“समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम”, तनाव के बीच ट्रंप के सामने PM मोदी ने पुरजोर तरीके से उठाया ‘भारतीय नाविकों’ का मुद्दा

फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुक्रवार को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह मुलाकात भारत और अमेरिका के रिश्तों को एक नई दिशा देने के लिए बहुत बड़ी मानी जा रही है। दरअसल, पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच व्यापारिक पाबंदियों (टैरिफ) और हाल ही में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के पास अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद से रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट आ गई थी। ऐसे में इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं।

“हमारे रिश्तों में आई है नई ऊर्जा”- पीएम मोदी

पिछले 16 महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी पहली आमने-सामने की मुलाकात में PM मोदी ने बेहद सकारात्मक रुख दिखाया।

राष्ट्रपति ट्रंप को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई। पिछले साल हमारी मुलाकात वॉशिंगटन में हुई थी और तब से हमारे संबंधों को एक नई रफ्तार मिली है। एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह हमारे लिए बेहद खुशी की बात है कि हमारी दोनों टीमों ने मिलकर कुछ लक्ष्य तय किए हैं। हम उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”

मिडल ईस्ट में शांति के प्रयासों की तारीफ

पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व और उनके प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस इलाके में शांति का यह प्रयास लंबे समय तक टिका रहेगा। मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (समुद्री व्यापार का मुख्य रास्ता) का खुला रहना बेहद जरूरी है और समुद्र में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होनी चाहिए।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ देने की मांग

मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को ही साइन होने वाले समझौते (MoU) का जिक्र किया। उन्होंने बेहद मजबूती से भारतीय नाविकों (Seafarers) का मुद्दा उठाया, जो दुनिया के कुल नाविकों का लगभग 10% हैं। हाल ही में हुई तीन भारतीय नाविकों की मौत के जख्मों को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस नए समझौते में उनकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाए।

पीएम मोदी ने ट्रंप से साफ शब्दों में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, समुद्री व्यापार की दुनिया में लाखों भारतीय नाविक पूरी दुनिया के समुद्री रास्तों पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, जिसमें ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ भी शामिल है। वे वैश्विक प्रगति में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। उनकी सुरक्षा हमारे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है। आपने ईरान के साथ इस समझौते को करने के लिए बहुत बड़े प्रयास किए हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि जब इस समझौते को लागू किया जाएगा, तो नाविकों की सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता दी जाएगी।”

‘अगर भारत पर कभी हमला हुआ, तो अमेरिका हमेशा उसके साथ खड़ा रहेगा’ PM मोदी से मुलाकात में ट्रंप ने कह दी बहुत बड़ी बात

Viral Video: 450 रुपये लीटर दूध और 900 रुपये की चाय! कीमत सुन बिहारी दूधवाले का रिएक्शन हुआ वायरल

भारत में दूध रोजमर्रा की जरूरत का अहम हिस्सा है और देश के करोड़ों परिवारों तक ये हर सुबह आसानी से पहुंच जाता है। शहरों से लेकर गांवों तक दूध सप्लाई करने वाले लोग वर्षों से इस व्यवस्था को संभाल रहे हैं। भारत में दूध आसानी से सस्ते में मिल जाता है, लेकिन किसी जगह दूध की कीमत इतनी ज्यादा होती है कि उसे सुनकर दूध बेचने वाला भी हैरान रह जाए। हाल ही में बिहार के एक दूध बेचने वाले के बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लॉस एंजिल्स के एंटरप्रेन्योर प्रभाकर प्रसाद उर्फ “चायगाय” के साथ हुई इस बातचीत में दूध की कीमतों से शुरू हुई चर्चा कारोबार, अवसरों और जीवन के नजरिए तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

