अखिलेश यादव ने किया CM मोहन यादव का बचाव, कहा- भाजपा के निशाने पर तीन मुख्‍यमंत्री

Akhilesh Yadav statement on Mohan Yadav: यूपी प्रदेश और मध्य प्रदेश की सियासत में उस वक्त एक हैरान करने वाला मोड़ आ गया, जब समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुलकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बचाव में उतर आए। उन्होंने दावा किया कि मोहन यादव के खिलाफ उनकी खुद की पार्टी यानी भाजपा के भीतर एक बड़ी साजिश रची जा रही है। इतना ही नहीं, सपा नेता ने कहा कि भाजपा तीन मुख्यमंत्रियों को उनकी कुर्सी से हटाना चाहती है। हालांकि अखिलेश के इस बयान के सियासी मायने भी खोजे जा रहे हैं। 

 

यूपी लखनऊ के सरोजनीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने न सिर्फ मोहन यादव का पक्ष लिया, बल्कि देश की राजनीति में एक नया शिगूफा छोड़ते हुए कहा कि भाजपा इस वक्त अपने तीन मुख्यमंत्रियों को बदलने का बहाना ढूंढ रही है। दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव की संपत्ति को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और जयराम के आरोपों पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि मोहन यादव तो बहाना हैं, असली निशाना तो योगी आदित्यनाथ हैं। ALSO READ: इंडिया गठबंधन को अखिलेश यादव की नसीहत, कांग्रेस को सुनाई खरी-खरी

मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश

उन्होंने कहा कि मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भाजपा ने खुद ही यह साजिश रची है। अगर मोहन यादव पर (जमीन के) ये आरोप हैं, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने तो 300 से 600 एकड़ जमीन ली है, यह कोई नई बात नहीं है। मोहन यादव पहले रियल एस्टेट का कारोबार करते थे, क्या भाजपा को यह बात पता नहीं है? उन्होंने कहा कि भाजपा मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्‍यमंत्रियों को हटाना चाहती है। इसलिए यादव पर इस तरह का आरोप जान-बूझकर लगवाए जा रहे हैं। ALSO READ: अखिलेश यादव का नया 'अवतार', सफेद टी-शर्ट और पेंट में नजर आए, फैंस भी हुए दीवाने! (वीडियो)

2027 चुनाव को लेकर भी दागे सियासी तीर

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि यूपी की जनता भाजपा की इस आंतरिक राजनीति को अच्छे से समझती है। पूरे चुनावी मूड में नजर आ रहे अखिलेश ने कहा कि सरोजनीनगर के लोगों ने बहुत दिनों से साइकिल नहीं चलाई है। इस बार मुझे पता है कि लोग हैंडल छोड़ करके साइकिल चलाने वाले हैं। इस बार का राजनीतिक चक्र इतनी तेजी से घूमेगा कि मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) अपने आप ही हट जाएंगे।

कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना

दूसरी ओर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव भी यादव समाज से आते हैं। उनके बचाव में आकर अखिलेश यादव देश भर के यादव वोट बैंक को यह संदेश देना चाहते हैं कि भाजपा अपने ही पिछड़े वर्ग के नेताओं को किनारे लगाने की साजिश रचती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली शीर्ष नेतृत्व के बीच कथित मतभेदों की अफवाहों को हवा देकर अखिलेश यादव यूपी भाजपा में मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना चाहते हैं।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

सिया गोयल ने प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को ऐसी मौत दी कि इंटरनेट की सनसनी बन गई! पुरुषों की सलामती की मांगी जाने लगी दुआएं

पुणे के पास एक ट्रेकिंग स्पॉट पर जो हादसा शुरुआत में दिल दहला देने वाली दुर्घटना नजर आ रहा था वो अब एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री में बदल चुका है। युवा बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में जब पुलिस ने उसकी मंगेतर सिया गोयल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया तो यह खबर इंटरनेट पर सनसनी बन गई। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर भारी गुस्सा देखा जा रहा है और लोग अब पुरुषों की सलामती के लिए दुआएं मांगते हुए बेहद कड़े रिएक्शन दे रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की पूरी कहानी और इसे लेकर इंटरनेट पर कैसा माहौल है।

