NSE IPO: दमानी, मुंजाल, गोपालकृष्णन की जेब में आ सकते हैं करोड़ों रुपये, यहां देखें शेयरहोल्डर्स की पूरी लिस्ट

एनएसई के आईपीओ से कई शेयरहोल्डर्स को मोटी कमाई हो सकती है। इनमें कई दिग्गज इनवेस्टर्स और बड़े उद्योगपति शामिल हैं। इनमें डीमार्ट के प्रमोटर राधाकिशन दमानी, हीरो ग्रुप के फाउंडर सुनील कांत मुंजाल, इंफोसिस के को-फाउंडर एस गोपालकृष्णन, डीमार्ट के पूर्व सीईओ और एमडी ग्नाटियस नविल नोरोन्हा और दिग्गज इनवेस्टर डॉली खन्ना शामिल हैं।

अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयर की कीमत 2000 रुपये से ऊपर चल रही है। दमानी की एनएसई में 1.58 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी वैल्यू करीब 7,817 करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि एनएसई के शेयर बेचने से उन्हें बड़ा मुनाफा होगा। उन्होंने ये शेयर किस भाव पर लिए थे, यह जानकारी एनएसई के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में नहीं है।

सुनील कांत मुंजाल की एनएसई में करीब 0.41 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके पास एनएसई के 1.02 करोड़ शेयर हैं। इन शेयरों की वैल्यू करीब 2,040 करोड़ रुपये है। गोपालकृष्णन के पास एनएसई के 94.29 लाख शेयर हैं। इनकी वैल्यू 1,886 करोड़ रुपये है। नोरोन्हा के पास एनएसई के 30 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 600 करोड़ रुपये है।

डॉली खन्ना के पास एनएसई के 15.17 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 303 करोड़ रुपये है। सिद्धार्थ बालाचंद्रन की एनएसई में करीब 0.38 फीसदी हिस्सेदारी है, जिनकी वैल्यू 1,863 करोड़ रुपये है। दिग्गज इनवेस्टर वनाजा सुंदर अय्यर के पास 44 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 880 करोड़ रुपये है।

एनएसई के शेयर रखने वाले निवेशकों की लिस्ट काफी बड़ी है। ऐसे एक दर्जन से ज्यादा इनवेस्टर्स हैं, जिनकी एनएसई में 0.05 से 0.30 फीसदी तक हिस्सेदारी है। इनकी वैल्यू 140 करोड़ रुपये से 300 करोड़ रुपये के बीच है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन निवेशकों की हिस्सेदारी की फाइनल वैल्यूएशन का पता आईपीओ में शेयर का प्राइस बैंड तय होने के बाद चलेगा। लेकिन, सेबी के पास फाइल डीआरएचपी से यह संकेत मिलता है कि इन शेयरों को काफी कम कीमत पर खरीदा गया था।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की एनएसई में सबसे ज्यादा 10.7 फीसदी हिस्सेदारी है। उसके पास एनएसएई के 26.5 करोड़ शेयर हैं। इसकी कीमत 50,641 करोड़ रुपये है। एनएसई ने सेबी के पास डीआरएचपी 17 जून को फाइल कर दिया। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा।

ओएफएस का मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर एलॉट नहीं करेगी। शेयरहोल्डर्स एक्सचेंज के करीब 6 फीसदी शेयर बेचेंगे। करीब 30,000 करोड़ रुपये का एनएसई का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर के नाम है। उसने 2024 में 27,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।

EPFO 3.0: अब UPI और ATM से भी निकाल सकेंगे PF का पैसा! जानें नया नियम, विड्रॉल लिमिट और पूरी डिटेल

EPFO 3.0 UPI and ATM Based PF Withdrawal: नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की तरफ से एक बहुत बड़ा अपडेट आ रहा है। सरकार जल्द ही EPFO 3.0 लॉन्च करने जा रही है, जो पीएफ सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस और पारदर्शी बना देगा।

इस नए अपग्रेड के बाद ईपीएफओ मेंबर्स जरूरत पड़ने पर सीधे UPI और ATM के जरिए भी अपने पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने पुष्टि की है कि इस नए सिस्टम की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसके रोलआउट की घोषणा की जाएगी।

अगर आप भी पीएफ खाताधारक हैं, तो आइए जानते हैं कि इस नए सिस्टम में क्या-क्या बदलने वाला है और आप कितना पैसा निकाल पाएंगे।

UPI और ATM से कब शुरू होगी पैसे निकालने की सुविधा?

