​यूपी के अंबेडकर नगर में IPS आशुतोष मिश्र की मां की हत्या, जेवरात लूटे, हाथ पर मिला इंजेक्शन का निशान

​यूपी के अंबेडकर नगर में IPS आशुतोष मिश्र की मां की हत्या, जेवरात लूटे, हाथ पर मिला इंजेक्शन का निशान

IPS Mishra mother Murder in UP

IPS Ashutosh Mishra Mother Murder in UP: ​उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर में बेखौफ बदमाशों ने एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया है। लखनऊ में तैनात आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्र की मां इंद्रा देवी की उनके ही घर में लूटपाट के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी। बदमाशों ने वृद्धा के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, शरीर से सोने के तमाम कीमती आभूषण निकाल लिए और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके फरार हो गए।

​स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हुई थीं शामिल

अम्बेडकर नगर के मालीपुर (धवरुआ मजरे रूढ़ा गांव) स्थित गजाधरनाथ मर्यादा इंटर कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम था। आईपीएस आशुतोष मिश्र अपनी मां इंद्रा देवी के साथ कार्यक्रम में शामिल होने गांव आए थे। शनिवार शाम 6 से 7 बजे के बीच आईपीएस मिश्र लखनऊ लौट गए, जबकि मां इंद्रा देवी स्कूल में चल रहे अधूरे वायरिंग के काम को पूरा कराने के लिए वहीं रुक गईं। ALSO READ: योगी सरकार का भूमाफियाओं पर बड़ा एक्शन, 2 लाख एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त, अब बनेगा यूपी का बड़ा ‘लैंडबैंक’

 

​आईपीएस आशुतोष मिश्र ने शनिवार रात 10 बजे लखनऊ से मां से फोन पर बात की थी। लेकिन रविवार सुबह 6 बजे जब उन्होंने दोबारा कॉल किया, तो कोई जवाब नहीं मिला। सुबह करीब 9 बजे जब काम करने वाली महिला पियारी देवी पहुंची, तो मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर जाने पर उसने देखा कि इंद्रा देवी हाल में बेड पर पड़ी थीं और उनके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। पड़ोसी राम नायक ने मौके पर पहुंचकर मुंह से कपड़ा निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।

​शरीर पर इंजेक्शन और खरोंच के निशान

दोपहर करीब 1 बजे आईपीएस आशुतोष मिश्र गांव पहुंचे। इंद्रा देवी के शरीर से सोने की चेन, कंगन, कुंडल और अंगूठी जैसे भारी आभूषण गायब थे। जांच के दौरान उनके हाथ पर इंजेक्शन लगाने का निशान और शरीर पर खरोंच के निशान भी मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले उन्हें बेहोश करने या जहर देने की कोशिश की गई थी।

​शीर्ष अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही एसपी प्राची सिंह, एएसपी डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ अनूप सिंह और थानाध्यक्ष शशांक शुक्ल ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया। ​शाम करीब 6 बजे अयोध्या जोन के डीआईजी सोमेन बर्मा ने घटनास्थल और छत का गहन निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीमों को साक्ष्य जुटाने के सख्त निर्देश दिए। आईपीएस पुत्र आशुतोष मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने लूट और हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि बदमाशों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आय से अधिक संपत्ति मामला, राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला

आय से अधिक संपत्ति मामला, राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष चल रही कार्यवाही को आगे न बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को इस मामले में हाई कोर्ट के सामने कोई भी रिपोर्ट दाखिल करने से रोक दिया है।

 

अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि इस मामले में कार्यवाही को आगे न बढ़ाया जाए। साथ ही सीबीआई और ईडी समेत सभी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले में हाई कोर्ट के समक्ष अपनी कोई भी जांच रिपोर्ट दाखिल न करें। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

शीर्ष अदालत ने जारी किया नोटिस

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। राहुल गांधी की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा और दलीलें पेश कीं। सिब्बल की दलीलों पर गौर करने के बाद शीर्ष अदालत ने सीबीआई, ईडी और याचिकाकर्ता (कर्नाटक निवासी एस विग्नेश शिशिर) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश?

इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस आरएस चौहान और जस्टिस बीआर सिंह की खंडपीठ ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच एजेंसियों को निर्देश जारी किए थे। हाई कोर्ट ने सीबीआई, ईडी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) को आठ सप्ताह के भीतर आरोपों पर जवाब दाखिल करने को कहा था। उस समय सीबीआई और ईडी ने हाई कोर्ट को सूचित किया था कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और वे आरोपों की जांच कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी आदेश के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ALSO READ: पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए…राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

राहुल गांधी की संपत्ति से जुड़ा क्या है यह मामला?

यह मामला कर्नाटक के एक भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने आय के अपने ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। याचिका में मांग की गई थी कि राहुल गांधी की कुल संपत्ति, वित्तीय लेनदेन और कॉर्पोरेट मामलों में कथित संलिप्तता की गहन जांच सीबीआई (CBI), ईडी (ED) और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों से कराई जाए।

राहुल गांधी की ओर से इसे राजनीति से प्रेरित और निराधार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

रुद्रनाथ मंदिर क्यों है खास? भगवान शिव की मुखाकृति के दर्शन और मंदिर से जुड़ी अद्भुत मान्यताएं

रुद्रनाथ मंदिर क्यों है खास? भगवान शिव की मुखाकृति के दर्शन और मंदिर से जुड़ी अद्भुत मान्यताएं

rudranath temple chamoli

उत्तराखंड के चमोली में स्थित पंच केदार के चौथे केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर की महिमा, धार्मिक मान्यताओं और दर्शन के महत्व के बारे में जानें। यहां भगवान शिव की मुखाकृति के दर्शन होते हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सावन मास के तीसरे सोमवार को शिव भक्तों को चमोली के श्री रुद्रनाथ मंदिर के संबंध में जानकारी दी। ALSO READ: सावन में उत्तराखंड के नीलकंठ महादेव के दर्शन क्यों हैं खास? जानें समुद्र मंथन और भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक मान्यता

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि पंच केदार में से चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर जनपद चमोली की मनमोहक वादियों के मध्य स्थित है। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। चमोली जनपद के भ्रमण के दौरान आप भी श्री रुद्रनाथ मंदिर के दर्शन कर भगवान शिव का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें।

क्या है मंदिर का रहस्य?

रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शिव के मुखाकृति के दर्शन होते हैं। इसे पितरों का तारण करने वाला श्रेष्ठ तीर्थ माना जाता है। कहा जाता है कि रुद्रनाथ तीर्थ में ही देवर्षि नारद ने भगवान शंकर को कनखल (हरिद्वार) में दक्ष प्रजापति द्वारा यज्ञ कराने के दौरान देवी सती के दाह की सूचना दी थी। भगवान रुद्रनाथ यहां गुफा में विराजते हैं। ALSO READ: उत्तराखंड आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर, जागेश्वर से कैंची धाम तक श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

 

जानिए पंच केदार के बारे में

उत्तराखंड पंचबद्री के अलावा पंचकेदार और पंचप्रयाग की महिमा का वर्णन मिलता है। हिमालय में स्थित शिव को समर्पित पांच मंदिरों के समूह को पंच केदार कहा गया है। इनमें पहला श्री केदारनाथ मंदिर, दूसरा मदमहेश्वर, तीसरा तुंगनाथ, चौथा रुद्रनाथ और 5वां कल्पेश्वर हैं। मान्यता है कि इनका निर्माण पांडव व उनके वंशजों ने करवाया था। पंच केदार में महादेव के विभिन्न विग्रहों की पूजा की जाती है। हर केदार की अपनी विशेषता है। 

 

रुद्रनाथ जाने के 4 रास्ते

रुद्रनाथ पहुंचने के लिए पहला मार्ग गोपेश्वर के ग्राम ग्वाड़-देवलधार, किन्नखोली-किन महादेव होते हुए, दूसरा मार्ग मण्डल चट्टी-अत्रि अनुसूइया आश्रम होते हुए, तीसरा मार्ग गोपेश्वर सगर ज्यूरागली-पण्डार होते हुए, चौथा मार्ग ग्राम देवर मौनाख्य- नौलाख्य पर्वत पंडार खर्क होते हुए जाता है।