अमेरिका में 450 का मिलता है दूध

ये वीडियो अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के कंटेंट क्रिएटर प्रभाकर प्रसाद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था, जहां वह अक्सर अपने अनुभवों और लोगों के साथ हुई दिलचस्प मुलाकातों से जुड़ा कंटेंट पोस्ट करते हैं। क्लिप को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “बिहारी दूधवाले को भरोसा नहीं हुआ कि कैलिफोर्निया में एक लीटर दूध की कीमत 450 रुपये तक हो सकती है।” बातचीत के दौरान जब दूध विक्रेता इस कीमत को सुनकर हैरान था, तभी प्रभाकर प्रसाद ने उसे एक और दिलचस्प बात बताई। उन्होंने कहा कि वह इसी दूध से चाय बनाकर बेचते हैं और एक कप चाय की कीमत करीब 10 डॉलर यानी लगभग 900 रुपये होती है। ये सुनते ही दूध विक्रेता की हैरानी और बढ़ गई और वह कुछ पल के लिए चुप रह गया।

तुरंत निकाला समस्या का हल

महंगे दूध की कीमत सुनकर दूध विक्रेता सिर्फ हैरान नहीं हुआ, बल्कि उसने इसे एक कारोबारी मौके के तौर पर देखा। वह ये जानने लगा कि ऐसे बाजार में कमाई और नए बिजनेस की क्या संभावनाएं हो सकती हैं। उसकी यही सोच लोगों को काफी पसंद आई। बातचीत के दौरान दूध विक्रेता ने तुरंत एक प्रैक्टिकल सॉल्यूशन भी दे डाला। उसने कहा कि दूध को सफर के दौरान ताजा रखने के लिए रेफ्रिजेरेटेड कंडीशन में ले जाया जा सकता है। उसकी ये सोच और समस्या का हल निकालने वाला नजरिया लोगों को काफी पसंद आया। वीडियो देखने वाले कई लोगों ने उसकी समझदारी की तारीफ की और कहा कि उसने हैरानी जताने के बजाय तुरंत समाधान और नए अवसरों के बारे में सोचना शुरू कर दिया।

लोगों ने किया कमेंट

वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपने रिएक्शन देनी शुरू कर दीं। एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, “उनकी आंखों में सीखने और जानने की उत्सुकता साफ दिखाई दे रही थी।” वहीं एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “वह बहुत विनम्र इंसान लगते हैं।” कई लोगों ने हंसने और दिल वाले इमोजी के साथ अपने रिएक्शन दी, जबकि बड़ी संख्या में यूजर्स ने दूध विक्रेता की व्यावसायिक सोच और मौके को पहचानने की क्षमता की जमकर सराहना की।

Raksha Bandhan 2026 Lunar Eclipse: साल का अंतिम चंद्र ग्रहण सावन की पूर्णिमा को होगा, क्या इससे बदल जाएगा रक्षाबंधन का समय?

Raksha Bandhan 2026 Lunar Eclipse: सावन की पूर्णिमा को हिंदू धर्म में बहुत खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र के साथ ही सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। भाई अपनी बहनों को आशीर्वाद देते हैं और तोहफे देकर विदा करते हैं। लेकिन इस साल सावन मास की पूर्णिमा पर एक अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है।

साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण सावन की पूर्णिमा तिथि पर लग रहा है। इस वजह से लोगों के मन में भ्रम हो रहा है कि चंद्र ग्रहण कब से कब तक रहेगा? इस दिन रक्षा बंधन का क्या शुभ मुहूर्त होगा? क्या चंद्र ग्रहण के सूतक काल की वजह से रक्षा बंधन का मुहूर्त प्रभावित होगा और चंद्र ग्रहण का सूतक काल कब से लगेगा? यह ग्रहण भारत में नजर आएगा या नहीं? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए आइए यहां देखें

28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व

पूर्णिमा तिथि की शुरुआत – 27 अगस्त, सुबह 9 बजकर 8 मिनट से।

पूर्णिमा तिथि का समापन – 28 अगस्त, सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक।

उदियातिथि के अनुसार, सावन पूर्णिमा यानी रक्षा बंधन का पर्व 28 अगस्त दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 2026 – सुबह 6 बजकर 10 मिनट से लेकर 9 बजकर 48 मिनट तक।

