वैभव सूर्यवंशी को मौका क्यों नहीं दे रहे गौतम गंभीर? इस क्रिकेटर ने टीम मैनेजमेंट को दी बड़ी सलाह

भारतीय की टी20 क्रिकेट टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर है। बीते दिनों आयरैंड के हाथों सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया, इंग्लैंड से पांच मैचों की टी20 सीरीज खेल रही है। वहीं इस सीरीज के पहले मैच में भी भारतीय क्रिकेट फैंस के टीम इंडिया के उभरते खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी का इंतजार था। आयरलैंड सीरीज के बाद इस मैच में वैभव के डेब्यू का इंजतार कर रहे फैंस के हाथों निराशा लगी। वहीं अब वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर एक दिग्गज क्रिकेटर ने टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को बड़ा सलाह दी है।

पार्थिव पटेल ने कही ये बात

भारत के पूर्व विकेटकीपर और बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने टीम मैनेजमैंट को सलाह दी है कि वैभव सूर्यवंशी को साफ तौर पर बताया जाए कि उन्हें अभी प्लेइंग इलेवन में मौका क्यों नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय खिलाड़ी को यह समझाना जरूरी है कि उसे धैर्य रखने की जरूरत है और सही समय आने पर ही मौका मिलेगा। वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया था। हालांकि, अब तक उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है। वे बेलफास्ट में खेले गए तीनों मुकाबलों और इंग्लैंड के खिलाफ डरहम में खेले गए पहले टी20 मैच में भी बेंच पर ही बैठे रहे। यह मुकाबला पहली पारी के बाद बारिश की वजह से रद्द हो गया था।

वैभव सूर्यवंशी को बताई जाए ये बात

जियोस्टार से बातचीत में पार्थिव पटेल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा टी20 सीरीज के दौरान वैभव सूर्यवंशी को खेलने का मौका जरूर मिलेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ को वैभव से साफ-साफ बात करनी चाहिए और उन्हें उनकी भूमिका के बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए। पार्थिव पटेल ने कहा, “मुझे लगता है कि इस सीरीज में किसी न किसी मैच में वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा। लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि कोचिंग स्टाफ खिलाड़ी से खुलकर बात करे और उसे साफ बताए कि टीम की क्या योजना है और उससे क्या उम्मीद की जा रही है।”

पार्थिव पटेल ने आगे कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी के साथ बहुत सोच-समझकर व्यवहार करना चाहिए। अगर टीम मैनेजमेंट उन्हें कुछ समय तक प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं देना चाहता, तब भी इसकी वजह उन्हें साफ तौर पर बतानी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आप उन्हें अभी नहीं खिला रहे हैं, तो भी उनसे खुलकर बात करना जरूरी है। वह सिर्फ 15 साल के हैं। उन्हें धैर्य रखना सिखाना होगा और समझाना होगा कि भारतीय टीम में जगह बनाना आसान नहीं होता। यहां कई ऐसे खिलाड़ी होते हैं जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया होता है। इसलिए सही समय का इंतजार करना भी खिलाड़ी के विकास का अहम हिस्सा है।”

Experts View : 24400 की दीवार पार होने पर निफ्टी में 24750 का लेवल मुमकिन, 24150-24100 के जोन में तत्काल सपोर्ट

सुदीप शाह

निफ्टी आज गैप-अप के साथ खुला और ज्यादातर समय एक सीमित दायरे में ही रहा,जिसमें 24370–24380 का ज़ोन एक मज़बूत इंट्राडे रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा था। दूसरे हाफ में,इंडेक्स दिन के निचले स्तर से नीचे आ गया और खुलने के समय बने गैप का एक छोटा हिस्सा भर दिया और आखिर में 0.39% की बढ़त के साथ 24271 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने 13 सेशन और 477 अंकों के कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ दिया है। इससे अपट्रेंड के फिर से शुरू होने का संकेत मिल रहा है। RSI ने 60 का स्तर फिर से हासिल कर लिया है,जो बुलिश मोमेंटम में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। इसके अलावा,ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है,जिससे पता चलता है कि बुल्स धीरे-धीरे बेयर्स पर बढ़त बना रहे हैं।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। उसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर का नंबर रहा। दूसरी ओर,निफ्टी PSU बैंक सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसके बाद निफ्टी एनर्जी का नंबर रहा। स्टॉक्स की बात करें तो HCL टेक और मैक्स हेल्थ सबसे ज्यादा बढ़त वाले दो स्टॉक रहे,जबकि एक्सिस बैंक और SBI में गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने एक बड़ी’बेयरिश कैंडल’बनाई,जिसने पिछले सेशन की कैंडल को पूरी तरह से ढक लिया। यह हालिया पुलबैक के बाद प्रॉफिट बुकिंग को दिखाता है। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स की शुरुआत तो मज़बूत रही,लेकिन यह अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सका और धीरे-धीरे नीचे गिरकर फ्लैट नोट पर बंद हुआ।

ब्रॉडर मार्केट में प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं,जो दिखाता है कि तेजी का ट्रेंड मजबूती से बना हुआ है।

