पुण्यतिथि विशेष: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय और खास बातें

An image showing a scene of paying homage to Swami Vivekananda, accompanied by a message marking his death anniversary

Swami Vivekananda Life Story: भारत के महान आध्यात्मिक चिंतक, राष्ट्रनिर्माता और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि केवल उन्हें श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों और विचारों को जीवन में अपनाने का भी संदेश देती है।ALSO READ: Vivekananda Quotes: दुनिया को एक नई दिशा दे सकते हैं स्वामी विवेकानंद के ये 10 अनमोल विचार

उन्होंने भारतीय संस्कृति, वेदांत और सनातन दर्शन को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई तथा अपने ओजस्वी विचारों से करोड़ों लोगों को आत्मविश्वास, सेवा और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाया। उनका मानना था कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसके युवा होते हैं, इसलिए उन्होंने युवाओं को आत्मबल, चरित्र निर्माण और कर्मयोग का संदेश दिया।

 

स्वामी विवेकानंद ने अपने अल्प जीवन में जो कार्य किए, उनका प्रभाव आज भी पूरी दुनिया में महसूस किया जाता है। उन्होंने मानव सेवा को ईश्वर सेवा के समान बताया और शिक्षा, आत्मविश्वास तथा आध्यात्मिक जागरण को समाज की उन्नति का आधार माना। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, व्याख्यानों और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाता है, जहां उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया जाता है।

 

यदि आज भी युवा स्वामी विवेकानंद के बताए मार्ग पर चलें, तो वे न केवल अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं, बल्कि समाज और देश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यही कारण है कि उनकी पुण्यतिथि हर भारतीय के लिए आत्मचिंतन, प्रेरणा और राष्ट्रसेवा के संकल्प का विशेष अवसर मानी जाती है।

 

  • जन्म और प्रारंभिक जीवन:
  • रामकृष्ण परमहंस से मिलना:
  • शिकागो विश्व धर्म महासभा:
  • विशेषताएं और विचार:
  • स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रसिद्ध उद्धरण:
  • स्वामी विवेकानंद का निधन:

 

आइए, जानते हैं स्वामी विवेकानंद के जीवन के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें:

 

जन्म और प्रारंभिक जीवन:

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में हुआ था। उनका असली नाम था नरेन्द्रनाथ दत्त। वे एक सम्पन्न बंगाली परिवार में पैदा हुए थे। उनके पिता, विश्वनाथ दत्त, एक प्रसिद्ध वकील थे और मां, भुवनेश्वरी देवी, धार्मिक विचारों वाली महिला थीं।

 

नरेन्द्रनाथ बचपन से ही बुद्धिमान और जिज्ञासु थे। वे वेद, शास्त्र और भारतीय संस्कृति के बारे में गहरी रुचि रखते थे। उन्हें बचपन से ही योग और ध्यान में रुचि थी, और उनका मानसिक विकास बहुत तीव्र था।

 

रामकृष्ण परमहंस से मिलना:

स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण परमहंस से 1881 में पहली बार मुलाकात की, और वे उनके शिष्य बन गए। रामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। रामकृष्ण परमहंस ने उन्हें आत्म-ज्ञान, भारतीय संस्कृति, और जीवन के उद्देश्य को समझने में मार्गदर्शन किया। स्वामी विवेकानंद ने उनकी शिक्षा के आधार पर आत्मा की शक्ति, समाज सुधार और धार्मिक सहिष्णुता के विषय में गहरे विचार किए।ALSO READ: Swami Vivekananda Essay: स्वामी विवेकानंद पर बेहतरीन निबंध हिन्दी में

 

शिकागो विश्व धर्म महासभा:

स्वामी विवेकानंद की पहचान दुनियाभर में 1893 के शिकागो विश्व धर्म महासभा में उनके प्रसिद्ध भाषण से हुई। इस भाषण में उन्होंने भारतीय संस्कृति, धार्मिक सहिष्णुता और मानवता के महत्व पर जोर दिया। उनका उद्घाटन भाषण आज भी एक प्रेरणा का स्रोत है:

 

'आपका भारत, संसार को वह आध्यात्मिक दृष्टिकोण देगा, जिससे धर्म के प्रति असहिष्णुता, कट्टरवाद और अलगाव की भावना समाप्त होगी।'

यह भाषण आज भी धार्मिक और सामाजिक एकता के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।

 

विशेषताएं और विचार:

 

स्वामी विवेकानंद के जीवन में कई विशेषताएँ और विचार थे जो उनके योगदान को अद्वितीय बनाते हैं:

 

1. आत्मविश्वास और स्वावलंबन: वे हमेशा आत्मविश्वास और स्वावलंबन के पक्षधर रहे। उनका मानना था कि व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनना चाहिए और अपनी ताकत को पहचानना चाहिए।