EPFO ने इस नए आधुनिक सिस्टम की टेस्टिंग का काम पूरी तरह खत्म कर लिया है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी लॉन्चिंग की किसी सटीक तारीख या महीने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि इसे जल्द ही लाइव कर दिया जाएगा।

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

EPFO 3.0 लागू होने के बाद सब्सक्राइबर्स सीधे अपने आधार-लिंक्ड और सीडेड बैंक खातों के माध्यम से एटीएम या यूपीआई का उपयोग करके पीएफ राशि को तुरंत ट्रांसफर या विड्रॉ कर सकेंगे। इससे कागजी कार्रवाई और क्लेम सेटलमेंट में होने वाली देरी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

कितना पैसा निकाल सकेंगे मेंबर्स? जानें लिमिट

नए नियमों के तहत, जब यह सुविधा लाइव हो जाएगी, तब योग्य मेंबर्स अपने कुल ईपीएफ (EPF) बैलेंस का 50% से 75% तक हिस्सा निकाल सकेंगे। लंबी अवधि की बचत और रिटायरमेंट सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुल कॉर्पस का कम से कम 25 फीसदी हिस्सा हमेशा खाते में लॉक रहेगा। इसे मेंबर्स नहीं निकाल पाएंगे, क्योंकि ईपीएफओ का मुख्य उद्देश्य भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़कर हुई ₹5 लाख

EPFO 3.0 के तहत सरकार ने एक और बड़ा तोहफा दिया है। ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया गया है। इस बदलाव की वजह से जैसे ही नया सिस्टम पूरी तरह काम करना शुरू करेगा, पात्र क्लेम का सेटलमेंट महज कुछ ही दिनों के भीतर ऑटोमैटिक हो जाएगा।

EPFO 3.0 के तहत सरकार ने एक और बड़ा तोहफा दिया है। ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया गया है

क्या-क्या अन्य बदलाव होंगे?

EPFO 3.0 का उद्देश्य केवल पैसे निकालने की सुविधा देना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को आसान बनाना है। इसके तहत ये प्रमुख डिजिटल बदलाव भी देखने को मिलेंगे:

  • उमंग ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा मिलेगी।
  • इंस्टेंट UAN एक्टिवेशन और पीएफ पासबुक तक तुरंत पहुंच आसान होगी।
  • आधार-लिंक्ड डिवाइसेज के माध्यम से प्रोफाइल में नाम, जन्मतिथि जैसी गलतियों को सुधारना बेहद सरल हो जाएगा।

कुल मिलाकर, EPFO 3.0 के आने से पीएफ खाताधारकों को रियल-टाइम डिजिटल एक्सेस मिलेगा, जिससे क्लेम में होने वाली गलतियां, धोखाधड़ी और देरी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। हालांकि, एटीएम और यूपीआई सुविधा का लाभ उठाने के लिए मेंबर्स को सरकार की आधिकारिक लॉन्चिंग का थोड़ा इंतजार करना होगा।

बिना भीड़ के दर्शन बिना लाइन की फोटो, ये है ऑफ सीजन इंडिया के 9 टूरिस्ट स्पॉट घूमने का मजा!

अगर आप ऑफ-सीजन में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत के कई राज्य ऐसे हैं जहां कम बजट में बेहतरीन ट्रैवल एक्सपीरियंस मिल जाता है। ऑफ-सीजन में खास बात यह होती है कि भीड़ कम होती है और होटल से लेकर ट्रैवल तक सब कुछ काफी सस्ता मिल जाता है, आइये जानते है ऑफ-सीजन में घूमने में घूमने के लिए भारत के बेस्ट डेस्टिनेशन:

Gujarat

गुजरात घूमने के लिए एक बेहतरीन ऑफ-सीजन डेस्टिनेशन है जहां आप ट्रेन से अहमदाबाद या वडोदरा 12–18 घंटे में और फ्लाइट से लगभग ₹2500 से ₹6000 में पहुंच सकते हैं, यहां रहने का खर्च ₹700 से ₹1800 प्रति रात के बीच आसानी से मिल जाता है और खाने का खर्च ₹150 से ₹400 प्रतिदिन रहता है, गुजरात की खासियत कच्छ का रण, द्वारका, सोमनाथ मंदिर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी है जो इसे सांस्कृतिक, धार्मिक और एडवेंचर ट्रैवल का शानदार मिश्रण बनाते हैं।Karnataka

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कर्नाटक की खासियत बेंगलुरु की मॉडर्न लाइफ, कूर्ग की कॉफी पहाड़ियां, हम्पी के ऐतिहासिक खंडहर और मैसूर का शाही महल है जो इसे हर तरह के ट्रैवलर के लिए परफेक्ट बनाता है। कर्नाटक तक पहुंचने के लिए दिल्ली से बेंगलुरु फ्लाइट सबसे आसान विकल्प है जो ₹3000 से ₹7000 में मिल जाती है और ट्रेन से लगभग 30–36 घंटे लगते हैं, यहां होटल ₹900 से ₹2500 प्रति रात मिल जाते हैं और खाना ₹200 से ₹500 प्रतिदिन में आराम से हो जाता है

