IMD Heavy Rain Alert: मानसून की यूपी में एंट्री की आहट के बीच IMD ने इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, कहां-कहां आंधी तूफान?

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून को मानसून की ताजा स्थिति और देशभर के लिए भारी बारिश का विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक की आहट के बीच मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई मैदानी और पहाड़ी राज्यों में तेज आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मानसून की ताजा स्थिति और यूपी में एंट्री की आहट

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मानसून फिलहाल मुंबई समेत महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, मध्य अरब सागर के बचे हुए भागों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई नए इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मानसून की उत्तरी सीमा दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। आईएमडी के मुताबिक अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून उत्तरी अरब सागर, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। इसके ठीक बाद यानी अगले 3-4 दिनों के दौरान बिहार-झारखंड के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

देश के इन 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी बुलेटिन के मुताबिक इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 7 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। आज और आने वाले दिनों के लिए प्रभावित 14 प्रमुख राज्य/क्षेत्र यहां नीचे दिए गए हैं-

  • कोंकण और गोवा: यहां 23 जून को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 24-26 जून के दौरान भी यहां भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी।
  • बिहार: यहां 25 से 29 जून के दौरान भारी बारिश होगी जबकि 28 जून को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
  • ओडिशा और झारखंड: ओडिशा में 23-27 जून के दौरान भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: यहां 23 जून और फिर 25-29 जून के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
  • असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में 23 जून और फिर 26-27 जून को मूसलाधार (भारी से बहुत भारी) बारिश की आशंका है।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 23 जून और 26-27 जून को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
  • मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 23 जून और 26 जून को बहुत भारी बारिश जबकि मराठवाड़ा में 25-26 जून को भारी बारिश का अलर्ट है।

दक्षिण गुजरात: यहां 23 जून को भारी बारिश की संभावना है।

तटीय और आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 23-26 जून के बीच बहुत भारी बारिश और 27-29 जून को भारी बारिश होगी। आंतरिक कर्नाटक के दक्षिणी हिस्से में 24-29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट है।

  • केरल और माहे: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • तेलगंगाना: मानसून के सक्रिय होने से यहां 23 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 26 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश में 23 जून और 25-27 जून को जबकि रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश हो सकती है।

कहां-कहां आएगा आंधी-तूफान?

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया है। 23 जून को पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) चलने की आशंका है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार में भी 25 और 26 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वाल आने का अनुमान है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख (23-24 जून), उत्तराखंड (23-25 जून), हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब (23-26 जून और 29 जून)। इसके अलावा राजस्थान में 23 जून को तेज हवाएं चलेंगी और बाद में इसकी रफ्तार 30-40 किमी/घंटे रहेगी।

दक्षिण और पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड (23-29 जून) और ओडिशा (23-25 जून)। इसके अलावा कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी इस अवधि में तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट है।

विदर्भ और पूर्वी यूपी समेत कुछ हिस्सों में लू का सितम जारी

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश से भीग रहा है, वहीं कुछ इलाकों में अभी भी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: यहां अगले 4-5 दिनों तक (23-27 जून) लू की स्थिति बनी रहेगी।
  • विदर्भ और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश: विदर्भ में अगले 2-3 दिनों (23-25 जून) तक लू का प्रकोप रहेगा जबकि दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार में 23-24 जून को लू चलने की आशंका है।
  • झारखंड में गर्म रातें: झारखंड के कुछ हिस्सों में 24-25 जून को रातें भी बेहद गर्म और असहज रहने वाली हैं।

FIFA World Cup 2026: क्या मेसी ने रच दिया अब तक का सबसे बड़ा इतिहास? रोनाल्डो के फैंस क्यों हैं परेशान?

