Saatvik Green Energy Share Price: गिरते बाजार में 5% दौड़ा शेयर, लगा सकता है आगे 45% की और छलांग, मोतीलाल ओसवाल बुलिश

Saatvik Green Energy Share Price: सोलार मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी सात्विक ग्रीन एनर्जी (Saatvik Green Energy) के शेयर मंगलवार , 14 जुलाई को 5 फीसदी की छलांग लगाते नजर आए। शेयर में यह तेजी घरेलू इक्विटी मार्केट में तेज गिरावट के बीच देखने को मिली। सुबह 11.33 बजे के आसपास जहां शेयर 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखा रहा था वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स 75 अंक गिरकर 24150 के नीचे ट्रेड कर रहा था।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने स्टॉक पर Buy रेटिंग के साथ कवरेज शुरु की है और शेयर पर 565 रुपये प्रति शेयर का टारगेट दिया है, जो मौजूदा लेवल से 26 फीसदी की बढ़त दिखाता है। वहीं  अपने बुल केस के लिए, मोतीलाल ओसवाल ने फाइनेंशियल ईयर 2028 तक ₹652 का प्राइस टारगेट रखा है, जिसका मतलब है कि स्टॉक के पिछले क्लोजिंग लेवल से 45% की संभावित बढ़त हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि सात्विक ग्रीन भारत की सोलर मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में तेज़ी से हो रही ग्रोथ से फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है, जिसे इसकी चल रही कैपेसिटी बढ़ाने और बैकवर्ड इंटीग्रेशन योजनाओं से सपोर्ट मिला है।

FY26 के आखिर तक, कंपनी के पास 4.8 GW की सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी थी। यह सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग में भी एंट्री करते हुए 4 GW की मॉड्यूल कैपेसिटी और जोड़ रही है।

मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि कंपनी की मॉड्यूल बनाने की कैपेसिटी FY27 तक बढ़कर 8.8 GW हो जाएगी, जबकि सेल बनाने की कैपेसिटी FY27 में 2.4 GW और FY28 में 6 GW तक पहुंचने का अनुमान है।

कंपनी FY29 तक 6 GW की प्रस्तावित कैपेसिटी के साथ इंगोट और वेफर सेगमेंट में भी एंट्री करने की योजना बना रही है, जिससे उसकी बैकवर्ड इंटीग्रेशन स्ट्रैटेजी और मजबूत होगी।

ब्रोकरेज को अगले दो सालों में अच्छी कमाई की उम्मीद है। इसका अनुमान है कि FY26 और FY28 के बीच रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (APAT) क्रमशः 38%, 55% और 44% की कंपाउंड सालाना दर से बढ़ेंगे।

यह ग्रोथ ज़्यादा मॉड्यूल बिक्री से होने की उम्मीद है, जिसके FY26 में 3.1 GW से बढ़कर FY27 में 3.8 GW और FY28 में 4.9 GW होने का अनुमान है। डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) मॉड्यूल का बड़ा हिस्सा, जो FY28 तक बिक्री का लगभग 56% होने की उम्मीद है, से भी रियलाइज़ेशन में सुधार होने की संभावना है।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि सात्विक ग्रीन ने FY25 और FY26 दोनों में 84% का इंडस्ट्री-लीडिंग कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन फैक्टर (CUF) बनाए रखा है, जो नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को तेज़ी से बढ़ाने की इसकी क्षमता को दिखाता है।

वैल्यूएशन के आधार पर ब्रोकरेज ने कहा कि स्टॉक FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के 6.9 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जबकि वारी एनर्जीज़ के लिए यह 9.2 गुना और प्रीमियर एनर्जीज़ के लिए 10.4 गुना है।

हालांकि मोतीलाल ओसवाल सात्विक ग्रीन को इसके छोटे स्केल, सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग में ऑपरेटिंग ट्रैक रिकॉर्ड की कमी और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग पर ज़्यादा निर्भरता के कारण FY28 के EV/EBITDA मल्टीपल के 8 गुना कम पर वैल्यू देता है, लेकिन उसका मानना ​​है कि मौजूदा वैल्यूएशन एक आकर्षक इन्वेस्टमेंट का मौका देता है।

