8000mAh बैटरी वाला OnePlus N6 भारत में लॉन्च, मिलेगा DSLR जैसा कैमरा, जानें कीमत और फीचर्स

OnePlus N6: चीन की स्मार्टफोन कंपनी OnePlus ने भारत में इस साल का सबसे सस्ता स्मार्टफोन OnePlus N6 लॉन्च किया है। कंपनी के पोर्टफोलियो में OnePlus Nord CE 6 Lite से नीचे रखे गए इस हैंडसेट में बड़ी 8000mAh बैटरी, MediaTek Dimensity 6360 Apex चिपसेट और 120Hz डिस्प्ले और Android 16 पर आधारित OxygenOS 16 दिया गया है। अब चलिए OnePlus N6 की कीमत, स्पेसिफिकेशन्स, लॉन्च ऑफर्स और उपलब्धता के बारे में जानते हैं।

OnePlus N6 के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

OnePlus N6 में 6.75-इंच का HD+ LCD डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है और पीक ब्राइटनेस 1,200 निट्स तक है। स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी का कहना है कि यह हैंडसेट धूल और पानी से बचाव के लिए IP65 रेटिंग और MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन के साथ आता है।

इस स्मार्टफोन में MediaTek Dimensity 6360 Apex चिपसेट है, जो Android 16 पर आधारित OxygenOS 16 के साथ आता है। इसके अलावा, इस फोन में OnePlus ने दो बड़े Android OS अपग्रेड और तीन साल के सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है।

कैमरी की बात करें तो, इस फोन में f/1.8 अपर्चर और 10x तक डिजिटल जूम सपोर्ट वाला 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा दिया गया है। इसके फ्रंट में 8MP का सेल्फी कैमरा है, जो 60fps पर 1080p तक की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है। फोन में ‘डुअल-व्यू वीडियो’ मोड भी है, जिससे यूजर्स फ्रंट और रियर दोनों कैमरों का इस्तेमाल करके एक साथ वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं।

भारत में OnePlus N6 की कीमत, ऑफर और उपलब्धता

OnePlus N6 के 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की शुरुआती कीमत ₹22,999 है। वहीं, 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल के लिए ग्राहकों को ₹24,999 देने होंगे। लॉन्च ऑफर के तहत, OnePlus ₹1,000 का ‘प्राइम डे-एक्सक्लूसिव’ डिस्काउंट दे रहा है। इसके अलावा, खरीदार Axis Bank और SBI के चुनिंदा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके ₹2,000 का इंस्टेंट डिस्काउंट भी पा सकते हैं। साथ ही, कंपनी चुनिंदा खरीदारी पर छह महीने तक की नो-कॉस्ट EMI की सुविधा भी दे रही है। OnePlus N6 दो कलर ऑप्शन ‘Fresh Mint’ और ‘Midnight Green’ में उपलब्ध होगा।

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IISER Aptitude Test Rank Card 2026 Out: आधिकारिक वेबसाइट से 9 जुलाई तक डाउनलोड कर सकेंगे रिजल्ट, रैंक कार्ड पर दी गई है ये जानकारी

IISER Aptitude Test Rank Card 2026 Out: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) एप्टीट्यूड टेस्ट (IAT) में शामिल उम्मीदवारों के लिए ये बड़ा अपडेट है। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट iiseradmission.in पर लॉग इन करके अपने रैंक कार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। आईआईएसईआर ने 29 जून, 2026 को रिजल्ट घोषित कर दिया है। आईएटी का नतीजा आधिकारिक वेबसाइट पर 9 जुलाई, 2026 तक डाउनलोड के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही आईआईएसईआर ने काउंसलिंग की तारीख भी घोषित कर दी है। काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई, 2026 से शुरू होगा और योग्य कैंडिडेट को डेडलाइन से पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।

आईएटी रैंक कार्ड 2026 कैसे करें डाउनलोड

  • ऑफिशियल आईआईएसईआर एडमिशन पोर्टल iiseradmission.in पर जाएं।
  • होमपेज पर उपलब्ध आईएटी 2026 रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • यूजर आईडी और पासवर्ड डालें।
  • अपना रिजल्ट देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • आगे के लिए रैंक कार्ड डाउनलोड करके सेव कर लें।

आईआईएसईआर रिजल्ट 2026: काउंसलिंग शेड्यूल

रिजल्ट के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें सिर्फ वही उम्मीदवार काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे जिन्होंने आईएटी (IAT) 2026 के लिए क्वालिफाई किया है। ऑनलाइन काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन 2 जुलाई, 2026 से शुरू होगा, और रजिस्ट्रेशन पूरा करने की डेडलाइन 9 जुलाई, 2026 है। कैंडिडेट को तय समय में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी, क्योंकि डेडलाइन मिस करने पर सीट अलॉटमेंट में दिक्कत हो सकती है।

