नीतिश रेड्डी चोट के कारण इंग्लैंड दौरे से बाहर, यह खिलाड़ी बना रिप्लेसमेंट

 

जांघ की मांसपेशियों में चोट के कारण ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे से बाहर हो गये है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) सूत्रों के अनुसार नीतीश रेड्डी क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) की चोट के कारण आयरलैंड के खिलाफ भारत की T-20I सीरीज में नहीं खेलेंगे।

23 साल के इस ऑलराउंडर को इंग्लैंड दौरे के लिए वनडे और T-20I दोनों टीमों में भारत के तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के तौर पर चुना गया था। रेड्डी ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में दो वनडे मैच खेले थे और धर्मशाला में इस प्रारुप में अपना पहला विकेट लिया था। इसके बाद वे लखनऊ में दूसरा वनडे नहीं खेल पाए थे।

कप्तान शुभमन गिल ने टॉस के समय बताया था कि ऑलराउंडर को ‘अपनी जांघ की मांसपेशियों’ में कुछ दक्कत हो रही है। रेड्डी चेन्नई में आखिरी वनडे के लिए टीम में लौटे, जहां उन्होंने बिना कोई विकेट लिए 42 रन देकर छह ओवर फेंके और उन्हें बल्लेबाजी करने की जरूरत नहीं पड़ी। यह चोट फिटनेस से जुड़ी उन कई समस्याओं में से एक है जिसने पिछले एक साल में रेड्डी की प्रगति को रोका है। फिटनेस की चिंताओं के कारण आईपीएल 2025 के दौरान उनकी गेंदबाजी काफी सीमित रही थी, जब उन्होंने 13 मैचों में कुल पांच ओवर फेंके थे। बाद में, घुटने की चोट के कारण उन्हें इंग्लैंड के टेस्ट दौरे के बीच से ही बाहर होना पड़ा था।

उनकी जगह टीम में शूर्यांश शेडगे को शामिल किया गया है।हाल ही में श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत-ए के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद शेडगे को राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है। इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने मध्यक्रम में पांच मैचों में 147 रन बनाए और 23 ओवर गेंदबाजी कर टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया।शेडगे 2024-25 सत्र में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई टीम के भी प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे थे। उन्होंने निचले मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए 251.92 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से 131 रन बनाए थे।

Share Bazaar में बड़ी गिरावट, Sensex 893 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे, आखिर क्यों ढहा बाजार?

Indian stock market witnessed sharp decline due to selling pressure

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को चौतरफा बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से आईटी शेयरों में आई तेज बिकवाली के कारण हुई। टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्‍यादा गिरावट आई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 893.39 अंक यानी 1.16 प्रतिशत लुढ़ककर 76200.68 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 278.80 अंक यानी 1.16 प्रतिशत टूटकर 23824.10 के स्तर पर आ गया। सबसे ज़्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ जिसमें 3.39 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

 

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को चौतरफा बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से आईटी शेयरों में आई तेज बिकवाली के कारण हुई। टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक के शेयरों में सबसे ज्‍यादा गिरावट आई।

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कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 893.39 अंक यानी 1.16 प्रतिशत लुढ़ककर 76200.68 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 278.80 अंक यानी 1.16 प्रतिशत टूटकर 23824.10 के स्तर पर आ गया। सबसे ज़्यादा नुकसान इंफोसिस को हुआ जिसमें 3.39 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

इसके बाद टीसीएस में 3.21 प्रतिशत की गिरावट, अडाणी एंटरप्राइजेज में 3.17 प्रतिशत की गिरावट, विप्रो में 3.16 प्रतिशत की गिरावट और जेएसडब्ल्यू स्टील में 3.14 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। भारतीय बाजार में यह कमजोरी अकेले नहीं थी, बल्कि पूरे एशियाई बाजारों में मंदी का माहौल देखा गया।

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मिडल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर महंगाई (महंगाई दर) की चिंता बढ़ा दी है। एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.16 फीसदी कमजोर होकर 94.8275 के स्तर पर आ गया।