दिन के आखिर में मार्केट की ब्रेथ मज़बूत रही,हालांकि एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो थोड़ा मंदडियों के पक्ष में झुका हुआ था। निफ्टी 500 इंडेक्स के कुल शेयरों में से 257 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

आगे की बात करें तो,निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24400-24450 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24750 तक जा सकता है। वहीं दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 के जोन में है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी के मुकाबले कमजोर रहा। हालांकि इसकी शुरुआत अच्छी रही,लेकिन शुरुआती बढ़त पहली कैंडल में ही खत्म हो गई और पूरे सेशन के दौरान यह नीचे की ओर खिसकता रहा,अंत में 0.16% की गिरावट के साथ 57939 पर बंद हुआ।

डेली चार्ट पर,बैंक निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई। इंडेक्स रिलेटिव रोटेशन ग्राफ (आरआरजी) पर कमजोर होते क्वाड्रेंट में प्रवेश कर चुका है,जो ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले रिलेटिव स्ट्रेंथ बनाए रखने के बावजूद गति में कमी का संकेत देता है। वहीं,आरएसआई साइडवेज बना हुआ है,जो मौजूदा कंसोलीडेशन फेज को और मजबूत करता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 58400-58500 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो बैंक निफ्टी का पुलबैक 58900 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59300 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57500-57400 जोन में है।

 

सुदीप शाह SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड हैं.

 

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EPF Scheme 2026: 1 साल के अंदर छोड़ दी नौकरी तो क्या निकाल सकते हैं PF का पूरा पैसा? समझिए एलिजिबल मेंबर बैलेंस और टैक्स का पूरा नियम

EPF Scheme 2026: केंद्र सरकार ने नई कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना, 2026 को नोटिफाई कर दिया है। इसके तहत ईपीएफ खातों से आंशिक निकासी को लेकर एक आसान और नया फ्रेमवर्क पेश किया गया है। आपको बता दें कि सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत नोटिफाई की गई यह नई स्कीम छह दशक पुरानी ईपीएफ योजना, 1952 की जगह लागू हुई है।

नए नियमों में पीएफ सदस्यों को अपनी अलग-अलग जरूरतों के लिए अपने एलिजिबल बैलेंस का 100 प्रतिशत तक हिस्सा निकालने की इजाजत है। इसके अलावा एक नया नियम भी जोड़ा गया है। इस नियम के तहत अब हर सदस्य को अपने ईपीएफ खाते में एक न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा।

क्या बदल रहा है निकासी का नियम?

नए नियमों के तहत ईपीएफ सदस्य आंशिक निकासी के लिए डेजिगनेटेड पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यहां जानना जरूरी है कि ये विड्रॉल एक जरूरी शर्त के अधीन होगा। योजना के नियमों के मुताबिक कमिश्नर निर्दिष्ट पोर्टल पर किसी सदस्य के आवेदन पर आंशिक निकासी को मंजूरी दे सकता है, जो कि सदस्य के खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की आवश्यकता के अधीन होगा। नई योजना में इस मिनिमम बैलेंस को पहली बार परिभाषित किया गया है।

क्या होता है Eligible Member Balance और Minimum Balance?

नोटिफिकेशन के मुताबिक मिनिमम बैलेंस का गणित कुछ इस तरह तय किया गया है। न्यूनतम बैलेंस का मतलब उस राशि से है जो सदस्य के खाते में जमा कुल योगदान (जिसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों का हिस्सा और उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल है) के 25 प्रतिशत के बराबर हो। किसी भी आंशिक निकासी का लाभ देने के बाद यह राशि सदस्य के खाते में अनिवार्य रूप से बची रहनी चाहिए। आसान शब्दों में कहें तो आपकी अब तक की कुल ईपीएफ बचत (आपका योगदान + कंपनी का योगदान + ब्याज) का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा विड्रॉल के बाद भी आपके खाते में ब्लॉक रहेगा।

इस अनिवार्य 25 प्रतिशत मिनिमम बैलेंस को घटाने के बाद जो रकम बचती है उसे एलिजिबल मेंबर बैलेंस कहा जाता है। कोई भी कर्मचारी सिर्फ इसी एलिजिबल मेंबर बैलेंस को ही खाते से निकाल सकता है।

1 साल के अंदर नौकरी छोड़ने पर क्या हैं नियम?

यह योजना उन कर्मचारियों को बड़ी राहत देती है जो अपनी नौकरी शुरू करने के 12 महीने पूरे होने से पहले ही काम छोड़ देते हैं। नए नियमों के मुताबिक कोई सदस्य 1 साल के अंदर भी नौकरी छोड़ देता है तो भी वह अपने पीएफ के पार्शियल विड्रॉल का हकदार होगा। हालांकि ऐसा सदस्य सिर्फ विड्रॉल की तारीख तक उपलब्ध अपने एलिजिबल मेंबर बैलेंस की सीमा तक ही पैसा निकाल सकेगा।

कब और किन जरूरतों के लिए निकाल सकते हैं 100% एलिजिबल बैलेंस?

