SpaceX Shares: तीन दिनों में ₹56 लाख करोड़ स्वाहा, Elon Musk की स्पेस एक्स तीसरे दिन धड़ाम, 16% की भारी गिरावट

SpaceX Shares: अमेरिकी स्टॉक मार्केट में नैस्डैक (Nasdaq) पर धांसू एंट्री के बाद एलॉन मस्क (Elon Musk) की स्पेसएक्स की रफ्तार अब सुस्त पड़ती दिख रही है। लगातार तीसरे दिन सोमवार 22 जून को इसके शेयर धड़ाम हुए और सोमवार को तो यह 16% टूट गया। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बिकवाली के चलते निवेशकों की दौलत तेजी से नीचे आई और लगातार तीन कारोबारी दिनों में शेयरों में 23% से अधिक गिरावट के चलते निवेशकों की दौलत करीब $60 हजार करोड़ यानी ₹56 लाख करोड़ से ज्यादा घट गई। स्पेसएक्स के शेयर 22 जून को नैस्डैक पर 16.43% की गिरावट के साथ $154.60 पर बंद हुए। 12 जून को इसकी मार्केट में एंट्री हुई थी और 16 जून को इसने $225.64 का रिकॉर्ड हाई छुआ था। इसके अगले ही दिन 17 जून से लाल होना शुरू हो गया। कुछ समय के लिए मार्केट कैप के मामले में इसने एमेजॉन (Amazon) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया था।

क्यों आया SpaceX के शेयरों पर दबाव

स्पेसएक्स के पहली बार डेट मार्केट में उतरने के फैसले से निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक कंपनी अपने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) प्रोजेक्ट्स के विस्तार के लिए निवेश-ग्रेड बॉन्ड जारी करके कम से कम $2 हजार करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि स्पेसएक्स ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि उसकी योजना कितना फंड जुटाने की है। इसके अलावा मास्पेसएक्स के पहली बार डेट मार्केट में उतरने के फैसले ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर दबाव डाला। के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट Michael O’Rourke का कहना है कि अधिकतर निवेशक जो इस शेयर में निवेश करना चाहते थे, उन्होंने लिस्टिंग के तुरंत बाद ही खरीदारी कर ली थी, जिससे सेलर्स को प्राइस एक्शन पर अधिक कंट्रोल मिल गया।

बनी हुई है खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी

गिरावट के बावजूद रिटेल इंवेस्टर्स की स्पेसएक्स में दिलचस्पी बनी हुई है। कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों में से सिर्फ 4.2% शेयर ही ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं, क्योंकि मौजूदा शेयरहोल्डर्स पर लॉक-अप प्रतिबंध लागू हैं। सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक वांडा रिसर्च के आंकड़ों से सामने आया है कि लिस्ट होने के बाद शुरुआती पांच कारोबारी दिनों में इंडिविजुअल इंवेस्टर्स ने स्पेस एक्स के $40.5 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। यह निवेश इन पांच दिनों में सात बड़ी टेक कंपनियों में कुल रिटेल इंवेस्टमेंट से भी अधिक रही। सोमवार को शेयर भाव में गिरावट के दौरान भी खुदरा निवेशकों ने शेयर खरीदे, लेकिन मांग पहले की तुलना में कमजोर रही।

SpaceX ने Elon Musk को बनाया ट्रिलेनियर, लेकिन अब लटकी यह तलवार

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शिक्षा का महाउत्सव: CM भूपेंद्र पटेल ने PM मोदी के वडनगर स्कूल से किया शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ

Bhupendra Patel

गुजरात में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने और बच्चों का स्वागत करने के लिए 'कन्या केलवणी महोत्सव और शाला प्रवेशोत्सव' के 24वें संस्करण का आज (23 जून) से उत्साहपूर्वक शुभारंभ हो गया है। वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया यह तीन दिवसीय शैक्षणिक सेवा यज्ञ 25 जून तक पूरे राज्य में मनाया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने वडनगर से की शुरुआत

इस वर्ष प्रवेशोत्सव की राज्यव्यापी शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वडनगर के ऐतिहासिक बी.एन. हाई स्कूल से की है। यह वही स्कूल है जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की थी। मुख्यमंत्री यहाँ आंगनवाड़ी, बालवाटिका और कक्षा 1 से 11वीं तक के कुल 389 विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश दिलाएंगे। दूसरी ओर, राज्य मंत्री हर्ष संघवी गांधीनगर जिले के अदालज में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

