तीन कंपनियों के IPO को Sebi की मंजूरी मिली, Torrent Gas ने चुना कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का रास्ता

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने तीन कंपनियों को IPO लाने के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। इसमें Sathya Agencies, Kanohar Electricals और Torrent Gas शामिल हैं। सेबी का ऑब्जर्वेशन मिलना IPO प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव माना जाता है। इसके बाद कंपनियां आगे की प्रक्रिया पूरी कर IPO लॉन्च कर सकती हैं।

Torrent Gas ने चुना अलग रास्ता

Torrent Group की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी Torrent Gas ने मार्च 2026 में Sebi के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। कंपनी ने इस बार कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग (Pre-filing Route) का विकल्प चुना। Sebi ने 25 जून 2026 को इसके ड्राफ्ट पेपर्स पर अपना ऑब्जर्वेशन जारी किया।

इस रूट की खास बात यह है कि कंपनी को IPO का साइज और दूसरी अहम जानकारियां शुरुआत में सार्वजनिक नहीं करनी पड़तीं। इससे कंपनी को बाजार की स्थिति के हिसाब से अपनी रणनीति तय करने में ज्यादा लचीलापन मिलता है।

Torrent Gas फिलहाल 526 CNG स्टेशन चला रही है। इसके अलावा कंपनी 34 जिलों में 2 लाख से ज्यादा घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचा चुकी है।

Kanohar Electricals के IPO में क्या होगा?

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली Kanohar Electricals ने 27 जनवरी 2026 को IPO के लिए आवेदन किया था। Sebi ने 22 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया।

कंपनी का IPO दो हिस्सों में होगा। पहला ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और दूसरा प्रमोटर K Sons Family Trust की ओर से 1.45 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS)।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कंपनी कारोबार बढ़ाने में करेगी। इसमें नई मशीनें खरीदना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना, ऑटोमेशन, सोलर पावर प्लांट लगाना और इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदना शामिल है। इसके अलावा कुछ रकम वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल होगी।

Sathya Agencies जुटाएगी ₹600 करोड़

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन Sathya Agencies ने 30 मार्च 2026 को Sebi के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। Sebi ने 25 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया। कंपनी IPO के जरिए ₹600 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹300 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।

OFS के तहत प्रमोटर Johnson Asaria, J John Sathya और Charles Packiaraj अपने-अपने ₹100 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कामों में करेगी। सबसे पहले कुछ कर्ज चुकाए जाएंगे। सहायक कंपनी Unilet Appliances Private Ltd. के अधिग्रहण के लिए आंशिक भुगतान किया जाएगा। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में होगा।

क्या होती है Confidential IPO Filing?

जब कोई कंपनी IPO लाने की तैयारी करती है, तो उसे Sebi के पास Draft Red Herring Prospectus (DRHP) जमा करना होता है। आमतौर पर यह दस्तावेज सार्वजनिक कर दिया जाता है। इसमें कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, जोखिम, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की योजनाओं जैसी कई अहम जानकारियां होती हैं।

लेकिन कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग में यह DRHP सार्वजनिक नहीं किया जाता। Sebi पहले इसकी समीक्षा करता है और अपने सुझाव देता है। इसके बाद जब कंपनी IPO लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है, तब Red Herring Prospectus (RHP) सार्वजनिक किया जाता है।

कंपनियां इस रास्ते को क्यों पसंद कर रही हैं?

Confidential Filing का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी की कारोबारी रणनीति और संवेदनशील जानकारी शुरुआती दौर में प्रतिस्पर्धियों तक नहीं पहुंचती।

अगर किसी वजह से कंपनी बाद में IPO नहीं लाती है, तो उसकी साख पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता। इसके अलावा, कंपनी को Sebi की आपत्तियों और सुझावों का जवाब देने और जरूरी बदलाव करने का समय मिल जाता है। जब सारी तैयारियां पूरी हो जाती हैं, तब ही IPO से जुड़ी पूरी जानकारी निवेशकों के सामने रखी जाती है।

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Jupiter Wagons Share: रेल कंपनी को मिले ₹264 करोड़ के ऑर्डर, शेयरों पर रहेगी नजर

Jupiter Wagons Share: रेल फ्रेट वैगन बनाने वाली कंपनी Jupiter Wagons Ltd को ₹264.32 करोड़ के दो बड़े ऑर्डर मिले हैं। इनमें एक ऑर्डर JSW (South) Rail Logistics से और दूसरा Central Warehousing Corporation (CWC) से मिला है। इन नए ऑर्डर्स से कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती मिलेगी और आने वाले महीनों में रेवेन्यू की बेहतर विजिबिलिटी रहेगी।

JSW से मिला ₹122.88 करोड़ का ऑर्डर

जुपिटर वैगंस ने बताया कि JSW (South) Rail Logistics के साथ ₹122.88 करोड़ का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) साइन किया गया है। इसके तहत कंपनी पांच BFNSM1 रेक और BVCM वैगन तैयार कर सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर सात महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी JSW को दो BFNV वैगन भी सप्लाई करेगी।

CWC ने दिया ₹141.44 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट

सरकारी कंपनी Central Warehousing Corporation (CWC) ने जुपिटर वैगंस को ₹141.44 करोड़ का ऑर्डर दिया है। इसके तहत कंपनी आठ BLSS रेक तैयार करेगी। इनमें 32 BLSS-A वैगन, 352 BLSS-B वैगन और आठ ब्रेक वैन शामिल होंगे। इस ऑर्डर को एक साल के भीतर पूरा करना है।

रेल लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ रही मांग

BLSS वैगन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंटेनर ट्रांसपोर्ट में होता है। ये बंदरगाहों, वेयरहाउस और औद्योगिक केंद्रों के बीच मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

जुपिटर वैगंस के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक लोहिया ने कहा कि ये ऑर्डर कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और समय पर डिलीवरी पर ग्राहकों के भरोसे को दिखाते हैं। उनका कहना है कि रेल लॉजिस्टिक्स और फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश से आगे भी ऐसे ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना है।

जुपिटर वैगंस के शेयरों का हाल

जुपिटर वैगंस  का शेयर गुरुवार को 1.68% गिरकर ₹263.10 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.20% टूटा है। वहीं, 1 साल में इसने 31% से ज्यादा का नेगेटिव रिटर्न दिया है। हालांकि, बीते 5 साल में इसने 395.95% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.77 हजार करोड़ रुपये है।

Stock Market Holiday: लगातार तीन दिन शेयर बाजारों में नहीं होगा कारोबार, BSE और NSE में रहेगी छुट्टी

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Stock Market Holiday: लगातार तीन दिन शेयर बाजारों में नहीं होगा कारोबार, BSE और NSE में रहेगी छुट्टी

Stock Market Holiday: आज इस हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन था। इस हफ्ते पांच की जगह शेयर बाजार में सिर्फ चार दिन ही कारोबार हुए। यह हफ्ता शेयर बाजारों में कारोबार के लिहाज से छोटा है। इसकी वजह यह है कि 26 जून को शेयर बाजारों में कारोबार नहीं होगा। मुहर्रम के उपलक्ष्य में बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। दोबारा बाजार 29 जून यानी सोमवार को खुलेंगे।

BSE-NSE में मुहर्रम की छुट्टी

बीएसई और एनएसई के हॉलिडे कैलेंडर में मुहर्रम की छुट्टी है। हालांकि, जुलाई में शेयर बाजारों में कोई छुट्टी नहीं होगी। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शेयर बाजारों में छुट्टी रहती है। बीएसई, एनएसई और एमसीएक्स बंद रहते हैं। लेकिन, इस बार 15 अगस्त शनिवार को पड़ रहा है। शनिवार को एक्सचेंजों में छुट्टी रहती है।

29 जून को दोबारा खुलेंगे बाजार

हर हफ्ते शेयर और कमोडिटी एक्सचोंजों में पांच दिन ही ट्रेडिंग होती है। शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। इस बार शुक्रवार को अवकाश है। इस वजह से बीएसई और एनएसई लगातार तीन दिनों तक बंद रहेंगे। जो इनवेस्टर्स शेयर खरीदना या बेचना चाहते हैं उन्हें 29 जून यानी सोमवार तक इंतजार करना होगा।

14 सितंबर को गणेश चतुर्थी को भी रहेगी छुट्टी

मुहर्रम के बाद शेयर बाजार में अगली छुट्टी गणेश चतुर्थी को होगी। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। उस दिन बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। उसके बात महात्मा गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्तूबर को बाजार बंद रहेंगे। फिर 20 अक्तूबर को दशहरा की छुट्टी शेयर बाजारों में होगी।