विश्वकप क्रिकेट का हो या फुटबॉल का उसके स्टार खिलाड़ियों का प्रदर्शन दुनिया भर के फैंस की निगाहों में होता है। क्रिकेट में कोहली, रबाड़ा, हेड, फिलिप्स पर निगाहें रहती है तो फुटबॉल विश्वकप में लियोनेल मेस्सी, एर्लिंग हालैंड , हैरी केन, क्रिश्चियानो रोनाल्डो, काइलीन एम्बाप्पे पर निगाहें रहती है।

अभी तक के FIFA World Cup मैचों पर निगाहें डाले जिसमें अर्जेंटीना नॉर्वे इंग्लैंड और फ्रांस ने हिस्सा लिया है तो सभी सितारों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सोमवार को स्टार लियोनेल मेसी एक पेनल्टी चूके लेकिन उनके रिकॉर्ड दो गोलों की मदद से पिछले चैम्पियन अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को फुटबॉल विश्व कप के ग्रुप जे मैच में  2-0 से हराकर नॉक आउट दौर में प्रवेश कर लिया।उन्होंने वापसी करते 38 वें मिनट में गोल दागकर टीम को बढ़त दिला दी, मेसी ने फिर मैच के इंजरी समय के पांचवें मिनट में दूसरा बेहतरीन गोल दागकर जीत पक्की कर दी। इससे पहले अलजीरिया के खिलाफ उन्होंने हैट्रिक लगाकर अर्जेंटीना को शानदार जीत दिलाई थी।

वैसे ही नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड ने पहले इराक और सेनेगल पर गोल करके अपनी टीम को लगभग अकेले दम पर जीत दिलाई। फ्रांस के एम्बापे ने भी सेनेगल से अकेले लोहा लिया और उलटफेर टाल कर जीत दिलाई और इराक को धराशाही किया। वहीं  हैरी केन की बदौलत इंग्लैंड क्रोएशिया पर जीत दर्ज कर पाया।

सितारों की इस दौड़ में सबसे पीछे रह गए पुर्तगाल के क्रिश्चियानो रोनाल्डो। जिनका ज्यादातर मौकों पर तुलना लियोनेल मेस्सी से होती है। लेकिन फिलहाल वह  हैरी केन, हालैंड और एम्बाप्पे से भी पीछे हैं। ब्राजील के नेमार भी कम से कम अपनी टीम के लिए फिट हो गए हैं। वहीं रोनाल्डो के हाल बेहाल है और उनकी टीम पुर्तगाल के भी।

क्यों परेशान है रोनाल्डो के फैंस

41 साल के रोनाल्डो, जिन्होंने अपने देश के लिए 228 बार खेला है, अपने छठे वर्ल्ड कप फाइनल में पुर्तगाल  की अगुवाई करने निकले थे। लेकिन डॉमिनिक रिपब्लिक कॉंगो के सामने गोल नहीं कर पाए। पिछले हफ्ते खराब फिटनेस से जूझ रहे रोनाल्डो का इस मैच में खराब प्रदर्शन रहा था।  नतीजा यह रहा कि यह मैच 1-1 से ड्रॉ रहा।

क्रिचियानो रोनाल्डो का यह संभवत आखिरी विश्वकप है। जाहिर तौर पर उनके फैंस चाहेंगे  कि उनके लिए यह परि कथा अंत जैसा हो। लेकिन मंगलवार को उजबेकिस्तान के खिलाफ मैच में भी वह शायद ही उतर पाएँ। पुर्तगाल और रोनाल्डो के फैंस को शुक्र मनाना चाहिए कि पुर्तगाल ग्रुप के में है जहां वह कोलंबिया, कोंगो, उजबेकिस्तान के साथ है इस कारण टीम के पहले दौर में बाहर होने की संभावना बहुत कम है। फिर भी रोनाल्डो को तब तो दम लगाना ही होगा जब टीम प्री क्वार्टर की दहलीज पर पहुंचेगी।

मेस्सी ने बनाया WC में सर्वाधिक गोलों का रिकॉर्ड, आस पास भी नहीं रोनाल्डो

लब और देश के लिए 750 से ज्यादा सीनियर गोल करने वाले अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी फुटबॉल विश्व कप इतिहास के शीर्ष स्कोरर बन गए हैं। मेसी फीफा वर्ल्ड कप के मंच पर 28 मैचों में 17 गोल के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज (24 मैचों में 16 गोल) को पीछे छोड़ा है।इसके बाद ब्राजील के रोनाल्डो नजारियो है जिन्होंने 15 गोल किए हैं। जर्मनी के गर्ड मुलर ने 14 गोल किए हैं और फ्रांस के काइलिन एमबाप्पे ने 14 गोल किए हैं।

