अब जवान लाशें ढोते-ढोते थक गया है देश, किस काम का ऐसा सिस्टम, जो हमारे बच्चों को बचा न सके?

Lakhnow fire news

पापा… प्लीज मुझे बचा लो…” यह सिर्फ एक बेटे की आखिरी पुकार नहीं थी। यह उस भारत की चीख थी, जो हर कुछ महीनों में अपने युवाओं को किसी न किसी लापरवाही, भ्रष्टाचार और सिस्टम की नाकामी की आग में खो देता है।

लखनऊ के अग्निकांड में जब 23 वर्षीय गेम डिजाइनर सुखमनी सिंह ने अपने पिता को फोन किया—”पापा, मुझे बचा लो” तब वह सिर्फ अपने लिए मदद नहीं मांग रहा था। वह उस व्यवस्था से सवाल कर रहा था, जो इमारतों को मंजूरी तो देती है, लेकिन निकास द्वारों की जांच नहीं करती; जो फायर एनओसी जारी तो करती है, लेकिन यह नहीं देखती कि आपातकाल में लोग बाहर निकल भी पाएंगे या नहीं।

उसके कुछ मिनट बाद फोन कट गया।
और फिर हमेशा की तरह शुरू हुआ वही राष्ट्रीय अनुष्ठान—मुआवजे की घोषणा, जांच समिति, अधिकारियों का निलंबन, टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि।

लेकिन सवाल वही रह गयाक्या हमारे बच्चों की जिंदगी की कीमत सिर्फ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस, जांच समिति और पांच लाख रुपये है?

हर हादसे के बाद हम भूल क्यों जाते हैं?
लखनऊ कोई पहली त्रासदी नहीं है। 2019 में सूरत के कोचिंग सेंटर में लगी आग में 22 छात्रों की मौत हुई थी। कुछ बच्चों ने जान बचाने के लिए चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी। पूरे देश ने वह भयावह दृश्य देखा था।
2024 में राजकोट के गेमिंग जोन में आग लगी। 27 लोग जिंदा जल गए, जिनमें कई बच्चे शामिल थे। दिल्ली के उपहार सिनेमा कांड से लेकर मुंबई के कमला मिल्स अग्निकांड तक, अस्पतालों से लेकर कोचिंग सेंटरों तक, हम एक ही कहानी बार-बार पढ़ते हैं।
•     अवैध निर्माण।
•     बंद आपातकालीन निकास।
•     फर्जी या कागजी फायर एनओसी।
•     और हादसे के बाद जिम्मेदारी का पिंग-पोंग।
•     हर बार सरकारें कहती हैं—”दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
 
लेकिन सच्चाई यह है कि दोषी अक्सर बच जाते हैं और मरने वाले हमेशा आम नागरिक होते हैं।
भारत में मौतें प्राकृतिक नहीं, प्रशासनिक होती जा रही हैं
यह कहना कठोर लग सकता है, लेकिन आज भारत में होने वाली कई सामूहिक मौतें दुर्घटनाएं नहीं, बल्कि “प्रशासनिक हत्याएं” हैं।
जब किसी इमारत में लोगों के निकलने का रास्ता नहीं होता, तो आग नहीं मारती—लापरवाही मारती है। जब फायर ऑडिट सिर्फ फाइलों में होता है, तो धुआं नहीं मारता—भ्रष्टाचार मारता है।
जब राहत और बचाव में हर मिनट कीमती होता है और फैसले लेने में घंटों लग जाते हैं, तो ऑक्सीजन की कमी नहीं, बल्कि अक्षमता जान लेती है। लखनऊ के पीड़ितों के परिजनों का आरोप है कि यदि दीवार पहले तोड़ी जाती, तो कई जानें बच सकती थीं।

कल्पना कीजिए उस क्षण की।
एक तरफ परिजन फोन पर मौत से जूझ रहे अपने बच्चों से बात कर रहे थे। दूसरी तरफ प्रशासन निर्णय लेने में व्यस्त था। और बीच में समय खत्म हो रहा था।

युवाओं का देश या युवाओं का कब्रिस्तान?
•     हम दुनिया को बताते हैं कि भारत सबसे युवा देशों में से एक है।
•     हम “डेमोग्राफिक डिविडेंड” की बात करते हैं।
•     हम स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया, एआई और पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के सपने दिखाते हैं।
•     लेकिन क्या हम यह सुनिश्चित कर पाए हैं कि हमारे युवा सुबह घर से निकलें और शाम को सुरक्षित लौट आएं?
•     अगर एक ग्राफिक्स ट्रेनिंग सेंटर, एक कोचिंग क्लास, एक गेमिंग जोन या एक अस्पताल तक सुरक्षित नहीं है, तो फिर विकास के इन दावों का अर्थ क्या है?
किसी भी राष्ट्र की असली प्रगति उसके जीडीपी से नहीं, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि वह अपने नागरिकों की जान की कितनी रक्षा कर पाता है।

