Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

Advit Jewels IPO Listing: 100% हाथ से गहने बनाने वाली यानी हर पीस मास्टरपीस बनाने वाली अद्वित ज्वेल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 212 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹187.00 और NSE पर ₹188.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 37% का लिस्टिंग गेन (Advit Jewels Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹190.00 (Advit Jewels Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 37.68% मुनाफे में हैं।

Advit Jewels IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अद्वित ज्वैल्स का ₹165 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 174.98 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 536.38 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 95.30 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,19,68,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹65.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और ₹65.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advit Jewels के बारे में

अद्वित ज्वेल्स जयपुर की एक ज्वेलरी कंपनी है जो “Rambhajo” ब्रांड नाम के तहत कुंदन, पोलकी, डायमंड और स्टडेड (रत्न जड़े) जैसे हाथ से बनी बेहतरीन ज्वेलरी बनाने में माहिर है। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है लेकिन खास ऑर्डर पर बनने वाली ज्वेलरी के लिए बी2सी सर्विसेज भी देती है। चूंकि इसकी ज्वेलरी पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है, जिससे हर पीस एक मास्टरपीस होता है। वित्त वर्ष 2025 में इसकी कुल कमाई का 81.63% हिस्सा बी2बी सेगमेंट से और 18.37% हिस्सा बी2सी सेगमेंट से आया। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में है, जो 3डी प्रिंटर और कास्टिंग यूनिट जैसी आधुनिक मशीनों से लैस है। इससे सोना पिघलाने से लेकर पॉलिशिंग और क्वालिटी चेक तक की पूरी प्रक्रिया इन-हाउस यानी कंपनी के अंदर ही पूरी की जा सकती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 56% के CAGR से ₹25.37 करोड़ और रेवेन्यू 63% के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअरल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹124.94 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹25.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹123.80 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹64.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹51.64 करोड़ पड़े थे।

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Waaree Energies Share Price: सोलर कंपनी पर अमेरिकी एक्शन का असर, JM Financial ने घटाया टारगेट प्राइस

Waaree Energies Share Price: ब्रोकरेज JM Financial ने सोलर कंपनी Waaree Energies के शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है। अब उसने 12 महीने का टारगेट प्राइस 3,509 रुपये से घटाकर 3,185 रुपये रखा है। इसकी वजह अमेरिका की ओर से कंपनी पर सोलर सेल आयात में टैरिफ से बचने (Tariff Evasion) का आरोप लगना है।

हालांकि, ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। मौजूदा भाव 2,954 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 231 रुपये या 7.8% की संभावित बढ़त की गुंजाइश बनती है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका की Customs and Border Protection (CBP) ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट में कहा है कि Waaree Energies ने 2021 से 2026 के बीच वियतनाम और मलेशिया से आने वाले सोलर सेल्स पर लगने वाले टैरिफ से बचने की कोशिश की।

CBP का कहना है कि कंपनी ने चार साल तक सामान के मूल देश (Country of Origin) की गलत जानकारी दी। JM Financial का मानना है कि इससे कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है।

271% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी

CBP के फैसले के बाद जिन आयातों को नियमों से बचने वाला माना गया है, उन पर 271.28% तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी के लिए कैश डिपॉजिट देना होगा। यह जांच 2025 में शुरू हुई थी।

शिकायत में कहा गया था कि Waaree Energies ने चीन से सोलर सेल का आयात काफी बढ़ाया। इसके बाद भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले क्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टिक (CSPV) मॉड्यूल का निर्यात भी तेजी से बढ़ा। 2021 से 2023 के बीच भारत से अमेरिका जाने वाले CSPV मॉड्यूल के आयात में 2,250% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ऑर्डर बुक पर पड़ सकता है असर

JM Financial के मुताबिक, Waaree Energies की ऑर्डर बुक 53,000 करोड़ रुपये की है। इसका 65% से 70% हिस्सा विदेशी ग्राहकों के लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ा है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इस फैसले से कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है। इसका असर भविष्य में मिलने वाले कुछ अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स पर भी पड़ सकता है।

फिर भी ‘Add’ रेटिंग क्यों बरकरार?