Waaree Energies Share Price: यूबीएस ने रेटिंग में किया बदलाव, टारगेट प्राइस में भी की 30% की कटौती, जानें क्या हैं इसकी वजह

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Waaree Energies Share Price: यूबीएस ने रेटिंग में किया बदलाव, टारगेट प्राइस में भी की 30% की कटौती, जानें क्या हैं इसकी वजह

Waaree Energies Share Price: कैपिटल गुड्स सेक्टर , Electric Equipment इंडस्ट्रीज की कंपनी वारी एनर्जीज लिमिटेड (Waaree Energies) के शेयरों में मंगलवार, 14 जुलाई को गिरावट देखने को मिली। शेयर एनएसई पर 09.50 बजे के आसपास 1.88 फीसदी गिरकर 2826 रुपये पर ट्रेड कर रहा। शेयर में यह आज यह गिरावट ब्रोकरेज फर्म UBS द्वारा स्टॉक की रेटिंग में बदलाव और टारगेट प्राइस में भारी कटौती के बाद आया है।

ब्रोकरेज फर्म UBS ने स्टॉक को ‘Buy’ से ‘Neutral’ रेटिंग कर दी है। साथ ही UBS ने अपने प्राइस टारगेट को पहले के ₹4,400 से 30% घटाकर ₹3,100 कर दिया। हालांकि, बदले हुए टारगेट से अभी भी सोमवार को स्टॉक के आखिरी क्लोजिंग प्राइस से 8% की संभावित बढ़त का पता चलता है।

ब्रोकरेज ने इंडस्ट्री के साथियों की तुलना में ज़्यादा डिस्काउंट और कम मार्जिन की उम्मीदों का हवाला देते हुए अपने वैल्यूएशन मल्टीपल को 28x से घटाकर 21x 12-महीने के फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) कर दिया।

UBS के अनुसार, यह डाउनग्रेड सोलर इंडस्ट्री के लिए बढ़ती नियर टू मीडियम अवधि की चुनौतियों को दिखाता है क्योंकि यह सेक्टर कंसोलिडेशन के दौर में प्रवेश कर रहा है।

ब्रोकरेज ने कहा कि वारी के प्लान किए गए ₹30,000 करोड़ के कैपिटल खर्च (जो पिछले साल घोषित ₹13,000 करोड़ से काफी ज़्यादा है) से FY28 तक इसकी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़कर 15.4 GW सोलर मॉड्यूल और 10 GW सेल और इंगोट-वेफर कैपेसिटी हो जाने की उम्मीद है। यह भारत की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का लगभग 20% होगा।

ब्रोकरेज फर्म का मानना ​​है कि यह इन्वेस्टमेंट ज़्यादा बैकवर्ड इंटीग्रेशन के ज़रिए वारी की लीडरशिप पोजीशन को मज़बूत करेगा। हालांकि, इसने यह भी चेतावनी दी कि इंडस्ट्री में तेज़ी से कैपेसिटी बढ़ाने से प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है।ब्रोकरेज ने वारी के बड़े एक्सपेंशन प्लान से जुड़े एग्ज़िक्यूशन रिस्क का भी ज़िक्र किया और कहा कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) जैसे नए बिज़नेस से रिटर्न की विजिबिलिटी अभी भी लिमिटेड है।

ब्लूमबर्ग डेटा के मुताबिक, अभी 19 एनालिस्ट स्टॉक को कवर करते हैं। इनमें से 14 ने ‘buy’ रेटिंग दी है, 1 ने ‘hold’ करने की सलाह दी है, जबकि 4 ने ‘Sell’ करने की सलाह दी है।

वारी एनर्जीज़ के शेयर मंगलवार 14 जुलाई को सुबह 9.58 बजे 1.85% गिरकर ₹2,827.80 पर ट्रेड कर रहा है। पिछले एक महीने में इनमें लगभग 6% से ज्यादा की गिरावट आई है। जबकि 3 महीनों में यह 15 फीसदी से अधिक टूटा है।

Stock Market Live Update Today: सेंसेक्स 460 अंक टूटा, निफ्टी 24100 के नीचे, HCLTech 2% गिरा, Biocon में तेजी

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Share Market Crash: Banking Stocks का दबाव, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, इन 5 बड़ी वजहों से Nifty लाल

Share Market Crash: कच्चा तेल की उबाल ने मार्केट को तोड़ दिया। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के करीब पहुंचा तो एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। घरेलू मार्केट में भी सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो निफ्टी 24050 पर आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:50 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 478.60 प्वाइंट्स यानी 0.62% की फिसलन के साथ 77,137.80 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 138.70 प्वाइंट्स यानी 0.57% की गिरावट के साथ 24,072.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

मार्केट पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए सैन्य हमले और ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान ने दबाव बनाया हुआ है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बीच कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा था, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त थी।

बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी

महंगे तेल ने महंगाई बढ़ने की रफ्तार तेज होने की आशंका बढ़ाई तो अमेरिकी ट्रेडरी यील्ड उछल पड़ा। बेंचमार्क 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 बीपीएस बढ़कर 4.618% हो गई तो 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 बीपीएस बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के अमेरिकी ट्रेजरी पर यील्ड 6.5 बीपीएस बढ़कर 4.273% हो गई।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव बना। फिलहाल यह 3.52% के उछाल के साथ 13.75 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव

मार्केट पर आज बैंकिंग शेयरों ने दबाव बनाया हुआ है और इसमें रियल्टी सेक्टर भी साथ दे रहा है। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक की। दूसरी तरफ मेटल और फार्मा के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है तो निफ्टी आईटी में हल्की ही सही, लेकिन शुरुआती कारोबार में बिकवाली के माहौल में भी यह ग्रीन था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 सेकंड में ₹1 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर आया 24050 पर

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार गया तो एशियाई मार्केट झुलस गए और घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। इसकी आंच में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24050 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम ही गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। बिकवाली के इस दबाव में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:20 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 397.08 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 77,219.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.80 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 24,111.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.14 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 14 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,45,121.51 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,14,545.21 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 8 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 8 ही ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट एचसीएल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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48 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 2617 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 988 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1452 में बिकवाली का दबाव है तो 177 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 48 शेयर एक साल के हाई और 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 49 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 57 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन शेयरों पर रहेगी नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : कोई साफ दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को तोड़ना होगा 23800-24300 का दायरा, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

Trade setup for today : निफ्टी ने 24,000 के जोन पर सपोर्ट लेने के बाद तेजी से वापसी की और 13 जुलाई को हल्की बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। पिछले तीन सेशन में बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद,इंडेक्स पिछले बुधवार को बनी लॉन्ग रेड कैंडल,यानी 23,800-24,300 की रेंज में ही ट्रेड करता रहा। हालांकि,इसने 50-डे EMA के ऊपर बने रहते हुए 10, 20 और 100 डे EMA को फिर से हासिल कर लिया। बाजार जानकारों का कहना है कि कोई साफ और पक्की दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को 23,800-24,300 की रेंज से किसी भी तरफ बाहर निकलना होगा। अगर निफ्टी 24,300 के लेवल को फिर से हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है,तो 24,400-24,500 के जोन की तरफ बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,जानकारों का यह भी कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे गिरता है,तो इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,058, 23,997 और 23,897

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,256, 24,317 और 24,417

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने ऊपर और नीचे छोटी शैडो वाली एक लंबी ग्रीन कैंडल बनाई,जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है। इंडेक्स 10, 20 और 100 डे EMA के साथ-साथ जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर वापस आ गया। RSI बढ़कर 55.89 हो गया और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। RSI बढ़कर 55.89 हो गया है और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD भी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और ग्रीन हिस्टोग्राम बार बढ़ रहा है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,226, 58,398 और 58,676

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,670, 57,498 और 57,220

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,305, 56,441

बैंकिंग इंडेक्स में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद एक ग्रीन कैंडल बनी,जो निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती है। इंडेक्स वापस 10 डे EMA के ऊपर चढ़ गया और बाकी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जबकि शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। क्रॉसओवर के बाद, 50 डे EMA 100 और 200 डे EMA के ऊपर बना रहा,जो मजबूत अंदरूनी ताकत का संकेत है। RSI बढ़कर 58.96 हो गया, हालांकि यह रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। लगातार दूसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार छोटा हुआ,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। ये सभी बातें बैंक निफ्टी में बुलिश मोमेंटम के बेहतर होने का संकेत देती हैं,जिसमें मज़बूत अंडरलाइंग स्ट्रेंथ और लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिख रही है। हालांकि ज्यादा मजबूत कन्फर्मेशन के लिए अभी भी पॉज़िटिव MACD क्रॉसओवर का इंतजार है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

13 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार चौथे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,171 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 8.39% की बढ़त हुई और यह 13.28 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी आरामदायक दायरे में है,जिससे पता चलता है कि तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा जोखिम नहीं है। हालांकि,अगर यह 15 के स्तर से ऊपर बढ़ता है,तो बुल्स के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 जुलाई को बढ़कर 1.43 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.25 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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Tata Motors PV Share Price: टाटा की कंपनी पर मैक्वेरी बुलिश, टारगेट प्राइस बढ़ाया; जानिए कितनी तेजी आने की उम्मीद

Tata Motors PV Share Price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles के शेयरों को लेकर विदेशी ब्रोकरेज Macquarie ने पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज ने सोमवार को शेयर की रेटिंग ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ कर दी। साथ ही टारगेट प्राइस ₹367 से बढ़ाकर ₹381 कर दिया है। मौजूदा स्तर के मुकाबले इसमें करीब 13% तक की तेजी की संभावना जताई गई है।

क्यों बढ़ी उम्मीद?

Macquarie का मानना है कि टाटा मोटर्स के लिए आने वाला समय बेहतर रह सकता है। कंपनी के नए SUV मॉडल्स लॉन्च होने वाले हैं, जिससे पैसेंजर व्हीकल कारोबार को फायदा मिल सकता है।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि Jaguar Land Rover (JLR) का मार्जिन आने वाली तिमाहियों में धीरे-धीरे सुधर सकता है। इसके अलावा मौजूदा वैल्यूएशन भी आकर्षक है, जिससे शेयर में गिरावट का जोखिम सीमित दिखता है।

भारत के कारोबार से भी उम्मीद

Macquarie के मुताबिक, भारत में टाटा मोटर्स का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। नए मॉडल्स की वजह से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने और कमाई में सुधार आने की उम्मीद है।

जून तिमाही में बढ़ा प्रोडक्शन

हाल ही में SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में Punch और Nexon जैसे मॉडल्स का उत्पादन और घरेलू बिक्री बढ़ी है। इससे साफ है कि कंपनी की लोकप्रिय SUV की मांग बनी हुई है।

FY31 तक बड़े लक्ष्य

हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की AGM में कहा था कि FY31 तक 6 नई कारें और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट अपग्रेड लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ी बेचना है। इसके साथ ही 20% मार्केट शेयर और डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

Tata Motors Passenger Vehicles को कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 13 ने Buy की रेटिंग दी है। वहीं 10 ने Hold और 9 ने Sell की रेटिंग दी है।

टाटा मोटर्स का शेयर सोमवार को 1.64% बढ़कर 343.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, 1 साल में स्टॉक 15.87% गिरा है।

TCS Share Price: टाटा की कंपनी के शेयर 6% उछले, ABB के साथ हुई बड़ी AI डील

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Market Insight: इसी हफ्ते निफ्टी छू सकता है 24500 का लेवल, शानदार रिटर्न के लिए बेहतरीन टेक्निकल सेटअप वाले इन शेयरों पर लगाएं दांव

Market Insight: सोमवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिल रही है। IT शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की है। दोपहर 2:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 99.38 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 77,668.77 पर और निफ्टी 17.15 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 24,224.05 पर पहुंच गया। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव दिख रहा है। 2,034 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि 1,953 शेयरों में गिरावट दिख रही है। IT शेयरों ने इस तेजी को लीड किया है। मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि इंडिया VIX दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आने के बावजूद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।

ऐसे में बाजार की आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि पिछले सोमवार को उन्होंने सतर्क रहने के साथ 24,500 के आसपास प्रॉफिट बुकिंग की राय दी थी। उसके बाद ट्रंप के बयान बाद पिछले हफ्ते शार्प करेक्शन देखने को मिला। लेकिन एक वोलेटाइल वीक होने के बावजूद निफ्टी ने 24131 के 200 DMA पर सपोर्ट लिया। निफ्टी की पिछले हफ्ते की क्लोजिंग भी रिलेटिवली अच्छी रही। अब इस वीक की बात करें तो निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर है मार्केट का सेंटीमेंट बाय ऑन डिप का रहेगा। लॉन्ग पोजीशंस के लिए यहां से 23,950 का स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। अगर इंट्राडे में 24,000 के आसपास कोई भी डिप आती है तो खरीदारी करने की राय रहेगी। निफ्टी के लिए 24,500 पर एक रेजिस्टेंस है। इसको निकालना थोड़ा सा मुश्किल जरूर रहेगा। कल की एक्सपायरी में काफी डाटा भी चेंज होता हुआ दिखेगा। निफ्टी में क्लियरली बाय ऑन डिप का ट्रेंड है।

दूसरी सबसे इंटरेस्टिंग बात यह हो रही है कि बैंक निफ्टी ने लास्ट वीक थोड़ा विराम लिया। बैंक निफ्टी में तीन-चार वीक की आउटपरफॉर्मस थी और उसके बाद यह लास्ट वीक में कंसोलिडेट करता हुआ दिखा। लेकिन इस कंसोलिडेशन में पीएसयू बैंक्स का डेटा बहुत ही बेहतरीन निकल कर आया। अगर आप फ्यूचर्स का डेटा देखें तो कनरा बैंक का ओपन इंटरेस्ट तीन साल के हाईएस्ट लेवल पर है। आप अगर ओवरऑल पीएसयू बैंक्स को देखें तो बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के रिजल्ट्स बढ़िया रहे। इन स्टॉक्स ने काफी बेहतरीन मूव दिए। काफी सारे स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट बढ़ा है। यह 1 साल और 3 साल के हाई पर है।

ऐसा लगता है कि हालिया करेक्शन के बाद पीएसयू बैंक्स में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए पोजीशनल बेसिस पर यूनियन बैंक का सेटअप बहुत प्रॉमिसिंग लगता है। यूनियन बैंक में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें 162 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा। अगले 5-10 दिनों में यह शेयर 180 रुपए तक के टारगेट्स हासिल कर सकता है। पीएसयू बैंक्स में यूनियन बैंक सबसे बेहतरीन पिक है।

इसके अलावा डेली चार्ट्स पर यूटीआई एएमसी में भी एक बहुत ही बेहतरीन राउंडिंग बॉटम देखने को मिला है। डिलीवरी बेसिस पर एक महीने के व्यू के हिसाब से यूटीआई एएमसी में 1086 रुपए के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसका पहला लक्ष्य 1100 रुपए का होगा। इस स्टॉक में तकरीबन 1 महीने में 20% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

आईटी शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि आईटी सेक्टर में हमें बाउंस बैक देखने को मिल रहा है। पिछले वीक भी इस सेक्टर में काफी बेहतरीन बाउंस बैक देखने को मिला था। फ्राइडे को TCS के रिजल्ट्स आ जाने के बाद आईटी शेयरों में जोश भर गया। अब Tech Mahindra का सेटअप काफी अच्छा दिख रहा। स्टॉक अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। खरीदारी के लिए इसका रिस्क रिवॉर्ड फेवरेबल है। इस स्टॉक में 1540-1550 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। Tech Mahindra में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग्स के लिए 1430 रुपए का स्टॉप लॉस रखे।