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इससे पहले यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,094.07 और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,102.90 बंद हुआ।
Edited By : Chetan Gour

दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच हुई ट्रेड, ऋषभ पंत को हुआ करोड़ों का नुकसान

आईपीएल की दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जाएंटस के बीच सबसे बड़ा ट्रेड हो चुका है। इस ट्रेड के साथ ऋषभ पंत और कुलदीप यादव की टीमें अब बदल चुकी है। आईपीएल ने एक पोस्ट में बताया, लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को दिल्ली कैपिटल्स को ट्रांसफर कर दिया है, वहीं उनके बदले में दिल्ली ने स्टार स्पिनर कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जायंट्स में भेज दिया है। पंत ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत दिल्ली फ्रेंचाइजी से की थी और अब वह दोबारा अपनी पुरानी टीम में लौट आए हैं। कुछ दिनों पहले ऋषभ पंत ने लखनऊ की कप्तानी छोड़ी थी।

लखनऊ-दिल्ली के बीच हुआ ट्रेड

आईपीएल 2025 के ऑक्शन में ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया था। ये आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली मानी गई थी। अब दिल्ली ने पंत को 15 करोड़ की कीमत पर साइन किया है। वहीं लखनऊ ने कुलदीप यादव एलएसजी ने 13.5 करोड़ की कीमत पर साइन किया है। आईपीएल के इतिहास के सबसे मंहगे खिलाड़ी ऋषभ पंत को आईपीएल 2027 से पहले बड़ा नुकसान हुआ है। इस डील से पंत को 12 करोड़ का नुकसान हुआ है।

दिल्ली के लिए 43 मैचों में की कप्तानी

ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी उनके आईपीएल सफर को एक बार फिर पुराने पड़ाव पर ले आई है। पंत ने 2016 से 2024 तक दिल्ली की टीम के लिए लगातार 9 सीजन खेले और इस दौरान 111 मैचों में हिस्सा लिया, जो फ्रेंचाइजी के लिए किसी भी खिलाड़ी द्वारा खेले गए सबसे ज्यादा मुकाबले हैं। वह लंबे समय तक टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे और 2021 से 2024 के बीच 4 सीजन में 43 मैचों में कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाली। अब हालिया ट्रेड के बाद पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स में लौट आए हैं। इस बार उनका अनुबंध 15 करोड़ रुपये का होगा। यानी रिकॉर्ड कीमत पर खरीदे जाने के बाद अब वह बदले हुए कॉन्ट्रैक्ट के साथ अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के लिए खेलते नजर आएंगे।

लखनऊ में शामिल हुए कुलदीप

कुलदीप यादव ने दिल्ली कैपिटल्स के साथ शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल हुए है। साल 2022 में दिल्ली से जुड़ने के बाद उन्होंने टीम के लिए लगातार बेहतरीन गेंदबाजी की और 65 मैचों में 72 विकेट अपने नाम किए। इसी प्रदर्शन की बदौलत वह आईपीएल के सबसे प्रभावी स्पिन गेंदबाजों में गिने जाने लगे। भारतीय सीमित ओवर टीम के प्रमुख गेंदबाजों में शामिल कुलदीप अब 13.5 करोड़ रुपये की मौजूदा सैलरी के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बनेंगे। उनकी एंट्री से लखनऊ की गेंदबाजी और मजबूत होने की उम्मीद है।

पिछले कुछ वर्षो में लखनऊ का प्रदर्शन

ऋषभ पंत की कप्तानी में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन पिछले दो सीजन में उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। आईपीएल 2025 में टीम ने 14 मैचों में सिर्फ 6 जीत दर्ज की और 8 मुकाबले गंवाकर अंक तालिका में 7वें स्थान पर रही। इसके बाद आईपीएल 2026 में टीम का प्रदर्शन और खराब हो गया, जहां लखनऊ ने 14 में से केवल 4 मैच जीते और 10 हार के साथ 8 अंक हासिल कर तालिका में सबसे निचले पायदान पर रही। बल्लेबाजी में भी पंत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने 2025 सीजन में 14 मैचों में 269 रन बनाए, जबकि 2026 में उनके बल्ले से 312 रन निकले, जिसमें सिर्फ 1 अर्धशतक शामिल था। यही वजह रही कि टीम और खिलाड़ी दोनों के लिए यह दौर निराशाजनक माना गया।