 

38,400 स्कूल और 28.58 लाख से अधिक बच्चे

राज्य सरकार की योजना के अनुसार, इस वर्ष पूरे गुजरात के 38,400 सरकारी स्कूलों में कुल 28 लाख 58 हजार से अधिक बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। इसमें बालवाटिका, कक्षा 1, कक्षा 9 और कक्षा 11 में प्रवेश लेने वाले छात्र शामिल हैं। उम्र के नियमों के अनुसार पात्र बच्चों को प्रवेश देकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा।

 

465 गणमान्य अधिकारी और मंत्री संभालेंगे मोर्चा

इस बड़े शैक्षणिक अभियान को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, राजनीतिक पदाधिकारियों सहित IAS, IPS, IFS और सचिवालय के अधिकारियों को मिलाकर कुल 465 गणमान्य लोग शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान ये सभी अतिथि हर दिन तीन-तीन स्कूलों का दौरा करेंगे, बच्चों का दाखिला करवाएंगे और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।

 

शिक्षा और सुविधाओं की होगी समीक्षा

इस उत्सव का उद्देश्य केवल बच्चों का दाखिला कराना ही नहीं है, बल्कि स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता, भौतिक सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करना भी है। इसके तहत स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि ग्रामीण स्तर पर शिक्षा में लगातार सुधार किया जा सके।

Gram Chikitsalay: ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ में कैसी होगी गार्गी और प्रभात की केमिस्ट्री? एक्ट्रेस ने दिया ये जवाब

प्राइम वीडियो की लोकप्रिय वेब सीरीज ‘ग्राम चिकित्सालय’ का दूसरा सीजन जल्द ही दर्शकों के बीच आने वाला है। भातखंडी गांव की कहानी एक बार फिर नए घटनाक्रम, भावनात्मक पलों और मजबूत रिश्तों के साथ लौट रही है। पहले सीजन में गार्गी और प्रभात के बीच दिखाई गई सादगी भरी केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। दोनों के रिश्ते को बिना किसी जल्दबाजी के दिखाया गया, जिसने इसे और खास बना दिया। अब दूसरे सीजन में भी उनकी कहानी अहम भूमिका निभाती नजर आएगी। सीजन 2 की रिलीज से पहले गार्गी का किरदार निभाने वाली आकांक्षा रंजन कपूर ने अपने किरदार, प्रभात के साथ रिश्ते और शूटिंग के अनुभवों को लेकर कई दिलचस्प बातें शेयर की हैं।

एक्ट्रेस ने क्या कहा

आकांक्षा ने बताया , “गार्गी और प्रभात का डायनेमिक वैसे-वैसे आगे बढ़ा जैसे-जैसे हम इसकी शूटिंग कर रहे थे और मुझे नहीं लगता कि हममें से किसी ने भी इसकी उम्मीद की थी कि यह इस तरह से निकलकर आएगा। सीजन 1 तो बस एक शुरुआत थी, आपको इन दो लोगों की एक झलक मिलती है, जहां लगता है कि उनके बीच कुछ तो है, आप उसे महसूस कर सकते हैं, लेकिन वह बस ऊपरी सतह पर ही था। सीजन 2 वो जगह है जहां यह असल में खुलकर सामने आता है। इसका बहुत सारा क्रेडिट हमारे डायरेक्टर ललितम को जाता है, जिनका सेट पर बहुत ही फ्लेक्सिबल अप्रोच रहता है। वह एनर्जी हर किसी में फैल गई।”

उन्होंने आगे कहा, “हम सभी को लगने लगा कि, ‘यह बहुत प्यारा है, चलो इसी के साथ आगे बढ़ते हैं,’ क्योंकि वे व्यक्तिगत रूप से जो हैं, वह स्क्रीन पर बहुत अच्छे से निकलकर आ रहा था। और जहां तक सवाल है कि ‘क्या वे एक होंगे या नहीं,’ तो सच कहूं, तो यह बात खुद राइटर्स भी नहीं जानते। लेकिन इस सीजन में हमें बहुत मजा आ रहा था।”

