वोडाफोन आइडिया को प्रमोटर ग्रुप से मिलेगा ₹4730 करोड़ तक का फंड, 430 करोड़ वारंट मंजूर

Vodafone Idea Share: टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea Ltd ने सोमवार को बताया कि उसकी कैपिटल रेजिंग कमेटी ने प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Suryaja Investments Pte. Ltd. को 430 करोड़ वारंट जारी करने को मंजूरी दे दी है। यह कंपनी के लिए फंड जुटाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है। वारंट बाद में शेयरों में बदले जा सकेंगे।

वोडाफोन आइडिया ने इन वारंट्स का इश्यू प्राइस ₹11 प्रति वारंट रखा है। नियमों के मुताबिक निवेशक को फिलहाल सिर्फ 25% रकम जमा करनी होती है। इसी के तहत Suryaja Investments ने ₹2.75 प्रति वारंट के हिसाब से कुल ₹1,182.50 करोड़ का भुगतान किया है।

आगे और आएंगे ₹3,500 करोड़ से ज्यादा

वारंट जारी होने के बाद भी पूरी रकम अभी कंपनी को नहीं मिली है। जब ये वारंट शेयरों में बदले जाएंगे, तब निवेशक को बाकी 75% रकम यानी ₹8.25 प्रति वारंट का भुगतान करना होगा। इससे Vodafone Idea को आगे चलकर करीब ₹3,547.50 करोड़ और मिल सकते हैं। यानी कुल मिलाकर कंपनी को इस फंड जुटाने से करीब ₹4,730 करोड़ मिलने की संभावना है।

कंपनी ने बताया कि इस फंड जुटाने की योजना को 16 मई 2026 को बोर्ड से मंजूरी मिली थी। इसके बाद 11 जून 2026 को हुई असाधारण आम बैठक (EGM) में शेयरधारकों ने भी विशेष प्रस्ताव के जरिए इसे मंजूरी दे दी थी।

वारंट को शेयर में बदलने का समय

वोडाफोन आइडिया के मुताबिक, हर वारंट को ₹10 फेस वैल्यू और ₹1 प्रीमियम वाले एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा। निवेशक आवंटन की तारीख से 18 महीने के भीतर किसी भी समय एक या एक से ज्यादा चरणों में इन वारंट्स को शेयरों में बदल सकते हैं।

कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल सिर्फ वारंट जारी किए गए हैं। वारंट के शेयरों में बदलने तक कंपनी की Paid-up Equity Share Capital में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

शेयर में रही हल्की कमजोरी

Vodafone Idea का शेयर सोमवार को NSE पर 0.87% की गिरावट के साथ ₹14.79 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 24.81% बढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 125% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.61 लाख करोड़ रुपये है।

Stocks to Watch: 23 जून को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 23 जून को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: 23 जून के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर चर्चा में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं, जबकि कुछ ने फंड जुटाने, हिस्सेदारी बिक्री और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन 10 शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

TCS

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS ने बताया है कि उसके बोर्ड की बैठक 9 जुलाई 2026 को होगी। इस बैठक में 30 जून 2026 को खत्म तिमाही के नतीजों पर चर्चा होगी और उन्हें मंजूरी दी जाएगी। टाटा ग्रुप की यह कंपनी निवेशकों के लिए डिविडेंड का ऐलान भी कर सकती है।

Hindustan Zinc

वेदांता ग्रुप की कंपनी Hindustan Zinc ने Advantek Associates LLP और Aero Eagle Automobiles Pvt Ltd के साथ एक समझौता किया है। इस साझेदारी का मकसद कंपनी के अलग-अलग ऑपरेशंस में ग्रीन हाइड्रोजन और दूसरी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशना है।

JSW Infrastructure

सज्जन जिंदल की JSW Infrastructure ने 22 जून से अपना QIP खोलने को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने ₹290.35 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। इश्यू में अधिकतम 230 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, Sajjan Jindal Family Trust अधिकतम 33.25 करोड़ शेयरों की OFS लाएगी।

Craftsman Automation

Craftsman Automation के प्रमोटर शेयरहोल्डर श्रीनिवासन रवि ने ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में 2.01% तक हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की है। टर्म शीट के मुताबिक इस सौदे का आकार करीब ₹484 करोड़ है। शेयरों के लिए ₹925 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया है।

Info Edge

Naukri.com की पैरेंट कंपनी Info Edge ने कहा है कि उसके AI स्टार्टअप पोर्टफोलियो की वैल्यू बढ़कर ₹1,268 करोड़ पहुंच गई है। कंपनी ने अब तक 28 AI स्टार्टअप्स में कुल ₹614 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश पर उसे 2.1 गुना रिटर्न मिला है, जबकि अनुमानित ग्रॉस IRR करीब 31% रही है।

