ड के लिए रिवॉर्ड पॉइंट स्ट्रक्चर और ट्रैवल बेनिफिट्स में बदलाव किया है। रिवॉर्ड कैलकुलेशन से जुड़े बदलाव पहले ही लागू किए जा चुके हैं जबकि एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस से जुड़ी संशोधित शर्तें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। नए नियमों के मुताबिक रेगेलिया गोल्ड कार्डधारकों को कॉम्प्लीमेंट्री डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस का लाभ उठाने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60000 रुपये खर्च करने होंगे।
8- SBI कार्ड ने लगाई रिवॉर्ड पॉइंट्स पर कैपिंग
एसबीआई कार्ड ने अपने दो वेरिएंट्स PhonePe SBI Card Purple और PhonePe SBI Card Select Black के नियमों में बदलाव की घोषणा की है। 1 जुलाई से प्रभावी नियमों के तहत कंपनी ग्राहकों द्वारा कमाए जाने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स पर मंथली कैप लगाएगी। इंश्योरेंस से जुड़े खर्चों और अन्य श्रेणियों के खर्चों के लिए अलग-अलग सीमाएं लागू होंगी। ऑनलाइन लेनदेन पर मिलने वाले अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स को भी कम कर दिया गया है।
Upper Circuit Stocks: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज बहार के बीच पैसालो डिजिटल के शेयरों की चमक बेतहाशा बढ़ी। न सिर्फ इसके शेयर उछलकर अपर सर्किट पर पहुंच गए बल्कि इसने एक साल का नया हाई भी छू दिया। इसके शेयरों की इस तेजी की एक वजह एक खुलासा है, जिसका कनेक्शन प्रमोटर्स से है। इस खुलासे NBFC पैसालो डिजिटल के शेयरों पर निवेशक टूट पड़े और ऐसी स्थिति आ गई कि कोई बेचने वाला ही मार्केट में नहीं रह गया और खरीदार की भीड़ लगी रही। पैसालो डिजिटल के शेयर 20% के अपर सर्किट ₹71.06 (Paisalo Digital Share Price) पर बने हुए हैं जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई भी है।
Paisalo Digital के शेयरों में प्रमोटर्स ने कैसे भरी चाबी?
पैसालो डिजिटल ने आज एक्सचेंज फाइलिंग में खुलासा किया कि इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी में प्रमोटर्स ने अपनी होल्डिंग बढ़ाई है। इसने शेयरों की चमक बढ़ा दी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक एनबीएफसी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 4.97% बढ़कर 46.72% पर पहुंच गई। मार्च 2026 के आखिरी में उनकी होल्डिंग 41.75% थी। प्रमोटर्स ने ओपन-मार्केट में कई बार खरीदारी के जरिए अपनी होल्डिंग बढ़ाई है। प्रमोटर्स की यह खरीदारी कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रैटेजी में प्रमोटर्स के भरोसे को दिखाता है। एक्सचेंज फाइलिंग में पैसालो ने तीन साल के बिजनेस रोडमैप का भी जिक्र किया है जिसके तहत कंपनी ने AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट), टोटल इनकम और शुद्ध मुनाफे को डबल करने का लक्ष्य तय किया है।
कंपनी के बाकी शेयरहोल्डर्स की बात करें तो मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से 1 म्यूचुअल फंड के पास इसके 1523 शेयर हैं। इसके अलावा इसमें सिर्फ एक ही बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ की होल्डिंग है जिनकी कंपनी में 6.83% हिस्सेदारी है। विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी इसमें 17.54% है। इसमें 98,707 खुदरा निवेशकों की 10.71% हिस्सेदारी (9,74,54,727 शेयर) है।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
पैसालोडिजिटल के शेयरों ने निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है और एक साल से भी कम समय में निवेशकों का पैसा दोगुने से अधिक कर दिया। पिछले साल 26 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह ₹29.88 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 10 महीने में यह 137.82% उछलकर 1 जुलाई 2026 को ₹71.06 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
The new Tata Sierra EV is positioned right between the Curvv and Harrier electric SUVs in Tata Motors’ ever expanding EV lineup. Sharing a lot of features and even mechanical underpinnings with the Harrier EV, it is Tata’s second car to now get an optional all-wheel drive (AWD) system. In this feature, we break down what each Sierra EV variant offers and explain which one makes the most sense to buy.
