तेल निर्यात में राहत के बीच ट्रंप की चेतावनी, क्या मुश्किल में पड़ जाएगी US-Iran डील?

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Trump Threatens Iran Again: स्विटजरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम बातचीत के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। बातचीत के पहले दौर के खत्म होने के महज एक दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दे दी है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर तेहरान समझौते का पालन नहीं करता है तो अमेरिका कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। ALSO READ: 80 मिनट की अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप की धमकी पर ईरान का कड़ा जवाब; संयुक्त फोटो सेशन भी रद्द

 

स्विटजरलैंड के बर्गेनस्टॉक में रविवार को अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का पहला दौर संपन्न हुआ। यह बैठक हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते के तहत आयोजित की गई थी। हालांकि वार्ता शुरू होने से पहले ही माहौल तनावपूर्ण हो गया था। दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जिसके बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल कुछ समय के लिए वार्ता स्थल से उठकर चला गया था।

 

ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान समझौते पर कायम नहीं रहता या सही तरीके से व्यवहार नहीं करता, तो अमेरिका वही करेगा जो उसे करना होगा। ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच भविष्य की बातचीत को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इसी समझौते के तहत दोनों देशों के प्रतिनिधि स्विटजरलैंड में आमने-सामने बैठे। ALSO READ: मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर, ईरान ने फिर बंद किया हॉर्मुज, आखिर क्यों लिया ये फैसला?

 

वार्ता के दौरान दोनों पक्ष एक उच्च स्तरीय निगरानी समिति बनाने पर सहमत हुए, जो आगे की बातचीत और समझौतों की प्रक्रिया पर नजर रखेगी।

 

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इस बैठक ने अंतिम समझौते के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। हालांकि ईरान ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि उसके परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई है।

 

तेल पर ईरान को राहत

समझौते के तहत अमेरिका ने ईरान को आर्थिक राहत देने का भी फैसला किया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 21 अगस्त तक कुछ प्रतिबंधों में छूट दी है, जिससे ईरान को तेल और उससे जुड़े उत्पादों का निर्यात करने तथा भुगतान प्राप्त करने की अनुमति मिल गई है।

 

क्या अमेरिका किसानों के पास वापस आएगा पैसा?

विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों का एक हिस्सा भी जारी किया गया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की बड़ी आबादी को भोजन की जरूरत है और जारी किया गया पैसा अमेरिकी किसानों के पास वापस आएगा।

 

 वहीं, ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुल नासेर हेम्माती ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि ईरान अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं है। उनके मुताबिक यह धनराशि अन्य गैर-प्रतिबंधित आयातों पर भी खर्च की जा सकती है।

 

फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला दौर पूरा हो चुका है, लेकिन ट्रंप की नई चेतावनी और दोनों देशों के अलग-अलग दावों ने साफ कर दिया है कि अंतिम समझौते का रास्ता अभी आसान नहीं है। अब सबकी नजर अगले दौर की वार्ता और दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई है।

edited by : Nrapendra Gupta 

India Weather Today: बिहार समेत इन 12 राज्यों में IMD ने भारी बारिश का अलर्ट दिया, मुंबई-राजस्थान में ‘ऑरेंज अलर्ट’

India Weather Update Today (23 June): देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून के लिए देशव्यापी मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बड़ा अलर्ट घोषित किया है। मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के कारण आज बिहार समेत देश के 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई और राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। आइए जानते हैं आज देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मुंबई और राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मुंबई (IMD Mumbai Warning): मुंबई के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक के साथ मध्यम से तीव्र दौर की बारिश होने और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।

राजस्थान में महातूफान की आशंका: आज पूरे राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल चलने का अलर्ट है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक भी पहुंच सकती है।

बिहार समेत इन 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी वेदर बुलेटिन के मुताबिक आज देश के 12 राज्यों/क्षेत्रों में मूसलाधार मानसूनी बारिश होने वाली है:-

बेहद भारी बारिश: असम और मेघालय में मानसून का सबसे रौद्र रूप दिखेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहने वाला है।

भारी बारिश वाले अन्य 10 राज्य

बिहार और ओडिशा: कल मानसून के आगे बढ़ने के बाद आज इन दोनों राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो रहा है।

कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र: पश्चिमी तट से सटे इन इलाकों में भारी मानसूनी बारिश होगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में भारी बारिश का कड़ा अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी है।

दिल्ली-NCR समेत देश के 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का कहर