कौन-कौन है इस सीरीज में

द वायरल फीवर (TVF) द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘ग्राम चिकित्सालय’ सीजन 2 को ललितम तिवारी ने डायरेक्ट किया है, इसे दीपक कुमार मिश्रा और अरुणभ कुमार ने क्रिएट किया है, और वैभव सुमन व श्रेया श्रीवास्तव ने लिखा है। आने वाले सीजन में अमोल पराशर, आकाश मखिजा, आनंदेश्वर द्विवेदी, विनय पाठक, आकांक्षा रंजन कपूर, गरिमा विक्रांत सिंह और दिनेश लाल यादव सहित पसंदीदा कलाकार अहम किरदारों में वापसी कर रहे हैं। यह प्राइम ओरिजिनल सीरीज भारत और दुनिया भर के 240 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में 23 जून को एक्सक्लूसिव तौर पर प्राइम वीडियो पर हिंदी में प्रीमियर होगी।

लखनऊ अग्निकांड का दर्दनाक सच: पेट क्लिनिक बना मौत का जाल, पिंजरों में बंद जानवरों को नहीं मिला बचने का मौका

lucknow fire : Dogs Cats Burned Alive

Lucknow Fire News : लखनऊ के अलीगंज में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 9 की हालत गंभीर है। मृतकों में कोचिंग के शिक्षक, छात्र और कर्मचारी शामिल है। हादसे की चपेट में कई कुत्ते, बिल्लियां और खरगोश भी जिंदा जल गए। दमकलकर्मियों ने कई बेजुबानों को बाहर निकाला। ALSO READ: लखनऊ अग्निकांड : मरने वालों की संख्या 15 पहुंची, 4 अधिकारी सस्पेंड, CM योगी ने 5-5 लाख रुपए मुआवजे और SIT जांच का किया ऐलान

 

आग लगने के बाद दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू शुरू किया। घंटों की मशक्कत के बाद इमारत में आग पर काबू पाया और फिर धुएं को बाहर निकाला गया। इस बीच दमकल की एक टीम बिल्डिंग के अंदर पेट क्लिनिक में पहुंची। अंदर का नजारा देख दमकल कर्मियों के होश उड़ गए।

 

पेट क्लिनिक के अंदर मौजूद जानवरों को बाहर निकालने का भी समय नहीं मिला। कई पालतू कुत्ते, बिल्लियां और खरगोश अंदर पिंजरों में ही बंद रह गए और लपटों की चपेट में आकर जल गए। जो जानवर बच गए वह भी बुरी तरह झुलसे थे। दमकलकर्मियों ने आधा दर्जन झुलसी बिल्लियों और एक कुत्ते को बाहर निकाला। ALSO READ: लखनऊ में लपटों का तांडव, 15 छात्रों की मौत, CM योगी ने फायर विभाग के अफसरों को फटकारा, कैसी लगी आग, सामने आया कारण

 

दमकल कर्मियों ने उन्हें निकालकर इलाज के लिए एनजीओ संचालकों को सौंपा है। एनजीओ संचालिका चारू खरे ने बताया कि गंभीर हालत में जानवर न अंदर से निकाले गए हैं। इनका बच पाना बहुत मुश्किल है।

 

एक्शन में योगी सरकार 

लखनऊ में तीन मंजिला इमारत में आग में 15 लोगों की मौत के मामले में कार्रवाई करते हुए 4 अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए SIT जांच के आदेश दिए।

edited by : Nrapendra Gupta

CBSE 12th Re-evaluation 2026: री-इवैल्युएशन ने बदला नंबर गेम, झारखंड से निकले साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स के ऑल इंडिया टॉपर

CBSE 12th Re-evaluation 2026: सीबीएसई बोर्ड से 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले ढेरों छात्र इस साल अपना रिजल्ट देखकर हैरान थे। छात्रों को अपने नंबरों पर भरोसा नहीं हो रहा था। यही वजह थी कि बड़ी संख्या में छात्रों ने री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन किया था। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का री-इवैल्युएशन रिजल्ट घोषित कर दिया है। रिजल्ट आने के बाद छात्रों के नंबरों में ही बदलाव नहीं हुआ है, बल्कि कुछ छात्रों की रैंक भी बदल गई है।