Bharat Electronics

सरकारी डिफेंस कंपनी Bharat Electronics (BEL) को 25 मई 2026 के बाद ₹1,081 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी के मुताबिक इन ऑर्डर्स में कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, रडार, CBRN सुरक्षा सिस्टम, सीकर्स, एवियोनिक्स, अपग्रेडेशन, स्पेयर्स और सर्विसेज शामिल हैं। नए ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत होगी और आने वाले समय में रेवेन्यू को सहारा मिल सकता है।

GHV Infra Projects

GHV Infra Projects को GHV (India) Private Ltd से करीब ₹213 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में GST भी शामिल है। कंपनी को सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिग्नल एवं टेलीकॉम से जुड़े कई काम करने होंगे। यह ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगा।

APAR Industries

APAR Industries ने बताया कि उसकी सहायक कंपनी APAR Industries Middle East Ltd, KSA ने Saudi Aramco Base Oil Company के साथ एक समझौता किया है। यह करार कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि दोनों कंपनियों ने समझौते की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया है।

Birla Corporation

Birla Corporation ने कहा है कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्थित उसकी बिक्रम कोयला खदान में 22 जून 2026 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है। कंपनी के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि अब उसे अपने सीमेंट कारोबार के लिए कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

MSP Steel & Power

MSP Steel & Power के प्रमोटर ग्रुप ने 16 से 18 जून 2026 के बीच खुले बाजार से कुल 64.50 लाख शेयर खरीदे हैं। कंपनी के मुताबिक, प्रमोटर ग्रुप की पांच संस्थाओं ने यह खरीदारी की है। आमतौर पर प्रमोटरों की बड़ी खरीदारी को कंपनी के भविष्य और कारोबार को लेकर उनके भरोसे के संकेत के रूप में देखा जाता है।

Railway Stocks: बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से बनेगा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, इन 4 स्टॉक्स पर रखें नजर

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Experts View : बाजार में तेजी का मोमेंटम अभी भी बरकरार, कल डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग रहेगी सबसे अच्छी रणनीति

Experts View : आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी और सेंसेक्स 90 और 291 अंक ऊपर बंद हुए। बाजार में इस सकारात्मक माहौल की मुख्य वजह भू-राजनीतिक तनावों में कमी आना रही। एक और अच्छी बात कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही। ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रही,जिससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिली।

कंपनी स्पेसिफिक खबरों के चलते कई शेयरों में एक्शन देखने को मिला। वोल्टास ने बताया कि उसके एयर-कंडीशनर की बिक्री वित्त वर्ष 2027 में रिकॉर्ड समय में दस लाख यूनिट के पार पहुंच गई,जो ग्राहकों की मज़बूत मांग को दर्शाता है। वहीं, एसबीआई (SBI) के चेयरमैन ने कहा कि बैंक फंडिंग के स्रोतों में विविधता लाने और भविष्य में लोन ग्रोथ को सपोर्ट देने के लिए अपने होम लोन पोर्टफोलियो के एक हिस्से को सिक्युरिटाइज़ करने पर विचार कर रहा है।

एनएमडीसी (NMDC) से 2,977 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने के बाद आरवीएनएल (RVNL) के शेयरों में तेजी आई,जिससे उसकी प्रोजेक्ट पाइपलाइन मज़बूत हुई। विदेशी मुद्रा फंड आकर्षित करने के लिए बड़े FCNR(B) डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाने के बाद बंधन बैंक भी चर्चा में रहा।

कुल मिलाकर,बाज़ार को तेल की कम कीमतों और बेहतर होते वैश्विक माहौल का फायदा मिला। हालांकि,मॉनसून में देरी,अमेरिका-ईरान बातचीत में अनिश्चितता और कमजोर ग्लोबल आईटी खर्च के रुझान जैसे जोखिमों के कारण हम सतर्क बने हुए हैं।

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में कारोबार करते दिखे। निफ्टी 90 अंक ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 291 अंकों की बढ़त देखने को मिली। सेक्टर की बात करें तो डिफेंस,मीडिया और फार्मा इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जबकि कुछ चुनिंदा कंज्यूमर और FMCG शेयरों में इंट्राडे प्रॉफिट बुकिंग देखी गई।

टेक्निकल तौर पर,एक बार फिर गैप-अप ओपनिंग के बाद मार्केट को 24,150/77,300 के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे आ गया। इंट्राडे चार्ट पर मार्केट ने’डबल टॉप’पैटर्न बनाया है और डेली चार्ट पर एक छोटी कैंडल बनी है,जो बुल्स और बेयर्स के बीच अनिश्चितता का संकेत है।