मेसी से पहले, गैब्रिएल बतिस्तुता (12 मैचों में 10 गोल) फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी थे। डिएगो माराडोना (21 मैच) और उरुग्वे 1930 के गोल्डन बूट विजेता गुइलेर्मो स्टैबिले (चार मैच) ने आठ-आठ गोल किए हैं।

अंतरराष्ट्रीय गोलो में मेस्सी से आगे रोनाल्डो

 

लियोनेल मेसी ने अपने करियर में 201 इंटरनेशनल मैचों में 121 गोल किए हैं, जिससे वे अर्जेंटीना के लिए अब तक के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इंटरनेशनल फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में भी मेसी दूसरे नंबर पर हैं, उनसे आगे सिर्फ उनके प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं।

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इसका एक कारण मेसी फैंस यह भी बताते हैं कि रोनाल्डो ने ज्यादा पेनल्टी की है और मेसी फील्ड गोल पर ज्यादा निर्भर रहे हैं।क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 229 मैचों में अब तक 143 गोल किए हैं।

लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर के कोचिंग सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, अब तक 26 सील

कानपुर में दूसरे दिन भी कोचिंग सेंटरों में छापेमारी की गई। इस दौरान 10 कोचिंग सेंटरों को सील किया गया है। इससे पहले 16 प्रतिष्ठान सोमवार को सील किए गए थे। केडीए अब तक 26 पर सील लगा चुका है और 20 पर कार्रवाई की तैयारी है।

Uttarakhand: रुद्रप्रयाग गुरुद्वारे में 40 घंटे से तनाव, छत पर डटे निहंग, सेना तैनात, जानिए क्या है पूरा विवाद?

Rudraprayag Gurudwara controversy

Rudraprayag Gurudwara controversy: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में नगरासू (दमदमा साहिब) गुरुद्वारे में पिछले कुछ दिनों से एक गंभीर और तनावपूर्ण गतिरोध चल रहा है। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित इस गुरुद्वारे की छत पर पारंपरिक हथियारों (तलवार, भाले, कुल्हाड़ी) से लैस कुछ निहंग सिख लगभग 40 से 50 घंटे से अधिक समय से डटे हुए हैं।  इस संवेदनशील माहौल को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। यहां पुलिस के साथ-साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सेना के जवानों को तैनात किया गया है।

क्या है पूरा मामला? 

इस विवाद की जड़ें 16 जून 2026 को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुई एक घटना से जुड़ी हैं।  हेमकुंड साहिब की यात्रा से लौट रहे निहंग सिखों के एक गुट का स्थानीय बाजार में पार्किंग को लेकर विवाद हो गया था।  यह विवाद इतना बढ़ा कि तलवारें चल गईं, जिसमें कुछ स्थानीय लोग घायल हो गए।  स्थानीय लोगों के हंगामे के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और 4 निहंग सिखों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कर्णप्रयाग की घटना के बाद, लगभग 7 से 8 निहंग सिखों का एक दूसरा दल रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे पहुंचा। 

 

20 जून को लंगर के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और इन निहंगों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई।  निहंगों का आरोप था कि उनके साथियों पर एकतरफा कार्रवाई हुई है, इसलिए वे गुरुद्वारा प्रबंधन से विरोध प्रदर्शन में समर्थन मांग रहे थे। विवाद बढ़ने पर प्रबंधन ने पुलिस (112) को फोन कर दिया। 

 

पुलिस को आते देख निहंग सिख घबरा गए और हथियारों के साथ गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल (छत) पर चढ़ गए और ऊपर जाने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया। रिपोर्ट्‍स के मुताबिक भाले और तलवारों से लैस लगभग छह निहंग शनिवार शाम करीब 4 बजे गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और तब से वहीं डटे हुए हैं। वे गिरफ्तार किए गए 4 निहंगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। 

क्या कहना है गुरुद्वारे के मुख्‍य ग्रंथी का?

गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार (ग्रंथी) बाबा बेंत सिंह के मुताबिक, शुरुआत में निहंगों ने कुछ सेवादारों/श्रद्धालुओं को बंधक बनाने की कोशिश की थी, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी बंधक नहीं है। 

 

आरोप है कि छत पर मौजूद निहंगों ने गुरुद्वारे की संपत्तियों, जैसे सोलर पैनल आदि को नुकसान पहुंचाया और नीचे की तरफ पत्थर भी फेंके। हालांकि गुरुद्वारे के भीतर आम श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षा कारणों से फिलहाल रोका गया है, लेकिन जिला प्रशासन का कहना है कि मुख्य हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।

‍निहंगों से बातचीत जारी

इससे पहले, रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा था कि इनसे बातचीत की जा रही है और बातचीत के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। निहंगों में से एक प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बात करने के लिए छत से नीचे आया है और बाकी निहंगों के साथ बातचीत चल रही है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा शांतिपूर्वक चल रही है और गुरुद्वारे में ‘अरदास’ और ‘लंगर’ सहित नियमित गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की भी अपील की।

क्या कहना है गढ़वाल आईजी का?

इस गतिरोध को कर्णप्रयाग झड़प से जोड़ने वाली रिपोर्टों को खारिज करते हुए, गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने कहा कि यह घटना शुरुआत में निहंग श्रद्धालुओं और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच एक विवाद के रूप में शुरू हुई थी, जहां वे लंगर छक रहे थे। बहस के बाद, प्रबंधन ने 112 नंबर पर कॉल किया था, जिस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। यह मुख्य रूप से गुरुद्वारा प्रबंधन और यहां आए निहंग श्रद्धालुओं के बीच का आंतरिक विवाद है और विशेष रूप से, प्रबंधन के सदस्य भी निहंग समुदाय से ही ताल्लुक रखते हैं।  

Edited by: Vrijendra Singh Jhala

 

Monsoon Breaking: डाल्टेनगंज, मोतिहारी से गुजर रहा मानसून, अब IMD ने बताई यूपी में इसकी एंट्री की तारीख

Monsoon Entry in UP Forecast: उत्तर प्रदेश समेत देश के किसानों और आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर है। दो हफ्तों तक पश्चिमी भारत में सुस्त पड़े रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब झारखंड के डाल्टेनगंज और बिहार के मोतिहारी से गुजर रहा है।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री की तारीख भी साफ कर दी है। केंद्रीय और पश्चिमी क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही लोगों को भीषण लू से भी बड़ी राहत मिलेगी।

डाल्टेनगंज और मोतिहारी पहुंची मानसून की सीमा

IMD के मुताबिक 23 जून को मानसून की उत्तरी सीमा अब देश के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को पार कर चुकी है। आज की तारीख में मानसून की यह रेखा दहानू, वर्धा, रायपुर, डाल्टेनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मानसून ने मध्य अरब सागर के बचे हुए हिस्सों, मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ और इलाकों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई नए क्षेत्रों को पूरी तरह कवर कर लिया है।

उत्तर प्रदेश में इस दिन होगी मानसून की एंट्री

IMD ने अपने लेटेस्ट वेदर बुलेटिन में देश के विभिन्न राज्यों में मानसून के आगे बढ़ने का एक अनुमानित टाइमफ्रेम जारी किया है। अगले 2-3 दिनों में उत्तर अरब सागर के कुछ हिस्सों, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून दस्तक दे देगा।

मध्य प्रदेश में एंट्री के बाद मानसून अगले 3-5 दिनों में आगे बढ़ेगा और झारखंड व बिहार के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा। यानी अगले एक हफ्ते के भीतर यूपी में मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।

दो हफ्ते तक क्यों अटका रहा मानसून?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मानसून ने 8 जून को ही दक्षिणी महाराष्ट्र में दस्तक दे दी थी लेकिन इसके बाद करीब दो हफ्तों तक इसकी रफ्तार थम गई थी। मौसम अधिकारियों के मुताबिक भूमध्य सागर से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून की प्रगति रुक गई थी। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी लाते हैं लेकिन कभी-कभी ये मानसूनी हवाओं के मार्ग में रुकावट भी पैदा कर देते हैं। अब यह बाधा दूर हो चुकी है और मानसून दोबारा मोमेंटम पकड़ रहा है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और खेती के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?

