Stocks to Watch: 22 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार 22 जुलाई को शेयर बाजार में 15 कंपनियों के शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जबकि कुछ ने कारोबार से जुड़े बड़े ऐलान किए हैं। वहीं, कई दिग्गज कंपनियां आज अपने Q1 नतीजे पेश करेंगी। ऐसे में इन शेयरों में पूरे कारोबारी सत्र के दौरान अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma की सहयोगी कंपनी CuraTeQ को हैदराबाद स्थित बायोसिमिलर्स मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए ब्राजील की हेल्थ रेगुलेटर ANVISA से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी से कंपनी को ब्राजील के बाजार में कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

JSW Infrastructure

पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी JSW Infrastructure का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 8.2% घटकर ₹357.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹1,444.8 करोड़ हो गया। EBITDA 15.9% बढ़कर ₹673.7 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन 47.5% से घटकर 46.6% पर आ गया।

Aditya Birla Capital

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Aditya Birla Capital ने अपनी सहयोगी कंपनी Aditya Birla Health Insurance में राइट्स इश्यू के जरिए ₹123.89 करोड़ का निवेश किया है। कंपनी ने यह निवेश कारोबार बढ़ाने और पूंजी आधार मजबूत करने के लिए किया है।

Trident Ltd

टेक्सटाइल और पेपर सेक्टर की कंपनी Trident Ltd का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 12.9% बढ़कर ₹158 करोड़ रहा। इस दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4.7% बढ़कर ₹1,786.8 करोड़ और EBITDA 2.7% बढ़कर ₹299.6 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल की तरह 17% पर स्थिर रहा।

Bandhan Bank

प्राइवेट सेक्टर के Bandhan Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 34.8% बढ़कर ₹501.6 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 6% बढ़ी। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 3.15% और नेट NPA 0.93% पर आ गया। तिमाही के दौरान बैंक ने ₹682.5 करोड़ का प्रावधान किया।

IndiaMART InterMESH

ऑनलाइन B2B ई-कॉमर्स कंपनी IndiaMART InterMESH ने जून तिमाही में अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 12.18% बढ़कर ₹172.20 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹153.50 करोड़ था। तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 243.03% उछला है।

TVS Holdings

ऑटो सेक्टर की कंपनी TVS Holdings का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 73.8% बढ़कर ₹1,173.5 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹17,076.1 करोड़ रहा। EBITDA 38.6% बढ़ा। वहीं, EBITDA मार्जिन बढ़कर 16.3% हो गया।

Welspun Specialty

मेटल सेक्टर की कंपनी Welspun Specialty जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौट आई। कंपनी ने ₹5.16 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में ₹0.75 करोड़ का घाटा हुआ था। हालांकि, रेवेन्यू 3.8% घटकर ₹194 करोड़ रहा। EBITDA बढ़कर ₹10.54 करोड़ और मार्जिन 5.4% पर पहुंच गया।

Cyient DLM

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Cyient DLM का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹16.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹7.4 करोड़ था। रेवेन्यू 34.3% बढ़कर ₹373.8 करोड़ रहा। EBITDA 56.4% बढ़कर ₹39 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 10.5% पर पहुंच गया।

Indian Hotels

टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनी Indian Hotels का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20.8% बढ़कर ₹358 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 14.6% बढ़कर ₹2,339 करोड़ रहा। EBITDA 16.8% बढ़कर ₹672 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 28.8% रहा।

MedPlus Health Services

फार्मेसी रिटेल चेन MedPlus Health Services का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 21.8% घटकर ₹33 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 21.8% बढ़कर ₹1,879.6 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,542.6 करोड़ था।

Aavas Financiers

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Aavas Financiers की जून तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 16.6% बढ़कर ₹324 करोड़ हो गई। शुद्ध मुनाफा 23% बढ़कर ₹171 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹139 करोड़ था।

Sagility India

हेल्थकेयर BPO कंपनी Sagility India का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46% बढ़कर ₹217 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 27.6% बढ़कर ₹1,963 करोड़ रहा। EBITDA 26.6% बढ़कर ₹438 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 23% से घटकर 22.3% रह गया।

Mastek

आईटी सेक्टर की कंपनी Mastek का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 15% बढ़कर ₹106 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.7% बढ़कर ₹985.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹914.7 करोड़ था।