जांच नहीं, जवाबदेही चाहिए
समस्या यह नहीं है कि हादसे क्यों हो रहे हैं। समस्या यह है कि हादसों के बाद भी कुछ नहीं बदलता। हर त्रासदी के बाद एक जांच समिति बनती है। रिपोर्ट आती है। फाइल बंद हो जाती है। फिर अगला हादसा हो जाता है। देश को अब जांच समितियों की नहीं, जवाबदेही की जरूरत है।
ऐसी जवाबदेही जिसमें:
•     फर्जी एनओसी देने वाले अधिकारी जेल जाएं।
•     अवैध निर्माण करने वाले मालिकों की संपत्ति जब्त हो।
•     सुरक्षा नियमों की अनदेखी को गैर-इरादतन हत्या नहीं, गंभीर आपराधिक अपराध माना जाए।
•     हर सार्वजनिक भवन का वार्षिक सुरक्षा ऑडिट सार्वजनिक किया जाए।
जब तक लापरवाही की कीमत मौत नहीं, बल्कि जेल और आर्थिक विनाश नहीं बनेगी, तब तक कुछ नहीं बदलेगा।
मुआवजा न्याय नहीं होता
हर हादसे के बाद सरकारें मुआवजे की घोषणा करती हैं। लेकिन क्या किसी पिता के लिए उसके बेटे की कीमत पांच लाख, दस लाख या पच्चीस लाख रुपये हो सकती है?
क्या किसी मां को यह सांत्वना मिल सकती है कि उसका बच्चा तो चला गया, लेकिन सरकार ने सहायता राशि दे दी?
मुआवजा राहत हो सकता है। न्याय नहीं।
•      न्याय तब होगा जब जिम्मेदार लोग व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे।
•      न्याय तब होगा जब किसी अधिकारी को यह डर होगा कि उसकी एक लापरवाही उसे जेल पहुंचा सकती है।
•      न्याय तब होगा जब सुरक्षा नियमों की अनदेखी आर्थिक अपराध नहीं, सामाजिक अपराध मानी जाएगी।
युवा भारत की सबसे बड़ी पूंजी हैं, फिर भी सबसे असुरक्षित क्यों?

देश का हर राजनीतिक दल युवाओं की बात करता है। हर बजट में युवाओं का जिक्र होता है। हर चुनाव में युवाओं के सपने बेचे जाते हैं।
लेकिन जब कोई युवा नौकरी सीखने, पढ़ने, ट्रेनिंग लेने या काम करने जाता है, तो क्या हम उसकी सुरक्षा की गारंटी दे सकते हैं?
नहीं।
यही सबसे बड़ा विरोधाभास है। हम दुनिया को बताते हैं कि भारत का भविष्य उसके युवा हैं। लेकिन व्यवहार में हम उन्हें ऐसी इमारतों, संस्थानों और व्यवस्थाओं के हवाले कर देते हैं जो कभी भी उनकी कब्र बन सकती हैं।
हमें जांच आयोग नहीं, राष्ट्रीय शर्म की जरूरत है
भारत में हर त्रासदी के बाद एक परिचित पटकथा चलती है—
जांच समिति।
निलंबन।
मुआवजा।
राजनीतिक बयान।
और फिर विस्मृति।
हम भूल जाते हैं।
सिस्टम बच जाता है।

और अगली त्रासदी का इंतजार शुरू हो जाता है। शायद समस्या यह नहीं कि हादसे हो रहे हैं। समस्या यह है कि हमने हादसों को सामान्य मान लिया है।
हमारे भीतर का आक्रोश कम हो गया है। हम अब मौतों की संख्या गिनते हैं, कारण नहीं। हम शोक मनाते हैं, परिवर्तन की मांग नहीं करते।
आखिरी सवाल
कल्पना कीजिए उस पिता की, जिसने अपने बेटे की आखिरी आवाज सुनी—
“पापा, मुझे बचा लो…”
उस क्षण उस पिता को सरकार याद नहीं आई होगी।
न कानून।
न राजनीति।
न विकास।

उसे सिर्फ यह उम्मीद रही होगी कि कोई व्यवस्था होगी जो उसके बच्चे को बचा लेगी।
लेकिन वह व्यवस्था नहीं आई।
और यही इस पूरे प्रकरण का सबसे भयावह सच है। किसी भी सभ्य राष्ट्र की पहचान उसके स्मारकों, एक्सप्रेसवे, जीडीपी या चुनावों से नहीं होती।
उसकी पहचान इस बात से होती है कि संकट की घड़ी में वह अपने सबसे कमजोर नागरिक को बचा पाता है या नहीं। अगर हम अपने युवाओं को सुरक्षित नहीं रख सकते, तो हमें यह स्वीकार करने का साहस भी रखना चाहिए कि हम विकासशील अर्थव्यवस्था तो बन रहे हैं, लेकिन अभी तक एक जिम्मेदार समाज नहीं बन पाए हैं।
और तब तक, हर अग्निकांड, हर भगदड़, हर ढही हुई इमारत और हर दम घुटती हुई मौत हमसे एक ही सवाल पूछती रहेगी— क्या भारत दुनिया की महाशक्ति बनने से पहले अपने बच्चों को बचाने वाला राष्ट्र बन पाएगा?