आईएटी रैंक कार्ड पर दी गई जानकारी

रैंक कार्ड में नीचे दी गई कार्रवाई करने लायक जानकारी और कैंडिडेट की जानकारी शामिल है :

  • कैंडिडेट का नाम
  • रोल नंबर और एप्लीकेशन/रजिस्ट्रेशन नंबर
  • जन्म तिथि
  • कैटेगरी
  • एग्जाम का नाम
  • रिजल्ट घोषित करने की तारीख
  • मिले कुल मार्क्स
  • ऑल इंडिया रैंक (AIR)
  • कैटेगरी रैंक
  • क्वालिफाइंग स्टेटस

आईआईएसईआर 2026 रिजल्ट के बाद

आईआईएसईआर 2026 रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद, सभी सफल उम्मीदवारों को तुरंत काउंसलिंग प्रक्रिया की तैयारी करनी होगी। उन्हें वेरिफिकेशन के लिए अपना रैंक कार्ड, एकेडमिक सर्टिफिकेट, आइडेंटिटी प्रूफ और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने चाहिए। अभ्यर्थियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग राउंड, सीट अलॉटमेंट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और एडमिशन की डेडलाइन के ताजा अपडेट के लिए नियमित तौर पर आईआईएसईआर के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर जाएं।

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Tax Refund: टैक्स रिफंड जल्दी चाहते हैं? जानिए किन 5 गलतियों से बचना है जरूरी

Tax Refund: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। गलत जानकारी देने या किसी जरूरी प्रक्रिया को छोड़ने पर आपका रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है। इसके चलते टैक्स रिफंड आने में भी देरी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि ITR भरते वक्त किन 5 बातें का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपका टैक्स रिफंड जल्दी आ सके। साथ ही, रिफंड स्टेटस चेक करने का तरीका भी जानेंगे।

1. PAN-Aadhaar लिंक और प्रोफाइल अपडेट

अगर आप पहली दफा ITR फाइल कर रहे हैं, तो सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर Taxpayer के तौर पर रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद सुनिश्चित करें कि आपका PAN और Aadhaar लिंक हो।

साथ ही नाम, जन्मतिथि, जेंडर जैसी जानकारी PAN रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए। मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पता भी अपडेट रखें, ताकि टैक्स विभाग जरूरत पड़ने पर आपसे संपर्क कर सके।

2. बैंक अकाउंट वैलिडेट करें और सही ITR फॉर्म चुनें

अगर आपका टैक्स रिफंड बनता है, तो वह सीधे बैंक खाते में आएगा। इसके लिए बैंक अकाउंट का इनकम टैक्स पोर्टल पर वैलिडेशन जरूरी है।

बैंक अकाउंट PAN से लिंक होना चाहिए, IFSC और बैंक की जानकारी सही होनी चाहिए। PAN और बैंक खाते में दर्ज नाम एक जैसा होना चाहिए। इसके साथ ही अपनी इनकम के सोर्स के हिसाब से सही ITR फॉर्म चुनें। गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न और रिफंड में देरी हो सकती है।

3. टैक्स छूट और TDS की जानकारी का मिलान करें

अगर आप किसी टैक्स छूट या डिडक्शन का दावा कर रहे हैं, तो उससे जुड़े दस्तावेज जरूर जांच लें। साथ ही Form 26AS, एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टोटल इनकम स्टेटमेंट (TIS) में दर्ज TDS, TCS और अन्य टैक्स क्रेडिट का मिलान जरूर करें।

किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है। अगर आप उसे समय रहते सुधार लेंगे, तो परेशानी से बच जाएंगे।

4. ITR समय से पहले फाइल करें

आखिरी तारीख का इंतजार करने से बचें। समय रहते ITR फाइल करने पर आपको सभी जानकारियां दोबारा जांचने और गलती सुधारने का मौका मिल जाता है। इससे रिटर्न रिजेक्ट होने या प्रोसेसिंग में देरी की आशंका भी कम रहती है।

5. फाइलिंग के बाद ई-वेरिफिकेशन न भूलें

ITR फाइल करना आखिरी कदम नहीं है। रिटर्न अपलोड करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन भी करना जरूरी है।

यह काम Aadhaar OTP, डिजिटल सिग्नेचर या अन्य उपलब्ध माध्यमों से किया जा सकता है। अगर तय समय में ई-वेरिफिकेशन नहीं किया गया, तो ITR अमान्य माना जाएगा। ऐसे में टैक्स रिफंड भी जारी नहीं होगा।