 

2. समाज सुधार: स्वामी विवेकानंद का मानना था कि समाज में व्याप्त बुराइयां जैसे जातिवाद, अंधविश्वास, और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना चाहिए। वे महिलाओं के अधिकारों और शिक्षा के पक्षधर थे।

 

3. योग और ध्यान: उन्होंने योग को जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना और यह सिखाया कि योग के माध्यम से आत्मा और शरीर का संतुलन स्थापित किया जा सकता है।

 

4. धार्मिक सहिष्णुता: स्वामी विवेकानंद का मानना था कि सभी धर्मों का मूल एक ही है, और हमें एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए। उनके अनुसार, हर धर्म का अपना महत्व और उद्देश्य है, लेकिन सच्चाई एक ही है।

 

5. भारत के गौरव का पुनर्निर्माण: स्वामी विवेकानंद ने भारतीय समाज को जागरूक किया कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर को समझें और गर्व करें। उनका मानना था कि भारत का महान अतीत उसके भविष्य को रोशन कर सकता है।

 

स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रसिद्ध उद्धरण:

स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी हर आयु वर्ग के लोगों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उनका जीवन न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए एक अमूल्य धरोहर है।

 

महत्वपूर्ण उद्धरण:

1. 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।'

2. 'अपने आत्मविश्वास को मजबूत बनाओ, यही सफलता की कुंजी है।'

3. 'आपका काम ही आपके व्यक्तित्व का सबसे बड़ा प्रदर्शन है।'

4. 'जो कुछ भी तुम कर सकते हो, या सोच सकते हो कि तुम कर सकते हो, उसे शुरू करो। साहस में बुद्धिमत्ता और शक्ति है।'

 

स्वामी विवेकानंद का निधन:

उनका निधन 39 वर्ष की उम्र में 4 जुलाई 1902 को पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ में हुआ था। उनके अनुयायियों का मानना था कि स्वामी जी ने अंतिम समय में बेलूर मठ में ध्यान लगाते हुए अपनी इच्छा से महासमाधि प्राप्त कर ली थी तथा उनका अंतिम संस्कार, उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस की जगह पर यानी बेलूर में गंगा नदी के तट पर ही किया गया था। हालांकि उनका जीवन छोटा था, लेकिन उनके विचार और कार्य आज भी जीवित हैं और लोगों को प्रेरित करते हैं।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: 31 मई 1893 भारत के आत्मगौरव और स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक यात्रा

Auto Stocks का दम, Sensex में 500 अंकों का उछाल, Nifty भी तीन बड़ी वजहों से 24000 के पार

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट से उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स-निफ्टी ने अच्छी बढ़त हासिल की। सेंसेक्स इंट्रा-डे में प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:25 AM पर सेंसेक्स 469.41 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 76,948.08 और निफ्टी 137.40 प्वाइंट्स यानी 0.58% के उछाल के साथ 24,003.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 541.13 प्वाइंट्स चढ़कर 77,019.80 और निफ्टी भी 161.10 प्वाइंट्स उछलकर 24,026.85 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: इन वजहों से छाई रौनक

ऑटो और एफएमसीजी स्टॉक्स में जोरदार तेजी

जून महीने की बिक्री के आंकड़े पर ऑटो स्टॉक्स झूम उठे और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से ऊपर चढ़ गया। एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रौनक है और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी 1% से अधिक बढ़त है। इनकी तेजी ने आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव को फीका कर दिया जिनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत से सपोर्ट मिला है। ताइवान का ताइवान वेटेड डेढ़ फीसदी से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 1% और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब आधे फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2% से अधिक गिरावट का असर भारत में आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।

तकनीकी वजह

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 23800 के ऊपर बना हुआ है, मार्केट ऊपर चढ़ सकता है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया का कहना है कि 24200 के ऊपर जाकर निफ्टी टिकता है तो यह 24400 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर यह 24000 का लेवल नहीं हासिल कर पाता है तो यह फिर 23800-23900 का लेवल छू सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान मानना है कि सेंसेक्स/निफ्टी के लिए 24,000/77,000 अहम ब्रेकआउट लेवल है और ऐसा हुआ तो मार्केट 24,150–24,200/77,500–77,700 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट जोन 23,900–23,800 पर है और 50-दिनों का एसएमए 23,800/76,300 के पास है। श्रीकांत के मुताबिक अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 23,700–23,600/75,800–75,500 की तरफ खिसक सकता है।

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Silver Rates Today: एक जुलाई को चांदी की नई कीमतें जारी! जानिए दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में क्या है रिटेल रेट