पहले सिया और केतन की कहानी जान लीजिए

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक युवा बिजनेसमैन केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई इसी साल फरवरी महीने में हुई थी। दोनों के परिवार नवंबर में होने वाली एक बेहद भव्य और आलीशान शादी की तैयारियों में जुटे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक शादी के लिए जयपुर में 17 करोड़ रुपये का एक लग्जरी पैलेस बुक किया गया था और मेहमानों के लिए दो प्राइवेट विमानों तक की व्यवस्था की गई थी। लेकिन इस फेयरीटेल वेडिंग के पीछे एक बेहद ठंडे दिमाग से रची गई खौफनाक साजिश छिपी थी। केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल का जन्मदिन मनाने के लिए 18 जून को उसके साथ लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के लिए गए थे। जहां दावा किया गया कि खाई में गिरकर उनकी मौत हो गई

पैर फिसलने की झूठी कहानी गढ़ी गई

लोनावला रूरल पुलिस के मुताबिक घटना के बाद सिया गोयल ने शुरुआत में अधिकारियों को एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई। उसने दावा किया कि सुबह करीब 10:30 बजे तस्वीरें खींचने के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह दुर्घटनावश एक गहरी खाई में गिर गया। जब पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो यह साफ हो गया कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। इसे सिया ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर अंजाम दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार सिया असल में केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और वह चेतन को पिछले करीब एक साल से जानती थी। पुलिस को शक है कि यह केतन को मारने की पहली कोशिश नहीं थी। इससे पहले 31 मई को भी लोहगढ़ ट्रेक के दौरान ही केतन को जान से मारने का एक प्लान बनाया गया था, जो नाकाम रहा था।

इंटरनेट पर फूटा गुस्सा, पुरुषों की सलामती की मांगी जाने लगी दुआएं

जैसे ही इस मामले की इनसाइड स्टोरी और सिया गोयल की इंस्टाग्राम एक्टिविटी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, इंटरनेट पर गुस्से की बाढ़ आ गई। यूजर्स सिया के इंस्टाग्राम प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए पुरुषों को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने काफी तीखे रिएक्शंस दिए। एक यूजर ने लिखा कि, क्या आप उन लड़कियों को देखना चाहते हैं जो कातिल बन गईं? देखिए इसका इंस्टाग्राम कैसा दिखता है। पुरुषों- सुरक्षित रहो। केतन की मौत के ठीक बाद सिया द्वारा अपने जन्मदिन पर किए गए एक इमोशनल इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर भी लोग हैरान हैं। एक यूजर ने सवाल उठाया कि ऐसा स्टोरी कौन डालता है भाई आपका मंगेतर मर जाए तो?

एक अन्य यूजर ने लिखा कि उसने यह झूठी कहानी रची और अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उस बेचारे लड़के को पहाड़ी से नीचे धकेल दिया! अगर आप किसी युवा लड़के की मां हैं तो कृपया नया रिश्ता ढूंढते समय बहुत-बहुत ज्यादा सावधान रहें।

शादी से इनकार कर देती, मर्डर क्यों किया?

सोशल मीडिया पर एक बड़ा वर्ग इस बात को लेकर हैरान है कि अगर लड़की शादी नहीं करना चाहती थी तो वह सीधे मना भी कर सकती थी। एक यूजर ने कमेंट किया कि अगर शादी नहीं करनी थी तो ना कह देती। कोई भी चीज ऐसे जघन्य अपराध को सही नहीं ठहरा सकती। उसे और उसके प्रेमी को जेल में सड़ना चाहिए। एक यूजर ने आधुनिक भारत में रिश्तों और सामाजिक दबाव पर बात करते हुए लिखा कि माता-पिता के सामने अपने प्यार के लिए खड़े होने या बॉयफ्रेंड के साथ भागने की हिम्मत नहीं थी लेकिन एक पुरुष को पहाड़ी से नीचे धकेलने का पूरा हौसला था?