देश के एक बहुत बड़े हिस्से में आज तेज आंधी-पानी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और गरज-चमक के साथ इन राज्यों में मौसम खराब रहेगा।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश (उत्तराखंड समेत) और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात रीजन, कोंकण एवं गोवा, पूरे महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के साथ हिमाचल प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है।

विदर्भ में हीटवेव और गर्म रात का टॉर्चर जारी

जहां एक तरफ देश का बड़ा हिस्सा मानसून की फुहारों से भीग रहा है। वहीं कुछ इलाकों में गर्मी का टॉर्चर अभी भी बरकरार है। विदर्भ के कुछ हिस्सों में आज भीषण से अत्यधिक भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। इसके साथ ही यहां रातें भी बेहद असहज और गर्म रहने वाली हैं। पूर्वी यूपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग पॉकेट्स में आज भी लू का असर देखने को मिलेगा।

Dhurandhar 2: ‘रणवीर सिंह की एनर्जी ने गाने में जान डाल दी’ एक्टर को लेकर ‘आरी आरी’ के कंपोजर ने दिया बड़ा बयान

रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाई की। फिल्म ने कई पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। फिल्म के डॉयलॉग के साथ-साथ फिल्म के गानों को भी फैंस ने काफी पंसद किया। वहीं ‘धुरंधर 2’ के म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव ने हाल ही में रणवीर सिंह के साथ काम करने और फिल्म के जबरदस्त ट्रैक ‘आरी आरी’ पर एक्टर के प्रभाव को लेकर खुलकर बात की है। रणवीर की स्क्रीन प्रेजेंस ने गाने को कैसे प्रभावित किया, इस बारे में बात करते हुए शाश्वत ने कहा, “रणवीर की मौजूदगी ने ‘आरी आरी’ को एक फिजिकल वोल्टेज (ताकत) दी, लेकिन इसका म्यूजिकल आइडिया सिर्फ परफॉर्मेंस से कहीं ज्यादा चीजों से मिलकर बना था।”

उन्होंने आगे कहा, “पहली फिल्म की दुनिया ने मुझे पहले ही एक ऐसी एनर्जी दिखा दी थी जो बेहद हाइपर, एग्रेसिव, गुस्सैल और थोड़ी खतरनाक थी। फिर, इस सीक्वेंस को लेकर आदित्य का अपना एक विजन था।” उन्होंने आगे समझाया कि क्रिएटिव प्रोसेस के दौरान ये गाना कैसे आगे बढ़ा। उन्होंने कहा, “बाद में, जब हमने दूसरे ट्रेलर के लिए इसके बारे में सोचना शुरू किया, तो ओजस के एडिट ने इस ट्रैक को एक नई जिंदगी दे दी। मुझे दिखाया कि ये कितने दमदार तरीके से दर्शकों पर असर डाल सकता है। ‘आरी आरी’ गाना रणवीर की स्क्रीन एनर्जी, इस सीक्वेंस के लिए आदित्य की महत्वाकांक्षा और एडिट की लय (रिदम) के मिलन से तैयार हुआ है।”

​शाश्वत ने रणवीर के ऑन-स्क्रीन किरदार से इतर भी उनकी जमकर तारीफ की और फिल्म के बनने के दौरान देर रात तक चलने वाले उनके क्रिएटिव सेशन्स को याद किया। कंपोजर ने बताया , “वह बिना किसी दिखावे या जजमेंटल हुए बेहद सपोर्टिव और हिम्मत बढ़ाने वाले थे। हम उन सेशन्स का बेसब्री से इंतजार करते थे क्योंकि वे इस पूरी प्रोसेस के सबसे मजेदार हिस्सों में से थे। एक ऐसा आर्टिस्ट जो किसी दूसरे के काम को इतने उत्साह के साथ स्वीकार कर सकता है, वो पूरे कमरे में मौजूद लोगों को और आगे बढ़ने का कॉन्फिडेंस देता है।”

अपने काम के प्रति पूरी लगन और हर किरदार में नई जान डालने की क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले रणवीर सिंह लगातार दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से तारीफें मिल रही है। उनके जन्मदिन के मौके पर फैंस जहां जश्न की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं ये साल भी एक्टर के लिए कई बड़ी उपलब्धियों से भरा रहा है। हिंदी सिनेमा की बड़ी सफल फिल्मों का हिस्सा बनने के साथ-साथ रणवीर ने ‘धुरंधर: द रिवेंज’ जैसी फिल्म के जरिए नया रिकॉर्ड भी बनाया। अपनी शानदार सफलता और लगातार बढ़ते प्रभाव के दम पर उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि वह बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं।