ऐसे चेक करें ITR रिफंड का स्टेटस

  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के e-Filing Portal पर लॉग इन करें।
  • e-File मेन्यू में जाकर Income Tax Returns पर क्लिक करें।
  • View Filed Returns विकल्प चुनें।
  • जिस असेसमेंट ईयर का रिफंड देखना है, उसे चुनें।
  • वहां आपको ITR का स्टेटस, प्रोसेसिंग की स्थिति और रिफंड से जुड़ी जानकारी दिखाई दे जाएगी।

या फिर आप NSDL/TIN के रिफंड ट्रैकिंग पोर्टल पर PAN और असेसमेंट ईयर दर्ज करके भी रिफंड का स्टेटस देख सकते हैं।

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Trading Strategy : जुलाई सीरीज का आउटलुक अभी भी पॉजिटिव, 24050 के ऊपर निकले तो निफ्टी बन सकता है बुलेट ट्रेन

Trading Strategy : जून सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन निफ्टी और बैंक निफ्टी ने ऑप्शन राइटर्स की रेंज का सम्मान किया है। निफ्टी निचले स्तरों से 80 अंक सुधरकर 23900 के ऊपर दिख रहा है। मिडकैप अच्छी तेजी के साथ आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX से भी पॉजिटिव संकेत हैं। IT शेयरों ने आज पूरे बाजार पर दबाव बनाया है। आईटी इंडेक्स तीन साल के निचले स्तरों पर पहुंचा गया है। TCS, WIPRO और टेक महिंद्रा, निफ्टी के टॉप लूजर बने हैं। FMCG और सरकारी बैंकों में भी दबाव है।

केमिकल,रियल्टी और डिफेंस शेयरों में आज जोरदार तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। सोलार इंडस्ट्रीज डिफेंस में 5% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही कोचिन शिपयार्ड भी 4% उछला है।

बाजार: रेंज का सम्मान

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी ने ऑप्शन राइटर्स की रेंज का सम्मान किया है। निफ्टी ने Buy या Sell जोन,दोनों में अच्छी ट्रेड दी है। आज का हाईलाइट है,मिडकैप का आउटपरफॉर्मेंस। 3-4 दिनों के बाद मिडकैप में रौनक लौटी है। इंडिया VIX अभी भी कंफर्ट जोन में कायम है। आज के इक्के मारुति ने कमाल किया है। आयशर मोटर्स में भी आज उम्मीद के मुताबिक ही कामकाज हुआ। पहले यह 6% तक गिरा और फिर बॉरगेन खरीदारी आई। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या एक्सपायरी ऑप्शन राइटर के रेंज के बाहर होगी? दूसरा बड़ा सवाल है कि जुलाई सीरीज के लिए क्या टेक्स्चर है?

बाजार: अब क्या?

निफ्टी में 23,800-23,850 लक्ष्मण रेखा है। इसके ऊपर जब तक हैं,ट्रेंड ऊपर है। 24,050 के ऊपर निकले तो निफ्टी बुलेट ट्रेन बन सकता है। निफ्टी के चलने के लिए 2-3 बड़े शेयरों को चलना होगा। RIL,HDFC Bank, Infosys, L&T पर नजर रखें। जुलाई सीरीज का आउटलुक अभी भी पॉजिटिव ही है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,850-23,950 पर सपोर्ट और 24,050-24,150 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,400 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी में आज सिर्फ और सिर्फ एक्सपायरी वाला मूव है। अभी के लिए न्यूट्रल रहें,चाहें तो जुलाई मंथ एंड कॉल्स लें।

 

 

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डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sanket Kumar ISRO success: 2 नंबर से छूटा जेईई एडवांस्ड, फिर भी इसरो में साइंटिस्ट बने मेरठ के संकेत कुमार

Sanket Kumar ISRO success: मेरठ में संकेत कुमार को तब बहुत निराशा हुई जब वह महज 2 अंकों से आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में दाखिले के लिए होने वाली जेईई एडवांस्ड परीक्षा के लिए क्वालिफाई करने से चूक गए थे। 2021 में हुए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) परीक्षा में उन्हें शायद पहली बार एक-एक नंबर की अहमियत का अंदाजा हुआ। कभी सोचा नहीं था कि वह जेईई एडवांस्ड परीक्षा का हिस्सा बनने से महज 2 अंकों से चूक जाएंगे। यानी अपने सपनों के करीब पहुंचने में ये दो नंबर रोड़ा बन जाएंगे।

लेकिन जैसा कि इस देश के पूर्ण राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था, ‘सपने वो होते हैं, जो आपको सोने ही नहीं देते हैं।’ संकेत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। हार मानने के बजाय, उन्होंने एक साल ड्रॉप करने का फैसला किया और बिना किसी कोचिंग के खुद से तैयारी शुरू की। मेरठ के दीवान पब्लिक स्कूल के छात्र रह चुके संकेत को कई लोगों ने साल ड्रॉप न करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखने का फैसला किया। उन्होंने सेल्फ-स्टडी, यूट्यूब लेक्चर और पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर पर भरोसा किया।