इनमें खासतौर से झारखंड के दो छात्र अब ऑल इंडिया टॉपर बन गए हैं। ये रांची की अवनी केजरीवाल और बोकारो के आदित्य मिश्रा हैं। इसके साथ ही आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों स्ट्रीम के ऑल इंडिया टॉपर अब झारखंड से हो गए हैं। दरअसल, अवनी केजरीवाल और आदित्य मिश्रा 12वीं में मिले अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं थी। इसलिए उन्होंने अपने मार्क्स की दोबारा जांच करवाई थी, जिसके बाद दोनों के नंबर इतने बढ़ गए कि वे अब पूरे देश के टॉपर बन गए हैं।

री-इवैल्यूएशन के बाद अवनी का स्कोर हो गया परफेक्ट 100

रांची के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की छात्रा अवनी केजरीवाल को री-इवैल्युएशन से पहले कुल 95.2% नंबर मिले थे। लेकिन, उन्हें इंग्लिश में बेहतर नंबर मिलने का अनुमान था। इसके बाद उन्होंने अपनी आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया। आंसर शीट देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि कई सही आंसर के बावजूद पर्याप्त अंक नहीं दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने इंग्लिश, बिजनेस स्टडीज और ग्राफिक्स सब्जेक्ट में री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया। री-इवैल्यूएशन के बाद इंग्लिश में मिले 81 मार्क्स सीधे 100 हो गए, बिजनेस स्टडीज और ग्राफिक्स में भी उन्हें पूरे 100 नंबर मिले। 500 में से 500 नंबर होने से उनका टोटल स्कोर परफेक्ट 100 हो गया और उन्होंने कॉमर्स स्ट्रीम में पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया।

आदित्य के भी नंबर बढ़े और वो बने साइंस के नेशनल टॉपर

बोकारो के डीपीएस स्कूल के छात्र आदित्य मिश्रा ने भी अपने नंबरों का री-इवैल्यूएशन कराया। उन्हें बायोलॉजी में 96 अंक मिले थे, जिससे वे संतुष्ट नहीं थे। वहीं, उनका कुल स्कोर 99.20% था। री-इवैल्यूएशन के बाद बायोलॉजी के मार्क्स 96 से बढ़कर 99 हो गए। इससे उनका कुल प्रतिशत 99.60% हो गया। अब वह कानपुर की सोनाक्षी गोयल के साथ संयुक्त रूप से साइंस स्ट्रीम के नेशनल टॉपर बन गए हैं। आदित्य को इंग्लिश कोर, केमेस्ट्री और पेंटिंग में 100 में 100 अंक मिले हैं, जबकि फिजिक्स में 99 मार्क्स प्राप्त हुए हैं।

आर्ट्स से टॉपर हैं रांची की भव्या रंजन

आर्ट्स स्ट्रीम में रांची के ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या रंजन पहले ही 99.8% अंकों के साथ देश में पहला स्थान हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के स्पेशल ‘टारगेट 100’ प्रोग्राम को दिया है। भव्या ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत छात्रों को रोजाना प्रैक्टिस के लिए प्रश्न दिए जाते थे और शिक्षकों से तुरंत गाइडेंस मिलता था।

CUET UG final answer key 2026: एनटीए ने सीयूईटी यूजी की फाइनल आंसर की से हटाए 7 सवाल, रिजल्ट की गुड न्यूज जल्द मिलने की उम्मीद बढ़ी

Mumbai Weather: मुंबई में आज गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अलर्ट, 60 kmph की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

Mumbai Weather: मंगलवार, 23 जून को मुंबई में आसमान बादलों से ढका रहा, क्योंकि शहर और आसपास के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश, बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश देखने को मिली। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, लोनावला में भी आज सुबह बारिश हुई, जिससे आसपास के इलाकों में मौसम सुहावना हो गया।

IMD का अलर्ट

इस बीच, मुंबई और रायगढ़ के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का हवाला देते हुए मंगलवार को मौसम को लेकर एक नया अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, हल्की से मध्यम बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

IMD ने मुंबई और रायगढ़ के लिए आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अचानक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और जोरदार बारिश होने की उम्मीद है।

