Market Insight : बाजार अब नई तेजी के लिए तैयार, PSU बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट और NBFCs अभी भी सबसे मजबूत सेक्टर

Market Insight : बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि पिछले सोमवार के निचले स्तर से हम निफ्टी में 1000 अंक ऊपर हैं। बैंक निफ्टी में करीब 3500-4000 अंक की रैली आ चुकी है। बैंक निफ्टी पर 52,800 से हमारा लॉन्ग नजरिया रहा है। पिछले सोमवार भी पैनिक ना करने की सलाह थी। अब यहां से 2 बड़े सवाल हैं। पहला– अगर लॉन्ग पोजिशन है तो क्या करें? दूसरा– अगर मैंने रैली मिस कर दी तो क्या करूं?

पहले सवाल का जवाब आसान है, अपने SL को ट्रेल कर लीजिए। अगर आप शुरू से लॉन्ग हैं तो पिछले सोमवार के निचले स्तर का ही SL रखें। लेकिन अगर आप स्विंग लॉन्ग में हैं तो 23,950 और 57,200 का SL रखें। बाजार में शायद एक नई और बड़ी वाली तेजी की शुरुआत हुई है। बाजार ने बहुत कुछ झेला और काफी मजबूती दिखाई है। सिर्फ मानसून का एक निगेटिव फैक्टर बचा है,शायद उसे भी हम पचा लें।

US-ईरान डील साइन

US और ईरान ने अलग-अलग जगह से डील पर साइन कर दिए हैं। डॉनल्ड ट्रंप ने साइन करके कहा, ये आसान नहीं था। US अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि MoU अब प्रभावी हो गया है। मीडिया के पास मौजूद MoU ड्राफ्ट के मुताबिक होर्मूज ‘तेजी से’फिर से खुलेगा। ईरान के न्यूक्लियर मुद्दे और आगे के फाइनेंशियल फायदे की आगे बातचीत होगी। अभी ये साफ नहीं है कि होर्मूज पूरी तरह खुल गया है या नहीं। JD वेंस और ईरान संसद स्पीकर गालिबाफ शुक्रवार को औपचारिक रूप से डील पर साइन करेंगे।

फेड का फैसला

US फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। US फेड ने दर 3.50%-3.75% की रेंज में बरकरार रखी है। फेड ने लगातार चौथी बार दरों को स्थिर रखा है। केविन वार्श की पहली फेड बैठक मीटिंग में साफ हॉकिश बदलाव दिखा है। फेड ने महंगाई का अनुमान बढ़ाया और ईजिंग बॉयस को हटा दिया है। फेड का डॉट प्लॉट सीमित हुआ है। अब 9 सदस्यों ने 2026 में रेट हाइक का अनुमान लगाया है।

बाजार ने दिया जोरदार रिएक्शन

2 साल की US बॉन्ड यील्ड्स 13 Bps उछली है। मनी मार्केट अब अक्टूबर तक रेट हाइक को पूरी तरह से पचा चुके हैं। फेड के बाद US डॉलर में उछाल आया, यह 100.40 पर पहुंच गया। US बाजारों में गिरावट आई,नैस्डेक 1.3% और S&P 1.2% गिरा। मगर US फ्यूचर्स में वापस रैली हुई है। सोने-चांदी में दबाव दिखा है। सोना $4250 और सिल्वर $68 के नीचे फिसली है। कच्चे तेल में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। ब्रेंट $78 पर है।

आज के संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। बाजार में मोमेंटम काफी मजबूत है। कल हम दिन के हाई पर बंद हुए और बैंक निफ्टी ने लीड किया।

बाजार: क्या ये नई तेजी की शुरुआत है?