Meghalaya

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मेघालय एक बेहद खूबसूरत और शांत नॉर्थ-ईस्ट राज्य है मेघालय की खासियत इसके झरने, लिविंग रूट ब्रिज, शिलॉन्ग की पहाड़ियां और चेरापूंजी का बारिश भरा मौसम है जो इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसा बनाता है। जहां दिल्ली से गुवाहाटी होकर शिलॉन्ग पहुंचना सबसे आसान होता है, फ्लाइट + टैक्सी का खर्च लगभग ₹4000 से ₹9000 तक पड़ सकता है, यहां रहने का खर्च ₹1000 से ₹2500 प्रति रात और खाना ₹200 से ₹500 प्रतिदिन होता है

Jammu and Kashmir

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जम्मू कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है यहां की डल झील, गुलमर्ग, पहलगाम और बर्फीले पहाड़ इसे भारत का सबसे खूबसूरत और रोमांटिक ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाते हैं। जहां दिल्ली से श्रीनगर या जम्मू के लिए फ्लाइट ₹4000 से ₹10000 में मिल जाती है और ट्रेन से जम्मू तक आसानी से पहुंचा जा सकता है, यहां होटल ₹1000 से ₹3000 प्रति रात तक मिलते हैं और खाना ₹200 से ₹600 प्रतिदिन के बीच रहता है

Goa

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गोवा भारत का सबसे फेमस बीच डेस्टिनेशन है, गोवा की खासियत इसके सुनहरे बीच, खूबसूरत सनसेट, नाइट लाइफ, वाटर स्पोर्ट्स और पुर्तगाली संस्कृति है जो इसे कपल्स, फ्रेंड्स और सोलो ट्रैवलर्स के लिए एक परफेक्ट और फ्री-फील ट्रिप डेस्टिनेशन बनाती है। जहां दिल्ली से पहुंचने के लिए फ्लाइट सबसे आसान और तेज़ विकल्प है जो लगभग ₹3000 से ₹8000 में मिल जाती है, जबकि ट्रेन से सफर 24–30 घंटे का होता है और थोड़ा एडवेंचरस भी लगता है, यहां ऑफ-सीजन में होटल बहुत सस्ते मिल जाते हैं जो ₹600 से ₹1500 प्रति रात तक आसानी से अवेलेबल होते हैं, और खाने का खर्च भी ₹300 से ₹600 प्रतिदिन में आराम से हो जाता है

Punjab

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पंजाब अपनी जिंदादिल संस्कृति, खेतों की हरियाली और स्वादिष्ट खाने के लिए जाना जाता है, जहां स्वर्ण मंदिर (अमृतसर) की शांति और लुधियाना-जालंधर की रौनक मिलकर इसे एक बेहद वाइब्रेंट और दिल को छू लेने वाला ट्रैवल एक्सपीरियंस बनाते हैं। पंजाब की ट्रिप दिल्ली से बहुत आसान है क्योंकि अमृतसर और लुधियाना के लिए सीधी ट्रेन और बसें उपलब्ध हैं, ट्रेन से लगभग 6 से 8 घंटे में आप पहुंच सकते हैं और बस का किराया ₹400 से ₹1200 के बीच रहता है, फ्लाइट भी अमृतसर के लिए ₹2500 से ₹6000 में मिल जाती है, यहां रहने का खर्च ₹800 से ₹2000 प्रति रात आराम से मिल जाता है और खाने का खर्च ₹150 से ₹400 प्रतिदिन में हो जाता है क्योंकि ढाबा और लोकल फूड बहुत सस्ता और टेस्टी मिलता है।Telangana

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तेलंगाना मॉडर्निटी और हिस्ट्री का शानदार मिश्रण है, जहां हैदराबाद की चारमीनार, गोलकोंडा किला और स्वादिष्ट बिरयानी इसे एक कल्चरल और फूड लवर्स के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं। Telangana (हैदराबाद) पहुंचने के लिए दिल्ली से फ्लाइट सबसे तेज़ ऑप्शन है जो ₹3000 से ₹7000 में मिल जाती है जबकि ट्रेन से 20–25 घंटे लगते हैं, यहां होटल ₹1000 से ₹2500 में मिल जाते हैं और खाने का खर्च ₹200 से ₹500 प्रतिदिन रहता है, खासकर बिरयानी और स्ट्रीट फूड ट्रैवल को और मजेदार बनाते हैं।Andhra Pradesh

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आंध्र प्रदेश अपने मंदिरों, समुद्री तटों और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, जहां तिरुपति बालाजी मंदिर की आस्था और विशाखापट्टनम के खूबसूरत बीच इसे आध्यात्मिक और प्राकृतिक दोनों तरह का एक्सपीरियंस देते हैं। Andhra Pradesh में विशाखापट्टनम या तिरुपति जाने के लिए दिल्ली से फ्लाइट ₹3500 से ₹8000 में मिलती है और ट्रेन से 24–30 घंटे लगते हैं, यहाँ रहने का खर्च ₹900 से ₹2200 प्रति रात होता है और खाना ₹200 से ₹450 प्रतिदिन में आसानी से मिल जाता है, बीच और मंदिर दोनों एक्सपीरियंस इसे खास बनाते हैं।