पीएफ का पैसा अटक गया या क्लेम हुआ रिजेक्ट? जानें EPFO में कंप्लेन फाइल करने से लेकर समाधान पाने का पूरा प्रोसेस

EPFO Grievance Management System: नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) रिटायरमेंट फंड जमा करने का एक बेहद जरूरी जरिया है। अक्सर वर्किंग प्रोफेशनल्स को पीएफ का पैसा निकालने में देरी, ट्रांसफर रिक्वेस्ट अटकने, कंपनी द्वारा पीएफ का योगदान जमा न करने या केवाईसी (KYC) डिटेल्स अपडेट न होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में पीएफ खाताधारकों को ईपीएफओ के दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। EPFO एक ऑनलाइन शिकायत निवारण की सुविधा देता है। इसे EPF i-Grievance Management System (EPFiGMS) कहा जाता है। इसके जरिए पीएफ मेंबर्स, पेंशनभोगी और एम्प्लॉयर्स अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं और उनके स्टेटस को ट्रैक भी कर सकते हैं।

क्यों जरूरी है ईपीएफओ शिकायत पोर्टल (EPFiGMS)?

अगर पीएफ से जुड़ी समस्याओं को संबंधित ईपीएफओ कार्यालय के संज्ञान में न लाया जाए तो उन्हें सुलझने में लंबा समय लग सकता है। इस ग्रीवांस पोर्टल के जरिए आपकी शिकायतें सीधे आपके UAN, पीएफ अकाउंट या पेंशन रिकॉर्ड से जुड़े सही ईपीएफओ ऑफिस तक ऑटोमैटिकली पहुंच जाती हैं। एक बार शिकायत दर्ज होने के बाद EPFO एक रजिस्ट्रेशन नंबर जेनरेट करता है। इसका इस्तेमाल कर आप अपनी शिकायत का स्टेट्स ट्रैक भी कर सकते हैं।

इस पोर्टल पर उठाई जाने वाली मुख्य समस्याएं:

  • पीएफ निकासी में देरी।
  • पीएफ फंड ट्रांसफर से जुड़ी दिक्कतें।
  • पेंशन से जुड़े मामले।
  • गलत व्यक्तिगत जानकारियां।
  • केवाईसी से जुड़ी गड़बड़ियां।
  • कंपनी के योगदान से जुड़े विवाद और पासबुक से जुड़ी समस्याएं।

EPFO पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का पूरा प्रोसेस जानिए

इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया काफी आसान और साफ-सुथरी है। यहां नीचे इसे स्टेप बाई स्टेप समझाया गया है-

  • पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक EPFiGMS पोर्टल पर विजिट करें।
  • कैटेगरी चुनें: होमपेज पर दिए गए Register Grievance विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आपको खुद को पीएफ मेंबर, पेंशनर, एम्प्लॉयर या ‘अन्य’ कैटेगरी के रूप में चुनना होगा।
  • UAN और वेरिफिकेशन: अगर आप एक पीएफ मेंबर (कर्मचारी) हैं तो अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) दर्ज करें और आवश्यक वेरिफिकेशन स्टेप्स को पूरा करें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
  • अकाउंट का चयन: ओटीपी वेरिफिकेशन पूरा होते ही पोर्टल आपके यूएएन से जुड़े सभी पीएफ खातों की लिस्ट दिखाएगा।
  • शिकायत का ब्योरा दें: अब उस पीएफ खाते को सिलेक्ट करें जिससे जुड़ी समस्या है और सही ग्रीवांस टाइप चुनें। समस्या के बारे में पूरी और सही जानकारी विस्तार से लिखें ताकि ईपीएफओ अधिकारी आपके मामले को ठीक से समझ सकें।
  • दस्तावेज अटैच करें: आप अपनी शिकायत के समर्थन में कोई भी दस्तावेज, स्क्रीनशॉट या ईमेल की इमेज भी अटैच कर सकते हैं।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर संभालें: एप्लिकेशन सबमिट करने के बाद आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा। इस नंबर को संभाल कर रखें क्योंकि भविष्य में शिकायत को ट्रैक करने के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी।

अपनी शिकायत का स्टेटस कैसे ट्रैक करें?

