7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस को रेलवे ने दी मंजूरी! इन शहरों को जोड़ेंगी ट्रेनें, देखें पूरी रूट लिस्ट

भारतीय रेलवे ने देश में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सात नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी है। इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य कम और मध्यम आय वाले यात्रियों को कम किराए में आरामदायक सफर की सुविधा देना है। इन ट्रेनों का किराया प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में कम रखा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लंबी दूरी की यात्रा आसानी से कर सकें।

नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें उत्तर, मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई शहरों को आपस में जोड़ेंगी। इन ट्रेनों के कई रूट लंबी दूरी के होंगे और रास्ते में कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया जाएगा। प्रस्तावित सात ट्रेनों और उनके निर्धारित स्टॉप की जानकारी इस प्रकार है:

धनबाद-कोयंबटूर अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने धनबाद और कोयंबटूर के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के नंबर 22363/22364 होंगे। यह ट्रेन झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगी।

धनबाद से चलने वाली यह ट्रेन गोमो, पारसनाथ, हजारीबाग रोड, कोडरमा, गया, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर और प्रयागराज छिवकी जैसे स्टेशनों पर रुकेगी।

इसके बाद ट्रेन कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, बैतूल, नागपुर, चंद्रपुर, बल्हारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचेरियल, पेद्दापल्ली, वारंगल, महबूबाबाद, खम्मम और विजयवाड़ा होते हुए आगे बढ़ेगी।

दक्षिण भारत में इसके ठहराव ओंगोल, नेल्लोर, गुडूर, रेनिगुंटा, तिरुत्तानी, काटपाडी, जोलारपेट्टई, सलेम, इरोड और तिरुपुर में होंगे। इसके बाद ट्रेन अपने अंतिम गंतव्य कोयंबटूर पहुंचेगी।

प्रयागराज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने प्रयागराज और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को भी मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के नंबर 20436/20435 होंगे। यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन चलेगी और रास्ते में प्रयागराज, सतना, जबलपुर, इटारसी, भुसावल और कल्याण स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगी।

सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस

रेल मंत्रालय ने सूबेदारगंज और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के नंबर 14121/14122 होंगे और यह सप्ताह में एक दिन चलेगी।

यह ट्रेन सूबेदारगंज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, भरुआ सुमेरपुर, रागौल, बांदा, चित्रकूटधाम कर्वी, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, इटारसी, खंडवा, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन के शुरू होने से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।

गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर और दिल्ली के बीच भी नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने को मंजूरी दी है। इस ट्रेन के नंबर 15095/15096 होंगे और यह सप्ताह में एक दिन चलेगी।

गोरखपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली यह ट्रेन गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद और दिल्ली स्टेशनों पर रुकेगी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को दिल्ली आने-जाने के लिए एक और सुविधाजनक रेल सेवा मिल सकेगी।

प्रयागराज-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड ने प्रयागराज और उधना के बीच भी एक नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने की मंजूरी दी है। इस ट्रेन के नंबर 20437/20438 होंगे और यह भी सप्ताह में एक दिन चलेगी।

यह ट्रेन प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, इटावा, टूंडला, ईदगाह आगरा, बयाना, हिंडौन सिटी, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, रतलाम, वडोदरा और उधना स्टेशनों पर रुकेगी। इससे उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों के बीच रेल यात्रा आसान होगी।

गोरखपुर-बांद्रा अमृत भारत एक्सप्रेस

एक अन्य  साप्ताहिक ट्रेन गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15085/15086) है।

ट्रेन गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टूंडला, आगरा किला, बयाना, गंगापुर सिटी, कोटा, भवानी मंडी, शामगढ़, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वलसाड, वापी, पालघर, बोरीवली और बांद्रा टर्मिनस पर रुकेगी।

चरलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस

सातवीं ट्रेन चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22075/22076) है।

यह प्रस्तावित सर्विस चार्लापल्ली, काज़ीपेट, पेड्डापल्ली, मंचिरयाल, बल्हारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, पोखरायां, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, लखनऊ सिटी, गोमतीनगर, बाराबंकी, गोंडा और गोरखपुर में रुकेगी।

Optimystix Entertainment Listing: कॉमेडी सर्कस, क्राइम पेट्रोल की प्रोड्यूसर ने शेयर बाजार में दी दस्तक; 3 प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्ट

विपुल डी शाह की कंपनी ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट इंडिया के शेयर शुक्रवार को शेयर बाजार में हल्की बढ़त में लिस्ट हुए। शेयर ने NSE SME पर करीब 3 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 180 रुपये पर ट्रेडिंग की शुरुआत की। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 175 रुपये था। कंपनी का 108.50 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.84 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.85 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 2.26 गुना भरा।