Tata Sierra EV prices and powertrain specs
Tata Sierra EV variant-wise prices (Rs lakh)*
Trim
63kWh
75kWh
Pure
18.79
–
Pure S
19.99
–
Adventure
20.99
22.19
Empowered
22.79
23.79
Empowered A
–
24.79
Empowered A AWD
25.99
*7.2kW home charger and its installation cost an extra Rs 49,000.
The Sierra EV is priced towards the higher end of the midsize electric SUV segment, sitting close to the Mahindra BE 6, which is priced between Rs 18.9 lakh and Rs 26.9 lakh. The Sierra EV is available with 63kWh and 75kWh battery pack options, and both get a rear-mounted electric motor producing 315Nm. The 63kWh variants develop 238hp, while the 75kWh versions produce 209hp. The larger battery is also available with a dual-motor AWD option, which adds a 140hp front motor; combined torque output from this AWD setup is rated at 504Nm. With Boost Mode activated, the AWD version can sprint from 0-100kph in a claimed 5.8 seconds.
Tata Motors claims an MIDC-certified range of 665km for the 75kWh RWD variants, 624km for the 75kWh AWD version and 535km for the 63kWh variants. Using a 120kW DC fast charger, the battery can gain up to 263km of range in 15 minutes, while a 20-80 percent charge takes around 26 minutes. Using a 7.2kW AC charger, the 63kWh battery takes 8.9 hours to charge from 10-100 percent, while the 75kWh battery takes 10.5 hours.
Tata Sierra EV colour options
The Tata Sierra EV is offered in seven monotone colour options: Rishikesh Rapids, Nainital Nocturne, Coorg Clouds, Pure Grey, Pristine White, Andaman Adventure and Bengal Rouge. Of these, Rishikesh Rapids and Nainital Nocturne are exclusive to the Sierra EV, while the remaining colours are also available on the ICE-powered Sierra.
The entry-level Pure trim is available in Coorg Clouds, Pure Grey and Pristine White. The Adventure trim adds Andaman Adventure and Bengal Rouge, while the top-spec Empowered variant also gets Rishikesh Rapids. Nainital Nocturne is reserved exclusively for the Sierra EV AWD.
Tata Sierra EV variant-wise features
Pure
Rs 18.79 lakh
6 airbags
All-wheel disc brakes
Electronic stability program (ESP)
Rain-sensing wipers
Hill hold control
Hill descent control
Traction control system (TCS)
Electronic parking brake with auto hold
Electronic brakeforce distribution (EBD)
Antilock braking system (ABS)
Central lock
Tyre pressure monitoring system (TPMS)
Tyre repair kit
Rear wiper and washer
Rear camera
Push button start/ stop
10.25-inch driver’s display
12.3-inch touchscreen
Wireless Android Auto and Apple CarPlay
8 speakers
Amazon Alexa voice assistant
Connected car tech
Over the air (OTA) updates
2 front USB Type-C ports (15W multimedia and 65W charging)
2 rear 65W USB Type-C ports
Tilt and telescopic adjustment for the steering wheel
Steering mounted controls
Paddle shifters for regenerative braking
Cruise control
Manually adjustable front seats
Manual IRVM
Height-adjustable front seatbelts
Front armrest with storage
Cooled glovebox
Automatic AC
PM 2.5 air purifier
Drive modes: Economy, City and Sports
Valet mode
Power windows
EV route planner for Android Auto
Adjustable headrests at the front and rear
Rear AC vents
Rear window sunshade
Automatic LED projector headlamps
LED DRLs and tail lamps
18-inch alloy wheels
Electrically adjustable ORVMs with turn indicators
Which Tata Sierra EV variant should you consider buying?
We recommend the Rs 19.99 lakh-Pure S trim, which packs passenger convenience features such as a panoramic sunroof, a 10.25-inch digital driver’s display, a 12.3-inch touchscreen, wireless Android Auto and Apple CarPlay, an eight-speaker audio system, automatic climate control and cruise control. It comes only with the 63kWh battery pack, which offers a real-world range of 440-460km, according to Tata’s C75 tests (represents a real-world range figure that can be expected by buyers). This should be more than sufficient for daily office commutes as well as highway trips.
However, if your budget allows, the Rs 22.19 lakh-Adventure trim with the 75kWh battery pack is worth considering. It’s the most affordable Sierra EV variant with the larger 75kWh battery pack, which increases the claimed real-world range to 510-530km, as per Tata’s C75 tests. Besides the longer range, it also adds features such as a 360-degree camera with blind-spot view, Boss mode, a wireless phone charger, a 12-speaker JBL Black audio system, Dolby Atmos, AirConsole remote gaming support and more.