शिकायत दर्ज करने के बाद मेंबर्स जब चाहें इसका स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके लिए दोबारा EPFiGMS पोर्टल पर जाएं और View Status पर क्लिक करें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य आवश्यक जानकारियां दर्ज करें। इसके बाद स्क्रीन पर दिख जाएगा कि आपकी शिकायत केवल दर्ज हुई है, उसकी जांच चल रही है या फिर उस पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है। पोर्टल पर संबंधित ईपीएफओ विभाग की टिप्पणियां और प्रतिक्रियाएं भी देखी जा सकती हैं। अगर ईपीएफओ को आगे की जांच के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता होती है तो यह पोर्टल यूजर्स को और दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा भी देता है।

अगर शिकायत के बाद भी समाधान न मिले तो क्या करें?

ज्यादातर मामलों में समस्याओं का समाधान EPFiGMS पोर्टल के माध्यम से ही हो जाता है। इसके बावजूद जो सदस्य अपने मामले के निपटारे के तरीके से संतुष्ट नहीं हैं वे इसी पोर्टल के जरिए रिमाइंडर भेज सकते हैं। इसके अलावा वे सरकार के पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेस सिस्टम के तहत उपलब्ध अन्य तरीकों से शिकायत को आगे बढ़ा सकते हैं। इंटरनेट पर शेयर किए गए कुछ हालिया अनुभवों से पता चलता है कि कुछ मामलों को EPFiGMS से आगे उच्च अधिकारियों तक भी ले जाया गया है।

ये काम की बातें भी जान लें

शिकायत दर्ज करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आपका UAN, आधार, पैन, बैंक डिटेल्स और केवाईसी जानकारी पूरी तरह सही और अपडेटेड है या नहीं। कई बार पीएफ क्लेम में देरी प्रोसेसिंग की गलती से नहीं बल्कि इन रिकॉर्ड्स में मिसमैच (डिटेल्स का आपस में मेल न खाना) होने के कारण होती है।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1- क्या बिना UAN के भी EPFO में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है?

उत्तर: हां। जिन व्यक्तियों के पास UAN, एस्टेब्लिशमेंट नंबर या पीपीओ PPO नंबर नहीं है वे भी Others कैटेगरी को चुनकर संबंधित ईपीएफओ कार्यालय का जरूरी विवरण देकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Q2- शिकायत दर्ज करते समय कौन से दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं?

उत्तर: मेंबर्स अपनी समस्या को बेहतर ढंग से समझाने के लिए क्लेम डिटेल्स, बैंक स्टेटमेंट, स्क्रीनशॉट, कंपनी के साथ हुए संवाद (ईमेल आदि) और अन्य संबंधित प्रमाणों जैसे सहायक दस्तावेजों को अपलोड कर सकते हैं।

Q3- क्या शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन चेक किया जा सकता है?

उत्तर: हां। EPFiGMS पोर्टल पर View Status की सुविधा उपलब्ध है, जहां मेंबर्स शिकायत दर्ज करते समय मिले रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग करके अपनी शिकायत की प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं।

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मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, छत्तीसगढ़ में एंट्री; 22 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

rain alert in 22 states

Weather Update 23 June : 14 दिन की सुस्ती के बाद दक्षिण पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मानसून ने एक और छ्त्तीसगढ़ में दस्तक दी तो दूसरी ओर यह अलीबाग तक पहुंच गया। कुछ ही घंटों में यह मुंबई पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने आज देश के 22 राज्यों में बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ALSO READ: Positive IOD क्या है? कैसे बनता है भारतीय मानसून का 'रक्षक' और El Nino के असर को करता है कमजोर

 

इन राज्यों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा के बाकी हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में इस हफ्ते भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में 28 जून तक भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तराखंड में भी आने वाले कुछ दिनों तक बारिश हो सकती है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कई स्थानों पर भी बारिश की संभावना है।

 

कब पहुंचेगा MP, UP और विदर्भ

इस हफ्ते के अंत बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम बन सकता है जो मानसून को गति देगा। बहरहाल, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ पहुंचने में अभी एक हफ्ता और लग सकता है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों को मानसून का जुलाई तक इंतजार करना होगा। ALSO READ: मानसून पर 'विलेन' अल नीनो का ग्रहण : 5 राज्यों में सूखे का खतरा, IMD की चिंताजनक चेतावनी

 

48 घंटे में छत्तीसगढ़ कवर करेगा मानसून

छत्तीसगढ़ में दक्षिण पश्चिम मानसून की एंट्री हो गई है। इसके अगले 48 घंटे में पूरे राज्य को कवर करने की संभावना है। राज्य में कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। 

 

मध्यप्रदेश में कैसा है मौसम?