डे ट्रेडर्स के लिए,24,150/77,300 और 24,200/77,500 तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेंगे,जबकि 24,000/76,800 एक अहम सपोर्ट एरिया होगा। ऊपर की तरफ,24,200/77,500 के पार जाने पर मार्केट 24,325-24,350/77,800-78,000 तक जा सकता है। दूसरी ओर 24,000/76,800 के नीचे जाने पर हम 23,900-23,850/76,500-76,400 तक तेज इंट्राडे करेक्शन देख सकते हैं। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड साफ नहीं है। इसलिए डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी आज के पूरे सेशन के दौरान ज्यादातर एक दायरे में ही रहा,लेकिन इसमें तेजी का रुख बना रहा क्योंकि यह अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। RSI अभी भी बुलिश क्रॉसओवर में है,जो बताता है कि तेजी का मोमेंटम अभी भी बरकरार है।

आगे भी ट्रेंड के पॉज़िटिव रहने की उम्मीद है,हालांकि ऊपर की ओर बढ़ने की रफ़्तार धीमी रह सकती है। ऊपरी स्तर पर,24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। अगर यह मजबूती से इस लेवल के ऊपर जाता है,तो 24,500 की ओर रैली शुरू हो सकती है। निचले स्तर पर,24,000 पर सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है। कल के वीकली एक्सपायरी सेशन के दौरान ज्यादा उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है,हालांकि कुल ट्रेडिंग रेंज छोटी रह सकती है।

SBI सिक्योरिटीज के हेड, टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्चसुदीप शाह ने कहा कि सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी एक अपसाइड गैप के साथ खुला और उसके बाद 95 अंकों की सीमित रेंज में ट्रेड किया,जो 1 जनवरी 2026 के बाद से इसकी सबसे कम इंट्राडे रेंज थी। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स दोनों की ओर से कोई मजबूत कमिटमेंट नहीं दिखा। सेशन के दौरान,इंडेक्स कुछ समय के लिए अपने 100-दिन के EMA के ऊपर गया,लेकिन ऊंचे लेवल पर टिक नहीं पाया और इसमें कुछ करेक्शन देखा गया। आखिरकार यह 0.37% की मामूली बढ़त के साथ 24100 के लेवल के पास बंद हुआ।

डेली चार्ट पर,निफ्टी ने एक’डोजि कैंडल’बनाई,जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाती है। इंडेक्स अभी भी अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर ट्रेड कर रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स साइडवेज ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं,जो शॉर्ट-टर्म कंसोलिडेशन के दौर का संकेत है।

इंडेक्स में शामिल शेयरों में सिप्ला और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे,जबकि एशियन पेंट्स और टाइटन में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर ज्यादातर इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी मीडिया,निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा बढ़त रही।

ब्रॉडर मार्केट भी पॉजिटिव नोट पर बंद हुआ,जिसमें निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने बेहतर प्रदर्शन किया और 0.60% की बढ़त हासिल की। ​​मार्केट की ब्रेथ मजबूत रही क्योंकि एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो में बढ़त वाले शेयरों का पलड़ा भारी रहा और निफ्टी 500 यूनिवर्स के 326 शेयर पॉजिटिव टेरिटरी में बंद हुए। यह बाजार में व्यापक भागीदारी का संकेत है।

आगे 24200–24230 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24230 के ऊपर बना रहता है,तो 24400 के लेवल की ओर तेज अपसाइड रैली शुरू हो सकती है। नीचे की तरफ,23970–23950 की रेंज से मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

बैंक निफ्टी का नजरिया

सुदीप शाह ने कहा कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स,बैंक निफ्टी पिछले कुछ हफ्तों से फ्रंटलाइन इंडेक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। सोमवार को यह 57935 के लेवल पर बंद हुआ,जिसमें 0.43% की बढ़त दर्ज की गई। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो इसकी मजबूती को दिखाता है। साथ ही,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर लगातार तेजी के संकेत दे रहे हैं।

