Hariyali Teej 2026 Date: सावन में कब मनाई जाएगी हरियाली तीज? जानें तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

Hariyali Teej 2026 Date: सावन का महीना हरियाली और भगवान शिव की आराधना के लिए जाना जाता है। लेकिन इस माह की एक विशेषता भी है। ये महीना माता पार्वती के तप, त्याग और समर्पण की याद दिलाता है, जब महिलाएं और अविवाहित कन्याएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य के लिए हरियाली तीज का पर्व मनाती हैं। हरियाली तीज का पूरे साल में आने वाले प्रमुख तीज पर्व में अहम स्थान है। यह व्रत हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने वर्षों की कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त किया था। माना जाता है कि माता पार्वती के इस समर्पण और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में अपनाया था। यही कारण है कि इस दिन सुहागिन महिलाएं माता गौरी की पूजा कर उनसे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की कामना के लिए इस व्रत का पालन करती हैं।

हरियाली तीज 2026: सही तारीख

सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ 14 अगस्त को शाम 06:48 बजे से होकर 15 अगस्त को शाम 05:30 बजे तक रहेगा। उदयातिथि के अनुसार यह व्रत 15 अगस्त को ही मनाया जाएगा।

पूजा और व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य विशेष नियम

हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी उम्र, सुखी शादीशुदा जिंदगी और मनचाहा वर पाने के लिए रखा जाता है। इस दिन पूजा-अर्चना करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें :

हरा रंग और सोलह श्रृंगार : पूजा के समय हरे रंग के वस्त्र (जैसे साड़ी/सूट) पहनें, हाथों में हरी चूड़ियां पहनें और मेहंदी लगाएं। हरा रंग प्रकृति, सावन और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

सिंधारा की परंपरा : इस दिन मायके से आए सिंधारे का प्रयोग करें और सास या किसी वरिष्ठ महिला का आशीर्वाद लें। सिंधारे में वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, घेवर व मिठाइयां होती हैं।

व्रत संकल्प व व्रत कथा : सुबह स्नान के बाद सच्चे मन से व्रत का संकल्प लें और शाम को भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करते समय हरियाली तीज की व्रत कथा अवश्य सुनें।

माता पार्वती को सुहाग सामग्री देना : पूजा के दौरान देवी पार्वती को लाल चुनरी और श्रृंगार का सामान (सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां आदि) अर्पित करें।

हरियाली तीज में ये वर्जित है

  • पूजा या व्रत के दौरान काले या सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचें। लाल, हरा या अन्य शुभ रंग पहनना उत्तम होता है।
  • इस दिन किसी से झगड़ा या कटु वचन न बोलें और मन में किसी के प्रति नकारात्मक विचार न लाएं।
  • घर में सात्विक माहौल रखें और लहसुन-प्याज या तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें।
  • परंपरा अनुसार यदि आपने निर्जला व्रत का संकल्प लिया है, तो पूजा और कथा पूर्ण होने से पहले व्रत न खोलें।

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जेडी वेंस उपराष्ट्रपति रहते हुए चौथे बच्चे के पिता बने:अमेरिका में 150 साल में पहली बार ऐसा हुआ; ज्यादा बच्चों के पक्षधर हैं वेंस