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्‍ट्र, जम्मू कश्मीर समेत कई राज्यों में सोमवार को अच्छी बारिश हुई है। मध्यप्रदेश के कई शहरों में प्री मानसून बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि प्रदेश में मानसून बालाघाट, अनुपपुर के रास्ते दस्तक दे सकता है। भोपाल, उज्जैन, रतलाम, जबलपुर, देवास, धार, खंडवा, बड़वानी समेत कई शहरों में सोमवार को बारिश हुई। फिलहाल बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

 

यहां हिटवेव का अलर्ट

कई राज्य अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में है। मौसम विभाग के अनुसार, विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले 4-5 दिनों तक और छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक उष्ण लहर चलने की संभावना है।

edited by : Nrapendra Gupta

लखनऊ अग्निकांड में कानपुर के दोस्तों की भी चली गई जान, आग लगने से अटक गए थे सेंसर वाले गेट

लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसमें कानपुर के रहने वाले दो दोस्त संयम विज और सूरजभान भी थे। दोनों युवक एनिमेशन सेंटर में थ्रीडी आर्टिस्ट का काम करते थे। आग लगने के दौरान सेंसर वाले गेट अटक गए। जिस कारण दोनों युवक बाहर नहीं निकल पाए और उनकी मौत हो गई।

Last Bada Mangal 2026: आज ज्येष्ठ के आखिरी बड़े मंगल पर राशि अनुसार बजरंग बली को अर्पित करें ये चीजें, जानें आज पूजा के शुभ मुहूर्त

Last Bada Mangal 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ अब अपने समापन पर पहुंच चुका है। इस माह में कई वर्षों के बाद अधिक मास का दुर्लभ संयोग बना था। इस दुर्लभ संयोग की वजह से बजरंग बली के भक्तों को 8 बड़े मंगल की पूजा और उपवास का शुभ संयोग प्राप्त हुआ था। आज इस माह का अंतिम यानी 8वां बड़ा मंगल है। यूं तो हर हफ्त में आने वाले मंगलवार को हनुमान जी की पूजा की जाती है। लेकिन ज्येष्ठ माह के मंगलवार का विशेष महत्व है और इसलिए इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल भी कहते हैं।

ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। माना जाता है कि संकटमोचन अपने भक्तों की रोग, दोष और शुत्रों से रक्षा करते हैं। जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली आती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ के आखिरी मंगल को हनुमान जी को राशि अनुसार कुछ खास चीजें अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। आइए जानें आज के शुभ मुहूर्त, शुभ संयोग और राशिनुसार उपाय के बारे में।

आखिरी बड़े मंगल के शुभ मुहूर्त

आज बजरंगबली की पूजा के लिए दिनभर में कई विशेष शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें पूजा करना अत्यंत फलदायी रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 55 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक

संध्या काल मुहूर्त : शाम 07 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 23 मिनट तक

आज के शुभ योग

आज के दिन रवि योग (सुबह 11:54 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 05:24 बजे तक) और हस्त नक्षत्र के साथ वारीयान योग का बेहद शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शाशास्त्र में रवि योग को सभी अशुभ प्रभावों और दोषों को नष्ट करने वाला माना गया है।

आज राशिनुसार करें से उपाय

  • मेष राशि के लोग हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। इससे साहस बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलने के योग बनते हैं।
  • वृषभ राशि वाले सफेद मिठाई का भोग लगाएं। इससे मानसिक तनाव कम होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
  • मिथुन राशि वालों को मीठा पान अर्पित करना चाहिए। इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और रिश्तों में मजबूती बढ़ती है।
  • कर्क राशि के लोग चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन शांत रहता है।
  • सिंह राशि के लोग हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। इसके प्रभाव से मान-सम्मान में वृद्धि होती हैं।
  • कन्या राशि के लोगों को बेसन के लड्डू चढ़ाना चाहिए। इससे प्रभु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं और सफलता के रास्ते खुलते हैं।
  • तुला राशि के लोग हनुमान जी को मिठाई अर्पित करें। इससे पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है।
  • वृश्चिक राशि के लोग प्रभु को नारियल चढ़ाएं। इससे बाधाएं दूर होती हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  • धनु राशि वालों को पीले फूल और केले का भोग लगाना चाहिए। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।
  • मकर राशि के लोग सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा इमरती का भोग लगाएं। इससे ग्रह-दोषों से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है।
  • कुंभ राशि के लोग हनुमान जी को बूंदी अर्पित करें। इससे करियर में आ रही रुकावटें कम होती हैं।
  • मीन राशि के लोग बूंदी चढ़ाएं। इससे धन लाभ के योग बनते हैं और हनुमान जी संकटों से रक्षा करते हैं।

8th Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें ये उपाय

Bank Holiday List: इस सप्ताह तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, ब्रांच जाने से पहले जरूर देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holiday Alert: जून 2026 का आखिरी सप्ताह बैंक ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। यदि आप इस हफ्ते बैंक ब्रांच में जाकर कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले छुट्टियों का कैलेंडर जरूर देख लें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार 26 जून से 28 जून के बीच लगातार तीन दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे। हालांकि, इस दौरान इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI, ATM और अन्य डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।