उत्तराखंड के कैप्टन की मदद करेंगे विदेश मंत्री:रूस से तेल लाते समय ब्रिटेन में गिरफ्तार; 2 महीने पहले पिता का इलाज कराकर ड्यूटी जॉइन की

उत्तराखंड के नैनीताल के मर्चेंट नेवी कैप्टन अजय पंत को ब्रिटेन से सुरक्षित वापस लाने में विदेश मंत्रालय मदद करेगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मामले की पूरी रिपोर्ट मांगकर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग को हर कानूनी मदद देने के निर्देश दिए हैं। मामले को खुद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात पी. कुमारन देख रहे हैं। ब्रिटेन के अखबार ‘द गार्जियन’ के मुताबिक, ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने अजय को रूस से गैर-कानूनी तरीके से तेल लाने के आरोप में 14 जून की रात गिरफ्तार किया था। इसके बाद 16 जून को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को बॉर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में होगी। द गार्जियन के मुताबिक, इस मामले में उन्हें अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है। ब्रिटेन की सत्ताधारी लेबर पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इसे रूस के खिलाफ की गई कार्रवाई बता रहे हैं। मामले पर रूस भी नजर बनाए हुए है। कैप्टन की पत्नी रितु पंत ने 17 जून को X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री से अपने पति की रिहाई की मांग की है। अजय पंत नैनीताल के रामनगर के चिल्किया गांव रहने वाले हैं। वे छुट्टियां बिताकर 23 अप्रैल को घर से ड्यूटी पर गए थे। शुरुआत से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ? 1. 4 जून 2026- रूस से भारत के लिए रवानगी- प्रतिबंधित तेल टैंकर एमवी स्मिर्टोस (MV Smyrtos) पर रूस के उस्त-लूगा (Ust-Luga) टर्मिनल से एक लाख एक हजार 400 टन कच्चा तेल लादा गया। कैप्टन अजय पंत इस जहाज को लेकर गुजरात (भारत) के सिक्का पोर्ट के लिए रवाना हुए थे। 2. 14 जून 2026 (रविवार)– ब्रिटिश मरीन कमांडो का आधी रात को सीक्रेट ऑपरेशन- यह रूसी तेल टैंकर बिना किसी वैध राष्ट्रीय झंडे के ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र में घुस गया। दरअसल, यह जहाज पहले अफ्रीकी देश कैमरून के झंडे के तहत रजिस्टर था, लेकिन अक्टूबर 2025 से प्रतिबंधित होने के कारण जून की शुरुआत में ही कैमरून ने इसे अपनी रजिस्ट्री से बाहर कर दिया था, जिससे यह ‘बिना झंडे’ का (Stateless) हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टारर के सीधे निर्देश पर ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय और नेशनल क्राइम एजेंसी ने एक साझा सीक्रेट ऑपरेशन चलाया। आधी रात के अंधेरे में चिनूक हेलिकॉप्टर से रॉयल मरीन कमांडो रस्सियों के सहारे जहाज पर उतरे और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इसी दिन शाम को कैप्टन अजय पंत को गिरफ्तार कर लिया गया। जहाज पर भारत और जॉर्जिया के 24 क्रू मेंबर्स अभी भी मौजूद हैं और जहाज को डॉर्सेट के वेमाउथ तट के पास रोककर खड़ा किया गया है। 3. 16 जून 2026 (मंगलवार)- ब्रिटिश कोर्ट में पेशी और जमानत खारिज- कैप्टन अजय पंत को साउथेम्प्टन मजिस्ट्रेट कोर्ट में बॉर्नमाउथ पुलिस स्टेशन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। उन पर ‘रूस (प्रतिबंध) विनियम 2019 के नियम 46Z9B’ के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। दोष सिद्ध होने पर उन्हें अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। सरकारी अभियोजक वरुण चुनी ने कोर्ट को बताया कि जहाज पर करोड़ों का तेल है। वहीं बचाव पक्ष के वकील जेम्स डायमंड ने तर्क दिया कि कैप्टन केवल कंपनी के कर्मचारी हैं और वरिष्ठों का आदेश मान रहे थे। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर कैप्टन को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को बॉर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में होगी। 4. 17 जून 2026 – पत्नी ने X पर पीएम मोदी से मांगी मदद- कैप्टन की पत्नी रितु पंत को इस गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना किसी विभाग से नहीं, बल्कि ब्रिटिश मीडिया और सोशल मीडिया से मिली। रितु पंत ने 17 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि अजय पिछले 15 साल से बेदाग रिकॉर्ड के साथ काम कर रहे हैं, वे केवल नौकरी के तहत अपनी कंपनी के निर्देशों का पालन कर रहे थे, इसमें उनकी कोई व्यक्तिगत गलती नहीं है। 5. कैप्टन अजय पंत के पिता बीमार- कैप्टन अजय पंत के पिता वीसी पंत (जो खुद पेयजल निगम से सेवानिवृत्त हैं और क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं) महज डेढ़ महीने पहले ही दिल्ली के गंगाराम अस्पताल से गंभीर बीमारी को मात देकर लौटे हैं। बुजुर्ग पिता, मां दीपा पंत और दो छोटी बेटियां सदमे में हैं। अजय ही परिवार के मुख्य कमाने वाले हैं, जबकि उनका छोटा भाई अभिषेक एयरलाइंस में प्राइवेट नौकरी करता है। परिवार ने क्षेत्रीय सांसदों अनिल बलूनी और अजय भट्ट से भी मदद मांगी है। 6. उत्तराखंड सरकार ने विदेश मंत्रालय से मदद मांगी- उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि राज्य सरकार ने भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) को पत्र लिखकर कैप्टन अजय पंत की सुरक्षित रिहाई और वतन वापसी के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। दिल्ली में तैनात राज्य के क्षेत्रीय आयुक्त लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में हैं। ब्रिटेन में स्थित भारतीय उच्चायोग को कैप्टन अजय पंत तक राजनयिक पहुंच दे दी गई है ताकि उन्हें कानूनी और हर जरूरी मदद मुहैया कराई जा सके। ——————————— पढ़ें पूरी खबर… उत्तराखंड का कैप्टन ब्रिटेन में गिरफ्तार:रूस से तेल लाते वक्त पकड़ा, गुजरात लौट रहा था जहाज; पत्नी ने PM मोदी से मांगी मदद उत्तराखंड के नैनीताल के मर्चेंट नेवी कैप्टन अजय पंत को ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया है। ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने अजय को रूस से गैर-कानूनी तरीके से तेल लाने के आरोप में पकड़ा है। (पढ़ें पूरी खबर)