ईपीएफ की कुल 12 महीने की सदस्यता पूरी करने के बाद, सदस्य अपनी अलग अलग व्यक्तिगत और पारिवारिक जरूरतों के लिए अपने एलिजिबल मेंबर बैलेंस का 100 प्रतिशत तक हिस्सा निकाल सकते हैं। इन जरूरतों में नीचे दी गई बातें शामिल हैं-

खुद या परिवार का इलाज

खुद या परिवार में शिक्षा

खुद या परिवार में शादी

घर या फ्लैट खरीदना

घर बनाने के लिए जमीन खरीदना

घर का निर्माण करना

होम लोन चुकाना

मौजूदा घर का रेनोवेशन/सुधार करना

इसके अलावा विशेष परिस्थितियों में भी 12 महीने की सदस्यता पूरी होने के बाद 100% एलिजिबल मेंबर बैलेंस निकालने की अनुमति दी जा सकती है।

कितनी बार निकाला जा सकता है पैसा?

नई योजना में इस बात की भी सीमा तय की गई है कि कोई सदस्य अपनी पूरी सदस्यता के दौरान अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कितनी बार पैसा निकाल सकता है-

शिक्षा के लिए: पूरी सदस्यता के दौरान अधिकतम 10 बार विड्रॉल

शादी के लिए: पूरी सदस्यता के दौरान अधिकतम 5 बार विड्रॉल

घर/आवास संबंधी काम के लिए: अधिकतम 5 बार विड्रॉल।

विशेष परिस्थितियों में: एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 2 बार विड्रॉल।

क्यों जरूरी है मिनिमम बैलेंस का यह नया नियम?

इससे पहले लागू ईपीएफ निकासी के नियम अलग-अलग उद्देश्यों और अलग-अलग शर्तों से जुड़े होते थे जिसके कारण कई मामलों में सदस्य अपने खाते का अधिकांश बैलेंस निकाल लेते थे। नया फ्रेमवर्क एलिजिबल मेंबर बैलेंस की एक समान अवधारणा को लागू करके पूरे विड्रॉल प्रोसेस निकासी प्रक्रिया को स्टैंडराइज करता है। इसके साथ ही यह नियम यह भी सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा हमेशा इन्वेस्टेड रहे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे।

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JPSC PCS Pre Result 2026: जेपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करें रिजल्ट, 18 से 20 जुलाई के बीच होगी मुख्य परीक्षा

JPSC PCS Pre Result 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त असैनिक सेवा (PCS) प्रारंभिक परीक्षा 2025 देने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। आयोग ने प्री परीक्षा के रिजल्ट का इंतजार खत्म करते हुए आधिकारिक वेबसाइट jpsc.gov.in पर नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार यहां से अपना रिजल्ट देख सकते हैं। आयोग ने रिजल्ट पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है। इस परीक्षा में सफल उम्मीदवार अब जेपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा में शामिल होने के योग्य होंगे।

जेपीएससी ने प्रीलिम्स परीक्षा का परिणाम पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है। इसमें उन सभी अभ्यर्थियों के रोल नंबर दिए गए हैं, जिन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई किया है। रिजल्ट घोषित करने के साथ ही आयोग ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार मेंस परीक्षा के लिए 9 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं और मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

9 जुलाई तक करें मेन्स के आवेदन

जेपीएससी ने पीसीएस प्री परीक्षा 2026 में सफल उम्मीदवारों के लिए मुख्य परीक्षा का ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिया है। आवेदन लिंक आज से एक्‍टिव है और योग्य उम्मीदवार 9 जुलाई 2026 तक इसके जरिए आवेदन कर सकेंगे।

मुख्य परीक्षा 18 से 20 जुलाई के बीच होगी

जेपीएससी के पीसीएस परीक्षा के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मुख्य परीक्षा 18, 19 और 20 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो शिफ्ट में होगी। पहली शिफ्ट सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी।

जेपीएससी प्री रिजल्ट 2026 कैसे डाउनलोड करें

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइअ jpsc.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर P.T.Result of the Recruitment of Jharkhand Combined Civil Services Examination (Regular)-2025 लिंक पर क्लिक करें।
  • लिंक खुलते ही मेरिट लिस्ट पीडीएफ स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • उम्मीदवार इसमें अपना रोल नंबर खोज सकते हैं।
  • भविष्य की जरूरत के लिए रिजल्ट का प्रिंट आउट या पीडीएफ अपने पास सुरक्षित रखें।

अफवाहों और फेक न्यूज से बचें

झारखंड लोक सेवा आयोग ने उम्मीदवारों को अफवाहों और फेक न्यूज से सतर्क रहने को कहा है। आयोग ने परीक्षार्थियों को परीक्षा से जुड़ी सभी नई सूचनाओं और अपडेट के लिए नियमित रूप से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखने की सलाह दी है।

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सरकार जल्द नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम का कर सकती है ऐलान, जानिए क्या है पूरा प्लान

सरकार नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम का ऐलान कर सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह बताया। इस बारे में आधिकारिक घोषणा दो हफ्ते के अंदर हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि इस स्कीम के तहत 1,000 टन से ज्यादा सोना आने की उम्मीद है।