निफ्टी ने 26,300 पर डबल टॉप बनाया था। सितंबर 2024 और जनवरी 2026 में हम करीब 26,300 तक गए थे। मगर मजे की बात ये कि दोनों बार करेक्शन में बॉटम एक ही रहा। मार्च 2025 में भी और मार्च 2026 में भी बॉटम बना। यहां से वापस 26,300 का रास्ता खुला है। बाजार ने इतनी बड़ी FII बिकवाली के बावजूद अपने लो नहीं तोड़े हैं। अब यहां से बाजार को अर्निंग्स में फेवरेबल बेस इफेक्ट मिलेगा। हो सकता है Q1 में कुछ दिक्कत आए क्योंकि ब्रेंट $100 के ऊपर रहा। मगर बाजार अब इस फैक्टर को पचा चुका है।

Q2 से नतीजों में तेज रिकवरी की उम्मीद रहेगी, क्योंकि बेस इफेक्ट अब हमारे फेवर में काम करेगा। FIIs की बिकवाली भी काफी हद तक हो चुकी है। अगर बाजार में मोमेंटम आया तो खरीदारी भी आ सकती है। ऐसा नहीं है कि इन 2 सालों में बाजार पूरा निगेटिव रहा। इन 2 सालों में भी चुनिंदा शेयरों में 50-200% रिटर्न मिले हैं। यहां से शायद वापस एक ब्रॉड बेस्ड रैली की भी शुरुआत हो सकती है।

निफ्टी में जल्द हासिल हो सकते हैं 24250-24400 के टारगेट, इस शेयर में दिख रहा दमदार कमाई का मौका

बाजार: क्या हो रणनीति?

बाजार में अपनी रणनीति को अब थोड़ा बदलना होगा। यह बाजार डे ट्रेडर से ज्यादा पोजिशनल ट्रेडर को रिवॉर्ड कर रहा है। हर घंटे के हर 100 अंक के मूव पकड़ने का लालच मत रखिए। बड़ा ट्रेंड पकड़िए और उसके साथ बने रहिए। पूरे मार्च में हमने निगेटिव नजरिया रखा और प्ले भी किया। पूरे अप्रैल में पॉजिटिव नजरिया लिया और स्टॉक स्पेसिफिक नजरिया रखा। मई में लगातार दोनों तरफ के मौके ढूंढे गए और जून में लगातार सिर्फ पॉजिटिव नजरिया रहा है। अपने फायदे वाले सौदों को पकड़ के रखिए और SL के साथ कैरी कीजिए। हर 5% के मूव पर अपने ट्रेलिंग SL को ऊपर ले आएं।

PSU बैंक,ऑटो,रियल एस्टेट,NBFCs अभी भी सबसे मजबूत हैं। इसके अलावा IT में भी अब डबल बॉटम के संकेत मिले हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप में एक अलग ही बुल मार्केट चल रही है। अभी भी काफी अच्छे शेयर 200 DMA के आसपास मिल जाएंगे। पोर्टफोलियो में से अपने बड़े अंडरपरफॉर्मर्स को अब हटाइए।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट जोन 23,950-24,000 पर और बड़ा सपोर्ट जोन 23,800-23,850 पर है। मौजूदा लॉन्ग सौदों के लिए 23,950 का क्लोजिंग और 23,850 का इंट्राडे SL रखें। नए लॉन्ग सौदों के लिए खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,950-24,050 है। SL 23,850 पर रखें। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,100-24,150 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24,200-24,250 पर है। अगर निफ्टी 24,250 पार हो तो SL ट्रेल करके 24,100 पर लाएं। फिलहाल निफ्टी में कोई बिकवाली का ट्रेड नहीं है।

बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

बैंक निफ्टी में हमारा एकतरफा पॉजिटिव नजरिया रहा है। 52,800 से सिर्फ लॉन्ग रहने की सलाह रही है और हर रैली पर स्टॉप लॉस को ऊपर लाया गया है। कल तक ट्रेलिंग स्टॉप लॉस 56,800 पर था। अब क्लोजिंग बेसिस पर 57,200 और इंट्राडे में 57,000 का SL रखें। 57,200-57,400 तक की कोई भी गिरावट में खरीदारी करें,SL 57,000 पर रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

8th Pay Commission: चपरासी से लेकर टीचर तक… सबकी चमकेगी किस्मत! जानिए 8वें वेतन आयोग में किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी?