इसके अलावा पीएसयू बैंक स्पेस से ही केनरा बैंक का शेयर भी अच्छा लग रहा है। इसका ओपन इंटरेस्ट 3 साल के हाईएस्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इस शेयर में 125 रुपए के स्टॉप लॉस की साथ खरीदारी करने की सलाह हो। अगले 5-10 दिनों में इस शेयर में 140 रुपए तक के टारगेट्स मिल सकते हैं।

राहुल शर्मा को भी एम्बर एंटरप्राइजेज का सेटअप भी काफी अच्छा दिख रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इस शेयर में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। 8200 रुपए के टारगेट्स के लिए इस शेयर को खरीदा जा सकता है। लॉन्ग पोजीशंस के लिए 7800 रुपए का स्टॉप लॉस रखें। इस स्टॉक का टेक्निकल सेटअप काफी बेहतरीन दिख रहा है। यहां पर मोमेंटम कैच अप होता हुआ दिखेगा।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

L&T Finance Share Price: Q1 में मुनाफा बढ़ने से शेयर 3% चढ़ा, अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

L&T Finance Share Price:  L&T फाइनेंस लिमिटेड के शेयर सोमवार, 13 जुलाई को 3.8% तक बढ़ गए। यह तब हुआ जब लेंडर ने जून तिमाही के लिए अपना अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बताया। इसमें मजबूत रिटेल लोन ग्रोथ, अच्छे डिस्बर्समेंट और एसेट क्वालिटी में सुधार की मदद मिली, जिससे नोमुरा को अपनी कमाई का अनुमान बढ़ाना पड़ा।

L&T के शेयर आज NSE पर ₹321.25 पर खुले, जो शुक्रवार को पिछले बंद के बराबर है। 13 जुलाई को स्टॉक ने ₹333.50 प्रति शेयर का इंट्राडे हाई छुआ।

कैसे रहे Q1 नतीजे

L&T फाइनेंस ने 30 जून, 2026 (Q1 FY27) को खत्म हुई तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल (YoY) 28.7% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो पिछले साल इसी समय में ₹701.10 करोड़ था। तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से कुल रेवेन्यू YoY 22.4% बढ़कर ₹5,212.92 करोड़ हो गया, जबकि टैक्स से पहले प्रॉफ़िट (PBT) 31.1% बढ़कर ₹943.22 करोड़ हो गया।

इसकी कंसोलिडेटेड लोन बुक सालाना आधार पर 27% बढ़कर 30 जून, 2026 तक ₹1,29,634 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹1,02,314 करोड़ थी। रिटेल लोन बुक ₹99,816 करोड़ से 28% बढ़कर ₹1,27,535 करोड़ हो गई, जो ग्रामीण और शहरी बाज़ारों में ग्रोथ और हाई-यील्ड लोन प्रोडक्ट्स पर लगातार फोकस की वजह से हुई।

L&T फाइनेंस ने तिमाही के दौरान एसेट क्वालिटी में सुधार की भी रिपोर्ट दी। ग्रॉस स्टेज 3 (GS3) एसेट्स 30 जून, 2026 तक घटकर 2.86% हो गए, जो एक साल पहले 3.31% थे, जबकि नेट स्टेज 3 (NS3) एसेट्स 0.99% से सुधरकर 0.90% हो गए, जो कंपनी के लोन पोर्टफोलियो और ओवरऑल एसेट क्वालिटी में लगातार मज़बूती दिखाता है।

LTF के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, सुदीप्ता रॉय ने कहा, “Q1FY27 एक और तिमाही थी जहाँ हम जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं, महंगाई के दबाव और बढ़ी हुई उधारी लागतों वाले बदलते मैक्रोइकोनॉमिक माहौल के बीच डिसिप्लिन्ड एग्ज़िक्यूशन पर फोकस करते रहे। इन बाहरी फैक्टर्स के बावजूद, हमारी डायवर्सिफाइड रिटेल फ्रैंचाइज़ी ने लगातार मज़बूती दिखाई, जिससे हमारे लक्ष्य 31 स्ट्रेटेजिक प्लान के लक्ष्यों के मुताबिक मज़बूत बिज़नेस मोमेंटम और हेल्दी बुक ग्रोथ मिली।”