Railway Stocks: रेलवे का ₹50000 करोड़ का कवच प्रोजेक्ट, इन 3 कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

Railway Stocks: भारतीय रेलवे सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कवच (Kavach) सिस्टम को तेजी से लागू कर रहा है। यह स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जो सिग्नल तोड़ने या तय रफ्तार से ज्यादा गति होने पर ट्रेन को खुद रोक सकता है। मार्च 2026 तक यह 3,103 रूट किलोमीटर पर शुरू हो चुका है। 24,427 रूट किलोमीटर पर काम जारी है। सरकार अगले दो वर्षों में 9,000 रूट किलोमीटर और जोड़ने की तैयारी में है।

Concord Control Systems के मुताबिक, कवच से जुड़ा कुल बाजार अवसर करीब ₹50,000 करोड़ का हो सकता है। यही वजह है कि रेलवे सेक्टर की कई कंपनियां इस अवसर का फायदा उठाने की दौड़ में हैं।

Kernex Microsystems

Kernex रेलवे सुरक्षा और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है। कवच 4.0 इसका प्रमुख प्रोडक्ट है। कंपनी हर महीने 450 कवच यूनिट बनाने की क्षमता रखती है और मार्च 2026 में BHEL के साथ एक जॉइंट वेंचर भी बना चुकी है।

29 मई 2026 तक कंपनी के पास ₹4,150 करोड़ का ऑर्डर बुक था, जो FY26 के रेवेन्यू के आधार पर करीब 10 साल की कमाई का नजरिया देता है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 127% बढ़कर ₹430 करोड़ पहुंच गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹149 करोड़ रहा। हालांकि, तेजी से बढ़ते ऑर्डर के साथ वर्किंग कैपिटल पर दबाव भी बढ़ा है।

Concord Control Systems

Concord Control Systems कवच 4.0 के लिए जरूरी तकनीक और कई अहम कंपोनेंट बनाती है। कंपनी को RDSO की प्रोटोटाइप मंजूरी मिल चुकी है और फील्ड ट्रायल शुरू हो चुके हैं।

31 मार्च 2026 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक ₹697 करोड़ था। इसके बाद मई 2026 में उसे ₹279.9 करोड़ का नया कवच ऑर्डर मिला। कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स के साथ 15 साल तक मेंटेनेंस से भी कमाई होगी। इससे लंबी अवधि की कमाई का रास्ता बनता है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 69% बढ़कर ₹210.5 करोड़ और नेट प्रॉफिट 88% बढ़कर ₹42.7 करोड़ रहा।

HBL Engineering

HBL Engineering को कवच का शुरुआती खिलाड़ी माना जाता है। कंपनी 2005 से इस तकनीक पर काम कर रही है। यह Kavach 4.0 का सर्टिफिकेशन हासिल करने वाली पहली कंपनी रही है।

22 जून 2026 तक HBL का ऑर्डर बुक ₹5,748 करोड़ था। कंपनी का अनुमान है कि FY26 से FY28 तक कवच से हर साल ₹1,300-1,500 करोड़ की बिक्री हो सकती है। साथ ही कंपनी ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम और अन्य रेल सिग्नलिंग प्रोडक्ट्स पर भी फोकस बढ़ा रही है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

कवच भारत के रेलवे सेक्टर में लंबे समय तक चलने वाली बड़ी थीम बन चुका है। इन तीनों कंपनियों ने इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई है। लेकिन सिर्फ बड़े ऑर्डर मिलना ही काफी नहीं होगा। आने वाले वर्षों में यह देखना अहम होगा कि ये कंपनियां समय पर प्रोजेक्ट पूरे कर पाती हैं या नहीं, वर्किंग कैपिटल को कैसे संभालती हैं और कवच के अलावा नए रेलवे सॉल्यूशंस में कितनी तेजी से विस्तार करती हैं।