Silver Rates Today: जुलाई के पहले दिन घरेलू सर्राफा बाजार और वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के चलते चांदी के भाव दबाव में रहे, जिससे खरीदारों को राहत मिली। बुधवार, 1 जुलाई को भारत के रिटेल मार्केट में सोने की कीमत में भी गिरावट आई। प्रमुख शहरों में 24-कैरेट और 22-कैरेट सोने के रेट में थोड़ी कमी देखी गई। वहीं, घरेलू बुलियन मार्केट में चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है।

1 जुलाई को अगस्त फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड रेट 0.94% गिरकर ₹141,600 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, MCX सिल्वर फ्यूचर्स सुबह करीब 9:13 बजे 1.86% गिरकर ₹224,520 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा था। मंगलवार को तेल की कीमतों में भारी गिरावट के साथ महीने का समापन हुआ। एनर्जी मार्केट के ट्रेडर्स कतर में अमेरिका और ईरान के बीच नई बातचीत की संभावना पर बारीकी से नजर रखे हुए थे।

चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (जो इंटरनेशनल बेंचमार्क है) गिरकर $72.92 प्रति बैरल पर आ गया। जून में इस कॉन्ट्रैक्ट में लगभग 21% की गिरावट आई, जो मार्च 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट थी। सुबह के कारोबार में Comex पर इंटरनेशनल स्पॉट गोल्ड 1.09% गिरकर $3,994.40 प्रति औंस हो गया। जबकि चांदी 2.93% गिरकर $57.73 प्रति औंस पर आ गई।

घरेलू बाजार में अगस्त कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.84% ​​गिरकर ₹1,41,337 प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं, सितंबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सिल्वर फ्यूचर्स 1.8% गिरकर ₹2,24,268 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। बाजार की नजर US ADP एम्प्लॉयमेंट चेंज, नॉन-फार्म पेरोल्स और बेरोजगारी के आंकड़ों पर है। इनसे बुलियन की कीमतों में अगली बड़ी हलचल आने की उम्मीद है।

LKP सिक्योरिटीज के VP रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “फेड की सख्त पॉलिसी के बाद, Comex गोल्ड में जून में पहले ही लगभग 12% की गिरावट आ चुकी है। यह $4,500 से गिरकर $3,950 पर आ गया है, जिससे बाजार ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में पहुंच गया है। $4,000 के स्तर के आसपास सोने में खरीदारी की अच्छी दिलचस्पी दिख रही है। इस स्तर से नीचे जाने पर नई मांग आ रही है।”

एमसीएक्स पर चांदी का भाव

MCX पर चांदी के जुलाई/सितंबर वायदा में सुबह कारोबार के दौरान करीब 1.86% की गिरावट देखी गई। चांदी का वायदा भाव लगभग ₹2,24,520 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया।

गिरावट की वजह क्या है?

एक्सपर्ट के अनुसार चांदी की कीमतों पर कई कारणों का असर पड़ा है:-

  • अमेरिकी डॉलर में मजबूती।
  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने की उम्मीद।
  • वैश्विक बाजार में निवेशकों की सतर्कता।
  • अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग में कमी।

खरीदारों के लिए क्या मतलब है?

चांदी के दाम में आई गिरावट से आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को राहत मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम के कारण आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

आज के प्रमुख रेट (999 सिल्वर)

दिल्ली: लगभग ₹2,22,400 से ₹2,24,500 प्रति किलोग्राम तक रेट है।

मुंबई: लगभग ₹2,23,800 प्रति किलोग्राम।

कोलकाता: लगभग ₹2,24,000 प्रति किलोग्राम।

MCX पर भी चांदी में कमजोरी देखने को मिली। सुबह के कारोबार में सिल्वर फ्यूचर्स करीब 1.86% टूटकर ₹2,24,520 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहे थे। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती, मुनाफावसूली और निवेशकों की सतर्कता के कारण चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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Mutual Fund SIP: सिर्फ 1 साल की देरी और ₹82 लाख का फटका! जानिए म्यूचुअल फंड SIP का ये कड़वा सच

Mutual Fund SIP: जब हम म्यूचुअल फंड में एसआईपी (SIP) शुरू करते हैं, तो कागज पर हर महीने जमा होने वाली किस्त एक जैसी ही दिखती है। जो ₹5000 आप पहले महीने में जमा करते हैं, वही ₹5000 आप 30वें साल में भी जमा कर रहे होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पहली किस्त और आखिरी किस्त की कमाई की ताकत में जमीन-आसमान का अंतर होता है?