JM Financial का कहना है कि हालात उतने खराब नहीं हैं, जितनी आशंका जताई जा रही थी। CBP ने कंपनी के सभी आयातों को नियमों का उल्लंघन करने वाला नहीं माना है।

जांच में यह भी सामने आया कि Waaree Energies ने गैर-चीनी सोलर सेल्स से इतने मॉड्यूल तैयार किए थे, जो अमेरिका भेजे गए उसके कुल मॉड्यूल की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त थे। इसी वजह से ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी पर असर तो पड़ेगा, लेकिन सबसे खराब स्थिति बनने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।

मार्च तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 112% बढ़कर 8,840.25 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, शुद्ध मुनाफा 74.7% बढ़कर 1,126.26 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 80% बढ़कर 1,577 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.6% रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 23% था।

Waaree के शेयरों का हाल

Waaree Energies का शेयर मंगलवार को 2.35% की बढ़त के साथ 2,954 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें करीब 6% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 84.71 हजार करोड़ रुपये है।

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Trading Strategy : जुलाई सीरीज का आउटलुक अभी भी पॉजिटिव, 24050 के ऊपर निकले तो निफ्टी बन सकता है बुलेट ट्रेन

Trading Strategy : जून सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन निफ्टी और बैंक निफ्टी ने ऑप्शन राइटर्स की रेंज का सम्मान किया है। निफ्टी निचले स्तरों से 80 अंक सुधरकर 23900 के ऊपर दिख रहा है। मिडकैप अच्छी तेजी के साथ आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX से भी पॉजिटिव संकेत हैं। IT शेयरों ने आज पूरे बाजार पर दबाव बनाया है। आईटी इंडेक्स तीन साल के निचले स्तरों पर पहुंचा गया है। TCS, WIPRO और टेक महिंद्रा, निफ्टी के टॉप लूजर बने हैं। FMCG और सरकारी बैंकों में भी दबाव है।

केमिकल,रियल्टी और डिफेंस शेयरों में आज जोरदार तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। सोलार इंडस्ट्रीज डिफेंस में 5% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही कोचिन शिपयार्ड भी 4% उछला है।

बाजार: रेंज का सम्मान

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी और बैंक निफ्टी ने ऑप्शन राइटर्स की रेंज का सम्मान किया है। निफ्टी ने Buy या Sell जोन,दोनों में अच्छी ट्रेड दी है। आज का हाईलाइट है,मिडकैप का आउटपरफॉर्मेंस। 3-4 दिनों के बाद मिडकैप में रौनक लौटी है। इंडिया VIX अभी भी कंफर्ट जोन में कायम है। आज के इक्के मारुति ने कमाल किया है। आयशर मोटर्स में भी आज उम्मीद के मुताबिक ही कामकाज हुआ। पहले यह 6% तक गिरा और फिर बॉरगेन खरीदारी आई। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या एक्सपायरी ऑप्शन राइटर के रेंज के बाहर होगी? दूसरा बड़ा सवाल है कि जुलाई सीरीज के लिए क्या टेक्स्चर है?

बाजार: अब क्या?

निफ्टी में 23,800-23,850 लक्ष्मण रेखा है। इसके ऊपर जब तक हैं,ट्रेंड ऊपर है। 24,050 के ऊपर निकले तो निफ्टी बुलेट ट्रेन बन सकता है। निफ्टी के चलने के लिए 2-3 बड़े शेयरों को चलना होगा। RIL,HDFC Bank, Infosys, L&T पर नजर रखें। जुलाई सीरीज का आउटलुक अभी भी पॉजिटिव ही है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,850-23,950 पर सपोर्ट और 24,050-24,150 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,400 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी में आज सिर्फ और सिर्फ एक्सपायरी वाला मूव है। अभी के लिए न्यूट्रल रहें,चाहें तो जुलाई मंथ एंड कॉल्स लें।

 

 

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Eicher Motors Share Price : तेज गिरावट के बाद आयशर मोटर्स बना निफ्टी का टॉप लूजर, दिल्ली की EV पॉलिसी ने दिया जोर का झटका

