ओमानी को-पायलट ने प्लेन क्रैश की साजिश अकेले रची थी:रिपोर्ट में दावा, विमान को बिल्डिंग से टकराने वाला था, इंजन बंद करने का भी शक

दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाला ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने अकेले ही विमान को क्रैश करने की साजिश रच रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक उसके किसी संगठन या सरकार से जुड़े होने की जानकारी नहीं मिली है। इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा की रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट का प्लान कैप्टन स्मित को मारकर विमान को तेल अवीव में किसी ऊंची बिल्डिंग से टकराना था। उसने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जब उसका पहला प्लान नाकाम होने लगा तो उसने विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की। इस दौरान उसने ऑटोपायलट बंद कर दिया, जिससे विमान तेजी से नीचे आने लगा। जांचकर्ताओं को शक है कि को-पायलट ने विमान के दोनों इंजन बंद करने की कोशिश की थी। हमले के बाद कॉकपिट में पहुंचे यात्री रिपोर्ट के मुताबिक, हमामी ने नजाम के दौरान इमरजेंसी के लिए रखे क्रैश एक्स यानी कुल्हाड़ी निकाली और पीछे से कैप्टन स्मित पर वार करना शुरू कर दिया। शुरुआत में स्मित को लगा कि विमान का कोई हिस्सा उनके सिर से टकराया है, लेकिन लगातार वार होने पर उन्हें समझ आया कि उन पर हमला हो रहा है। हमले में कैप्टन स्मित के सिर पर गंभीर चोट लगी और उनके हाथ पर भी गहरी चोट आई। काफी खून बहने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन को-पायलट ने दरवाजा बंद किया। फिर स्मित ने उससे मुकाबला करते हुए दोबारा दरवाजा खोला। कॉकपिट से आवाजें सुनकर ताली बर्कोविच नाम की एक महिला ने लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कई यात्री और दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने कैप्टन को गंभीर हालत में पाया और को-पायलट को काबू करने की कोशिश की। विमान की रफ्तार 970 किमी प्रति घंटे से ज्यादा पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विमान तेजी से जमीन की ओर गिर रहा था। उसकी रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा पहुंच गई थी। इस दौरान विमान का पिछला रडर क्षतिग्रस्त हो गया और को-पायलट ने कंट्रोल को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसी दौरान पेशे से प्लंबर यात्री यानिव हयून ने कंट्रोल स्टिक अपनी ओर खींची, जिससे विमान का तेजी से नीचे जाना रुका। इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। फ्लाइट FZ1073 में 174 लोग सवार थे। हमले के दौरान विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और करीब 34 हजार फीट से 17 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया था। बाद में यात्रियों और क्रू की मदद से विमान का कंट्रोल संभाला गया। सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने विमान को वापस मोड़ने को कहा। इसके बाद फ्लाइट को ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराने के निर्देश दिए गए। पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारा। लैंडिंग के बाद घायल कैप्टन स्मित को अस्पताल ले जाया गया, जबकि हमाम अल-हमामी को सऊदी अधिकारियों को सौंप दिया गया। इमरजेंसी लाइट जलने से इंजन की जांच घटना के कुछ वीडियो में विमान की इमरजेंसी लाइट्स जलती दिखाई दीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे विमान की मुख्य बिजली सप्लाई बंद होने की आशंका जताई गई। ऐसे में विमान बैटरी पावर पर आ सकता है। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या को-पायलट ने इंजन तक फ्यूल पहुंचाने वाले स्विच को ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर किया था। बाद में दोनों ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में इंजन दोबारा शुरू करने की स्थिति बनी हुई थी। कई देशों की एजेंसियां कर रहीं जांच यूएई, इजराइल और सऊदी अरब की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। यूएई ने कहा है कि जांच में को-पायलट के आतंकी घटना को अंजाम देने की कोशिश करने की बात सामने आई है। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक किसी संगठन या सरकार से उसके संबंध का पता नहीं चला है। ऑस्ट्रेलिया और ओमान से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, हमामी को उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस भी उसके ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमामी 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में छात्र रहा था। उसे 2014 में स्टूडेंट वीजा मिला था, जिसे 2019 में रद्द कर दिया गया। ABC के मुताबिक, वीजा चरित्र संबंधी वजहों से नहीं, बल्कि कोर्स में दाखिला खत्म होने के कारण रद्द हुआ था। —————————– यह खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन:हमला होते ही कंट्रोल संभाला; यात्रियों को डर था- विमान हाईजैक कर ईरान न ले जाएं दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले के बाद घायल कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे विमान में मौजूद दो अन्य पायलट अंदर पहुंचे और कंट्रोल संभाला। ये दोनों पायलट तेल अवीव से दुबई लौटने वाली फ्लाइट के लिए पहले से विमान में सवार थे। कंट्रोल संभालने के बाद भी उन्होंने करीब 45 मिनट तक यात्रियों से बात नहीं की, जिससे कुछ यात्रियों को विमान के हाईजैक होकर ईरान ले जाए जाने का डर लगा। पूरी खबर पढ़ें…