इश्यू में 87.50 करोड़ रुपये के 50 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही फाउंडर और प्रमोटर विपुल डी शाह की ओर से 21 करोड़ रुपये के 12 लाख शेयरों को ऑफर फॉर सेल के तहत बिक्री के लिए रखा गया। ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट फिल्मों और टीवी शो का प्रोडक्शन करती है।

यह 150 से ज्यादा टीवी शो प्रोड्यूस कर चुकी है। लिस्ट में कॉमेडी सर्कस, लाफ्टर शेफ्स, क्राइम पेट्रोल, बालवीर, सजन रे झूठ मत बोलो, लेडीज स्पेशल, सास बिना ससुराल, कॉमेडी नाइट्स बचाओ, पापड़ पोल, राइजिंग स्टार जैसे नाम शामिल हैं। ​इसने खेल-खेल में, द डिप्लोमैट, ओएमजी 2 जैसी फिल्मों के साथ-साथ छुरी और चटनी शॉर्ट फिल्म को भी प्रोड्यूस किया है। इसके अलावा 2 वेब सीरीज कैंडी और लुक्खा का प्रोडक्शन भी किया है। विपुल डी शाह कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। राजेश बहल को-प्रमोटर और ग्रुप सीईओ हैं। ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट की शुरुआत साल 2001 में हुई थी। कंपनी को 60 से ज्यादा अवॉर्ड मिल चुके हैं।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 135.89 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 125 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 39 प्रतिशत बढ़कर 24 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 17.24 करोड़ रुपये था।

Technocraft Ventures IPO Listing: शेयर ने मचाया धमाल, 34% बढ़त में स्टॉक मार्केट में एंट्री

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hariyali Teej 2026 Vrat Vidhi: अगर पहली बार करने जा रही हैं तीज का व्रत, जान लें पूरी विधि

Hariyali Teej 2026 Vrat Vidhi: हरियाली तीज 15 अगस्त 2026, दिन शनिवार को मनाई जाने वाली है। इस दिन सभी सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए पूरी श्रद्धा और विधि विधान से व्रत करती हैं। वहीं कुंवारी लड़कियां अच्छे वर को पाने के लिए इस व्रत को रखती हैं। सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को इसे मनाया जाता है। ये त्योहार मां पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन का प्रतीक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत और शिव-पार्वती की पूजा करने से शादीशुदा जीवन सुखों से भरा रहता है। हालांकि, पूर्ण फल पाने के लिए व्रत को विधि-पूर्वक करना बेहद जरूरी है। ऐसे में अगर आप पहली बार हरियाली तीज का व्रत कर रही हैं, तो इसकी पूरी विधि जरूर जान लें।

जानें हरियाली तीज व्रत विधि

1- सावन मास की तृतीया तिथि पर व्रत रखने वाली महिलाओं को सुबह जल्दी उठकर साफ-सफाई करके स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद, साफ कपड़े पहने।

2- हरियाली तीज पर महिलाओं के मायके से सिंधारा या शगुन का सामान आता है। इसमें साड़ी, चूड़ियां, मिष्ठान, श्रृंगार का सामान दिया जाता है। मायके से आए सामान में से ही साड़ी पहननी चाहिए, इसे शुभ माना जाता है। इस दिन हरे रंग की साड़ी पहनना बेहद शुभ माना गया है।

3- महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करती हैं। हरियाली तीज पर सोलह श्रृंगार का बहुत महत्व होता है। इस त्योहार को सुहाग का प्रतीक माना जाता है।

4- हरियाली तीज के दिन सबसे पहले व्रत का संकल्प लें। इसके बाद सुबह शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की स्थापना करें और पूजा करें। माता पार्वती को पूरा श्रृंगार का सामान चढ़ाएं। वहीं शिवजी को बेलपत्र, जल, फूल आदि अर्पित करें। वहीं पूजा के दौरान हरियाली तीज व्रत कथा पाठ भी जरूर करना चाहिए। भगवान को भोग अर्पित करें।

5- मान्यताओं के मुताबिक महिलाएं हरियाली तीज पर अपनी सास को श्रृंगार का सामान देती हैं। साथी ही उनका आशीर्वाद लेती हैं। इस दिन महिलाएं को झूला भी झूलती हैं। वहीं हरियाली तीज पर मेहंदी लगाना अच्छा माना जाता है।

डिस्क्लेमर- यहां पर मौजूद जानकारी की मनीकंट्रोल पुष्टी नहीं करता है। आर्टिकल में मौजूद जानकारी मान्यताओं पर आधारित है।

साध्वी हर्षा रिछारिया के बयान पर ब्रज के संतों का विरोध, कहा- पूरे संत समाज पर सवाल उठाना अनुचित