ऑफ-सीजन में भारत के अलग-अलग राज्यों की ट्रैवल करना न सिर्फ बजट-फ्रेंडली होता है, बल्कि यह एक शांत और आरामदायक अनुभव भी देता है। इस समय होटल, ट्रैवल और खाने-पीने का खर्च काफी कम हो जाता है, जिससे कम पैसे में ज्यादा जगहें घूमी जा सकती हैं। चाहे पहाड़ों की ठंडक हो, समुद्र तटों की शांति हो या ऐतिहासिक शहरों की शाही झलक—हर राज्य अपने अलग अंदाज़ में जर्नी को खास बना देता है। सही प्लानिंग के साथ आप कम बजट में यादगार ट्रिप का आनंद ले सकते हैं और ऑफ-सीजन ट्रैवल का पूरा फायदा उठा सकते हैं।

Ali Fazal: ‘राजनीति के बिना कला अधूरी है’, सेलेब्स के सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर राय रखने पर बोले अली फजल

Ali Fazal: अली फ़ज़ल और सोनाली बेंद्रे ने हाल ही में इस बहस पर अपनी राय दी कि क्या मशहूर हस्तियों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखें। ‘युवा’ (Yuvaa) के साथ बातचीत के दौरान, अली से पूछा गया कि क्या मशहूर लोगों से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने की उम्मीद की जानी चाहिए।

जवाब में, एक्टर ने कहा कि उनका मानना ​​है कि राजनीति के बिना कला अधूरी है। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखना ज़रूरी है, और इसका मतलब हमेशा ज़ोर-शोर से सार्वजनिक बयान देना या “ऊंचे मंच से चिल्लाना” नहीं होता, क्योंकि योगदान देने के कई तरीके हैं। सोनाली बेंद्रे की राय इससे अलग थी। उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​है कि अगर किसी को किसी खास विषय के बारे में पूरी जानकारी या ज्ञान न हो, तो उस पर कमेंट करने से बचना चाहिए।

अली फ़ज़ल ने कहा कि कलाकारों में स्वाभाविक रूप से दया की भावना होती है और वे अपने काम को उस समाज से पूरी तरह अलग नहीं कर सकते, जिसमें वे रहते हैं। अली का तर्क था कि कला और राजनीति अक्सर आपस में जुड़े होते हैं। एक्टर ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर, मुझे लगता है कि हममें बहुत दया-भाव होता है। लेकिन राजनीति या उस समाज के बिना कला अधूरी है, जिसमें हम रहते हैं। कभी-कभी यह उसकी झलक होती है, तो कभी-कभी उससे कुछ लेती है। यह लगभग एक मैच या टेनिस गेम जैसा है। आप खुद को इससे अलग नहीं कर सकते। मैं इस बात का सम्मान करता हूँ कि आज के दौर में बहुत से लोग ऐसा नहीं करना चुनते हैं, और यह ठीक भी है। कभी-कभी हम सभी को अपना घर-बार चलाना होता है और यह मुश्किल हो जाता है। लेकिन इसके बावजूद, मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि हमें कम से कम अपने-अपने तरीके से कुछ न कुछ ज़रूर करना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि आवाज़ उठाने का मतलब हमेशा सार्वजनिक भाषण देना या ज़ोर-शोर से अपना पक्ष रखना नहीं होता। हर किसी का अपना तरीका होता है। ज़रूरी नहीं कि आप किसी ऊंचे मंच पर खड़े होकर चिल्लाएं। कभी-कभी इसके लिए लोगों का एक साथ आना, कुछ बेहतरीन बातें लिखना, उन्हें शूट करना और उन्हें खुद अपनी बात कहने देना ही काफ़ी होता है। कभी-कभी यही सबसे ज़ोरदार आवाज़ होती है। लेकिन व्यक्तिगत तौर पर, हां, वह भी एक तरीका है।”

वहीं, सोनाली बेंद्रे ने मुश्किल मुद्दों पर कमेंट करते समय जानकारी और विशेषज्ञता के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भले ही कलाकार अपने काम में माहिर हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे हर विषय पर अधिकार के साथ बात करने के लिए योग्य हैं।

सोनाली बेंद्रे ने कहा कि वे किसी ऐसे विषय पर कमेंट करने से बचना पसंद करेंगी, जिसे वे पूरी तरह से नहीं समझती हैं, बजाय इसके कि वे बिना जानकारी के कोई बयान दें। उन्होंने कहा, “जब आप ‘योग्य’ होने की बात करते हैं, तो हम कलाकार हो सकते हैं, लेकिन ज़रूरी नहीं कि एक कलाकार के तौर पर मुझे उस खास विषय के बारे में सब कुछ पता हो। इसलिए मैं कहूंगी कि एक कलाकार के तौर पर अगर मुझे उस विषय के बारे में सब कुछ नहीं पता है, तो मैं गलत कमेंट करने के बजाय कमेंट न करना ही बेहतर समझूंगी।”