चूंकि केतन और सिया दोनों के परिवार काफी प्रभावशाली और अमीर पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं इसलिए सोशल मीडिया पर लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि अब यह केस इस बात पर टिकेगा कि कौन कानूनी रूप से मामले को कितना मजबूत या कमजोर कर पाता है। फिलहाल इस पूरे सनसनीखेज मामले में पुलिस की आगे की जांच जारी है।

Bharat Tiwari Case : भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ी कार्रवाई, पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR दर्ज

Bharat Tiwari Case :  भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब बिहार सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। एनकाउंटर के सात दिन के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार सरकार ने भरत की मां के आवेदन पर SDPO, SHO और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR की गई है। जानकारी के मुताबिक, भरत तिवारी की मां ने एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार और अन्य पुलिसकर्मियों पर सरेंडर करने के बाद गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था।

 भरत तिवारी मामले में अब हुआ बड़ा एक्शन

बता दें कि, बिहार के भोजपुर में बीते 17 जून को भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था। पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि, सरेडर करने के बाद भी भरत तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, यह इस केस में अब तक चौथी FIR है। अब तक बिहार सरकार ने पुलिसवालों पर हत्या की FIR दर्ज नहीं की थी। वहीं इस एनकाउंटर के खिलाफ लोग लगातार अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। वहीं मामले के बढ़ता देख बिहार सरकार ने अब पुलिसवालों के खिलाफ अब बड़ा एक्शन लिया है।

परिवार कर रहा था ये मांग

बता दें, भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद से ही परिजन यह मांग कर रहे थे कि पुलिस कर्मियों के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और उनको फांसी दी जाए, तब जाकर के परिवार को न्याय मिल पाएगा। 17 जून को भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। पुलिस का दावा था कि भरत ने पुलिस टीम पर 10 से 12 राउंड गोलियां चलाई थीं, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसकी मौत हो गई।  20 जून को  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए। साथ ही चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया। वहीं 23 जून की दोपहर सरकार ने कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई।

19 साल पहले किया था डेब्यू आज रोहित शर्मा हुए पद्मश्री से सम्मानित (Video)

भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को आज भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया। रोहित शर्मा  के लिए 23 जून खास महत्व रखता है। आज ही के दिन साल 2007 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। साल 2013 में इसी दिन भारत चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी जिसके वह सदस्य थे और आज उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा है।

रोहित शर्मा सफेद गेंद की क्रिकेट (एकदिवसीय और टी-20 प्रारुप) में भारत के सफलतम बल्लेबाजों में से एक हैं। रोहित शर्मा बतौर कप्तान भारत को टी-20 विश्वकप और चैंपियन्स ट्रॉफी जिता चुके हैं और महेंद्र सिंह धोनी के बाद सबसे सफल कप्तान हैं।

रोहित 2022 टी20 विश्व कप में भी कप्तान थे जब भारत को सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने हराया था। इसके एक साल बाद 50 ओवरों के विश्व कप में रोहित की कप्तानी वाली भारतीय टीम फाइनल में आस्ट्रेलिया से हार गई।रोहित ने टी20 क्रिकेट में 159 मैच खेलकर 4231 रन बनाये जिसमें पांच शतक और 32 अर्धशतक शामिल है।

वहीं एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

IPO This Week: इस हफ्ते इन 5 आईपीओ में पैसा लगाने का मौका, जानिए इन इश्यू की हर जरूरी बात

IPO This Week:आईपीओ के लिहाज से यह हफ्ता व्यस्तता वाला है। कुल 5 छोटे-बड़े आईपीओ इस हफ्ते खुल रहे हैं। कुछ खुल गए हैं तो कुछ खुलने वाले हैं। अगर आप इनमें निवेश का प्लान बना रहे हैं तो मनीकंट्रोल आपके लिए इन आईपीओ से जुड़ी हर जरूरी जानकारी पेश कर रहा है।