Trading Plan: 24000 के ऊपर बने रहने तक निफ्टी में तेजी की उम्मीद रहेगी कायम, 24500 पर अगला अहम रेजिस्टेंस

Trading Plan: बाजार में तेजी का दौर जारी रहने की संभावना है,क्योंकि निफ्टी 50 अपने शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है और ये एवरेज ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है और वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX भी नीचे है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर बाजार के रुख को ‘साइडवेज-टू-पॉजिटिव'(सपाट से पॉजिटिव) बता रहे हैं। जब तक निफ्टी 24,000 से ऊपर बना रहता है,तब तक इसमें 24,200–24,300 के जोन (जो एक तत्काल रेजिस्टेंस है) तक तेजी आ सकती है। इसके बाद 24,500 का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस लेवल के तौर पर सामने आएगा। निचले स्तर पर 23,800 के अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करने की उम्मीद है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,500–59,000 के जोन की ओर बढ़ने के लिए 58,000 के ऊपर लगातार क्लोजिंग की जरूरत है। जानकारों के मुताबिक,इंडेक्स के लिए सपोर्ट 57,000–56,800 की रेंज में है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव्स और क्वांट रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट और हेड जय ठक्कर का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,इसे एक बार फिर 24,200 के लेवल के पास सप्लाई का सामना करना पड़ा,जो शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। हाल ही में,इंडेक्स 23,800 के लेवल से पलटा और अब 24,000 के निशान से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जहां सबसे ज्यादा कुल ‘पुट बेस’है। इसलिए,शॉर्ट-टर्म रेंज 24,000–24,200 के बीच दिख रही है,जबकि महीने की बड़ी रेंज 23,800–24,500 है।

कुल मिलाकर ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। इंडिया VIX और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जैसी कई वजहें इस बढ़त को सपोर्ट कर रही हैं। हालांकि,US डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी इक्विटी के लिए एक नेगेटिव फैक्टर है। इसलिए,उम्मीद है कि मार्केट निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज)में ही रहेगा। अगर इंडेक्स 24,200 के लेवल को पार करता है,तो इसमें 24,500 की ओर और तेजी आ सकती है। वहीं,अगर इंडेक्स इस लेवल को पार नहीं कर पाता है,तो कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हाल के निचले स्तर 23,072 से शुरू हुई रैली का आखिरी लक्ष्य 24,800–25,000 बना हुआ है। इसलिए,हमारा नजरिया पॉज़िटिव बना हुआ है और हम’बाय-ऑन-डिप्स'(गिरावट पर खरीदारी)की रणनीति अपनाने की सलाह है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,500