26 से 28 जून के बीच बैंकिंग कार्यों के लिए ग्राहकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी> लेकिन शाखाओं से जुड़े कार्यों के लिए पहले से योजना बनाना बेहतर रहेगा।

कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

26 जून (शुक्रवार): मुहर्रम के अवसर पर अवकाश रहेगा।

मुहर्रम के कारण देश के कई शहरों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। जिन प्रमुख शहरों में बैंक अवकाश रहेगा, उनमें शामिल हैं:-

नई दिल्ली

लखनऊ

मुंबई

कोलकाता

चेन्नई

बेंगलुरु

हैदराबाद

भोपाल

पटना

कानपुर

नागपुर

रायपुर

रांची

विजयवाड़ा

अगरतला

आइजोल

बेलापुर

जम्मू

श्रीनगर

इन शहरों में ग्राहकों को ब्रांच आधारित सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।

27 जून (शनिवार): चौथा शनिवार

RBI के नियमों के अनुसार हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को देशभर के बैंक बंद रहते हैं। जून 2026 का चौथा शनिवार 27 जून को पड़ रहा है। इसलिए सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक बंद रहेंगे।

28 जून (रविवार): साप्ताहिक अवकाश

रविवार होने के कारण 28 जून को देशभर में सभी बैंक ब्रांच बंद रहेंगी।

जून के अंत में और भी हैं रहेगी छुट्टी

29 जून: संत गुरु कबीर जयंती

29 जून को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में संत गुरु कबीर जयंती के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे।

30 जून: रेमना नी (Remna Ni)

30 जून को आइजोल में क्षेत्रीय पर्व रेमना नी के कारण बैंक अवकाश रहेगा।

बैंक बंद रहेंगे, लेकिन ये सेवाएं चलती रहेंगी

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं में कोई परेशानी नहीं होगी। निम्नलिखित सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी:-

UPI भुगतान

मोबाइल बैंकिंग

इंटरनेट बैंकिंग

फंड ट्रांसफर (NEFT/IMPS)

बिल भुगतान

बैलेंस चेक

एटीएम से नकदी निकासी

ऑनलाइन अकाउंट मैनेजमेेेट

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ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह

यदि आपको चेक जमा करना है, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना है, केवाईसी अपडेट करानी है या कोई अन्य शाखा आधारित काम करना है, तो उसे छुट्टियों से पहले पूरा कर लें। लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने से अंतिम समय में परेशानी हो सकती है।

एक नजर में छुट्टियां

तारीख                                                               दिन                                        कारण

26 जून 2026                                                     शुक्रवार                                   मुहर्रम

27 जून 2026                                                     शनिवार                         चौथा शनिवार

28 जून 2026                                                     रविवार                साप्ताहिक अवकाश

29 जून 2026                                                     सोमवार             संत गुरु कबीर जयंती(शिमला)

30 जून 2026                                                    मंगलवार                            रेमना नी (आइजोल)

South Korea Stock Market: दक्षिण कोरिया का स्टॉक मार्केट क्रैश, Kospi 9 फीसदी से ज्यादा फिसला

South Korea Stock Market: दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में 23 जून को कोहराम मच गया। बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी 9.99 फीसदी क्रैश कर गया। पहले 8 फीसदी क्रैश करने के बाद ट्रेडिंग 20 मिनट के लिए रोक दी गई। दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर गिरावट और बढ़ गई। अचानक आई इस बड़ी गिरावट ने इनवेस्टर्स को हैरान कर दिया है।

सेमीकंडक्टर शेयरों में आया था बड़ा उछाल

दक्षिण कोरिया का बाजार इस साल सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले बाजारों में शामिल था। कोस्पी ने ऊंचाई के कई नए रिकॉर्ड बनाए थे। इसकी बड़ी वजह सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में उछाल थी। विदेशी इनवेस्टर्स ने इन शेयरों में खूब पैसे लगाए। इससे इन कंपनियों के शेयरों में अप्रत्याशित तेजी आई थी। लेकिन, 23 जून को आई गिरावट ने इस तेजी पर बड़ा ब्रेक लगा दिया है।

SK Hynix का शेयर 10 फीसदी से ज्यादा फिसला

सबसे ज्यादा गिरावट SK Hynix के शेयरों में दिखी। यह 10 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। Samsung Electronics का शेयर 7.5 फीसदी क्रैश कर गया। बताया जाता है कि सर्किट ब्रेकर हटने के बाद दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर सैमसंग के शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इससे यह शेयर 9 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया।

विदेशी निवेशकों ने बेचे 2.6 अरब डॉलर के शेयर

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने दोपहर तक 2.6 अरब डॉलर के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। हालांकि, रिटेल ट्रेडर्स ने इस गिरावट में अपनी पोजीशन बढ़ाई। इस महीने कोस्पी 9,000 का लेवल पार कर गया था। इसकी वजह अमेरिका-ईरान में डील की खबर थी। पहले पार कोस्पी इस लेवल पर पहुंचा था।