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

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Latest News Today Live Updates in Hindi : सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। लखीसराय के अशोक धाम और बीरभूम के तारापीठ में हुए 2 दर्दनाक हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी…

सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खुला। सालभर में केवल एक दिन, नाग पंचमी पर ही खुलता है यह मंदिर।राहुल गांधी ने UGC-NET की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर NTA और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रति चिंता जताते हुए NTA नेतृत्व की जवाबदेही की मांग की। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

बिहार के लखीसराय में स्थित इंद्र दमनेश्वर मंदिर में बिजली का पोल गिरने से करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह मंदिर अशोकधाम के नाम से भी प्रसिद्ध है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 8 श्रद्धालुओं की मौत
 

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास बिंदिशिनी होटल में सोमवार सुबह करीब 4 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। एसी में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है। ALSO READ: तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

fire in hotel near tarapeeth

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास एक होटल में सोमवार सुबह आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आग लगने का कारण एसी में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 7 श्रद्धालुओं की मौत

 

बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ और इस समय बिंदिशिनी होटल में रुके सभी गेस्ट सो रहे थे। कहा जा रहा है कि होटल में आग ने पहले ग्राउंड फ्लोर को अपनी चपेट में लिया और फिर यह ऊपर की ओर फैली। आग लगने की वजह से पूरा होटल धुएं से भर गया। इससे वजह से लोगों का दम घुटने लगा। मौके पर कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।

 

पुलिस ने हादसे में 7 लोगों के मारे जाने की पुष्‍टि की है। घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। ALSO READ: 'वंदे मातरम' विवाद के बाद सोनिया और राहुल की बढ़ी मुश्किलें, दोनों के खिलाफ थाने में दर्ज हुई FIR, मामले पर क्‍या बोले बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज?

 

तारापीठ क्यों है खास?

गौरतलब है कि बीरभूम का तारापीठ मां तारा की उपासना के लिए प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। 51 शक्तिपीठों में से 5 यहीं हैं, जिनमें बकुरेश्वर, नालहाटी, बन्दीकेश्वरी, फुलोरा देवी शामिल हैं।

दर्शन से पहलेे गई जान

सावन सोमवार होने की वजह से मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आए हुए हैं। होटल में ठहरे सभी श्रद्धालु तारापीठ मंदिर में दर्शन के लिए ही आए हुए थे। उन्हें सोमवार को मंदिर में दर्शन करने जाना था, लेकिन उससे पहले ही उनकी जलकर मौत हो गई। 

स्पेन के सेउता पहुंचना चाहते थे प्रवासी, मोरक्को ने रोका

स्पेन के सेउता पहुंचना चाहते थे प्रवासी, मोरक्को ने रोका

Ceuta migrant crisis

रजत शर्मा

सेउता, उत्तरी अफ्रीका में मोरक्को की सीमा से लगा एक इलाका है और स्पेन का भू-भाग है। करीब दो हफ्ते पहले 72,000 लोग यहां अचानक दाखिल हो गए थे। 15 अगस्त को फिर से प्रवासियों ने सेउता में दाखिल होने की कोशिश की।

 

मोरक्को पुलिस ने शनिवार, 15 अगस्त को सीमा पार करके स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी भू-भाग सेउता में जाने की कोशिश करने वाले सैकड़ों लोगों को हिरासत में ले लिया। इससे करीब दो हफ्ते पहले 72,000 प्रवासी सेउता में दाखिल हो गए थे। अचानक आई इस भीड़ ने स्पेन और यूरोपीय संघ के अन्य देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया था।

 

ताजा कार्रवाई की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि सेउता की ओर “यह एक नियमित ऑपरेशन है, जिसका मकसद अवैध प्रवासन की कोशिशों को रोकना है।”  इस बीच, मोरक्को के मीडिया संस्थान लु360 ने एक रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस ने 294 लोगों को हिरासत में लिया है।

 