अहम सपोर्ट: 24,000, 23,800

स्ट्रैटेजी: 24,000 के आस-पास निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 23,800 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,200 व 24,500 का टारगेट सेट करें।

Market cues : निफ्टी के 24200 के नीचे ट्रेड करने तक कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना, 23800 पर अहम सपोर्ट

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि तेजी के इस दौर में बैंक निफ्टी,निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसमें सबसे पहले रिकवरी आई थी और यह अभी भी मजबूती से ट्रेड कर रहा है। पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 1 से ऊपर 1.08 पर है,जो तेजी का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स अपने 57,000 के’मैक्सिमम पेन लेवल’से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जिसके शॉर्ट-टर्म सपोर्ट के तौर पर काम करने की उम्मीद है।

मौजूदा सीरीज के लिए ऊपर की तरफ,58,000 के स्ट्राइक पर’कॉल बेस’काफी मज़बूत है और यह शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इस लेवल के ऊपर जाने पर ही और शॉर्ट कवरिंग शुरू होने की संभावना है,जिससे इंडेक्स 59,000 और 60,000 के लेवल तक जा सकता है। तब तक,57,000 और 58,000 के लेवल के बीच कंसोलिडेशन की संभावना ज्यादा है।

57,500 और 58,000 के स्ट्राइक पर पुट में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि,अभी 58,000 के स्ट्राइक पर’कॉल’राइटर्स का पलड़ा भारी है। पोजीशनल नजरिए से देखें तो जब तक 55,000 का लेवल नहीं टूटता,तब तक ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा और 60,000 व 61,000 के टारगेट बने रहेंगे। फिलहाल,रणनीति यही है कि गिरावट पर खरीदारी करें या फिर 58,000 के ऊपर’ब्रेकआउट’होने पर खरीदें।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000, 60,000

अहम सपोर्ट: 57,000, 56,000

स्ट्रैटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स को 58,000 के ऊपर या 57,000 के आस-पास गिरावट पर खरीदें। स्टॉप-लॉस 56,000 के नीचे और टारगेट 60,000 रखें।

 

 

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कांच के बर्तनों की खोई चमक वापस पाने के आसान तरीके, सफेद दाग होंगे पूरी तरह साफ

कांच के गिलास और बर्तन अक्सर रोजाना इस्तेमाल के बाद अपनी असली चमक खो देते हैं। कई बार इन्हें अच्छे से धोने के बावजूद इन पर सफेद धब्बे या धुंधली परत नजर आने लगती है, जिससे ये साफ होकर भी गंदे जैसे दिखते हैं। यह समस्या ज्यादातर हार्ड वाटर में मौजूद मिनरल्स के कारण होती है, जो सूखने के बाद कांच की सतह पर जम जाते हैं। धीरे-धीरे ये परत और भी गहरी हो जाती है और बर्तनों की चमक फीकी पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर सोचते हैं कि शायद कांच खराब हो गया है, लेकिन असल में इसे फिर से साफ और चमकदार बनाया जा सकता है।

कुछ आसान और घरेलू उपायों की मदद से इन जिद्दी दागों को हटाया जा सकता है और बर्तनों को फिर से नया जैसा लुक दिया जा सकता है। सही तरीके अपनाकर कांच की खोई हुई चमक वापस पाई जा सकती है।

आखिर क्यों पड़ जाते हैं सफेद दाग?

अक्सर इसका कारण गंदगी नहीं बल्कि हार्ड वाटर होता है। पानी में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स सूखने के बाद कांच की सतह पर जम जाते हैं। समय के साथ ये सफेद धब्बों और धुंधली परत का रूप ले लेते हैं।

सिरके का कमाल, मिनटों में साफ होंगे निशान

सफेद सिरका कांच की सफाई के लिए बेहद असरदार माना जाता है। पानी और सिरके को बराबर मात्रा में मिलाकर गिलास पर लगाएं। कुछ मिनट बाद मुलायम स्पंज से साफ करें और धो लें। इससे जमी हुई परत काफी हद तक हट सकती है।

नींबू से लौटेगी खोई चमक

नींबू में मौजूद प्राकृतिक एसिड हल्के दागों को हटाने में मदद कर सकता है। दाग वाली जगह पर नींबू का रस लगाकर थोड़ी देर छोड़ दें और फिर साफ कर लें। इससे गिलास चमकदार दिखने लगते हैं।