8th Pay Commission Expected Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी आ रही है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर सुगबुगाहट तेज है। नए वेतन आयोग के लागू होने से चपरासी से लेकर सरकारी स्कूल के टीचरों की बेसिक सैलरी और भत्तों में बंपर उछाल आने की उम्मीद है।

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद आपकी इन-हैंड सैलरी कितनी बढ़कर आएगी, तो यहां समझिए इसका पूरा गणित और संभावित सैलरी कैलकुलेटर।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और कितनी बढ़ेगी बेसिक सैलरी?

वेतन आयोग में सैलरी बढ़ाने का सबसे मुख्य फॉर्मूला फिटमेंट फैक्टर होता है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 गुना रखा गया था। एक्सपर्ट्स और कर्मचारी यूनियनों की मांगों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से लेकर 2.86 गुना या उससे भी अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर सरकार न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर को भी मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 20% से 30% तक की सीधी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

चपरासी (Level 1) की सैलरी: ₹18,000 से बढ़कर कितनी होगी?

सरकारी विभागों में एंट्री-लेवल या चपरासी जैसे पद पे मैट्रिक्स लेवल 1 में आते हैं।

वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹18000

संभावित फिटमेंट फैक्टर: अगर 2.28 से 2.57 का फिटमेंट फैक्टर बैठता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹41000 से ₹46260 के बीच पहुंच सकती है।

कुल इन-हैंड सैलरी: बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ ही इस पर मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी बढ़ जाएगा, जिससे ग्रॉस सैलरी में बड़ा इजाफा होगा।

सरकारी स्कूल के टीचर (Level 6 और Level 7): कितनी बढ़ेगी सैलरी?

सरकारी स्कूलों में प्राइमरी टीचर्स (PRT) और ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (TGT) की सैलरी लेवल 6 और लेवल 7 के तहत तय होती है। उनके लिए यह हाइक काफी बड़ा होने वाला है:

1. प्राइमरी टीचर (PRT – Level 6)

वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹35400

संभावित 8th CPC बेसिक सैलरी: फिटमेंट फैक्टर (2.57x) के हिसाब से यह बढ़कर करीब ₹90978 हो सकती है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86x रहा तो यह ₹101244 तक जा सकती है।

2. मिडिल/हाई स्कूल टीचर (TGT – Level 7)

वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹44900

संभावित 8th CPC बेसिक सैलरी: 2.57 गुना के अनुमान से यह करीब ₹115393 और 2.86 गुना होने पर ₹128414 तक पहुंच सकती है।

8th CPC में किस लेवल पर कितनी होगी बेसिक सैलरी?

नीचे दिए गए अनुमानित कैलकुलेटर (2.57x के आधार पर) से समझिए अलग-अलग पदों की बेसिक सैलरी का अंतर:

8th CPC में किस लेवल पर कितनी होगी बेसिक सैलरी?

DA और HRA का क्या होगा?

जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तब मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाता है और नए सिरे से DA की गणना 0% से शुरू होती है। इसके अलावा, शहरों की कैटेगरी (X, Y, Z) के हिसाब से मिलने वाला हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी नई बेसिक सैलरी के आधार पर दोबारा कैलकुलेट किया जाएगा, जिससे कुल सैलरी में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

कब तक लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?

आमतौर पर हर 10 साल में सरकार नया वेतन आयोग लाती है। 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था। नियमों के मुताबिक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होनी हैं। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी मिलने में कुछ महीनों का समय लग सकता है, लेकिन कर्मचारियों को इसका लाभ एरियर के साथ 1 जनवरी 2026 से ही मिलेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

West Bengal News Update: ‘ये राम राज्य है…’; हाथों में हथकड़ी और कमर में रस्सी… पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद TMC के बाहुबलियों का सरेआम निकाला जुलूस

West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

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West Bengal News Update: ‘ये राम राज्य है…’; हाथों में हथकड़ी और कमर में रस्सी… पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद TMC के बाहुबलियों का सरेआम निकाला जुलूस

West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

ये भी पढ़ें- US-Iran Peace Deal: होर्मुज और 300 अरब डॉलर की फंडिंग से लेकर और परमाणु हथियार तक…अमेरिका-ईरान MoU के 14 पॉइंट्स में क्या-क्या है?