Ex-showroom prices mentioned above are as of July 1, 2026.
Conducted in association with Spinny, India’s leading pre-owned car platform, the fourth edition of our Used Car Study analyses real-world resale values across a broad spectrum of vehicles sold in the Indian market in order to assess depreciation trends over a five-year ownership period. The study is based on actual transactional data shared by Spinny for vehicles sold between January 1 and August 31, 2025.
In this part of the resale value study series, we now take a look at the compact sedan segment:
Compact sedan resale value
The Maruti Dzire continues to dominate the compact sedan segment in terms of resale value retention. Its immense popularity in the new car market directly translates to strong residuals in the used market, helping it maintain the lowest average depreciation.
Following closely behind is the Tata Tigor petrol-manual, although examples over two years old tend to record the lowest average resale prices in the category, making them attractive value propositions for budget-conscious used car buyers. Meanwhile, though the Honda Amaze depreciates more, its average prices are higher than the Dzire.
As per the study, the average selling price of a five-year-old compact sedan retailed through Spinny was Rs 6.10 lakh. Comparable figures for three-year-old and one-year-old compact sedans were Rs 6.88 lakh and Rs 7.95 lakh, respectively. Average depreciation over the same periods worked out to 46.4 percent, 31.55 percent and 21.4 percent, respectively.
Autocar-Spinny resale value study methodology
The analysis covers the average selling prices (ASPs) of vehicles retailed through Spinny’s network across nine cities – Delhi-NCR, Bengaluru, Hyderabad, Pune, Chennai, Mumbai, Lucknow, Ahmedabad and Kolkata.
For the purposes of this study, depreciation has been defined as the percentage difference between a vehicle’s original on-road price in its year of manufacture and its resale value in 2025. In instances where a model was offered with multiple engine options using the same fuel type, the data has been consolidated and averaged. Variant-wise differences have similarly been averaged out.
Discontinued models and powertrain options have been excluded. Additionally, premium vehicles priced above Rs 30 lakh, electric vehicles and certain low-volume models have not been included due to limited transaction data and insufficient sample sizes.
Conducted in association with Spinny, India’s leading pre-owned car platform, the fourth edition of our Used Car Study analyses real-world resale values across a broad spectrum of vehicles sold in the Indian market in order to assess depreciation trends over a five-year ownership period. The study is based on actual transactional data shared by Spinny for vehicles sold between January 1 and August 31, 2025.
In this part of the resale value study series, we now take a look at the compact sedan segment:
Compact sedan resale value
The Maruti Dzire continues to dominate the compact sedan segment in terms of resale value retention. Its immense popularity in the new car market directly translates to strong residuals in the used market, helping it maintain the lowest average depreciation.
Following closely behind is the Tata Tigor petrol-manual, although examples over two years old tend to record the lowest average resale prices in the category, making them attractive value propositions for budget-conscious used car buyers. Meanwhile, though the Honda Amaze depreciates more, its average prices are higher than the Dzire.
As per the study, the average selling price of a five-year-old compact sedan retailed through Spinny was Rs 6.10 lakh. Comparable figures for three-year-old and one-year-old compact sedans were Rs 6.88 lakh and Rs 7.95 lakh, respectively. Average depreciation over the same periods worked out to 46.4 percent, 31.55 percent and 21.4 percent, respectively.
Autocar-Spinny resale value study methodology
The analysis covers the average selling prices (ASPs) of vehicles retailed through Spinny’s network across nine cities – Delhi-NCR, Bengaluru, Hyderabad, Pune, Chennai, Mumbai, Lucknow, Ahmedabad and Kolkata.
For the purposes of this study, depreciation has been defined as the percentage difference between a vehicle’s original on-road price in its year of manufacture and its resale value in 2025. In instances where a model was offered with multiple engine options using the same fuel type, the data has been consolidated and averaged. Variant-wise differences have similarly been averaged out.
Discontinued models and powertrain options have been excluded. Additionally, premium vehicles priced above Rs 30 lakh, electric vehicles and certain low-volume models have not been included due to limited transaction data and insufficient sample sizes.