खरीदें, बेचें या रहे बने, जानें एक्सपर्ट की राय

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने L&T फाइनेंस स्टॉक के लिए अपनी ‘ऐड’ रेटिंग बनाए रखी है, जिसका टारगेट प्राइस ₹305 है, और कहा है कि कंपनी ने उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत नॉन-इंटरेस्ट इनकम की रिपोर्ट दी है, जिससे PPOP (35% YoY/10% QoQ) में 4% की बढ़त हुई है, जबकि रिपोर्टेड NIM+फीस 10.47% (फ्लैट QoQ) पर स्टेबल है, जो मैनेजमेंट गाइडेंस 10–10.5% के मुताबिक है।

उसने कहा, “रिटेल स्टेज-2/-3 में 13bps/5bps QoQ की गिरावट, क्रेडिट कॉस्ट में नरमी के साथ 2.55% (-6bps QoQ) और स्टेज-3 ECL कवरेज में 200bps की बढ़ोतरी के साथ एसेट क्वालिटी में सुधार जारी रहा।”

इस बीच, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि LTF की 1QFY27 की कमाई मोटे तौर पर सही रही, जिसे मजबूत डिस्बर्समेंट से सपोर्ट मिला, जिससे रिटेल लोन ग्रोथ अच्छी हुई। एसेट क्वालिटी मोटे तौर पर स्थिर रही, जिससे क्रेडिट कॉस्ट में क्रमिक रूप से कमी आई। अनिश्चित जियोपॉलिटिकल माहौल और तिमाही के दौरान ऊंचे बॉन्ड यील्ड के बावजूद, CoF और NIMs + फीस काफी हद तक स्थिर रहे।

नोमुरा

नोमुरा ने ₹370 के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी, और कहा कि पहली तिमाही का प्रॉफिट उसके अनुमान से 8% ज़्यादा रहा। टारगेट प्राइस का मतलब है कि स्टॉक के मौजूदा ट्रेडिंग लेवल में 13% की बढ़त हुई है।

ब्रोकरेज ने कहा कि एसेट क्वालिटी के ट्रेंड अच्छे थे, खासकर टू-व्हीलर फाइनेंसिंग बिज़नेस में, जहां AI वाले अंडरराइटिंग इंजन ने परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में मदद की है। इसने FY27-FY29 के कमाई के अनुमानों में 2-10% की बढ़ोतरी की, जबकि मानसून और प्रस्तावित इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सुधारों को मुख्य रिस्क बताया।

जेपी मॉर्गन

जेपी मॉर्गन ने ₹320 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनाए रखी, और कहा कि प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट उसके अनुमान से लगभग 4% ज़्यादा थे। स्टॉक अभी जेपी मॉर्गन के टारगेट लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा है।ब्रोकरेज ने कहा कि उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत फीस इनकम और कम ऑपरेटिंग खर्च ने थोड़े कमज़ोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन की भरपाई कर दी, जिसका श्रेय उसने जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच कंपनी के ज़्यादा लिक्विडिटी बफर बनाए रखने को दिया।

जेपी मॉर्गन ने यह भी बताया कि ग्रॉस स्टेज-2 और स्टेज-3 एसेट्स में एक के बाद एक सुधार हुआ है, हालांकि उसे उम्मीद है कि इन्वेस्टर्स मानसून सीज़न में एसेट क्वालिटी ट्रेंड्स पर करीब से नज़र रखेंगे। ब्रोकरेज ने आगे कहा कि स्टॉक की हालिया रैली, जिसमें पिछले महीने 23% का फ़ायदा हुआ, ने वैल्यूएशन बढ़ा दिया है और आगे री-रेटिंग को रोक सकता है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sensex में इंट्रा-डे के निचले स्तर से 900 प्वाइंट्स की रिकवरी, 4 वजहों से Nifty फिर 24250 के पार