पुराने दागों के लिए बेकिंग सोडा

अगर दाग जिद्दी हो गए हैं, तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है। थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट तैयार करें और हल्के हाथों से कांच पर लगाएं। ध्यान रखें कि ज्यादा रगड़ने से कांच पर खरोंच पड़ सकती है।

इन बातों का भी रखें ध्यान

कांच के बर्तनों को साफ करने के बाद तुरंत सूखे और मुलायम कपड़े से पोंछ लें। इससे पानी के नए निशान बनने की संभावना कम हो जाती है और बर्तन लंबे समय तक चमकदार बने रहते हैं।

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जिसे स्कूल से निकाल दिया गया, वह आज 400 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहा है | School of Happiness | Kanpur

यह है कानपुर के उद्देश्य सचान का ‘खुशियों का स्कूल’, जहां वंचित बच्चों को नि:शुल्क मिलती है शिक्षा!

जिसे कभी स्कूल से बाहर कर दिया गया, वही आज 400 बच्चों का भविष्य संवार रहा है। उद्देश्‍य सचान ने साबित कर दिया कि पढ़ाई कभी पैसों की मोहताज नहीं होती। उनका सपना है कि हर बच्चा बिना फीस के पढ़े और अपने सपनों को पूरा करे।

उनका साथ देने के लिए और एक बच्चे की ज़िंदगी संवारने के लिए आप भी योगदान कर सकते हैं। Donate Now!
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Positive IOD क्या है? कैसे बनता है भारतीय मानसून का ‘रक्षक’ और El Nino के असर को करता है कमजोर

Positive Indian Ocean Dipole Explained,

Positive Indian Ocean Dipole Explained: हर बार जब प्रशांत महासागर में पैदा होने वाला अल नीनो (El Niño) भारतीय मानसून को कमजोर करने लगता है, तब मौसम वैज्ञानिकों की नजर हिंद महासागर में बनने वाली एक खास मौसमी स्थिति पर टिक जाती है—पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल (Positive Indian Ocean Dipole – IOD)।

 

इसे भारतीय मानसून का “सुरक्षा कवच” या “रक्षक” भी कहा जाता है, क्योंकि कई बार यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर देता है और देश को गंभीर सूखे से बचाने में मदद करता है।

क्या है इंडियन ओशन डिपोल (IOD)?

इंडियन ओशन डिपोल (IOD) हिंद महासागर की एक महत्वपूर्ण महासागरीय और वायुमंडलीय घटना है, जो समुद्र की सतह के तापमान में होने वाले बदलावों से जुड़ी होती है।

 

सरल शब्दों में कहें तो जिस तरह प्रशांत महासागर में तापमान के उतार-चढ़ाव को अल नीनो और ला नीना कहा जाता है, उसी तरह हिंद महासागर में तापमान के असंतुलन को इंडियन ओशन डिपोल (IOD) कहा जाता है।

IOD दो क्षेत्रों के तापमान के अंतर को मापता है:

  • पश्चिमी क्षेत्र (Western Pole) : अफ्रीका के पूर्वी तट, विशेष रूप से सोमालिया और केन्या के आसपास का समुद्री इलाका।
  • पूर्वी क्षेत्र (Eastern Pole) : इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पश्चिम के पास का समुद्री क्षेत्र।

यही तापमान अंतर तय करता है कि IOD पॉजिटिव होगा, निगेटिव होगा या सामान्य स्थिति में रहेगा।

Positive Indian Ocean Dipole Explained,

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पॉजिटिव IOD कैसे बनता है?

सामान्य परिस्थितियों में इंडोनेशिया के आसपास का समुद्र अपेक्षाकृत अधिक गर्म रहता है और वहां अधिक बादल तथा वर्षा होती है। लेकिन जब पॉजिटिव IOD विकसित होता है, तो स्थिति उलट जाती है।

क्या होता है इस दौरान?

✔ अफ्रीका के पास पश्चिमी हिंद महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है।

✔ इंडोनेशिया के आसपास पूर्वी हिंद महासागर का पानी अपेक्षाकृत ठंडा हो जाता है।

✔ इस तापमान अंतर के कारण हवाओं और समुद्री परिसंचरण (Ocean Circulation) में बदलाव आता है।

✔ पश्चिमी हिंद महासागर में अधिक वाष्पीकरण होता है, जिससे बड़ी मात्रा में नमी और बादल विकसित होते हैं।
 

यही अतिरिक्त नमी बाद में भारतीय मानसून को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 

अल नीनो और पॉजिटिव IOD के बीच कैसे होती है 'खींचतान'?