म्यूचुअल फंड के गणित में आपके पहले साल का निवेश, आपके आखिरी साल के निवेश से कई गुना ज्यादा कीमती होता है। अगर आप एसआईपी शुरू करने में सिर्फ एक साल की भी देरी करते हैं, तो आपको ₹82 लाख रुपये तक की भारी चपत लग सकती है। आइए फिनोवेट (Finnovate) की को-फाउंडर और सीईओ नेहल मोटा के विश्लेषण से समझते हैं कंपाउंडिंग का यह चौंकाने वाला खेल।

क्यों इतनी कीमती है पहली किस्त? समझें कंपाउंडिंग का जादू

कंपाउंडिंग का सीधा मतलब है ‘ब्याज पर ब्याज’ मिलना। आप जो पैसा पहले साल में निवेश करते हैं, उसे बढ़ने के लिए पूरे 30 साल का समय मिलता है। वह पैसा लगातार तीन दशकों तक हर साल रिटर्न के ऊपर रिटर्न बनाता जाता है। इसके उलट, जो पैसा आप आखिरी साल में जमा करते हैं, उसे बढ़ने के लिए सिर्फ कुछ महीने ही मिलते हैं। यही कारण है कि शुरुआत में की गई छोटी सी देरी भी आपके मैच्योरिटी फंड को बहुत छोटा कर देती है।

कैलकुलेशन: सिर्फ 1 साल की देरी और ₹20 लाख गायब!

आइए ₹5000 की मंथली एसआईपी के उदाहरण से इसे समझते हैं:

केस 1: अगर आप 30 साल तक हर महीने ₹5000 की एसआईपी करते हैं, तो आपका कुल निवेश ₹18 लाख होगा। 12% का सालाना अनुमानित रिटर्न मानें, तो 30 साल बाद आपका फंड ₹1.76 करोड़ बन जाएगा।

केस 2 (1 साल की देरी से शुरुआत): अब मान लेते हैं कि आपने सिर्फ 1 साल की देरी की या 1 साल स्किप कर दिया। आम तौर पर लोग सोचेंगे कि नुकसान सिर्फ ₹60000 (₹5000 × 12 महीने) का हुआ है। लेकिन 29 साल बाद आपका कुल फंड घटकर ₹1.56 करोड़ रह जाएगा।

कितना होगा नुकसान: 1 साल की देरी की वास्तविक कीमत ₹20.43 लाख (₹1.76 करोड़ – ₹1.56 करोड़) रही! यानी छूटे हुए ₹60000 ने आपके आने वाले ₹20 लाख से ज्यादा का फंड खा लिया।

SIP का अमाउंट जितना बड़ा, देरी की कीमत उतनी भारी

यह नुकसान सिर्फ ₹5000 की एसआईपी तक सीमित नहीं है। जैसे-जैसे आपका निवेश बढ़ता है, देरी की कीमत और डरावनी होती जाती है:

  1. ₹2000 की मंथली SIP: 1 साल की देरी करने पर करीब ₹8.17 लाख का नुकसान।
  2. ₹10000 की मंथली SIP: 1 साल की देरी करने पर करीब ₹40.87 लाख का नुकसान।
  3. ₹20000 की मंथली SIP: 1 साल की देरी करने पर करीब ₹82 लाख का भारी नुकसान।

आखिरी के सालों में कैसे बदलती है बाजी?

लॉन्ग-टर्म निवेश में पैसा रफ्तार कैसे पकड़ता है, इसे ₹5000 की एसआईपी के इस पैटर्न से देखें:

10 साल बाद: ₹6 लाख के कुल निवेश पर फंड बनता है करीब ₹11.62 लाख।

20 साल बाद: ₹12 लाख के कुल निवेश पर फंड पहुंचता है करीब ₹50 लाख।

30 साल बाद: कुल निवेश ₹18 लाख होता है, लेकिन फंड बढ़कर हो जाता है ₹1.76 करोड़।

ध्यान दें कि आखिरी के 10 सालों में आपने सिर्फ ₹6 लाख और जोड़े, लेकिन फंड ₹50 लाख से सीधे ₹1.76 करोड़ पर पहुंच गया। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तब तक आपका बेस बहुत बड़ा हो चुका होता है। दरअसल, एसआईपी के आखिरी 5 सालों की कमाई, शुरुआती 20 सालों की कुल कमाई से भी ज्यादा होती है।

अगर देरी हो गई है, तो सुधारने का क्या है तरीका?