मुंबई में जल्द पहुंचेगा मॉनसून

इससे पहले, IMD ने कहा था कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून महाराष्ट्र के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और अगले 48 घंटों में मुंबई समेत और भी इलाकों में इसके पहुंचने की संभावना है।

रीजनल मौसम केंद्र (RMC) के मुताबिक, मॉनसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ गया है। साथ ही, इसने कर्नाटक के बाकी हिस्सों को भी कवर कर लिया है और छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में भी फैल गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल है। इस दौरान मानसून मध्य अरब सागर के बाकी हिस्सों, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य इलाकों, तेलंगाना और ओडिशा के शेष भागों, साथ ही छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के और क्षेत्रों में पहुंच सकता है।

IMD के अनुसार, पश्चिमी हवाओं के मजबूत होने और मानसून के लगातार आगे बढ़ने की वजह से आने वाले दिनों में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना है।

बता दें कि 22 जून से 26 जून के बीच कोंकण क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने इसी दौरान मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने, तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की भी भविष्यवाणी की है।

मराठवाड़ा के लिए, 22 जून से 24 जून के बीच बिजली कड़कने, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की उम्मीद है।

IMD ने दक्षिण महाराष्ट्र-गोवा तट के मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है और उन्हें सलाह दी है कि खराब मौसम के कारण 22 जून से 26 जून तक समुद्र में न जाएं। इस दौरान हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है, और हवा के झोंके 60 किमी प्रति घंटा तक हो सकते हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों और शहरों में जलभराव, अचानक बाढ़, सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाओं में रुकावट, खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान और तट के पास समुद्र की स्थिति खराब होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, कमजोर या जर्जर इमारतों और पेड़ों से दूर रहें, तूफान के दौरान जलाशयों के पास न जाएं और खराब मौसम में सुरक्षित जगहों पर शरण लें।

यह भी पढ़ें: Delhi Weather Today: दिल्ली में आज बदलेगा मौसम, IMD ने जारी किया आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट

Stock Market Recovery: दो सेक्टर की गिरावट को थाम लिया अकेले, Sensex ने निचले स्तर से की वापसी, Nifty भी ग्रीन

Stock Market Recovery: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज शुरुआती कारोबार में घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 लाल खुले। हालांकि शुरुआती गिरावट से उबरते हुए ये ग्रीन हो गए। इंट्रा-डे के निचले स्तर से सेंसेक्स प्वाइंट्स रिकवर हुआ तो निफ्टी भी एक बार फिर 24100 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर मार्केट में रौनक बनी हुई है और स्मॉलकैप स्पेस में तो अधिक ही। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से कम बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:09 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 68.59 प्वाइंट्स यानी 0.09% की मामूली बढ़त के साथ 77,162.66 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 22.95 प्वाइंट्स यानी 0.10% की तेजी के साथ 24,125.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 215.41 प्वाइंट्स टूटकर 76,878.66 तक आ गया था जिससे 313.97 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,192.6 तक पहुंचा तो निफ्टी 50 भी 62.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,040.05 तक आया था जिससे यह 95.45 प्वाइंट्स चढ़कर 24,135.50 तक पहुंच गया।

Stock Market Recovery: ये है वजह

कच्चे तेल में फिसलन

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बातचीत आगे बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। इससे कच्चा तेल का भाव आज भी नरम पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में ब्रेंट क्रूड एक समय उछलकर प्रति बैरल $120 के करीब पहुंच गया था लेकिन अब यह टूटकर $78 के भी नीचे आ चुका है।

Pharma Sector ने मार्केट को खींच लिया ऊपर

निफ्टी आईटी में डेढ़ फीसदी से अधिक और निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की गिरावट को फार्मा सेक्टर ने अकेले संभाल लिया जिसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी पीएसयू बैंक में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है लेकिन निफ्टी रियल्टी में 1% से अधिक उछाल है।