राखी बांधने की कुल अवधि 3 घंटे 37 मिनट तक की रहने वाली है, जो अत्यंत शुभ है।

इस समय लगेगा चंद्र ग्रहण

28 अगस्त 2026 का यह ग्रहण आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की छाया से प्रभावित होगा। सावन पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार सुबह 6 बजकर 53 मिनट से होगी और दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर समापन होगा। ग्रहण की कुल अवधि लगभग 5 घंटे 39 मिनट है। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग लाल या तांबे जैसा नजर आएगा, इसलिए इसे ब्लड मून भी कहा जा रहा है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए चंद्रमा ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। बता दें कि चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में स्थित चंद्रमा और शतभिषा नक्षत्र में घटित होगा। शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु माना जाता है, इसलिए ग्रहण का प्रभाव मानसिक स्थिति, सामाजिक संबंधों और निर्णय क्षमता पर विशेष रूप से देखने को मिल सकता है।

राखी के त्योहार पर नहीं होगा ग्रहण का साया

साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। जब सूतक काल मान्य नहीं होगा तो रक्षाबंधन के पर्व पर ग्रहण का कोई प्रभाव भी नहीं पड़ेगा। साथ ही, राखी बांधने का समय में भी कोई बदलाव नहीं होगा। बहनें शुभ मुहूर्त देखकर भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं और धूमधाम से यह पर्व मना सकती हैं।

यहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

सावन पूर्णिमा के दिन लगने वाला चंद्रम ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, अटलांटिक महासागर और पूर्वी प्रशांत महासागर के हिस्सों में दिखाई देगा।

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‘अगर भारत पर कभी हमला हुआ, तो अमेरिका हमेशा उसके साथ खड़ा रहेगा’ PM मोदी से मुलाकात में ट्रंप ने कह दी बहुत बड़ी बात

फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) के इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बेहद खास और ऐतिहासिक बातचीत हुई। इस मुलाकात के दौरान जहां पीएम मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति डील का स्वागत किया, वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी पर जमकर तारीफों के पुल बांधे। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अगर भारत पर कोई हमला होता है, तो अमेरिका हमेशा भारत के साथ खड़ा रहेगा।

पीएम मोदी की बड़ी चिंता: “हमारे नाविकों की सुरक्षा सबसे जरूरी”

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते (MoU) पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में शांति के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे काबिले तारीफ हैं। इससे दुनिया में शांति की एक नई किरण दिखाई दे रही है। हालांकि, पीएम मोदी ने इस डील के बीच भारत की सबसे बड़ी चिंता को दुनिया के सामने रखा।

पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा: “हम हमेशा से कहते आए हैं कि समुद्री रास्तों से व्यापार बिना किसी रुकावट के होना चाहिए। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का खुला रहना पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। दुनिया के अलग-अलग समुद्री जहाजों पर हमारे लाखों भारतीय नाविक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मेरा मानना है कि उनकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। मुझे पूरा भरोसा है कि अमेरिका-ईरान के इस समझौते में नाविकों की सुरक्षा को सबसे ऊपर (सर्वोच्च प्राथमिकता) रखा जाएगा।”

ट्रंप ने की तारीफों की बौछार: “मोदी फरिश्ते जैसे सुंदर हैं, लेकिन…”

मुलाकात के बाद डोनाल्ड ट्रंप अपने पुराने और चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। उन्होंने पीएम मोदी को अपना बहुत पुराना और पक्का दोस्त बताया। ट्रंप ने मोदी की तारीफ करते हुए कुछ बेहद दिलचस्प बातें कहीं।

ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा, “मोदी किसी एंजल (फरिश्ते) की तरह बेहद खूबसूरत दिखते हैं। वह बहुत अच्छे लगते हैं।”

इसके साथ ही ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा, “दिखने में भले ही वह शांत और सुंदर हों, लेकिन व्यापार के मामलों में वह बहुत सख्त कारोबारी (Tough Trader) और मुश्किल नेगोशिएटर हैं। वे भारत और अमेरिका दोनों से बहुत प्यार करते हैं।”