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस के घर चौथे बच्चे का जन्म हुआ है। 19 जुलाई की सुबह उनके बेटे एलेक नील वेंस का जन्म हुआ। 150 साल से ज्यादा समय बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी मौजूदा अमेरिकी उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उनके घर बच्चे का जन्म हुआ है। टाइम मैगजीन के मुताबिक, इससे पहले ऐसा 1870 में हुआ था। उस समय राष्ट्रपति यूलिसिस एस. ग्रांट के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति शायलर कोलफैक्स की पत्नी एलेन कोलफैक्स ने बेटे शायलर कोलफैक्स को जन्म दिया था। जेडी वेंस ने सोशल मीडिया पर चौथे बच्चे की खुशखबरी साझा करते हुए लिखा, उषा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। हमारे तीनों बच्चे अपने छोटे भाई से मिलकर बेहद खुश हैं। एलेक नील वेंस, जेडी और उषा वेंस की चौथी संतान हैं। उनसे पहले उनके तीन बच्चे इवान (9 वर्ष), विवेक (6 वर्ष) और मिराबेल (4 वर्ष) हैं। भारतीय मूल की हैं उषा वेंस उषा वेंस का जन्म और पालन-पोषण कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे थे। उनके पिता मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जबकि मां मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट हैं। उषा और जेडी वेंस की मुलाकात 2010 में येल लॉ स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। बाद में दोनों ने शादी की। ज्यादा बच्चों के पक्षधर रहे हैं वेंस जेडी वेंस ट्रम्प सरकार के उन प्रमुख नेताओं में रहे हैं, जो अमेरिका में जन्मदर बढ़ाने की वकालत करते रहे हैं। उनका मानना है कि अमेरिका में गिरती जन्मदर भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है। इसी वजह से उन्होंने टैक्स छूट, परिवारों के लिए आर्थिक मदद और बच्चों वाले परिवारों को अधिक समर्थन देने जैसी नीतियों की पैरवी की है। अपनी हाल ही में रिलीज हुई किताब कम्युनियन में वेंस ने अपनी निजी जिंदगी का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि वे कई साल से पत्नी उषा वेंस से चौथा बच्चा करने की बात कहते रहे, लेकिन उषा का मानना था कि तीन बच्चों के बाद उनका परिवार पूरा हो चुका है। सार्वजनिक जीवन में आने के बाद वह चौथा बच्चा नहीं चाहती थीं। चौथे बच्चे के लिए उषा को मनाया इस साल मिशिगन में व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में जेडी वेंस ने मजाकिया अंदाज में बताया था कि उन्होंने उषा को चौथे बच्चे के लिए कैसे राजी किया। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने से पहले उन्होंने उषा से कहा था, “मैं चौथा बच्चा चाहता हूं।” इस पर उषा ने जवाब दिया, “ठीक है, लेकिन तुम्हें अमेरिका का उपराष्ट्रपति बनना है या चौथा बच्चा चाहिए, दोनों एक साथ नहीं मिल सकते।” वेंस ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं अपनी बात मनवाने में काफी अच्छा हूं, क्योंकि आज मेरे पास दोनों हैं।” वेंस के मुताबिक, यह सोच तब बदली जब 2025 में उनके करीबी दोस्त और एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की हत्या हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान उषा की मुलाकात चार्ली किर्क की पत्नी एरिका किर्क से हुई। वेंस लिखते हैं कि एरिका ने रोते हुए उषा से कहा कि उन्हें अफसोस है कि उनके और चार्ली के केवल दो ही बच्चे थे। इस बातचीत का उषा पर गहरा असर पड़ा और कुछ समय बाद उन्होंने चौथे बच्चे के लिए हामी भर दी। भारतीय मूल के ससुराल वालों की कर चुके हैं तारीफ जेडी वेंस कई बार अपने भारतीय मूल के ससुराल वालों की खुलकर तारीफ कर चुके हैं। इस साल एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि उनके सास-ससुर इस बात का उदाहरण हैं कि प्रवासियों ने अमेरिका को किस तरह समृद्ध बनाया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिकी नागरिक बनने के बाद देश के हितों को सबसे पहले रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा था, “मैं भारत से आए प्रवासियों की बेटी से विवाहित हूं। मुझे अपने सास-ससुर से बहुत प्यार है। वे शानदार लोग हैं और उन्होंने अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”

Viral News: पोते को संभालने की बजाय बॉयफ्रेंड से मिलने गई सास! गुस्साई बहू ने तोड़ दीं 4 पसलियां

Viral News: पूर्वी चीन (Eastern China) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भारत के पड़ोसी देश में एक महिला ने अपनी बुजुर्ग सास पर इसलिए हमला कर दिया क्योंकि सास ने पोते-पोतियों की देखभाल करने के बजाय अपने बॉयफ्रेंड के साथ बाहर घूमने चली गई। इस हिंसक हमले में बुजुर्ग महिला की चार पसलियां टूट गईं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। इस मामले ने पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना झेजियांग प्रांत के जियाक्सिंग शहर की है। इसे हाल ही में झेजियांग टेलीविजन द्वारा रिपोर्ट किया गया है। मामला तब और विवादित हो गया जब बेटे ने भी अपनी मां का साथ देने के बजाय पत्नी का समर्थन कर दिया। उसने कहा कि उसकी मां इसकी हकदार थी। इस घटना ने चीन में दादा-दादी की जिम्मेदारियों और बुजुर्गों के निजी जीवन को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

अलग शहरों में रहते थे पति-पत्नी: पीड़ित बुजुर्ग महिला का उपनाम ‘शेन’ है। वह अपने बेटे ‘जियाओ’ के दो बच्चों की देखभाल करती थीं। जबकि बेटा और बहू दोनों अलग-अलग शहरों में काम करते थे।