वैल्यू बाइंग

मार्केट में आज शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स की नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। India VIX फिलहाल 2.49% की गिरावट के साथ 12.52 पर है। इसके अधिक होने का मतलब आने वाले दिनों में वोलैटिलिटी के हाई होने और कम होने का मतलब वोलैटिलिटी के कम होने की संभावना है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अनोखा वीडियो, महिला और कौवे के बीच दिखी ऐसी अनोखी दोस्ती जिसने लोगों को किया हैरान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया है। इस वीडियो में एक महिला और एक कौवे के बीच दिखाई देने वाला अनोखा और भावनात्मक रिश्ता लोगों को हैरान भी कर रहा है और प्रभावित भी। आमतौर पर कौवे को एक चालाक और दूर रहने वाला पक्षी माना जाता है, लेकिन इस वीडियो में वह महिला के साथ बेहद शांत और भरोसे भरे अंदाज में नजर आता है। महिला उसे अपने हाथों से खाना खिलाती है और कौवा भी बिना डर के उसके पास आकर बैठता है, मानो दोनों के बीच सालों पुराना रिश्ता हो।

ये दृश्य न सिर्फ जानवरों की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि इंसान और प्रकृति के बीच गहरे संबंध की एक खूबसूरत झलक भी पेश करता है। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर भावनात्मक बहस छेड़ दी है।

गोद में आराम से बैठा कौवा

वीडियो में कौवा बिना किसी डर के महिला की गोद में आराम से बैठा नजर आता है। आमतौर पर डर और सतर्कता के लिए जाने जाने वाले कौवे का ये शांत व्यवहार लोगों को चौंका देता है। वह न तो उड़ने की कोशिश करता है और न ही किसी तरह की आक्रामकता दिखाता है।

लाड-प्यार और खेल-खेल में दिखी गहरी बॉन्डिंग

महिला कौवे के पेट को हल्के से सहलाती और उससे खेलती नजर आती है, जैसे कोई अपने पालतू जानवर के साथ करता है। हैरानी की बात ये रही कि कौवा पूरी तरह शांत रहा और कई बार महिला की उंगलियों को अपने पंजों से हल्के से पकड़ता भी दिखा।

‘इंडियन मम्स कुछ भी कर सकती हैं’

वीडियो वायरल होते ही यूजर्स ने मजेदार कमेंट्स की बौछार कर दी। किसी ने लिखा कि भारत में हर जानवर पालतू बन सकता है, तो किसी ने कहा कि कौवे बेहद समझदार होते हैं। वहीं कुछ लोगों ने सावधानी बरतने की सलाह भी दी, खासकर पक्षियों को इस तरह छूने को लेकर।

जानवरों की समझदारी पर फिर छिड़ी बहस

इस वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कौवे जैसे जंगली पक्षी भी इंसानों के साथ भावनात्मक रिश्ता बना सकते हैं। फिलहाल यह क्लिप इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रही है और तेजी से शेयर की जा रही है।

Viral Post: 6 अंकों की सैलरी के बाद भी खर्च करने में डरता है ये युवक! 26 साल के प्रोफेशनल ने शेयर किया पोस्ट

Sanjay Gandhi: पुण्यतिथि विशेष: संजय गांधी कौन थे, जानें राजनीति में उनका योगदान

A photograph of Sanjay Gandhi, who carved a distinct identity in Indian politics

Sanjay Gandhi remembrance day: संजय गांधी भारतीय राजनीति के एक प्रभावशाली और विवादास्पद व्यक्तित्व थे, जिनका नाम देश के आधुनिक राजनीतिक इतिहास में विशेष रूप से दर्ज है। वे भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के छोटे पुत्र थे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े हुए एक प्रमुख नेता के रूप में जाने जाते हैं। संजय गांधी का राजनीतिक जीवन अपेक्षाकृत छोटा रहा, लेकिन उनके निर्णयों और नीतियों का प्रभाव भारतीय राजनीति पर गहराई से पड़ा। उनका निधन 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में हुआ था, जिसके बाद उनकी पुण्यतिथि हर वर्ष उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मनाई जाती है। 

आइए आज 23 जून को उनकी पुण्यतिथि के मौके पर जानते हैं कि वे कौन थे और भारतीय राजनीति में उनका क्या योगदान और प्रभाव रहा…

 

संजय गांधी कौन थे?