स्वीडन को 3-0 से हराकर फ्रांस के काइलिन एमबाप्पे ने लियोनेल मेस्सी पर दबाव बढ़ा लिया है। स्वीडन के खिलाफ राउंड ऑफ 32 के इस मैच में एमबाप्पे के 2 गोल और ब्रैडली ब्रैकोल का एक गोल आया। एमबाप्पे ने 45वें मिनट में और 74वें मिनट में गोल किया जबकि ब्रैकोल ने 53 मिनट पर गोल दाग दिया।
यह पिछले चार मैच में तीसरा अवसर है जबकि एमबाप्पे ने मैच में दो गोल किए। मौजूदा टूर्नामेंट में अब उनके छह गोल हो गए हैं और उन्होंने अर्जेंटीना के फॉरवर्ड लियोनेल मेस्सी की बराबरी कर ली है। विश्व कप करियर में उनके कुल गोल की संख्या 18 हो गई है, जो मेस्सी के रिकॉर्ड से सिर्फ एक कम है।
एमबाप्पे अब विश्व कप के नॉकआउट राउंड में 10 गोल कर चुके हैं जो ब्राजील के दिग्गज लियोनिडास और रोनाल्डो के पिछले रिकॉर्ड से दो अधिक हैं। यह स्टार खिलाड़ी 85वें मिनट में जब सब्स्टीट्यूट किए जाने के बाद बेंच पर आया तो फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने झुककर उनका अभिवादन किया।चार साल पहले विश्व कप में उपविजेता रही और इस बार टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार फ्रांस ने अब तक टूर्नामेंट में 13 गोल किए हैं और उसके खिलाफ केवल दो गोल हुए हैं। उसकी तरफ से माइकल ओलिस ने पांच गोल में मदद की है।
So it took Messi 29 games to score 19 goals in the World Cup and 7 of them are penalties !?
फ्रांस ने मैच में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और स्वीडन को किसी भी समय वापसी का खास मौका नहीं दिया। फ्रांस ने इस मैच में 25 बार गोल करने के मौके बनाए जबकि स्वीडन केवल सात बार भी ऐसा कर पाया। पहले हाफ में यह आंकड़ा 15-3 का था।लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने की कवायद में लगा फ्रांस चार जुलाई को फिलाडेल्फिया में पराग्वे के खिलाफ खेलेगा, जिसे जर्मनी को बाहर का रास्ता दिखाया।
एमबाप्पे ने 32वें मिनट में पोस्ट पर शॉट मारा और निराशा में दोनों हाथ ऊपर उठा लिए। इसके चार मिनट बाद ही फ्रांस पेनल्टी एरिया के ठीक अंदर से ओलिस के शानदार बाइसाइकिल किक पर बढ़त बनाने के करीब पहुंच गया, लेकिन उनका शॉट पोस्ट से टकराकर वापस आ गया।
एमबाप्पे हालांकि पहले हाफ में फ्रांस को बढ़त दिलाने में कामयाब रहे। ओलिस ने ओस्मान डेम्बेले को पास किया, जिन्होंने उसे एमबाप्पे को थमाया। एमबाप्पे ने विक्टर ग्योकेरेस को चकमा देने के लिए क्रॉसओवर स्टेप लिया और छह गज के बॉक्स के ठीक बाहर से एक तिरछा शॉट लगाया जो दूर वाले पोस्ट के अंदर चला गया।
एमबाप्पे ने अपना 61वां अंतरराष्ट्रीय गोल मनाने के लिए मैदान के बीचोंबीच दौड़ लगाई और फिर वे बेंच की ओर दौड़कर डेसचैम्प्स को गले लगाने पहुंचे, जो अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए फ्रांस जाने के बाद इस मैच के लिए वापस लौटे थे।
फ्रांस के दूसरे गोल की शुरुआत गुस्ताफ लैगरबिएलके से गेंद छीनने से हुई। ऑरेलियन टचमेनी ने ओलिस को पास दिया, जिन्होंने लैगरबिएलके को चकमा दिया और बारकोला ने बीच में गेंद को हल्का सा स्पर्श करते हुए गोल में डाल दिया।फ्रांस के तीसरे गोल की नींव रखने वाले एमबाप्पे ने बारकोला को बैकहील पास देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। बारकोला ने उसे ओलिस की तरफ बढ़ाया जिन्होंने उसे पेनल्टी एरिया में एमबाप्पे तक पहुंचाया। उन्होंने गेंद पर नियंत्रण बनाकर दूर वाले गोलपोस्ट के अंदर गोल दाग दिया।
Aastha Spintex IPO: आईपीओ खुलने के तीसरे और आखिरी दिन आस्था स्पिटेंक्स तीन गुने से अधिक भर गया। इसके ₹170 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों की स्थिति प्रीमियम दिख रही है। फिलहाल यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹6 यानी 4.41% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। इसके शेयरों की 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई एंट्री होगी।
सब्सक्रिप्शन डिटेल्स
QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स)- 1.04 गुना
NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स)- 5.41 गुना
रिटेल इंवेस्टर्स- 1.73 गुना
टोटल- 3.06 गुना
(सोर्स: बीएसई, 01 Jul 2026 | 01:18:00 PM )
Aastha Spintex IPO: खास बातें
आस्था स्पिेंटक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून को खुला था और आज 1 जुलाई तक के लिए मौका खुला। इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹125-₹126 फिक्स किया गया है और लॉट साइज 110 शेयरों का है यानी कि खुदरा निवेशकों को कम से कम ₹14,960 में बोली लगानी है। इस आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हो रहे हैं। इन नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।
कंपनी के बारे में
कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
RRB Group D Result 2026: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप डी भर्ती परीक्षा 2024 देने वाले परीक्षार्थियों के लिए यह जरूरी और अहम अपडेट है। रिजल्ट घोषित होने का इंतजार कर रहे परीक्षा में शामिल 01 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। आरआरबी ने ग्रुप डी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जारी कर दिया है। यह परीक्षा 32,438 पदों के लिए आयोजित की गई थी। इसमें शामिल उम्मीदवार अपने क्षेत्रीय आधिकारिक पोर्टल पर जरूरी क्रेडेंशियल की मदद से रिजल्ट देख सकते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस परीक्षा में 1.08 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे।
आरआरबी ग्रुप डी सीबीटी परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद अब उम्मीदवारों को पीईटी, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। बोर्ड जल्द ही इसका शेड्यूल आधिकारिक वेबसाइट के जरिए घोषित करेगा। इससे पहले रेलवे भर्ती बोर्ड ने परीक्षा में लेने वाले उन अप्रेंटिप्रें स अभ्यर्थियों से अपने अंक और डॉक्यूमेंट अपडेट करने के लिए 23 जून तक का समय दिया था।
कैसे और कहां से डाउनलोड कर सकेंगे रिजल्ट
आरआरबी ग्रुप-डी परीक्षा का रिजल्ट जल्द ही आरआरबी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी किया गया है। उम्मीदवार यहां दिए स्टेप्स को फॉलो करके ग्रुप-डी परीक्षा का रिजल्ट डाउनलोड कर सकेंगे
ऑफिशियल वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर विजिट करना होगा।
अब वेबसाइट के होमपेज पर रिजल्ट सेक्शन पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद RRB Group D Result 2026 लिंक पर क्लिक करना होगा।
लिंक पर क्लिक करने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा।
अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।
रिजल्ट जारी होने के बाद
सीबीटी परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा PET, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। लिखित परीक्षा में पास होने के लिए जनरल एवं ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों को 40 प्रतिशत अंक, ओबीसी, एससी और एसटी उम्मीदवारों को 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है।
पीईटी के लिए नियम
लिखित परीक्षा पास करने के बाद चयन प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट का प्रावधान है। इसमें पुरुषों को एक बार में 35 किलोग्राम वजन के साथ 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में कवर करनी होगी। साथ ही 4 मिनट 15 सेकेंड में 1000 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। महिलाओं को एक बार में 20 किलोग्राम वजन के साथ 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में कवर करनी होगी। 5 मिनट 40 सेकेंड में 1000 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। लेकिन अप्रेंटाइसशिप ट्रेनिंग प्राप्त युवाओं को इस दौड़ से छूट होगी।