West Bengal News Update: ‘ये राम राज्य है…’; हाथों में हथकड़ी और कमर में रस्सी… पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद TMC के बाहुबलियों का सरेआम निकाला जुलूस

West Bengal News Update: तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा थाने पर धावा बोलने का प्रयास करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 9 दिन पहले जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें उनके गढ़ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तीन बार घुमाया गया। इसके जवाब में, खान के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किए और TMC नेता को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश भी की।

जहांगीर खान अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्हें गिरफ्तारी के बाद घुमाया गया है। पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक माहौल के बीच, कई TMC नेताओं और उनके साथियों को पुलिस या पैरामिलिट्री फ़ोर्स ने उनके गढ़ों में सबके सामने घुमाया है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, इनमें से कुछ TMC नेताओं को सिर्फ़ अंडरवियर पहने, हथकड़ी और कमर पर बंधी रस्सी के साथ देखा गया। कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को उकड़ू बैठकर कान पकड़े और सबके सामने माफी मांगते हुए घुमाया जा रहा था।

‘जानबूझकर बदनाम या अपमानित न करे’

इस तरह सबके सामने घुमाए जाने की एक घटना के बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस घटना पर नाराज़गी जताई। अदालत ने राज्य सरकार से उन हालात और कानूनी प्रावधानों के बारे में रिपोर्ट मांगी जिनके तहत ऐसा हुआ। कोर्ट ने माना कि कानून के मुताबिक लोगों को गिरफ़्तार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम या सबके सामने अपमानित नहीं किया जा सकता।

अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह से जांच से जुड़ा था। इसका मकसद अपराध वाली जगह पर घटना को फिर से दोहराकर देखना (reconstruction of crime scenes) था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर IPS अधिकारी ने कहा कि पुलिस बहुत ही नाजुक स्थिति में काम कर रही थी।

TMC ने ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन’ का आरोप लगाया, BJP ने इसे ‘राम राज्य’ बताया

इस बीच, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं को सबके सामने घुमाने के कथित मामले को लेकर पुलिस के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह आर्टिकल 21 का पूरी तरह से उल्लंघन और मानवाधिकारों का हनन है।”

वहीं, हावड़ा उत्तर से बीजेपी विधायक उमेश राय ने एक जनसभा में टीएमसी के आकाश सिंह की गिरफ्तारी पर कहा, “एक समय था जब वह 100 बाइकों के काफिले के साथ सड़कों पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था। आज उसी आदमी को कमर में रस्सी बांधकर घुमाया जा रहा है। असली राम राज्य ऐसा ही होता है।”

किन-किन TMC नेताओं को घुमाया गया?

आकाश सिंह

बीजेपी सरकार के सत्ता संभालने के चार दिन बाद 13 मई को हावड़ा की गोलाबाड़ी पुलिस ने आकाश सिंह को गिरफ्तार किया। फिर उसका सिर मुंडवाकर सिर्फ बनियान और अंडरवियर पहनाकर इलाके में घुमाया। स्थानीय स्तर पर ‘नॉर्थ हावड़ा के डॉन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले आकाश पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर गोली चलाने और एक सब-इंस्पेक्टर को घायल करने, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान बम हमले करने, जबरन वसूली और हत्या की कोशिश जैसे आरोप शामिल हैं।

अभिजीत रॉय

उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के रहने वाले स्थानीय TMC युवा नेता रॉय को 28 मई को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद उन्हें कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया। उस समय वहां भारी भीड़ जमा थी और लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रॉय पर बिजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में आरोप है।

साथ ही, उन पर म्युनिसिपल सफाई कर्मचारियों के लिए बनी प्लास्टिक की बाल्टियों समेत अन्य सामानों का गैर-कानूनी तरीके से स्टॉक करने और उन्हें दोबारा बेचने का भी आरोप है। पुलिस ने बताया कि BJP के सत्ता में आने के बाद रॉय छिप गए थे। आखिरकार उन्हें पूर्वी मिदनापुर के मंदारमणि से गिरफ्तार किया गया।

जहांगीर खान

फाल्टा और डायमंड हार्बर में TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान ने बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक टकराव के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। फाल्टा से तत्कालीन TMC उम्मीदवार ने एक आक्रामक बयान में खुद की तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार से करते हुए कहा था कि वह कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगा।