सोशल मीडिया पर घुसपैठ की अपीलें

इस हफ्ते की शुरुआत में मोरक्को प्रशासन ने बताया था कि वह 15 अगस्त को सामूहिक रूप से सीमा पार करने की अपील करने वाले “अज्ञात सोशल मीडिया पोस्ट और मैसेज” पर कड़ी नजर रख रहा है। उसने चेतावनी भी दी थी कि ऐसी अपील करने वालों और इसमें शामिल होने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

 

चश्मदीदों के मुताबिक, सेउता और पूर्व की ओर स्थित दूसरे स्पैनिश इलाके मेलिला के आसपास मोरक्को पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया था। स्पेन के सरकारी ब्रॉडकास्टर आरटीवीई के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने कई चेकपॉइंट बनाए हैं, गश्ती नावें तट की निगरानी कर रही हैं और सीमा पर वॉटर कैनन भी तैनात किए गए

 

स्पैनिश मीडिया को नजदीकी शहर छोड़ने का आदेश

स्पेन की न्यूज एजेंसी ईएफई और आरटीवीई ने बताया कि मोरक्को के गृह मंत्रालय के एक प्रतिनिधि ने बिना कोई वजह बताए उनके पत्रकारों को तुरंत फनिदेक छोड़ने का आदेश दिया। मोरक्को के उस अफसर ने कहा कि वे सिर्फ “ऊपर से मिले निर्देशों का पालन” कर रहे हैं। फनिदेक, सेउता के साथ लगता मोरक्को का इलाका है। यहां से जमीन और समंदर के रास्ते सेउता की सीमा तक कुछ मिनटों में पहुंचा जा सकता है।

 

ईएफई के अध्यक्ष मिगेल एंजेल ओलिवर ने मोरक्को प्रशासन से स्वतंत्र, “जिम्मेदार और गंभीर पत्रकारिता” का सम्मान करने की अपील की। आरटीवीई के अध्यक्ष, होसे पाब्लो लोपेज ने भी मोरक्को प्रशासन से “पूरी सुरक्षा और पूरे सम्मान” की मांग की, ताकि उनके पत्रकार “सीमावर्ती इलाके में कहीं भी आजादी से अपना काम कर सकें।”

 

स्पेन ने बढ़ाई सुरक्षा

30 जुलाई से 31 जुलाई के बीच सेउता में भारी संख्या में लोग आने शुरू हुए थे। अगस्त के शुरुआती दिनों तक यह सिलसिला जारी रहा। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 72,000 लोग सेउता में घुस आए थे, हालांकि स्पेन ने इनमें से ज्यादातर लोगों को वापस मोरक्को भेज दिया है।

 

सीमा पर मची इस अफरा-तफरी में करीब 100 लोगों की मौत हो गई थी। तब से स्पेन सरकार ने इस इलाके में सुरक्षा काफी कड़ी कर दी है, समुद्र में बैरियर लगाए गए हैं और स्पेन से 500 से ज्यादा अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। स्पेन के गृह मंत्रालय ने कहा है कि जब तक जरूरत होगी, ये सुरक्षा बल वहीं तैनात रहेंगे। गृह मंत्री फर्नांदो ग्रांदे-मार्लास्का ने गुरुवार को कहा, “हम जल्द से जल्द हालात सामान्य करने और 30 जुलाई जैसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए जितने भी जवानों की जरूरत होगी, उन्हें तैनात रखेंगे।”

 

Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

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Top News 17 August : नाग पंचमी और श्रावण के तीसरे सोमवार को मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, दिल्ली मार्च के तैयारी में जुटे किसान। NTA ने यूजीसी नेट की रिएक्जाम का कार्यक्रम जारी किया। AI बॉस ने मांगा लेट आने वाले कर्मचारी का इस्तीफा। CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत हो गई। 17 अगस्त की बड़ी खबरें: 

 

नाग पंचमी और श्रावण का तीसरा सोमवार

श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर देश भर के शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं का तांता। नाग पंचमी पर उज्जैन के महाकालेश्वर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी रात 12 बजे से श्रद्धालुओं के लिए खुला। साल भर में केवल एक दिन ही यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। ALSO READ: नाग पंचमी पर असली नाग नहीं बल्कि इस तरह नाग बनाकर करते हैं पूजा, जानिए संपूर्ण विधि

 

दिल्ली मार्च की तैयारी में किसान

किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर बिताई रात। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रमुख जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रविवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से अपील की कि वे भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली की ओर बढ़ने दें।

 

UGC-NET: NTA फिर लेगा 3 विषयों की परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर और समाजशास्त्र की 10 सितंबर को होगी। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर खामियां सामने आई थीं। ALSO READ: NTA का बड़ा फैसला, UGC-NET परीक्षा हुई रद्द, इन 3 विषयों की दोबारा होगी Exam, जानिए क्या है कारण?