अगले साल उनकी मेहनत रंग लाई जब उन्होंने जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड दोनों पास कर लिया। इसके बाद उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए तिरुवनंतपुरम के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIST) में प्रवेश लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संकेत ने वाइब्रेशन और अकूस्टिक्स में स्पेशलाइजेशन करने का फैसला किया।

अपने बैच में यह विषय चुनने वाले वह अकेले छात्र थे। अपने कोर्स के दौरान, उन्हें जापान की शिनरा इंक. ने तीन महीने के एडवांस्ड इंजीनियरिंग रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए चुना। 8.2 सीजीपीए के साथ ग्रेजुएशन करने के बाद, उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) में इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया और आखिरकार चुन लिया गया।

अपने सफर के बारे में संकेत कहते हैं, जेईई एडवांस्ड मिस करने के बाद उन्होंने पूरा एक साल सेल्फ-स्टडी करने का फैसला किया। उन्होंने शुरू से तैयारी की और बाद में आईआईएसटी में पढ़ाई के दौरान स्पेस टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी जगी, जिसने उन्हें एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए मोटिवेट किया। संकेत अब महेंद्रगिरी में इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में नियुक्त हैं, जहां श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने वाले हर रॉकेट सिस्टम की फाइनल टेस्टिंग होती है।

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Ram Mandir Donation Row: ‘भगवान श्री राम के दर्शन करना चाहते थे, लेकिन…’; अयोध्या में कांग्रेस नेता अजय राय हाउस अरेस्ट, पुलिस को दी चेतावनी

Ram Mandir Donation Row: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान के कथित गबन को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार (30 जून) को अयोध्या में राम मंदिर में पूजा-अर्चना करेगा। लेकिन, इस बीच, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या के एक होटल में नजरबंद कर दिया गया है।

पार्टी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय करेंगे। इसमें पार्टी के सांसद किशोरी लाल शर्मा (अमेठी), राकेश राठौर (सीतापुर), उज्ज्वल रमण सिंह (प्रयागराज) और तनुज पुनिया (बाराबंकी) शामिल होंगे।

प्रतिनिधिमंडल के साथ बाराबंकी के पूर्व सांसद एस.पी. गौतम, विधान परिषद के पूर्व सदस्य दीपक सिंह, महाराजगंज के पूर्व विधायक वीरेंद्र चौधरी और बाराबंकी की पूर्व विधायक मीता गौतम भी मौजूद रहेंगी। पार्टी ने प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दे दी है। इस बीच, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या के एक होटल में नजरबंद कर दिया गया। पार्टी ने देर रात एक बयान में इसकी पुष्टि की है।

‘अयोध्या नहीं छोड़ेंगे’

अजय राय ने मंगलवार को दावा किया कि जब तक उन्हें राम मंदिर जाने की इजाजत नहीं मिलती तब तक अयोध्‍या नहीं छोड़ेंगे। अयोध्‍या से अजय राय ने मंगलवार को फोन पर पीटीआई से बातचीत में कहा, “मंगलवार के कार्यक्रम के लिए अयोध्या पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें तुरंत ‘हाउस अरेस्ट’ (नजरबंद) कर लिया।” हालांकि, उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें राम मंदिर जाने की इजाजत नहीं मिलती, वे अयोध्या नहीं छोड़ेंगे।

राय ने एक अतिथि गृह से पीटीआई फोन पर बातचीत में पूछा, “यह कैसी सरकार है जो हमारे राम मंदिर जाने से डरती है।” राय ने कहा कि उन्हें मंगलवार के कार्यक्रम के लिए मंदिर शहर पहुंचने के तुरंत बाद सोमवार आधी रात को एक अतिथि गृह में ले जाया गया था। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “आधी रात को मुझे मेरे होटल से आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में ले जाया गया और अभी मुझे वहीं रखा गया है।”

उनकी पत्नी ने उनके ठिकाने को लेकर चिंता जताई थी। राय यह पक्का नहीं बता पाए कि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है या नजरबंद किया गया है। उन्होंने अंदेशा जताते हुए कहा, “मुझे लगता है कि उन्होंने मुझे गिरफ़्तार कर लिया है, वरना वे मुझे आधी रात को इस अतिथि गृह में क्यों लाते और यहां क्यों रोककर रखते?” राय ने कहा, ‘‘मेरे दल के कई सदस्य जो आज के कार्यक्रम के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से आ रहे थे, उन्हें रोका गया, गिरफ्तार किया गया या उनके घरों में ही रोक दिया गया।’’

कौन-कौन नेता शामिल?