Sunteck Realty

रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Sunteck Realty का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 26.4% बढ़कर ₹42.3 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 1.7% बढ़कर ₹191.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹181.3 करोड़ था।

Hatsun Agro

डेयरी कंपनी Hatsun Agro का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 1.1% घटकर ₹133.6 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹3,090 करोड़ हो गया। EBITDA 5.1% घटकर ₹350.5 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 11.3% पर आ गया।

22 जुलाई को आने वाले तिमाही नतीजे

बुधवार को जून तिमाही के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी। कई बड़ी कंपनियां अपने Q1 रिजल्ट जारी करेंगी। इनमें Adani Green Energy, Adani Power, Aye Finance, Dr. Reddy’s Laboratories, Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और CSB Bank जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनके नतीजों के बाद इन शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Indian Hotels Q1 Results: टाटा ग्रुप की होटल कंपनी का मुनाफा 21% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Indian Hotels Q1 Results: टाटा ग्रुप की होटल कंपनी Indian Hotels Company (IHCL) ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में दोहरे अंकों की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला।

मुनाफा 21% बढ़ा

अप्रैल-जून तिमाही में इंडियन होटल्स का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 20.8% बढ़कर ₹358 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹296 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 14.6% बढ़कर ₹2,339 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,041 करोड़ था।

EBITDA और मार्जिन में सुधार

जून तिमाही में EBITDA 16.8% बढ़कर ₹672 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹576 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 28.2% से बढ़कर 28.8% हो गया।

होटल इंडस्ट्री के अहम पैमाने RevPAR (Revenue Per Available Room) में भी 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

क्या बोले CEO?

इंडियन होटल्स के एमडी और सीईओ पुनीत छतवाल ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2027 में भी डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखे हुए है। उनका कहना है कि होटल कारोबार में मांग मजबूत बनी हुई है।

शेयर का हाल

Indian Hotels Company का शेयर नतीजों से पहले मंगलवार को 0.98% बढ़कर ₹731.75 पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर में करीब 1% की गिरावट रही है। वहीं, पिछले 6 महीने में इसने करीब 12% का रिटर्न दिया है।

क्या करती है कंपनी?

Indian Hotels Company (IHCL) टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी कंपनी है। यह Taj, Vivanta, SeleQtions, Ginger और ama Stays & Trails जैसे होटल और हॉस्पिटैलिटी ब्रांड चलाती है। भारत के साथ-साथ कई विदेशी बाजारों में भी कंपनी की मौजूदगी है।

Q1 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी स्टेनलेस स्टील कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management Shares: ₹750 तक जा सकता है स्टॉक, Emkay ने खरीदने की सलाह दी

SBI Funds Management Shares: SBI Mutual Fund चलाने वाली कंपनी SBI Funds Management की शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत हुई। कंपनी का शेयर ₹574 के IPO प्राइस के मुकाबले 6.84% प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर NSE में लिस्ट हुआ। कारोबार के दौरान यह ₹624.95 तक पहुंचा। हालांकि दिन के अंत में शेयर ₹609.75 पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 0.58% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.24 लाख करोड़ रहा।

Emkay ने दी ‘Buy’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने शेयर पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹750 का टारगेट प्राइस रखा है। यह IPO प्राइस के मुकाबले करीब 31% और मौजूदा क्लोजिंग भाव के मुकाबले करीब 23% की संभावित तेजी दिखाता है।

Emkay के बुलिश रुख की वजह

Emkay का मानना है कि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की लंबी अवधि की ग्रोथ का सबसे बड़ा फायदा SBI Funds Management को मिल सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, SBI का मजबूत ब्रांड और बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। फिलहाल SBI Mutual Fund के करीब 55 लाख ग्राहक हैं, जबकि SBI के 2.1 करोड़ सैलरी अकाउंट हैं। यानी अभी भी कंपनी के पास नए ग्राहकों को जोड़ने की बड़ी गुंजाइश है, खासकर B-30 शहरों और ग्रामीण इलाकों में।

अब किस फैक्टर पर फोकस रहेगा?

Emkay को उम्मीद है कि कंपनी धीरे-धीरे इक्विटी म्यूचुअल फंड, AIF और PMS जैसे ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाएगी। इससे कमाई बेहतर हो सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का EBITDA CAGR करीब 17% रह सकता है।

क्या हैं जोखिम?