नाजियों की जीत का कारण हिंसा, हिटलर का करिश्मा नहीं:जर्मनी के दो प्रांत्रों में नाजी समर्थक पार्टी की जीत से छिड़ी नई बहस

जर्मनी के दो प्रांतों में धुर-दक्षिणपंथी पार्टी के सत्ता में आने के बाद यूरोप में जर्मन तानाशाह एडॉल्फ हिटलर (1933-1945 तक सत्ता में था) पर नई बहस छिड़ गई है। आम धारणा है कि हिटलर गजब का करिश्माई नेता था। उसका प्रचार मंत्री जोसेफ गोएबल्स का प्रोपेगैंडा बेजोड़ था और जर्मनी की आर्थिक मंदी ने नाजियों की राह आसान की। अब इन बातों को जर्मनी के लेखक और इतिहासकार फिलिप रुख ने सिरे से खारिज किया है। अपनी नई शोधपरक किताब ‘डेर रुकफॉल’ में रुख बताते हैं कि हिटलर कोई कुशल नेता नहीं था। वह एक आलसी अपराधी था, जो दोपहर तक सोता था। उसकी नाजी पार्टी की जीत को समझने के लिए 14 सितंबर 1930 के चुनावों को देखना होगा। 1928 में नाजी पार्टी को महज 8 लाख वोट और 12 सीटें मिली थीं। रुख बताते हैं कि 1930 में नाजियों को 64 लाख वोट और 107 सीटें मिलीं, जिससे यह सनकी गुट दूसरी राजनीतिक ताकत बना। हिंसा के खौफ से लोग नाजियों के साथ हुए और 1933 में सत्ता में आया। हिटलर से जुड़े 3 बड़े भ्रम ‘सेंटर फॉर पॉलिटिकल ब्यूटी’ के संस्थापक रुख कहते हैं- 1. हिटलर का करिश्मा छलावा था 1930 के चुनाव में हिटलर उम्मीदवार भी नहीं था, क्योंकि उसके पास जर्मन नागरिकता नहीं थी। तख्तापलट की साजिश में उस पर देश से निकाले जाने का खतरा था। 1929 में हिटलर ने पूरे साल में केवल 29 भाषण दिए थे। पार्टी दफ्तर जाने के बजाय कैफे और सिनेमाघरों में वक्त बिताता था। 2. कमजोर प्रोपेगैंडा नाजी अखबार जैसे- ‘इलुस्ट्रिएटर बीओबैक्टर’ बेहद स्तरहीन था। उसे बहुत कम लोग पढ़ते थे। अन्य पार्टियों के पास प्रचार के लिए नियॉन साइन जैसे बेहतर साधन थे, जबकि नाजियों की प्रचार सामग्री पेशेवर नहीं थी। 3. महामंदी मुख्य वजह नहीं जिन इलाकों में बेरोजगारी ज्यादा थी, वहां नाज़ियों को सबसे कम वोट मिले। महामंदी का असर जर्मनी में जुलाई 1931 में दिखा। रुख लिखते हैं कि नाजियों की सबसे बड़ी ताकत उनकी ‘राजनीतिक हिंसा और विरोधियों के सफाए की खुली सनक’ थी। दावा- दक्षिणपंथी पार्टियां समाज में नफरत का फायदा उठाती हैं फिलिप रुख के अनुसार, नाजी पार्टी किसी आर्थिक या सामाजिक नीति पर बात नहीं कर रही थी, बल्कि विरोधियों की हत्याओं के षड्यंत्र रच रही थी। दुर्भाग्य से यही हिंसक सनक उस समय के जर्मन मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को आकर्षित कर गई। रुख चेताते हैं कि आज के दौर में भी दक्षिणपंथी, चरमपंथी पार्टियों पर घोटालों या खुलासों का असर नहीं पड़ता, क्योंकि वे समाज के भीतर मौजूद नफरत का फायदा उठाती हैं।