अगर आप पहले ही देर कर चुके हैं, तो अच्छी खबर यह है कि इस नुकसान की भरपाई की जा सकती है। रिसर्च के मुताबिक, अगर आपने पहला साल मिस कर दिया है, तो बचे हुए 29 सालों के लिए आपको अपनी मंथली एसआईपी को ₹5000 से बढ़ाकर ₹5655 करना होगा। यानी हर महीने ₹655 का एक्स्ट्रा ‘टॉप-अप’ करके आप उस ₹20.43 लाख के गैप को पाट सकते हैं।

SSY vs FD: सुकन्या समृद्धि योजना या बैंक एफडी? बेटी के नाम कहां जमा करें पैसा कि मिले सबसे ज्यादा रिटर्न, यहां समझिए पूरा गणित

एक्सपर्ट्स की सलाह ये है कि निवेश की दुनिया में सबसे सही समय ‘आज और अभी’ होता है। कल का इंतजार आपको लाखों रुपये की चपत लगा सकता है, इसलिए छोटी रकम से ही सही, पर शुरुआत जल्दी करें।

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

An image showing information on controlling high blood pressure

Hypertension Remedies: हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप, Hypertension) आज की जीवनशैली से जुड़ी एक आम समस्या बन चुकी है। यदि समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए, तो यह हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं नियमित रूप से लेना जरूरी है, लेकिन कुछ घरेलू उपाय और स्वस्थ आदतें भी रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं।ALSO READ: नशे की लत से उबरने के लिए कौनसी थेरेपी और कदम होते हैं सबसे असरदार

 

1. आहार में बदलाव (सबसे महत्वपूर्ण)

2. असरदार घरेलू नुस्खे

3. आदतें जो ब्लड प्रेशर घटाएंगी

4. क्या खाएं और किससे बचें? पढ़ें क्विक गाइड

 

यहां कुछ सबसे असरदार घरेलू उपाय दिए जा रहे हैं:

 

1. आहार में बदलाव 

नमक का सेवन तुरंत कम करें (सबसे महत्वपूर्ण): नमक (सोडियम) शरीर में पानी को रोकता है, जिससे खून का दबाव बढ़ता है। दिनभर में 1/2 छोटा चम्मच (लगभग 1500-2000 mg) से ज्यादा नमक न खाएं। ऊपर से नमक डालना बंद करें और पापड़, अचार, नमकीन व डिब्बाबंद फूड्स से दूरी बनाएं।

 

पोटैशियम से भरपूर चीजें खाएं: पोटैशियम शरीर से अतिरिक्त सोडियम को पेशाब के रास्ते बाहर निकालता है और नसों को आराम देता है। अपने आहार में केला, नारियल पानी, तरबूज, पालक, शकरकंद और संतरा शामिल करें।

 

2. असरदार घरेलू नुस्खे

लहसुन: लहसुन में (Garlic) 'एलीसिन' नाम का तत्व होता है, जो रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करता है और खून का थक्का जमने से रोकता है। सुबह खाली पेट लहसुन की 1-2 कलियों को हल्का कूटकर या पानी के साथ निगल लें।

 

अर्जुन की छाल: आयुर्वेद में अर्जुन की छाल को दिल का डॉक्टर कहा गया है। 1/2 चम्मच अर्जुन की छाल के पाउडर को एक कप पानी या दूध में उबालकर काढ़ा बना लें। इसे छानकर सुबह गुनगुना पिएं।

 

आंवला और शहद: सुबह खाली पेट एक चम्मच ताजे आंवले के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है।ALSO READ: Diabetes Control Tips: बिना दवा के भी कंट्रोल हो सकती है शुगर! आजमाएं ये 10 जादुई और बेहद आसान घरेलू उपाय

 

3. आदतें जो ब्लड प्रेशर घटाएंगी

रोजाना 30 मिनट वॉक: हफ्ते में कम से कम 5 दिन 1/2 घंटे की तेज वॉक (पैदल चलना) या हल्की एक्सरसाइज करने से दिल मजबूत होता है और वह बिना ज्यादा दबाव के खून पंप कर पाता है। 

 

वजन पर नियंत्रण: यदि आपका वजन ज्यादा है, तो सिर्फ 3 से 5 किलो वजन कम करने से ही आपका ब्लड प्रेशर काफी नीचे आ सकता है।

 

गहरी सांसें लेना (Deep Breathing): तनाव होने पर शरीर में ऐसे हार्मोन्स निकलते हैं जो नसों को सिकोड़ देते हैं। रोज सुबह या शाम को 10-15 मिनट अनुलोम-विलोम प्राणायाम या गहरी सांस लेने का अभ्यास करें। यह तुरंत बीपी को शांत करता है।

 

4. क्या खाएं और किससे बचें? पढ़ें क्विक गाइड

क्या खाएं:

* ओट्स, दलिया और चोकरयुक्त आटा

* हरी पत्तेदार सब्जियां, लौकी, तोरई

* * टोंड (लो-फैट) दूध और दही

अलसी के बीज और अखरोट

 

किससे बचें:

* मैदा, बेकरी प्रोडक्ट्स और सफेद ब्रेड से दूरी बनायें।

* पैकेट बंद चिप्स, एक्स्ट्रा बटर और चीज 

* ज्यादा चाय, कॉफी (कैफीन) और कोल्ड ड्रिंक्स

* धूम्रपान (Smoking) और शराब का सेवन

 

जरूरी चेतावनी: घरेलू उपाय दवा का विकल्प नहीं हैं। अगर आपका ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg से लगातार ऊपर रहता है या डॉक्टर ने आपको पहले से कोई बीपी की दवा (जैसे टेलमिसार्टन) लिखी हुई है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा कभी बंद न करें। घरेलू उपायों को आप अपनी डॉक्टरी दवा के साथ एक सपोर्ट के रूप में अपना सकते हैं।

 

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SME Listing: तीन लिस्टिंग, दो ने लगाया तगड़ा करंट, एक में प्रीमियम एंट्री के बाद और बढ़ा पैसा

SME Listing: मेनबोर्ड सेगमेंट में आज दो स्टॉक्स- अद्वित ज्वेल्स (Advit Jewels) और कॉर्डेला क्रूजेज (Cordella Cruises) की पैरेंट कंपनी वाटरवेज लेजर टूरिज्म (Waterways Leisure Tourism) की एंट्री हुई तो एसएमई सेगमेंट में भी जिवियल इंडस्ट्रीज (Jivial Industries), श्रीधर स्पिनर्स (Shreedhar Spinners) और रियासत लाइफस्टाइल (Riyaasat Lifestyle) के शेयर लिस्ट हुए। इनमें से दो ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया क्योंकि इन्होंने लिस्टिंग पर मुनाफा देने की बजाय 20% पूंजी ही घटा दी। श्रीधर स्पिनर्स ने जरूर ढाई फीसदी से अधिक का लिस्टिंग गेन दिया।

स्टॉकइश्यू प्राइस लिस्टिंग प्राइस लिस्टिंग गेन/लॉसमौजूदा भावप्रॉफिट/लॉस
Jivial Industries ₹196₹156.80(-)20.00%₹151.25 (-)22.83%
Shreedhar Spinners ₹53₹54.40 2.64% ₹57.10 7.74%
Riyaasat Lifestyle ₹106₹84.80 (-)20.00% ₹80.60(-)23.96%

Jivial Industries

एल्युमीनियम रेलिंग और फिक्स्चर बनाने वाली जिवियल इंडस्ट्रीज के ₹32 करोड़ के आईपीओ को फीकी रिस्पास मिला था और 0.93 गुना ही भरा था। इसमें खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा तो 22% ही भर पाया जबकि एनआईआई (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) का हिस्सा 1.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपाओ के तहत ‌₹27 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं तो ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए भी ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2,72,400 शेयरों की बिक्री हुई है।

आईपीओ के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत जारी पैसे शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹14.40 करोड़ मशीनरी खरीदने, ₹4.00 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के रिनोवेशन, और बाकी पैसे आईपीओ के खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 59% के सीएजीआर से बढ़कर ₹2.97 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 19% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹12.07 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने में कंपनी को ₹2.95 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹12.20 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹1.23 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹8.35 करोड़ पड़े थे।

Shreedhar Spinners

कॉटन के धागे बनाने वाली श्रीधर स्पिनर्स के ₹31 करोड़ के आईपीओ को अच्छा रिस्पांस मिला था और 6.70 गुना भरा था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB (एक्स-एंकर) का हिस्सा 2.51 गुना, एनआईआई का हिस्सा 14.58 गुना और खुदरा निवेशकों का 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 57.88 लाख नए शेयर ₹53 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹21.04 करोड़ वर्किंग कैपिटल, ₹4.95 करोड़ मौजूदा मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए मशीनरी खरीदने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 35% के सीएजीआर से बढ़कर ₹6.17 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 7% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹146.55 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹115.90 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹14.11 करोड़ पड़े थे।

Riyaasat Lifestyle

एथनिक वियर कंपनी रियासत लाइफस्टाइल के ₹30 करोड़ के आईपाओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 1.32 गुना भरा था लेकिन खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.44 गुना और एनआईआई का हिस्सा 0.09 गुना ही भरा जबकि QIB (एक्स-एंकर) का ही हिस्सा 20.33 गुना भरा। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28,48,800 शेयर ₹106 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹12.47 करोड़ चार नए शोरूम बनाने, ₹9.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 29% के सीएजीआर से बढ़कर ₹4.87 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 9% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹25.19 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 10 महीने में कंपनी को ₹4.29 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹28.13 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹38.97 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹9.50 करोड़ पड़े थे।

Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

Waterways Leisure Tourism IPO Listing: ₹808 का शेयर ₹681 पर लिस्ट, Cordella Cruises ने दिया शॉक