ट्रंप ने एक बहुत बड़ा बयान देते हुए कहा, “अगर भारत पर कोई हमला करता है और वहां के लीडर मोदी हुए… तो हम (अमेरिका) तुरंत भारत की मदद के लिए वहां मौजूद होंगे। मेरे मन में मोदी के लिए बहुत सम्मान है।”

ट्रंप के मुताबिक, जब तक नरेंद्र मोदी जैसे नेता कमान संभाल रहे हैं, तब तक दुनिया और पश्चिम एशिया की राजनीति में भारत का बहुत बड़ा रोल रहने वाला है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे भविष्य में भारत दौरे पर जरूर जाएंगे।

व्यापार और दोस्ती पर क्या बोले ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हुई इस मुलाकात को बेहद सकारात्मक और उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि G7 के बाद अब आगे G2 और G20 बैठकों का दौर शुरू होगा।

ट्रंप ने बातचीत के मुख्य बिंदु साझा करते हुए कहा, अमेरिका और भारत के बीच कई बड़े व्यापार समझौतों (Trade Deals) पर तेजी से काम चल रहा है।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था इस समय शानदार काम कर रही है। वहां नई फैक्ट्रियां लग रही हैं। उन्होंने इस बात की तारीफ की कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत भी अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश (Investment) कर रहा है।

इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वैश्विक मंच पर भारत और अमेरिका की दोस्ती कितनी मजबूत और गहरी हो चुकी है।

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फॉक्सवैगन ग्रुप की कंपनी के साथ HCLTech की बड़ी डील, कारों के लिए बनाएगी AI सॉफ्टवेयर

आईटी कंपनी HCLTech ने जर्मनी की ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर कंपनी e.solutions के साथ कई साल की रणनीतिक साझेदारी की है। e.solutions, फॉक्सवैगन ग्रुप (Volkswagen Group) का हिस्सा है। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां कारों में इस्तेमाल होने वाले एंटरटेनमेंट, नेविगेशन, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल फीचर्स के लिए नई सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी डेवलप करेंगी।

AI बेस्ड कार टेक्नोलॉजी पर फोकस

इस समझौते के तहत HCLTech, Android Automotive प्लेटफॉर्म पर आधारित AI-इनेबल्ड सिस्टम डेवलप करने में मदद करेगी।

इन तकनीकों का मकसद कारों में बेहतर डिजिटल अनुभव देना है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में तेजी से ऐसी गाड़ियों की मांग बढ़ रही है, जिनमें स्मार्ट कनेक्टिविटी, इंटरनेट आधारित सेवाएं, डिजिटल कंट्रोल और बेहतर एंटरटेनमेंट सिस्टम मौजूद हों।

HCLTech क्या काम करेगी?

HCLTech इस साझेदारी में कारों के डिजिटल स्क्रीन से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलप करेगी। कंपनी इन सॉफ्टवेयर को अलग-अलग सिस्टम के साथ जोड़ने का काम भी करेगी। इसके अलावा उनकी टेस्टिंग और वैलिडेशन की जिम्मेदारी भी HCLTech संभालेगी।

यह तकनीक कई तरह के व्हीकल मॉडल में इस्तेमाल की जाएगी। इसका मकसद अलग-अलग हार्डवेयर प्लेटफॉर्म और वैश्विक बाजारों में एक जैसा डिजिटल अनुभव देना है।

e.solutions क्या करती है?

e.solutions कारों में इस्तेमाल होने वाले एंटरटेनमेंट, नेविगेशन और कनेक्टिविटी सॉफ्टवेयर बनाती है। कंपनी ऐसे सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन तैयार करती है, जिनकी मदद से कारों में म्यूजिक, मैप्स, कॉलिंग, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल फीचर्स काम करते हैं।

इसके अलावा कंपनी अपने वैश्विक पार्टनर नेटवर्क की तकनीकों को भी इन सिस्टम्स के साथ जोड़ती है, ताकि ग्राहकों को आधुनिक और बेहतर डिजिटल सुविधाएं मिल सकें।

HCLTech ने क्या कहा?

