Eetha Teaser: ‘ईथा’ फिल्म में श्रद्धा कपूर का अवतार देख फैंस हुए दीवाने! बॉक्स ऑफिस पर यश की ‘टॉक्सिक’से होगी टक्कर

Eetha Teaser: बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर इन दिनों अपनी नई बायोपिक फिल्म ‘ईथा’ को लेकर चर्चा में है। ‘ईथा’ में एक्ट्रेस एक अलग और दमदार किरदार में नजर आने वाली हैं। फिल्म का पहला टीजर जारी कर दिया गया है, जिसे फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। श्रद्धा इस फिल्म में मशहूर लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की भूमिका निभाती हुए नजर आ रही हैं। टीजर में उनका नया अंदाज और फिल्म की भव्य झलक दर्शकों को काफी पसंद आ रही है। फैंस बेसब्री से इसके ट्रेलर और फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। शानदार दृश्यों और बड़े स्तर पर बनी इस फिल्म ने रिलीज से पहले ही लोगों के बीच एक्साईटमेंट बढ़ा दी है।

सोशल मीडिया पर छाई श्रद्धा

फिल्म ईथा के टीजर में मशहूर लोक कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की मेहनत, संघर्ष और अपने काम के प्रति उनके जुनून को दिखाया गया है। वीडियो में दिखाया गया है कि वह कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहती हैं। बच्चे को जन्म देने की पीड़ा सहने के बाद भी उनका मंच पर लौटकर प्रस्तुति देना लोगों को इमोशनल कर रहा है। वहीं, श्रद्धा कपूर का पारंपरिक मराठी लुक भी दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है और सोशल मीडिया पर उनके इस नए अंदाज की खूब चर्चा हो रही है।

कब रिलीज होगी फिल्म

फिल्म ‘ईथा’ 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इसकी रिलीज के साथ ही अभिनेता यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स’ भी बड़े पर्दे पर आने वाली है। ऐसे में दोनों फिल्मों के बीच बॉक्स ऑफिस पर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। ईथा का टीजर सामने आने के बाद दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्साह बढ़ गया है। फिल्म ईथा में श्रद्धा कपूर के साथ रणदीप हुड्डा, अनंत जोशी और कई अन्य कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्माण दिनेश विजान की प्रोडक्शन कंपनी मैडॉक फिल्म्स के सहयोग से किया जा रहा है।

फिल्म का संगीत मशहूर संगीतकार जोड़ी अजय-अतुल ने तैयार किया है। श्रद्धा कपूर की पिछली फिल्म साल 2024 में रिलीज हुई स्त्री 2 थी। अब दर्शकों को उनकी नई फिल्म ईथा का बेसब्री से इंतजार है।

फैंस ने किया कमेंट

एक फैन ने कमेंट किया, “श्रद्धा कपूर दो साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं और टीजर देखकर लग रहा है कि इंतजार पूरी तरह सफल रहा। विठाबाई नारायणगांवकर के किरदार में उनका पहला लुक बेहद शानदार है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “2026 में अब तक देखा गया यह सबसे बेहतरीन टीजर है।” वहीं एक और यूजर ने कहा, “टीजर काफी भव्य और प्रभावशाली नजर आ रहा है। श्रद्धा कपूर की स्क्रीन प्रेजेंस कमाल की है और उनके डांस सीक्वेंस देखने लायक हैं।”

एक यूजर ने लिखा, “अब तक सामने आई झलकियों में ईथा में श्रद्धा कपूर की स्क्रीन प्रेजेंस बेहद दमदार नजर आ रही है। मुझे लगता है कि टॉक्सिक की रिलीज फिर आगे बढ़ सकती है।” एक और यूजर ने लिखा, “श्रद्धा कपूर ईथा के साथ शानदार वापसी करती दिख रही हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या टॉक्सिक को उसी समय रिलीज करना सही फैसला होगा?”

चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

Chief Minister Pushkar Singh Dhami issued directives regarding Char Dham and Hemkund Sahib Yatra

– प्रदेशभर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत, यात्रा का आनंद लेने की अपील

– भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आह्वान

– कर्णप्रयाग और नगरासू प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की कि वे देवभूमि उत्तराखंड के शांत वातावरण में अपनी यात्रा का पूर्ण आनंद लें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं के संबंध में सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार, प्रशासन एवं पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई है तथा सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा के साथ-साथ हेमकुंड साहिब यात्रा भी सुचारु रूप से संचालित हो रही है। चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंड साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सिख गुरुओं द्वारा स्थापित तीन प्रमुख पवित्र स्थल (हेमकुंड साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब) स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि सभी का सम्मान करना देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप यहां आने वाले सभी लोगों का स्वागत एवं सत्कार किया जाता है।

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मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से अपील की कि वे समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों ने मिलजुलकर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सभी धार्मिक स्थल आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा के केंद्र हैं, जहां से समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि देवभूमि उत्तराखंड में ऐसा कोई कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे या किसी धर्म एवं आस्था को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से ही सभी समस्याओं का समाधान संभव है।

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इस अवसर पर बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव विनय शंकर पांडेय, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा अपर सचिव श्रीमती तृप्ति भट्ट उपस्थित थे।
Edited By : Chetan Gour

Ketan Agarwal Case: लव स्टोरी से क्राइम थ्रिलर तक… दो ‘मर्डर अटेम्प्ट’ हुआ फेल, फिर मंगेतर ने ऐसे बिछाया मौत का जाल

महाराष्ट्र के पुणे के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत के मामले में मंगलवार (23 जून) को सनसनीखेज खुलासा हुआ। पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान हुई एक युवक की मौत को पहले हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला हत्या की साजिश निकला। पुणे ग्रामीण पुलिस ने 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। 26 वर्षीय केतन अग्रवाल एक रियल एस्टेट कंपनी में निदेशक थे। 18 जून को ट्रेकिंग के दौरान वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे।

इस घटना के बाद सिया ने पुलिस को बताया था कि तेज हवा और फोटो खींचते समय बैलेंस बिगड़ने की वजह से केतन खाई में गिर गए। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदल गई। पुलिस की तकनीकी जांच, मोबाइल रिकॉर्ड और पूछताछ में पता चला कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी। जांच में सामने आया कि सिया और चेतन के बीच प्रेम संबंध थे और दोनों केतन को रास्ते से हटाना चाहते थे। पुलिस को यह भी पता चला कि केतन की हत्या की कई बार कोशिश की गई थी, लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी थी।

शादी से पहले रची गई साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे मामले की सबसे बड़ी वजह तय की गई शादी का विरोध था। केतन अग्रवाल एक बड़े कारोबारी परिवार से जुड़े थे और उनकी शादी नवंबर में सिया गोयल से होने वाली थी। दोनों परिवारों ने शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। यहां तक कि राजस्थान के उदयपुर में एक ऐतिहासिक महल भी समारोह के लिए बुक किया जा चुका था। लेकिन इसी बीच सिया का लंबे समय से चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि चेतन का परिवार भी सिया के परिवार की तरह ड्राइ फ्रुट्स के कारोबार से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन केतन उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा थे। वहीं, परिवार की ओर से तय शादी को लेकर भी सिया पर काफी दबाव था। जांच में सामने आया है कि इसी वजह से सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि दोनों ने हत्या को एक सामान्य दुर्घटना दिखाने के लिए ट्रेकिंग के दौरान हुई घटना का सहारा लिया, ताकि यह मामला एक हादसा लगे और किसी को उन पर शक न हो।

पहले भी की गई थीं हत्या की कोशिशें

सूत्रों के अनुसार, 18 जून को केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देने की घटना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसके पीछे कई हफ्तों से चल रही साजिश थी। जून की शुरुआत में केतन और सिया का प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने था। आरोप है कि इस यात्रा को रुकवाने के लिए सिया ने चुपके से केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया और एयरपोर्ट जाते समय रास्ते में एक होटल में फेंक दिया। पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण दोनों को फॉरेंन ट्रिप कैंसिल कर पुणे लौटना पड़ा।

पहले नहीं हो पाई कामयाब

फॉरेन ट्रिप कैंसिल  होने के बाद सिया ने केतन को आसपास की जगहों पर घूमने के लिए मनाया और प्री-वेडिंग आउटिंग के बहाने उसे लोहागढ़ किले की सुनसान चट्टानों तक ले जाने लगी। पुलिस जांच में पता चला है कि घटना से पहले भी वह कई बार केतन को किले पर लेकर गई थी। जांच के मुताबिक, 31 मई को पहली बार केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद 14 जून को सिया और चेतन ने कथित तौर पर एक और साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने सांप दिखाई देने का नाटक कर केतन को डराने और उसे चट्टान से गिराने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास भी नाकाम रहा। जब दोनों कोशिशें सफल नहीं हुईं, तो सिया ने 18 जून को अपने आने वाले जन्मदिन का जश्न मनाने के बहाने एक और ट्रिप की योजना बनाई। इसी यात्रा के दौरान केतन की मौत हुई।

हादसों के पीछे छिपी थी साजिश

जांच में सामने आया है कि पहले की गई कोशिशों को सामान्य हादसों जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी। कभी जंगली जानवर के अचानक सामने आने का माहौल बनाया गया, तो कभी फिसलन और तेज हवा वाली जगहों का सहारा लिया गया। इसी वजह से केतन ने इन घटनाओं को ट्रेकिंग के दौरान होने वाले सामान्य जोखिम के रूप में देखा। उसे लगा कि ये सिर्फ हादसा है, न कि कोई सोची-समझी योजना। केतन को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस लड़की के साथ वह अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रहा था, उसी पर उसके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगेगा। पुलिस के अनुसार, सुनसान और कम भीड़भाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की गई, जिससे किसी को शक न हो।

अब कोई भी सिलेक्ट हो जाता है, सुनील गावस्कर ने टीम चयन पर ऐसा क्यों कहा?

भारतीय क्रिकेट में काम का बोझ संभालने पर बहस को फिर से हवा देते हुए, भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों को रोटेट करने बारी-बारी से खिलाने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की बढ़ती निर्भरता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि बहुत ज़्यादा बदलाव करने से देश का प्रतिनिधित्व करने की अहमियत कम हो रही है।

आयरलैंड के खिलाफ टी 20 सीरीज़ शुरू होने वाली है और इंटरनेशनल क्रिकेट का कार्यक्रम बहुत व्यस्त है। ऐसे में गावस्कर का कहना है कि टीम में लगातार बदलाव करने से भारतीय टीम में खेलने का मौका पाने का सम्मान कम हो सकता है, भले ही टीम के पास टैलेंट की कोई कमी न हो।

उन्होंने कहा कि हालांकि आज के क्रिकेट में कार्यभार प्रबंधनज़रूरी हो गया है, लेकिन यह उस हद तक नहीं जाना चाहिए जहां चयन का महत्व ही खत्म हो जाए। उन्होंने कहा, “पदार्पण हासिल किया जानाचाहिए, न कि सिर्फ़ इसलिए मौका मिलना चाहिए कि किसी स्थाई खिलाड़ी को आराम दिया जा रहा है।” उन्होंने एक पारदर्शी प्रणाली बनाने की मांग की ताकि वरिष्ठ खिलाड़ियों का इस्तेमाल बेतरतीब ढंग से न हो-यानी न तो ज़रूरत से ज़्यादा और न ही बहुत कम।

गावस्कर ने यह भी सुझाव दिया कि वरिष्ठ क्रिकेटरों को हर साल कम से कम एक महीने का आराम मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि बिना ठीक से आराम किए अलग-अलग प्रारुप में लगातार क्रिकेट खेलने से चोट लगने, थकान और लंबे समय में प्रदर्शन गिरने का खतरा बढ़ जाता है।

उनकी ये बातें अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की हालिया घरेलू सीरीज़ के संदर्भ में आई हैं, जहां शुभमन गिल की कप्तानी में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और केएल राहुल जैसे शीर्ष क्रम बल्लेबाजों ने शतक भी लगाए। साथ ही, वरिष्ठ तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को आराम देने के फैसले ने लगातार बदलाव की नीति पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेजुबानों पर काल बनकर टूटी लखनऊ हादसे की आग, इंसानों ने बचाईं बिल्‍लियां, कई डॉग्‍स का नहीं चल रहा पता

Lucknow tragedy

लखनऊ की एक इमारत में आग लगी थी। चारों तरफ़ अफ़रा-तफ़री मची थी। लेकिन धुएं के बीच, लोगों का एक समूह बस एक ही सवाल पूछ रहा था… ‘अंदर फंसे जानवरों का क्या होगा?’ लखनऊ के अलीगंज में लगी भीषण आग में 15 लोगों की जान चली गई, लेकिन इसी त्रासदी के बीच एक और बचाव अभियान भी चल रहा था।

स्थानीय लोग, जानवरों की भलाई के लिए काम करने वाले वॉलंटियर, पशु चिकित्सक, फ़ायरफ़ाइटर और पुलिस अधिकारी एक मकसद के साथ एकजुट हो गए। वो मकसद था एक पेट फ़ैसिलिटी (पालतू जानवरों की जगह) में फंसे बेज़ुबान जानवरों की जान बचाना।

जब फ़ायरफ़ाइटर आग बुझाने में जुटे थे, तो वॉलंटियर बैरिकेड के पीछे बेचैनी से इंतज़ार कर रहे थे, ताकि जैसे ही कोई जानवर बाहर आए, वे मदद कर सकें।

कुछ लोगों ने ग्राउंड फ़्लोर से कुत्तों और पिल्लों को सुरक्षित बाहर निकाला। इलाज के लिए तुरंत पशु चिकित्सा टीमों को तैनात किया गया। जानवरों को बचाने वालों ने उनके ट्रांसपोर्ट और रहने की जगह का इंतज़ाम किया। कुछ घंटों बाद, बचाव दल को बेसमेंट में कई बिल्लियां ज़िंदा मिलीं और उन्हें सावधानी से मेडिकल केयर के लिए बाहर निकाला गया। सबकी मिली-जुली कोशिशों से जलती हुई इमारत से 30 से ज़्यादा जानवरों की जान बचाई जा सकी।

एक ऐसी त्रासदी में जिसने इतना कुछ छीन लिया, अलग-अलग तरह के लोगों ने उन बेज़ुबान जीवों के लिए एक साथ खड़े होने का फ़ैसला किया जो खुद मदद नहीं मांग सकते थे। कभी-कभी, इंसानियत को इस बात से नहीं मापा जाता कि हम सबसे पहले किसे बचाते हैं, बल्कि इस बात से मापा जाता है कि हम किसे पीछे छोड़ने से इनकार करते हैं।

अलीगंज इलाके में सोमवार को उस समय दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला, जब एक पेट्स शॉप और क्लिनिक में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर से उठती आग की लपटों और काले धुएं ने वहां भर्ती कई बेजुबानों की जिंदगी को संकट में डाल दिया।

यह सिर्फ एक इमारत में लगी आग नहीं थी, बल्कि उन दर्जनों पेटस पैरंट्स की सांसें अटक जाने का मंजर भी था, जिन्होंने अपने बीमार पालतू जानवरों को इलाज के लिए यहां भर्ती करवाया हुआ था। हादसे की खबर मिलते ही दमकल विभाग, SDRF और स्थानीय पेट वॉलेंटियर्स मुस्तैदी से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए।

10 बिल्लियां सुरक्षित, डॉग्स का पता नहीं : टीम ने सूझबूझ से करीब 10 बिल्लियों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन अपने डॉग्स की सही सलामत वापसी की आस में बाहर खड़े मालिकों का रो-रोकर बुरा हाल था। सोशल मीडिया पर खबर देख पहुंचे ओनर्स जैसे ही आग की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, पेट्स ओनर्स का कलेजा मुंह को आ गया और लोग क्लिनिक की तरफ दौड़ पड़े। शिल्पा ने बताया कि दो दिन पहले ही मैंने अपने डॉग को एडमिट करवाया था। दोपहर करीब 3 बजे सोशल मीडिया से मुझे आग लगने की जानकारी मिली। रेस्क्यू टीम सेकंड फ्लोर से जानवरों को निकाल तो रही थी, लेकिन मेरे डॉग के बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है। पता नहीं वो जिंदा है भी या नहीं। शिल्पा की तरह ही कई अन्य लोग भी हाथों में अपने पालतू जानवरों की तस्वीरें लिए रेस्क्यू टीम के सामने मिन्नतें करते दिखे।

आसरा हेल्पिंग हैंड एनजीओ की वॉलंटियर चारू ने बताया कि इस क्लिनिक में पालतू जानवरों के अलावा स्ट्रे डॉग्स और कैट्स का भी मुफ्त या बहुत ही किफायती दरों पर इलाज किया जाता था, जिसके कारण यहां हमेशा काफी संख्या में जानवर भर्ती रहते थे। फिलहाल, रेस्क्यू की गई बिल्लियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। वहीं, दमकल और SDRF की टीमें मलबे और धुएं के बीच अन्य बेजुबानों की तलाश में जुटी रहीं।
Edited By: Naveen R Rangiyal

Stock Market Holiday: 26 जून को शेयर बाजारों में नहीं होगा कारोबार, बंद रहेंगे BSE और NSE

Stock Market Holiday: यह हफ्ते शेयर बाजारों में कारोबार के लिहाज से छोटा है। 26 जून को शेयर बाजारों में कारोबार नहीं होगा। मुहर्रम के उपलक्ष्य में बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। दोबारा बाजार 29 जून यानी सोमवार को खुलेंगे।

26 जून को मुहर्रम की छुट्टी

बीएसई और एनएसई के हॉलिडे कैलेंडर में मुहर्रम की छुट्टी है। हालांकि, जुलाई में शेयर बाजारों में कोई छुट्टी नहीं होगी। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शेयर बाजारों में छुट्टी रहती है। बीएसई और एनएसई बंद रहते हैं। लेकिन, इस बार 15 अगस्त शनिवार को पड़ रहा है।

लगातार तीन दिन बंद रहेंगे BSE-NSE

एक हफ्ते में पांच दिन ही शेयर बाजारों में ट्रेडिंग होती है। शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। इस बार शुक्रवार को अवकाश है। इस वजह से बीएसई और एनएसई लगातार तीन दिनों तक बंद रहेंगे। ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स को 26 जून की छुट्टी को ध्यान में रख अपनी स्ट्रेटेजी बनानी चाहिए।

14 सितंबर को गणेश चतुर्थी को भी रहेगी छुट्टी

मुहर्रम के बाद शेयर बाजार में अगली छुट्टी गणेश चतुर्थी को होगी। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। उस दिन बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। उसके बात महात्मा गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्तूबर को बाजार बंद रहेंगे। फिर 20 अक्तूबर को दशहरा की छुट्टी शेयर बाजारों में होगी।

एमसीएक्स में 26 जून को सुबह के सत्र में नहीं होगा कोराबार

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में भी मुहर्रम की छुट्टी होगी। यह छुट्टी 26 जून को सिर्फ सुबह के सत्र में होगी। इसका मतलब है कि सुबह के सत्र का कारोबार एमसीएक्स में 26 जून को नहीं होगा। लेकिन, 26 जून को शाम के सत्र का कारोबार होगा।

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देश के ज्यादातर हिस्सों में बैंकों में भी रहेगी छुट्टी

देश के ज्यादातर हिस्सों में बैंक भी 26 जून को बंद रहेंगे। हालांकि, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, देहरादून, गंगटोक, गुवाहाटी, इंफाल, ईटानगर, जयपुर, कोहिमा, शिमला, शिलंग और तिरुवंतपुरम में बैंक खुले रहेंगे। हालांकि, 27 जून को बैंक बंद रहेंगे। इसकी वजह यह है कि 27 जून को महीने का चौथा शनिवार है। हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी होती है।

विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार सख्त, अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यूपी में जारी रहेगा विशेष अभियान

government coaching safety audit

government coaching safety audit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेशभर में संचालित कोचिंग संस्थानों के विनियमन को प्रभावी बनाने तथा अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध विशेष अभियान तेजी के साथ चलाया जा रहा है।  

 

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश है कि वे अपने जनपदों में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वेक्षण कर सूची तैयार करें। जो संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पंजीकृत संस्थानों का भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप निरीक्षण कराया जा रहा है। इसमें भवन व्यवस्था, अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच शामिल है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

 

उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित सर्वोपरि हैं। सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश में संचालित प्रत्येक कोचिंग संस्थान निर्धारित मानकों का पालन करे।  

 

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वसनीय शैक्षिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित शिक्षण वातावरण मिले और कोचिंग संस्थानों में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो।  

 

इस संबंध में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव द्वारा पत्र भी जारी किया गया। अब जिलाधिकारियों द्वारा अपने जनपदों में अभियान चलाकर बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों की पहचान और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ ही पंजीकृत संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण भी कराया जा रहा है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

कल का मौसम 24 जून: IMD ने इन 9 राज्यों में भारी बारिश और बिहार समेत 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, चेक करें India Weather

India Weather Update 24 June: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून के लिए देशव्यापी मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा समेत देश के 9 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया है। इसके साथ ही बिहार समेत देश के 16 राज्यों में तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक वेदर मैप में भी देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी को दर्शाया गया है। आइए जानते हैं कल कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम-

इन 9 राज्यों में होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने कल 24 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है-

भारी से बहुत भारी बारिश:

तटीय कर्नाटक

कोंकण और गोवा

(इन दोनों क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।)

भारी बारिश: असम और मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना, गुजरात और कोंकण से सटे हिस्सों में भी भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

बिहार समेत इन 16 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

24 जून को देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। आईएमडी ने हवा की रफ्तार के आधार पर अलर्ट को दो श्रेणियों में बांटा है-

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं और आंधी

इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • पंजाब
  • उत्तराखंड
  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख
  • मध्य प्रदेश
  • झारखंड
  • ओडिशा
  • महाराष्ट्र
  • कोंकण और गोवा
  • आंध्र प्रदेश
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30-40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं

राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल के अलावा दक्षिण भारत के कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में कल तेज आंधी के बिना सिर्फ लाइटनिंग की संभावना जताई गई है।

बिहार, विदर्भ और पूर्वी यूपी में अभी भी लू का प्रकोप

भले ही मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्से अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। 24 जून को बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ (महाराष्ट्र) के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रहेगी। झारखंड के कुछ हिस्सों में कल रात का मौसम काफी गर्म और असहज रहने वाला है।

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समुद्र में मौसम खराब: मछुआरों को न जाने की सलाह

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों जगह तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। सोमालिया और ओमान तट के पास 45-55 किमी/घंटे से लेकर 65 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, कोंकण-गोवा और कर्नाटक तट से सटे समुद्र में 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। मछुआरों को 23 से 28 जून के दौरान इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। मन्नार की खाड़ी, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों पर 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। यहां भी मछुआरों को समुद्र से दूर रहने को कहा गया है।

मानसून का अगला पड़ाव: यूपी-गुजरात की तरफ कदम

आईएमडी के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, उत्तरी अरब सागर, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के बचे हिस्सों और मध्य प्रदेश में आगे बढ़ जाएगा। इसके ठीक बाद के 3-4 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और बिहार-झारखंड के बाकी इलाकों में अपनी दस्तक दे देगा।

Personal Loan: अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए कैसे चुनें सही पर्सनल लोन? ये 5 फैक्टर करेंगे आपकी मदद

Personal Loan: -पर्सनल लोन जरूरत के समय बड़ी राहत दे सकता है। मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी-ब्याह, घर की मरम्मत या पुराने कर्जों को चुकाने जैसे कई कामों के लिए लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, बिना योजना के लिया गया लोन बाद में आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है। इसलिए लोन लेने से पहले अपनी जरूरत, चुकाने की क्षमता और लोन की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

1. सबसे पहले तय करें कितनी रकम चाहिए

लोन के लिए आवेदन करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि आपको कितनी रकम की जरूरत है और उसका इस्तेमाल किस काम के लिए होना है। कई बार लोग जरूरत से ज्यादा लोन ले लेते हैं, जिससे EMI और ब्याज दोनों का बोझ बढ़ जाता है।

जरूरत के हिसाब से लोन लेने का फायदा यह है कि कुल ब्याज कम चुकाना पड़ता है और लोन चुकाना भी आसान रहता है। इससे आपकी वित्तीय स्थिति पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।

2. ब्याज दरों की तुलना करना जरूरी

पर्सनल लोन चुनते समय सबसे अहम ब्याज दर है। अलग-अलग बैंक अलग-अलग दरों पर लोन देते हैं। जून 2026 में Axis Bank 8.95% सालाना की शुरुआती ब्याज दर पर पर्सनल लोन ऑफर कर रहा है। वहीं HDFC Bank और कई अन्य बैंक 9.99% से शुरू होने वाली दरों पर लोन दे रहे हैं।

ब्याज दर में छोटा-सा अंतर भी लंबे समय में बड़ी रकम का फर्क पैदा कर सकता है। इसलिए किसी एक बैंक के ऑफर को देखकर फैसला करने की बजाय कई बैंकों की दरों की तुलना करना बेहतर रहता है।

3. छिपे हुए शुल्कों को नजरअंदाज न करें

सिर्फ कम ब्याज दर देखकर लोन लेना सही फैसला नहीं होता। कई बार प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज, पार्ट-पेमेंट फीस, लेट पेमेंट पेनाल्टी और दूसरे शुल्क लोन की कुल लागत को काफी बढ़ा देते हैं।

यही वजह है कि आवेदन करने से पहले सभी नियम और शुल्कों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इससे बाद में किसी तरह की परेशानी या अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।

4. सही टेन्योर चुनना भी उतना ही अहम

लोन का टेन्योर आपकी EMI और कुल ब्याज लागत दोनों को प्रभावित करता है। कम अवधि वाला लोन चुनने पर EMI ज्यादा आती है, लेकिन कुल ब्याज कम देना पड़ता है। वहीं लंबी अवधि चुनने पर EMI कम हो जाती है, लेकिन ब्याज का कुल बोझ बढ़ जाता है।

इसलिए ऐसा टेन्योर चुनना चाहिए, जो आपकी आय और मासिक बजट के हिसाब से संतुलित हो। EMI इतनी होनी चाहिए कि बाकी जरूरी खर्चों पर असर न पड़े।

5. बैंक की साख और सेवा भी देखें

लोन लेते समय सिर्फ ब्याज दर ही नहीं, बल्कि बैंक या वित्तीय संस्था की साख भी देखनी चाहिए। ग्राहक सेवा, शिकायत निपटान व्यवस्था, लोन प्रोसेसिंग की पारदर्शिता और रकम मिलने में लगने वाला समय जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। एक अच्छी संस्था से लिया गया लोन पूरी प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बना सकता है।

सोच-समझकर लें पर्सनल लोन का फैसला

पर्सनल लोन एक वित्तीय जिम्मेदारी है। बैंक आपको तय शर्तों पर रकम देता है और बदले में आपको हर महीने EMI चुकानी होती है। इसलिए लोन लेने से पहले अपनी आय, खर्च, मौजूदा कर्ज और भविष्य की जरूरतों का आकलन जरूर करें।

ब्याज दर, टेन्योर, अतिरिक्त शुल्क और चुकाने की क्षमता को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला आपको आर्थिक दबाव से बचा सकता है। जरूरत पड़ने पर किसी योग्य वित्तीय सलाहकार की राय लेना भी फायदेमंद हो सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। कोई भी वित्तीय फैसला लेने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मध्यप्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति घोषित, 106 सदस्यों के नामों का एलान, 15 जुलाई को ओरछा में बैठक

भोपाल। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मध्यप्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में गठित नई टीम में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और नए चेहरों की भागीदारी का संतुलन साधने का प्रयास किया गया है। कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शीर्ष स्थान दिया गया है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को दूसरे क्रम पर रखा गया है। 

 

पार्टी के संविधान के अनुसार 106 सदस्यों की कार्यसमिति का गठन किया गया है, जिसमें  33 प्रतिशत महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया।कार्यसमिति में सभी वर्गों, समाजों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को शामिल करने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन के लिए विशेष आमंत्रित सदस्यों की अलग सूची भी बनाई गई है। कार्यसमिति में अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति,अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। विशेष आमंत्रित सदस्यों में संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी, मोर्चा अध्यक्ष और प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजकों को भी शामिल किया गया है। 

 

वहीं नई कार्यसमिति की पहली बैठक 15 जुलाई के आसपास ओरछा में होगी, कार्यसमिति के सदस्यों के जरिए क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने की कोशिश की गई है। नई कार्यसमिति को आगामी नगरीय निकाय, पंचायत और संगठनात्मक गतिविधियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों और संगठनात्मक इकाइयों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कार्यसमिति की घोषणा केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि भाजपा के आगामी चुनावी रोडमैप का भी संकेत है। प्रदेश में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि नई टीम बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।