Tina Ahuja: ‘ये वाली जगह पर ऐसी बातों के लिए…’: गोविंदा की बेटी टीना ने कोमल रानी से जुड़े सवाल को किया इग्नोर

Tina Ahuja: काफी समय से गोविंदा और एक्ट्रेस कोमल रानी के अफेयर की चर्चा हो रही है। सुनीता आहूजा के लगातार बयानों से हर कोई सोच रहा है कि ‘हीरो नंबर 1’ एक्टर की जिंदगी में आखिर क्या चल रहा है। हालांकि कोमल ने हाल ही में इन अफवाहों पर बात करते हुए कहा कि गोविंदा के साथ उनके देखे जाने की वजह उनका प्रोफेशनल रिश्ता है, फिर भी अफवाहें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

अब इसी बीच शहर में एक इवेंट के दौरान सुनीता आहूजा और गोविंदा की बेटी टीना आहूजा से इस विवाद के बारे में पूछा गया। टीना से पूछा गया, “कोमल रानी इंस्टाग्राम पर आपकी मम्मी सुनीता आहूजा पर कई आरोप लगा रही हैं,” लेकिन उन्होंने इस सवाल को टालते हुए कहा, “प्लीज हम यहां सिर्फ इवेंट के बारे में बात करते हैं… धन्यवाद…और फिर पैपराजी के बीच से चली गईं।

कोमल रानी ने सुनीता आहूजा पर लगाए गंभीर आरोप

गोविंदा के साथ अपने रिश्तों को लेकर हो रही लगातार चर्चाओं के बीच, कोमल ने हाल ही में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखकर चुप्पी तोड़ी। कोमल ने सुनीता पर अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा, “जो औरत सालों से अपने ही पति की जान लेने की कोशिश कर रही हो, ऐसी औरतों की बद्दुआएं किसी को नहीं लगतीं।

उन्होंने कहा कि जो घर पहले से ही टूटा हुआ हो, उसे कोई और नहीं तोड़ सकता। हमारे देश के लोग इतने बेवकूफ नहीं हैं कि किसी के कहने पर कि ‘कौआ तुम्हारा कान ले गया’, वे कौए के पीछे भागने लगेंगे। मुझे समझ नहीं आता कि एक औरत किस तरह के दर्द से गुजर रही है, जहां उसे ठीक करने की कोशिश करने के बजाय, वह उसे सबके सामने दिखाने में मजा ले रही है। क्या यह सच में दर्द है, या फिर यह सोच-समझकर रची गई कोई साजिश है?”

उन्होंने आगे कहा, “किसी आदमी को लगातार मानसिक रूप से परेशान करना, उसे काम करने से रोकना, उसे घर पर बैठने और बर्बाद होने के लिए मजबूर करना, उसे पूरी तरह अलग-थलग कर देना और उसे मौत के कगार पर पहुंचा देना-मुझे नहीं लगता कि कोई अच्छी और समर्पित पत्नी अपने पति के साथ इतना बुरा बर्ताव कर सकती है।

क्या ऐसी औरतें मानसिक रूप से बीमार होती हैं, या वे बस जरूरत से ज्यादा चालाक होती हैं और अच्छी तरह जानती हैं कि जो काम वे बंद दरवाज़ों के पीछे नहीं कर पाईं, उसे सबके सामने आकर और लोगों की सहानुभूति हासिल करके कर सकती हैं? अपने एजेंडे के लिए मेरे नाम का इस्तेमाल करना बंद करें। भगवान हर भले आदमी को ऐसी चालाक औरतों से बचाए।”

‘आपके साहस पर UAE को गर्व है’; Flydubai के ‘हीरो’ भारतीय पायलट स्मित मच्छार से मिले दुबई के क्राउन प्रिंस, कैप्टन की बहादुरी के हुए कायल

Dubai Crown Prince met Smit Machchhar: फ्लाईदुबई फ्लाइट के ‘हीरो’ भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से दुबई के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम ने शनिवार (3 अक्टूबर) को मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अल मकतूम ने भारतीय हीरो की जमकर तारीफ की है। मच्छार ने उस समय असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया था, जब उनके ओमानी को-पायलट ने फ्लाईदुबई के प्लेन को उड़ान के दौरान उन पर चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छर ने विमान को सुरक्षित रखने और यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

क्राउन प्रिंस ने अस्पताल में मच्छर से मुलाकात की, जहां वह हमले के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। मुलाकात के बाद हमदान बिन मोहम्मद ने कहा कि कैप्टन मच्छर ने साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति देखभाल की सर्वोच्च भावना का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि UAE के नेतृत्व और देश की ओर से मच्छर को पूरा सम्मान और प्रशंसा दी जाती है।