HCLTech के मुताबिक, AI आधारित इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर में उसके अनुभव की मदद से e.solutions नई पीढ़ी के डिजिटल कार प्लेटफॉर्म तेजी से डेवलप कर सकेगी।

कंपनी ने कहा कि यह साझेदारी वैश्विक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में उसकी मजबूत मौजूदगी को और बढ़ाएगी। साथ ही यह भी दिखाती है कि HCLTech अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े और जटिल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता रखती है।

HCL Technologies के शेयर

HCL Technologies का शेयर BSE पर 7.10 रुपये यानी 0.61% की बढ़त के साथ 1,166.45 रुपये पर बंद हुआ।

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IND vs AFG: टीम इंड‍िया ने लखनऊ में रचा इत‍िहास, 400+ रन जड़कर बनाया ये महार‍िकॉर्ड

IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज खेला जा रहा है। लखनऊ में खेले जा रहे दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। कप्तान शुभमन गिल और विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने शानदार शतकीय पारियां खेलते हुए टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों खिलाड़ियों ने तेजी से रन बटोरते हुए बड़े-बड़े शॉट लगाए और अफगानिस्तान के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी दमदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 400 से ज्यादा रन बनाकर विशाल स्कोर खड़ा किया। वहीं 400 रन बनाने के साथ भारत ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए है।

400 से ज्यादा रन बनाने का आकड़ा

भारतीय टीम ने वनडे क्रिकेट में एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का दम दिखाते हुए 400 से अधिक रन का स्कोर खड़ा किया। इस उपलब्धि के साथ भारत ने एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 400 रन का आंकड़ा पार करने के मामले में साउथ अफ्रीका की बराबरी कर ली है। दोनों टीमों ने अब तक आठ-आठ बार ये कारनामा किया है। इस सूची में इंग्लैंड तीसरे स्थान पर है, जिसने सात मुकाबलों में 400 से ज्यादा रन बनाए हैं।

टीम400+ ODI टोटल वाली टीमों की संख्या
इंडिया8
साउथ अफ्रीका8
इंग्लैंड7
ऑस्ट्रेलिया3
न्यूजीलैंड2
श्रीलंका2
जिम्बाब्वे1

सबसे बड़ा स्कोर इस टीम ने बनाया

वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े टीम स्कोर का रिकॉर्ड अब भी इंग्लैंड के नाम दर्ज है। इंग्लैंड ने साल 2022 में नीदरलैंड्स के खिलाफ 498 रन बनाकर इस फॉर्मेट का सर्वोच्च स्कोर खड़ा किया था। दूसरी ओर, अफगानिस्तान की टीम के लिए ये दूसरी बार रहा जब उसके खिलाफ किसी टीम ने 400 से ज्यादा रन बनाए। इससे पहले 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान के खिलाफ 417 रन का विशाल स्कोर बनाया था।

शुभमन-ईशान का शतक

भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और शुरुआती झटका जल्दी लग गया। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने जिम्मेदारी संभालते हुए पारी को मजबूती दी। दोनों बल्लेबाजों ने संभलकर खेलना शुरू किया और फिर तेजी से रन बटोरते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। रोहित शर्मा 48 रन बनाकर आउट हुए। वहीं शुभमन गिल ने 110 गेंदों में 154 रन की शानदार पारी खेली। वहीं ईशान किशन ने भी तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 79 गेंदों पर 125 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की बेहतरीन पारियों की बदौलत भारत ने एकाना क्रिकेट स्टेडियम में 50 ओवर में 402 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

रोहित ने दर्ज किया ये रिकॉर्ड

रोहित शर्मा ने अपनी 48 रनों की शानदार पारी के दौरान एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में 14 हजार रन पूरे करते हुए भारतीय क्रिकेट के चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में जगह बना ली। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह भारत के केवल पांचवें खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले यह उपलब्धि सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और विराट कोहली हासिल कर चुके हैं। रोहित का लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन उनकी शानदार बल्लेबाजी और निरंतरता को दर्शाता है।

Muharram Holiday: मुहर्रम की छुट्टी को लेकर संशय, बैंकों में 25 जून को रहेगी छु्ट्टी या 26 जून को?

