EPFO 3.0 Big Update: अब UPI और ATM से झटपट निकलेगा PF का पैसा! जानें ऑटो-सेटलमेंट सहित ये 5 बड़े बदलाव

EPFO 3.0 Digital Reforms: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के करोड़ों नौकरीपेशा सदस्यों के लिए बड़ी खबर है। सरकार अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करते हुए EPFO 3.0 की शुरुआत कर रही है। इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद पीएफ (PF) क्लेम सेटलमेंट की लंबी प्रक्रिया खत्म हो जाएगी और मेंबर्स बिना किसी कागजी कार्रवाई के सीधे अपने UPI या UPI-सक्षम ATM से पैसा निकाल सकेंगे।

हाल ही में केंद्र सरकार ने FY26 के लिए EPF और VPF पर 8.25% ब्याज दर को मंजूरी दी थी। अब EPFO 3.0 के जरिए सदस्यों को उनके फंड तक तुरंत और आसान पहुंच दी जा रही है। आइए जानते हैं कि इस नए सिस्टम से पीएफ सब्सक्राइबर्स की जिंदगी कितनी आसान होने वाली है।

क्या है EPFO 3.0 और क्यों हुआ यह बदलाव?

EPFO 3.0 का मुख्य उद्देश्य पीएफ क्लेम में लगने वाले समय को कम करना और सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाना है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, EPFO ने जुलाई में अपने पूरे मेंबर्स डेटाबेस को सेन्ट्रलाइज्ड आईटी-सक्षम प्रणाली (CITES) प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दिया है। इससे पुराना सिस्टम खत्म हो गया है और पूरे देश का एक नेशनल डेटाबेस बन गया है। इसकी मदद से अब सब्सक्राइबर्स UPI के जरिए अपने लिंक्ड बैंक अकाउंट में तुरंत पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे।

EPFO 3.0 से सब्सक्राइबर्स को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

1. UPI और ATM से 75% तक PF निकासी

नियमों और शर्तों के आधार पर सब्सक्राइबर्स अपने ईपीएफ बैलेंस का 50% से 75% तक हिस्सा UPI या UPI-सक्षम ATM के जरिए निकाल सकेंगे। मेंबर्स अपने बैंक खाते में ट्रांसफर योग्य एलिजिबल बैलेंस देख सकेंगे और UPI PIN का इस्तेमाल करके सुरक्षित तरीके से पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके बाद इस पैसे को आप डिजिटली खर्च कर सकते हैं या ATM से कैश निकाल सकते हैं।

2. ऑटो-सेटलमेंट लिमिट बढ़कर हुई ₹5 लाख

EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया है। इससे बीमारी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या घर खरीदने/बनाने जैसी जरूरतों के लिए सब्सक्राइबर्स का क्लेम मात्र 3 दिनों के भीतर ऑटो-प्रोसेस होकर खाते में आ जाएगा।

3. UMANG App में Face Authentication

मेंबर्स अब उमंग ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) का उपयोग करके अपना UAN जेनरेट या एक्टिवेट कर सकते हैं। इसके साथ ही वे तुरंत पासबुक एक्सेस करने, गलत जानकारियों को सुधारने और ऑनलाइन क्लेम सबमिट करने जैसी सुविधाएं घर बैठे पा सकते हैं।

4. क्लेम रिजेक्शन से मिलेगी मुक्ति

पुराने सिस्टम में मेंबर्स को यह पता नहीं होता था कि वे कितना पैसा निकालने के पात्र हैं, जिससे क्लेम रिजेक्ट हो जाता था। अब EPFO 3.0 में सब्सक्राइबर्स को अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से पात्र राशि पहले ही स्क्रीन पर दिखाई देगी।

5. ऑनलाइन शिकायतों का डिजिटल जवाब

अगर क्लेम प्रोसेसिंग के दौरान पीएफ ऑफिस को किसी अतिरिक्त जानकारी की जरूरत होती है, तो मेंबर्स अब उसका जवाब ऑनलाइन डिजिटली दे सकेंगे। पहले ऑनलाइन स्पष्टीकरण देने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

EPFO 3.0 में क्या-क्या बदल गया?