सोनाली बेंद्रे ने कहा, “साथ ही, अगर मैं एक कलाकार हूं, तो मुझे उसे उसी तरह दिखाना चाहिए। मुझे समझना चाहिए कि वह क्या है। अगर मैं पेंटर हूं, तो मुझे पेंटिंग करनी चाहिए। अगर मैं कवि हूं, तो मुझे कविता लिखनी चाहिए। अगर मैं फिल्ममेकर हूं, तो मैं वह करूंगी। अगर मैं एक्टर हूं, तो मैं ऐसा विषय चुनूंगी, जो कुछ कहता हो। इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे अपने दायरे से बाहर निकलकर किसी ऐसी चीज़ पर कमेंट करनी चाहिए, जिस पर मैं शायद पूरी तरह योग्य न होऊं। मुझे लगता है कि उनमें से ज़्यादातर लोग उस चीज़ पर टिप्पणी करने के लिए योग्य नहीं हैं, जिस पर वे टिप्पणी कर रहे हैं। वे यह नहीं समझते कि हर स्थिति के कई पहलू (360 डिग्री) होते हैं।”

महंगा वैल्यूशन, फिर भी 8 बार मिला Nifty से ज्यादा रिटर्न, अब इन स्टॉक्स पर फिदा जेफरीज

Expensive Valuations but Attractive to Invest: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि महंगा वैल्यूएशन होने का मतलब ये नहीं कि निवेश पर अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा। यह बात पिछले 15 वर्षों में आठ बार सही साबित हुई है। जेफरीज ने 18 जून को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आठ बार ऐसा हुआ, जब किसी सेक्टर के शेयर महंगे यानी एक्सपेंसिव वैल्यूएशन वाले दिखने लगे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अगले दो से तीन वर्षों में शानदार रिटर्न दिए। जेफरीज का मानना है कि अब पावर सेक्टर भी ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है, खासतौर से प्राइवेट पावर कंपनियों के मामले में।

15 साल में 8 बार Expensive Valuations के बावजूद तगड़ा रिटर्न

Defence- सितंबर 2022 से जुलाई 2024

स्वदेशी मुहिम पर जोर के बाद डिफेंस स्टॉक्स की वैल्यू सितंबर 2022 तक 10 साल के औसत वैल्यूएशन से 40% अधिक हो गए थे।

इसके बावजूद जुलाई 2024 तक इस सेक्टर ने निफ्टी की तुलना में 229 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

मजबूत ऑर्डर बुक, इंपोर्ट सब्सटीट्यूशन और 33% EPS CAGR से ऊंचे वैल्यूएशन को सपोर्ट मिला।

NBFCs-अक्टूबर 2021 से फरवरी 2026

जेफरीज की रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्टूबर 2021 तक एनबीएफसी स्टॉक्स की वैल्यू 10 साल के औसत वैल्यू से करीब 78% अधिक हो गई।

फिर भी क्रेडिट सर्किल में विस्तार, एसेट क्वालिटी में सुधार और डिजिटल मॉडल में विस्तार से 23% EPS CAGR से इसे सपोर्ट मिला और निफ्टी की तुलना में 40 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेहतर परफॉर्म किया।

Cement-जून 2014 से मई 2017

जून 2014 तक सीमेंट स्ट़ॉक्स अपने 10 साल के औसत से 74% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे।

इसके बावजूद मई 2017 तक इसने निफ्टी के मुकाबले 47 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेहतर रिटर्न दिया।

कंस्ट्रक्शन और इंफ्रा साइकिल में तेजी की उम्मीदों से इस रैली को सपोर्ट मिला।

FMCG-दिसंबर 2014 से दिसंबर 2019

दिसंबर 2024 तक एफएमसीजी कंपनियां अपने 10 साल के औसत से 44% प्रीमियम पर थे लेकिन इसके बावजूद इस सेक्टर ने दिसंबर 2019 तक 96 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे इकॉनमी के फॉर्मलाइजेशन यानी औपचारिकीकरण, जीएसटी और 12% EPS CAGR से सपोर्ट मिला।

Retail-दिसंबर 2014 से सितंबर 2019

दिसंबर 2014 तक रिटेल सेक्टर का वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत से 41% प्रीमियम पर पहुंच गया।

इसके बावजूद सेक्टर ने सितंबर 2019 तक निफ्टी की तुलना में 159 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इस दौरान फॉर्मलाइजेशन, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग और उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी से 20% EPS CAGR को सपोर्ट मिला।