संजय गांधी का जन्म 14 दिसंबर 1946 को हुआ था। वे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाती/ नवासे और इंदिरा गांधी व फिरोज गांधी के छोटे पुत्र थे। उनके बड़े भाई राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने।

 

संजय गांधी की रुचि शुरुआत से ही राजनीति के बजाय गाड़ियों और विमानों में थी। उन्होंने इंग्लैंड के रोल्स-रॉयस (Rolls-Royce) कारखाने में अप्रेंटिसशिप भी की थी। बाद में भारत लौटकर उन्होंने 'मारुति लिमिटेड' कंपनी की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य भारतीयों के लिए एक सस्ती और स्वदेशी 'जनता कार' बनाना था। हालांकि, बाद में वे अपनी मां इंदिरा गांधी के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सलाहकार बनकर उभरे।

 

राजनीति में उनका योगदान और प्रभाव

संजय गांधी ने कभी सरकार में कोई आधिकारिक मंत्री पद नहीं संभाला, वे सिर्फ यूथ कांग्रेस के नेता और बाद में सांसद रहे, लेकिन 1975 से 1980 के बीच कांग्रेस पार्टी और सरकार पर उनका प्रभाव अभूतपूर्व था।

 

1. युवा कांग्रेस का कायाकल्प

संजय गांधी को मुख्य रूप से यूथ कांग्रेस को एक आक्रामक और ताकतवर संगठन बनाने का श्रेय जाता है। उन्होंने देश भर के युवाओं को राजनीति से जोड़ा। उनके नेतृत्व में यूथ कांग्रेस मुख्य कांग्रेस पार्टी से भी ज्यादा सक्रिय और प्रभावशाली हो गई थी। कमलनाथ, जगदीश टाइटलर और गुलाम नबी आजाद जैसे नेता उन्हीं के दौर में आगे बढ़े।

 

2. 5-सूत्रीय कार्यक्रम

संजय गांधी ने देश के विकास और सामाजिक सुधार के लिए एक '5-सूत्रीय कार्यक्रम' शुरू किया था, जिसने जमीनी स्तर पर काफी बदलाव किए:

 

परिवार नियोजन: देश की बढ़ती आबादी को रोकने के लिए जागरूकता अभियान।

 

वृक्षारोपण: पर्यावरण को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ लगाना।

 

दहेज प्रथा का विरोध: सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान।

 

वयस्क शिक्षा: अनपढ़ वयस्कों को साक्षर बनाना।

 

जातिवाद का खात्मा: समाज में समानता लाना।

 

3. 'मारुति' के जरिए ऑटोमोबाइल क्रांति की नींव

भले ही संजय गांधी के जीवनकाल में मारुति कार सड़क पर नहीं आ सकी, लेकिन भारत में मिडिल क्लास के लिए एक किफायती कार का जो सपना उन्होंने देखा था, वही आगे चलकर 'मारुति सुजुकी' के रूप में साकार हुआ। इसने भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की पूरी तस्वीर बदल दी।

 

आपातकाल और विवाद

संजय गांधी का राजनीतिक सफर जितने अच्छे कामों के लिए जाना जाता है, उतने ही बड़े विवादों से भी घिरा रहा। 1975 में जब देश में आपातकाल (Emergency) लागू हुआ, तब संजय गांधी सत्ता के केंद्र बिंदु बन गए।

 

जबरन नसबंदी: आबादी नियंत्रण के उनके एजेंडे को अधिकारियों ने बेहद आक्रामक तरीके से लागू किया, जिससे देश भर में खासकर ग्रामीण इलाकों में 'जबरन नसबंदी' के मामले सामने आए। इस वजह से जनता में उनके खिलाफ काफी नाराजगी पैदा हुई।

 

तुर्कमान गेट और सुंदरीकरण: दिल्ली के सुंदरीकरण अभियान के तहत झुग्गी-झोपड़ियों को हटाया गया, जिसके कारण तुर्कमान गेट इलाके में भारी विरोध और पुलिस कार्रवाई हुई थी।

 

इन विवादों के बावजूद, जब 1977 की करारी हार के बाद 1980 में कांग्रेस ने दोबारा सत्ता में वापसी की, तो उसमें संजय गांधी की रणनीति और यूथ कांग्रेस की मेहनत की बड़ी भूमिका थी। 1980 के चुनाव में वे खुद उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से जीतकर पहली बार लोकसभा सांसद बने थे।

 

विमान दुर्घटना में निधन: 