‘हमें गर्व है कि वह हमारी टीम का हिस्सा हैं’

दुबई के क्राउन प्रिंस ने कैप्टन मच्छर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि वह UAE की टीम का हिस्सा हैं और अब वह देश की कहानी का भी हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि मच्छर का साहस उस भावना को दर्शाता है, जिसके लिए UAE जाना जाता है करुणा, शांति और मानव जीवन की रक्षा…। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुई हाथापाई के दौरान वे घायल हो गए थे।

बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव जा रहा था, तभी उसे सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया। शेख हमदान ने आतंकी घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए मच्छार की हिम्मत, जिम्मेदारी की भावना और बहादूरी की तारीफ की। शेख हमदान ने कहा कि स्मित मच्छार ने बेहद हिम्मत, जिम्मेदारी और लोगों की जान की परवाह दिखाई। उन्होंने UAE के नेतृत्व की ओर से भी पायलट की तारीफ की और उन्हें देश के लिए गर्व का जरिया बताया।

UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार ने की स्मित मच्छार की प्रशंसा

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति के एक वरिष्ठ सलाहकार ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की शुक्रवार को प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके साहसिक कदमों ने एक गंभीर आतंकवादी घटना के दौरान बड़ी दुर्घटना को होने से रोक दिया। ‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार, यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने X पर लिखा, “फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार अत्यधिक प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने एक गंभीर आतंकवादी घटना और संभावित बड़ी त्रासदी का सामना करते हुए साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया।”

गर्गाश ने एक पोस्ट में कहा, “सबसे कठिन परिस्थितियों में दिखाई गई उनकी पेशेवर दक्षता और नैतिक दृढ़ता उन्हें सच्चा नायक बनाती है।” उन्होंने कहा कि भविष्य में चरमपंथ और आतंकवाद की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए सतर्कता जरूरी है। उन्होंने साथ ही इस हमले को लेकर साजिश के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के खिलाफ आगाह किया। फ्लाईदुबई का विमान सऊदी अरब के तबुक में उतरा था। वहां एक अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद मच्छार को आगे के इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया।

34 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ था हमला

यह घटना फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था। विमान में करीब 180 लोग सवार थे। बताया गया है कि विमान जब सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के ऊपर करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी ओमानी नागरिक कट्टरपंथी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया।

हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने और विमान में सवार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाई। वह फ्लाइट के कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे जिससे यात्रियों को हमलावर को काबू में करने का मौका मिला। विमान में 174 यात्री सवार थे। स्मिट की वजह से विमान सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतरा, जहां अधिकारियों ने को-पायलट को हिरासत में ले लिया।

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मुश्किल हालात में बचाई यात्रियों की जान

हमले के बाद विमान में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट को सुरक्षित करने और विमान पर कंट्रोल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में विमान की सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस घटना के बाद UAE समेत कई देशों की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। UAE के अधिकारियों ने कैप्टन मच्छर के साहस और पेशेवर रवैये की सार्वजनिक रूप से सराहना की है।

मच्छार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि उन्होंने ठान लिया था कि वह विमान में सवार लोगों की जान नहीं जाने देंगे। हवा में को-पायलट के हमले के बाद भी उनमें जितनी भी ताकत बची थी, उसी के सहारे उन्होंने विमान को सुरक्षित बचा लिया। पीएम मोदी ने यूएई के एक अस्पताल में भर्ती मच्छार से फोन पर बात की।

विमान अपहरण की कोशिश करने वाला पायलट कट्टरपंथी था:साथी बोला- महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था; यात्रियों ने पकड़ा तो चिल्लाया- मुझे मार दो

दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश करने वाला ओमानी को-पायलट धार्मिक कट्टरपंथी था। यह दावा उसके साथ काम कर चुके एक पायलट ने इजराइली न्यूज चैनल 16 से बातचीत में किया। सहकर्मी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। उसके मुताबिक, आरोपी महिलाओं से हाथ भी नहीं मिलाता था। उसने कहा, ‘कंपनी ने एक आतंकवादी को नौकरी पर रखा, जिसकी वजह से करीब 180 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक, पकड़े जाने के बाद आरोपी चिल्ला रहा था- ‘मुझे मार दो।’ कैप्टन पर चाकू से हमला किया, विमान हजारों फीट नीचे आया ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया और विमान को हाईजैक करने की कोशिश की इस दौरान विमान कुछ ही मिनटों में हजारों फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने आरोपी को काबू कर लिया। दूसरे पायलटों ने विमान को संभाला और सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई। हमले के पीछे की वजह की जांच अभी जारी है। 9 महीने पहले ही फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की थी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने फ्लाईदुबई में करीब 9 महीने पहले नौकरी शुरू की थी। ओमान के एक अधिकारी ने अमेरिकी न्यूज चैनल CBS को इसकी पुष्टि की थी। आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। घटना के बाद यह सवाल भी उठा कि आरोपी को इजराइल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली। इजराइल और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि आरोपी की सुरक्षा जांच में कोई चूक हुई थी या नहीं। UAE जांच करेगा कि हमला आतंकवादी साजिश थी या नहीं UAE यह जांच कर रहा है कि हमला आतंकवाद से जुड़ा था या पहले से इसकी योजना बनाई गई थी। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने घटना को ‘जिहादी आतंकवादी हमला’ बताया था। ———————— ये खबर भी पढ़ें… कॉकपिट में भिड़े, चाकू लगे, लेकिन फ्लाइट कंट्रोल नहीं छोड़ा: पायलट स्मित मच्छर ने 4 साल पहले फ्लाईदुबई जॉइन की, पहले स्पाइसजेट में थे भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट को क्रैश होने से बचा लिया। स्मित पर उनके साथी पायलट ने ही चाकू से हमला कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

इजराइली PM बोले- भारतीय पायलट की बहादुरी को सलाम:वह असली हीरो, 174 लोगों की जान बचाई; चाकू हमले के बावजूद विमान क्रैश रोका

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विमान क्रैश रोकने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की है। नेतन्याहू ने X पर पोस्ट में लिखा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने हमलावर का सामना किया। वह सच्चे हीरो हैं। इजरायली PM ने कहा- कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू कर लिया। कैप्टन की वजह से 174 लोगों की जान बची। इनमें इजरायली नागरिकों के साथ दूसरे देशों के लोग भी शामिल थे। दरअसल, बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान भारतीय पायलट स्मित पर उनके को-पायलट ने चाकू से हमला कर दिया। फिर विमान का कंट्रोल हाथ में लेकर इसे क्रैश कराने की कोशिश की। लेकिन, पायलट स्मित ने हार नहीं मानी और संघर्ष करते हुए साजिश को नाकाम कर दिया। ट्रम्प बोले- प्लंबर ने भी बचाई लोगों की जान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी भारतीय पायलट स्मित मच्छार की तारीफ की। उन्होंने कहा- घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद के लिए आवाज लगाई। इके बाद एक यात्री भी कॉकपिट में पहुंचा। ट्रम्प के मुताबिक, वह पेशे से प्लंबर था और उसने कभी विमान नहीं उड़ाया था। यात्री ने को-पायलट को सीट से खींचकर पीछे किया। इसके बाद दूसरे यात्रियों ने मिलकर उसे काबू किया। ट्रम्प ने बताया कि इस यात्री ने टीवी शो ‘एयर डिजास्टर्स’ देखकर विमान उड़ाने की कुछ बातें सीखी थीं। हालांकि, ट्रम्प ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नेतन्याहू और कुछ अन्य सूत्रों से मिली है। उन्होंने कहा कि वह इन बातों की खुद पुष्टि नहीं कर सकते। चाकूबाजी से पहले दोनों पायलटों में हाथापाई हुई थी फ्लाईदुबई की फ्लाइट में यह घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुई। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे। ज्यादातर इजराइली पैसेंजर्स थे। रिपोर्टों के मुताबिक, हमले से पहले दोनों पायलटों के बीच हाथापाई हुई थी। इसके बाद को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किया। इस दौरान विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से अचानक 17 हजार फीट नीचे आ गया। एक यात्री और क्रू मेंबर किसी तरह कॉकपिट तक पहुंचने में कामयाब हुए। इसके बाद दूसरे क्रू मेंबर भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान की सुरक्षित सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि यात्री और क्रू मेंबर फ्लायदुबई के कॉकपिट में कैसे घुसे, क्योंकि कॉकपिट के दरवाजे जबरन खोलने की कोशिशों को रोकने के लिए मजबूत बनाए जाते हैं। आमतौर पर उड़ान के दौरान कॉकपिट का दरवाजा सुरक्षा कारणों से लॉक रहता है। 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद यह विमान सुरक्षा का नियम बन गया। दोनों पायलट घायल, कैप्टन स्मित की हालत स्थिर एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पायलट घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कैप्टन स्मित की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो में विमान तेजी से हिलता दिखा। वहीं दूसरे वीडियो में हमलावर पर काबू पाने के बाद विमान में बैठे पैसेंजर्स ताली बजाकर खुशी मनाते दिखे। इजराइली अधिकारियों ने बताया कि जिस साथी पायलट ने स्मित पर हमला किया, वह ओमान का नागरिक था। इजराइल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि पायलट की हिम्मत ने बड़ी घटना टाल दी। वरना 2001 में हुए अमेरिका के 9/11 जैसी घटना हो सकती थी। इजराइली डेंटिस्ट ने कैप्टन स्मित की मदद की विमान में सवार यात्रियों को कुछ देर के लिए लगा कि वे जिंदा नहीं बचेंगे। एक यात्री ने AFP को बताया कि, “सभी को लगा कि अब हम मरने वाले हैं।” विमान में मौजूद कुछ लोगों ने भी सूझबूझ दिखाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। विमान में सिविल ड्रेस में 2 रिलीफ पायलट मौजूद थे जिन्होंने बाद में प्लेन को संभाला। जबकि यात्रियों ने हमलावर को कॉकपिट से दूर करने में मदद की। वहीं कैप्टन स्मित की मदद विमान में मौजूद एक डेंटिस्ट ने की। उन्होंने घायल पायलट का विमान में ही इलाज किया और उनकी जान बचाई। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम कर चुके हैं। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है। इसके अलावा वे पायलटों की ट्रेनिंग, उनकी जांच और उन्हें काम के दौरान गाइड करने का काम भी करते थे। पॉडकास्ट बताया- पढ़ाई के दौरान पायलट बनने का ख्याल आया पिछले साल अक्टूबर में कैप्टन स्मित ने CS जलक मेहता नाम के यूट्यूब चैनल के साथ पॉडकास्ट किया था। इस दौरान उन्होंने कहा, स्कूलिंग के बाद फैमिली बिजनेस संभालने के लिए मैंने मैनेजमेंट की पढ़ाई की। लेकिन इसी दौरान मैं एविएशन से जुड़े एक सेमिनार में गया, वहीं मैंने पहली बार पायलट बनने का सोचा। आगे उन्होंने बताया, ‘मेरी पहली कमर्शियल फ्लाइट बेंगलुरु से दिल्ली के लिए थी।’ 10 पॉइंट्स में जानिए विमान में क्या-क्या हुआ ———————- यह खबर भी पढ़ें… इजराइल जा रही फ्लाइट क्रैश कराने की कोशिश: पायलट को चाकू मारा, 17 हजार फीट नीचे आया विमान; फाइटर जेट की निगरानी में इमरजेंसी लैंडिंग दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश हुई। पूरी खबर पढ़ें…