मौजूदा चार्ट स्ट्रक्चर को देखते हुए,हमें उम्मीद है कि इंडेक्स ऊपर की ओर बढ़ता रहेगा और जल्द ही 58500 के लेवल को छुएगा और उसके बाद 59100 के लेवल तक जा सकता है। नीचे की तरफ,57500–57400 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी सेक्टर में खरीदारी के दम पर निफ्टी 24,100 के लेवल के आसपास पहुंच गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ। लगभग 2500 शेयरों में बढ़त हुई, 1688 शेयरों में गिरावट आई और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज,टेक महिंद्रा,रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा शामिल थे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,नेस्ले इंडिया,ट्रेंट और पावर ग्रिड प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया,IT, मेटल,फार्मा,ऑटो और एनर्जी इंडेक्स में 0.5-1 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो रैली में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। ब्रॉडर मार्केट भी मज़बूत रहा,जिसमें निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि बाजार में आज एक सीमित दायरे में कारोबार हुआ,लेकिन इसका रुख पॉजिटिव रहा। निवेशक US-ईरान बातचीत की प्रगति को लेकर अच्छी उम्मीद लगाए रहे । कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक रहा,जिसे यूटिलिटी,बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन का सहारा मिला। यह मजबूती मुख्य रूप से चुनिंदा सेक्टरों और स्टॉक में आई खरीदारी की वजह से आई। हालांकि,मॉनसून की धीमी रफ्तार की चिंताएं महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं,जिससे कंज्यूमर सेंटीमेंट और खेती से जुड़े सेक्टर की मांग पर असर पड़ सकता है।

इससे निकट भविष्य में बाजार की तेजी धीमी पड़ सकती है। लेकिन बाजार का बड़ा ट्रेंड अच्छा बना हुआ है। मजबूत कमाई और लगातार मिल रहे पॉलिसी सपोर्ट के चलते बाजार के लिए मध्यम अवधि का ट्रेंड अच्छा बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि RSI अभी भी बुलिश क्रॉसओवर में है,जो दिखाता है कि पॉजिटिव मोमेंटम बना हुआ है। ऊपरी स्तर पर,24,200 का लेवल एक इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस लेवल के ऊपर की मजबूत चाल 24,500 की ओर रैली शुरू कर सकती है। निचले स्तर पर,सपोर्ट 24,000 पर है। इस लेवल के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि सोमवार के सेशन में बैंक निफ्टी डेली चार्ट पर एक छोटी ‘डोजि कैंडलस्टिक'(Doji candlestick)के साथ बंद हुआ। यह हालिया रिकवरी के बाद ऊपर की ओर कंसोलिडेशन (upward consolidation) का संकेत है। इंडेक्स पॉजिटिव रुख के साथ एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है,जिससे पता चलता है कि खरीदारी की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है।

आवरली चार्ट पर बैंक निफ्टी अपने 20-SMA और 50-SMA के ऊपर बना हुआ है,जो ट्रेंड में मजबूती दिखाता है। इसलिए,जब तक इंडेक्स 57,500 और 57,000 के सपोर्ट लेवल के ऊपर रहता है,तब तक गिरावट पर खरीदारीसकी रणनीति फायदेमंद रहेगी। ऊपर की ओर तत्काल रेजिस्टेंस 58,500–59,000 के जोन में है।

 

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

Trading Strategy : गैप-अप के बाद बाजार में रफ्तार कायम है। निफ्टी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर 24100 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा है। निफ्टी 100 DMA पार करने के कगार पर है। वहीं बैंक निफ्टी में भी मजबूती है। मिडकैप और स्मॉल कैप में भी अच्छी रौनक देखने को मिल रही है। IT और फार्मा शेयरों में अच्छी खरीदारी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। फार्मा में सिप्ला 4% से ज्यादा उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही MANKIND और डॉक्टर रेड्डीज 2% से ज्यादा चढ़े हैं। वहीं तेल-गैस,ऑटो और रियल्टी में भी रफ्तार देखने को मिल रही है। हालांकि FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयर हल्के कमजोर दिख रहे हैं।

निफ्टी पर सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,रिलायंस इंडस्ट्रीज़,टेक महिंद्रा और इंफोसिस शामिल हैं। जबकि एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,श्रीराम फाइनेंस,पावर ग्रिड कॉर्प और नेस्ले इंडिया में गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.2% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर कारोबार कर रहे हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल में 0.2-0.5% की गिरावट है। जबकि ऑटो,IT,फार्मा,ऑयल एंड गैस और मीडिया में 0.5-1% की है।

बाजार: अच्छा दिन

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज भी बढ़िया दिन है। खास तौर से उनके लिए, जिन्होंने शुक्रवार की गिरावट में खरीदारी की। शुक्रवार के निचले स्तर से निफ्टी 200 प्वाइंट से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। निफ्टी और बैंक निफ्टी रजिस्टेंस जोन में हैं। रिलायंस और IT ने मिलकर आज निफ्टी को सपोर्ट किया है। मिडकैप और स्मॉलकैप में फिर बढ़िया तेजी आई है। वेदांता से अलग हुए शेयरों में अपर सर्किट लगे हैं। FMCG शेयरों में आज थोड़ी गिरावट है।

Market Insight : अगले 4-5 सेशन में निफ्टी में 24500 का टारगेट मुमकिन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अदाणी पैक के शेयरों पर रहे नजर

बाजार : अब क्या?

यह बाजार शानदार है,इसमें मौके तलाशें। बढ़िया बात ये कि बाजार आपको रिवॉर्ड कर रहा है। लॉजिक बेस्ड ट्रेड्स और निवेश में रिवॉर्ड हैं। शुक्रवार को IT लॉन्ग करने वालों को बड़ा रिवॉर्ड मिला। आज डेल्हीवरी में पूरी रैली स्क्रीन पर हुई है। अगर आप high पर भी ले रहे हैं तब भी फंस नहीं रहे हैं। गुरुवार की रैली में लेने वालों का भी आज भाव आया होगा। FIIs की बिकवाली अब काफी काम हो चुकी है। कच्चे तेल का भाव जब तक 80 डॉलर के पास है,डर नहीं है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस जोन 24,150-24,200 पर और सपोर्ट जोन 24,050-24,100 है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस 58,000-58,200 पर और सपोर्ट 57,300-57,500 पर है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी और बैंक निफ्टी की कॉल लेकर जाएं। निफ्टी और बैंक निफ्टी पिछले हफ्ते का हाई निकाल सकते हैं। एक्सपायरी का मोमेंटम बुल्स के साथ है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty ऊपर, एशियाई बाजारों में तेजी के साथ सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छी शुरुआत का संकेत, सभी की नजरें US-ईरान बातचीत, क्रूड पर

सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के थोड़ी बढ़त के साथ खुलने की संभावना है, जिसे GIFT Nifty से मिले अच्छे संकेतों और एशियाई बाज़ारों में बढ़त का सपोर्ट मिला है। हालांकि, US-ईरान शांति बातचीत को लेकर अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निवेशकों के सतर्क रहने की उम्मीद है।

GIFT Nifty सुबह 8.35 बजे 24,117.00 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से 68.50 पॉइंट या 0.31 प्रतिशत ज़्यादा है, जो घरेलू इक्विटी के लिए हल्की अच्छी शुरुआत का संकेत देता है। यह संकेत शुक्रवार को भारतीय बाज़ारों के पांच सेशन की बढ़त का सिलसिला टूटने के बाद आया है, जो एक्सेंचर के गाइडेंस में कटौती के बाद इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में भारी बिकवाली से प्रभावित हुआ था।

19 जून को सेंसेक्स 607.08 पॉइंट्स या 0.78 फीसदी गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 154.90 पॉइंट्स या 0.64 फीसदी गिरकर 24,013.10 पर बंद हुआ। निफ्टी IT इंडेक्स 3.7 फीसदी गिरकर तीन साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया और बेंचमार्क इंडेक्स पर सबसे बड़ी रुकावट बनकर उभरा।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रोग्रेस की खबरों के बाद सोमवार को एशियाई मार्केट मजबूती के साथ ऊपर कारोबार कर रहे थे। कतर और पाकिस्तान के अधिकारियों ने कहा कि बातचीत करने वालों ने 60 दिनों के अंदर फाइनल एग्रीमेंट के रोडमैप पर प्रोग्रेस की है, जिससे शांति प्रक्रिया के टूटने के डर को शांत करने में मदद मिली।

जापान का निक्केई पिछले हफ्ते लगभग 8 फीसदी बढ़ने के बाद 1.9 परसेंट बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी 2.6 फीसदी और चढ़ा, जिससे सेमीकंडक्टर स्टॉक्स की वजह से हाल की रैली और बढ़ गई। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 1 फीसदी की बढ़त हुई। जियोपॉलिटिकल सेंटिमेंट में सुधार ने भी कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त को रोकने में मदद की। ब्रेंट क्रूड 0.4 फीसदी गिरकर लगभग $80 प्रति बैरल पर आ गया, जो शुरू में इस चिंता के कारण बढ़ा था कि ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग पर रोक लगा दी है। US क्रूड लगभग $77.5 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

भारतीय बाजारों के लिए तेल एक अहम वैरिएबल बना हुआ है। हालांकि कीमतें हाल के निचले स्तर से वापस ऊपर आई हैं, लेकिन वे संघर्ष के चरम के दौरान देखे गए लेवल से काफी नीचे हैं। भारतीय रुपया भी 11 हफ्तों में अपनी सबसे अच्छी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के बाद इस हफ्ते मजबूत स्थिति में आ रहा है, जिसे कम कच्चे तेल की कीमतों और बेहतर बाहरी सेंटिमेंट का सपोर्ट मिला है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, US-ईरान बातचीत से जुड़े डेवलपमेंट के प्रति बाजार सेंसिटिव बने रहने की संभावना है। उन्होंने कहा, “भारतीय इक्विटी बाजार सावधानी के साथ खुल सकते हैं क्योंकि बातचीत की खराब शुरुआत की खबरों से संभावित US-ईरान शांति समझौते को लेकर उम्मीद कम हो गई है।” पोनमुडी ने कहा कि निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और बातचीत से जुड़े डेवलपमेंट दोनों पर करीब से नज़र रखेंगे।

पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो ने एक पॉजिटिव सरप्राइज दिया। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) 19 जून को नेट बायर के तौर पर सामने आए, उन्होंने 4,859 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदे। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) लगातार 23 सेशन की खरीदारी के बाद नेट सेलर बन गए और 1,159 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

टेक्निकल नजरिए से, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी एक कंस्ट्रक्टिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है। 24,100-24,200 ज़ोन अभी भी तुरंत रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है, और इस बैंड के ऊपर लगातार मूव 24,400 की ओर रैली का रास्ता खोल सकता है। नीचे की तरफ, 23,900 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। उस ज़ोन से नीचे ब्रेक होने पर नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 23,800 की ओर खिंच सकता है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dividend Stocks: इस हफ्ते टाटा पावर, HUL, LIC समेत 31 कंपनियां देंगी डिविडेंड, जानिए रिकॉर्ड डेट

Dividend Stocks: इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होने जा रहे हैं। इनमें HUL, Asian Paints, Tata Power, LIC, Indian Hotels, Supreme Industries और IndusInd Bank जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों ने 22 जून से 27 जून के बीच डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट तय की है।

एक्स-डिविडेंड डेट क्या होती है?

एक्स-डिविडेंड डेट वह दिन होता है, जब किसी शेयर के अगले डिविडेंड की पात्रता खत्म हो जाती है। इस दिन शेयर की कीमत डिविडेंड के हिसाब से एडजस्ट हो जाती है।

भारत में T+1 सेटलमेंट सिस्टम लागू है। इसलिए सिर्फ रिकॉर्ड डेट पर शेयर खरीदने से डिविडेंड का फायदा नहीं मिलेगा। डिविडेंड पाने के लिए निवेशकों को एक्स-डिविडेंड डेट से पहले शेयर खरीदना होगा।

इस हफ्ते किन कंपनियों की रिकॉर्ड डेट है?

कंपनीडिविडेंडरिकॉर्ड डेट
DMR Engineering₹0.1422 जून
Panasonic Carbon India₹12.0022 जून
Sangam India₹2.0022 जून
Anand Rathi Share & Stock Brokers₹5.0023 जून
Asian Paints₹23.0023 जून
Dalmia Bharat₹5.0023 जून
Fredun Pharmaceuticals₹0.7023 जून
GNA Axles₹3.0023 जून
Hindustan Unilever (HUL)₹22.0023 जून
Indian Hotels₹3.2523 जून
Tata Power₹2.5023 जून
Thyrocare Technologies

₹7.0023 जून
Shankara Buildpro₹5.0024 जून
Wheels India₹9.1424 जून
LIC₹10.0025 जून
Allied Blenders & Distillers₹5.4026 जून
Alkyl Amines Chemicals₹10.0026 जून
Anthem Biosciences₹2.0026 जून
CARE Ratings₹14.0026 जून
GIC Housing Finance₹4.5026 जून
IndusInd Bank₹1.5026 जून
Dr Lal PathLabs₹4.0026 जून
Nippon Life India AMC₹12.5026 जून
SJS Enterprises₹3.5026 जून
Sona BLW Precision Forgings₹1.8026 जून
Supreme Industries₹25.0026 जून
Syngene International₹1.2526 जून
Uflex₹3.0026 जून
Vaibhav Global₹1.5026 जून
Visaka Industries₹1.2026 जून
Mawana Sugars₹4.0027 जून

26 जून सबसे अहम दिन

इस हफ्ते 26 जून को सबसे ज्यादा कंपनियों की रिकॉर्ड डेट है। इसी दिन Supreme Industries, CARE Ratings, IndusInd Bank, Dr Lal PathLabs और कई अन्य कंपनियां डिविडेंड के लिए पात्र शेयरधारकों का तय करेंगी।

डिविडेंड कंपनियों की कमाई का वह हिस्सा होता है, जिसे वे अपने शेयरधारकों में बांटती हैं। इसलिए जो निवेशक डिविडेंड का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें रिकॉर्ड डेट और एक्स-डिविडेंड डेट पर नजर जरूर रखनी चाहिए।

Damani Stocks: दमानी के पोर्टफोलियो में छिपे दो छोटे केमिकल स्टॉक्स, जानिए आपको क्यों रखनी चाहिए नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Damani Stocks: दमानी के पोर्टफोलियो में छिपे दो छोटे केमिकल स्टॉक्स, जानिए आपको क्यों रखनी चाहिए नजर