नई स्कीम में ज्वेलर्स होंगे कलेक्शन पार्टनर्स

देशभर के ज्वेलर्स को नई स्कीम में बतौर ‘कलेक्शन पार्टनर्स’ शामिल किया जा सकता है। उन्हें परिवारों से गोल्ड डिपॉजिट लेने की इजाजत होगी। पहले सिर्फ बैंकों को इसकी इजाजत थी। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने कहा, “प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में बतौर कलेक्शन पार्टनर्स शामिल किया जा सकता है।”

गोल्ड के इंपोर्ट में कमी लाने में मिल सकती है मदद

देश में ज्वेलर्स से जुड़ी संस्थाओं ने सरकार से गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम में बदलाव करने की गुजारिश की है। गोल्ड का इंपोर्ट घटाने के लिए उनका जोर ऐसे सॉल्यूशंस पर है, जिसका खराब असर इस सेक्टर से जुड़े लोगों की रोजीरोटी पर नहीं पड़े। अगर देश में परिवारों में रखा 5 फीसदी सोना भी मॉनेटाइज होता है तो इससे 90 अरब डॉलर की लिक्विडिटी मुमकिन हो सकती है।

पीएम मोदी ने की थी सोना नहीं खरीदने की अपील

हाल में प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की थी। इंडिया दुनिया में सोने की सबसे ज्यादा खपत वाले देशों में शामिल है। भारत में ज्वेलरी के साथ ही सुरक्षित निवेश के लिए लोग सोना खरीदते हैं। ज्वेलरी के खरीदने से सोने का ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो पाता है। इसलिए गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम के जरिए काफी सोना आ सकता है।

2015 में हुई थी गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम की शुरुआत

सरकार ने 2015 में गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) की शुरुआत की थी। इसका मकसद सोने के इंपोर्ट में कमी लाकर करेंट अकाउंट डेफिसिट को घटाना था। इनवेस्टर्स को फिजिकल गोल्ड खरीदने की जगह गोल्ड स्कीम का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। इनवेस्टर्स अपना सोना बैंक लॉकर्स में डिपॉजिट कर 2.25 से 2.5 फीसदी इंटरेस्ट कमा सकते हैं। विड्रॉल के समय इनवेस्टर्स के पास फिजिकल गोल्ड या उसके बराबर पैसा वापस लेने की इजाजत थी।

पुरानी स्कीम में 10 सालों में सिर्फ 38 टन सोना आया

स्कीम की शुरुआत के 10 साल बाद तक सिर्फ 38 टन सोना ही आ सका। यह इंडिया में परिवारों के पास रखे कुल सोना का बहुत कम हिस्सा है। इंडिया में परिवारों के पास 25,000 टन सोना होने का अनुमान है। सरकार ने स्कीम में मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म डिपॉजिट रोक दी थी। इस स्कीम में इनवेस्टर्स को इंटरेस्ट का पेमेंट सरकार करती है। इस वजह से यह स्कीम सरकार के लिए नुकसानदेह रही।

पुरानी स्कीम में सरकार को उठाना पड़ा लॉस

ट्रेडबुल्स सिक्योरिटीज के भाविक पटेल ने कहा, “आखिर में सरकार को इस स्कीम में लॉस उठाना पड़ा। सरकार को सोने की कीमतों में आए तेजी का बोझ उठाना पड़ता था। साथ ही उसे इनवेस्टर्स को सालाना 2 फीसदी इंटरेस्ट चुकाना पड़ता था।” यह स्कीम हेज्ड (Hedged) नहीं थी, जिससे विड्रॉल के समय सरकार को सोने की कीमतों में हुई वृद्धि का बोझ उठाना पड़ता था।

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इन वजहों से असफल रही पुरानी स्कीम

इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि स्ट्रक्चरल वजहों से गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम विफल रही। AIJGF ने कहा कि इस स्कीम में दिलचस्पी दिखाने के लिए बैंकों को किसी तरह के इनसेंटिव की व्यवस्था नहीं थी। नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम से गोल्ड के इंपोर्ट पर निर्भरता में कमी आ सकीत है। साथ ही घरों में बेकार पड़े सोने का इस्तेमाल इकोनॉमी के हित में हो सकेगा।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 3 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,250 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 261.79 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ। आज लगभग 2182 शेयरों में बढ़त हुई,1879 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,मैक्स हेल्थकेयर,बजाज फिनसर्व,अपोलो हॉस्पिटल्स और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि, गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,M&M, SBI,L&T और टेक महिंद्रा शामिल रहे।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज़्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी IT(1.7 प्रतिशत),निफ्टी फार्मा (1.7 प्रतिशत)और निफ्टी मेटल (0.7 प्रतिशत) की बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर निफ्टी PSU बैंक में सबसे ज़्यादा गिरावट (1.5 प्रतिशत) आई। इसके बाद निफ्टी एनर्जी (-1.30 प्रतिशत),निफ्टी ऑटो (-0.4 प्रतिशत),निफ्टी मीडिया (-0.4 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.3 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.16 प्रतिशत) का नंबर रहा।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट स्तर पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव और प्रॉफ़िट-बुकिंग के बावजूद,घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को अच्छे ग्लोबल संकेतों से मदद मिली। US लेबर मार्केट के नरम आंकड़ों के बाद ब्याज दरों के माहौल में नरमी आने की उम्मीदें बढ़ीं हैं। भारत-जापान समिट के अच्छे नतीजों और IT सेक्टर में लगातार रिकवरी से भी बाजार का मूड बेहतर हुआ। घरेलू मोर्चे पर,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी एक अहम पॉजिटिव फ़ैक्टर है। आगे चलकर बाजार का फोकस वित्त वर्ष 2027 के पहली तिमाही के नतीजों और कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर रहेगा। मॉनसून पर भी बाजार की नजर रहेगी। आगे बाजार में गिरावट पर खरीदारी का रुख बने रहने की संभावना है।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले का कहना है कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में अच्छी बढ़त रही। निफ्टी 0.89 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ है। जबकि सेंसेक्स में 663 अंकों की तेजी रही। सेक्टरों की बात करें तो रियल्टी इंडेक्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 7.20 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि एनर्जी इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत की गिरावट आई। टेक्निकल नज़रिए से देखें तो शॉर्ट-टर्म करेक्शन के बाद निफ्टी ने एक बार फिर 23,800 के आसपास सपोर्ट लिया और तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा। वीकली चार्ट पर, इसने एक बुलिश कैंडल बनाया है और’हायर बॉटम’फॉर्मेशन भी बनाए रखा है,जो काफी हद तक पॉजिटिव संकेत है।

शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का मिजाज पॉजिटिव है,लेकिन ट्रेडर्स के लिए सबसे अच्छी रणनीति गिरावट पर खरीदारी और तेज़ी पर बिकवाली की होगी। नीचे की तरफ,24,150-24,000 अहम सपोर्ट जोन होंगे। जबकि बुल्स के लिए 24,500-24,700 अहम रेजिस्टेंस एरिया होंगे। हालांकि,24,000 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटीमेंट बदल सकता है। 24,000 के नीचे गिरावट आने पर 23,800-23,750 के लेवल दोबारा टेस्ट हो सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने वीकली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाकर हफ़्ते की क्लोजिंग की। जबकि डेली चार्ट हालिया तेजी के बाद एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (रेंज-बाउंड कंसोलिडेशन) का संकेत दे रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद,मार्केट का ओवरऑल रुख बुलिश बना हुआ है। इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह बड़ा पॉजिटिव संकेत है।

इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट 57,500–57,200 के लेवल पर हैं। जबकि रेजिस्टेंस 58,500–58,800 के आसपास दिख रहा है। अच्छे रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो के लिए ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। जब इंडेक्स रेजिस्टेंस जोन के पास पहुेचे तो प्रॉफ़िट बुकिंग करने की सलाह होगी।

अमोल अठावले का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए हायर बॉटम सपोर्ट 57,500 के आस-पास है। इस लेवल के ऊपर,पॉजिटिव मोमेंटम 58,700-59,000 की तरफ जारी रह सकता है। इसके विपरीत,57,500 के नीचे गिरावट आने पर अपट्रेंड कमजोर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे,ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।

 

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Stock Market Rise: लगातार तीसरे दिन हरियाली, सेंसेक्स 262 अंक चढ़ा; निवेशकों की दौलत में ₹94270 करोड़ का इजाफा

शेयर बाजार में शुक्रवार, 3 जुलाई को लगातार तीसरे दिन तेजी रही। आईटी स्टॉक्स में बढ़त और अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बीच सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स बढ़त में खुलने के बाद पिछली क्लोजिंग से 655 अंक से ज्यादा चढ़कर 78,157.52 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर 200 अंक से ज्यादा उछलकर 24,378.15 के हाई तक गया। बाद में सेंसेक्स 261.79 अंकों की तेजी के साथ 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंकों की बढ़त के साथ 24,270.85 पर बंद हुआ।

मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,80,19,994.09 करोड़ रुपये हो गया। गुरुवार, 2 जुलाई को मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,79,25,723.825 करोड़ रुपये रहा था। यानि कि एक दिन में 94,270.265 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार को सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर बंद हुआ था। निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,175.70 पर बंद हुआ था।

इन प्रमुख वजहों से तेजी

अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रहने से फेडरल रिजर्व द्वारा निकट अवधि में बेंचमार्क ब्याज दरें बढ़ाए जाने को लेकर चिंता कम हुई। इससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने की इच्छा बढ़ी। इसके अलावा एशियाई बाजारों में तेजी का भी घरेलू बाजार में सेंटिमेंट बे​हतर होने में हाथ रहा। निक्केई-225 में 1.3 प्रतिशत और सेट कंपोजिट में 1.1 प्रतिशत की तेजी है। जकार्ता कंपोजिट 2 प्रतिशत से ज्यादा उछला है। KOSPI 5.4 प्रतिशत चढ़ा है। हेंगसेंग में भी लगभग 1 प्रतिशत की तेजी है। एक वजह यह भी है कि मार्केट के उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाले India VIX में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि बाजार में अनिश्चितता और जोखिम की आशंका कम हुई है, जो आमतौर पर इक्विटी बाजार के लिए अच्छा माना जाता है।

Waterways Leisure Tourism में और 10% तेजी की लहर, लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट

रुपये की चाल

रुपया शुक्रवार को 14 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.21 (अस्थायी) पर रहा। डॉलर सूचकांक के पिछले 15 महीनों के उच्च स्तर से नीचे आने से घरेलू मुद्रा को बल मिला। रुपया गुरुवार को 19 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.35 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Totapuri Mango Price Crash: तोतापरी आम के दामों में भारी गिरावट की टेंशन! अब इसके लिए हाई लेवल कमेटी का ऐलान

आंध्र प्रदेश में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट और इसके कारण किसानों के बीच पैदा हुए संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने इस समस्या के अध्ययन के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में आंध्र प्रदेश का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान किसानों ने उनके सामने पिछले कुछ महीनों में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट का मुद्दा उठाया था। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों ने बताया कि मुख्य रूप से प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए उगाए जाने वाले इस आम के दाम गिरने से उनकी इनकम पर बहुत बुरा असर पड़ा है। किसानों की इसी चिंता को देखते हुए कृषि मंत्री ने कमेटी गठन करने का आदेश जारी किया।

वैल्यू चेन की पूरी समीक्षा करेगी वैज्ञानिकों की कमेटी

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों को मिलाकर बनाई गई यह कमेटी तोतापरी आम की पूरी वैल्यू चेन की विस्तृत समीक्षा करेगी। इस समीक्षा के दायरे में नीचे दिए गए विषय शामिल होंगे-

तोतापरी आम की खेती

  • प्रोसेसिंग
  • मार्केटिंग
  • घरेलू व्यापार
  • निर्यात

इसके साथ ही यह पैनल किसानों की कमाई में सुधार करने और इस पूरे सेक्टर को एक टिकाऊ व मजबूत स्थिति में लाने के लिए जरूरी उपायों के सुझाव भी देगा।

डॉ टी दामोदरन संभालेंगे कमेटी की कमान

लखनऊ स्थित ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान से जारी आदेश के मुताबिक इस उच्च स्तरीय समिति की कमान डॉ टी दामोदरन (निदेशक, ICAR-CISH) को सौंपी गई है। वही इसके अध्यक्ष होंगे। कमेटी में इनके अलावा डॉ. एम शंकरण, प्रमुख, फल फसल प्रभाग, ICAR-IIHR, बेंगलुरु, डॉ. एच एस सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, ICAR-CISH, डॉ. डी श्रीनिवास रेड्डी, प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर (अनंतराजुपेटा), डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश के बागवानी निदेशक या उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे।

10 दिनों के भीतर ग्राउंड जीरो पर जाएगी कमेटी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमेटी को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापरी उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करें। ग्राउंड लेवल की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए कमेटी को किसानों, प्रोसेसर्स, निर्यातकों, राज्य के बागवानी अधिकारियों और किसान उत्पादक संगठनों के साथ सीधा परामर्श करने के लिए कहा गया है।

सरकार को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

अपने फील्ड स्टडी और सभी पक्षों के साथ किए गए विचार-विमर्श के आधार पर यह कमेटी कृषि मंत्रालय को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में कीमतों को स्थिर करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने, प्रोसेसिंग व एक्सपोर्ट क्षमता को मजबूत करने के लिए अहम सिफारिशें शामिल होंगी। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलकर की जाने वाली संयुक्त कार्रवाई के लिए FPOs, प्रोसेसर्स और निर्यातकों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का रोडमैप भी सुझाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने साफ तौर पर कहा है कि तोतापरी उत्पादकों की आय और उनकी आजीविका की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कमेटी की रिपोर्ट और निष्कर्षों के आधार पर किसानों की मदद करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ाने और इस सेक्टर में निर्यात व निवेश के अवसरों का विस्तार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश में इस समय तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की सरकार है। टीडीपी केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक बेहद महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी है।

Alpha Movie: ‘ऐल्फा’ में आलिया भट्ट-शरवरी वाघ के बिकनी सीन को यूजर्स ने बताया निरमा ऐड, बोले- धुरंधर बनने चले थे…

Alpha Movie: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट और शरवरी की स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘ऐल्फा’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से मिले-जुले से लेकर नेगेटिव रिव्यूज मिले हैं। फिल्म के कई सीन ऑनलाइन लीक हो गए हैं, जिनमें से एक में आलिया और शरवरी का बिकिनी सीन भी शामिल है। हालांकि, इंटरनेट पर इसे लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है।

‘ऐल्फा’ फिल्म का एक सीन X पर सामने आया है, जिसमें आलिया और शरवरी बिकिनी पहने हुए पानी से बाहर निकलती हुई दिख रही हैं। इस सीन में दोनों एक्ट्रेस बिकिनी में अपनी कर्वी बॉडी दिखाती नजर आ रही हैं। हालांकि, इस सीन ने कई दर्शकों को निराश किया है। लोगों ने YRF की इस बात के लिए आलोचना की है कि एक्शन थ्रिलर फिल्म होने के बावजूद, वे फीमेल एक्ट्रेस के लिए बिकिनी वाले सीन जरूर रखते हैं। कई यूजर्स ने इस सीन की तुलना निर्मा (Nirma) के विज्ञापन से भी की है।

एक ट्वीट में लिखा था, “उन्होंने YRF की ‘Alpha’ फिल्म में निरमा का ऐड क्यों डाल दिया?” एक और ट्वीट में कहा गया, “YRF वही कर रहा है जो वह हमेशा करता है – जासूसी फिल्म में बिकिनी सीन ज़बरदस्ती डालना।” एक और यूज़र ने कमेंट किया, “क्या जासूसी फिल्म ऐसी दिखनी चाहिए? यह तो बिकिनी पहनकर हनीमून मना रहे लेस्बियन कपल की फ़िल्म जैसी लग रही है। YRF को बिकिनी का इतना जुनून क्यों है…?”

एक और व्यक्ति ने लिखा, “मुझे पता था!! YRF जासूसी फ़िल्म बनाए और उसमें बिकिनी सीन न हो? नामुमकिन। उन्होंने इस बार दर्शकों को बेवकूफ़ बनाने के लिए टीजर और ट्रेलर में इसे नहीं दिखाया।” एक और ट्वीट में लिखा था, “बड़ा घोटाला, बिकिनी में भारतीय महिला एजेंट?????? मिस्टर चोपड़ा, आप ऐसा कैसे कर सकते हैं? आपको भारतीय RAW एजेंटों को बिकिनी क्वीन की तरह दिखाने का अधिकार किसने दिया?”

यह पहली बार नहीं है जब YRF स्पाई यूनिवर्स को अपनी महिला जासूसों की स्टाइलिंग को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है। ‘वॉर 2’ में कियारा आडवाणी के बिकिनी सीन पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ दर्शकों ने जासूस को इतने ग्लैमरस अवतार में दिखाए जाने पर सवाल उठाए। इससे पहले, ‘पठान’ फिल्म के गाने ‘बेशर्म रंग’ में दीपिका पादुकोण की ऑरेंज बिकिनी को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। कॉस्ट्यूम के रंग को लेकर फिल्म के बहिष्कार की मांग उठी थी और राजनीतिक विरोध भी हुआ था।

शिव रवैल की डायरेक्ट की हुई ‘ऐल्फा’, YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म है। इस फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी मुख्य भूमिकाओं में हैं, साथ ही अनिल कपूर और बॉबी देओल भी हैं। यह फ़िल्म एक ऐसी ट्रेंड मर्डरर की कहानी है जिसे सुपर-सोल्जर सीरम दिया गया है, और उसे अपने ही मेंटर के खिलाफ लड़ना पड़ता है। यश राज फिल्म्स के बैनर तले आदित्य चोपड़ा द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘अल्फा’ की कहानी उदय चोपड़ा ने लिखी है, और इसका स्क्रीनप्ले सौमिल शुक्ला, श्रीधर राघवन और इशिता मोइत्रा ने तैयार किया है। यह YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-प्रधान स्पाई एक्शन फिल्म है, इससे पहले इस यूनिवर्स की फिल्मों में ऋतिक रोशन, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे पुरुषमेल सुपरस्टार्स मुख्य भूमिकाओं में रहे हैं।

धरती के वो अनछुए कोने खामोश वादियां गूंजते राज, जहां नहीं पड़े इंसानी कदम आज तक!

दुनिया में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जिन्हें देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो जाता है। कहीं झील के बीच तैरते हुए द्वीप हैं, तो कहीं ऐसी नदी जिसका पानी हमेशा उबलता रहता है। कुछ जगहें विज्ञान के लिए भी आज तक रहस्य बनी हुई हैं। आइए जानते हैं दुनिया की ऐसी 5 अद्भुत जगहों के बारे में, जिन्हें अपनी जिंदगी में एक बार जरूर देखना चाहिए:

1. लोकटक झील, भारत – दुनिया की तैरती झील का अनोखा नज़ारा

लोकटक झील: भारत के मणिपुर में एक तैरता हुआ स्वर्ग

मणिपुर में लोकटक झील भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके ‘फुमदी’ हैं। फुमदी मिट्टी, घास, पेड़-पौधों और जैविक पदार्थों से बने तैरते हुए छोटे-छोटे द्वीप होते हैं, जो पानी की सतह पर लगातार अपनी जगह बदलते रहते हैं। यही कारण है कि यह झील दुनिया की सबसे अनोखी झीलों में गिनी जाती है। यहां केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क दुनिया का इकलौता तैरता हुआ नातिरोनल पार्क है, जहां दुर्लभ संगाई हिरण पाया जाता है। झील में बोटिंग, फोटोग्राफी, बर्ड वॉचिंग और सूर्योदय-सूर्यास्त का नजारा टूरिस्ट को मंत्रमुग्ध कर देता है। यहां ठहरने के लिए होमस्टे, कॉटेज और होटल उपलब्ध हैं, जिनका खर्च लगभग ₹1,500 से ₹5,000 प्रति रात होता है, जबकि खाने का खर्च ₹400 से ₹1,000 प्रतिदिन तक आता है।