अल नीनो और पॉजिटिव IOD अक्सर मानसून पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।

 

अल नीनो का असर : जब अल नीनो सक्रिय होता है:

  • भारतीय मानसून कमजोर पड़ सकता है।
  • मानसूनी हवाओं में नमी कम हो सकती है।
  • बारिश का वितरण असंतुलित हो सकता है।
  • सूखे की संभावना बढ़ जाती है।

पॉजिटिव IOD का जवाब

जब पॉजिटिव IOD सक्रिय होता है

  • हिंद महासागर से अतिरिक्त नमी उपलब्ध होती है।
  • अरब सागर और मध्य भारत की ओर नमी का प्रवाह बढ़ता है।
  • मानसूनी परिसंचरण को अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है।
  • बारिश की कमी की भरपाई होने लगती है।

यही कारण है कि मौसम वैज्ञानिक पॉजिटिव IOD को कई बार “अल नीनो काउंटर” के रूप में देखते हैं।

 

भारतीय मानसून पर इसका क्या असर पड़ता है?

यदि मानसून के मध्य या अंतिम चरण में पॉजिटिव IOD मजबूत हो जाए, तो इसके कई सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

1. बारिश में तेजी : जून और जुलाई में कमजोर मानसून के बाद अगस्त और सितंबर में बारिश की गतिविधियां अचानक बढ़ सकती हैं।

2. सूखे का खतरा कम : कम वर्षा वाले क्षेत्रों को अतिरिक्त बारिश मिल सकती है, जिससे सूखे की आशंका घट जाती है।

3. जलाशयों को राहत : बांधों, जलाशयों और भूजल स्तर में सुधार हो सकता है।

4. कृषि को फायदा : खरीफ फसलों को आवश्यक नमी मिलती है और रबी फसलों की तैयारी के लिए मिट्टी में पर्याप्त जल उपलब्ध रहता है।

5. मानसून की विदाई में देरी : कई बार पॉजिटिव IOD के कारण मानसून सामान्य से कुछ देर तक सक्रिय रह सकता है।

 

2019: जब पॉजिटिव IOD ने बदल दी तस्वीर

पॉजिटिव IOD का सबसे चर्चित उदाहरण वर्ष 2019 रहा।
 

उस वर्ष शुरुआती मानसून कमजोर रहा और अल नीनो को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। लेकिन बाद में एक अत्यंत मजबूत पॉजिटिव IOD विकसित हुआ। परिणामस्वरूप:

  • अगस्त और सितंबर में बारिश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
  • देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई।
  • वर्ष के अंत तक भारत में सामान्य से लगभग 10% अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
  • संभावित सूखे का खतरा काफी हद तक टल गया।

क्या 2026 में भी पॉजिटिव IOD बनेगा भारत का 'रक्षक'?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में अल नीनो की वजह से मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत कमजोर रही है और कई क्षेत्रों में वर्षा की कमी दर्ज की गई है।

 

हालांकि राहत की बात यह है कि कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय मौसम मॉडल अगस्त-सितंबर के दौरान पॉजिटिव IOD के विकसित होने के संकेत दे रहे हैं।

यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो:

  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • कर्नाटक

जैसे राज्यों में बारिश की स्थिति सुधर सकती है और सूखे का खतरा काफी कम हो सकता है।

Positive Indian Ocean Dipole Explained,

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अल नीनो और पॉजिटिव IOD, दोनों ही पृथ्वी की जटिल जलवायु प्रणाली के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। जहां अल नीनो भारतीय मानसून के लिए चुनौती पैदा कर सकता है, वहीं पॉजिटिव IOD कई बार उस चुनौती को संतुलित करने का काम करता है।

 

इसलिए मौसम वैज्ञानिक अब केवल अल नीनो पर नहीं, बल्कि हिंद महासागर की गतिविधियों पर भी उतनी ही बारीकी से नजर रख रहे हैं। आने वाले महीनों में यदि पॉजिटिव IOD मजबूत होता है, तो यह भारत के लिए राहत की बड़ी खबर साबित हो सकता है।