फिलहाल, रेलवे सुरक्षा सेक्टर में दिलचस्पी रखने वाले निवेशको इन तीनों कंपनियों को अपनी वॉचलिस्ट में रख सकते हैं। इससे सही समय पर एंट्री लेने में मदद मिल सकती है।

Gold Silver Prices: सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, ETF भी टूटा; ये 5 कारण हैं जिम्मेदार

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अगले 6-12 महीनों में नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है बाजार, नीलेश शाह ने बताई वजह

बाजार अगले 6-12 महीनो में नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। इनविजन कैपिटल के फाउंडर नीलेश शाह ने यह अनुमान जताया है। उन्होंने पेटीएम के शेयरों में तेजी जारी रहने की उम्मीद जताई है। उनका मानना है कि अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ, अनुकूल पॉलिसी और बेहतर होते इनवेस्टर सेंटिमेंट से अगली कुछ तिमाही में पेटीएम के शेयरों में तेजी जारी रह सकती है।

बाजार अगले चरण की तेजी के लिए तैयार

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कंसॉलिडेशन के बाद शेयर बाजारों में अगले चरण की तेजी के लिए एक मजबूत बुनियाद बनी है। बैंकिंग और आईटी जैसे सेक्टर में अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ दिख सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) की खरीदारी भी फिर से शुरू होने की उम्मीद है। इससे अगले 6 से 12 महीनों में बाजार के प्रमुख सूचकांक नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं।

इन वजहों से बढ़ेगी कॉर्पोरेट अर्निंग्स

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ने के बड़े कारण हैं। अगली कुछ तिमाहियों में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ दिख सकती है। बीती कुछ तिमाहियों में पॉलिसी के स्तर पर जो कदम उठाए गए हैं, उनका पूरा असर अभी कंपनियों की अर्निंग्स पर नहीं दिखा है।” उन्होंने कहा कि अगर सरकार नए रिफॉर्म्स करती है तो इससे विदेशी कैपिटल की आवक शुरू हो सकती है।

इन सेक्टर का प्रदर्शन कंसॉलिडेशन के दौरान भी बेहतर

शाह ने कहा कि कुल मिलाकर आउटलुक कंस्ट्रक्टिव लगता है। ऐसा लगता है कि बुरा दौर बीत चुका है। उन्होंने उन सेक्टर्स को अपनी पसंद बताया, जिनका प्रदर्शन बाजार में कंसॉलिडेशन के दौरान भी अच्छा रहा। इनमें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, डिफेंस और एयरोस्पेस कंपनियां शामिल हैं।

आने वाले हैं बाजार में बड़े आईपीओ

उन्होंने कहा कि एनएसई और एनएसडीएल के आईपीओ आने वाले हैं। मार्केट में लिक्विडिटी का एक बड़ा हिस्सा इन शेयरों में जाएगा। हालांकि, म्यूचु्अल फंड्स और सिप के जरिए अच्छा निवेश हो रहा है, जिससे मार्केट में अतिरिक्त सप्लाई से कोई निगेटिव असर नहीं पड़ेगा।

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बाजार का सेंटीमेंट अब हो रहा बेहतर

बीते कुछ महीनों में बाजार पर बड़ा दबाव दिखा था, जिसकी वजह मध्यपूर्व में टेंशन से क्रूड की कीमतों में उछाल था। अब क्रूड की कीमतें नीचे आ रही हैं। इसका पॉजिटिव असर मार्केट पर पड़ा है। अमेरिका-ईरान के बीच डील की खबर का भी बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ा है।

मुख्यमंत्री योगी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, बोले- राष्ट्रवाद की लौ प्रज्ज्वलित करता रहेगा उनका बलिदान

Chief Minister Yogi paid tribute to Dr Shyama Prasad Mukherjee

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रखर राष्ट्रवादी व जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत की एकता व अखंडता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक देशवासी के हृदय में सदैव राष्ट्रवाद की लौ प्रज्ज्वलित करता रहेगा।   

 

इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, बलदेव सिंह औलख, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी, भाजपा नेता नीरज सिंह आदि ने भी राष्ट्रनायक डॉ. मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर भी डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा- 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान, नहीं चलेंगे’ के उद्घोषक, प्रखर राष्ट्रवादी और जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। भारत की एकता व अखंडता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक देशवासी के हृदय में सदैव राष्ट्रवाद की लौ प्रज्ज्वलित करता रहेगा।
Edited By : Chetan Gour 

भारतीय T-20I जर्सी को अपने हाथ में पकड़कर खड़े रह गए सूर्यवंशी (Video)

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के होटल रूम पर भारतीय टी-20 जर्सी लेकर सपोर्ट स्टाफ पहुंचा, स्टाफ के चरण छूकर सूर्यवंशी रुके और जैसे ही भारतीय टी-20 टीम की जर्सी उनके हाथ आई वह अपने शब्द बयां करने की स्थिती में नहीं थे। 15 वर्ष के सूर्यवंशी को 26 जून से शुरू हो रहे आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे के लिये भारतीय टीम में चुना गया है।

सूर्यवंशी ने BCCI द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए संक्षिप्त वीडियो में कहा ,‘‘ शब्दों में बयां नहीं कर सकता । मैने इसी के लिये पहले दिन बल्ला उठाया था और अभ्यास के लिये क्रिकेट के मैदान पर उतरा था। वह सपना आज पूरा हो गया है ।’’उन्होंने कहा ,‘‘ यह मेरे सफर का सबसे बड़ा कदम है । मैं इन भावनाओं को शब्दों में अभिव्यक्त नहीं कर सकता।’’

बिहार के समस्तीपुर से अपने कैरियर की शुरूआत करने वाले सूर्यवंशी ने आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ शतक जमाया था।28 अप्रैल 2025 को गुजरात के खिलाफ 38 गेंद में 101 रन बनाकर वह 14 वर्ष 32 दिन की उम्र में टी20 क्रिकेट में शतक जमाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे।उन्होंने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिये खेलते हुए 230 से ऊपर के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाये।

इंग्लैंड या आयरलैंड के खिलाफ वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन सकते हैं। महज 15 वर्ष और 71 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी राष्ट्रीय टीम में जगह पाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए हैं। उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का वर्षों पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।हालांकि सचिन तेंदलुकर के जमाने में टी-20 अंतरराष्ट्रीय प्रारुप नदारद था लेकिन अगर वैभव सूर्यवंशी का पदार्पण होता है तो वह निश्चित ही किसी भी प्रारुप में डेब्यू करने वाले सबसे युवा भारतीय क्रिकेटर बन जाएंगे।

उन्होंने कहा ,‘‘यह सपना सच होने जैसा है। जैसे ही मैने टीशर्ट देखा, मेरी मुस्कान नहीं रूक रही है।’

Vaibhav Sooryavanshi: टीम इंडिया की जर्सी पहनते ही इमोशनल हुए वैभव सूर्यवंशी, कही अपने दिल की बात…वीडियो आया सामने

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम रवाना हो गई है। वहीं श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम की ये पहली टी20 सीरीज है। वहीं भारत के 15 सदस्यीय टीम में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया है। हाल ही में वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया की जर्सी मिली। सिर्फ 15 साल की उम्र में सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाने वाले वैभव ने कहा कि जर्सी पहनते ही वह इमोशनवल हो गए। भारतीय जर्सी पहनना उनका बचपन का सपना था। बीसीसीआई द्वारा शेयर किए गए वीडियो में उन्होंने अपनी इस यादगार उपलब्धि को सपने के सच होने जैसा बताया।

जर्सी पहनने के बाद इमोशनल हुए वैभव

वैभव सूर्यवंशी ने वीडियो में कहा, “इस एहसास को शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है। जब मैंने पहली बार बल्ला हाथ में लिया था और क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तभी से मेरा सपना भारत की जर्सी पहनने का था। आज वह सपना पूरा हो गया है। यह मेरे लिए बेहद खास और अविश्वसनीय पल है। ये किसी सपने के सच होने जैसा लगता है।”