भारत की लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसूनी बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। देश की करीब आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। भारत की लगभग आधी कृषि भूमि सिंचाई के लिए पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। यह चार महीने का मानसून देश की सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा देता है। इससे जल स्रोतों की रीफिलिंग भी होती है।

जून में अब तक सामान्य से कम रही है बारिश

मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अल नीनो के प्रभाव के चलते इस साल जून के पहले 21 दिनों में भारत में औसत से 42.2% कम बारिश दर्ज की गई है। इस पूरे हफ्ते भी बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इससे पहले मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि चार महीने के इस मानसूनी सीजन में देश में दीर्घावधि औसत (LPA) की 90% बारिश होने की संभावना है जबकि अकेले जून महीने में एल नीनो के कारण एलपीए (LPA) की 92% बारिश होने का अनुमान जताया गया था।

यूएस फ्यूचर्स, भारत, दक्षिण कोरिया सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में मचा कोहराम

दुनियाभर के शेयर बाजारों में 23 जून को बड़ी गिरावट दिखी है। यूएस स्टॉक फ्यूचर्स 2 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं। उधर, दक्षिण कोरिया का बाजार 11 फीसदी क्रैश चुका है। इधर, भारत में बाजार के बड़े सूचकांकों पर बड़ा दबाव दिख रहा है। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 172 अंक नीच है, जबकि सेंसेक्स 0.67 फीसदी यानी 513 अंक टूट चुका है। इन सभी बाजारों में गिरावट में आईटी कंपनियों का बड़ा हाथ है।

अमेरिकी बाजारों में आज दिख सकता है दबाव

यूएस फ्यूचर्स में 2 फीसदी गिरावट का मतलब है कि 23 जून को कारोबार शुरू होने पर अमेरिकी बाजारों पर बड़ा दबाव दिख सकता है। 22 जून को अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी। इसका असर नैस्डेक पर पड़ा था। यह 1.32 फीसदी गिरकर बंद हुआ था। 23 जून को इसका असर भारत सहित प्रमुख एशियाई बाजारों पर पड़ा। इन बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। भारत में सबसे ज्यादा गिरावट आईटी शेयरों में दिखी। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया।

प्रमुख एशियाई बाजारों में बड़ी बिकवाली 

जापान के प्रमुख सचूकांक Nikkei 225 में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई। हांगकांग का हैंगसेट 1.75 फीसदी नीचे चल रहा था। शंघाई कंपोजिट 1.38 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। थाइलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स 1,69 फीसदी नीचे चल रहा था। इसका मतलब है कि दुनियाभर के प्रमुख शेयर बाजार बड़े दबाव में हैं। अचानक आई इस गिरावट की वजह से इनवेस्टर्स में घबराहट है।

दक्षिण कोरिया का बाजार 10 फीसदी क्रैश

सबसे ज्यादा गिरावट दक्षिण कोरिया के बाजार में आई है। कोस्पी 10 फीसदी क्रैश कर चुका है। SK Hynix और Samsung Electronics में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। इससे कुछ समय के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। लेकिन, दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इस साल दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई थी। विदेशी निवेशकों ने सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में खूब निवेश किए थे। इससे शेयरों की कीमतें कई गुनी हो गई थीं।

अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट

22 जून को अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई। हाल में जबर्दस्त तेजी के साथ सूचीबद्ध होने वाला स्पेसएक्स का शेयर 16 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। Alphabet का शेयर 5 फीसदी फिसला। Amazon और Microsoft के शेयरों में 2.3 से 4.7 फीसदी तक की गिरावट आई। अब बाजार की नजरें Micron Technology पर लगी है। कंपनी 24 जून को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान करेगी।

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भारत में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट 

इधर, भारत में भी आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। TCS का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। इंफोसिस में भी 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी। एचसीएल टेक में 1.57 फीसदी कमजोरी दिखी। विप्रो 2.85 फीसदी नीचे चल रहा था। टेक महिंद्रा का शेयर 2.15 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। एलटीआई माइंडट्री भी 2 फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहा था।

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टेक्नोलॉजी शेयरों की वैल्यूएशन को लेकर चिंता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका, दणिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई थी। इनवेस्टर्स एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इन शेयरों में निवेश कर रहे थे। इससे इन शेयरों की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। अब इनकी हाई वैल्यूएशंस को लेकर चिंता जताई जा रही है। इससे इन शेयरों में बिकवाली दिख रही है।

बेबस मां की पुकार पर CM सोरेन का बड़ा एक्शन, ट्वीट के चंद घंटों में कलेक्टर ने पहुंचाई मदद

CM Hemant Soren takes action

Hemant Soren takes action: झारखंड की राजधानी रांची के पिस्का नगड़ी से एक बेहद मार्मिक और दिल को झकझोर देने वाला मामला मामला सामने आया है। यहां दो मासूम बच्चों की भूख मिटाने और उनका भविष्य बचाने के लिए एक मजबूर मां अपने बच्चों को अनाथालय भेजने की गुहार लगा रही थी। सोशल मीडिया पर इस बेबसी की कहानी सामने आते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत संज्ञान लिया, जिसके बाद प्रशासन ने चंद घंटों के भीतर पीड़िता तक मदद पहुंचाई। 

क्या है पूरा मामला? 

रांची के पिस्का नगड़ी की रहने वाली सीमा लोहरा के सिर पर पिछले साल दिसंबर में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब मुफलिसी (गरीबी) के बीच उनके पति की मौत हो गई। सीमा के दो मासूम बच्चे हैं—एक तीन साल का बेटा और दूसरा महज चार महीने का दूधमुंहा बच्चा। पति की मौत के बाद घर में कोई कमाने वाला नहीं बचा।

 

सीमा रोज अपनी गोद में चार महीने के बच्चे को लेकर काम की तलाश में निकलती थीं, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। स्थिति इतनी बदतर हो गई कि घर में चूल्हा जलना बंद हो गया। भूख और लाचारी से टूट चुकी सीमा लोहरा ने रोते हुए यहां तक कह दिया कि मेरे बच्चों को किसी अनाथालय में रख दीजिए, कम से कम उनका भविष्य तो बच जाएगा और उन्हें दो वक्त की रोटी मिल सकेगी। सोशल मीडिया पर जब यह मार्मिक अपील वायरल हुई, तो लोगों ने 'इंसानियत अभी जिंदा है' का संदेश देते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिया त्वरित संज्ञान

जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान में आया, उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए। सीएम ने अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा उक्त मामले की जांच कर सीमा लोहरा बहन को हर जरूरी सरकारी योजना से तथा बच्चों को शिक्षा और आंगनवाड़ी से जोड़ने हेतु कार्रवाई कर सूचित करें।

चंद घंटों में मिली पेंशन और राशन

मुख्यमंत्री का निर्देश मिलते ही रांची के जिला कलेक्टर (डीएम) और उनकी टीम तुरंत एक्शन में आ गई। प्रशासन की टीम ने बिना वक्त गंवाए सीमा लोहरा के घर का रुख किया और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाई। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए श्रीमती सीमा देवी को तत्काल राशन उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही उनका राशन कार्ड हेतु अप्लाई करा दिया गया है और राज्य विधवा सम्मान पेंशन योजना की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है।

बच्चों की पढ़ाई का भी जिम्मा उठाएगी सरकार

प्रशासन ने न सिर्फ सीमा के राशन और पेंशन की व्यवस्था की, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी कदम उठाए हैं। कलेक्टर के मुताबिक, बच्चों की शिक्षा और देखरेख के लिए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को कड़े निर्देश दे दिए गए हैं ताकि बच्चों को आंगनवाड़ी और स्कूल से जोड़कर बेहतर शिक्षा दी जा सके। प्रशासन के इस त्वरित और मानवीय कदम के बाद अब सीमा लोहरा को अपने बच्चों को खुद से दूर अनाथालय नहीं भेजना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के इस फैसले और जिला प्रशासन की मुस्तैदी की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