EPFO 3.0 में क्या-क्या बदल गया?

EPFO 3.0: अब UPI और ATM से भी निकाल सकेंगे PF का पैसा! जानें नया नियम, विड्रॉल लिमिट और पूरी डिटेल

EPFO 3.0 UPI and ATM Based PF Withdrawal: नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की तरफ से एक बहुत बड़ा अपडेट आ रहा है। सरकार जल्द ही EPFO 3.0 लॉन्च करने जा रही है, जो पीएफ सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस और पारदर्शी बना देगा।

इस नए अपग्रेड के बाद ईपीएफओ मेंबर्स जरूरत पड़ने पर सीधे UPI और ATM के जरिए भी अपने पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने पुष्टि की है कि इस नए सिस्टम की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसके रोलआउट की घोषणा की जाएगी।

अगर आप भी पीएफ खाताधारक हैं, तो आइए जानते हैं कि इस नए सिस्टम में क्या-क्या बदलने वाला है और आप कितना पैसा निकाल पाएंगे।

UPI और ATM से कब शुरू होगी पैसे निकालने की सुविधा?

EPFO ने इस नए आधुनिक सिस्टम की टेस्टिंग का काम पूरी तरह खत्म कर लिया है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी लॉन्चिंग की किसी सटीक तारीख या महीने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि इसे जल्द ही लाइव कर दिया जाएगा।

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

EPFO 3.0 लागू होने के बाद सब्सक्राइबर्स सीधे अपने आधार-लिंक्ड और सीडेड बैंक खातों के माध्यम से एटीएम या यूपीआई का उपयोग करके पीएफ राशि को तुरंत ट्रांसफर या विड्रॉ कर सकेंगे। इससे कागजी कार्रवाई और क्लेम सेटलमेंट में होने वाली देरी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

कितना पैसा निकाल सकेंगे मेंबर्स? जानें लिमिट

नए नियमों के तहत, जब यह सुविधा लाइव हो जाएगी, तब योग्य मेंबर्स अपने कुल ईपीएफ (EPF) बैलेंस का 50% से 75% तक हिस्सा निकाल सकेंगे। लंबी अवधि की बचत और रिटायरमेंट सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुल कॉर्पस का कम से कम 25 फीसदी हिस्सा हमेशा खाते में लॉक रहेगा। इसे मेंबर्स नहीं निकाल पाएंगे, क्योंकि ईपीएफओ का मुख्य उद्देश्य भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़कर हुई ₹5 लाख

EPFO 3.0 के तहत सरकार ने एक और बड़ा तोहफा दिया है। ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया गया है। इस बदलाव की वजह से जैसे ही नया सिस्टम पूरी तरह काम करना शुरू करेगा, पात्र क्लेम का सेटलमेंट महज कुछ ही दिनों के भीतर ऑटोमैटिक हो जाएगा।

EPFO 3.0 के तहत सरकार ने एक और बड़ा तोहफा दिया है। ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹5 लाख कर दिया गया है

क्या-क्या अन्य बदलाव होंगे?

EPFO 3.0 का उद्देश्य केवल पैसे निकालने की सुविधा देना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को आसान बनाना है। इसके तहत ये प्रमुख डिजिटल बदलाव भी देखने को मिलेंगे:

  • उमंग ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा मिलेगी।
  • इंस्टेंट UAN एक्टिवेशन और पीएफ पासबुक तक तुरंत पहुंच आसान होगी।
  • आधार-लिंक्ड डिवाइसेज के माध्यम से प्रोफाइल में नाम, जन्मतिथि जैसी गलतियों को सुधारना बेहद सरल हो जाएगा।

कुल मिलाकर, EPFO 3.0 के आने से पीएफ खाताधारकों को रियल-टाइम डिजिटल एक्सेस मिलेगा, जिससे क्लेम में होने वाली गलतियां, धोखाधड़ी और देरी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। हालांकि, एटीएम और यूपीआई सुविधा का लाभ उठाने के लिए मेंबर्स को सरकार की आधिकारिक लॉन्चिंग का थोड़ा इंतजार करना होगा।