भारतीय कैप्टन ने नाकाम की 9/11 जैसी साजिश! खून से लथपथ हो गए पर फ्लाइदुबई फ्लाइट को क्रैश कराने जा रहे को-पायलट को ऐसे रोका

हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे एक यात्री विमान में अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिससे करीब 180 यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। दरअसल, फ्लाईदुबई के एक पायलट ने अपने को-पायलट को विमान क्रैश करने से रोककर कथित तौर पर एक बड़े हादसे को टाल दिया। CNN-News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान के कैप्टन स्मिथ मच्छर भारतीय मूल के हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान मूल के को-पायलट ने कथित तौर पर विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने और उसे क्रैश करने की कोशिश की थी। इस दौरान कैप्टन स्मिथ मच्छर ने उसका मुकाबला किया और उसे ऐसा करने से रोक दिया।

बता दें कि फ्लाईदुबई का यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इसमें करीब 180 यात्री सवार थे। हालांकि, इस घटना से जुड़ी जानकारी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दी गई है।

स्मिथ मच्छर इससे पहले करीब 10 साल तक स्पाइसजेट में काम कर चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, तेल अवीव जा रहे विमान में उनके को-पायलट ने उन पर हमला कर दिया था।

इजराइली मीडिया की रिपोर्ट में कैप्टन के भारतीय मूल का होने की बात भी कही गई है। चैनल 12 ने उन्हें “भारतीय मूल” का पायलट बताया, जबकि Ynet ने उन्हें “भारतीय नागरिक” बताया।

करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

इस घटना के बाद, फ्लाईदुबई के विमान को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 9:45 बजे (0645 GMT) सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी के बयान के अनुसार, कैप्टन और को-पायलट दोनों घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