Damani Stocks: राधाकिशन दमानी का नाम आते ही सबसे पहले DMart की याद आती है। लेकिन उनकी कुछ छोटी और कम चर्चित होल्डिंग्स भी हैं। इनमें Mangalam Organics और Bhagiradha Chemicals शामिल हैं। दोनों ऐसी केमिकल कंपनियां हैं, जिनका कारोबार खास प्रोडक्ट्स पर है। आइए जानते हैं कि आपको इन कंपनियों पर क्यों नजर रखनी चाहिए।

Mangalam Organics

Mangalam Organics पाइन केमिस्ट्री से जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कपूर, डिपेंटीन, सोडियम एसीटेट और रेजिन जैसे प्रोडक्ट तैयार करती है। इसका दावा है कि ये दुनिया की सबसे बड़ी कपूर निर्माता है।

दमानी के पास मार्च 2026 तक कंपनी में करीब 2.2% हिस्सेदारी थी। दिसंबर 2025 में उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे चली गई थी, लेकिन बाद में उन्होंने फिर हिस्सेदारी बढ़ाई। मौजूदा कीमतों पर यह हिस्सेदारी करीब 10 करोड़ रुपये की है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच वर्षों में कंपनी की बिक्री 338 करोड़ रुपये से बढ़कर 623 करोड़ रुपये पहुंच गई। हालांकि मुनाफे में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। FY23 में कंपनी को 27 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। FY26 में 26 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया। कंपनी विस्तार पर खर्च कर रही है, जिसकी वजह से कर्ज बढ़ा है और फ्री कैश फ्लो दबाव में है।

शेयर अपने 1,300 रुपये के ऑल-टाइम हाई से करीब 60% से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा है। फिलहाल इसका PE करीब 15 है, जो इंडस्ट्री औसत 23 के मुकाबले कम है।

Bhagiradha Chemicals

Bhagiradha Chemicals एग्रोकेमिकल एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बनाती है। कंपनी के पास 30 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है। यह अमेरिका, ब्राजील, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में निर्यात करती है।

दमानी ग्रुप की कंपनी Derive Trading and Resorts के जरिए इसमें करीब 3.3% हिस्सेदारी रखी गई है। यह हिस्सेदारी 2024 से लगभग स्थिर बनी हुई है। इसकी वैल्यू करीब 74 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पिछले पांच वर्षों में कंपनी की बिक्री 318 करोड़ रुपये से बढ़कर 536 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि एग्रोकेमिकल सेक्टर में सुस्ती के चलते मुनाफा दबाव में रहा। FY26 में नई क्षमता शुरू होने के बाद कंपनी की ग्रोथ पर बाजार की नजर है। शेयर अपने 448 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से करीब 42% नीचे है।

कंपनी का PE करीब 185 है, जो काफी ऊंचा माना जाता है। प्रमोटर हिस्सेदारी भी 20% से नीचे है और हाल के वर्षों में इसमें गिरावट आई है। ऐसे में निवेशकों की नजर नई क्षमता के इस्तेमाल और मुनाफे में सुधार पर रहेगी।

निवेशकों को क्यों रखनी चाहिए नजर

दोनों ने हाल के वर्षों में क्षमता बढ़ाने पर बड़ा निवेश किया है। अगर मांग में सुधार आता है और नई क्षमता का पूरा इस्तेमाल होता है, तो रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

वहीं, राधाकिशन दमानी की मौजूदगी भी इन शेयरों से उम्मीदें जगाती है। हालांकि, आपको सिर्फ बड़े के नाम की वजह से किसी शेयर पर दांव नहीं लगाना चाहिए। कंपनी के नतीजों, कर्ज और कारोबार की प्रगति पर भी नजर रखनी चाहिए। जब सारी चीजें बेहतर लगे, तभी एंट्री लेनी चाहिए। तब तक ऐसे शेयरों को आप अपने वॉचलिस्ट में रख सकते हैं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स- निफ्टी जानिए 22 जून को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : शुक्रवार,19 जून को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया। इसकी सबसे बड़ी वजह एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में कटौती करने के फैसले के बाद आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली रही। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की फिर से शुरू हुई बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों का सेंटीमेंट खराब किया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 607 अंक या 0.78% गिरकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64% गिरकर 24,013.10 पर बंद हुआ।

हालांकि,छोटे-मझोले शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22% और 0.42% की बढ़त देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो Nifty IT सबसे ज्यादा गिरा और इसमें 3.6% से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी ऑटो, निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी आज गिरावट के साथ बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी केमिकल्स बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे।

मार्केट व्यू

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के.विजयकुमार ने कहा कि मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर से पता चलता है कि गिरावट पर खरीदारी करना एक असरदार रणनीति हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और बेहतर होते मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मार्केट की अंदरूनी मजबूती को सहारा दे रहे हैं।