कई शेयरों की कीमतें एक साल में तीन गुनी 

दक्षिण कोरिया के बाजार में लगातार जबर्दस्त तेजी से रिस्क बढ़ गया था। कई शेयरों की कीमतें एक साल में तीन गुनी हो गई हैं। SK Hynix का शेयर इस साल 350 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इसने प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैमसंग के शेयरों को पीछे छोड़ दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चिप बनाने वाली कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी से शेयर की कीमतें आसमान में पहुंच गईं। इसमें लेवरेज्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड का बड़ा हाथ है।

इन शेयरों में भी बड़ी गिरावट 

स्टॉक मार्केट में गिरने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों के मुकाबले काफी ज्यादा थी। LG Energy Solution का शेयर 2.98 फीसदी नीचे चल रहा था। Hyundai Motor का शेयर 8.78 क्रैश कर गया था। Kia Corp के शेयरों में 6.47 फीसदी गिरावट आई।

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इन वजहों से बाजार में गिरावट

एनालिस्ट्स का कहना है कि दक्षिण कोरिया में आज आई गिरावट की कई वजहें हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग है। दूसरा, इस साल आई बड़ी तेजी की वजह से कई शेयरों की वैल्यूएशंस काफी बढ़ गई थीं। बाजार में एआई शेयरों के दम पर बाजार में आई तेजी के टिकने को लेकर संदेह जताया जा रहा था।

आलिया रियाज को सिर्फ खूबसूरती के कारण मिली पाक टीम में जगह, टीम पर भड़के फैंस

Aliya Riyaz

पाकिस्तान की खिलाड़ी आलिया रियाज अपनी खूबसूरती के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि क्रिकेट कला और ताकत का खेल है और भारी भरकम शरीर की आलिया ना गेंदबाजी में और ना ही बल्लेबाजी में ताकत दिखा पाई है। साथ ही उनकी फील्डिंग भी खासी खराब है। इस कारण पाक क्रिकेट फैंस ही उनकी आलोचना कर रहे हैं। (Pic Courtesy: Facebook Official page of Aliya Riyaz)


भारत, बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका से हारने के बाद पाकिस्तान पहले दौर से ही बाहर हो गया था।पुरूष टीम के पूर्व टेस्ट कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि हर कोई महिला क्रिकेट का समर्थन करना चाहता है और करना भी चाहिये लेकिन पाकिस्तानी महिला क्रिकेट आगे बढ ही नहीं रहा है।उन्होंने  कहा ,‘‘ पाकिस्तान महिला टीम कई साल से खेल रही है और यह हैरानी की बात है कि आईसीसी टूर्नामेंटों में प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं है।’’

पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और महिला टीम के पूर्व कोच कबीर खान ने कहा ,‘‘ इन खिलाड़ियों को किसी सुविधा या अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर की कमी नहीं है ।’’उन्होंने कहा ,‘‘मुझे लगता है कि हमारे खिलाड़ी दबाव को झेलने के लिये मानसिक रूप से मजबूत नहीं है। दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ इस विश्व कप में कम स्कोर वाले मैचों को ही देख लो।’’ अगर आप लगातार हारते रहे तो पाकिस्तान में महिला क्रिकेट आगे नहीं बढ सकेगा।’

अगर आप भी घर बैठे हो छुट्टियों में, तो ये देखिये सबसे काम की खबर बजट ट्रिप का जुगाड़ वीकेंड पर!

अगर आप वीकेंड पर कम बजट में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए काम की हो सकती है, क्योंकि थोड़ी सी सही प्लानिंग से बहुत सस्ते में शानदार ट्रिप संभव है। सबसे पहले पास की जगह चुनना और पहले से टिकट बुक करना सबसे जरूरी कदम है ताकि खर्च और टेंशन दोनों कम रहें। इसके बाद होमस्टे या गेस्ट हाउस में रुककर लोकल एक्सपीरियंस के साथ बजट कंट्रोल किया जा सकता है। सही शुरुआत के साथ आप हर वीकेंड को एक छोटी और यादगार ट्रिप में बदल सकते हैं।

पास की जगह चुनें

Planning a Trip to Greece in 2026 - Currency, Islands & Tips! - Travels With Missy

सबसे जरूरी है कि आप 200–400 km के अंदर की जगह चुनें ताकि ट्रैवल खर्च कम रहे, कम दूरी होने से बस या ट्रेन से आसानी से वीकेंड ट्रिप हो जाती है, इससे होटल का एक्स्ट्रा खर्च भी बच जाता है क्योंकि ट्रिप छोटी होती है और पास की जगहें अक्सर सस्ती और कम भीड़ वाली होती हैं, साथ ही आप कम समय में ज्यादा आराम से घूम पाते हैं और थकान भी कम होती है।