Capital Goods- सितंबर 2022 से जून 2024

सितंबर 2022 तक 10 साल के औसत की तुलना में 28% प्रीमियम पर होने के बावजूद जून 2024 तक इसने 90 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे कोविड के बाद इंवेस्टमेंट साइकिल में रिकवरी से सपोर्ट मिला।

मजबूत ऑर्डर इनफ्लो और बेहतर मार्जिन पर इस दौरान EPS CAGR 26% रहा।

Hospital Stocks- दिसंबर 2021 से अक्टूबर 2025

कोविड के बाद अस्पताल दिसंबर 2021 तक हॉस्पिटल्स के वैल्यूएशन 10 साल के औसत के मुकाबले 44% प्रीमियम पर पहुंच गए थे।

इसके बावजूद हॉस्पिटल सेक्टर ने अक्टूबर 2025 तक 85 पर्सेंटेज प्वाइंट्स का आउटपरफॉरमेंस किया।

इंश्योरेंस कवरेज के विस्तार, ऑपरेटिंग लीवरेज में बढ़ोतरी और प्रति बेड आय (एवरेज रेवेन्यू पर ऑपरेटिंग बेड- ARPOB) में सुधार से EPS CAGR 23% रहा।

Hotel Stocks- दिसंबर 2021 से दिसंबर 2024

दिसंबर 2021 तक होटल स्टॉक्स अपने 10 साल के औसत से करीब 20% महंगे हो गए।

इसके बावजूद दिसंबर 2024 तक निफ्टी की तुलना में इसने करीब 290 पर्सेंटेज प्वाइंट्स अधिक रिटर्न दिया।

इसे कोविड के मांग में रिकवरी, प्रीमियमाइजेशन और विस्तार के मजबूत संभावनाओं से सपोर्ट मिला।

अब पावर स्टॉक्स पर दांव क्यों?

अब ऐसा ही रुझान ब्रोकरेज फर्म को पावर सेक्टर पर भी दिख रहा है और इस सेक्टर में जेएसडब्ल्यू एनर्जी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, प्रीमियर एनर्जीज और सीमेंस एनर्जी को अपनी टॉप पसंद बताया है। जेफरीज के मुताबिक इसे बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की घटती लागत, स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की बेहतर होती बैलेंस शीट, डेटा सेंटर के विस्तार, प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी और ईवी के तेज विस्तार से सपोर्ट मिलेगा।

US Fed ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, लेकिन एक खास सिग्नल पर ट्रंप ने कहा- यकीन करना मुश्किल

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Market Insight : बाजार अब नई तेजी के लिए तैयार, PSU बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट और NBFCs अभी भी सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि पिछले सोमवार के निचले स्तर से हम निफ्टी में 1000 अंक ऊपर हैं। बैंक निफ्टी में करीब 3500-4000 अंक की रैली आ चुकी है। बैंक निफ्टी पर 52,800 से हमारा लॉन्ग नजरिया रहा है। पिछले सोमवार भी पैनिक ना करने की सलाह थी। अब यहां से 2 बड़े सवाल हैं। पहला– अगर लॉन्ग पोजिशन है तो क्या करें? दूसरा– अगर मैंने रैली मिस कर दी तो क्या करूं?

पहले सवाल का जवाब आसान है, अपने SL को ट्रेल कर लीजिए। अगर आप शुरू से लॉन्ग हैं तो पिछले सोमवार के निचले स्तर का ही SL रखें। लेकिन अगर आप स्विंग लॉन्ग में हैं तो 23,950 और 57,200 का SL रखें। बाजार में शायद एक नई और बड़ी वाली तेजी की शुरुआत हुई है। बाजार ने बहुत कुछ झेला और काफी मजबूती दिखाई है। सिर्फ मानसून का एक निगेटिव फैक्टर बचा है,शायद उसे भी हम पचा लें।

US-ईरान डील साइन

US और ईरान ने अलग-अलग जगह से डील पर साइन कर दिए हैं। डॉनल्ड ट्रंप ने साइन करके कहा, ये आसान नहीं था। US अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि MoU अब प्रभावी हो गया है। मीडिया के पास मौजूद MoU ड्राफ्ट के मुताबिक होर्मूज ‘तेजी से’फिर से खुलेगा। ईरान के न्यूक्लियर मुद्दे और आगे के फाइनेंशियल फायदे की आगे बातचीत होगी। अभी ये साफ नहीं है कि होर्मूज पूरी तरह खुल गया है या नहीं। JD वेंस और ईरान संसद स्पीकर गालिबाफ शुक्रवार को औपचारिक रूप से डील पर साइन करेंगे।

फेड का फैसला

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। US फेड ने दर 3.50%-3.75% की रेंज में बरकरार रखी है। फेड ने लगातार चौथी बार दरों को स्थिर रखा है। केविन वार्श की पहली फेड बैठक मीटिंग में साफ हॉकिश बदलाव दिखा है। फेड ने महंगाई का अनुमान बढ़ाया और ईजिंग बॉयस को हटा दिया है। फेड का डॉट प्लॉट सीमित हुआ है। अब 9 सदस्यों ने 2026 में रेट हाइक का अनुमान लगाया है।