Emkay ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। SBI के नेटवर्क से नए ग्राहक कम जुड़ सकते हैं। म्यूचुअल फंड स्कीमों का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है। शेयर बाजार में लंबे समय तक सुस्ती रह सकती है। रेगुलेटरी नियमों में बदलाव भी कंपनी की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं।

Bandhan Bank Q1 Results: 35% बढ़ा मुनाफा, NPA घटा; लोन-डिपॉजिट में दिखी दमदार ग्रोथ

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Q1 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी स्टेनलेस स्टील कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Welspun Specialty Q1 Results: Welspun Group की कंपनी Welspun Specialty Solutions ने जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में वापसी की है। यह स्पेशल स्टेनलेस स्टील और अलॉय स्टील बनाने वाली कंपनी है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले थोड़ा घटा, लेकिन ऑपरेटिंग प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिला।

घाटे से मुनाफे में वापसी

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने ₹5.16 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹0.75 करोड़ का घाटा हुआ था।

कंपनी ने बताया कि पिछले साल की पहली तिमाही में ₹5.78 करोड़ का एकमुश्त फाइनेंस कॉस्ट भी शामिल था। यह खर्च प्रेफरेंस शेयरों के रिडेम्प्शन की वजह से आया था।

रेवेन्यू घटा, लेकिन कमाई सुधरी

जून तिमाही में Welspun Specialty का रेवेन्यू 3.8% घटकर ₹194 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹201 करोड़ था।

हालांकि, ऑपरेटिंग प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी का EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹10.54 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹4.38 करोड़ था।

मार्जिन में बड़ा सुधार

बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन की वजह से EBITDA मार्जिन 2.2% से बढ़कर 5.4% हो गया। यानी बिक्री थोड़ी कम रही, लेकिन कंपनी की कमाई की क्षमता में अच्छा सुधार देखने को मिला।

किन सेक्टरों को सप्लाई करती है कंपनी?

Welspun Specialty Solutions गुजरात के झगड़िया में स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी के प्रोडक्ट पावर, एनर्जी, पेट्रोकेमिकल, डिफेंस, ऑयल एंड गैस, स्पेस और न्यूक्लियर पावर जैसे अहम सेक्टरों में इस्तेमाल होते हैं।

शेयर का हाल

Welspun Specialty Solutions का शेयर मंगलवार को 3.02% बढ़कर ₹54.50 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 47.10% का रिटर्न दिया है।

कंपनी का बिजनेस क्या है

Welspun Specialty Solutions, Welspun Group की मेटल कंपनी है। यह स्पेशल स्टेनलेस स्टील और अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी के प्रोडक्ट पावर, ऑयल एंड गैस, पेट्रोकेमिकल, डिफेंस, न्यूक्लियर एनर्जी, स्पेस और हेवी इंजीनियरिंग जैसे सेक्टरों में इस्तेमाल होते हैं।

Bandhan Bank Q1 Results: 35% बढ़ा मुनाफा, NPA घटा; लोन-डिपॉजिट में दिखी दमदार ग्रोथ

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bandhan Bank Q1 Results: 35% बढ़ा मुनाफा, NPA घटा; लोन-डिपॉजिट में दिखी दमदार ग्रोथ

Bandhan Bank Q1 Results: प्राइवेट सेक्टर के Bandhan Bank ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। बैंक का मुनाफा और लोन बुक दोनों बढ़े हैं। साथ ही फंसे कर्ज (NPA) में भी सुधार देखने को मिला।

मुनाफा 35% बढ़ा

अप्रैल-जून तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 34.8% बढ़कर ₹501.6 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹372 करोड़ था।

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 6% बढ़कर ₹2,921 करोड़ रही। एक साल पहले यह ₹2,757 करोड़ थी। वहीं, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 6.2% पर स्थिर रहा।

NPA में सुधार

जून तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी बेहतर हुई। ग्रॉस NPA घटकर 3.15% रह गया, जो पिछली तिमाही में 3.27% था। वहीं, नेट NPA भी 0.97% से घटकर 0.93% पर आ गया। तिमाही के दौरान बैंक ने ₹682.5 करोड़ का प्रावधान किया।

लोन और डिपॉजिट दोनों बढ़े

30 जून 2026 तक बैंक का ग्रॉस एडवांस 16% बढ़कर ₹1.56 लाख करोड़ हो गया। सिक्योर्ड लोन में 27% की बढ़ोतरी हुई और अब यह कुल लोन बुक का करीब 57% हिस्सा है।

बैंक के कुल डिपॉजिट 7% बढ़कर ₹1.65 लाख करोड़ पहुंच गए। रिटेल डिपॉजिट में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि CASA अनुपात 29% से ऊपर बना रहा।

क्या बोले CEO?