Advit Jewels Ltd

यह आईपीओ 23 जून को खुल गया है। इसमें 25 जून तक निवेश किया जा सकता है। कंपनी ने शेयर के लिए 130-138 रुपये का प्राइस बैंड किया है। इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 100 शेयरों का है। कंपनी इस इश्यू में 1.2 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। इस इश्यू में अप्लाई करने के लिए कम से कम 13,800 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

2. Waterways Leisure Tourism

यह आईपीओ भी 23 जून को खुल चुका है। इसमें 25 जून तक निवश किया जा सकता है। कंपनी ने शेयर के लिए 769-808 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट 18 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर अप्लाई करने के लिए कम से कम 14,544 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

3. Aastha Spintex

यह इश्यू 24 जून को खुलने जा रहा है। इसमें 1 जुलाई तक अप्लाई किया जा सकता है। कंपनी ने प्रति शेयर 136 रुपये कीमत तय की है। एक लॉट 110 शेयरों का है। इस इश्यू में अप्लाई करने के लिए कम से कम 14,960 रुपये की जरूरत पड़ेगी। कंपनी इस इश्यू में 1.25 करोड़ शेयर इश्यू करेगी। कंपनी के शेयर 6 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे।

4. CSM Technologies

सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 24 जून यानी बुधवार को खुल रहा है। कंपनी इस इश्यू के तहत 146 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। वह करीब 1.29 करोड़ शेयर जारी करेगी। आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, कारोबार के विस्तार और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 107-113 रुपये तय किया है। इस आईपीओ में 29 जून तक निवेश किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: CSM Technologies IPO: 24 जून को खुल रहा सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ, क्या निवेश करना चाहिए?

5. Crazy Snacks

यह आईपीओ 25 जून को खुलेगा। इसमें 30 जून तक अप्लाई किया जा सकता है। कंपनी ने प्रति शेयर कीमत 42 रुपये तय की है। एक लॉट 3,000 शेयरों का है। लॉट साइज ज्यादा होने से इस आईपीओ में अप्लाई करने के लिए कम से कम 1,26,000 रुपये की जरूरत पड़ेगी। कंपनी के शेयर 3 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकते हैं।

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इस शख्स ने अपार्टमेंट में पाल रखे थे 309 पाइथन सांप! वहीं बना रखा था ब्रिडिंग रूम और जमकर बच्चे पैदा कर रहे थे अजगर

जरा सोचिए जिस अपार्टमेंट में आम लोग अपने परिवार के साथ रहते हैं वहां कोई शख्स एक-दो नहीं बल्कि पूरे 309 पाइथन (अजगर) सांपों को पालकर रख ले! चीन के झेजियांग प्रांत में पुलिस ने एक ऐसे ही रोंगटे खड़े कर देने वाले अवैध रूप से चल रहे स्नेक-ब्रीडिंग सेंटर का भंडाफोड़ किया है। एक रिहायशी अपार्टमेंट के भीतर चल रहे इस अवैध कारोबार में अजगरों के रहने के लिए बकायदा ब्रीडिंग रूम बनाया गया था, जहां जमकर उनके बच्चे पैदा किए जा रहे थे। आइए जानते हैं कि इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा कैसे हुआ और पुलिस इस शातिर ब्रीडिंग सिंडिकेट तक कैसे पहुंची।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट और CCTV के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत मार्च 2024 में हुई थी। झेजियांग प्रांत में एक बुजुर्ग नागरिक ने पहाड़ की तलहटी के पास एक बहुत बड़ा अजगर देखा। यह सांप इस इलाके के लिए काफी असामान्य था और सबसे अजीब बात यह थी कि वह उस मौसम में सक्रिय था जब सांप आमतौर पर सुप्त अवस्था में रहते हैं। इसे देखकर स्थानीय लोगों और प्रशासन को तुरंत शक हो गया।