बाजार ने दिया जोरदार रिएक्शन

2 साल की US बॉन्ड यील्ड्स 13 Bps उछली है। मनी मार्केट अब अक्टूबर तक रेट हाइक को पूरी तरह से पचा चुके हैं। फेड के बाद US डॉलर में उछाल आया, यह 100.40 पर पहुंच गया। US बाजारों में गिरावट आई,नैस्डेक 1.3% और S&P 1.2% गिरा। मगर US फ्यूचर्स में वापस रैली हुई है। सोने-चांदी में दबाव दिखा है। सोना $4250 और सिल्वर $68 के नीचे फिसली है। कच्चे तेल में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। ब्रेंट $78 पर है।

आज के संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। बाजार में मोमेंटम काफी मजबूत है। कल हम दिन के हाई पर बंद हुए और बैंक निफ्टी ने लीड किया।

बाजार: क्या ये नई तेजी की शुरुआत है?

निफ्टी ने 26,300 पर डबल टॉप बनाया था। सितंबर 2024 और जनवरी 2026 में हम करीब 26,300 तक गए थे। मगर मजे की बात ये कि दोनों बार करेक्शन में बॉटम एक ही रहा। मार्च 2025 में भी और मार्च 2026 में भी बॉटम बना। यहां से वापस 26,300 का रास्ता खुला है। बाजार ने इतनी बड़ी FII बिकवाली के बावजूद अपने लो नहीं तोड़े हैं। अब यहां से बाजार को अर्निंग्स में फेवरेबल बेस इफेक्ट मिलेगा। हो सकता है Q1 में कुछ दिक्कत आए क्योंकि ब्रेंट $100 के ऊपर रहा। मगर बाजार अब इस फैक्टर को पचा चुका है।

Q2 से नतीजों में तेज रिकवरी की उम्मीद रहेगी, क्योंकि बेस इफेक्ट अब हमारे फेवर में काम करेगा। FIIs की बिकवाली भी काफी हद तक हो चुकी है। अगर बाजार में मोमेंटम आया तो खरीदारी भी आ सकती है। ऐसा नहीं है कि इन 2 सालों में बाजार पूरा निगेटिव रहा। इन 2 सालों में भी चुनिंदा शेयरों में 50-200% रिटर्न मिले हैं। यहां से शायद वापस एक ब्रॉड बेस्ड रैली की भी शुरुआत हो सकती है।

निफ्टी में जल्द हासिल हो सकते हैं 24250-24400 के टारगेट, इस शेयर में दिख रहा दमदार कमाई का मौका

बाजार: क्या हो रणनीति?

बाजार में अपनी रणनीति को अब थोड़ा बदलना होगा। यह बाजार डे ट्रेडर से ज्यादा पोजिशनल ट्रेडर को रिवॉर्ड कर रहा है। हर घंटे के हर 100 अंक के मूव पकड़ने का लालच मत रखिए। बड़ा ट्रेंड पकड़िए और उसके साथ बने रहिए। पूरे मार्च में हमने निगेटिव नजरिया रखा और प्ले भी किया। पूरे अप्रैल में पॉजिटिव नजरिया लिया और स्टॉक स्पेसिफिक नजरिया रखा। मई में लगातार दोनों तरफ के मौके ढूंढे गए और जून में लगातार सिर्फ पॉजिटिव नजरिया रहा है। अपने फायदे वाले सौदों को पकड़ के रखिए और SL के साथ कैरी कीजिए। हर 5% के मूव पर अपने ट्रेलिंग SL को ऊपर ले आएं।

PSU बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट,NBFCs अभी भी सबसे मजबूत हैं। इसके अलावा IT में भी अब डबल बॉटम के संकेत मिले हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप में एक अलग ही बुल मार्केट चल रही है। अभी भी काफी अच्छे शेयर 200 DMA के आसपास मिल जाएंगे। पोर्टफोलियो में से अपने बड़े अंडरपरफॉर्मर्स को अब हटाइए।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट जोन 23,950-24,000 पर और बड़ा सपोर्ट जोन 23,800-23,850 पर है। मौजूदा लॉन्ग सौदों के लिए 23,950 का क्लोजिंग और 23,850 का इंट्राडे SL रखें। नए लॉन्ग सौदों के लिए खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,950-24,050 है। SL 23,850 पर रखें। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,100-24,150 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24,200-24,250 पर है। अगर निफ्टी 24,250 पार हो तो SL ट्रेल करके 24,100 पर लाएं। फिलहाल निफ्टी में कोई बिकवाली का ट्रेड नहीं है।

बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

बैंक निफ्टी में हमारा एकतरफा पॉजिटिव नजरिया रहा है। 52,800 से सिर्फ लॉन्ग रहने की सलाह रही है और हर रैली पर स्टॉप लॉस को ऊपर लाया गया है। कल तक ट्रेलिंग स्टॉप लॉस 56,800 पर था। अब क्लोजिंग बेसिस पर 57,200 और इंट्राडे में 57,000 का SL रखें। 57,200-57,400 तक की कोई भी गिरावट में खरीदारी करें,SL 57,000 पर रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

8th Pay Commission: चपरासी से लेकर टीचर तक… सबकी चमकेगी किस्मत! जानिए 8वें वेतन आयोग में किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी?