बैंक के एमडी और सीईओ पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे बैंक के मजबूत कारोबार और ग्राहकों के भरोसे को दिखाते हैं। उनका कहना है कि बैंक डिजिटल सेवाओं, नए प्रोडक्ट और वितरण नेटवर्क के विस्तार पर फोकस करते हुए आगे भी संतुलित और टिकाऊ ग्रोथ जारी रखेगा।

बंधन बैंक का शेयर मंगलवार को नतीजों से पहले 1.30% गिरकर ₹208.60 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 50.38% का रिटर्न दिया है।

Bajaj Auto Q1 results: मुनाफा 46% बढ़कर ₹3,226 करोड़ हुआ, रेवेन्यू में भी दिखा 65% का उछाल, अब क्या करें निवेशक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adani Energy Q1 Results: अदाणी ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 124% बढ़ा, शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड

Adani Energy Q1 Results: अदाणी ग्रुप की Adani Energy Solutions ने जून तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। मजबूत कमाई के बाद मंगलवार को कंपनी का शेयर करीब 3% चढ़कर ₹1,781.2 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

मुनाफा 124% उछला

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 124% बढ़कर ₹1,149 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹513 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

कंपनी ने इस तिमाही में ₹29 करोड़ की रेगुलेटरी डिफरल इनकम दर्ज की। पिछले साल इसी अवधि में इसी मद में ₹504 करोड़ का खर्च दर्ज हुआ था। इससे भी मुनाफे को अच्छा सहारा मिला।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 42.4% बढ़कर ₹9,711 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹6,819 करोड़ था।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मार्जिन घटा

तिमाही के दौरान EBITDA 30% बढ़कर ₹3,008 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹2,314.5 करोड़ था। हालांकि EBITDA मार्जिन 33.9% से घटकर 31% रह गया।

इन कारोबारों ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के ट्रांसमिशन बिजनेस का रेवेन्यू 52.4% बढ़कर ₹3,335.3 करोड़ हो गया। डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का रेवेन्यू भी 5% बढ़कर ₹3,520.4 करोड़ रहा।

सबसे तेज बढ़त स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में देखने को मिली। इसका रेवेन्यू 200% से ज्यादा बढ़कर ₹346.9 करोड़ पहुंच गया। वहीं, एनर्जी सॉल्यूशंस प्लेटफॉर्म का रेवेन्यू 9 गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,906.8 करोड़ हो गया। यह इस तिमाही की सबसे बड़ी खासियत रही।

शेयर में आई तेजी

मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों ने कंपनी पर भरोसा दिखाया। शेयर कारोबार के दौरान ₹1,781.2 के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली हुई। यह 0.44% बढ़कर 1,737 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में शेयर 13% चढ़ चुका है, जबकि साल 2026 में अब तक इसमें 67% की तेजी आ चुकी है।

TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी को ₹1174 करोड़ का मुनाफा, रॉकेट बना स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी को ₹1174 करोड़ का मुनाफा, रॉकेट बना स्टॉक

TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी TVS Motor ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने मुनाफे से लेकर रेवेन्यू और मार्जिन तक, लगभग हर मोर्चे पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। इसी का असर शेयर पर भी दिखा। मंगलवार को कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 5% तक चढ़ गया।

50% बढ़ा मुनाफा

जून तिमाही में TVS मोटर का शुद्ध मुनाफा 50.7% बढ़कर ₹1,174 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹779 करोड़ था। बाजार को करीब ₹1,022 करोड़ के मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन कंपनी ने इससे बेहतर प्रदर्शन किया।

कंपनी की अन्य आय (Other Income) भी ₹34 करोड़ से बढ़कर ₹150 करोड़ हो गई। इससे मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली।

रेवेन्यू भी उम्मीद से ज्यादा

TVS Motor का रेवेन्यू 37.8% बढ़कर ₹13,896 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹10,081 करोड़ था। यह आंकड़ा भी बाजार के ₹13,618 करोड़ के अनुमान से बेहतर रहा।