सूर्यवंशी ने आगे कहा, “जैसे ही मैंने टीम इंडिया की जर्सी देखी, मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं लगातार मुस्कुरा रहा था और उस पल को महसूस कर रहा था। कई बार जिंदगी में कुछ ऐसे मौके आते हैं, जिनके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होता। जब वह पल सामने आता है, तो समझ नहीं आता कि कैसी प्रतिक्रिया दी जाए। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।”

ट्राई सीरीज में खेली शानदार पारी

वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में मौका मिलने के पीछे उनका शानदार प्रदर्शन बड़ी वजह रहा है। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने अपने खेल से सभी का ध्यान खींचा है और युवा खिलाड़ियों में अपनी अलग पहचान बनाई है। यूनाइटेड किंगडम दौरे पर रवाना होने से पहले उन्होंने श्रीलंका ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में इंडिया ए के लिए धमाकेदार बल्लेबाजी की। बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए और लिस्ट-ए क्रिकेट में महज 11 गेंदों पर अर्धशतक पूरा कर नया रिकॉर्ड बना दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।

अब 15 वर्षीय ये युवा बल्लेबाज जूनियर क्रिकेट, इंडिया ए और आईपीएल में सफलता हासिल करने के बाद भारतीय सीनियर टीम के लिए खेलने के अपने सबसे बड़े सपने को पूरा करने के बेहद करीब पहुंच गया है।

Gold Silver Prices: सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, ETF भी टूटा; ये 5 कारण हैं जिम्मेदार

Gold Silver Prices: सोने और चांदी में मंगलवार को बड़ी गिरावट दिखी। यह ट्रेंड वैश्विक और घरेलू, दोनों बाजारों में दिखा। गोल्ड और सिल्वर ETF भी लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। इसकी वजह फेडरल रिजर्व का रुख और भू-राजनीतिक घटनाक्रम हैं।

ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया का कहना है कि सितंबर में अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका है। वहीं, बैंक ऑफ अमेरिका ने 2026 में तीन बार ब्याज दर बढ़ने का अनुमान दिया है। इस फैक्टर ने भी निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

सोने और चांदी में कितनी गिरावट

गोल्ड दोपहर 2.40 बजे तक करीब 2100 रुपये यानी 1.42% की गिरावट के साथ 1,46,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। हालांकि, एक वक्त यह गिरकर 1,45,510 रुपये तक पर आ गया था। वहीं, चांदी 7300 रुपये यानी 3% से ज्यादा टूटकर 2,27,010 प्रति किलो पर थी। ये भी कारोबार के दौरान गिरकर 2,25,666 रुपये तक आ गई थी।

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें, तो वहां सोना करीब 2% गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। वहीं, चांदी में 5% से ज्यादा की गिरावट आई है। गोल्ड और सिल्वर ETF भी लगभग इतना ही टूटे हैं।

गोल्ड-सिल्वर गिरने के 5 बड़े कारण

फेडरल रिजर्व के कड़े संकेत: अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने संकेत दिए हैं कि महंगाई को काबू में रखने के लिए इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। ब्याज दरें बढ़ने से निवेशक बॉन्ड्स में निवेश करना पसंद करते हैं। क्योंकि सोने-चांदी में ब्याज नहीं मिलता।

ब्याज दर बढ़ने का अनुमान: बैंक ऑफ अमेरिका ने 2026 में ब्याज दरों में तीन बार बढ़ोतरी का अनुमान दिया है। इसके चलते भी निवेशकों ने सोने और चांदी में बिकवाली बढ़ा दी है।

निवेशकों की मुनाफावसूली: ब्याज दर में बढ़ोतरी की आशंका से निवेशक गोल्ड और सिल्वर में मुनाफावसूली भी कर रहे हैं। गोल्ड-सिल्वर ETF में भी प्रॉफिट बुकिंग दिख रही है।

अमेरिकी डॉलर: डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी देखने को मिली है। डॉलर मजबूत होने से विदेशी मुद्रा रखने वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी महंगा हो जाता है। इससे ग्लोबल डिमांड पर असर दिखता है।