मुहर्रम की छुट्टी 26 जून यानी शुक्रवार को है। इसके बाद शनिवार और रविवार को केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की छुट्टी होगी। केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की छुट्टियों की लिस्ट में 26 जून को मुहर्रम की छुट्टी दिखाई गई है। इसका मतलब है कि जून के आखिर में एंप्लॉयीज के साथ ही स्कूल, कॉलेज के स्टूडेट्स और प्रोफेशनल लोगों को लंबी छुट्टी मिलने वाली है। तीन दिन की इस छुट्टी के इस्तेमाल का प्लान अभी से लोग बनाने लगे हैं।

बैंकों में जून के आखिर में 3 दिन की छुट्टी

बैंक एंप्लॉयीज को भी जून के आखिर में लंबी छुट्टी मिलने जा रही है। 26 जून को मुहर्रम की छुट्टी होगी। फिर 27 जून महीने का चौथा शनिवार होगा। हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी होती है। 28 जून को रविवार है। इस तरह बैंकों के एंप्लॉयीज को भी इस महीने के आखिर में लगातार तीन दिनों की छुट्टी मिलेगी। लगातार तीन दिनों की छुट्टी का ऐसा मौका बैंक और दूसरे एंप्लॉयीज को कम मिलता है।

ज्यादातर राज्यों में 26 जून को छुट्टी घोषित

हालांकि, अभी इस बात को लेकर संशय की स्थिति है कि मुहर्रम की छुट्टी 25 जून को होगी या 26 जून को होगी। अलग-अलग राज्यों में मुहर्रम की छुट्टी की तारीख अलग-अलग है। इंडिया में लागू इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, मुहर्रम का 10वां दिन असूरा के रूप में मनाया जाता है। इसके इस साल 26 जून को पड़ने की संभावना है। कई राज्यों ने इस हिसाब से छुट्टी के दिन में बदलाव किए हैं।

कुछ राज्यों ने छुट्टी की तारीख बदली

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने शुरू में मुहर्रम की छुट्टी 25 जून को नोटिफाय किया था। लेकिन, बाद में उन्होंने इसमें बदलाव किए हैं। इसे बदलकर 26 जून कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में पहले से ही मुहर्रम की छुट्टी 26 जून को घोषित है। इसके चलते स्कूल और कॉलेज में भी 26 जून को छुट्टी रहेगी। इससे स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स को भी इस महीने के अंत में तीन दिनों की छुट्टी मिलेगी।

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एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में भी तीन दिनों की छुट्टी

ऐसे स्कूल-कॉलेज और शिक्षण संस्थान जिनमें पांच दिनों का हफ्ता है, उनमें तीन दिन की छुट्टी इस महीने के अंत में होगी। इसका मतलब है कि तीन दिन की छुट्टी के बाद दोबारा 29 जून यानी सोमवार को क्लास शुरू होंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में शनिवार को छुट्टी नहीं रहती है।

“दिखने में शांत, लेकिन बातचीत में ‘जबरदस्त खिलाड़ी’ हैं PM मोदी”… G7 समिट में ट्रंप ने की तारीफ, बोले- मैं उनके जैसा नहीं हूं

फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी एक बार फिर चर्चाओं में आ गई है। समिट से अलग इन दोनों नेताओं के द्विपक्षीय बातचीत हुई, लेकिन उससे पहले ही ट्रंप ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने पीएम मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही मजबूत व्यक्तिगत दोस्ती को फिर से उजागर किया।