Saints of Braj have expressed opposition to Sadhvi Harsha Richharia's statement

Sadhvi Harsha Richharia : महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आईं मॉडल से साध्वी बनीं साध्वी हर्षानंद गिरि (पूर्व नाम हर्षा रिछारिया) एक बार फिर मीडिया की सुर्खियां बटोर रही है। संन्यास लेने के बाद संत समाज की तरफ से उनकी वेशभूषा, मेकअप और परिवार के साथ रहने को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी और कुछ संतों पर गंभीर आरोप भी लगाए।

 

हाल ही में दिए एक बयान में साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि उन पर मेकअप करने, बाल रंगने और लिपस्टिक लगाकर प्रवचन देने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि वास्तविकता कुछ और है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों ने उन पर सवाल उठाए हैं, उनमें से कई संत स्वयं अपने आश्रमों में पार्लर की सुविधाएं बुलाकर मैनिक्योर और पेडिक्योर जैसी सेवाएं लेते हैं।

 

उन्होंने कहा कि उनका रूप-रंग जैसा है, वह वैसा ही नजर आता है, वह उसके संवारने के लिए कुछ नहीं करातीं। उनका कहना है कि फिलहाल उनके पास स्थाई आश्रम या रहने का अपना कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में उनके पास केवल दो विकल्प हैं या तो गुरु के आश्रम में रहें या फिर अपने माता-पिता के घर। मां-पिता के साथ रहकर वह सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करती है।

 

साध्वी हर्षानंद गिरि ने आलोचना करने वाले संतों को चुनौती देते हुए कहा कि किसी भी संत का आश्रम पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। मैं तभी किसी आश्रम में रहूंगी, जब मुझे सुरक्षा की गारंटी मिलेगी। यदि कोई भी संत अपने आश्रम में उन्हें जीवनभर बेटी की तरह सम्मान और पूरी सुरक्षा देने की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं, तो वह तुरंत उनके आश्रम में रहने चली जाएंगी। उन्होंने कहा कि संत समाज उनकी सास बन गए हैं, जरा-जरा सी बात पर सास की तरह मुंह फूला लेते हैं। 

 

इस बयान के बाद कई संतों ने इसे संत परंपरा की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने हर्षा रिछारिया के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी समस्त संत समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है।

उनका कहना था कि यदि कहीं कोई अप्रिय घटना हुई है तो उसके आधार पर सभी आश्रमों और संतों की छवि पर प्रश्नचिह्न लगाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि संत परंपरा का समाज में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।

 

दिनेश फलाहारी महाराज ने यह भी कहा कि सार्वजनिक मंच पर किसी भी वर्ग के बारे में व्यापक टिप्पणी करने से पहले तथ्यों और उसके प्रभाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे बयान सनातन संत परंपरा की प्रतिष्ठा को प्रभावित करते हैं और संत समाज इसकी निंदा करता है।

 

महंत रामदास जी महाराज ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देशभर में हजारों संत और आश्रम समाज सेवा, धर्म प्रचार तथा आध्यात्मिक मार्गदर्शन जैसे कार्यों में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अपवादों के आधार पर पूरे संत समाज को एक ही नजरिए से देखना उचित नहीं है।

 

हर्षा रिछारिया के बयान पर लगातार संत समाज की तरफ से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि संतों के विरोध पर हर्षा रिछारिया की ओर से कोई नया बयान सामने नहीं आया है।

‘मुझे हर दिन मनहूस कहा जाता था’… सरकारी टीचर की मौत से पहले का वीडियो वायरल, पति गिरफ्तार

उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल की रहने वाली 30 वर्षीय सरकारी स्कूल की शिक्षिका सृष्टि कंडारी की 29 जुलाई को देहरादून के डोईवाला क्षेत्र के हर्रावाला स्थित ससुराल में मौत हो गई। उनकी शादी पिछले साल नवंबर में सरकारी कर्मचारी सौरभ खत्री से हुई थी। शादी के केवल आठ महीने बाद ही उनकी मौत हो गई। मौत से पहले सृष्टि ने अपनी मां को एक भावुक वीडियो संदेश भेजा था। इस वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ससुराल वाले उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। सृष्टि की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, परिवार का आरोप है कि सृष्टि को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। उन्होंने उनकी मौत की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए हैं।

सुबह 7 बजे मां को भेजा था आखिरी वीडियो

सृष्टि के भाई रितांशु कंडारी ने बताया कि 29 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे सृष्टि ने अपनी मां को 56 सेकंड का एक वीडियो भेजा था। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। वीडियो में सृष्टि काफी भावुक नजर आ रही हैं। उन्होंने अपनी मां से माफी मांगी और आरोप लगाया कि ससुराल वाले उन्हें बार-बार “मनहूस” कहकर अपमानित करते थे। रितांशु के अनुसार, उनकी मां ने सुबह करीब 7:20 बजे वीडियो देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत सृष्टि, उनके पति, सास और परिवार के अन्य लोगों को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने भी कॉल का जवाब नहीं दिया।