इस दल में शामिल अन्य कांग्रेस नेताओं में सांसद किशोरी लाल शर्मा (अमेठी), राकेश राठौर (सीतापुर), उज्ज्वल रमन सिंह (प्रयागराज) और तनुज पुनिया (बाराबंकी) के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे। अजय राय ने इस बीच मंगलवार को भारतीय युवक कांग्रेस के X पर एक पोस्ट को साझा किया जिसमें कहा गया कि आज कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या जा रहा था, लेकिन भाजपा सरकार ने उप्र कांग्रेस अध्यक्ष अजय रा जी समेत प्रतिनिधिमंडल को हाउस अरेस्ट कर लिया।

पोस्‍ट में सवाल उठाया गया है कि आखिर प्रभु श्री राम के भक्तों से इतना डर क्यों? जय श्री राम। अयोध्या में राम मंदिर दान में कथित गबन का मामला आने के बाद इसके पहले भी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 18 जून को अयोध्या की यात्रा करके दर्शन पूजन किया था। अयोध्या में दान में गबन का मामला सात जून को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उठाया और न्यायिक हस्तक्षेप पर जोर दिया था।

हालांकि, इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

‘भगवान श्री राम के दर्शन करना चाहते थे, लेकिन…’

अजय राय ने कहा, “आज हम सभी भगवान श्री राम के दर्शन करना चाहते थे, लेकिन बीजेपी सरकार ने हमें गिरफ़्तार कर लिया है और आचार्य नरेंद्र देव कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में बंद कर दिया है। उन्होंने हमारे सभी साथियों को भी नजरबंद कर दिया है। हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान राम बीजेपी और आरएसएस के लोगों को सद्बुद्धि दें, जो उनके नाम का इस्तेमाल करके सत्ता में आए हैं, ताकि वे इस पवित्र शहर में हो रहे घोटालों को रोकें। हमारी सामूहिक मांग है कि पुलिस रिमांड लेकर उन निचले स्तर के कर्मचारियों से पूछताछ करे जिन्हें जेल भेजा गया है।”

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यूपी कांग्रेस प्रमुख ने आगे कहा, “इसके अलावा, इसमें शामिल हाई-प्रोफ़ाइल लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज होनी चाहिए, जिनमें निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र (जो पांच साल तक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव रहे), अनिल मिश्र (जो इस भ्रष्टाचार और चोरी में सीधे तौर पर शामिल हैं), गोपाल राय, चंपत राय, बंसल और गोविंद देव गिरी शामिल हैं। उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए और उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

AC Blast: धड़ाधड़ हो रहे हैं AC ब्लास्ट! अगर आपके घर में हो जाए ऐसा हादसा, तो क्या बीमा कंपनी देगी नुकसान का पैसा? जानें

Home Insurance Cover for AC Blast: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में इस समय भीषण गर्मी जारी है। इसी तपती गर्मी के बीच आजकल एसी ब्लास्ट और उससे घरों में आग लगने की डरावनी घटनाएं खूब सुनने को मिल रही हैं। हाल ही में नोएडा की एक हाईराइज सोसाइटी की 21वीं मंजिल पर भी एसी ब्लास्ट के कारण भीषण आग लग गई, जिसने लोगों को गहरी चिंता में डाल दिया है।

AC ब्लास्ट की ये घटनाएं जितनी खतरनाक हैं, उतनी ही बड़ी वित्तीय चपत भी लगाती हैं। ऐसे में हर घर के मालिक के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या होम इंश्योरेंस पॉलिसी एसी फटने से होने वाले नुकसान की भरपाई करती है? आइए बताते हैं कि बीमा नियमों के हिसाब से आपको क्लेम मिलेगा या नहीं।

पहले जानिए AC में ब्लास्ट क्यों होता है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एसी यूनिट में धमाका या आग लगने के दो मुख्य कारण होते हैं:

कंप्रेशर फेल होना: अत्यधिक दबाव और लगातार चलने से जब सबसे ज्यादा प्रेशराइज्ड पार्ट यानी कंप्रेशर ओवरलोड हो जाता है, तो बेहद दुर्लभ मामलों में वह फट सकता है।

शॉर्ट सर्किट: भीषण गर्मी में ओवरहीटिंग के कारण तारों में शॉर्ट सर्किट होता है, जिससे उठी चिंगारी तेजी से पूरी यूनिट और घर में आग फैला देती है।

पॉलिसी में क्या-क्या कवर होता है?

बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के हेड (कमर्शियल अंडरराइटिंग) गुरदीप सिंह बत्रा के मुताबिक, भारत गृह रक्षा या हाउसहोल्डर पैकेज पॉलिसी जैसी स्टैंडर्ड होम इंश्योरेंस पॉलिसियों में ‘धमाके’ को एक जोखिम माना गया है।

अगर एसी ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट के कारण घर में आग लगती है, तो पॉलिसी के तहत दीवारों, छत, फर्नीचर, फिटिंग्स और घर के अन्य सामान को हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाती है।

इंश्योरेंस टेक प्लेटफॉर्म Securenow.in के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक बोंदिया के अनुसार, भले ही कुछ नीतियां खुद AC यूनिट के नुकसान को बाहर रख दें, लेकिन आग के कारण आसपास की दीवारों, पेंट या डेकोर को जो नुकसान होगा, उसका क्लेम मिलेगा।

पेच कहां है? खुद AC का पैसा कब मिलेगा?

स्टैंडर्ड होम इंश्योरेंस आग से जले घर का पैसा तो दे देगा, लेकिन खुद फटने वाले एसी का पैसा सामान्य तौर पर नहीं देता है। अगर आप चाहते हैं कि ब्लास्ट हुए एसी या फ्रिज का पैसा भी कंपनी दे, तो आपको अपनी पैकेज पॉलिसी में ‘डोमेस्टिक अप्लाइंस ब्रेकडाउन’ या ‘मशीन ब्रेकडाउन कवर’ का ऐड-ऑन लेना होगा। यह आपके घर के घोषित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को आकस्मिक मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल खराबी से सुरक्षा देता है।

क्या कवर नहीं होता?

बीमा लेते समय और क्लेम करते समय इन बातों का ध्यान रखें, क्योंकि इन स्थितियों में क्लेम रिजेक्ट हो सकता है:

घोर लापरवाही या जानबूझकर किया गया नुकसान: अगर एसी की सालों से सर्विस नहीं हुई है या उसे जानबूझकर ऐसी स्थिति में चलाया गया जिससे हादसा हो, तो कंपनी मना कर सकती है।

कीमती सामान: घर में रखा कैश, चेक, जरूरी दस्तावेज, और बिना घोषित किए रखे गए सोने-चांदी के जेवरात या कीमती पत्थर साधारण पॉलिसी में कवर नहीं होते। आग लगने के दौरान या उसके तुरंत बाद होने वाली चोरी भी इसमें शामिल नहीं होती।

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‘हम उन हाथों को काट देंगे जो…’: सिंधु जल विवाद पर पाकिस्तान ने फिर दी गीदड़भभकी

पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने भारत के खिलाफ एक बार फिर भड़काऊ बयान दिया है। इस बार उन्होंने कहा कि जो भी पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर दावा करेगा, उसके “हाथ काट दिए जाएंगे।” बता दें कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।

गौरतलब है कि साल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत के बाद भारत ने इस संधि को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला किया था।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मलिक ने भारत पर पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान अपने हिस्से के पानी में किसी भी तरह की रुकावट बर्दाश्त नहीं करेगा।

‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मलिक ने कहा, “एक पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री एक नल को कंट्रोल कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं बहने देंगे।”

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की 40-50 प्रतिशत आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। उन्होंने कहा, “कोई बाहरी ताकत देश की खाद्य सुरक्षा, 50% रोजगार और 25% अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहा है।”

मंत्री ने दावा किया कि पाकिस्तान ने “पहले ही साफ कर दिया है कि जो कोई भी उसे पानी से वंचित करने की कोशिश करेगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।”

उन्होंने ने कहा, ” लेकिन यह सिर्फ पानी का नहीं, बल्कि न्याय का भी सवाल है। हम अपनी रक्षा करेंगे… ऐसा नहीं है कि हमने बस इसकी घोषणा की है, बल्कि हमने साबित किया है कि अगर कोई हमारे हिस्से के पानी पर हाथ भी डालेगा, तो हम वह हाथ काट देंगे।”

मलिक ने कहा कि दुनिया में दूसरी जगहों पर, बिना किसी संधि के भी पानी बहता रहता है, जो सिर्फ एक कन्वेंशन (समझौते) से नियंत्रित होता है।

उन्होंने आगे कहा, “क्या अब हर ‘अपर रिपेरियन’ (नदी के ऊपरी हिस्से वाले देश) को ‘लोअर रिपेरियन’ (नदी के निचले हिस्से वाले देश) की ओर पानी का बहाव रोकने का अधिकार है?… लेकिन हमारे पास तो संधि भी है। तो फिर यहां पानी कैसे रोका जा सकता है? यही बात हम कल रखेंगे।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि “संधि मौजूद है” और साथ ही यह भी कहा कि मंगलवार का सम्मेलन मुख्य रूप से न्याय और अधिकारों के बारे में था।

उन्होंने ने कहा, “यह तय किया जाएगा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्याय क्या है। यह तय किया जाएगा कि क्या दुनिया भर में नदी के निचले इलाकों में रहने वाले बच्चों को पानी का अधिकार है।”