फाल्टा एकमात्र विधानसभा क्षेत्र था जहां दोबारा मतदान (री-पोल) हुआ था। हालांकि, जब तक मतदान हुआ, पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल बदल चुका था। खान ने चुनाव से हटकर TMC को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी में हुई फूट के दौरान कई नेताओं ने खान के प्रति नेतृत्व के नरम रवैये को अपनी नाराजगी की एक वजह बताया था। शुरुआत में डकैती और हत्या की कोशिश के मामलों में नाम आने के बाद, खान पर जबरन वसूली और अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के बाद खान को तीन अलग-अलग मौकों पर फाल्टा में घुमाया गया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस की निगरानी में अपने कान पकड़कर सबके सामने माफी मांगते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि यह सब क्राइम सीन को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए किया गया था। साथ ही दावा किया कि खान ने खुद ही अपने कान पकड़े, उठक-बैठक की और जनता से माफ़ी मांगी।

गुड्डू अंसारी

उत्तर 24 परगना के कमारहाटी के एक जाने-माने स्थानीय नेता, अंसारी को वरिष्ठ TMC नेता और कमारहाटी के विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी माना जाता था। मित्रा उन पार्टी नेताओं में से एक थे जो पार्टी में बंटवारे के बाद भी ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहे। अंसारी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया और बाद में हथकड़ी पहनाकर कमारहाटी में घुमाया गया।

पुलिस का आरोप है कि अंसारी अलग-अलग तरह के कारोबार में कई सिंडिकेट चलाते थे। वह इलाके पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हथियारों के दम पर लोगों को डराते-धमकाते थे। बेलघरिया पुलिस के एक अधिकारी ने इस तरह सबके सामने घुमाने का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद अपराधियों को कड़ी चेतावनी देना था।

शमीम अहमद

‘गब्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले अहमद, शिबपुर में वार्ड नंबर 36 के अध्यक्ष हैं। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री का करीबी माना जाता है। उनकी पत्नी, शमीमा बानू, पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। अहमद को 21 मई को मुंबई के चेंबूर से गिरफ्तार किया गया और बाद में कोलकाता पुलिस उन्हें दक्षिण हावड़ा के संकराइल में भीड़-भाड़ वाले बाज़ार में कमर से रस्सी बांधकर घुमाती हुई ले गई। पुलिस ने उन पर 7 मई को हावड़ा माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष सिकंदर खान के नेतृत्व में BJP की जीत के बाद निकाली गई रैली पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे।

शाहिन मोल्ला

शाहिन मोल्ला उर्फ ​​सनी एक ट्रैफिक होम गार्ड थे। उन्हें TMC के एक पूर्व मंत्री से करीबी होने के कारण दक्षिण हावड़ा में प्रभावशाली माना जाता था। उन्हें संकराइल पुलिस ने 23 मई को करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) रैकेट के मामले में अरेस्ट किया। गिरफ्तारी के बाद सेंट्रल फ़ोर्स और संकराइल पुलिस के जवान उन्हें कमर से रस्सी बांधकर सेंट्रल हावड़ा के चौरा बस्ती इलाके से पैदल ले गए। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जांच के सिलसिले में की गई थी।

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QS Ranking 2027: IIT दिल्ली ने रचा इतिहास, दुनिया में 118वीं रैंक के साथ बना भारत का नंबर-1 संस्थान, जानिए टॉप 10 संस्थानों की रैंकिंग

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली एक बार फिर भारत का सबसे बेहतर एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनकर उभरा है। आज यानी 18 जून 2026 को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली को दुनिया में 118वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 123वें स्थान पर था, यानी इस बार इसकी रैंकिंग में 5 स्थान का सुधार हुआ है। वहीं, इस उपलब्धि के साथ IIT दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में किसी भारतीय संस्थान द्वारा अब तक हासिल की गई सबसे ऊंची ग्लोबल रैंक की बराबरी भी कर ली है।

रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

यह भी पढ़ें: आज का मौसम 18 June: IMD ने बिहार संग इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया! राजस्थान में 80 Kmph की आंधी, दिल्ली-यूपी का ऐसा रहेगा मौसम