इस दिन हुई थी परीक्षा
आरआरबी ग्रुप डी भर्ती के लिए सीबीटी परीक्षा का आयोजन 08, 09 जनवरी, 02, 03, 04, 05, 06, 09 और 10 फरवरी, 2026 को किया गया था। परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में संचालित की गई थी। इस परीक्षा के जरिये कुल 32,438 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
Sukanya Samriddhi Investment Calculator: सरकार ने छोटी बचत योजनाओं के नए ब्याज दरों की घोषणा कर दी है। नए ऐलान के तहत सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर मिलने वाले शानदार 8.2% के ब्याज को बरकरार रखा गया है। लगातार बढ़ती पढ़ाई की लागत और सुरक्षित भविष्य को देखते हुए माता-पिता के बीच इस सरकारी गारंटीड स्कीम का क्रेज तेजी से बढ़ा है।
अक्सर माता-पिता इस उलझन में रहते हैं कि बेटी की उच्च शिक्षा या शादी के लिए एक निश्चित टारगेट फंड जैसे- ₹10 लाख, ₹25 लाख या ₹50 लाख रुपये बनाने के लिए उन्हें हर महीने कितना पैसा बचाना होगा। आइए डेटा और सटीक कैलकुलेशन के जरिए इसका पूरा गणित समझते हैं।
टारगेट कैलकुलेटर: ₹10 लाख, ₹25 लाख और ₹50 लाख का फंड बनाने का गणित
वर्तमान 8.2% की सालाना ब्याज दर के आधार पर अलग-अलग फंड बनाने के लिए आपको हर महीने और सालाना इतना निवेश करना होगा:
नोट: इस स्कीम में आपको खाता खोलने के बाद केवल 15 वर्षों तक निवेश करना होता है, जबकि खाता 21 वर्ष पूरे होने पर मैच्योर होता है। तब तक बिना निवेश किए भी आपके बैलेंस पर कंपाउंडिंग ब्याज जुड़ता रहता है।
ब्याज दरों का बड़ा खेल: 0.3% के बदलाव से बदल जाते हैं लाखों रुपये
सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरें सरकार द्वारा हर तिमाही रिव्यू की जाती हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि आधे या एक फीसदी के अंतर से क्या फर्क पड़ता है, लेकिन 21 साल के लंबे निवेश में यह मामूली बदलाव आपके फाइनल कॉर्पस को लाखों रुपये ऊपर-नीचे कर देता है।
अगर आप सालाना अधिकतम सीमा यानी ₹1.50 लाख का निवेश करते हैं, तो ब्याज दरों में बदलाव से आपके कुल फंड पर क्या असर पड़ता है:
7.7% ब्याज दर होने पर: 21 साल बाद मिलने वाली मैच्योरिटी राशि ₹66.88 लाख होगी।
8.2% होने पर: मैच्योरिटी पर कुल फंड बढ़कर लगभग ₹72 लाख हो जाता है।
8.5% ब्याज दर होने पर: यही फंड और ज्यादा रफ्तार पकड़कर करीब ₹75 लाख तक पहुंच जाता है।
इस प्रकार सिर्फ 0.3% से 0.5% का अंतर आपके फाइनल फंड में ₹3 लाख से ₹8 लाख तक का बड़ा अंतर पैदा कर देता है।
सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की सबसे सही उम्र क्या है?
वित्तीय सलाहकारों के मुताबिक, बेटी के जन्म के तुरंत बाद या 1 वर्ष की उम्र के भीतर ही SSY खाता खुलवा लेना चाहिए। कानूनन आप बेटी के 10 वर्ष के होने से पहले कभी भी खाता खोल सकते हैं, लेकिन जितनी देरी से आप शुरुआत करेंगे, आपके निवेश को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए उतना ही कम समय मिलेगा, जिससे मैच्योरिटी के वक्त मिलने वाली रकम काफी घट जाएगी।
क्या SSY अकेले बना सकती है ₹1 करोड़ का फंड?
अक्सर इंटरनेट पर लोग सर्च करते हैं कि सुकन्या समृद्धि योजना से ₹1 करोड़ या उससे ज्यादा का फंड कैसे बनाएं। तकनीकी रूप से, सिर्फ सुकन्या योजना के भरोसे ₹1 करोड़ का कॉर्पस बनाना नामुमकिन है। इसका कारण यह है कि सरकार ने इस योजना में एक वित्तीय वर्ष के भीतर अधिकतम निवेश की सीमा ₹1.5 लाख तय कर रखी है। वर्तमान 8.2% की ब्याज दर पर भी अधिकतम निवेश करने के बाद फाइनल मैच्योरिटी वैल्यू ₹72 लाख से ₹75 लाख के बीच ही सिमट जाती है।
क्या है एक्सपर्ट्स की एडवाइस
अगर आपका टारगेट ₹1 करोड़ या उससे बड़ा है, तो आपको सुकन्या समृद्धि योजना के सुरक्षित और टैक्स-फ्री लाभ के साथ-साथ इक्विटी म्यूचुअल फंड या इंडेक्स फंड में भी थोड़ा निवेश करना चाहिए। यह हाइब्रिड मॉडल आपके पोर्टफोलियो को सुरक्षा भी देगा और तगड़ा रिटर्न भी।