वहीं, इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने इस घटना को “आतंकवादी” हमला बताया और दावा किया कि को-पायलट विमान को क्रैश करके इजरायलियों की जान लेना चाहता था।

फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में सह-पायलट की कथित हरकतों के साथ-साथ उसके पीछे की वजह का भी पता लगाया जा रहा है।

34 हजार फीट से अचानक 17 हजार फीट नीचे आया प्लेन

Flightradar वेबसाइट के डेटा के मुताबिक, उड़ान के दौरान प्लेन अचानक नीचे आ गया। 0521 GMT पर यह लगभग 34,000 फीट की ऊंचाई पर था और 0522 GMT तक 17,000 फीट से भी नीचे आ गया।

यात्री मिरयम शिरा ओहायोन ने बताया कि जब प्लेन दुबई से तेल अवीव जा रहा था और जॉर्डन के ऊपर से गुजर रहा था, तो एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला करने की कोशिश की, जिससे प्लेन “लगभग बेकाबू” हो गया।

उन्होंने पत्रकारों को बताया, “को-पायलट ने पायलट की हत्या करने और असल में प्लेन पर सुसाइड अटैक करने की कोशिश की।” उन्होंने यह बात अपनी मां के हाथ में पकड़े स्पीकरफोन पर कही, जो तेल अवीव के पास बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उनका इंतजार कर रही थीं।

उन्होंने कहा, “यह सचमुच क्रैश होने ही वाला था, और कई लोगों की सूझबूझ की वजह से ही को-पायलट पर काबू पाया जा सका और उसे बेअसर किया जा सका।”

उन्होंने कहा, “वहां एक डॉक्टर भी थे जिन्होंने फर्स्ट एड दिया, और कुछ लोगों ने उन दोनों का इलाज किया। पायलट के अलावा किसी को चोट नहीं आई, लेकिन सबसे बड़ा डर क्रैश का था, और वह पायलट ठीक यही करने की कोशिश कर रहा था।”

इजरायल के कई मीडिया हाउस ने रिपोर्ट दी है कि प्लेन के पायलटों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसकी वजह से डिस्ट्रेस सिग्नल एक्टिवेट हो गया था।

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भारतीय पायलट ने विमान क्रैश होने से बचाया:चाकू मार रहे हमलावर से लड़े, 180 पैसेंजर्स सवार थे; इजराइल बोला- 9/11 जैसे हमले की साजिश थी

दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश हुई। इस दौरान जिस पायलट ने अपने को-पायलेट से लड़कर ऐसा होने से रोका वह भारतीय मूल का है। कैप्टन स्मित मच्छर कॉकपिट में हुई झड़प के दौरान घायल हो गए। ओमानी मूल के को-पायलट ने उन्हें चाकू मारा और प्लेन को क्रैश कराने में लग गए। लेकिन कैप्टन स्मित और यात्रियों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद प्लेन की सफल इमरजैंसी लैंडिग हुई। इस दौरान फ्लाइट में 180 यात्री सवार थे। इजराइल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि बहुत बड़ी अनहोनी होने से बच गई। अगर पायलट पर समय रहते काबू नहीं पाया होता तो यह 2001 में हुए अमेरिका के 9/11 जैसी घटना हो सकती थी। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चूके है कैप्टन स्मित स्मित पहले स्पाइसजेट में पायलट थे। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। वे यहां डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के तौर पर शामिल हुए थे। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है। फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। वहां वे सीनियर कमांडर और बाद में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन रहे। स्पाइसजेट में उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। वे पायलटों की ट्रेनिंग, उनकी जांच और उन्हें काम के दौरान गाइड करने का काम भी करते थे। उनके प्रोफाइल में क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट, फ्लाइट स्टैंडर्ड, नियमों का पालन और बोइंग 737 ऑपरेशन में उनकी विशेषज्ञता का भी जिक्र है। पॉडकास्ट में कैप्टन बोले- मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान पायलट बनने का ख्याल आया पिछले साल अक्टूबर में कैप्टन स्मित ने CS जलक मेहता नाम के यूट्यूब चैनल के साथ पॉडकास्ट किया था। इस दौरान उन्होंने कहा, स्कूलिंग के बाद टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कोर्स किया था फैमिली बिजनेस को संभालने के लिए, उसके बाद मैंने मैनेजमेंट की पढ़ाई की। लेकिन इसी दौरान मैं एविएशन से जुड़े एक सेमिनार में गया, वहीं मैंने पहली बार पायलट बनने का सोचा। आगे उन्होंने बताया, ‘मेरी पहली कमर्शियल फ्लाइट बेंगलुरु से दिल्ली के लिए थी। उस वक्त बोइंग मार्केट में सबसे बड़ा विमान था, मेरा सपना बोइंग विमान उड़ाना था।’ 10 पॉइंट्स में जानिए विमान में क्या-क्या हुआ ———————-