करीब एक घंटे बाद परिवार को फोन कर देहरादून के एक अस्पताल बुलाया गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचने के लिए रास्ते में था, तभी उन्हें बताया गया कि सृष्टि की मौत हो चुकी है। रितांशु का कहना है कि बाद में अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि सृष्टि को सुबह करीब 8:15 बजे ही मृत घोषित कर दिया गया था। परिवार का आरोप है कि उन्हें सृष्टि की हालत की जानकारी समय पर नहीं दी गई।

“वह उस दिन घर आने वाली थी”

सृष्टि के परिवार ने उनकी मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाई रितांशु कंडारी के अनुसार, 28 जुलाई की रात करीब 11 बजे सृष्टि ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि वह अगली सुबह मायके आने वाली हैं। रितांशु का कहना है कि घटना वाले दिन सृष्टि नहा-धोकर मायके जाने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब वह घर आने की तैयारी कर चुकी थीं, तो फिर अचानक ऐसा कदम कैसे उठा सकती हैं।

रिवार ने लगाया प्रताड़ना का आरोप

सृष्टि के परिवार का आरोप है कि शादी के करीब दो महीने बाद ही उन्हें ससुराल में परेशान किया जाने लगा था। रितांशु के मुताबिक, उनकी बहन को बार-बार यह कहकर अपमानित किया जाता था कि वह इस परिवार के स्तर की नहीं हैं और शादी उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं हुई थी।

ससुर की मौत के बाद बढ़ा प्रताड़ना का आरोप

परिवार की शिकायत के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में सृष्टि के ससुर की मौत के बाद उनके साथ कथित तौर पर और ज्यादा दुर्व्यवहार किया जाने लगा। परिवार का आरोप है कि ससुर की मौत का जिम्मेदार भी सृष्टि को ठहराया गया। उन्हें बार-बार “मनहूस” कहकर अपमानित किया जाता था। परिजनों का कहना है कि रिश्तेदार भी यह कहते थे कि शादी के बाद घर में दुर्भाग्य आ गया है। मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में सृष्टि ने कहा कि उन्होंने काफी समय तक उम्मीद की कि हालात बदल जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वीडियो में वह कहती हैं कि उन्हें हर दिन “मनहूस” कहकर ताने दिए जाते थे और अब उन्हें नहीं लगता कि ससुराल वालों का व्यवहार कभी बदलेगा।

सृष्टि की मां सीमा कंडारी की शिकायत पर डोईवाला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दहेज और अन्य बातों को लेकर सृष्टि को उनके पति और ससुराल वाले लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिवार का कहना है कि इसी वजह से वह बेहद परेशान थीं। पुलिस ने जांच के दौरान सबूत जुटाने के बाद शनिवार को सृष्टि के पति सौरभ खत्री और उनकी बहन चारू खत्री को गिरफ्तार कर लिया। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने तूल पकड़ने और निष्पक्ष जांच की मांग उठने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सृष्टि कंडारी की मौत की जांच सीबी-सीआईडी से कराने के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इस जांच के जरिए मौत से जुड़ी सभी परिस्थितियों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाएगी।

Ekta Kapoor: विद्या बालन से लेकर मौनी रॉय तक…, एकता कपूर ने इन 7 अभिनेत्रियों को दिया बड़ा ब्रेक

Ekta Kapoor: तीन दशकों से ज़्यादा समय से, इंडिया के सबसे मज़बूत प्रोड्यूसर ब्रांड एकता कपूर ने न सिर्फ़ इंडियन टेलीविज़न को बदला है, बल्कि एक्ट्रेस की एक शानदार लाइनअप भी पेश की है जो आगे चलकर इंडस्ट्री के सबसे जाने-पहचाने चेहरों में से कुछ बन गईं। चाहे आइकॉनिक डेली सोप हों या यूथ ड्रामा, बालाजी टेलीफ़िल्म्स उन टैलेंट के लिए लॉन्चपैड बन गया जिन्होंने बाद में टेलीविज़न, फ़िल्मों, OTT प्लेटफ़ॉर्म और रियलिटी शो में अपनी जगह बनाई। यहां सात एक्ट्रेस पर एक नज़र डालते हैं, जिनके करियर को एकता कपूर का साथ मिला और जिन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई।

1. विद्या बालन – हम पांच (1995)

बॉलीवुड की सबसे अच्छी एक्ट्रेस में से एक बनने से बहुत पहले, विद्या बालन ने 1995 में हम पाँच से एक्टिंग में डेब्यू किया था। हालाँकि बाद में फिल्मों में आने से पहले उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन इस सिटकॉम ने दर्शकों को उनके नेचुरल एक्टिंग टैलेंट की पहली झलक दी। विद्या ने द डर्टी पिक्चर, कहानी, तुम्हारी सुलु, मिशन मंगल और भूल भुलैया 3 जैसी फिल्मों में शानदार परफॉर्मेंस के साथ महिला प्रधान सिनेमा को फिर से परिभाषित किया, और इस दौरान कई अवॉर्ड भी जीते।

2. प्राची देसाई – कसम से (2006)

प्राची देसाई कसम से (2006) में बानी वालिया के रूप में अपना टेलीविज़न डेब्यू करने के बाद रातों-रात सेंसेशन बन गईं। शो में उनकी पॉपुलैरिटी ने बॉलीवुड के दरवाज़े खोल दिए, जहाँ उन्होंने रॉक ऑन!!, वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई, बोल बच्चन और कई वेब प्रोजेक्ट्स जैसी फिल्मों से दर्शकों को इम्प्रेस किया।

3. अनीता हसनंदानी – कभी सौतन कभी सहेली (2001)

हालांकि अनीता हसनंदानी पहले भी कुछ प्रोजेक्ट्स में दिखी थीं, लेकिन एकता कपूर की ‘कभी सौतन कभी सहेली’ (2001) ने उन्हें एक लीडिंग टेलीविज़न एक्ट्रेस के तौर पर स्थापित किया। बाद में वह काव्यांजलि, ये है मोहब्बतें और नागिन 3 में यादगार रोल के साथ बालाजी की सबसे भरोसेमंद स्टार्स में से एक बन गईं।

4. सुरवीन चावला – कहीं तो होगा (2003)

सुरवीन चावला ने 2003 में ‘कहीं तो होगा’ से टेलीविज़न की दुनिया में कदम रखा, जहाँ उन्हें जल्द ही पहचान मिली। बाद में उन्होंने पंजाबी और हिंदी फिल्मों के ज़रिए खुद को फिर से स्थापित किया, इससे पहले कि OTT पर सेक्रेड गेम्स और डिकपल्ड जैसे शो से उन्हें बहुत तारीफ़ मिली।

5. मौनी रॉय – क्योंकि सास भी कभी बहू थी (2006)

मौनी रॉय ने 2006 में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से टेलीविज़न पर डेब्यू किया था। हालांकि नागिन ने उन्हें सालों बाद टेलीविज़न सुपरस्टार बना दिया, लेकिन उन्हें पहला ब्रेक एकता कपूर के बैनर तले मिला। आज, मौनी ने टेलीविज़न, बॉलीवुड, म्यूज़िक वीडियो और रियलिटी शो में अपनी पहचान बनाई है, जिसमें गोल्ड और ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन – शिवा जैसी मशहूर फिल्में शामिल हैं।

6. अंकिता लोखंडे – पवित्र रिश्ता (2009)

पवित्र रिश्ता (2009) में अंकिता लोखंडे जितना असरदार टेलीविज़न डेब्यू कुछ ही लोगों का हुआ है। अर्चना के उनके किरदार ने उन्हें इंडियन टेलीविज़न के सबसे बड़े स्टार्स में से एक बना दिया। बाद में उन्होंने मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ़ झांसी और बागी 3 जैसी फिल्मों में काम किया, और साथ ही रियलिटी टेलीविज़न पर एक पॉपुलर चेहरा भी बनीं।

7. निया शर्मा – काली – एक अग्निपरीक्षा (2010)

निया शर्मा ने 2010 में एकता कपूर के शो काली – एक अग्निपरीक्षा से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें जल्द ही एक हज़ारों में मेरी बहना है, जमाई राजा और बाद में नागिन 4 जैसे शो से ज़बरदस्त सफलता मिली। निया टेलीविज़न की सबसे ग्लैमरस पर्सनैलिटी में से एक बनकर उभरीं, उन्होंने रियलिटी शो जीते और डिजिटल दुनिया में अपनी मज़बूत पहचान बनाई।

आने वाले नेशनल अवॉर्ड विनर्स को लॉन्च करने से लेकर टेलीविज़न के सबसे बड़े सुपरस्टार बनाने तक, एकता कपूर ने हमेशा टैलेंट खोजने की अपनी नज़र दिखाई है। इन एक्ट्रेस ने भले ही बालाजी बैनर के तहत अपना करियर शुरू किया हो, लेकिन हर एक ने टेलीविज़न, फ़िल्मों और OTT पर एक शानदार करियर बनाया, जिससे यह साबित होता है कि एकता की सबसे बड़ी पहचान उनके बनाए शो से कहीं आगे तक फैली हुई है।