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Jet Fuel Price Cut: अब हवाई सफर होगा सस्ता, जेट फ्यूल की कीमतें 5 रुपये हुईं कम

Jet Fuel Price Cut: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच बुधवार (1 जुलाई) को जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में ATF की अब नई कीमत 115 रुपये प्रति लीटर से घटकर ₹110 प्रति लीटर हो गई है। वेस्ट एशिया में संकट के कारण ATF की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह पहली कटौती है। बल्क में कीमत 1.15 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से घटाकर 1.10 लाख रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है। इससे घरेलू एयरलाइंस को फ्यूल की लागत में कुछ राहत मिलेगी।

यह कटौती हाल के हफ्तों में वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और सप्लाई बेहतर होने की उम्मीदों के कारण इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में नरमी आने के बाद की गई है। इससे एयरलाइंस को राहत मिली है, क्योंकि उनके लिए फ्यूल का खर्च सबसे बड़ा ऑपरेटिंग खर्च होता है। इस बदलाव से घरेलू एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, इसका कितना फायदा होगा, यह एयरलाइंस की फ्यूल खरीदने और हेजिंग की रणनीतियों पर निर्भर करेगा।

ATF की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को इंटरनेशनल बेंचमार्क कीमतों के औसत और मौजूदा रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के आधार पर बदलाव किया जाता है। इससे पहले बुधवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 जुलाई से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की। यह इस साल कमर्शियल LPG की कीमतों में पहली कटौती थी। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह बदलाव वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने के बाद ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद किया गया।

पेट्रोल-डीजल भी हुआ सस्ता

देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पूरे देश में पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। यह कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद की गई है। दो साल में यह पहली बार है जब किसी कंपनी ने फ्यूल की रिटेल कीमतों में कमी की है।

वेस्ट एशिया में तनाव कुछ कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने के बाद क्रूड ऑयल और LNG की सप्लाई बहाल हो गई है। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुई हैं। इसके बाद ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है।

इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि नई कीमतें देश भर में नायरा के 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल पंपों पर कीमतें अलग-अलग होती हैं, क्योंकि हर राज्य में वैट (VAT) जैसे लोकल टैक्स अलग-अलग होते हैं।

हालांकि, सरकारी फ्यूल रिटेलर कंपनियों ने अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। सरकारी कंपनियों -इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में किसी बदलाव का ऐलान नहीं किया है।

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KPIT Technologies Share: बाजार खुलते ही केपीआईटी टेक्नोलॉजीज का शेयर क्रैश, जेपी मॉर्गन ने घटाया टारगेट प्राइस

KPIT Technologies Share: बाजार खुलते ही 1 जुलाई को केपीआईटी टेक्नोलॉजीज का शेयर धड़ाम हो गया। 10 फीसदी गिरने के बाद शेयर में लोअर सर्किट लग गया। इसकी वजह कंपनी का बयान है। ऑटोमोटिव सॉफ्टेवेयर कंपनी ने कहा है कि जून तिमाही में उसकी प्रॉफिट ग्रोथ कमजोर रह सकती है। इसके बाद जेपी मॉर्गन ने इसके शेयर की रेटिंग घटा दी है। इसके शेयर का टारगेट प्राइस भी कम कर दिया है। इसका असर बुधवार को बाजार खुलने पर शेयरों को देखने को मिला। लोअर सर्किट के बाद दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर भी शेयर में बिकवाली दबाव जारी रहा।

15 फीसदी तक फिसला शेयर

KPIT Technologies का शेयर 1 जुलाई को 10 बजे 15.83 फीसदी गिरकर 564 रुपये पर चल रहा था। इससे यह BSE Midcap Index का सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर बन गया। बीते एक साल में यह शेयर 51.5 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी 50 में सिर्फ 6.4 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी ने कहा है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका रेवेन्यू पहली तिमाही जितनी रहने का अनुमान है। इससे यह संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोरी बनी रह सकती है।

शेयरों में 362 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील

केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के करीब 62.61 लाख शेयरों में प्रति शेयर 375 रुपये की औसत कीमत पर ब्लॉक डील हुई। इस ट्रांजेक्शन की वैल्यू करीब 362.4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जेपी मॉर्गन ने केपीआईटी टेक्नोलॉजी के शेयर को डाउनग्रेड कर ‘अंडरवेट’ कर दिया है। पहले उसने इस शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी थी। उसने शेयर का टारगेट प्राइस 700 रुपये से घटाकर 550 रुपये कर दिया है।