 

AI बॉस ने मांगा इस्तीफा

सैन फ्रांसिस्को में एआई से चलने वाली प्रयोगात्मक दुकान एंडॉन मार्केट में AI प्रबंधक ‘लूना’ ने एक मानव कर्मचारी को नौकरी से निकालने की सिफारिश की। कर्मचारी 23 शिफ्ट में 17 बार देर से काम पर पहुंचा था। हालांकि अंतिम फैसला AI ने अकेले नहीं लिया।

 

CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में कॉकरोच जनता पार्टी के अभियान से जुड़े एक कार्यकर्ता के पिता की मौत हो गई। सीजेपी ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट का आरोप लगाया है। सीएम शुभेंदु अधिकरी ने कहा है कि तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस दो अन्य की तलाश कर रही है। उन्होंने मामले में पूरा इंसाफ होने का भरोसा भी दिलाया।

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

Transport Department in UP has taken stringent measures towards road safety and achieving a zero-fatality rate

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्युदर का लक्ष्य पाने का दे चुके हैं निर्देश

– ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से पिछले वित्तीय वर्ष में वसूला 474 करोड़ का प्रशमन शुल्क

– चालू वित्तीय वर्ष के 4 महीने में 5 लाख चालान किए और 172 करोड़ रुपए लगाया जुर्माना

– परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्यु दर की दिशा में विभिन्न अवसरों पर विभागों को जरूरी निर्देश देते रहे हैं। इसका असर सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है। बीते वित्तीय वर्ष में 474 करोड़ रुपए और चालू वित्तीय वर्ष में 172 करोड़ रुपएप्रशमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है। इस अवधि में 20 लाख से ज्यादा चालान भी किए गए हैं।

 

अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का पालन कराना परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी क्रम में विभाग के प्रवर्तन दल ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाया। कार्रवाई का उद्देश्य महज जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।

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15 लाख चालान के जरिए 474 करोड़ का जुर्माना

वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने प्रदेशभर में करीब 15 लाख चालान किए। इन कार्रवाई के माध्यम से 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया। यह बड़े पैमाने पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाता है, जिसके जरिए सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

 

इस वर्ष 5 लाख चालान काटे गए

वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं। इन कार्रवाई से 172 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है।

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चालान से सड़क सुरक्षा पर असर

परिवहन विभाग के मुताबिक इस सख्ती का व्यापक उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है। नियमों का पालन होने से सड़क पर ओवरस्पीडिंग, बिना जरूरी दस्तावेज वाहन चलाने, क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी स्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है।

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सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालकों और आम नागरिकों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई इसी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है। यही प्रयास प्रदेश को शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच

दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच

Yogi government is Divyangjan empowering persons with Divyangjan

– कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना बनी दिव्यांगजनों का मजबूत संबल

– ब्रेल किट और स्मार्ट केन से आसान हुआ दिव्यांगजनों का दैनिक जीवन

– जरूरत के मुताबिक ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर और अन्य उपकरण उपलब्ध

– 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले पात्र लाभार्थियों को मिल रहा लाभ

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुविधाजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बदलते समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजना को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

 

स्मार्टफोन और टैबलेट से बढ़ी डिजिटल पहुंच

डिजिटल युग में शिक्षा, संचार, सूचना और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को स्मार्टफोन एवं टैबलेट जैसे डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे विशेष रूप से दिव्यांग छात्र-छात्राओं और युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल संचार, अध्ययन सामग्री तथा विभिन्न ऑनलाइन सरकारी सेवाओं एवं सूचनाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है।

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। डिजिटल उपकरणों को योजना से जोड़ने से दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को तकनीक का नया आयाम मिला है।