मार्जिन में भी सुधार

TVS मोटर का EBITDA 41% बढ़कर ₹1,779 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹1,260 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 12.5% से बढ़कर 12.8% पहुंच गया। बाजार को उम्मीद थी कि मार्जिन घटेगा, लेकिन कंपनी ने उल्टा इसे बढ़ा दिया।

बिक्री और कीमत, दोनों बढ़ीं

जून तिमाही में कंपनी की गाड़ी बिक्री 28% बढ़ी। वहीं, प्रति गाड़ी मिलने वाली औसत कीमत (Realisations) में भी 6% की बढ़ोतरी हुई। इससे कंपनी की कमाई और मार्जिन दोनों को सहारा मिला।

शेयर में आई जोरदार तेजी

मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा दिखाया। मंगलवार को TVS Motor का शेयर करीब 5.56% बढ़कर ₹3,789 पर पहुंच गया। इसके साथ ही शेयर अपने ऑल टाइम हाई ₹3,970 के काफी करीब पहुंच गया है। पिछले 1 साल में शेयर 33.66% बढ़ा है।

Jindal Stainless Share Price: जिंदल ग्रुप का यह शेयर लगा सकता है 38% की छलांग, गोल्डमैन सैक्स हुआ बुलिश

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MTAR Tech के शेयर में चौथे दिन लगा लोअर सर्किट, बीते 30 दिन में शेयर 34% क्रैश

एमटीएआर के शेयरों में बीते कुछ हफ्तों में बड़ी बिकवाली दिखी है। बीते एक महीने में यह शेयर 34 फीसदी से ज्यादा गिरा है। एक हफ्ते में यह करीब 17 फीसदी फिसला है। 21 जुलाई को लगातार चौथे सत्र इस शेयर में बड़ी गिरावट दिखी। 5 फीसदी गिरने के बाद इस शेयर में लोअर सर्किट लग गया।

MTAR Technologies के शेयर में 21 जुलाई को लगातर चौथे सत्र लोअर सर्किट लगा। इससे पहले अमेरिकी कंपनी ब्लूम एनर्जी के शेयर में बड़ी गिरावट आई। यह शेयर बीते एक महीने में 38 फीसदी फिसला है। दुनियाभर के शेयर बाजारों में एआई-लिंक्ड स्टॉक्स में कमजोरी का असर ब्लूम एनर्जी पर पड़ा है।

एमटीएआर टेक्नोलॉजीज के बारे में एनालिस्ट्स का कहना है कि गिरावट के बावजूद शेयर स्ट्रॉन्ग दिख रहा है। हालांकि, नई खरीदारी में जल्दबाजी ठीक नहीं होगी। एसबीआई सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड सनी अग्रवाल ने कहा कि FY28 में एमटीएआर के शेयर का अर्निंग्स प्रति शेयर 100 रुपये रहने की संभावना है। FY26-FY28 के बीच अर्निंग्स की सीएजीआर 50 फीसदी से ज्यादा रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “50 गुना के पी/ई मल्टीपल पर इस बिजनेस की फेयर वैल्यू 5,000 करोड़ रुपये है। इस प्राइस टारगेट को ध्यान में रख इनवेस्टर्स कीमत में गिरावट पर इस शेयर को खरीद सकते है। 4,000 रुपये के प्राइस पर नए निवेशकों के लिए रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो फेवरेबल दिखता है।”

एमटीएआर का शेयर बीते छह महीनों में 123 फीसदी चढ़ा है, क्योंकि दुनियाभर में एआई से जुड़े शेयरों में तेजी आई थी। इस उम्मीद में शेयरों में तेजी आई थी कि कंपनी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन की बड़ी प्लेयर के रूप में उभरेगी। Bloom Energy से MTAR Technologies के जुड़ाव से इस सोच को और मजबूती मिली। ब्लूम एनर्जी एआई डेटा सेंटर्स को फ्यूल सेल सॉल्यूशंस सप्लाई करती है।

शेयर बाजारों में 21 जुलाई को कमजोरी दिखी। 1:30 बजे निफ्टी 0.29 फीसदी यानी 70 अंक गिरकर 24,169 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.35 फीसदी यानी 271 अंक की कमजोरी के साथ 77,433 था। बैंक निफ्टी में 0.05 फीसदी की कमजोरी दिखी। 20 जुलाई को भी शेयर बाजार में गिरावट आई थी।

जब इंफोसिस के ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन बने करोड़पति! जानें नारायण मूर्ति का वो फैसला जो बनी कॉरपोरेट इंडस्ट्री की सबसे अनोखी कहानी