बिजली के बिल और सफेद चूहों ने पहुंचाया जेल

शुरुआती जांच में अधिकारियों को अंदेशा हुआ कि यह सांप किसी की कैद से भाग निकला है। इसके बाद उसके मालिक की तलाश शुरू हुई। हालांकि ब्रीडर को ट्रैक करना काफी मुश्किल था लेकिन तभी एक रेप्टाइल एक्सपर्ट ने पुलिस को एक अनोखा सुराग दिया। एक्सपर्ट ने बताया कि अजगरों को जीवित रहने और बच्चे पैदा करने के लिए सालभर गर्म और अत्यधिक नमी वाले माहौल की जरूरत होती है। फ्लैट में ऐसा वातावरण बनाए रखने के लिए भारी मात्रा में बिजली की खपत होगी। पुलिस ने तुरंत आसपास के इलाकों के बिजली बिलों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए। इससे गुओ नाम का एक संदिग्ध शख्स उनकी रडार पर आ गया।

सफेद चूहों के पार्सल ने जांच आगे बढ़ाई

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने देखा कि दी (Di) नाम का एक अन्य व्यक्ति लगातार गुओ के घर आ-जा रहा था। दी नियमित रूप से ऐसे पार्सल कलेक्ट कर रहा था जिनमें सफेद चूहे थे। ये पालतू सांपों का मुख्य भोजन होते हैं। संदिग्ध गुओ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर सांपों को दिखाते हुए और उनकी प्राइवेट सेल का इशारा करते हुए कुछ पोस्ट भी शेयर की थीं। इन सब चीजों ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया।

अपार्टमेंट में रेड पड़ी तो उड़ गए पुलिस के होश

जब पुलिस को दोनों संदिग्धों द्वारा दो पाइथन सांप बेचने के पुख्ता सबूत मिल गए तो उन्होंने कोर्ट से वारंट लेकर गुओ के अपार्टमेंट पर छापेमारी कर दी। फ्लैट के भीतर का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। अपार्टमेंट का लगभग हर कोना एक रेप्टाइल ब्रीडिंग फैसिलिटी में बदल चुका था। घर के कई कमरों में प्लास्टिक के कंटेनर्स एक के ऊपर एक करके ऊंचे स्टैक बनाकर रखे हुए थे और हर कंटेनर के अंदर एक-एक अजगर बंद था। आरोपी गुओ ने अपना सारा निजी सामान समेटकर खुद को सिर्फ एक बेडरूम तक सीमित कर लिया था जबकि बाकी के सारे बेडरूम और लिविंग रूम (हॉल) पूरी तरह से सांपों को पालने और उनके बच्चे पैदा करने के लिए समर्पित कर दिए थे। इस पूरी कार्रवाई के अंत तक पुलिस ने अपार्टमेंट से कुल 309 पाइथन सांपों को जब्त किया। बाद में इन सभी सांपों को स्थानीय चिड़ियाघर में शिफ्ट कर दिया गया।

खुद को अलग-अलग रंगों के सांप बनाने वाला क्रिएटर समझता था आरोपी

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी गुओ ने कुबूल किया कि उसे सालों से सांपों का बेहद शौक और आकर्षण था। उसकी यह अजीबोगरीब आदत 2014 में शुरू हुई थी जब उसने शुरुआती तौर पर 4 अजगर खरीदे थे। इसके बाद उसने खुद ही धीरे-धीरे इंटरनेट या अन्य माध्यमों से सांपों की ब्रीडिंग (प्रजनन) कराने की तकनीक सीखी। वक्त के साथ वह अलग-अलग रंगों और पैटर्न वाले सांप पैदा करने में इतना माहिर हो गया कि वह खुद को एक क्रिएटर समझने लगा था। ऐसा क्रिएटर जो सांपों की विभिन्न नई वैरायटी विकसित कर सकता था।