सलाद का मजा नहीं होगा खराब, खीरा खरीदने से पहले अपनाएं ये आसान टिप्स

गर्मियों का मौसम आते ही खीरा लोगों की डाइट का अहम हिस्सा बन जाता है। पानी से भरपूर यह सब्जी शरीर को ठंडक पहुंचाने और हाइड्रेट रखने में मदद करती है। हालांकि, बाजार से खीरा खरीदते समय एक समस्या अक्सर लोगों को परेशान करती है कई बार दिखने में ताजा खीरा अंदर से कड़वा निकल जाता है। ऐसे में स्वाद खराब होने के साथ पूरा खाने का मजा भी किरकिरा हो जाता है।

अगर आप भी हर बार मीठा और ताजा खीरा चुनना चाहते हैं, तो कुछ आसान संकेत आपकी मदद कर सकते हैं। इन ट्रिक्स की मदद से बिना काटे या चखे ही अच्छे खीरे की पहचान की जा सकती है।

रंग ही खोल देता है खीरे का राज

खीरा खरीदते समय सबसे पहले उसके रंग पर नजर डालें। ताजा और स्वादिष्ट खीरा आमतौर पर हल्के हरे रंग का और चमकदार दिखाई देता है। वहीं पीलेपन या सफेदी लिए हुए खीरे अक्सर पुराने या स्वाद में कड़वे हो सकते हैं।

छिलके की बनावट पर दें ध्यान

अच्छे खीरे का छिलका साफ, चिकना और उस पर गहरे हरे रंग की स्पष्ट धारियां होती हैं। अगर खीरे पर दाग-धब्बे हों या उसकी सतह खुरदुरी लगे, तो यह उसकी गुणवत्ता कम होने का संकेत हो सकता है।

हल्का दबाकर करें ताजगी की जांच

खीरा खरीदते समय उसे हल्के हाथ से दबाकर जरूर देखें। बहुत ज्यादा सख्त या जरूरत से ज्यादा नरम खीरा अच्छा विकल्प नहीं माना जाता। संतुलित मजबूती वाला खीरा आमतौर पर ताजा और बेहतर स्वाद वाला होता है।

न बहुत बड़ा, न बहुत छोटा

अक्सर लोग बड़ा खीरा देखकर उसे खरीद लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञ मध्यम आकार के खीरे को बेहतर मानते हैं। बहुत बड़े खीरे में बीज ज्यादा हो सकते हैं, जबकि बहुत छोटे खीरे पूरी तरह विकसित नहीं होते। इसलिए मीडियम साइज का सीधा और पतला खीरा चुनना बेहतर रहता है।

डंठल बताएगा कितना ताजा है खीरा

खीरे का डंठल उसकी ताजगी का अच्छा संकेत माना जाता है। अगर डंठल हरा और ताजा दिखे तो खीरा हाल ही में तोड़ा गया हो सकता है। सूखा या मुरझाया डंठल पुराने खीरे की ओर इशारा करता है।

सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का भी खजाना है खीरा

गर्मी में शरीर को रखे हाइड्रेट

खीरे में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम हो सकता है।

वजन नियंत्रित रखने में सहायक

कम कैलोरी और भरपूर पानी होने के कारण खीरा पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है, जिससे अनावश्यक स्नैकिंग कम हो सकती है।

त्वचा को दे सकता है नेचुरल ग्लो

नियमित रूप से खीरा खाने से शरीर में पानी का संतुलन बेहतर बना रहता है, जिसका सकारात्मक असर त्वचा पर भी दिखाई दे सकता है।

पाचन तंत्र का दोस्त

खीरे में मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक माना जाता है।

शरीर की सफाई में भी मददगार

खीरा शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को सपोर्ट कर सकता है। साथ ही इसमें मौजूद पोटैशियम शरीर के सामान्य स्वास्थ्य और ब्लड प्रेशर संतुलन में भी भूमिका निभा सकता है।

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भारत में Telegram की वासपी, Play Store और Apple App Store से करें डाउनलोड या अपडेट, नहीं खुल रहा ऐप तो करें ये काम