23 जून 1980 को नई दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास एक बेहद दुखद हादसा हुआ। संजय गांधी एक नए विमान Pitts S-2A में हवाई करतब (aerobatics) दिखा रहे थे, तभी नियंत्रण खोने की वजह से उनका विमान क्रैश हो गया। महज 33 वर्ष की उम्र में इस विमान दुर्घटना में उनका असामयिक निधन हो गया। इसतरह अचानक उनके जीवन के सफर का अंत हो गया।

 

संजय गांधी की मृत्यु ने भारतीय राजनीति की दिशा हमेशा के लिए बदल दी। उनके जाने के बाद ही उनके बड़े भाई राजीव गांधी ने अनिच्छा के बावजूद राजनीति में प्रवेश किया और बाद में देश के प्रधानमंत्री बने। संजय गांधी, शॉर्ट टर्म में भारतीय राजनीति पर इतना गहरा और अमित प्रभाव छोड़ने वाले नेता है, जो इतिहास में बहुत कम हुए हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

Lucknow fire tragedy update: अब तक 15 लोगों की मौत, 4 आरोपी गिरफ्तार, चार अधिकारी निलंबित… लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में अब तक क्या हुआ?

Lucknow fire tragedy update:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार (22 जून) को तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई। जबकि 9 लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में बिल्डिंग के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की पड़ताल के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। इस बिल्डिंग में एक एनिमेशन सेंटर था जहां छात्र मौजूद थे। साथ ही निचली मंजिलों पर एक पेट शॉप और एक क्लिनिक भी था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

पॉश रिहायशी इलाके में है कोचिंग सेंटर

घटना अलीगंज थाना इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में दोपहर करीब तीन बजे हुई। पुरनिया बाजार से चंद कदमों की दूरी पर स्थित यह बिल्डिंग अलीगंज के पॉश रिहायशी इलाके में है, जहां कई कोचिंग सेंटर और कैफे मौजूद हैं।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जनसंपर्क अधिकारी के.के. सिंह ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि बचाव दल ने इस घटना में घायल कुल 22 लोगों को केजीएमयू पहुंचाया, जिनमें से 15 को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मतृकों की हुई पहचान

अस्पताल द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार हादसे में मरने वालों की शिनाख्त सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या के रूप में हुई है। के.के. सिंह ने बताया कि हादसे में घायल हुए नौ लोगों में से सात को छुट्टी दे दी गई है। जबकि दो अन्य का इलाज किया जा रहा है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

SIT में कौन-कौन अधिकारी शामिल?

बयान के अनुसार एसआईटी में पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। उसे सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस मामले में पुलिस ने देर रात चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चार अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।

चार अरेस्ट, 4 सस्पेंड

लखनऊ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में राम कृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उपाध्याय, शुक्ला और जायसवाल बिल्डिंग के संयुक्त रूप से मालिक हैं।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर जानकीपुरम में बिजली विभाग के अधिकारी गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग की इंदिरा नगर शाखा के अधिकारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहायक अभियंता अनिल कुमार और कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

घायलों से मिले सीएम योगी, पीएम मोदी ने जताया दुख

घटना की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री अलीगढ का अपना दौरा बीच में ही छोडकर लखनऊ लौटे और घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वह अस्पताल भी पहुंचे और घायल पीड़ितों से मुलाकात करके संवेदना प्रकट की। रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह भी देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बाद में उन्होंने केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और मुख्यमंत्री को फोन करके घटना की जानकारी ली।

मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया है।

अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री शाम करीब छह बजकर 15 मिनट पर घटनास्थल पर पहुंचे। फिर हादसे की शिकार इमारत की स्थिति का जायजा लिया और इमारत की ऊपरी मंजिलों का भी दौरा किया। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आदित्यनाथ केजीएमयू पहुंचे, दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात करके उनका हाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

कैसे लगी आग?

घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे नगर विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आग लगने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आग शायद इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई। उन्होंने कहा कि बाहर निकलने का सही रास्ता न होने के कारण धुएं से दम घुटने से मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय बीजेपी विधायक नीरज बोरा ने पीटीआई को बताया कि इस हादसे में मरने वाले लोगों में से आधे स्थानीय निवासी थे।

ये भी पढ़ें- India Weather Today: बिहार समेत इन 12 राज्यों में IMD ने भारी बारिश का अलर्ट दिया, मुंबई-राजस्थान में ‘ऑरेंज अलर्ट’