पति की मौत के बाद बदली जगह: पति के निधन के बाद, शेन अपना गृहनगर छोड़कर जियाक्सिंग में अपनी एक बेटी के साथ रहने आ गई थीं। विवाद तब शुरू हुआ जब एक बच्चे ने घर में लगे सर्विलांस कैमरे (CCTV) के जरिए अपनी मां को बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है। उसकी दादी उसका तापमान (फीवर) भी नहीं नाप रही हैं। यह सुनकर मां घबरा गई और तुरंत हाई-स्पीड ट्रेन पकड़कर जियाक्सिंग पहुंची और सास से भिड़ गई।

‘बच्चों को संभालने से अच्छा तो मैं मर जाऊं…’

बहू के आरोपों पर सास शेन ने बाद में सफाई देते हुए कहा, “बच्चे को संभालना बहुत मुश्किल हो रहा था। उस वक्त उनके खुद के दांत में बहुत तेज दर्द था। जब बहू ने उन्हें अस्पताल ले जाने की बात कही, तो शेन ने मना कर दिया और कहा कि वह अपने बॉयफ्रेंड से मिलने जाना चाहती हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि बच्चों की देखभाल करने से बेहतर है कि मैं मर जाऊं।”

इसी बात पर दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि बहू ने बुजुर्ग शेन पर हमला कर दिया। इससे उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उनकी चार पसलियां फ्रैक्चर हो गईं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बच्चों की देखभाल को लेकर शेन पर बहू द्वारा हमला किए जाने की यह पहली घटना नहीं थी।

बेटे का चौंकाने वाला बयान

इस पूरे मामले ने तब और भी भयानक मोड़ ले लिया जब पीड़ित महिला के सगे बेटे (जियाओ) ने सार्वजनिक रूप से अपनी पत्नी का बचाव किया। बेटे ने अपनी ही मां को अनैतिक करार दिया। उसने कहा कि वह इस पिटाई के ही लायक थी, क्योंकि उसने अपने पोते-पोतियों को छोड़कर अपने अफेयर पर ध्यान देना चुना।

आर्थिक मदद की मांग: बेटे ने दलील दी है कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में उसकी मां को या तो बच्चों को पालने में मदद करनी चाहिए या फिर उसे पैसे (फाइनेंशियल सपोर्ट) देने चाहिए।

बेटियों ने किया मां का समर्थन

दूसरी तरफ, शेन की बेटियों ने अपने भाई और भाभी की इस हरकत का कड़ा विरोध किया है। बेटियों का कहना है कि उनकी मां ने सालों तक बेहद कम सैलरी पर एक सफाई कर्मचारी के रूप में काम किया है। इसलिए जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें एक साथी के साथ खुश रहने और अपनी जिंदगी जीने का पूरा हक है।

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

चीनी सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। इस पर काफी बहस हो रही है। लोगों का कहना है कि दादा-दादी या नाना-नानी की यह कानूनी या नैतिक जिम्मेदारी नहीं है कि वे जबरन बच्चों की देखभाल करें। यूजर्स ने बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है।

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घोर कलयुग…पत्नी को घर लाने के लिए बेटे ने मां को दिया जहर! आगरा में दिल दहला देने वाली वारदात

उत्तर प्रदेश के आगरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक पर अपनी मां को कथित तौर पर जहर देने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, युवक की पत्नी मायके में रह रही थी और सास ने उसे तब तक वापस भेजने से इनकार कर दिया था, जब तक उसकी मां की मौत नहीं हो जाती।

बेटे पर मां को मारने का आरोप

एफआईआर के मुताबिक, आरोपी रविंद्र पर आरोप है कि उसने दोपहर के समय छोले में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिलाकर अपनी मां राममूर्ति को खिला दिया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। ये मामला राममूर्ति के पति रणवीर सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूछताछ के दौरान रविंद्र ने बताया कि उसे जहर उसकी सास फूलवती ने दिया था।

सास ने दिया पैकेट

इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्ज एफआईआर में ये भी आरोप है कि आरोपी की सास ने कथित तौर पर उसे जहर उपलब्ध कराया था। शिकायत के मुताबिक, फूलवती ने रविंद्र को गतपुरा गांव बुलाकर एक पैकेट दिया था। आरोप है कि उसने कहा था कि जब तक वह अपनी मां को रास्ते से नहीं हटाएगा, तब तक उसकी बेटी उसके साथ नहीं जाएगी। वहीं, पुलिस अभी इन आरोपों की जांच कर रही है और इनकी पुष्टि होना बाकी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ एफआईआर

इस मामले में रविंद्र के भाई मुकेश ने बताया कि परिवार में संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। उनका दावा है कि इसी तनाव के कारण रविंद्र की पत्नी पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। पुलिस ने इस मामले में रविंद्र और फूलवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 109 और 123 के तहत मामला दर्ज किया है। रविंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट के साथ-साथ जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर की जाएगी।