Telegram Ban Lifted: NEET UG Re-Test के समय लगाई गई अस्थायी पाबंदियों के बाद, भारत में अब यूजर्स के लिए टेलीग्राम की सर्विस धीरे-धीरे बहाल होती दिख रही है। यह मैसेजिंग ऐप एक बार फिर Google Play Store और Apple App Store से डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। वहीं, कई यूजर्स ने बताया है कि मैसेज सामान्य रूप से डिलीवर हो रहे हैं। हालांकि, कुछ लोगों को अभी भी चैट खोलने या मैसेज भेजने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में ऐप को एक बार रिफ्रेश या बंद करके दोबारा खोलने से यह समस्या ठीक हो सकती है।

अगर Telegram अभी भी काम नहीं कर रहा है, तो क्या करें?

जो यूजर्स मैसेज नहीं भेज पा रहे हैं या अपनी चैट्स को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं, वे Google Play Store या Apple App Store से Telegram को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करें। इसके बाद ऐप को पूरी तरह बंद करें और फिर दोबारा खोलें। ऐसा करने से यूजर्स की समस्या ठीक हो सकती है।

Android यूजर्स ऐसे ठीक करें Telegram की समस्या:

  • Google Play Store खोलें और Telegram के अपडेट्स चेक करें।
  • अगर कोई अपडेट उपलब्ध हो, तो उसका लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल करें।
  • इसके बाद Settings > Apps > Telegram पर जाएं।
  • यहां Force Stop पर टैप करें।
  • अब Telegram को फिर से खोलें और इसे दोबारा कनेक्ट होने के लिए कुछ समय दें।

iPhone पर Telegram की समस्या ऐसे ठीक करें:

  • App Store खोलें और अगर Telegram का नया वर्जन उपलब्ध है, तो उसे अपडेट करें।
  • इसके बाद App Switcher खोलें और Telegram ऐप को ऊपर की ओर स्वाइप करके पूरी तरह बंद कर दें।
  • अब Telegram को दोबारा खोलें और कुछ सेकंड इंतजार करें, ताकि ऐप दोबारा सर्वर से कनेक्ट हो जाए।

इस प्रोसेस से ऐप Telegram के सर्वर के साथ नया कनेक्शन बना पाता है और इससे उन यूजर्स को सामान्य रूप से ऐप इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है जिन्हें अभी भी समस्याएं आ रही हैं।

टेलीग्राम की ऐप स्टोर पर वापसी

मैसेजिंग सर्विस फिर से शुरू होने के साथ-साथ, टेलीग्राम भी गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर वापस आ गया है। प्रतिबंध के दौरान यह ऐप उपलब्ध नहीं था, जिससे इसे डाउनलोड या री-इंस्टॉल करने की कोशिश कर रहे यूजर्स के बीच अनिश्चितता बनी हुई थी।

हालांकि, कई यूजर्स के लिए Telegram की वेबसाइट भी फिर से खुल रही है, जिससे पता चलता है कि अस्थायी पाबंदियां हटाई जा रही हैं।

टेलीग्राम पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?

यह अस्थायी प्रतिबंध तब लगाया गया जब अधिकारियों ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को टेलीग्राम तक पहुंच को अवरुद्ध करने का निर्देश दिया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि ऐसी आशंका थी कि NEET-UG पुनर्परीक्षा से संबंधित परीक्षा सामग्री इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित हो सकती है।

NEET-UG री-एग्जाम से जुड़ी जानकारी और परीक्षा सामग्री Telegram के जरिए शेयर होने की आशंका के चलते अधिकारियों ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP) को कुछ समय के लिए Telegram की सेवाओं पर रोक लगाने का निर्देश दिया था।

हालांकि अब Telegram की मैसेजिंग सेवा धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन पहले जारी निर्देशों के अनुसार मैसेज एडिट करने का फीचर 30 जून तक बंद रह सकता है।

अगर किसी यूजर को अभी भी Telegram इस्तेमाल करने में दिक्कत आ रही है, तो वह ऐप को अपडेट करें और पूरी तरह बंद करके दोबारा खोलें। इससे ऐप सामान्य तरीके से काम करने लग सकता है।

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