Eicher Motors Share Price : आज आयशर मोटर्स में तेज गिरावट दिख रही है। निचले स्तरों से ये कुछ रिकवर हुआ है,लेकिन अभी भी यह निफ्टी का टॉप लूजर बना हुआ है। फिलहाल 12 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 290 रुपए यानी 3.91 फीसदी की गिरावट के साथ 7138 रुपए के आसपास दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 7,392.50 रुपए और दिन का लो 6,942.50 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 8,230 रुपए और 52 वीक लो 5,353 रुपए है।

निफ्टी का टॉप लूजर बना शेयर

आज यह शेयर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। इसकी वजह पर नजर डालें तो इस स्टॉक पर दिल्ली की EV पॉलिसी का निगेटिव असर संभव है। दिल्ली में 1 अप्रैल 2028 से सिर्फ EV 2-W का रजिस्ट्रेशन होगा। 1 जनवरी 2028 से दिल्ली में ICE 2W रजिस्ट्रे्शन बंद होगा। 2 व्हीकल बिक्री में दिल्ली का 3 फीसदी हिस्सा है। FY26 में कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने FY26 में रिकॉर्ड रेवेन्यू,EBITDA और मुनाफा दर्ज किया है।

दिल्ली की EV पॉलिसी के अनुसार,दिल्ली में सभी नए पेट्रोल और CNG टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन 1 अप्रैल,2028 से हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। इस तारीख से शहर में बिकने वाला हर नया कम्यूटर टू-व्हीलर इलेक्ट्रिक होना जरूरी होगा। इसके लिए कोई एक्स्ट्रा समय (ग्रेस पीरियड)या हाइब्रिड गाड़ियों के लिए कोई छूट नहीं दी जाएगी।

आयशर मोटर्स की रॉयल एनफील्ड के लिए यह बहुत बुरी खबर है। इस ब्रांड के पास अपनी लाइन-अप में सिर्फ़ एक इलेक्ट्रिक मॉडल है और दिल्ली के EV सेगमेंट में इसकी कोई खास मौजूदगी नहीं है। बताते चलें कि दिल्ली में रॉयल एनफील्ड की स्थिति बहुत मज़बूत है। सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’के आंकड़ों के मुताबिक,दिल्ली के कुल टू-व्हीलर मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 3.3% है। मिड-साइज़ पेट्रोल मोटरसाइकिलों पर बनी कंपनी मजबूत फ्रैंचाइजी अब इलेक्ट्रिक पर स्विच करना जरूरी होने के बाद ज़्यादा काम नहीं आएगी।

बाजार जानकारों का कहना है कि इस पॉलिसी की वजह से जिन पुरानी कंपनियों के पास भरोसेमंद EV रेंज नहीं है,उन्हें या तो अपने नए प्रोडक्ट्स तेज़ी से लॉन्च करने होंगे या फिर दिल्ली के कम्यूटर सेगमेंट से पूरी तरह बाहर होना पड़ेगा। डेडलाइन में दो साल से भी कम समय बचा है,ऐसे में रॉयल एनफील्ड पर अपनी इलेक्ट्रिक रेंज बढ़ाने का दबाव काफी बढ़ गया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कंपनी के लिए भारत के सबसे बड़े टू-व्हीलर मार्केट में से एक में अपनी पकड़ खोने का खतरा हो सकता है।

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दिल्ली EV पॉलिसी पर नोमूरा की राय

नोमूरा की राय है कि दिल्ली EV पॉलिसी से IGL को बड़ा झटका लगेगा। इससे लॉन्ग टर्म में CNG वॉल्यूम घटेंगे। दिल्ली में बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल्स धीरे-धीरे CNG की डिमांड कम करेंगे। हालांकि MGL पर कोई डायरेक्ट असर नहीं होगा। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में गुजरात गैस पर सबसे कम असर होगा। घरेलू और इंडस्ट्रियल PNG अब ग्रोथ ड्राइवर बनेगा।

 

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Ramco Systems Share Price: रैमको सिस्टम्स का शेयर बना रॉकेट, एक महीने में 90 फीसदी चढ़ा

Ramco Systems Share Price: रैमको सिस्टम्स के शेयरों में लगातार जारी तेजी ने इनवेस्टर्स को चौंकाया है। 30 जून को भी इस शेयर में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही यह शेयर रॉकेट बन गया। एक समय तक यह 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया था। 29 जून को भी इस शेयर में तूफानी तेजी दिखी थी। इससे शेयर का भाव 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया था।

एक महीने में 90 फीसदी चढ़ा शेयर 

Ramco Systems का शेयर बीते एक महीने में करीब 90 फीसदी चढ़ चुका है। इस तेजी ने इनवेस्टर्स को चौंकाया है। खास बात यह है कि इस स्टॉक में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ी है। 29 जून को शेयर बाजार में गिरावट के बीच भी इसमें तेजी आई। 30 जून को भी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद रैमको सिस्टम्स के शेयरों में तेजी दिखी। इस तेजी से शेयर की वैल्यूएशन अचानक काफी बढ़ गई है।

FY21 के बाद पहली बार मुनाफे में आई कंपनी

30 जून को 10:15 बजे रैमको सिस्टम्स का शेयर 7.37 फीसदी चढ़कर 850 रुपये पर चल रहा था। यह कंपनी वर्ल्ड-क्लास एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रेडक्ट/प्लेटफॉर्म ऑफर करती है। इसने अपने मल्टी-टेनेंट क्लाउड एंड मोबाइल आधारित एंटरप्राइज सॉफ्टेवर से बड़ी हलचल मचाई है। कंपनी ने FY26 में 41.84 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया है। FY21 के बाद पहली बार कंपनी मुनाफे में आई है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट 

30 जून को शेयर बाजार में गिराव देखने को मिला। 10:25 बजे निफ्टी 0.34 फीसदी यानी 55 अंक गिरकर 23,892 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.15 फीसदी यानी 109 अंक की कमजोरी के साथ 76,615 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी और मिडकैप इंडेक्स में हरे निशान में कारोबार हो रहा था। निफ्टी आईटी इंडेक्स में गिरावट दिखी। हालांकि, 29 जून को अमेरिकी बाजारों खासकर नैस्डेक में अच्छी तेजी आई थी। इसके बावजूद 30 जून को भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। टीसीएस और इंफोसिस में 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Bajaj Auto Share Buyback: ₹5633 करोड़ का ऑफर 1 जुलाई से, ₹12000 के भाव पर खरीद; किस रेशियो में मंजूर होंगे शेयर

टूव्हीलर और थ्रीव्हीलर मेकर Bajaj Auto Ltd शेयर बायबैक कर रही है। इसके लिए ​विंडो 1 जुलाई 2026 से खुलेगी और 7 जुलाई को बंद होगी। बायबैक का साइज ₹5,632.8 करोड़ है। कंपनी ने एनटाइटलमेंट रेशियो की घोषणा कर दी है। बायबैक में कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स से ₹10 प्रति शेयर फेस वैल्यू वाले 46.94 लाख इक्विटी शेयर वापस खरीदने वाली है। शेयरों की यह संख्या कंपनी के कुल इक्विटी शेयरों का 1.68% है। Bajaj Auto के शेयर बायबैक की कीमत ₹12,000 प्रति शेयर तय की गई है।

इस तरह कंपनी इस बायबैक के लिए ₹5,633 करोड़ (₹5,632,80,00,000) खर्च करेगी। इस रकम में अन्य खर्च, ब्रोकरेज फीस और लागू टैक्स शामिल नहीं हैं। इस शेयर बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट 24 जून थी। रिकॉर्ड डेट से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग टाइम तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में रहे होंगे, वे बायबैक में हिस्सा लेने के पात्र होंगे।

Bajaj Auto ने क्या रखा है बायबैक रेशियो?

बायबैक ऑफर के तहत छोटे शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व कैटेगरी में आने वाले पात्र शेयरहोल्डर रिकॉर्ड डेट (24 जून) पर अपने पास मौजूद हर 61 इक्विटी शेयरों के लिए 17 इक्विटी शेयर टेंडर कर सकते हैं, यानि कि बेचने के लिए पेश कर सकते हैं। जनरल कैटेगरी में आने वाले शेयरहोल्डर रिकॉर्ड डेट पर उनके पास मौजूद हर 525 इक्विटी शेयरों पर 17 इक्विटी शेयर टेंडर कर सकते हैं। कंपनी के प्रमोटर्स, प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों और कंपनी का कंट्रोल रखने वाले लोगों ने संकेत दिया है कि वे बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे। स्टॉक एक्सचेंजेस पर बिड्स के सेटलमेंट की लास्ट डेट 14 जुलाई है।

कंपनी ने इस बायबैक की घोषणा 6 मई को तिमाही और सालाना नतीजे जारी करने के साथ की थी। शेयरहोल्डर्स ने प्रपोजल को मंजूरी 14 मई को दी। इससे पहले बजाज ऑटो ने साल 2024 में शेयर बायबैक किया था। उस वक्त कंपनी ने शेयरहोल्डर्स से कुल इक्विटी शेयरों का 1.41% हिस्सा ₹10,000 प्रति शेयर की कीमत पर वापस खरीदा था।

Omaxe Share Price: गिरते बाजार में रियल्टी स्टॉक को लगे पंख, भरी 20% तक की उड़ान

सोमवार को Bajaj Auto के शेयर में गिरावट

Bajaj Auto के शेयर में 29 जून को 2% की गिरावट रही। BSE पर कीमत ₹9628.15 पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप ₹2.69 लाख करोड़ से ज्यादा है। शेयर 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। मार्च 2026 तिमाही के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 55.01% हिस्सेदारी थी। बजाज ऑटो के अब लगभग 3 लाख खुदरा शेयरधारक हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर कंपनी का स्टॉक 10% टूटा, जानिए किस वजह से आई इतनी बड़ी गिरावट

Netweb Share Price: डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies India के शेयर सोमवार को कारोबार के दौरान 10% तक टूट गए। इसकी वजह कंपनी का फंड जुटाने की योजना रही।

शेयर कारोबार के दौरान 4,450 रुपये तक गिर गया। आखिर में यह 9.34% की गिरावट के साथ 4,482 रुपये पर बंद हुआ।

1 जुलाई को होगी बोर्ड बैठक

Netweb Technologies ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 1 जुलाई को बोर्ड की बैठक होगी। इस बैठक में एक या एक से ज्यादा फंड जुटाने के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। मंजूरी मिलने पर बोर्ड इन्हें आगे बढ़ा सकता है।

कैसे जुटाया जा सकता है फंड?

Netweb Technologies इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर, कन्वर्टिबल या नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर, वारंट या दूसरे इक्विटी लिंक्ड सिक्योरिटीज जारी कर फंड जुटा सकती है। जरूरत के हिसाब से इनमें से एक या एक से ज्यादा विकल्प अपनाए जा सकते हैं।

कई रास्तों पर विचार

Netweb Technologies ने कहा कि फंड जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), प्राइवेट प्लेसमेंट, फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO), राइट्स इश्यू या कानून के तहत उपलब्ध किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर जरूरत पड़ी, तो इस प्रस्ताव में ग्रीनशू ऑप्शन भी शामिल किया जा सकता है।

Netweb के शेयरों का हाल

Netweb का शेयर सोमवार 9.34% की गिरकर 4,482 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 6 महीने के दौरान इसमें 45.58% की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसने 142% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.52 हजार करोड़ रुपये है।

Netweb का बिजनेस

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) और AI सर्वर बनाने वाली कंपनी है। यह डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस भी देती है। कंपनी सरकारी संस्थानों, रिसर्च संगठनों और बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए सुपरकंप्यूटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार करती है।

HAL Dividend: सरकारी डिफेंस कंपनी देगी ₹10 का डिविडेंड, जानिए रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल

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