पाकिस्तान ने जल संधि का बचाव किया

उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी जोर देकर कहा कि सिंधु जल संधि कानूनी रूप से बाध्यकारी है और इसे एकतरफा तौर पर निलंबित, रद्द या उसमें संशोधन नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि “कानूनी रूप से लागू संधि” के तहत पाकिस्तान के लोगों का सिंधु जलमार्गों पर अधिकार है, जो अभी भी प्रभावी है।

‘डॉन’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “कानूनी तौर पर पाकिस्तान के रुख को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिला है, क्योंकि IWT को एकतरफा तौर पर रद्द, समाप्त या उसमें संशोधन नहीं किया जा सकता है।”

मंत्री ने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रक्षा बलों के प्रमुख तथा सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने कई बार कहा है कि “पानी हमारी जीवन रेखा के साथ-साथ हमारी ‘रेड लाइन’ (अति-महत्वपूर्ण सीमा) भी है”।

संधि

सीमापार से आए इन बयानों के कुछ हफ्तों बाद केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सी.आर. पाटिल ने मीडिया को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा था कि भारत अगले डेढ़ से दो वर्षों के भीतर सिंधु जल में अपने हिस्से का पूरा उपयोग करने की योजना बना रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा था कि भारत के हिस्से का एक भी बूंद पानी पाकिस्तान की ओर नहीं जाने दिया जाएगा।

भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान अपनी जमीन से संचालित सीमा पार आतंकवाद के ढांचे को खत्म करने के लिए ठोस और सत्यापन योग्य कदम नहीं उठाता, तब तक यह संधि स्थगित ही रहेगी।

बता दें की यह संधि 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई थी और तब से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी प्रणाली और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे और उपयोग को नियंत्रित करती आ रही है।

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WhatsApp ला रहा है Username फीचर, प्राइवेसी होगी मजबूत या बढ़ेंगे ऑनलाइन फ्रॉड? जानिए पूरी बात

WhatsApp जल्द ही अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है, जिसका नाम है Username फीचर। इस नए फीचर के जरिए लोग अपनी एक यूनिक डिजिटल पहचान बना सकेंगे और दूसरों से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम ऐप में प्राइवेसी और सेफ्टी को और मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है। यूजर्स अब अपने मनपसंद यूजरनेम चुन सकेंगे, जिससे चैटिंग का तरीका पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

साथ ही, WhatsApp ने इस फीचर के लिए कुछ खास नियम भी तैयार किए हैं, ताकि हर यूजर का नाम अलग और वैध हो तथा किसी तरह की कॉपी या गलत पहचान से बचा जा सके। इस बदलाव को सोशल मीडिया और टेक वर्ल्ड में एक बड़े अपडेट के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में ऑनलाइन बातचीत के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

प्राइवेसी के साथ बढ़ेग चुनौतियां

WhatsApp का कहना है कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करेगा, क्योंकि अब हर बातचीत के लिए फोन नंबर साझा करना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, इस फीचर के सामने आते ही साइबर सुरक्षा और फर्जी पहचान को लेकर नई चिंताएं भी सामने आने लगी हैं।

अंकुर वारिकू ने जताई बड़ी चिंता

उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने इस फीचर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि अगर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो ठग ऐसे यूजरनेम बना सकते हैं जो किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से मिलते-जुलते हों और लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं।

भारत जैसे देश में यह खतरनाक साबित हो सकता है’

वारिकू ने कहा कि भारत जैसे देश में ऑनलाइन ठगी पहले से ही बड़ी समस्या है। अगर किसी ठग ने warikoo, ankur_warikoo या इससे मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों से पैसे मांगे, तो कई लोग आसानी से भ्रमित हो सकते हैं। उनके अनुसार, ऐसे मामलों को रोकने के लिए WhatsApp को मजबूत एंटी-अब्यूज सिस्टम लागू करना होगा।

पहले भी उठा चुके हैं फर्जी विज्ञापनों का मुद्दा

वारिकू ने बताया कि वह पहले भी Meta के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं। उनका आरोप था कि AI से बने फर्जी विज्ञापनों में उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर लोगों को निवेश वाले WhatsApp ग्रुप में जोड़ने की कोशिश की गई थी। उनका मानना है कि इसी तरह की ठगी नए Username फीचर के जरिए भी बढ़ सकती है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स भी बंटे

वारिकू की पोस्ट के बाद कई लोगों ने उनकी चिंता से सहमति जताई। कुछ यूजर्स का कहना था कि अगर WhatsApp को सच में प्राइवेसी बढ़ानी थी, तो उसे ऐसे विकल्प देने चाहिए थे जिनसे केवल कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोग ही मैसेज या कॉल कर सकें।

4 अंकों का PIN भी होगा, फिर भी चिंता बरकरार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp यूजरनेम के साथ 4 अंकों का PIN भी जोड़ेगा, जिससे गलत व्यक्ति तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद कई यूजर्स का मानना है कि यह फीचर प्लेटफॉर्म की मूल पहचान को बदल सकता है और फर्जी अकाउंट्स के लिए नए रास्ते खोल सकता है।

पहले 93 लाख, अब फिर मिला 30 लाख का हीरा! पन्ना में इस परिवार की किस्मत देख लोग हैरान

Monsoon Advancement in UP: यूपी में हो गई मानसून की एंट्री, 30 जून को आजमगढ़, अयोध्या, बरेली से गुजर रहा, IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon Advancement in UP: उत्तर प्रदेश के निवासियों और किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 30 जून को जारी ताजा आधिकारिक बयान के मुताबिक मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ और इलाकों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों, उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों और हिमाचल प्रदेश व लद्दाख के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है।

यूपी के इन शहरों से गुजर रही है मानसून की सीमा

मौसम विभाग के मुताबिक, 30 जून को मानसून की उत्तरी सीमा उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर, सिद्धी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून, मंडी से होकर गुजर रही है।

अगले 2-3 दिनों के लिए IMD का पूर्वानुमान और अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए अनुकूल परिस्थितियों का संकेत दिया है। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून के और आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। इस दौरान मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, पूरे दमन और दीव, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब के अधिकांश हिस्सों और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा।

सुस्त मानसून का खरीफ फसलों की बुआई पर असर

मानसून की इस एंट्री से कृषि क्षेत्र को बड़ी उम्मीदें हैं क्योंकि इस साल मानसून की धीमी गति और देरी से शुरुआत के कारण देश में धान सहित खरीफ फसलों की बुआई काफी पिछड़ गई है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जून तक देश में कुल खरीफ बुआई का रकबा 182.72 लाख हेक्टेयर रहा है।

यह पिछले साल की समान अवधि के 236.46 लाख हेक्टेयर की तुलना में 23 प्रतिशत कम है। मुख्य खरीफ फसल धान का रकबा 25.17 प्रतिशत घटकर 25.75 लाख हेक्टेयर रह गया है। ये पिछले साल 34.41 लाख हेक्टेयर था। दालों की बुआई में 30.47 प्रतिशत की गिरावट आई है (14.92 लाख हेक्टेयर बनाम 21.46 लाख हेक्टेयर)। इसमें तुअर/अरहर की बुआई पिछले साल के 8.45 लाख हेक्टेयर के मुकाबले केवल 3.56 लाख हेक्टेयर हुई है।

वहीं तिलहन का रकबा 53.33 प्रतिशत भारी गिरावट के साथ 16.99 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 36।41 लाख हेक्टेयर) रह गया है। इसमें मूंगफली का रकबा गिरकर 8.87 लाख हेक्टेयर और सोयाबीन का रकबा घटकर 6.92 लाख हेक्टेयर पर आ गया है। मोटे अनाज का रकबा घटकर 31.84 लाख हेक्टेयर और कपास की बुआई 34.61 प्रतिशत घटकर 29.66 लाख हेक्टेयर रह गई है।

इस गिरावट के बीच गन्ने के रकबे में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है और यह 56.64 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। जबकि जूट और मेस्टा का रकबा भी 6.13 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 6.25 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है।

अल नीनो का खतरा और जलाशयों की वर्तमान स्थिति क्या है?

मौसम विभाग के मुताबिक 24 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून देश भर में सामान्य से 42 प्रतिशत नीचे दर्ज किया गया था। इसमें सबसे ज्यादा कमी मध्य भारत (59 प्रतिशत की कमी) में देखी गई थी। इसके बाद पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 41 प्रतिशत, दक्षिण प्रायद्वीप में 28 प्रतिशत और उत्तर-पश्चिम भारत में 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

इस कमी की मुख्य वजह भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मौजूद अल नीनो की स्थितियां हैं। इसके जून-सितंबर मानसून सीजन के दौरान और मजबूत होने की आशंका है। इसके अलावा केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा निगरानी किए जाने वाले 166 महत्वपूर्ण जलाशयों में लाइव स्टोरेज क्षमता 25 जून तक 48.405 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) थी। ये कुल क्षमता का सिर्फ 26.37 प्रतिशत है। यह पिछले साल के भंडारण का 73.21 प्रतिशत और सामान्य स्तर का 105.67 प्रतिशत है।

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कुल 166 जलाशयों में से 55 जलाशय ऐसे हैं जहां भंडारण सामान्य क्षमता का 80 प्रतिशत या उससे कम है। इनमें से 29 जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य क्षमता के 50 प्रतिशत या उससे भी कम रह गया है। ऐसे में यूपी में मानसून के इस नए एडवांसमेंट से आने वाले दिनों में पानी की किल्लत दूर होने और खेती को गति मिलने की उम्मीद है।