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली ने रचा इतिहास, दुनिया में 118वीं रैंक के साथ बना भारत का नंबर-1 संस्थान, जानिए टॉप 10 संस्थानों की रैंकिंग

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली एक बार फिर भारत का सबसे बेहतर एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनकर उभरा है। आज यानी 18 जून 2026 को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली को दुनिया में 118वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 123वें स्थान पर था, यानी इस बार इसकी रैंकिंग में 5 स्थान का सुधार हुआ है। वहीं, इस उपलब्धि के साथ IIT दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में किसी भारतीय संस्थान द्वारा अब तक हासिल की गई सबसे ऊंची ग्लोबल रैंक की बराबरी भी कर ली है।

रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

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QS Ranking 2027: IIT दिल्ली ने रचा इतिहास, दुनिया में 118वीं रैंक के साथ बना भारत का नंबर-1 संस्थान, जानिए टॉप 10 संस्थानों की रैंकिंग

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली एक बार फिर भारत का सबसे बेहतर एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनकर उभरा है। आज यानी 18 जून 2026 को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली को दुनिया में 118वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 123वें स्थान पर था, यानी इस बार इसकी रैंकिंग में 5 स्थान का सुधार हुआ है। वहीं, इस उपलब्धि के साथ IIT दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में किसी भारतीय संस्थान द्वारा अब तक हासिल की गई सबसे ऊंची ग्लोबल रैंक की बराबरी भी कर ली है।

रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

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किन-किन देशों में होता है कैट मीट का सेवन? यहां देखिए पूरी लिस्ट

चीन के झांगजियागांग (Zhangjiagang) इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1000 बिल्लियों को बचाया। बताया जा रहा है कि इन बिल्लियों को अवैध तरीके से बूचड़खाने ले जाकर मांस के रूप में बेचने की तैयारी थी। कुछ जगहों पर इसे चिकन और पोर्क जैसे दूसरे मीट के नाम पर भी बेचने की कोशिश की जा रही थी, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, बिल्लियों को लकड़ी के बक्सों में बंद करके एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था।

यह पूरा नेटवर्क काफी समय से सक्रिय बताया जा रहा है। अगर यह योजना सफल हो जाती, तो आरोपी इससे बड़ी रकम का अवैध मुनाफा कमा सकते थे। इस घटना ने अवैध पशु व्यापार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

वियतनाम में 400 से ज्यादा बिल्लियों का रेस्क्यू ऑपरेशन

इसी तरह वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में पुलिस ने छापेमारी कर 400 से अधिक जिंदा बिल्लियों को बचाया। ये सभी बिल्लियाँ एक संगठित अवैध नेटवर्क का हिस्सा थीं, जहाँ उन्हें मांस के लिए रखा जाता था।

छापेमारी के दौरान कई पिंजरे मिले और कुछ बिल्लियाँ मृत अवस्था में भी पाई गईं। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा है।

संगठित तस्करी का बड़ा खेल, 9 लोग गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि यह गिरोह कई प्रांतों से बिल्लियों को चोरी या पकड़कर इकट्ठा करता था और अवैध व्यापार में बेचता था। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पालतू बिल्लियाँ भी बनीं शिकार

रिपोर्ट्स के अनुसार, कई बिल्लियाँ लोगों के घरों से चोरी की गई थीं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जिनके पालतू जानवर गायब हैं, वे सामने आकर अपनी पहचान बताएं ताकि उन्हें वापस किया जा सके।

पशु अधिकार संगठनों की गंभीर चिंता

पशु संरक्षण संगठनों का कहना है कि हर साल लाखों बिल्लियाँ और कुत्ते इस तरह के अवैध व्यापार का शिकार बनते हैं। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

आखिर किन देशों में खाया जाता है बिल्ली का मांस?