2. डोर टू हेल, तुर्कमेनिस्तान – 50 साल से जलता रहस्यमयी गड्ढा

The 'Gates of Hell' could soon be extinguished in Turkmenistan due to its ecological damage | World News | Sky News

तुर्कमेनिस्तान के कराकुम रेगिस्तान में स्थित डोर टू हेल दुनिया के सबसे रहस्यमय टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक है। यह एक विशाल गैस क्रेटर है, जिसमें 1971 से लगातार आग जल रही है। माना जाता है कि नेचुरल गैस की खुदाई के दौरान जमीन धंस गई थी और गैस के रिसाव को रोकने के लिए उसमें आग लगा दी गई, लेकिन वह आज तक नहीं बुझी। रात के समय यह गड्ढा चमकते हुए आग के समुद्र जैसा दिखाई देता है। इसका व्यास लगभग 70 मीटर और गहराई करीब 30 मीटर है। यहां होटल बहुत कम हैं, इसलिए ज्यादातर टूरिस्ट रेगिस्तान में कैंपिंग का एक्सपीरियंस लेते हैं। कैंप और टूर पैकेज का खर्च लगभग ₹8,000 से ₹20,000 तक हो सकता है, जबकि खाने का खर्च ₹1,000 से ₹2,500 प्रतिदिन रहता है।

3. सलार दे उयुनी, बोलिविया – दुनिया का सबसे बड़ा नटुरेल आईना

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बोलिविया का सलार दे उयुनी दुनिया का सबसे बड़ा नमक का मैदान है, जो लगभग 10,500 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। बारिश के मौसम में इसकी सतह पर पानी की एक पतली परत जम जाती है, जिससे पूरी जमीन एक विशाल आईने की तरह आसमान का लुक दिखाने लगती है। ऐसा लगता है जैसे लोग बादलों के ऊपर चल रहे हों। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे फोटोजेनिक जगहों में गिना जाता है। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का व्यू बेहद शानदार होता है। टूरिस्ट जीप सफारी, फोटोग्राफी और नमक से बने होटलों में ठहरने का एक्सपीरियंस लेते हैं। यहां रहने का खर्च लगभग ₹3,000 से ₹10,000 प्रति रात और खाने का खर्च ₹800 से ₹2,000 प्रतिदिन हो सकता है।

4. रेसट्रैक प्लाया, अमेरिका – अपने आप चलने वाले पत्थरों का रहस्य

mystery of moving stone in California death valley | वो घाटी जहां अपने आप चलते हैं पत्थर

अमेरिका के डेथ वैली नेशनल पार्क में स्थित रेसट्रैक प्लाया एक सूखी झील का मैदान है, जो अपने चलने वाले पत्थरों के लिए पूरी दुनिया में पॉपुलर है। यहां बड़े-बड़े पत्थर बिना किसी इंसान या जानवर की मदद के अपनी जगह बदलते हुए दिखाई देते हैं और पीछे लंबी लकीरें छोड़ जाते हैं। कई वर्षों तक यह एक रहस्य बना रहा, लेकिन बारिश, बर्फ की पतली परत और तेज हवा मिलकर इन पत्थरों को धीरे-धीरे खिसकाती हैं। यहां का सुनसान और विशाल रेगिस्तानी इलाका एडवेंचर पसंद लोगों को खूब अट्रैक्ट करता है। यहां ठहरने के लिए डेथ वैली के आसपास होटल अवेलेबल हैं, जिनका खर्च लगभग ₹8,000 से ₹20,000 प्रति रात होता है, जबकि खाने का खर्च ₹1,500 से ₹3,000 प्रतिदिन तक हो सकता है।

5. शनाय-टिम्पिशका, पेरू – उबलती नदी का रहस्य

दुनिया की एकमात्र उबलती नदी, शनाय-टिम्पिश्का नदी, जिसे "अमेज़न की उबलती नदी" भी कहा जाता है, पेरू में स्थित है। इसका पानी 45°C (113°F) से लेकर लगभग ...

पेरू के अमेजन वर्षावन में स्थित शनाय-टिम्पिशका को दुनिया की सबसे रहस्यमयी नदियों में गिना जाता है। यह नदी कई स्थानों पर इतनी गर्म हो जाती है कि इसका टेम्परेचर 80 से 100 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। माना जाता है कि इसमें गिरने वाला कोई भी छोटा जीव कुछ ही मिनटों में मर सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती के अंदर Geothermal एनर्जी के कारण यह पानी इतना गर्म रहता है। यहां जाने के लिए गाइड के साथ यात्रा करना सबसे सुरक्षित माना जाता है। आसपास इको-लॉज और जंगल रिसॉर्ट उपलब्ध हैं, जिनका खर्च लगभग ₹4,000 से ₹12,000 प्रति रात होता है, जबकि खाने का खर्च ₹800 से ₹2,000 प्रतिदिन तक हो सकता है।

इन पांचों जगहों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये नेचर के ऐसे अजूबे हैं, जिन्हें देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी टिपिकल टूरिस्ट डेस्टिनेशन से हटकर कुछ अनोखा और यादगार एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो ये डेस्टिनेशन आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर होने चाहिए।