 

पहले से बुकिंग करें

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ट्रेन, बस और होटल की बुकिंग पहले करने से काफी बचत होती है, लास्ट मिनट पर कीमतें 30–50% तक बढ़ जाती हैं, ऑनलाइन ऑफर और डिस्काउंट का फायदा भी मिल जाता है और इससे ट्रिप बिना टेंशन और सस्ते में पूरी होती है, साथ ही आपको अच्छी सीट और अच्छे स्टे के ज्यादा ऑप्शन मिलते हैं।

बजट स्टे चुनें

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होटल की जगह होमस्टे, धर्मशाला या गेस्ट हाउस चुनना सबसे अच्छा विकल्प है, यह आपको 40–60% तक सस्ता पड़ता है और लोकल एक्सपीरियंस भी मिलता है, कई होमस्टे में घर जैसा खाना भी मिल जाता है जिससे खर्च और कम हो जाता है और यह नेचर व शांत माहौल के करीब रहने का मौका देता है, जिससे ट्रिप ज्यादा कंफर्टेबल और यादगार बनती है।

सस्ता ट्रैवल अपनाएं

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ट्रेन और सरकारी बस बजट ट्रैवल का सबसे मजबूत हिस्सा हैं, यह कैब या फ्लाइट से कई गुना सस्ता और सुरक्षित ऑप्शन है, रात की ट्रेन से आप होटल का एक दिन का खर्च भी बचा सकते हैं और ऑनलाइन बुकिंग से और भी डिस्काउंट मिल सकता है, जिससे पूरा ट्रैवल बजट में रहता है और सफर भी आसान होता है।

लोकल खाना खाएं

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महंगे रेस्टोरेंट की जगह ढाबा और स्ट्रीट फूड चुनें, यहां ₹100–₹200 में भरपेट और स्वादिष्ट खाना मिल जाता है, लोकल खाना खाने से असली कल्चर का भी अनुभव मिलता है और इससे खाने का बजट बहुत कम हो जाता है, साथ ही अलग-अलग जगहों के स्पेशल स्वाद का मजा भी मिलता है।

ग्रुप ट्रिप प्लान करें

Fun travel. group of young happy people enjoying road trip in their white convertible and raising their arms up | Premium Photo

दोस्तों या फैमिली के साथ जाने से खर्च सभी में बंट जाता है, होटल, ट्रांसपोर्ट और खाने का खर्च बहुत कम हो जाता है, ग्रुप में ट्रिप ज्यादा सुरक्षित और मजेदार भी होती है और ज्यादा लोग होने से कई जगहों पर डिस्काउंट भी मिल जाता है, जिससे पूरा ट्रिप और भी सस्ता पड़ता है।

कम जगहें लेकिन अच्छे से घूमें

5 Fun Family Road Trips Under 6 Hours From Delhi

कई जगह भागने की बजाय एक ही जगह को अच्छे से एक्सप्लोर करें, इससे ट्रांसपोर्ट खर्च और टाइम दोनों बचते हैं, आप जगह को आराम से एंजॉय कर पाते हैं बिना जल्दीबाजी के और छोटी ट्रिप ज्यादा रिलैक्स और यादगार बनती है, जिससे अनुभव और भी बेहतर हो जाता है।

दिल्ली में वीकेंड

One day trip: एक दिन की ट्रिप में Delhi-NCR की इन बेहतरीन जगहों को एक्सप्लोर करें | one day trip in delhi ncr | Herzindagi

अगर आप दिल्ली में रहते हैं और वीकेंड पर कम बजट में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो 1–2 दिन में आराम से ट्रिप की जा सकती है, जिसका पूरा बजट आमतौर पर ₹1,500 से ₹3,500 प्रति व्यक्ति तक हो जाता है। सबसे पहले ऋषिकेश और हरिद्वार जैसी जगहें आती हैं जहां गंगा किनारे शांति, मंदिर और हल्की एडवेंचर एक्टिविटी मिलती है। इसके अलावा आगरा भी एक अच्छा ऑप्शन है जहां ताजमहल और ऐतिहासिक किले कम बजट में देखे जा सकते हैं। वहीं नेचर पसंद करने वालों के लिए नीमराना और आसपास का एरिया छोटा लेकिन शानदार वीकेंड गेटवे बन सकता है

अगर आप थोड़ा स्मार्ट तरीके से प्लानिंग करते हैं तो वीकेंड ट्रिप बिल्कुल भी महंगा नहीं पड़ता और कम बजट में भी शानदार अनुभव मिल सकता है। यहां दी गयी छोटी-छोटी आदतें और टिप्स आपकी ट्रिप को सस्ता और मजेदार बना देगी। इसलिए हर वीकेंड को घर पर बर्बाद करने की बजाय उसे एक छोटी यादगार ट्रिप में बदलना ही सबसे अच्छा ऑप्शन है।