ट्रंप ने हाल के महीनों में कई बार मोदी को लेकर सकारात्मक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने पीएम मोदी को “शांत”, “कूल” और यहां तक कि “टोटल किलर” तक बताया था। ट्रंप के अनुसार, इसका मतलब यह है कि मोदी भले ही सार्वजनिक तौर पर शांत और संयमित दिखाई देते हों, लेकिन बातचीत और फैसले लेने के मामले में बेहद मजबूत और प्रभावशाली नेता हैं।

16 महीने बाद आमने-सामने मिले मोदी और ट्रंप

फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में हुई ये मुलाकात पिछले 16 महीनों में दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक थी। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया और बाद में व्यापार, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत जारी है। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा भी चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।

ट्रंप बार-बार करते हैं मोदी का जिक्र

डोनाल्ड ट्रंप अक्सर दुनिया के नेताओं के बारे में बात करते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हैं। उन्होंने कई बार ह्यूस्टन में आयोजित ऐतिहासिक “Howdy Modi” कार्यक्रम का जिक्र किया है और मोदी को ऐसे नेता के रूप में पेश किया है जो कठिन फैसले लेने से नहीं हिचकते।

“टोटल किलर” वाला ट्रंप का बयान भी काफी चर्चा में रहा था। ट्रंप का कहना था कि मोदी की शांत छवि के पीछे एक बेहद मजबूत राजनीतिक रणनीतिकार और सख्त वार्ताकार मौजूद है।

मोदी के लंबे कार्यकाल की भी की तारीफ

कुछ समय पहले ट्रंप ने पीएम मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल होने पर बधाई दी थी। उन्होंने मोदी को “मजबूत, स्वस्थ और बुद्धिमान व्यक्ति” बताते हुए कहा था कि आने वाले वर्षों में भी उन्हें बड़ी सफलता मिलेगी।

किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच संभावित व्यापार समझौते, ऊर्जा सहयोग, वीजा से जुड़े मामलों और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई। नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच व्यापार वार्ता जारी है और दोनों पक्ष जल्द ही एक अंतरिम समझौते की उम्मीद जता रहे हैं।

G7 शिखर सम्मेलन के बीच मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली बैठकों में शामिल हो गई है। यह न सिर्फ भारत-अमेरिका संबंधों की अहमियत दिखाती है, बल्कि दोनों नेताओं के बीच की व्यक्तिगत केमिस्ट्री को भी एक बार फिर सामने लाती है।

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Gold Price Today: ₹4800 सस्ता हुआ सोना, ₹5300 टूटी चांदी; जानिए क्यों आई बड़ी गिरावट

Gold Price Today: घरेलू बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मजबूत रुपये और वैश्विक बाजार में कमजोरी के बीच कारोबारियों ने कीमती धातुओं से दूरी बनाई। इससे सोना और चांदी दोनों सस्ते हो गए।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 4,800 रुपये टूटकर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गया। एक दिन पहले सोना 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी में भी बड़ी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट आई। चांदी 5,300 रुपये टूटकर 2,55,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गई।

मंगलवार को चांदी 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?

एनालिस्टों के मुताबिक, लगातार दूसरे दिन घरेलू मांग कमजोर रही। वहीं शेयर बाजार में मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान दूसरी एसेट की ओर बढ़ा है।

इसके अलावा निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले समेत कई अहम आर्थिक घटनाओं से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी वजह से सोने में खरीदारी कमजोर रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ 4,327.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं स्पॉट सिल्वर 0.18% फिसलकर 69.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर टिकी हुई है। इस वजह से फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर

बाजार की नजर शुक्रवार को होने वाली अमेरिका और ईरान की प्रस्तावित बैठक पर भी है। एनालिस्टों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत में प्रगति होती है तो भू-राजनीतिक तनाव कम हो सकता है। इससे सोने और चांदी जैसी सुरक्षित माने वाले निवेश की मांग घट सकती है।

वहीं अगर बातचीत में कोई बाधा आती है या तनाव बढ़ता है, तो निवेशक फिर से सोने और चांदी की ओर रुख कर सकते हैं।

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