80 सांप बेचे, तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार

जांच में सामने आया है कि गुओ और दी ने मिलकर इस अवैध कारोबार के जरिए अब तक करीब 80 पाइथन सांप बाजार में बेचे थे। इस मामले की कड़ियां जब आगे जुड़ीं तो पुलिस इस सिंडिकेट के तीसरे आरोपी तक पहुंच गई। इसका नाम जो डेंग निकला जो एक दुकान मालिक है। डेंग ने ही लगभग एक दशक पहले गुओ को उसके शुरुआती सांप सप्लाई किए थे। पुलिस ने जब डेंग के घर पर भी तलाशी ली तो वहां से भी 47 पाइथन सांप बरामद हुए। चीनी अथॉरिटीज अब इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही हैं।

बेबसी की कहानी: बुजुर्ग महिला का कूल्हा टूटा, जख्मों को चूहों ने कुरेदा; अभी तक इलाज का इंतजार

कानपुर के गोविंद नगर की कच्ची बस्ती में रहने वाली 65 वर्षीय शीला मिश्रा का कूल्हा टूटने के बाद वह बिस्तर पर पड़ गईं। देखभाल करने वाला कोई न होने से शरीर में गंभीर जख्म हो गए, जिन्हें चूहों ने भी कुतर दिया। विधायक के हस्तक्षेप पर उर्सला अस्पताल में भर्ती किया गया

राजेश एक्सपोर्ट्स पर ED का छापा, SEBI के आरोपों के बाद लिया है एक्शन

देश की प्रमुख गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्टर कंपनी Rajesh Exports Limited एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बेंगलुरु में कंपनी और उसके प्रमोटर्स से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई सुबह शुरू हुई और रिपोर्ट लिखे जाने तक जारी थी। ED की टीमें कंपनी और उससे जुड़े कई परिसरों में दस्तावेजों और लेन-देन की जांच कर रही थीं।

SEBI की रिपोर्ट के बाद बढ़ी जांच

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स, इसके चेयरमैन राजेश मेहता और कुछ संबंधित संस्थाओं के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया था।

SEBI ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने फंड के लेन-देन को छिपाने के लिए कई संबंधित संस्थाओं के बीच जटिल ट्रांजैक्शन किए। रेगुलेटर का कहना है कि इन लेन-देन को इस तरह अंजाम दिया गया कि पैसों के असली शुरुआत और अंत को पहचानना मुश्किल हो जाए।

प्रमोटर के खाते से पैसे घुमाने का आरोप

SEBI का आरोप है कि Rajesh Exports ने कंपनी का पैसा प्रमोटर राजेश मेहता के निजी बैंक खाते के जरिए ट्रांसफर किया। लेकिन कंपनी यह नहीं बता पाई कि ऐसा क्यों किया गया। नियामक के मुताबिक, कंपनी कोई लोन एग्रीमेंट, बोर्ड की मंजूरी या अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, जो इस काम को सही ठहरा सकें।

SEBI ने कहा कि कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि फंड को उसके मूल स्रोत का खुलासा किए बिना आगे भेजा गया था। रेगुलेटर के मुताबिक, यह पहली नजर में फंड ट्रेल छिपाने और लेयरिंग करने की कोशिश लगती है। आदेश के मुताबिक, अप्रैल 2020 से सितंबर 2025 के बीच कंपनी ने राजेश मेहता को ₹338.90 करोड़ ट्रांसफर किए। इसी अवधि में कंपनी को उनके खाते से ₹232.44 करोड़ वापस मिले।

₹15.15 लाख करोड़ की गलत रिपोर्टिंग

SEBI की अंतरिम रिपोर्ट में सबसे गंभीर आरोप कंपनी के वित्तीय बयानों से जुड़ा है। रेगुलेटर का आरोप है कि कंपनी ने बार-बार एक जैसे सर्कुलर ट्रांजैक्शन दर्ज करके अपने खातों में करीब ₹15.15 लाख करोड़ की कथित गलत रिपोर्टिंग की।

SEBI के मुताबिक, एक ही लेन-देन को कई संस्थाओं के जरिए बार-बार घुमाया गया। इससे खरीद और बिक्री के आंकड़े वास्तविकता से कहीं ज्यादा बड़े दिखाई दिए। हालांकि, रेगुलेटर ने यह भी स्पष्ट किया है कि ₹15.15 लाख करोड़ असल धनराशि नहीं है। यह उन अकाउंटिंग एंट्रीज का कुल मूल्य है, जिन्हें SEBI ने कथित तौर पर गलत बताया है।

निवेशकों को लेकर भी चिंता

SEBI का मानना है कि इन कथित गड़बड़ियों की वजह से निवेशकों को कंपनी के कारोबार और वित्तीय स्थिति के बारे में गलत जानकारी मिल सकती थी। इसी कारण जांच पूरी होने तक कंपनी, उसके प्रमोटर्स और कुछ संबंधित संस्थाओं पर अंतरिम प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अब ED क्या तलाश रही है?

सूत्रों के मुताबिक, ED की छापेमारी SEBI की रिपोर्ट में सामने आए आरोपों से जुड़ी हो सकती है। आमतौर पर जब किसी दूसरी जांच एजेंसी या नियामक को वित्तीय गड़बड़ी के संकेत मिलते हैं, तो ED यह पता लगाने की कोशिश करती है कि कहीं पैसों की हेराफेरी या मनी लॉन्ड्रिंग तो नहीं हुई। हालांकि अभी तक ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि छापेमारी किस विशेष कानूनी प्रावधान के तहत की जा रही है।

दूसरी ओर Rajesh Exports ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। माना जा रहा है कि कंपनी प्रतिभूति कानूनों के तहत उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती है। फिलहाल ED की कार्रवाई ने कंपनी पर नियामकीय दबाव और बढ़ा दिया है। चूंकि जांच अभी जारी है, इसलिए आने वाले समय में इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।

Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 24 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इंदौर में ‘ऑपरेशन कोचिंग’, 10 कोचिंग सेंटर सील, भवन भी शामिल, लखनऊ आग कांड के बाद जागा प्रशासन

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद अब इंदौर में कोचिंग सेंटर्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। मंगलवार को शहर की करीब 10 कोचिंग सेंटर और भवन सील किए गए। बता दें कि लखनऊ हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी। इनमें मध्य प्रदेश के अनूपपुर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर जयनील चक्रवर्ती (26) भी शामिल थे।

इंदौर प्रशासन, नगर निगम और फायर डिपार्टमेंट की टीम ने कई कोचिंग सेंटर्स पर छापेमारी की। जांच में गीता भवन स्थित केटेलाइजर कोचिंग सेंटर में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलीं। बिल्डिंग का इमरजेंसी एग्जिट बंद था।

इसके साथ ही केटेलाइजर कोचिंग संस्थान, नुकलियम कोचिंग संस्थान, रामानुजन कोचिंग संस्थान, आयाम कोचिंग संस्थान, मक्खन वाला होटल और इकरथ कोचिंग संस्थान को सील कर दिया गया है। इमरजेंसी एग्जिट बंद होने से बड़ी संख्या में छात्रों के फंसने की आशंका थी।

संयुक्त टीम ने कोचिंग सेंटर्स के साथ शहर के प्रमुख व्यावसायिक परिसरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वेदा बिजनेस पार्क, अपोलो एवेन्यू, अपोलो आर्केड और भंवरकुआं क्षेत्र के कई व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी व्यवस्था जांची गई।

जांच में पाया गया कि कई भवनों में फायर सिस्टम खराब थे। रूल्स मुताबिक उपलब्ध नहीं थे। कुछ जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम का नियमित रखरखाव भी नहीं किया जा रहा था। प्रशासन ने भवन संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।

निरीक्षण के दौरान कई बहुमंजिला इमारतों में इमरजेंसी एग्जिट बंद पाए गए। आग या अन्य आपदा की स्थिति में ऐसे रास्तों का खुला और सुरक्षित होना अनिवार्य है। इमरजेंसी गेट बंद होने से लोगों की सुरक्षित निकासी प्रभावित हो सकती है, जिससे बड़ा खतरा है।

एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में ऑपरेशन कोचिंग सेंटर चलाया गया। धनगर के अनुसार, अब तक 10 भवन अस्थायी रूप से सील किए जा चुके हैं। जांच जारी रहेगी।

एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि जिन भवनों में कोचिंग संस्थानों के साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं और वहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कुछ रेस्टोरेंट, म्यूजियम और अन्य कार्यालय भी सील किए गए हैं।

प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से शहर में ‘ऑपरेशन कोचिंग’ अभियान चलाया जा रहा है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

Healthcare Stocks : कमजोर बाजार में भी फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में आई बहार, मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट ने भरा दम

Healthcare Stocks : कमजोर बाजार में फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में आज जोरदार खरीदारी का मूड देखने को मिला। इसके चलते निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स 0.62 प्रतिशत बढ़ा। चुनिंदा हेल्थकेयर शेयरों में डिफेंसिव बाइंग देखने को मिली। सिप्ला में 1.5 प्रतिशत,डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज में 1.05 प्रतिशत और सन फार्मा में 0.98 प्रतिशत की बढ़त हुई। वहीं, ग्लैंड फार्मा के शेयरों में 4.79 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह BSE मिडकैप गेनर्स में सबसे आगे रहा। लॉरस लैब्स में 3.12 प्रतिशत और ऑरोबिंदो फार्मा में 2.99 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इस बीच मोतीलाल ओसवाल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हेल्थकेयर स्पेस में ग्रोथ के काफी मौके हैं। इसके चलते भी इस सेक्टर को शेयरों में तेजी रही।

हेल्थकेयर पर MOFSL की राय

हेल्थकेयर पर MOFSL की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा सैटेलाइट टाउन से अर्बन हब बन गया है। ग्रेटर नोएडा की जनसंख्या सालाना 5.4% बढ़कर 1.3 करोड़ पर पहुंच गई है। ग्रेटर नोएडा में जनसंख्या राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बढ़ी है। ग्रेटर नोएडा में सिर्फ 4500 सुपर स्पेशलिटी बेड मौजूद हैं जो जरुरत से काफी कम हैं। वेस्टर्न यूपी और पश्चिमी दिल्ली से भी डिमांड को सपोर्ट मिल रहा है। यहां ऑर्गन ट्रांसप्लांट,रोबोटिक सर्जरी और क्रिटिकल केयर में बडे़ मौके हैं।

MOFSL के पसंदीदा शेयर

MOFSL ने मेदांता को BUY रेटिंग देते हुए 1490 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इसके 382 बेड्स ऑपरेशनल हैं। इनकी रेवेन्यू 200-250 करोड़ करोड़ रुपए महीना है। कंपनी के EBITDA घाटे में तेजी से कमी आई है। मजबूत ब्रांड से मरीज बढ़े हैं। FY26-28 में रेवेन्यू 11%, EBITDA 24% और मुनाफा 31% CAGR संभव है।

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मैक्स हेल्थकेयर पर MOFSL

मैक्स हेल्थकेयर पर MOFSL ने BUY रेटिंग देते हुए 1260 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Jaypee के अधिग्रहण के बाद ऑक्यूपेंसी 64% से बढ़कर 72% हो गई है। इसकी रेवेन्यू 36-37 करोड़ रुपए प्रति महीना से बढ़कर 57 करोड़ रुपए प्रति महीना हो गई है। कंपनी की 100 बेड और 5 OT जोड़ने की तैयारी है। इसका कार्डियोलॉजी,ऑन्कोलॉजी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट पर फोकस है। FY26-28 में रेवेन्यू 14%,EBITDA 15% और मुनाफा 20% CAGR संभव है।

फोर्टिस पर MOFSL

फोर्टिस पर MOFSL ने BUY रेटिंग देते हुए 1140 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी 22 साल पुरानी है। बेड फैसिलिटी अच्छी है। इसकी ऑक्यूपेंसी 77-78% है। 22% EBITDA मार्जिन और 15% सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी को नोएडा में दूसरे साइट की तलाश है। FY26-28 में रेवेन्यू 13%, EBITDA 17% और मुनाफा 21% CAGR संभव है।

 

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