कंपनी के गाइडेंस पूरा नहीं करने की आशंका

जेपी मॉर्गन ने कहा है कि ऐसा लगता है कि केपीआईटी टेक्नोलॉजीज पहली तिमाही के रेवेन्यू और मार्जिन के अपने गाइडेंस को पूरा नहीं कर पाएगी। साल दर साल आधार पर कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 1 फीसदी और तिमाही दर तिमाही आधार पर 4 फीसदी (कॉन्सटेंट करेंसी में) घट सकती है। इससे यह संकेत मिलता है कि यूरोप में ऑटोमोटिव ऑरिजिनल इक्विपमेंट (OEM) कंपनियां खर्च करने में कंजूसी बरत रही हैं।

जेपी मॉर्गन ने रेवेन्यू के अनुमान को घटाया

जेपी मॉर्गन का मानना है कि इस वित्त वर्ष की पहली छमाही केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के लिए कमजोर रह सकती है। तिमाही दर तिमाही आधार पर ग्रोथ चौथी तिमाही में दिख सकती है। उसने यह भी कहा है कि FY27 रेवेन्यू में ऑर्गेनिक गिरावट का लगातार दूसरा साल हो सकता है। इसके मद्देनजर ब्रोकरेज फर्म ने FY27-FY29 के अपने रेवेन्यू अनुमान को 5-8 फीसदी तक घटा दिया है।

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Gold price today: सोने-चांदी में गिरावट जारी, एमसीएक्स पर सोना 1% टूटा, चांदी में भी 2% फिसली

Gold Silver Price: बुधवार, 1 जुलाई को MCX पर शुरुआती डील में सोने और चांदी की कीमतों में काफी गिरावट आई। US डॉलर के मजबूत होने, ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.86% गिरकर ₹1,41,300 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि MCX चांदी का सितंबर फ्यूचर सुबह 9:10 बजे के आसपास 2.06% गिरकर ₹2,23,850 प्रति किलोग्राम पर था।

जून में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी से गिरावट आई, क्योंकि महंगाई और उसके चलते US फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की चिंता थी, जबकि US और ईरान के बीच अपने झगड़े को सुलझाने के लिए बातचीत करने पर सहमति के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।

MCX के अनुसार, जून में घरेलू स्पॉट गोल्ड की कीमतें ₹15,100 या लगभग 10% गिरकर ₹1,40,864 प्रति 10 ग्राम पर आ गई, जबकि सिल्वर की कीमतें जून में ₹38,250 या लगभग 15% गिरकर 30 जून को ₹2,25,125 प्रति किलोग्राम पर आ गईं। US गोल्ड की कीमतों में जून में 2013 के बाद से सबसे बड़ी तिमाही गिरावट देखी गई, जो लगातार चौथे महीने गिर रही है, इस चिंता के बीच कि महंगाई फेड को रेट बढ़ाने के लिए मजबूर करेगी।

US फेडरल रिजर्व इस साल रेट 3 गुना बढ़ा सकता है, इस अंदाज़े के बीच डॉलर में लगातार बढ़ोतरी ने गोल्ड की कीमतों पर असर डाला है।

लगातार दूसरे महीने बढ़ते हुए, डॉलर इंडेक्स जून में 2% से ज़्यादा उछला, और अब 101.35 के करीब है, जिससे दूसरी करेंसी में खरीदारों के लिए बुलियन महंगा हो गया है और डिमांड में कमी आई है।

ज़्यादातर ट्रेडर्स को उम्मीद है कि फेड इस साल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में रेट बढ़ाएगा। US फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की अगली मीटिंग 28-29 जुलाई को होनी है।

मार्केट अब नई पॉलिसी गाइडेंस के लिए फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के कमेंट्स का इंतजार कर रहे हैं। फोकस जून के ADP एम्प्लॉयमेंट डेटा पर भी है, जो आज बाद में आएगा, और नॉन-फार्म पेरोल प्रिंट्स पर भी है, जो गुरुवार को आने वाले हैं, ताकि फेड के इंटरेस्ट रेट ट्रैजेक्टरी पर नए सुराग मिल सकें।

जियोपॉलिटिकल फ्रंट पर, US और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुश्मनी शुरू होने के बाद ईरानी रिप्रेजेंटेटिव अपने US काउंटरपार्ट्स से नहीं मिलेंगे।

अब किन लेवल्स पर रखें नजर

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, सोने को $3,994 और $3,955 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,074 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस पर है। आज के सेशन में चांदी को $57.70 और $56 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $61.20 और $62.80 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

जैन ने कहा कि MCX गोल्ड को ₹1,41,100 और ₹1,40,000 पर सपोर्ट है, और रेजिस्टेंस ₹1,43,350 और ₹1,44,200 पर है, जबकि चांदी को ₹2,25,500 और ₹2,22,000 पर सपोर्ट है और रेजिस्टेंस ₹2,31,000 और ₹2,34,400 पर है।

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