Optimystix Entertainment IPO: कॉमेडी सर्कस, लाफ्टर शेफ्स, क्राइम पेट्रोल की प्रोड्यूसर होगी लिस्ट, 7 अगस्त को खुलेगा ₹108 करोड़ का इश्यू

विपुल डी शाह की कंपनी ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट इंडिया अपना IPO ला रही है। यह 7 अगस्त को खुलेगा और 11 अगस्त को बंद होगा। एंकर निवेशक 6 अगस्त को बोली लगा सकेंगे। कंपनी 107.88 करोड़ रुपये तक का अमाउंट जुटाना चाहती है। IPO के लिए प्राइस बैंड 165-174 रुपये प्रति शेयर है। इश्यू में 87 करोड़ रुपये के 50 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही फाउंडर और प्रमोटर विपुल डी शाह की ओर से 20.88 करोड़ रुपये के 12 लाख शेयरों को ऑफर फॉर सेल के तहत बिक्री के लिए रखा जाएगा।

कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 14 अगस्त को हो सकती है। ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट फिल्मों और टीवी शो का प्रोडक्शन करती है। यह 150 से ज्यादा टीवी शो प्रोड्यूस कर चुकी है। लिस्ट में कॉमेडी सर्कस, लाफ्टर शेफ्स, क्राइम पेट्रोल, बालवीर, सजन रे झूठ मत बोलो, लेडीज स्पेशल, सास बिना ससुराल, कॉमेडी नाइट्स बचाओ, पापड़ पोल, राइजिंग स्टार जैसे नाम शामिल हैं।

​इसने खेल-खेल में, द डिप्लोमैट, ओएमजी 2 जैसी फिल्मों के साथ-साथ छुरी और चटनी शॉर्ट फिल्म को भी प्रोड्यूस किया है। इसके अलावा 2 वेब सीरीज कैंडी और लुक्खा का प्रोडक्शन भी किया है। विपुल डी शाह कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। राजेश बहल को-प्रमोटर और ग्रुप सीईओ हैं। ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट की शुरुआत साल 2001 में हुई थी। कंपनी को 60 से ज्यादा अवॉर्ड मिल चुके हैं।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। पब्लिक इश्यू में 49.94 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15.05 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 35.01 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। Optimystix Entertainment IPO के लिए नेक्सजेन फाइनेंशियल सॉल्यूशंस, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार मांशीतला सिक्योरिटीज है।

Optimystix Entertainment की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 135.89 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 125 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 39 प्रतिशत बढ़कर 24 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 17.24 करोड़ रुपये था। ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट में T-Series की मालिक सुपर कैसेट्स के पास 6.56 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह कंपनी की सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर है। इंडीविजुअल इनवेस्टर्स में मनीष गुप्ता के पास 2.13 प्रतिशत, राहुल महेश अग्रवाल के पास 1.91 प्रतिशत और अंकित अग्रवाल के पास 1.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

SEOC Sachet Portal : आपदा के समय गुजरात की मजबूत सुरक्षा ढाल बना स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर

State Emergency Operations Center served as robust security shield for Gujarat during disaster

State Emergency Operation Center : आपदा कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आती, लेकिन गुजरात सरकार ने आधुनिक तकनीक, रियल-टाइम समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के आधार पर ऐसा मजबूत आपदा प्रबंधन ढांचा विकसित किया है, जो संकट के समय लाखों नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) राज्य के प्रमुख कमांड एंड कंट्रोल हब के रूप में 24 घंटे कार्यरत रहकर भूकंप, चक्रवात, बाढ़ सहित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान पूरे प्रशासनिक तंत्र का समन्वय करता है।

 

कच्छ भूकंप के बाद विकसित हुआ आधुनिक ढांचा

वर्ष 2001 के कच्छ भूकंप से मिले अनुभवों के आधार पर गुजरात सरकार ने विश्वस्तरीय आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। आज SEOC राज्य के आपदा प्रबंधन का केंद्रबिंदु बन चुका है, जहां से राज्यभर के सभी जिला एवं तहसील स्तर के कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाता है।

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पूरे राज्य में त्रि-स्तरीय नेटवर्क

गुजरात का आपदा प्रबंधन केवल एक कंट्रोल रूम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में सुव्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है। इसमें गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अलावा सभी 33 जिलों में डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC), 248 तहसील इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (TEOC) तथा पांच क्षेत्रीय इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर (ERC) कार्यरत हैं। ये सभी केंद्र गुजरात स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (GSWAN) की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जुड़े हुए हैं।

 