बिल्ली का मांस दुनिया के बहुत कम हिस्सों में खाया जाता है और यह मुख्यधारा का भोजन नहीं माना जाता, लेकिन कुछ देशों में इसके सेवन की खबरें सामने आती रहती हैं।

वियतनाम में इसे कुछ इलाकों में “लिटिल टाइगर” कहा जाता है और अवैध रूप से इसका व्यापार भी पाया जाता है।

चीन के दक्षिणी हिस्सों में भी कभी-कभी इसका सेवन या अवैध बिक्री की घटनाएँ सामने आती हैं, जहां इसे मटन या पोर्क के नाम पर बेचा जाता है।

इंडोनेशिया के कुछ क्षेत्रों जैसे सुलावेसी और सुमात्रा में भी ऐसे मामलों की रिपोर्ट मिलती है।

क्रूरता या परंपरा? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे बेहद क्रूर और अवैध व्यापार बता रहे हैं, जबकि पशु अधिकार कार्यकर्ता इसे पूरी तरह रोकने की मांग कर रहे हैं।

किन-किन देशों में होता है कैट मीट का सेवन? यहां देखिए पूरी लिस्ट

चीन के झांगजियागांग (Zhangjiagang) इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1000 बिल्लियों को बचाया। बताया जा रहा है कि इन बिल्लियों को अवैध तरीके से बूचड़खाने ले जाकर मांस के रूप में बेचने की तैयारी थी। कुछ जगहों पर इसे चिकन और पोर्क जैसे दूसरे मीट के नाम पर भी बेचने की कोशिश की जा रही थी, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, बिल्लियों को लकड़ी के बक्सों में बंद करके एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था।

यह पूरा नेटवर्क काफी समय से सक्रिय बताया जा रहा है। अगर यह योजना सफल हो जाती, तो आरोपी इससे बड़ी रकम का अवैध मुनाफा कमा सकते थे। इस घटना ने अवैध पशु व्यापार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

वियतनाम में 400 से ज्यादा बिल्लियों का रेस्क्यू ऑपरेशन

इसी तरह वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में पुलिस ने छापेमारी कर 400 से अधिक जिंदा बिल्लियों को बचाया। ये सभी बिल्लियाँ एक संगठित अवैध नेटवर्क का हिस्सा थीं, जहाँ उन्हें मांस के लिए रखा जाता था।

छापेमारी के दौरान कई पिंजरे मिले और कुछ बिल्लियाँ मृत अवस्था में भी पाई गईं। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा है।

संगठित तस्करी का बड़ा खेल, 9 लोग गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि यह गिरोह कई प्रांतों से बिल्लियों को चोरी या पकड़कर इकट्ठा करता था और अवैध व्यापार में बेचता था। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पालतू बिल्लियाँ भी बनीं शिकार

रिपोर्ट्स के अनुसार, कई बिल्लियाँ लोगों के घरों से चोरी की गई थीं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जिनके पालतू जानवर गायब हैं, वे सामने आकर अपनी पहचान बताएं ताकि उन्हें वापस किया जा सके।

पशु अधिकार संगठनों की गंभीर चिंता

पशु संरक्षण संगठनों का कहना है कि हर साल लाखों बिल्लियाँ और कुत्ते इस तरह के अवैध व्यापार का शिकार बनते हैं। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

आखिर किन देशों में खाया जाता है बिल्ली का मांस?

बिल्ली का मांस दुनिया के बहुत कम हिस्सों में खाया जाता है और यह मुख्यधारा का भोजन नहीं माना जाता, लेकिन कुछ देशों में इसके सेवन की खबरें सामने आती रहती हैं।

वियतनाम में इसे कुछ इलाकों में “लिटिल टाइगर” कहा जाता है और अवैध रूप से इसका व्यापार भी पाया जाता है।

चीन के दक्षिणी हिस्सों में भी कभी-कभी इसका सेवन या अवैध बिक्री की घटनाएँ सामने आती हैं, जहां इसे मटन या पोर्क के नाम पर बेचा जाता है।

इंडोनेशिया के कुछ क्षेत्रों जैसे सुलावेसी और सुमात्रा में भी ऐसे मामलों की रिपोर्ट मिलती है।

क्रूरता या परंपरा? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे बेहद क्रूर और अवैध व्यापार बता रहे हैं, जबकि पशु अधिकार कार्यकर्ता इसे पूरी तरह रोकने की मांग कर रहे हैं।