एमसीएक्स में 26 जून को सुबह के सत्र में नहीं होगा कोराबार

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में भी मुहर्रम की छुट्टी होगी। यह छुट्टी 26 जून को सिर्फ सुबह के सत्र में होगी। इसका मतलब है कि सुबह के सत्र का कारोबार एमसीएक्स में 26 जून को नहीं होगा। लेकिन, 26 जून को शाम के सत्र का कारोबार होगा।

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देश के ज्यादातर हिस्सों में बैंक और सरकारी ऑफिसेज में भी छुट्टी

देश के ज्यादातर हिस्सों में केंद्र सरकार के ऑफिसेज और बैंक भी 26 जून को बंद रहेंगे। हालांकि, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, देहरादून, गंगटोक, गुवाहाटी, इंफाल, ईटानगर, जयपुर, कोहिमा, शिमला, शिलंग और तिरुवंतपुरम में बैंक खुले रहेंगे। 27 जून को भी बैंक बंद रहेंगे। इसकी वजह यह है कि 27 जून को महीने का चौथा शनिवार है। हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी होती है। केंद्र सरकार के ऑफिसेज में भी हर हफ्ते शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 25 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने दिन के दौरान हुई ज्यादातर बढ़त गंवा दी और मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,050 के आसपास रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 109.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर और निफ्टी 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,056.00 पर सेयल हुआ। लगभग 1544 शेयरों में बढ़त हुई,2488 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन,M&M,मैक्स हेल्थकेयर,मारुति सुजुकी और टाटा कंज्यूमर शामिल रहे। जबकि ONGC,पावर ग्रिड कॉर्प,हिंडाल्को और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक महिंद्रा में गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स मिले-जुले रहे। FMCG में 0.7%,रियल्टी में 0.3% और ऑटो इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त हुई। जबकि IT,एनर्जी,मीडिया,मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.5-1% नीचे रहे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि दिन के शुरुआती कारोबार में हुई बढ़त के बाद प्रॉफिट बुकिंग की वजह से घरेलू बाजार बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से रुपये को सहारा मिला और कुछ राहत भी मिली,लेकिन यह बढ़त की रफ़्तार बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसकी वजह रही मेटल की कीमतों में नरमी,सप्लाई चेन की दिक्कतों में कमी और महीने के दौरान रिटेल डिमांड में सुधार।

कुल मिलाकर बाजार का मूड पॉजिटिव रहा। हालांकि,FII की लगातार बिकवाली से तेजी सीमित हो सकती है। आने वाले समय में,Q1 के नतीजों को लेकर कमजोर उम्मीदों और मॉनसून की असमान स्थिति का असर बाजार के मूड पर पड़ सकता है,इसलिए इन पर नजर रखनी होगी।

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, HNI ​एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज का ट्रेडिंग सेशन थोड़ा पॉजिटिव रहा। दिन भर उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहने के बावजूद बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बने रहना लगातार खरीदारी की रुचि को दिखाता है। मार्केट में नए ट्रिगर्स आने से पहले निवेशक सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।

निफ्टी 30 अंक यानी 0.12%) बढ़कर 24,050 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स 24,000 के अहम लेवल के ऊपर बना हुआ है,जो बताता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 24,000–23,950 के आसपास है और इसके बाद 23,850 के आसपास मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,100–24,150 और उसके बाद 24,250 पर दिख रहा है। लगातार इन लेवल के ऊपर बने रहने से और बढ़त का रास्ता खुल सकता है।

BSE सेंसेक्स 105 अंक यानी 0.14% बढ़कर 77,100 पर बंद हुआ। इंडेक्स सीमित दायरे में ट्रेड करता रहा लेकिन पॉजिटिव जोनन में बंद होने में कामयाब रहा,जो निचले लेवल पर लगातार खरीदारी का सपोर्ट दिखाता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,900–76,700 के आसपास है। जबकि रेजिस्टेंस 77,300–77,500 के पास दिख रहा है। इस जोन के ऊपर ब्रेकआउट से बुलिश मोमेंटम और मजबूत हो सकता है।

कुल मिलाकर मार्केट पॉजिटिव रुख के साथ कंसोलिडेट होता रहा,जिससे पता चलता है कि सेशन के दौरान सीमित बढ़त के बावजूद खरीदारों का दबदबा बना हुआ है। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बने हुए हैं,तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना रहेगा। ट्रेडर्स अच्छे रिस्क मैनेजमेंट के साथ गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं, क्योंकि मुख्य ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आना ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की कहानी में एक बड़ा बदलाव है। यह बदलाव मांग में कमी के कारण नहीं,बल्कि जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने की वजह से आया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। इससे सप्लाई में आई वह रुकावट दूर हो रही है।

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े क्रूड आयातक देश भारत के लिए यह निश्चित रूप से अच्छी खबर है। तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की गिरावट से भारत का सालाना आयात बिल लगभग 12 से 15 अरब डॉलर कम हो जाता है। इससे करंट अकाउंट पर दबाव कम होता है और भारतीय रिजर्व बैंक को विकास को बढ़ावा देने के लिए उधार की लागत (ब्याज दरों) को अनुकूल बनाए रखने की अधिक गुंजाइश मिलती है।

घरेलू बाजारों ने इस पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है। 25 जून को सेंसेक्स 77,000 के स्तर को पार कर गया और निफ्टी 24,100 के आसपास मज़बूत बना रहा। इसमें ऑटो,एविएशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के शेयरों ने बढ़त में अहम भूमिका निभाई। भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए निकट भविष्य का आउटलुक अच्छा दिख रहा है,बशर्ते क्रूड की कीमतें 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में स्थिर रहें और मॉनसून उम्मीद के मुताबिक अच्छा रहे।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिज़नेस हेड,अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में लंबी छुट्टी से पहले,निवेशकों ने कारोबारी सत्र के अंतिम हिस्से में मुनाफावसूली की,जिससे बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि मुहर्रम के कारण शुक्रवार को बाजार बंद रहेंगे,इसलिए निवेशकों ने अपनी इक्विटी होल्डिंग कम कर दी। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमी पर अभी भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं,ऐसे में निवेशकों के लिए चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च अमोल अठावले ने कहा कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। काफी उतार-चढ़ाव के बाद,निफ्टी 0.18 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स में 297 अंकों की बढ़त हुई। सेक्टरों की बात करें तो फार्मा इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जबकि मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट हुई और यह 4.40 प्रतिशत नीचे आया। हफ्ते के दौरान,तेज गिरावट के बाद मार्केट को 50 डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)के पास सपोर्ट मिला और इसमें तेजी से सुधार हुआ। हालांकि,एक बार फिर इसे 24,200/77,800 के रेजिस्टेंस जोन के पास प्रॉफिट बुकिंग का सामना करना पड़ा।

टेक्निकल तौर पर मार्केट ने एक रेंज-बाउंड पैटर्न बनाया है। नीचे की तरफ,इसे 50 डे SMA या 23,800/76,200 के पास सपोर्ट मिला है,जबकि 24,200-24,250/77,800-78,000 के रेजिस्टेंस लेवल के पास लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए, 24,000/77,000 एक इमीडिएट सपोर्ट जोनन का काम करेगा। इस लेवल के ऊपर,मार्केट 24,200/77,800 को फिर से टेस्ट कर सकता है। 24,200/77,800 के लेवल को सफलतापूर्वक पार करने पर मार्केट 24,400-24,500/78,400-78,700 की ओर बढ़ सकता है।

दूसरी ओर 24,000/77,000 के नीचे जाने पर मार्केट 23,800/76,200 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और इंडेक्स 23,650/75,700 तक जा सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए,सपोर्ट जोन 57,800 और 57,500 पर हैं। इन लेवल के ऊपर,तेजी 58,700-59,000 की ओर जारी रह सकती है। इसके उलट, 57,500 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजोर हो सकता है।

 

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डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy: अब अगली तेजी 24250 के ऊपर निकलने पर आएगी, जब तक निफ्टी 24100 के ऊपर है ट्रेंड रहेगा मजबूत

Trading Strategy: लार्जकैप के दम पर आज मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि मार्केट ब्रेथ कमजोर है। नरम क्रूड और रुपये की मजबूती से सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। निफ्टी 170 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के ऊपर दिख रहा है। बैंक निफ्टी भी 58500 के पार कारोबार कर रहा है। मिडकैप में भी रौनक है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% फिसलकर 13 के नीचे आ गया है। कच्चे तेल में गिरावट और ब्याज दरें ना बढ़ने की उम्मीद में ऑटो शेयरों में फर्राटा रफ्तार आई है। मारुति करीब 5% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही M&M,मदरसन और TVS मोटर भी 4% दौड़े हैं।

रियल्टी,NBFCs और FMCG में भी अच्छी तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़े हैं। रियल्टी में प्रेस्टीज,गोदरेज प्रॉपर्टीज और लोढ़ा 2 फीसदी चढ़े हैं। लेकिन मजबूत डॉलर इंडेक्स से मेटल शेयरों में लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

बाजार: लार्ज कैप में रैली

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज फिर बाजार में चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में रैली हुई है। निफ्टी चला है लेकिन ब्रेथ खराब है। हालांकि 1-2 दिन की चाल को ट्रेंड नहीं समझ सकते। लेकिन ऐसा चलता रहा तो रिस्क का रास्ता खुलेगा। खैर,अगले हफ्ते उसका भी जवाब मिल जाएगा। फिलहाल आज का दिन निफ्टी के लिए बढ़िया रहा। 24,250 की रजिस्टेंस पार करने बाद रुका। ऑटो शेयरों के लिए आज शानदार दिन है। तकरीबन हर ऑटो एंसिलरी शेयर में रैली है। इंटरग्लोब फिर से आज रफ्तार का घोड़ा बना। सिर्फ मेटल में आज गिरावट आई। मेटल शेयरों की गिरावट के लिए सुबह ही तैयार किया था।

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बाजार: अब क्या?

अब अगली तेजी 24,250 के ऊपर निकलने पर आएगी। 24,100 के ऊपर जब तक हैं,ट्रेंड मजबूत है। अगर 24,200 के ऊपर क्लोजिंग हो जाए तो शानदार रहेगा। बैंक निफ्टी में 58,500 का पहला टारगेट हासिल हुआ। 59,000 और 59,500 के टापगेट अभी बाकी हैं। ऑरेकल ने फिर से आवाज के दर्शकों को मोटी कमाई कराई है। इंटरग्लोब में भी 4000 से 5400 की एकतरफा रैली रही।

निफ्टी -बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,050-24,100 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,200-58,400 पर सपोर्ट और 58,800-59,000 पर रेजिस्टेंस है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy : यहां से वापस ‘Buy On Dips’ का ट्रेड पकड़ें, चुनिंदा शेयरों में अभी भी शानदार मौके

Trading Strategy : बैंकिंग और IT शेयरों के दम पर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। निफ्टी करीब 250 प्वाइंट उछलकर 24050 के पार निकल गया है। ICICI BANK, HDFC BANK, RIL और SBI ने बाजार में जोश भरा है। बैंक निफ्टी में भी 900 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया है। मिडकैप भी हरे निशान में आ गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% से ज्यादा फिसला है। IT और रियल्टी में जोरदार तेजी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब दो फीसदी चढ़े हैं। टेक महिंद्रा 4% उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। साथ ही TCS,परसिस्टेंट और कोफोर्ज में भी रौनक है। वहीं NBFCs में भी 1.5 फीसदी से ज्यादा की तेजी है। लेकिन डिफेंस और कैपिटल गुड्स इंडेक्स में आज मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

बाजार: शानदार बाउंसबैक

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में कल की गिरावट के बाद शानदार रिकवरी आई है। बैंक निफ्टी में तो आज की बढ़त कल की गिरावट से ज्यादा दिख रही है। निफ्टी ने भी कल की लगभग पूरी गिरावट रिकवर कर ली है। आज निफ्टी IT और निफ्टी बैंक दोनों से सपोर्ट मिला है। सुबह यही नजरिया था कि एक दिन से ट्रेंड नहीं बदलता। सुबह बाजार ने एक गिरावट दी और फिर नहीं रुका। अब आज की क्लोजिंग सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। बैंक निफ्टी में अब वापस बड़ा वाला मूव शुरू हुआ है।

बाजार: अब क्या?