TMC में बड़ा सियासी भूचाल: बागी गुट ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाया, अभिषेक सस्पेंड

big jolt to mamata banerjee

TMC Political Crisis : ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ने टीएमसी ने खुद को असली पार्टी बताया और पार्टी के सीनियर विधायक अरूप रॉय को चेयरमैन घोषित किया। इसके अलावा बागी गुट ने ममता बनर्जी को पद से हटाते हुए उनके लिए मुख्य सलाहकार पद की पेशकश की है। अभिषेक बनर्जी को सस्पेंड कर दिया गया है।

 

बजट सत्र समाप्त होने के बाद न्यू टाउन के एक होटल में बागी विधायकों की बैठक हुई। इसमें 60 विधायक और कोलकाता के लगभग 70 पूर्व पार्षद शामिल हुए। बैठक में 30 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन की घोषणा की गई।

 

बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि विधायकों फिरहाद हकीम, रथिन घोष, सबीना यास्मीन को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। सवाल असली या नकली होने का नहीं है, हम तृणमूल कांग्रेस हैं और आज के विशेष सत्र की कार्यवाही के बारे में निर्वाचन आयोग को सूचित करेंगे। अगर ममता बनर्जी मुख्य सलाहकार बनना चाहती हैं, तो उनका स्वागत है।

 

उन्होंने कहा कि हमने पार्टी के नियमों के अनुसार काम किया है और यह विशेष सत्र आहूत किया है। क्या सही है और क्या गलत, इसका फैसला निर्वाचन आयोग करेगा। नवगठित नेतृत्व जल्द ही विभिन्न स्तरों पर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का गठन शुरू करेगा।

 

बागी नेताओं ने तृणमूल के संविधान की धारा-20 का हवाला देते हुए कहा कि हर तीन वर्ष में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक होना अनिवार्य है, लेकिन 2022 के बाद ऐसी कोई बैठक नहीं हुई। इसी आधार पर पुरानी कार्यसमिति को भंग कर नई समिति गठित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

 

गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी के दावे का समर्थन किया था और पार्टी नेतृत्व की पसंद को खारिज कर दिया था। इसके बाद 28 में से 20 लोकसभा सदस्य भी तृणमूल संसदीय दल से अलग हो गए और उन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया। इन सांसदों ने भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने की भी घोषणा की।

edited by : Nrapendra Gupta 

Market cues : निफ्टी के 24200 के नीचे ट्रेड करने तक कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना, 23800 पर अहम सपोर्ट

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद 22 जून को निफ्टी 50 में रिकवरी आई और यह लगभग 0.4 प्रतिशत बढ़त लेकर बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और ये सभी ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज-टू-पॉजिटिव रुझान का संकेत दिया। बाजार जानकारों का कहना है कि मार्केट ट्रेंड के पॉजिटिव बने रहने की उम्मीद है। निफ्टी के लिए 24,150–24,200 का जोन और उसके बाद 24,300–24,500 की रेंज टारगेट हो सकती है। हालांकि,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। उसके बाद 23,800 पर अगला अहम सपोर्ट हो सकता है। जब तक इंडेक्स 24,200 के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कंसोलिडेशन की संभावना है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,078, 24,056 और 24,020

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,151, 24,173 और 24,210

निफ्टी 50 ने डेली टाइमफ्रेम पर’डोजि कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बंद हुआ और अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। साथ ही 10-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया। RSI बढ़कर 59.65 हो गया और इसने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। MACD जीरो लाइन और सिग्नल लाइन,दोनों के काफी ऊपर बना रहा। हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार हल्के पड़ते रहे। ये सभी इंडिकेटर साइडवेज से पॉजिटिव रुझान का संकेत देते हैं,जबकि ओवरऑल ट्रेंड बुलिश बना हुआ है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,999, 58,067 और 58,177

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,778, 57,710 और 57,599

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी ने भी डेली चार्ट पर’डोजि'(Doji)जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया और सोमवार को इसमें 0.4 प्रतिशत की बढ़त दिखी। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,जिसमें 20-दिन का EMA, 100-दिन के EMA को पार करने की स्थिति में है। यह 15 जून को बने बुलिश गैप से भी काफी ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 69.14 पर पहुंच गया और इसने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। MACD भी सिग्नल लाइन और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। जबकि हरे हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए कमजोर होते रहे। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि मुख्य ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,हालांकि ऊपरी लेवल पर कुछ कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 0.98% गिरकर 12.84 पर आ गया और 12-13 के निचले दायरे के पास बना रहा। इससे तेजड़ियों को राहत मिली। अगर वोलैटिलिटी इंडेक्स में और गिरावट आती है,तो इससे तेजी के माहौल को और सहारा मिल सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 22 जून को बढ़कर 0.97 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

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