'सचेत' पोर्टल से करोड़ों लोगों को समय पर चेतावनी

राज्य सरकार ने SEOC Sachet Portal और मास एसएमएस प्रणाली के माध्यम से अब तक प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को 2864 करोड़ से अधिक अलर्ट संदेश भेजे हैं। इसके अलावा 6 करोड़ से अधिक मोबाइल एप उपयोगकर्ताओं और 5.3 लाख से अधिक वेब एक्सेस के जरिए नागरिकों को आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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आपदा के दौरान यदि सामान्य संचार व्यवस्था बाधित हो जाए, तब भी सैटेलाइट फोन, GSWAN हॉटलाइन, लैंडलाइन, ई-मेल, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, पुलिस वायरलेस तथा हैम रेडियो जैसी वैकल्पिक संचार व्यवस्थाएं लगातार सक्रिय रहती हैं।

 

विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय

SEOC भारतीय मौसम विभाग (IMD), इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR), ISRO, INCOIS, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज सहित विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय बनाए रखता है। इससे भूकंप, चक्रवात, बाढ़, सुनामी, सूखा, हीटवेव, महामारी तथा औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेना संभव हो पाता है।

 

NDRF और SDRF की टीमें हमेशा तैयार

राज्य में जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए NDRF की 17 टीमें और SDRF की 32 टीमें तैनात रहती हैं। इसके अलावा आवश्यकता होने पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ भी सीधा समन्वय किया जाता है।

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24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन

आपदा के समय नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर पर 1070 तथा जिला स्तर पर 1077 हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे संचालित किए जाते हैं।

 

गुजरात की प्रमुख उपलब्धियां

गुजरात देश का पहला राज्य है, जिसने वर्ष 2003 में अलग डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू कर गुजरात स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (GSDMA) की स्थापना की। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए GSDMA को संयुक्त राष्ट्र का प्रतिष्ठित सासाकावा अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है।

 

'जीरो कैजुअल्टी' नीति की सफलता

हाल के वर्षों में आए बिपरजॉय और ताउते जैसे भीषण चक्रवातों के दौरान गुजरात सरकार ने समय रहते लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर जनहानि को न्यूनतम रखने में सफलता हासिल की। इसके अलावा समुद्री तटों पर आधुनिक साइक्लोन शेल्टर, अर्ली वार्निंग सिस्टम तथा 'आपदा मित्र' योजना के तहत हजारों स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देकर सामुदायिक आपदा प्रबंधन को भी मजबूत बनाया गया है।

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गुजरात की सुरक्षा ढाल

आधुनिक तकनीक, त्वरित संचार व्यवस्था, विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय और प्रशिक्षित राहत एवं बचाव दलों के कारण गुजरात का स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) आज देश के लिए आपदा प्रबंधन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। राज्य सरकार की 'जीरो कैजुअल्टी' नीति को सफल बनाने में SEOC महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आपदा के समय लाखों नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रहा है।

Dehradun: ‘अब और सहन नहीं कर सकती…’ शादी के आठ महीने बाद महिला ने मौत को लगाया गले

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने शादी के करीब आठ महीने बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले उन्होंने अपनी मां के नाम एक वीडियो में महिला ने ससुराल पक्ष पर लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उन्होंने वीडियो में कहा कि ससुराल वालों की सोच कभी नहीं बदलेगी। मृतक की पहचान सृष्टि कंधारी के रूप में हुई है। उनकी शादी नवंबर 2025 में सौरभ रतूड़ी से हुई थी। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में सृष्टि ने बताया कि शादी के बाद से पिछले कई महीनों से उन्हें ससुराल में लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

मौत से पहले मां से बोलीं- ‘अब और सहन नहीं कर सकती’

आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में सृष्टि कंधारी भावुक होकर रोती हुई दिखाई दीं। उन्होंने अपनी मां से माफी मांगते हुए कहा कि वह पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव झेल रही थीं और अब उनके लिए यह सब सहना संभव नहीं रहा। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह करीब छह महीने से लगातार परेशान थीं और अब पूरी तरह टूट चुकी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल का माहौल उनके लिए ठीक नहीं था और उन्हें लगातार ताने सुनने पड़ते थे। वहीं, सृष्टि की मां सीमा कंधारी ने पुलिस में दी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के बाद उनकी बेटी को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिवार का कहना है कि सृष्टि को बार-बार ताने दिए जाते थे, उन्हें “अशुभ” कहा जाता था और घर में होने वाली हर परेशानी या बुरी घटना के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाता था।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक,  परिवार की शिकायत में कहा गया कि, शादी के कुछ महीने बाद सृष्टि के ससुर को दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद ससुराल में उनके साथ कथित मानसिक प्रताड़ना और बढ़ गई। परिजनों का आरोप है कि एक पंडित की सलाह के बाद ससुराल वालों ने सृष्टि को परिवार के लिए अशुभ मानना शुरू कर दिया और हर बात के लिए उन्हें ही दोषी ठहराने लगे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना से तीन दिन पहले सृष्टि के ससुर का निधन हो गया था। इसके बाद उनके साथ कथित मानसिक उत्पीड़न पहले से अधिक बढ़ गया। परिवार ने बताया कि 28 और 29 जुलाई को सृष्टि से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया। जब एक परिचित उनके घर पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि तबीयत खराब होने पर सृष्टि को अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि, जब उनके परिजन श्रीनगर से देहरादून पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

 पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच

मृतक शिक्षिका के परिवार का आरोप है कि ससुराल वालों ने उन्हें सृष्टि की मौत की जानकारी समय पर नहीं दी। परिजनों का कहना है कि बाद में उन्हें बताया गया कि परिवार अन्य कामों में व्यस्त था, इसलिए उनसे संपर्क नहीं हो सका। परिवार की शिकायत के आधार पर डोईवाला थाना पुलिस ने पति सौरभ रतूड़ी, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसमें दहेज मृत्यु से संबंधित धारा 80(2) भी शामिल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान मृतका द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध सबूतों की विस्तार से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने वीडियो की सत्यता या मौत के सटीक कारण पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। मामले की जांच जारी है।

Narayani: ‘कोकीन और एमडीएमए आम है’, टीवी इंडस्ट्री में ‘ड्रग कल्चर’ को लेकर ‘क्योंकि सास भी’ एक्ट्रेस का बड़ा खुलासा

Narayani: नारायणी शास्त्री ने टेलीविजन इंडस्ट्री में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल के बारे में खुलकर बात की है। एक्ट्रेस ने कहा कि कुछ टीवी सर्कल्स में कोकीन और MDMA जैसे ड्रग्स का इस्तेमाल “आम” बात है। उन्होंने यह भी माना कि उन्होंने अपनी जिंदगी में एक समय ड्रग्स का इस्तेमाल करके देखा था।

सिद्धार्थ कन्नन के यूट्यूब चैनल पर एक इंटरव्यू में नारायणी ने बताया कि इंडस्ट्री की पार्टियों में शराब के लिए एक तय बजट होता था, जो अब गैर-कानूनी ड्रग्स खरीदने में इस्तेमाल होने लगा है। एक्ट्रेस ने कहा, “पहले पार्टियों में शराब के लिए बजट होता था। अब ड्रग्स के लिए बजट होता है। यह देखकर मैं हैरान रह गई थी। इसीलिए मैंने कई साल पहले पार्टियां करना छोड़ दिया, क्योंकि अब पार्टियों का मकसद डांस करना नहीं होता। वे कुछ और ही बन गई हैं।”

जब उनसे पूछा गया कि इन पार्टियों में लोग कौन से ड्रग्स लेते हैं, तो उन्होंने कहा, “कोकीन और MDMA आम हैं।” उन्होंने बताया कि बड़ी पार्टियों में लोग इसे छिपाकर रखते हैं। लेकिन छोटी और करीबी लोगों वाली पार्टियों में, “हर कोई जानता है कि सब कुछ-न-कुछ ले रहे हैं।” बड़ी पार्टियों में यह खुलेआम नहीं होता।

जब उनसे पूछा गया कि क्या एक्टर्स सेट पर ड्रग्स लेते हैं, तो नारायणी ने कहा, “हमेशा,” और आगे कहा, “हमारे शूट इसलिए कैंसिल हुए हैं क्योंकि एक्टर शूट करने की हालत में नहीं होता था। हम 4 घंटे तक इंतज़ार करते थे और सोचते थे कि आखिर हो क्या रहा है? एक्टर खड़े होने की हालत में भी नहीं होता था। ऐसा अक्सर होता था।”

नारायणी ने खुद माना कि उन्होंने गैर-कानूनी ड्रग्स आज़माए थे। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी में सब कुछ किया है, लेकिन एक एक्सपेरिमेंट के तौर पर—यह देखने के लिए कि कुछ करने पर क्या होता है।”

एक्ट्रेस ने बताया कि वह ऐसी कई पार्टियों में गईं और वहाँ के लोगों और उनकी हरकतों को देखकर “हैरान” रह गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी लत नहीं लगी क्योंकि उन्होंने ड्रग्स सिर्फ़ एक बार आज़माए थे, ताकि अगर कोई उनकी ड्रिंक में कुछ मिला दे, तो उन्हें पता चल सके।

नारायणी शास्त्री टीवी शो ‘कोई अपना सा’ से मशहूर हुईं। इसके बाद उन्होंने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कुसुम’ और ‘पिया का घर’ जैसे सीरियल्स में काम किया। एक्ट्रेस डांस रियलिटी शो ‘नच बलिए’ का भी हिस्सा रही हैं।