Share Market Sharp Recovery: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमले शुरू होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने शुरुआती कारोबार में आज मार्केट में हाहाकार मचा दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो निफ्टी 24000 के लेवल तक आ गया था। हालांकि फिर मार्केट ने जोरदार वापसी की और निचले स्तर से सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक रिकवर हुआ और निफ्टी भी उछलकर 24250 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और आधे फीसदी से अधिक गिरावट से उबरते हुए निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट हो गए।

फिलहाल 12:55 PM पर सेंसेक्स 141.17 प्वाइंट्स यानी 0.18% की बढ़त के साथ 77.710.56 और निफ्टी 23.80 प्वाइंट्स यानी 0.10% के उछाल के साथ 24,230.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक आया था जिससे यह 931.86 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,789.29 तक पहुंच गया तो निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आया था जिससे 259.60 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,259.80 तक पहुंच गया।

Share Market Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू की तो मार्केट मे तेजी से रिकवरी की। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिमी एशिया में चल रहा संकट न्यू नॉर्मल बन चुका है लेकिन ऑयस मार्केट में जैसी स्थिति मार्च में थी, वैसा हाहाकार अभी नहीं है। वीके विजयकुमार का मानना है कि जब तक एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 के नीचे है, मार्केट पर अधिक असर पड़ने की आशंका नहीं है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹2,603.72 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इस महीने 10 जुलाई तक विदेशी निवेशकों ने सेकंडरी मार्केट में ₹5,155 करोड़ की नेट खरीदारी की। प्राइमरी मार्केट और अन्य में ₹10,001 करोड़ की खरीदारी को मिलाकर जुलाई में इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट में ₹15,156 करोड़ का निवेश किया। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी मार्केट के लिए पॉजिटिव है। उनका कहना है कि भारत के बेहतर होते मैक्रो-इकनॉमिक हालात और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के मूड को बदला है चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में विदेशी निवेशकों की भी भारत में उनका निवेश बढ़ा है।

आईटी स्टॉक्स में रौनक

शुरुआती कारोबार में जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था तो भी आईटी सेक्टर में शानदार रौनक थी। टीसीएस के उम्मीद से बेहतर कारोबारी नतीजे ने आईटी सेक्टर में रौनक बिखेर दी। निफ्टी आईटी आधे फीसदी से अधिक उछल पड़ा और इसके 10 में से 8 स्टॉक्स मजबूत हुए हैं। देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टीसीएस के शेयर करीब 3% उछल पड़े।

अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल

निफ्टी ने 24000 के लेवल पर जाने के बाद वहां से फटाक से वापसी की। निफ्टी के लिए यह अहम टेक्निकल सपोर्ट जोन है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक निफ्टी के लिए 24000 तात्कालिक सपोर्ट लेवल है जो अगर टूटा तो यह 23,800 तक फिसल हो सकता है।

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5 सेकंड में ₹1.8 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 700 अंकों की गिरावट, Nifty धड़ाम

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के ऐलान पर कच्चा तेल उबल पड़ा। इससे वैश्विक स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, मेटल, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर में तबाही मची हुई है जिसमें निफ्टी प्राइवेट बैंक में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी के निफ्टी इंडेक्स 1% या इससे अधिक कमजोर हुए हैं। निफ्टी आईटी में हल्की बढ़त है। बिकवाली के इस चौतरफा माहौल में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:16 पर सेंसेक्स (Sensex) 670.36 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 76,899.03 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 196.50 प्वाइंट्स यानी 0.81% की गिरावट के साथ 24,010.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक और निफ्टी 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.83 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 10 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,30,322.70 करोड़ था। आज यानी 13 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,47,242.67 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,83,080.031 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 6 ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी टीसीएस, एचसीएलटेक और इंफोसिस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंडिगो, टाटा स्टील और मारुति में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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65 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 3113 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1104 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1769 में बिकवाली का दबाव है तो 240 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 65 शेयर एक साल के हाई और 24 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 75 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 77 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इंट्रा-डे में आज इन शेयरों पर फोकस

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