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जरूरत के अनुसार मिल रहे अनेक सहायक उपकरण

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को उनकी शारीरिक आवश्यकता एवं चिकित्सकीय संस्तुति के आधार पर विभिन्न प्रकार के उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, एमआर किट, ब्रेल किट, एडीएल किट, वॉकर, रोटेटर और स्मार्ट केन सहित अनेक सहायक उपकरण शामिल हैं।

 

दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल किट एवं स्मार्ट केन जैसे उपकरण दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाने में सहायक हैं, जबकि गतिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर एवं अन्य मोबिलिटी उपकरण आवागमन और स्वतंत्र गतिशीलता को बढ़ावा देते हैं। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग भी उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को 15 हजार रुपये तक की लागत वाले निर्धारित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।

 

योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित है पात्रता

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना का संचालन विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है। योजना का लाभ सामान्यतः 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाणित होने पर निर्धारित पात्रता के अनुसार दिया जाता है। संबंधित उपकरण की आवश्यकता के संबंध में चिकित्साधिकारी की संस्तुति भी आवश्यक होती है।

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पात्रता के लिए आवेदक को निर्धारित आय सीमा एवं अन्य शर्तों को पूरा करना होता है। सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 56,460 रुपये निर्धारित है। आवेदक को पिछले तीन वर्षों में उसी उद्देश्य के लिए समान उपकरण का लाभ नहीं मिला होना चाहिए।

नियमित शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए निर्धारित अवधि एक वर्ष है। आवेदन के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो तथा संबंधित उपकरण के लिए चिकित्सकीय संस्तुति सहित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने होते हैं।

 

ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता और सुगमता

योजना को ऑनलाइन किए जाने से पात्र दिव्यांगजनों के लिए आवेदन एवं योजना तक पहुंच अधिक सुगम हुई है। विभाग का प्रयास है कि पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, सत्यापन एवं उपकरण वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम तरीके से पूरी की जाए।

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दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना प्राथमिकता

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सेवाओं और समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ मोबिलिटी एवं अन्य सहायक उपकरण दिव्यांगजनों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके जीवन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया देश के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण, आप भी एंजॉय करें 14D-360 डिग्री थिएटर में फिल्म

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया देश के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण, आप भी एंजॉय करें 14D-360 डिग्री थिएटर में फिल्म

– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 14-डी सिनेमा थिएटर और वर्चुअल जंगल सफारी का किया लोकार्पण

– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों, महापौर, सांसद एवं स्कूली बच्चों के साथ देखी 14-डी व 360 डिग्री थिएटर में फिल्म

– मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर निरंतर नवाचार और विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को देश के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने इंदौर प्राणी संग्रहालय में स्थापित साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से पीपीपी मॉडल पर निर्मित 14-डी सिनेमा थिएटर एवं वर्चुअल जंगल सफारी का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इंदौर जो भी करता है, सबसे अच्छा करता है। इंदौर निरंतर नवाचार और विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्चुअल जंगल सफारी आमजन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। इससे लोगों को जंगल और वन्यजीवों का आभासी अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से नगर निगम को आमदनी भी प्राप्त होगी।

 

मुख्यमंत्री ने ली तकनीकी जानकारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रियों एवं स्कूली बच्चों के साथ 14-डी सिनेमा थिएटर में बैठकर फिल्म का आनंद लिया। फिल्म देखने के बाद उन्होंने कहा कि दोनों फिल्में देखकर उन्हें अद्भुत आनंद की अनुभूति हुई। उन्होंने वर्चुअल जंगल सफारी का भी अवलोकन किया तथा सफारी की व्यवस्थाओं एवं तकनीकी विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की।

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तकनीक के माध्यम से प्रकृति को समझेंगे बच्चे

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट दबाकर फव्वारे का शुभारंभ किया। उन्होंने एक्वेरियम में मौजूद रंगबिरंगी मछलियों का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने प्राणी संग्रहालय में विकसित की गई इन नवीन सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि इससे शहरवासियों, बच्चों और पर्यटकों को मनोरंजन के साथ वन्यजीवों एवं प्रकृति को नए तकनीकी माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा।