रामलला के दरबार में महाप्रायश्चित, चढ़ावा चोरी के पाप से मुक्ति के लिए 10 दिवसीय क्षमा-याचना अनुष्ठान

ayodhya ram mandir trust meeting

Ram Mandir Ayodhya Atonement Ritual: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामधन (दान और चढ़ावा) गबन का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस महापाप का पूर्ण रूप से खुलासा होना अभी बाकी है। चोरी कितनी बड़ी है, क्या-क्या गायब हुआ है और इस घिनौने कृत्य में कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं इन तमाम कड़ियों को जोड़ने में जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। इसी बीच, इस कृत्य से आहत राममंदिर ट्रस्ट ने प्रभु श्रीराम से क्षमा मांगने और मंदिर परिसर की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक 10 दिवसीय महाअनुष्ठान की शुरुआत की है।

​70 वैदिक आचार्यों ने संभाला जिम्मा

​रामलला के दरबार में शुरू हुए इस 10 दिवसीय अनुष्ठान को अत्यंत गुप्त और पवित्र तरीके से संपन्न कराया जा रहा है। इसके लिए देश के 70 शीर्ष वैदिक आचार्यों को आमंत्रित किया गया है। ये आचार्य राम मंदिर के मुख्य गर्भगृह से लेकर परकोटे (परिसर की बाहरी सीमा) तक विभिन्न स्थानों पर बैठकर विशेष मंत्रोच्चार, जप और आहुतियां दे रहे हैं। एक वैदिक आचार्य के मुताबिक प्रभु के धन पर डाका डालने वालों को कानून सजा देगा, लेकिन मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह प्रायश्चित पूजन अनिवार्य था।

​बड़े खुलासे की उम्मीद

​एक तरफ जहां मंदिर परिसर में मंत्रों के उच्चारण से माहौल को शुद्ध किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और जांच स्तर पर भी कार्रवाई तेज है। सूत्रों के मुताबिक, यह गबन एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, राम भक्तों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर रामलला के खजाने पर नजर डालने वाले वो 'अपराधी' कौन हैं।

शामली और कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासक : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted the Samajwadi Party and the Congress

– मुख्यमंत्री ने शामली, थानाभवन व कैराना विधानसभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रुपए से अधिक की 89 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– 10 साल पहले आतंक व भय का प्रतीक था शामली, अब यहां गन्ने की मिठास और एक्सप्रेसवे की ‘त्रिवेणी’ है

– कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर दें

– 2017 के पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में 4 बजे से काम करने वाली सरकार

– 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 मिलें संचालित

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्ना के उपासक लोग डेमोग्राफी बदल रहे थे और इसीलिए कैराना व कांधला से पलायन हो रहा था। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को चेताया कि जिन्ना के अनुयायियों को जब भी मौका मिलेगा, वे आपको क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटेंगे। विकास कार्यों में लूट-खसोट करेंगे। बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएंगे। इनसे लगातार सतर्क रहना है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कैराना, शामली व थानाभवन विधानसभा क्षेत्र की 581 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण देते हुए गत 10 वर्ष में शामली, थानाभवन व कैराना में आए सकारात्मक बदलाव की भी चर्चा की।

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कैराना व शामली का आध्यात्मिकता, संस्कृति व आजादी में योगदान

सीएम योगी ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने हनुमान टीले में आकर विश्राम किया था और यहां के पवित्र जल को ग्रहण किया था। शामली व कैराना ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिला दिया था। कैराना घराने से पं. भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को नई ऊंचाई दी। 

 

10 साल पहले आतंक और भय का प्रतीक था शामली

सीएम ने कहा कि 10 साल पहले लोग पूछते थे कि आतंक-भय का प्रतीक शामली जनपद कहां है। शामली, कैराना-कांधला से पलायन होता था, यहां गुंडागर्दी होती थी। कोई सुरक्षित नहीं था। शरारत के तहत डेमोग्राफी को बदलने की साजिश हो रही थी। अब यहां के गन्ने की मिठास प्रसिद्ध है। पीएम मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार शामली की गति को प्रगति में बदल रही है।

 

एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है शामली

मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है। यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया तो आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एनसीआर के सबसे धनी व समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा।

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शामली वाले 10 साल पहले बिजली के लिए तरसते थे, लेकिन आज शामली 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का माध्यम बना है। 10 साल पहले मेडिकल सुविधाएं नदारद थीं। लेकिन, कोरोना महामारी में दिल्ली व आसपास के लोग इलाज कराने शामली के हॉस्पिटलों में पहुंचे। 

 

2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 चल रहीं 

सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों चौधरी जयंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा के कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों की स्थिति में सुधार व पुनरोद्धार का बीड़ा 2017 में सुरेश राणा ने उठाया था। 2007 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं।

21 मिलें औने-पौने दाम पर बेची गईं। 2017 में सुरेश राणा ने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो मैंने पूछा कि अब मिलें बिकेंगी तो नहीं, तब उन्होंने कहा था कि इन मिलों को वापस लेकर चलाएंगे। आज 122 चीनी मिलें चल रही हैं और किसानों को समय से भुगतान हो रहा है। अब गन्ना किसानों को 400 रुपए कुंतल दाम मिल रहा है। यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक है। यह प्रगति किसानों की समृद्धि का कारक बनी है।

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शामली व कैराना को देखकर लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ 

सीएम योगी ने कहा कि विकास का विकल्प नहीं हो सकता। हम किसानों के उपासक हैं, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया। हमने भी चीनी मिलों के माध्यम से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान करा के दिखा दिया। शामली की खुशहाली और थानाभवन-कैराना का विकास देख लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ है।

पिछली बार मैंने यहां के स्कूलों का दौरा किया था। यूपी-सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के बच्चों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाया। वे बच्चे भी बता रहे थे कि अब डर नहीं लगता, क्योंकि अपराधी जानता है कि हिमाकत की तो जेल या जहन्नुम में ही जगह मिलेगी। 

 

सैफई का सिंडिकेट अब युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता

सीएम ने कहा कि शामली में तेज गति से प्रगति होगी। कैराना में पीएसी की भव्य बटालियन बन रही है। सैफई का नौकरी का सिंडिकेट अब शामली के युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता। शामली, मुजफ्फरनगर का नौजवान भी अब नौकरी पाता है।

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया कि 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाने वाले, कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित करने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन को रोकने, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देने वाले, धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं।

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चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही डबल इंजन सरकार

सीएम ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, किसानों, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार साकार कर रही है। एक तरफ किसान के चेहरे पर खुशहाली लाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार व नौकरी है। हर गरीब को शासन की योजना का लाभ मिल रहा है। हर व्यापारी के निवेश को सुरक्षा मिल रही है। 

 

कांवड़ यात्रा में गलत व्यक्तियों को कान पकड़कर बाहर कर दें 

सीएम ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी व भोले शंकर के भक्त हैं। राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला व शंकर की समरसता/जीवंतता आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अनुशासन व धैर्य जीवन की पूंजी है। अनुशासनहीनता करने वालों को सीएम ने चेताया कि छोटी बातों को लेकर हुड़दंग नहीं होना चाहिए।

विरोधी लोग अनुशासनहीनता पर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बंद कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। किसी गलत व्यक्ति ने हमारे बीच में आकर उपद्रव करने का प्रयास किया तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यकता है। अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं होगी। पर्वों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो परंपरा और अच्छे तरीके से बढ़ेगी।

 

सीएम ने विधायकों के कार्यों की प्रशंसा की 

सीएम ने थाना भवन के विधायक अरशद अली और शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अरशद अली का सुबह फोन पर हालचाल लिया था, वह स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित हैं। वहीं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्रसन्न चौधरी यहां मौजूद हैं। हमारे जनप्रतिनिधि निरंतर विकास के लिए प्रयास करते हैं।

जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही कुछ ही दिनों में 750 किमी. लंबा गोरखपुर-शामली इकॉनमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर व सिलीगुड़ी तक जोड़ देगा। इसकी दूरी लगभग 1100-1200 किमी की होगी। एक्सप्रेसवे के जरिए शामली से ही अंबाला व पानीपत की यात्रा कराएंगे। शामली चारों ओर से एक्सप्रेसवे हाईवे के महत्वपूर्ण पड़ाव का केंद्र होगा। आज दी जा रही योजनाएं शामली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। 

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प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स 

सीएम ने कहा कि शामली अब एनसीआर का हिस्सा हो गया है। प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स यहां बनने जा रहा है, जिससे 8000 युवाओं को नौकरी/रोजगार प्राप्त होगा। आमजन का समर्थन ही हमारी ताकत है और हम इसका इस्तेमाल करके ही कार्य कर रहे हैं। शामली अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। जनता के आशीर्वाद से शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है।

 

पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में चार बजे से काम करने वाली सरकार  

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार में सोने वाले लोग थे। वे 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे और 5 बजे जिम चले जाते थे। उनके पास जनता के लिए फुर्सत नहीं थी। यह माफिया के सामने नाक रगड़ते और दंगाइयों को घर में बुलाकर सम्मानित करते थे, लेकिन यूपी अब बदल चुका है। यूपी की यात्रा अब सुबह चार बजे से प्रारंभ होती है। चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ हर वर्ग का हित करने वाली सरकार है। 

 

इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप आदि मौजूद रहे।

एक और खौफनाक कांड! पत्नी ने लाइव लोकेशन शेयर कर प्रेमी से करवाया पति का कत्ल

Chittoor Husband Murder Case

Chittoor Husband Murder Case: अभी पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की आंच ठंडी भी नहीं हुई थी, जहां उसकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने होने वाले पति को मौत की खाई में धकेल दिया था। ठीक वैसा ही दिल दहला देने वाला एक और मामला आंध्र प्रदेश के चित्तूर से सामने आया है। यहां एक पत्नी ने बेवफाई की सारी हदें पार करते हुए, अपनी मासूम बेटी की आंखों के सामने अपने ही पति की बेरहमी से हत्या करवा दी। इस सनसनीखेज वारदात की साजिश के बारे में जानकर तो पुलिस के भी होश उड़ गए। 

हसिनि का बेहद शातिर प्लान

मृतक की पहचान 23 वर्षीय रमेश के रूप में हुई है, जो एक निजी कंपनी में काम करता था। रमेश की शादी 2 साल पहले 19 वर्षीय हसिनि से हुई थी और दोनों की एक छोटी बेटी भी है। लेकिन हसिनि के दिल में पति के लिए नहीं, बल्कि अपने 20 साल के प्रेमी युगांधर के लिए जगह थी। शादी के बाद भी दोनों का अवैध संबंध जारी रहा और इस प्यार के बीच से रमेश को हटाने के लिए हसिनि ने एक बेहद शातिर प्लान तैयार किया। ALSO READ: केतन से लेकर इंदौर के राजा रघुवंशी तक! भाजपा सांसद ने दोहराई पुरुष आयोग की मांग, कहा- पुरुषों की भी सुनो

'लाइव लोकेशन' शेयर कर करवाया पति का कत्ल

अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए हसिनि ने बेहद प्यार से पति रमेश को गुडुपल्ले मंडल के श्री मल्लेश्वर स्वामी मंदिर चलने के लिए मनाया। रमेश अपनी पत्नी और मासूम बेटी को लेकर बाइक से निकल पड़ा। रमेश बेखबर होकर गाड़ी चला रहा था, लेकिन हसिनि रास्ते भर अपने प्रेमी युगांधर के साथ अपनी 'लाइव लोकेशन' शेयर कर रही थी। युगांधर और उसके भाड़े के हत्यारे लगातार उस लोकेशन का पीछा कर रहे थे।

 

मल्लप्पा कोंडा के सुनसान रास्ते पर पहुंचते ही हसिनि ने साजिश के तहत अपना पर्स नीचे गिरा दिया। रमेश ने जैसे ही बाइक रोकी, झाड़ियों में छिपे युगांधर और उसके साथी धारदार हथियारों के साथ बाहर निकल आए। जान बचाने के लिए रमेश अपनी बेटी और पत्नी के सामने ही करीब 100 मीटर तक भागा, लेकिन बेरहम हत्यारों ने उसे घेर लिया और धारदार हथियारों से गोदकर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी। इस खूनी खेल के दौरान मासूम बच्ची वहीं मौजूद थी।

सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज

इस अंधे कत्ल का खुलासा तब हुआ जब हसिनि की खुद की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी और नातिन लापता हैं। पुलिस ने जब जांच शुरू की और मंदिर के रास्ते के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। जाते समय तो रमेश अपनी पत्नी के साथ दिख रहा था, लेकिन लौटते वक्त हसिनि अपने मृत पति की ही मोटरसाइकिल पर दो अनजान मर्दों (प्रेमी और उसके साथी) के साथ बैठकर वापस आ रही थी।

सभी आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) और सीसीटीवी फुटेज के पुख्ता डिजिटल सबूतों के आधार पर हसिनि, उसके प्रेमी युगांधर और हत्या में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार कर दिया है।

इसी तरह की 5 और घटनाएं

  • इंदौर का सोनम रघुवंशी केस : इंदौर की सोनम रघुवंशी ने मई 2025 में शादी के तुरंत बाद मेघालय हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची। सोनम का अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ संबंध था। हनीमून के दौरान उसने कॉन्ट्रैक्ट किलर्स के जरिए अपने पति राजा को मेघालय में एक गहरी खाई में फिंकवा दिया। पुलिस ने तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए इस साजिश का पर्दाफाश किया।
  • सिया गोयल मामला : पुणे की 20 वर्षीय सिया गोयल की सगाई पुणे के एक बिजनेसमैन केतन अग्रवाल से हुई थी। शादी से कुछ दिन पहले जून 2026 में लोहागढ़ किले में ट्रैकिंग के दौरान केतन की 400 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। जांच में सामने आया कि सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को खाई से धक्का देने की साजिश रची थी। 
  • समिता कुमारी : समिता कुमारी, जो बिहार के सुपौल में मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) अधिकारी थी, ने अपने पति देव कुमार गुंजन की चलती ट्रेन में हत्या करवा दी। समिता का बिजली विभाग के एक तकनीशियन अजीत कुमार के साथ संबंध था। दोनों ने मिलकर 4 लाख की सुपारी दी। जून 2024 में जब गुंजन ट्रेन से यात्रा कर रहे थे, तब एक शूटर ने उन्हें गोली मार दी।
  • मुस्कान रस्तोगी : मेरठ में मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने बेरहमी से हत्या कर दी। मार्च 2025 में, मुस्कान ने पहले पति को खाने में नशीली दवा दी। बेहोश होने पर प्रेमी के साथ मिलकर सौरभ की हत्या कर दी, उसके शरीर के करीब 15 टुकड़े किए और एक बड़े प्लास्टिक ड्रम में भरकर उसे सीमेंट के घोल से सील कर दिया।
  • आंचल यादव : मार्च 2026 में सतना जिले से लापता हुए विपिन कुमार यादव की हत्या का खुलासा उसकी पत्नी आंचल के कारण हुआ। आंचल का शादी से पहले से ही सुनील कुशवाहा नाम के युवक से प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर विपिन की हत्या की और शव को पहले कुएं में फेंका, फिर बाद में खोदकर दूसरी जगह दफना दिया। जुलाई 2026 में पुलिस ने कंकाल बरामद कर आंचल और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया।

Donald Trump: ‘मुझे हराने और इस्तीफा दिलाने के लिए साजिश रची, 22 करोड़ अमेरिकी वोटर का डेटा चुराया’, डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर लगाए गंभीर आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम संबोधन में चीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि चीन ने 2020 के अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें हराने के लिए बड़ी साजिश रची थी। ट्रंप ने दावा किया कि चीन ने इतिहास का सबसे बड़ा डेटा उल्लंघन किया

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शेयरों में पैसा डूबने पर नाराज शख्स ने यूट्यूबर पर कर दिया जानलेवा हमला

शेयर बाजार में निवेश के साथ रिस्क जुड़ा होता है। शेयरों में निवेश से पहले यह बात समझना जरूरी है। कई बार किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर फायदा होता है। कभी-कभी निवेश पर नुकसान उठाना पड़ता है। सवाल है कि किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर नुकसान हो जाए तो क्या आपको एक्सपर्ट पर नाराज होना चाहिए? दरअसल, दक्षिण कोरिया में एक इनवेस्टर ने एक फिनफ्लूएंसर पर इसलिए जानलेवा हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसे बड़ा लॉस हुआ था।

लॉस से नाराज शख्स ने बनाया हमले का प्लान

यह मामला दक्षिण कोरिया के बुसान का है। एक यूट्यूबर पर उसके एक सब्सक्राइबर ने इसलिए हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसके पैसे डूब गए। पुलिस के मुताबिक, हमलावर की उम्र 20 साल से कुछ ज्यादा है। बताया जाता है कि उसने फिनफ्लूएंसर का पीछा किया और मौका मिलते ही एक कमर्शियल बिल्डिंग में उस पर जानलेवा हमला कर दिया। चाकू से कई बार हमला करने के बाद वह फरार हो गया।

पुलिस ने दो घंटे बाद ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया

घटना के करीब दो घंटे बाद हमलावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर यूट्यूबर की सलाह पर शेयरों में निवेश करता था। काफी पैसा डूबने पर वह नाराज हो गया और यूट्यूबर पर हमले का प्लान बनाया। उसने यूट्यूबर का पीछा किया और मौका मिलते ही उस पर हमला कर दिया।

यूट्यूबर की स्थिति खतरे से बाहर

हमले में यूट्यूबर बुरी तरह से घायल हो गया। हालांकि, उसकी जान बच गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमलावर ने किस तरह पूरी साजिश रची और कहां से हथियार हासिल किया।

बीते एक साल में कोस्पी 114% चढ़ा

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते एक साल में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है। बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी इस दौरान 114 फीसदी चढ़ा है। कई कंपनियों के शेयरों की कीमतें इस दौरान कई गुनी हो गई हैं। इसमें चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों खासकर SK Hynix और Samsung Electronics का बड़ा हाथ है। इन दोनों शेयरों की कोस्पी में 50 फीसदी से ज्यादा वेटेज है। SK Hynix के शेयर ने एक साल में 522 फीसदी रिटर्न दिया है। Samsung Electronics का शेयर एक साल में 294 फीसदी चढ़ा है।

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एक महीने में कोस्पी 22 फीसदी गिरा है

शेयर बाजार में तेजी का फायदा उठाने के लिए लोगों ने शेयरों में जमकर पैसे लगाए। अब बाजार में गिरावट आ रही है तो उन्हें नुकसान हो रहा है। 16 जुलाई को कोस्पी में बड़ी गिरावट आई। यह 6.37 फीसदी गिर गया। बीते एक महीने में कोस्पी करीब 22 फीसदी गिरा है। इससे कई निवेशकों को ब़़ड़ा नुकसान हुआ है। ज्यादा परेशान वे निवेशक हैं, जिन्होंने उधार लेकर शेयरों में निवेश किया था।

मणिपुर में सुरक्षाबलों के कैंप पर हमला, भीड़ ने कई गाड़ियों में लगाई आग

Attack on security force camp in Manipur

Attack on security force camp : मणिपुर के सेनापति जिले के एक इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा मंगलवार को तलाशी अभियान चलाए जाने के कुछ घंटों बाद ही भीड़ ने सुरक्षाबलों के कैंप पर पथराव किया, असम राइफल्स के शिविर में तोड़फोड़ की और सुरक्षाकर्मियों की 3 गाड़ियों में आग लगा दी। हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई। इसके अलावा 2 ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई।

 

मणिपुर के सेनापति जिले के एक इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा मंगलवार को तलाशी अभियान चलाए जाने के कुछ घंटों बाद ही भीड़ ने सुरक्षाबलों के कैंप पर पथराव किया, असम राइफल्स के शिविर में तोड़फोड़ की और सुरक्षाकर्मियों की 3 गाड़ियों में आग लगा दी। हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई।

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इसके अलावा 2 ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई। खबरों के अनुसार, ओकलांग के मकुइलॉन्गडी इलाके में हथियारबंद काडरों की मौजूदगी की विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद असम राइफल्स ने इलाके में गश्त और तलाशी अभियान शुरू किया था।

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अभियान के दौरान असम राइफल्स की टुकड़ियां मकुइलॉन्गडी और ओकलांग गांवों की ओर बढ़ीं लेकिन उन्हें वहां के निवासियों ने रोक दिया। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। स्थिति को नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों की मदद के लिए सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को तुरंत तैनात किया गया है।

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खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला था कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे थे। इसे संघर्षविराम (सीजफायर) के नियमों का उल्लंघन माना गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। 

वर्ल्ड अपडेट्स:फर्जी भूटानी शरणार्थी घोटाला: नेपाल में दो पूर्व मंत्रियों सहित 16 को जेल

नेपाल की काठमांडू जिला अदालत ने फर्जी भूटानी शरणार्थी घोटाले में दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों समेत 16 लोगों को दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री टोप बहादुर रायमाझी को चार साल और पूर्व गृह मंत्री बालकृष्ण खांड को दो साल की जेल की सजा सुनाई। दोनों पर नेपाली नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भूटानी शरणार्थी बताकर अमेरिका में पुनर्वास दिलाने की साजिश रचने का आरोप था। रायमाझी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि खांड जमानत पर बाहर हैं। दोनों पहले अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर चुके हैं। उनके वकीलों ने कहा है कि फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी। अदालत ने गृह मंत्रालय के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और एक पूर्व भूटानी शरणार्थी नेता समेत 14 अन्य लोगों को भी दोषी ठहराते हुए चार साल तक की सजा सुनाई है। यह घोटाला 2023 में सामने आया था। नेपाल में 1990 के दशक की शुरुआत से नेपाली मूल के करीब 1.20 लाख लोग भूटान से विस्थापित होकर पहुंचे थे। बाद में पुनर्वास कार्यक्रम के तहत लगभग 1.13 लाख शरणार्थियों को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में बसाया गया।
अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन में ही बनेंगी फ्रांस की क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। बुल्गारिया यूक्रेन समर्थक गठबंधन से अलग: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया। मस्क के खिलाफ आपराधिक जांच की सिफारिश: चुनाव में वोटरों को लाखों डॉलर के चेक देने का मामला
अमेरिका के विस्कॉन्सिन इलेक्शंस कमीशन ने प्रारंभिक तौर पर माना है कि अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क ने 2025 के राज्य सुप्रीम कोर्ट चुनाव से पहले मतदाताओं को 10 लाख डॉलर के चेक देकर चुनावी रिश्वत संबंधी कानून का उल्लंघन किया हो सकता है। आयोग ने मामले को ब्राउन काउंटी के जिला अटॉर्नी के पास आपराधिक जांच के लिए भेज दिया है। अभियोजन पक्ष को अब 40 दिनों के भीतर तय करना होगा कि मस्क के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं। आयोग ने पिछले सप्ताह मिली दो शिकायतों को 5-1 के बहुमत से आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रस्ताव में कहा गया कि मस्क ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मतदान करने वाले लोगों को 10 लाख डॉलर देने की पेशकश की, जिससे मतदाताओं को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जा सके। 2025 के विस्कॉन्सिन सुप्रीम कोर्ट चुनाव में मस्क ने रिपब्लिकन समर्थित उम्मीदवार ब्रैड शिमेल के समर्थन में कम से कम 2 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। हालांकि शिमेल को डेमोक्रेट समर्थित सुसान क्रॉफर्ड से 10 प्रतिशत अंकों के अंतर से हार मिली। यह चुनाव 10 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च के साथ अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा न्यायिक चुनाव माना गया। मस्क के खिलाफ पहले से एक अलग दीवानी मुकदमा भी लंबित है, जिसमें उन पर वोट खरीदने, अवैध लॉटरी चलाने और चुनावी कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने रिपब्लिकन सीनेटर का ट्रम्प को समर्थन
अमेरिका में रिपब्लिकन सीनेटर जिम बैंक्स ने जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के लिए नया विधेयक पेश किया है। प्रस्ताव में अवैध प्रवासियों को “आक्रमणकारी” बताते हुए उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वत: नागरिकता देने की व्यवस्था खत्म करने की मांग की गई है। यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्त आव्रजन नीति को कानूनी आधार देने की दिशा में नया प्रयास मानी जा रही है। राष्ट्रपति पद पर लौटने के बाद ट्रम्प ने कार्यकारी आदेश जारी कर अवैध या अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों की स्वत: नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की थी। हालांकि, जून के अंत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को असंवैधानिक करार दिया था। जिम बैंक्स ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिकी संप्रभुता पर अभूतपूर्व हमला है और देश की सुरक्षा के लिए अवैध प्रवासियों द्वारा आव्रजन व्यवस्था के कथित दुरुपयोग को रोकना जरूरी है। इस मुद्दे पर अन्य रिपब्लिकन सांसद भी सक्रिय हैं। टेनेसी के प्रतिनिधि एंडी ओगल्स जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने के लिए अलग विधेयक पेश कर चुके हैं। वहीं, साउथ कैरोलिना के सीनेटर टिम स्कॉट ने “बर्थ टूरिज्म” पर रोक लगाने के लिए प्रस्ताव रखा है, ताकि विदेशी नागरिक केवल बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका न आ सकें।

IB ऑफिसर अंकित शर्मा मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला, ताहिर हुसैन दोषी करार

दिल्ली में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने फरवरी 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया।

कोर्ट का बड़ा फैसला 

अदालत ने फिलहाल केवल फैसला सुनाया है। ताहिर हुसैन को कितनी सजा मिलेगी, इसका ऐलान आगे की सुनवाई के बाद किया जाएगा। यह मामला फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में से एक है। दंगों के बाद आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का शव एक नाले से मिला था, जिसके बाद पूरे देश में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिला।

दिल्ली दंगों में हुई थी अंकित शर्मा की हत्या 

आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के पिता की शिकायत के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई थी। इसके बाद दयालपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा 10 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने हत्या, दंगा, गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाने, अपहरण, हिंसा के लिए उकसाने, लोगों के बीच दुश्मनी फैलाने, सार्वजनिक अशांति फैलाने, सबूत मिटाने, आगजनी, आपराधिक साजिश और समान इरादे जैसी कई धाराओं में मामला दर्ज किया। अदालत ने अपने फैसले में अंकित शर्मा की हत्या के लिए ताहिर हुसैन को जिम्मेदार माना। हालांकि, अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ आपराधिक साजिश (आईपीसी की धारा 120बी) का आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले, इसलिए इस आरोप से उन्हें बरी कर दिया गया।

वर्ल्ड अपडेट्स:दक्षिण चीन सागर को लेकर 14 देशों के बयान पर भड़का चीन, जापानी राजनयिक को तलब किया

दक्षिण चीन सागर पर 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले की 10वीं वर्षगांठ पर जापान समेत 14 देशों द्वारा चीन के समुद्री दावों को खारिज किए जाने के बाद बीजिंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने रविवार को बीजिंग स्थित जापानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि दक्षिण चीन सागर पर उसकी संप्रभुता कभी नहीं बदली है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फिलीपींस, कनाडा, जर्मनी, इटली, न्यूजीलैंड समेत कुल 14 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर 12 जुलाई 2016 को द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायाधिकरण (PCA) के फैसले को अंतिम और कानूनी रूप से बाध्यकारी बताया। बयान में कहा गया कि चीन के ‘नाइन-डैश लाइन’ दावों का संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत कोई कानूनी आधार नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय ने जापान पर क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप और दक्षिण चीन सागर में शांति व स्थिरता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि जापान इस विवाद का पक्षकार नहीं है और उसे इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि चीन द्वारा 2016 के फैसले को अस्वीकार करना विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन के विपरीत है। चीन ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए जापान पर ऐतिहासिक विस्तारवाद की मानसिकता का भी आरोप लगाया। इस बीच, 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ ने भी 2016 के फैसले को शांतिपूर्ण विवाद समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया। चीन ने यूरोपीय संघ की टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। चीन लगातार 2016 के मध्यस्थता फैसले को “अवैध, अमान्य और गैर-बाध्यकारी” बताता रहा है। उसका कहना है कि न्यायाधिकरण को इस मामले में अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं था और दक्षिण चीन सागर पर उसके ऐतिहासिक अधिकार बरकरार हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जेलेंस्की ने एक साल बाद प्रधानमंत्री स्विरीदेंको को हटाया, पूरी सरकार ने दिया इस्तीफा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीदेंको को महज एक साल के कार्यकाल के बाद बदलने का फैसला किया है। उनकी घोषणा के बाद यूक्रेन के कानून के तहत पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया। जेलेंस्की ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नया प्रधानमंत्री कौन होगा या स्विरीदेंको की नई भूमिका क्या होगी। यूलिया स्विरीदेंको को अमेरिका में यूक्रेन का अगला राजदूत बनाए जाने की भी चर्चा है, हालांकि सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के शीर्ष नेतृत्व में भी बदलाव किए जाएंगे। यूक्रेन के कानून के अनुसार, प्रधानमंत्री का इस्तीफा संसद की मंजूरी के बाद प्रभावी होता है। इसके साथ ही पूरी सरकार स्वतः भंग हो जाती है और नए मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया शुरू होती है। यूक्रेनी सांसदों के अनुसार, नए प्रधानमंत्री की दौड़ में पूर्व प्रधानमंत्री एवं मौजूदा ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मीहाल, रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव और सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्टोगाज़ के प्रमुख सेरही कोरेत्स्की के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। पेरिस के सिनेगॉग के बाहर ‘मिलिट्री-ग्रेड’ हथियार मिलने से हड़कंप: 300 लोगों को निकाला
फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक सिनेगॉग के पास संदिग्ध वाहन से असॉल्ट राइफल और पिस्तौल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पुलिस ने एहतियातन करीब 300 लोगों को आसपास के इलाके से सुरक्षित निकाला और राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी अभियोजन कार्यालय (PNAT) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम एक चोरी का वाहन संदिग्ध अवस्था में मिला। तलाशी के दौरान उसमें से एक असॉल्ट राइफल और एक पिस्तौल बरामद हुई। बम निरोधक दस्ते की जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिला। गृह मंत्री लॉरां नुनेज ने बरामद असॉल्ट राइफल को “मिलिट्री-ग्रेड” हथियार बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। सिनेमा, रेस्तरां और अन्य इमारतों से लगभग 300 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है और हमले के संभावित उद्देश्य की जांच जारी है। गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से फ्रांस में यहूदी विरोधी घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। गृह मंत्री के अनुसार, इस वर्ष यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली तीन साजिशों को पहले ही विफल किया जा चुका है। पिछले वर्ष देश में 1,320 यहूदी विरोधी घटनाएं दर्ज हुई थीं। स्पेन के जंगलों में लगी भीषण आग: झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई
स्पेन के अल्मेरिया प्रांत में लगी भीषण जंगल की आग में झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। यह आग गुरुवार को अल्मेरिया प्रांत के लॉस गालार्डोस इलाके में भड़की थी। अब तक 7,000 हेक्टेयर (करीब 17,300 एकड़) से अधिक क्षेत्र जल चुका है। अधिकारियों के मुताबिक यह स्पेन के इतिहास की सबसे घातक जंगल की आग की घटनाओं में से एक है। स्पेन की फोरेंसिक एजेंसी (CID) ने बताया कि दो और लोगों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। एजेंसी फ्रांस, ब्रिटेन और बेल्जियम के अधिकारियों के साथ मिलकर लापता लोगों की पहचान और डीएनए मिलान की प्रक्रिया चला रही है। बेल्जियम सरकार का कहना है कि मृतकों में उसके तीन नागरिक भी हो सकते हैं।

‘मेरी छवि खराब करने की कोशिश हुई’ कुक के साथ मारपीट विवाद पर क्रिकेटर शशांक सिंह ने तोड़ी चुप्पी

पंजाब किंग्स के खिलाड़ी शशांक सिंह ने अपने और परिवार के खिलाफ दर्ज पुलिस मामले पर पहली बार रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पूरी तरह झूठी है और एक मशहूर खिलाड़ी होने की वजह से उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। शशांक के मुताबिक इस मामले का इस्तेमाल उन पर दबाव बनाने और कथित तौर पर उगाही करने के लिए किया गया। बता दें पिछले महीने भोपाल के रातीबाद थाने में शशांक सिंह और उनके पिता शैलेश सिंह के खिलाफ उनके घर में काम करने वाले कुक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी।

कुक ने आरोप लगाया था कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। वहीं शशांक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया।

शशांक सिंह ने क्या कहा

शशांक सिंह ने लिखा, “इस घटना ने मुझे पूरी तरह बदल दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए, जिन्हें मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। मैं यह बात किसी की सहानुभूति पाने के लिए नहीं लिख रहा, बल्कि इसलिए साझा कर रहा हूं क्योंकि मेरे परिवार और मैंने पहली बार ऐसी स्थिति का सामना किया है। मुझे उम्मीद है कि दूसरे लोग भी इससे कुछ सीखेंगे। एक खिलाड़ी होने के नाते मैंने वर्षों तक आलोचना, ट्रोलिंग और अपशब्दों का सामना किया है और उसके साथ जीना भी सीख लिया है। लेकिन इस बार मामला अलग था। देखते ही देखते मुझे ऐसे पेश किया गया, मानो मैंने अपने से कमजोर और कम साधन वाले व्यक्ति के साथ मारपीट की हो। बिना पूरी सच्चाई जाने हजारों लोगों ने मुझे सोशल मीडिया पर गलत बातें कहीं।”

 

वीडियो देख हैरान थे हम

उन्होंने आगे लिखा, “मैं आज भी इस बात को लेकर सवाल उठाता हूं कि शिकायत में जो बातें कही गईं, वे कैसे सामने आईं। जिस दिन वह हमारे घर से गया, उस समय उसे किसी तरह की चोट नहीं थी। बाद में जब हमने उसका वीडियो देखा तो हम हैरान रह गए। हमें समझ नहीं आया कि इतनी गंभीर चोटें आखिर आईं कैसे। वह अपनी इच्छा से हमारे घर काम करने आया था, लेकिन तीसरे ही दिन हमने उसे वापस भेज दिया। इसकी वजह ये थी कि हमने उसे घर में इधर-उधर घूमते, घर के अंदर की तस्वीरें खींचते और उन्हें अपने दोस्तों या साथियों को भेजते हुए देखा था। बाद में इस पूरे घटनाक्रम को देखकर हमें कई बातें समझ में आने लगीं।”

 

ये घटना सोची-समझी साजिश

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी और इसका मकसद उन पर दबाव बनाकर पैसे ऐंठना था। उन्होंने आगे लिखा, “जैसे-जैसे इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आती गई, मुझे पूरा भरोसा हो गया कि वह हमारे घर किसी अच्छे इरादे से नहीं आया था। मेरे अनुसार, पूरी योजना झूठी एफआईआर दर्ज कराकर मुझ पर दबाव बनाने की थी। शायद उन्हें लगा कि एक सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति होने के कारण मैं अपनी छवि बचाने के लिए पैसे देने को मजबूर हो जाऊंगा। मेरा मानना है कि इस मामले में एफआईआर का इस्तेमाल किसी वास्तविक शिकायत के लिए नहीं, बल्कि कथित तौर पर दबाव बनाकर उगाही करने के साधन के रूप में किया गया।”

उन्होंने एफआईआर दर्ज किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। 33 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा कि, पुलिस ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले उनका पक्ष जानने या उनसे पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने लिखा, “मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की हुई कि जहां कई वास्तविक पीड़ितों को गंभीर मामलों में भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, वहीं मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ बिना हमारी बात सुने और बिना किसी पूछताछ के तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी गई।”

शशांक सिंह ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी गलत बताया, जिनमें उन्हें 30 अप्रैल 2026 की एक दूसरी कथित घटना से जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि इन खबरों में बुनियादी तथ्यों की भी जांच नहीं की गई। शशांक के मुताबिक, जिस दिन की घटना का जिक्र किया जा रहा है, उस दिन वह आईपीएल मैच खेल रहे थे, इसलिए उन पर लगाए गए आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते।

शशांक सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि घटना के समय वह अपने माता-पिता के साथ घर पर मौजूद थे। उन्होंने लिखा, “इस पूरे अनुभव ने मुझे कई कठिन सबक सिखाए हैं। किसी पर सिर्फ दया या हमदर्दी के आधार पर भरोसा नहीं करना चाहिए। घर में काम करने के लिए हमेशा किसी रजिस्टर्ड एजेंसी के जरिए ही कर्मचारी रखें और उसका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं।”