Reliance AGM 2026 : भारत को AI के क्षेत्र में क्रिएटर और ग्लोबल लीडर बनाने पर होना चाहिए फोकस -मुकेश अंबानी

एक्सिस डायरेक्ट में रिसर्च हेड राजेश पालवीय ने कहा कि जब तक निफ्टी 24,000 के अहम लेवल से ऊपर बना हुआ है तब तक मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव रहेगा। उनके मुताबिक,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा,जबकि 24,250-24,400 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रहेगा। 24,400 के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट से नई तेजी और शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। जिससे और ऊंचे लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर,अगर यह लगातार 24,050 के नीचे बना रहता है तो 23,950 की तरफ प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और अगला सपोर्ट 23,850 के आसपास होगा। कुल मिलाकर,जब तक इंडेक्स 24,000 से ऊपर है,तब तक गिरावट पर खरीदारी (buy on dips)की रणनीति अपनानी चाहिए,क्योंकि मीडियम-टर्म में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है।

बाजार जानकारों का कहना है कि तेजी का दौर (bullish momentum)वापस लाने के लिए निफ्टी का 23,900 के लेवल पर बने रहना जरूरी होगा। बजाज ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पवित्रो मुखर्जी ने कहा,”निफ्टी के लिए 23,900-23,800 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, क्योंकि यहीं पर 50-दिन का EMA और पिछले सोमवार के बुलिश गैप एरिया का ऊपरी बैंड मिल रहे हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान की राय है कि निफ्टी में 24,100 और 24,000 के बीच गिरावट आने पर खरीदारी करें और 23,900 पर स्टॉप लॉस रखें।

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Vijay Kedia Stock: विजय केडिया की इस लॉजिस्टिक्स कंपनी में एंट्री, एक साल में 350% से ज्यादा चढ़ चुका है स्टॉक

Vijay Kedia Stock: दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने SME लॉजिस्टिक्स कंपनी Iware Supplychain Services में 6% हिस्सेदारी खरीदी है। उन्होंने 3% हिस्सेदारी व्यक्तिगत पोर्टफोलियो से और 3% अपनी कंपनी Kedia Securities Pvt Ltd के जरिए ली है। यह निवेश प्रेफरेंशियल इश्यू के तहत हुआ है। इसमें कंपनी ने करीब ₹20 करोड़ जुटाने के लिए ₹254.09 प्रति शेयर के भाव पर नए शेयर जारी किए हैं।

क्या करती है कंपनी?

2018 में बनी Iware Supplychain Services वेयरहाउसिंग, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और रेल रेक हैंडलिंग जैसी सेवाएं देती है। कंपनी के पास 7 राज्यों में फैले 11 वेयरहाउस हैं। इनका कुल क्षेत्रफल करीब 8 लाख वर्ग फुट है और मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹391 करोड़ है।

ग्रोथ मजबूत, सवाल भी

Iware Supplychain का रेवेन्यू FY21 के ₹19 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹258 करोड़ पहुंच गया। इसी दौरान EBITDA ₹2 करोड़ से ₹29 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹1 करोड़ से ₹15 करोड़ हो गया। पिछले पांच वर्षों में रेवेन्यू, EBITDA और मुनाफे की CAGR क्रमशः 69%, 71% और 72% रही है।

हालांकि, इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा FY26 में आया, जब रेवेन्यू ₹86 करोड़ से बढ़कर ₹258 करोड़ हो गया। यानी तेज ग्रोथ के पीछे एक साल का बड़ा योगदान है।

मार्जिन, कैश फ्लो और कर्ज पर नजर

FY25 में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 20% था, जो FY26 में घटकर 11% रह गया। वहीं FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव रहा। वेयरहाउस और गाड़ियों पर निवेश के कारण फ्री कैश फ्लो भी दबाव में रहा।

कंपनी का कर्ज FY25 के ₹30 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹70 करोड़ हो गया। साथ ही डेटर डेज 60 से बढ़कर 85 हो गए। इससे कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

पॉजिटिव पहलू यह है कि FY26 में कंपनी का ROCE 28% और ROE 42% रहा। कंपनी ने पहला डिविडेंड भी घोषित किया है। 18 जून को यह करीब 2% के उछाल के साथ 352 रुपये पर बंद हुआ। मई 2025 में लिस्ट हुआ यह शेयर एक साल में 350% से ज्यादा चढ़ चुका है। इसका 52-वीक का दायरा 90 रुपये से 395 रुपये तक है।

ऐसे में विजय केडिया की एंट्री भरोसे का संकेत जरूर है, लेकिन निवेशकों को ग्रोथ के साथ कैश फ्लो, कर्ज और मार्जिन पर भी नजर रखनी चाहिए।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।