McDonald’s ने लॉन्च किया सावन स्पेशल मेन्यू, बिना प्याज-लहसुन के मिलेगा बर्गर, पोस्ट पर भड़के लोग

मैकडॉनल्ड्स का नया मेन्यू सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मैकडॉनल्ड्स ने भारतीय ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए सावन महीने के लिए एक खास मेन्यू पेश किया है। सावन के महीने में कई लोग नॉनवेज नहीं खाते हैं। वहीं कुछ लोग सावन के महीने में लहसुन और प्याज भी नहीं खाते हैं। इसी को देखते हुए कंपनी ने अपने सावन स्पेशल मेन्यू में सिर्फ वेजिटेरियन आइटम शामिल किए हैं। इस नए मेन्यू की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गई है। लोग इसे लेकर अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

X पर एक यूजर ने McDonald’s के एक आउटलेट पर लगे सावन स्पेशल मेन्यू की तस्वीर शेयर की। पोस्ट में उसने मजाकिया अंदाज में लिखा कि, उन्होंने पहली बार McDonald’s को उपवास के लिए खाना बेचते हुए देखा है। तस्वीर में दो सावन कॉम्बो नजर आ रहे हैं, जिनमें अनसाल्टेड फ्राइज और शेक शामिल हैं। इसके अलावा मेन्यू में सिग्नेचर 7 वेजीज बर्गर, मैकआलू टिक्की नॉन-बर्गर और मैक्सिकन मैकआलू टिक्की नॉन-बर्गर जैसे ऑप्शन भी दिए गए हैं।

McDonald’s का ये खास मेन्यू उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो सावन के दौरान नॉन-वेज के साथ प्याज और लहसुन से भी परहेज करते हैं। इसी को देखते हुए कंपनी ने ग्राहकों के लिए अलग तरह के खाने के विकल्प पेश किए हैं।

लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

McDonald’s के सावन स्पेशल मेन्यू की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं। कुछ लोगों ने इस पहल को पसंद किया और मेन्यू को लेकर उत्साह दिखाया, जबकि कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “मेरे खानदान में पहली बार किसी को ‘उपवास’ में दावत करते देखा है।” एक और यूजर ने लिखा, “जब हमें मैकसाबूदाना टिक्की बर्गर मिले तो मुझे जगा देना।”

कुछ लोगों ने उठाए सवाल

एक और यूजर ने मेन्यू पर नाराजगी जताते हुए लिखा, “यह बकवास है। नॉन-वेज किचन में तैयार किया गया खाना इस ऑफर के मकसद को ही खत्म कर देता है। दुख की बात है कि लोग इसके सात्विक महत्व को समझने के बजाय सिर्फ कूल दिखने या किसी और वजह से ऐसी जगहों पर खाना पसंद करते हैं।” एक अन्य यूजर ने कहा, “पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इसे उपवास का खाना नहीं माना जा सकता। व्रत के खाने में साबूदाना और फल जैसी चीजें होनी चाहिए। ग्लूटेन होने की वजह से यह उपवास के लिए सही नहीं है। इस तरह के खाने में धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना ज्यादा जरूरी है।” सोशल मीडिया पर ये पोस्ट काफी वायरल हो रहा है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Hariyali Teej 2026 Date: सावन में कब मनाई जाएगी हरियाली तीज? जानें तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

Hariyali Teej 2026 Date: सावन का महीना हरियाली और भगवान शिव की आराधना के लिए जाना जाता है। लेकिन इस माह की एक विशेषता भी है। ये महीना माता पार्वती के तप, त्याग और समर्पण की याद दिलाता है, जब महिलाएं और अविवाहित कन्याएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य के लिए हरियाली तीज का पर्व मनाती हैं। हरियाली तीज का पूरे साल में आने वाले प्रमुख तीज पर्व में अहम स्थान है। यह व्रत हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने वर्षों की कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त किया था। माना जाता है कि माता पार्वती के इस समर्पण और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में अपनाया था। यही कारण है कि इस दिन सुहागिन महिलाएं माता गौरी की पूजा कर उनसे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की कामना के लिए इस व्रत का पालन करती हैं।

हरियाली तीज 2026: सही तारीख

सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ 14 अगस्त को शाम 06:48 बजे से होकर 15 अगस्त को शाम 05:30 बजे तक रहेगा। उदयातिथि के अनुसार यह व्रत 15 अगस्त को ही मनाया जाएगा।

पूजा और व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य विशेष नियम

हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी उम्र, सुखी शादीशुदा जिंदगी और मनचाहा वर पाने के लिए रखा जाता है। इस दिन पूजा-अर्चना करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें :

हरा रंग और सोलह श्रृंगार : पूजा के समय हरे रंग के वस्त्र (जैसे साड़ी/सूट) पहनें, हाथों में हरी चूड़ियां पहनें और मेहंदी लगाएं। हरा रंग प्रकृति, सावन और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

सिंधारा की परंपरा : इस दिन मायके से आए सिंधारे का प्रयोग करें और सास या किसी वरिष्ठ महिला का आशीर्वाद लें। सिंधारे में वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, घेवर व मिठाइयां होती हैं।

व्रत संकल्प व व्रत कथा : सुबह स्नान के बाद सच्चे मन से व्रत का संकल्प लें और शाम को भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करते समय हरियाली तीज की व्रत कथा अवश्य सुनें।

माता पार्वती को सुहाग सामग्री देना : पूजा के दौरान देवी पार्वती को लाल चुनरी और श्रृंगार का सामान (सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां आदि) अर्पित करें।

हरियाली तीज में ये वर्जित है

  • पूजा या व्रत के दौरान काले या सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचें। लाल, हरा या अन्य शुभ रंग पहनना उत्तम होता है।
  • इस दिन किसी से झगड़ा या कटु वचन न बोलें और मन में किसी के प्रति नकारात्मक विचार न लाएं।
  • घर में सात्विक माहौल रखें और लहसुन-प्याज या तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें।
  • परंपरा अनुसार यदि आपने निर्जला व्रत का संकल्प लिया है, तो पूजा और कथा पूर्ण होने से पहले व्रत न खोलें।

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