8th Pay Commission Expected Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ रही है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर सुगबुगाहट तेज है। नए वेतन आयोग के लागू होने से चपरासी से लेकर सरकारी स्कूल के टीचरों की बेसिक सैलरी और भत्तों में बंपर उछाल आने की उम्मीद है।

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद आपकी इन-हैंड सैलरी कितनी बढ़कर आएगी, तो यहां समझिए इसका पूरा गणित और संभावित सैलरी कैलकुलेटर।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और कितनी बढ़ेगी बेसिक सैलरी?

वेतन आयोग में सैलरी बढ़ाने का सबसे मुख्य फॉर्मूला फिटमेंट फैक्टर होता है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 गुना रखा गया था। एक्सपर्ट्स और कर्मचारी यूनियनों की मांगों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से लेकर 2.86 गुना या उससे भी अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर सरकार न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर को भी मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 20% से 30% तक की सीधी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

चपरासी (Level 1) की सैलरी: ₹18,000 से बढ़कर कितनी होगी?

सरकारी विभागों में एंट्री-लेवल या चपरासी जैसे पद पे मैट्रिक्स लेवल 1 में आते हैं।

वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹18000

संभावित फिटमेंट फैक्टर: अगर 2.28 से 2.57 का फिटमेंट फैक्टर बैठता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹41000 से ₹46260 के बीच पहुंच सकती है।

कुल इन-हैंड सैलरी: बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ ही इस पर मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी बढ़ जाएगा, जिससे ग्रॉस सैलरी में बड़ा इजाफा होगा।

सरकारी स्कूल के टीचर (Level 6 और Level 7): कितनी बढ़ेगी सैलरी?

सरकारी स्कूलों में प्राइमरी टीचर्स (PRT) और ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (TGT) की सैलरी लेवल 6 और लेवल 7 के तहत तय होती है। उनके लिए यह हाइक काफी बड़ा होने वाला है:

1. प्राइमरी टीचर (PRT – Level 6)

वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹35400

संभावित 8th CPC बेसिक सैलरी: फिटमेंट फैक्टर (2.57x) के हिसाब से यह बढ़कर करीब ₹90978 हो सकती है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86x रहा तो यह ₹101244 तक जा सकती है।

2. मिडिल/हाई स्कूल टीचर (TGT – Level 7)

वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹44900

संभावित 8th CPC बेसिक सैलरी: 2.57 गुना के अनुमान से यह करीब ₹115393 और 2.86 गुना होने पर ₹128414 तक पहुंच सकती है।

8th CPC में किस लेवल पर कितनी होगी बेसिक सैलरी?

नीचे दिए गए अनुमानित कैलकुलेटर (2.57x के आधार पर) से समझिए अलग-अलग पदों की बेसिक सैलरी का अंतर:

8th CPC में किस लेवल पर कितनी होगी बेसिक सैलरी?

DA और HRA का क्या होगा?

जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तब मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाता है और नए सिरे से DA की गणना 0% से शुरू होती है। इसके अलावा, शहरों की कैटेगरी (X, Y, Z) के हिसाब से मिलने वाला हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी नई बेसिक सैलरी के आधार पर दोबारा कैलकुलेट किया जाएगा, जिससे कुल सैलरी में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

कब तक लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?

आमतौर पर हर 10 साल में सरकार नया वेतन आयोग लाती है। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था। नियमों के मुताबिक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होनी हैं। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी मिलने में कुछ महीनों का समय लग सकता है, लेकिन कर्मचारियों को इसका लाभ एरियर के साथ 1 जनवरी 2026 से ही मिलेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

West Bengal News Update: ‘ये राम राज्य है…’; हाथों में हथकड़ी और कमर में रस्सी… पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद TMC के बाहुबलियों का सरेआम निकाला जुलूस

West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

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West Bengal News Update: ‘ये राम राज्य है…’; हाथों में हथकड़ी और कमर में रस्सी… पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद TMC के बाहुबलियों का सरेआम निकाला जुलूस

West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

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West Bengal News Update: ‘ये राम राज्य है…’; हाथों में हथकड़ी और कमर में रस्सी… पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद TMC के बाहुबलियों का सरेआम निकाला जुलूस

West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

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