बाजार में बड़ा ट्रेंड नहीं बदला है। कल की गिरावट में भी यही बात हुई थी। अब लग रहा है कल की गिरावट जरुरत से ज्यादा थी। अब बाजार ने फिर से लॉन्ग ट्रेड्स को रिवॉर्ड किया है। 23,800-23,850 अब किसी भी लॉन्ग के लिए SL है। यहां से वापस ‘Buy On Dips’ का ट्रेड पकड़ें। चुनिंदा शेयरों में अभी भी शानदार मौके हैं। अच्छी खबरों पर बाजार शानदार रिस्पॉन्स दे रहा है। कल सुबह हमने 8:30 बजे JSW इंफ्रा पर पॉजिटिव नजरिया लिया था। लॉजिक के साथ बताया था कि JSW इंफ्रा 10-20% रैली के लिए तैयार है और 2 दिनों में करीब 12% की रैली आई और वो भी पूरी स्क्रीन पर।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,800-23,850 पर सपोर्ट और 24,100-24,150 और फिर 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,500-59,000 का रास्ता वापस खुला है।

कल के लिए रणनीति

आज की क्लोजिंग बढ़िया है। बैंक निफ्टी में काफी मजबूती है। लेकिन अगर रिस्क लग रहा है तो पोजीशन हेज करें। बेहतर है चुनिंदा शेयरों में पोजीशन लेकर जाएं।

Stock Market view : आगे बाजार में अच्छी तेजी की उम्मीद, बैंक और फार्मा शेयर दिखाएंगे कमाल

राजेश एक्सपोर्ट्स पर ED का छापा, SEBI के आरोपों के बाद लिया है एक्शन

देश की प्रमुख गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्टर कंपनी Rajesh Exports Limited एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बेंगलुरु में कंपनी और उसके प्रमोटर्स से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई सुबह शुरू हुई और रिपोर्ट लिखे जाने तक जारी थी। ED की टीमें कंपनी और उससे जुड़े कई परिसरों में दस्तावेजों और लेन-देन की जांच कर रही थीं।

SEBI की रिपोर्ट के बाद बढ़ी जांच

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स, इसके चेयरमैन राजेश मेहता और कुछ संबंधित संस्थाओं के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया था।

SEBI ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने फंड के लेन-देन को छिपाने के लिए कई संबंधित संस्थाओं के बीच जटिल ट्रांजैक्शन किए। रेगुलेटर का कहना है कि इन लेन-देन को इस तरह अंजाम दिया गया कि पैसों के असली शुरुआत और अंत को पहचानना मुश्किल हो जाए।

प्रमोटर के खाते से पैसे घुमाने का आरोप

SEBI का आरोप है कि Rajesh Exports ने कंपनी का पैसा प्रमोटर राजेश मेहता के निजी बैंक खाते के जरिए ट्रांसफर किया। लेकिन कंपनी यह नहीं बता पाई कि ऐसा क्यों किया गया। नियामक के मुताबिक, कंपनी कोई लोन एग्रीमेंट, बोर्ड की मंजूरी या अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, जो इस काम को सही ठहरा सकें।

SEBI ने कहा कि कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि फंड को उसके मूल स्रोत का खुलासा किए बिना आगे भेजा गया था। रेगुलेटर के मुताबिक, यह पहली नजर में फंड ट्रेल छिपाने और लेयरिंग करने की कोशिश लगती है। आदेश के मुताबिक, अप्रैल 2020 से सितंबर 2025 के बीच कंपनी ने राजेश मेहता को ₹338.90 करोड़ ट्रांसफर किए। इसी अवधि में कंपनी को उनके खाते से ₹232.44 करोड़ वापस मिले।

₹15.15 लाख करोड़ की गलत रिपोर्टिंग

SEBI की अंतरिम रिपोर्ट में सबसे गंभीर आरोप कंपनी के वित्तीय बयानों से जुड़ा है। रेगुलेटर का आरोप है कि कंपनी ने बार-बार एक जैसे सर्कुलर ट्रांजैक्शन दर्ज करके अपने खातों में करीब ₹15.15 लाख करोड़ की कथित गलत रिपोर्टिंग की।