Infosys Drivers-Electricians Became Crorepatis: भारतीय कॉरपोरेट जगत के इतिहास में जब भी संपत्ति बनाने की बात आती है, तो इंफोसिस का नाम सबसे ऊपर आता है। यह कहानी सिर्फ एक आईटी कंपनी के सफल होने की नहीं है, बल्कि एक दूरदर्शी संस्थापक के उस फैसले की है जिसने आम मध्यमवर्गीय कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि ऑफिस के ड्राइवर्स और इलेक्ट्रिशियन तक की किस्मत हमेशा के लिए बदल दी।

साल 1999 में जब इंफोसिस के कर्मचारी करोड़पति बने, तो पूरा भारतीय कॉरपोरेट जगत हैरान रह गया था। आइए जानते हैं कि नारायण मूर्ति के उस एक फैसले ने कैसे इतिहास रच दिया।

1993 में आया था IPO, जब मॉर्गन स्टेनली बनी ‘मददगार’

बहुत कम लोग जानते हैं कि 1993 में जब इंफोसिस का IPO ₹95 प्रति शेयर के भाव पर आया था, तो शुरुआत में इसे पर्याप्त सब्सक्रिप्शन नहीं मिला था। उस समय ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली आगे आई और इश्यू प्राइस पर कंपनी की 13% हिस्सेदारी खरीदकर इसे बचाया। किसी को अंदाजा नहीं था कि भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में यह अब तक का सबसे सफल दांव साबित होने वाला है।

ESOP पर 1994 का वो ऐतिहासिक फैसला जिससे पलटी किस्मत 

साल 1994 में इंफोसिस ने ‘एंप्लॉय स्टॉक ऑप्शन प्लान’ (ESOP) शुरू किया। इंफोसिस ऐसा करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। पूर्व सीएफओ टी.वी. मोहनदास पाई के अनुसार, इस योजना का दायरा इतना बड़ा था कि यह केवल सीनियर इंजीनियर्स और मैनेजरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कंपनी के निचले स्तर के कर्मचारियों को भी दी गई।

नारायण मूर्ति का स्पष्ट मानना था कि, ‘कंपनी का विकास तभी सार्थक है, जब उसे बनाने वाले हर एक स्टेकहोल्डर और कर्मचारी का विकास उसके साथ हो।’

1999 में Nasdaq पर लिस्टिंग और शेयर में छप्परफाड़ तेजी

मार्च 1999 में इंफोसिस अमेरिका के नेस्डैक एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। इस ग्लोबल लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों की मांग पूरी दुनिया में रातों-रात बढ़ गई।

इश्यू प्राइस (1993): ₹95 प्रति शेयर

शेयर प्राइस (1999): ₹8,100 के करीब

मात्र 6 साल के भीतर शेयर की कीमत में आई इस ऐतिहासिक तेजी ने कागजी संपत्ति को असली पैसों में बदल दिया।

जब ड्राइवर और बिजली मिस्त्री भी बन गए ‘करोड़पति’

1999 के समय में जहां एक औसत इंजीनियर की सैलरी लगभग ₹8,000 प्रति महीना होती थी, वहीं इंफोसिस के लगभग 1,800 कर्मचारी ESOP की बदौलत डॉलर मिलियनेयर बन चुके थे। इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि कंपनी में काम करने वाले ड्राइवर्स, इलेक्ट्रिशियन और सपोर्ट स्टाफ, जिन्हें स्टॉक ऑप्शंस मिले थे, वे भी रातों-रात करोड़पति बन गए थे।

भारत के मध्यमवर्ग के लिए केवल सैलरी से नहीं, बल्कि कंपनी के शेयर लंबे समय तक होल्ड करके इतनी बड़ी संपत्ति बनाने का यह बिल्कुल नया और आंखें खोल देने वाला विचार था।

₹10,000 से ₹4 लाख करोड़ तक का सफर

मात्र ₹10,000 की उधारी पूंजी से शुरू हुई इंफोसिस ने आगे चलकर ₹4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप के आंकड़े को पार किया। 1999 का दौर वह मोड़ था जिसने यह साबित किया कि यदि कंपनी अपनी सफलता में हर योगदान देने वाले को हिस्सेदार बनाती है, तो साधारण लोग भी असाधारण रूप से समृद्ध हो सकते हैं।