भू-राजनीतिक तनाव में कमी: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। इससे वैश्विक स्तर पर जोखिम में कुछ नरमी आई है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

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ग्लोबल पॉप की पहचान बना ‘एक्सजी’ बैंड:12 की उम्र में घर छोड़ा; भूखे पेट आधी रात तक रियाज कर 7 लड़कियों ने रचा इतिहास

संगीत-नृत्य की दुनिया में दक्षिण कोरियाई बैंड बीटीएस, ब्लैकपिंक के दबदबे और स्ट्रे किड्स, सेवनटीन जैसे ग्रुप की वैश्विक लोकप्रियता के बीच जापान की 7 लड़कियों का बैंड एक्सजी (एक्स्ट्राऑर्डिनरी जीनस) का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। अमेरिका के कोचेला म्यूजिक फेस्टिवल में अपने संगीत-नृत्य का लोहा मनवा चुकी एक्सजी का अगला प्रदर्शन लंदन के वेम्बली स्टेडियम में सितंबर में होगा, जिसकी चर्चा अभी से है। पॉप म्यूजिक की दुनिया में स्टार बनने की एक्सजी का यह सफर धैर्य, बेजोड़ अनुशासन और अदम्य मानसिक मजबूती की अनूठी मिसाल है। 2016 में हजारों लड़कियों के ऑडिशन में 21 का चयन एक्सजी के लिए 2016 में जापान भर के हजारों लड़कियों का ऑडिशन हुआ। इसमें से 21 को ट्रेनिंग के लिए चुना गया। सभी को एक डॉर्मिटरी में साथ रहती थी। सुबह से रात तक संगीत-नृत्य का अभ्यास कराया जाता। कई भाषाओं में बोलने की ट्रेनिंग भी दी जाती। यहां अनुशासन काफी सख्त था। यहां तक कि वे सोशल मीडिया पर फोटो तक साझा नहीं कर सकती थीं। एक बार एक लड़की ने सोशल मीडिया पर तस्वीर अपलोड कर दी, तो उसे कड़ी फटकार लगाई गई। अंत में 7 बैंड के लिए चुनी गईं। अस्तित्व की लड़ाई ग्रुप की सदस्य माया ट्रेनिंग को शारीरिक और मानसिक रूप से ‘खुद के खिलाफ एक लड़ाई’ बताती हैं। जबकि चिसा ने इस ट्रेनिंग को शुद्ध रूप से जीवित बचे रहने का संघर्ष कहा। छह साल की ट्रेनिंग के बीच ही एक्सजी की लड़कियों के बीच आपसी समझ बेहतर हुई। चिसा कहती हैं, अच्छे तरीके से हम एक-दूसरे को बेहतर बनने के लिए पुश करते थे। इससे टीम ज्यादा संगठित होती गईं। हिनाता बताती हैं कि हर सदस्य का अपना स्टाइल है। फिर भी वे एक साथ मूव करती हैं। यादें – खून से सने जूते और लीडर जुरीन का पैनिक अटैक ग्रुप की मुख्य रैपर कोकोना जब 12 साल की थी, तब एक ही स्टेप को दिन में 500 बार करने से उनके पैरों के नाखून टूट गए थे। कई बार तलवों से खून बहने लगता था। जब वे दर्द से चीखती थीं, तो ट्रेनर्स तरस खाने के बजाय कहते थे, ‘दर्द से हार मान रही हो, तो स्टेज का सपना भूल जाओ।’ कोकोना पैरों पर टेप लपेटकर दोबारा नाचने लगती थीं। ग्रुप की जिम्मेदारी संभाल रहीं लीडर जुरीन को एक बार लगातार 18 घंटे की प्रैक्टिस के बाद फ्लोर पर ही गंभीर पैनिक अटैक आया और वे सांस के लिए तड़पने लगी थीं। इसी कठोर श्रम से बीटीएस और ब्लैकपिंक के बीच एक्सजी ने नया इतिहास रचा है।