SEBI के मुताबिक, एक ही लेन-देन को कई संस्थाओं के जरिए बार-बार घुमाया गया। इससे खरीद और बिक्री के आंकड़े वास्तविकता से कहीं ज्यादा बड़े दिखाई दिए। हालांकि, रेगुलेटर ने यह भी स्पष्ट किया है कि ₹15.15 लाख करोड़ असल धनराशि नहीं है। यह उन अकाउंटिंग एंट्रीज का कुल मूल्य है, जिन्हें SEBI ने कथित तौर पर गलत बताया है।

निवेशकों को लेकर भी चिंता

SEBI का मानना है कि इन कथित गड़बड़ियों की वजह से निवेशकों को कंपनी के कारोबार और वित्तीय स्थिति के बारे में गलत जानकारी मिल सकती थी। इसी कारण जांच पूरी होने तक कंपनी, उसके प्रमोटर्स और कुछ संबंधित संस्थाओं पर अंतरिम प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अब ED क्या तलाश रही है?

सूत्रों के मुताबिक, ED की छापेमारी SEBI की रिपोर्ट में सामने आए आरोपों से जुड़ी हो सकती है। आमतौर पर जब किसी दूसरी जांच एजेंसी या नियामक को वित्तीय गड़बड़ी के संकेत मिलते हैं, तो ED यह पता लगाने की कोशिश करती है कि कहीं पैसों की हेराफेरी या मनी लॉन्ड्रिंग तो नहीं हुई। हालांकि अभी तक ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि छापेमारी किस विशेष कानूनी प्रावधान के तहत की जा रही है।

दूसरी ओर Rajesh Exports ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। माना जा रहा है कि कंपनी प्रतिभूति कानूनों के तहत उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती है। फिलहाल ED की कार्रवाई ने कंपनी पर नियामकीय दबाव और बढ़ा दिया है। चूंकि जांच अभी जारी है, इसलिए आने वाले समय में इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Railway Stocks: रेलवे का ₹50000 करोड़ का कवच प्रोजेक्ट, इन 3 कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

Railway Stocks: भारतीय रेलवे सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कवच (Kavach) सिस्टम को तेजी से लागू कर रहा है। यह स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जो सिग्नल तोड़ने या तय रफ्तार से ज्यादा गति होने पर ट्रेन को खुद रोक सकता है। मार्च 2026 तक यह 3,103 रूट किलोमीटर पर शुरू हो चुका है। 24,427 रूट किलोमीटर पर काम जारी है। सरकार अगले दो वर्षों में 9,000 रूट किलोमीटर और जोड़ने की तैयारी में है।

Concord Control Systems के मुताबिक, कवच से जुड़ा कुल बाजार अवसर करीब ₹50,000 करोड़ का हो सकता है। यही वजह है कि रेलवे सेक्टर की कई कंपनियां इस अवसर का फायदा उठाने की दौड़ में हैं।

Kernex Microsystems

Kernex रेलवे सुरक्षा और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है। कवच 4.0 इसका प्रमुख प्रोडक्ट है। कंपनी हर महीने 450 कवच यूनिट बनाने की क्षमता रखती है और मार्च 2026 में BHEL के साथ एक जॉइंट वेंचर भी बना चुकी है।

29 मई 2026 तक कंपनी के पास ₹4,150 करोड़ का ऑर्डर बुक था, जो FY26 के रेवेन्यू के आधार पर करीब 10 साल की कमाई का नजरिया देता है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 127% बढ़कर ₹430 करोड़ पहुंच गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹149 करोड़ रहा। हालांकि, तेजी से बढ़ते ऑर्डर के साथ वर्किंग कैपिटल पर दबाव भी बढ़ा है।

Concord Control Systems

Concord Control Systems कवच 4.0 के लिए जरूरी तकनीक और कई अहम कंपोनेंट बनाती है। कंपनी को RDSO की प्रोटोटाइप मंजूरी मिल चुकी है और फील्ड ट्रायल शुरू हो चुके हैं।

31 मार्च 2026 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक ₹697 करोड़ था। इसके बाद मई 2026 में उसे ₹279.9 करोड़ का नया कवच ऑर्डर मिला। कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स के साथ 15 साल तक मेंटेनेंस से भी कमाई होगी। इससे लंबी अवधि की कमाई का रास्ता बनता है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 69% बढ़कर ₹210.5 करोड़ और नेट प्रॉफिट 88% बढ़कर ₹42.7 करोड़ रहा।

HBL Engineering

HBL Engineering को कवच का शुरुआती खिलाड़ी माना जाता है। कंपनी 2005 से इस तकनीक पर काम कर रही है। यह Kavach 4.0 का सर्टिफिकेशन हासिल करने वाली पहली कंपनी रही है।

22 जून 2026 तक HBL का ऑर्डर बुक ₹5,748 करोड़ था। कंपनी का अनुमान है कि FY26 से FY28 तक कवच से हर साल ₹1,300-1,500 करोड़ की बिक्री हो सकती है। साथ ही कंपनी ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम और अन्य रेल सिग्नलिंग प्रोडक्ट्स पर भी फोकस बढ़ा रही है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

कवच भारत के रेलवे सेक्टर में लंबे समय तक चलने वाली बड़ी थीम बन चुका है। इन तीनों कंपनियों ने इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई है। लेकिन सिर्फ बड़े ऑर्डर मिलना ही काफी नहीं होगा। आने वाले वर्षों में यह देखना अहम होगा कि ये कंपनियां समय पर प्रोजेक्ट पूरे कर पाती हैं या नहीं, वर्किंग कैपिटल को कैसे संभालती हैं और कवच के अलावा नए रेलवे सॉल्यूशंस में कितनी तेजी से विस्तार करती हैं।

फिलहाल, रेलवे सुरक्षा सेक्टर में दिलचस्पी रखने वाले निवेशको इन तीनों कंपनियों को अपनी वॉचलिस्ट में रख सकते हैं। इससे सही समय पर एंट्री लेने में मदद मिल सकती है।

Gold Silver Prices: सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, ETF भी टूटा; ये 5 कारण हैं जिम्मेदार

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Trading Strategy : ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेत बाजार पर पड़े भारी, जानिए अब क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Strategy : ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत भारतीय बाजार पर भारी पड़े है। निफ्टी 200 प्वाइंट से ज्यादा फिसलकर 23900 के नीचे आ गया है। बैंक निफ्टी करीब 650 प्वाइंट गिरा है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 9% से ज्यादा चढ़कर 14 के करीब पहुंच गया है। चिप शेयरों में दबाव जारी है। नैस्डैक फ्यूचर्स 700 प्वाइंट से ज्यादा टूटा है। एशिया में कोस्पी में 10% का लोअर सर्किट लगा है। दूसरे एशियाई बाजारों में भी तेज गिरावट देखने को मिल रही है। डॉलर इंडेक्स के 101 के ऊपर निकलने से मेटल सेक्टर में तगड़ी मुनाफावसूली आई है। मेटल इंडेक्स 3.5 फीसदी टूटा है। नाल्को,हिंदुस्तान जिंक और NMDC वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। IT इंडेक्स में भी दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। साथ ही सरकारी बैंक,कंज्यूर ड्यूरेबल और कैपिटल मार्केट शेयर भी फिसले हैं। वहीं कमजोर बाजार में भी फार्मा शेयर मजबूत दिख रहे हैं।

बाजार: बड़ी गिरावट

ऐसे में बाजार में अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि भारतीय बाजारों पर ग्लोबल बाजारों की गिरावट हावी हो गई है। एशिया और US फ्यूचर्स में गिरावट का असर देखने को मिल रहा है। निफ्टी ने इंट्राडे में 23,900 तोड़ा है। बैंक निफ्टी में भी बड़ी गिरावट आई है। इंफोसिस की अगुवाई में IT में फिर गिरावट आई है। निफ्टी IT फिर 52-WEEK LOW के करीब है। आज मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट आई है। बड़ा सवाल यह है कि क्या आज ट्रेंड बदला है?

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बाजार: अब क्या?

अगर निफ्टी 23,900 के नीचे बंद हो तो बाहर हों। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना ही था। फिर भी ये वाली स्विंग काफी अच्छी रही है। आज बाजार में थोड़ी घबराहट है। हमारे मार्केट्स का इतना गिरने का लॉजिक नहीं है। कोरिया जब 50% भागा हम तो नहीं भागे। आज कोरिया 10% गिरा तो हम क्यों गिरे? कच्चा तेल अभी भी $77 के ही करीब है। आज थोड़ा एक्सपायरी का भी प्रेशर लगता है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति साझा करते हुए अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 23,800-23,850 पर और बैंक निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 57,000-57,200 पर है।

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