अमेरिका में 2 भारतीयों पर नकली दवा बेचने का आरोप:चीन से मंगाते थे वजन घटाने की दवा, 71 साल की सजा हो सकती है

अमेरिका में वजल घटाने की नकली दवा (ओजेम्पिक) बेचने के आरोप में दो भारतीय नागरिकों पर केस दर्ज किया गया है। अमेरिकी कोर्ट में दाखिल आरोपों के मुताबिक, दोनों ने चीन से कम दाम पर नकली दवा मंगाकर अमेरिका में डिस्ट्रीब्यूटर्स को बेची। दोषी साबित होने पर दोनों को ज्यादा से ज्यादा 71 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। नकली दवा की पैकिंग बिल्कुल असली जैसी थी जांच में पता चला कि दवा की पैकिंग बिल्कुल असली जैसी हई थी। बॉक्स, दवा की जानकारी वाली पर्ची, इंजेक्शन पेन का लेबल और सुई तक असली जैसी थी, ताकि लोगों को लगे कि वे कंपनी की असली दवा खरीद रहे हैं। दोनों आरोपियों की पहचान स्वप्नदीप रॉय और विक्की रमनचा के रूप में हुई है। एक आरोपी के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी हुआ था अमेरिकी दवा नियामक FDA ने दिसंबर 2023 में नकली ओजेम्पिक की कुछ खेप पकड़ी थी और लोगों को सावधान भी किया था। आरोप है कि इसके बाद भी दोनों दवा बेचते रहे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, स्वप्नदीप रॉय को इटली में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी हुआ था। यानी दुनिया के दूसरे देशों को उसकी तलाश और गिरफ्तारी के लिए अलर्ट किया गया था। बाद में अमेरिका ने इटली से प्रत्यर्पण की मांग की। मंगलवार को उसे फ्लोरिडा के टैम्पा शहर की अदालत में पेश किया गया। रॉय और रमनचा पर कुल 6 आरोप लगाए गए हैं। इनमें तस्करी की साजिश, तस्करी और नकली दवा बेचने जैसे मामले शामिल हैं। अमेरिका नकली दवाओं पर कैसे नजर रखता है? अमेरिका में नकली दवाओं को रोकने के लिए पूरी दवा सप्लाई चेन पर नजर रखी जाती है। दवा बनाने वाली कंपनी से लेकर थोक विक्रेता और मेडिकल स्टोर तक, सभी को लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रखना होता है। कई दवाओं का रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ट्रैक किया जाता है, ताकि पता चल सके कि दवा कहां बनी, कहां गई और किसने बेची। मेडिकल स्टोर को भी दवा खरीदने और बेचने का रिकॉर्ड संभालकर रखना पड़ता है। अगर किसी दवा के नकली होने का शक होता है, तो उसे तुरंत अलग कर जांच की जाती है। नकली साबित होने पर इसकी जानकारी FDA को दी जाती है और दवा को बाजार से हटाया जाता है। इसके बावजूद कभी-कभी नकली दवाएं ऑनलाइन बिक्री, तस्करी या अवैध सप्लायरों के जरिए सिस्टम में घुस जाती हैं। ऐसे मामलों में FDA और दूसरी एजेंसियां जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती हैं। —————————– ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में गोल्डी बराड़ पर ₹10 करोड़ का इनाम: FBI की टॉप-10 मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को टॉप 10 मोस्ट वॉन्टेड की सूची में शामिल किया है। पूरी खबर पढ़ें…

हाल के चुनाव अवैध है: राहुल

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति यानी सीडब्लुसी की बैठक में कहा कि हाल के सभी चुनाव अवैध हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार से समझौता कर चुके हैं। करीब ढाई घंटे तक चली सीडब्लुसी की बैठक के बारे में सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि राहुल ने कांग्रेस नेताओं से उनके ऊपर भरोसा करने को कहा। उन्होंने एक नियुक्ति पैनल की बैठक के बाद का किस्सा सुनाते हुए कहा कि बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माना की उनके बाद राहुल ही प्रधानमंत्री बनेंगे। यह किस्सा सुना कर राहुल ने कहा कि मोदी को जैसे उनके ऊपर भरोसा है वैसे ही कांग्रेस नेताओं को भी रखना चाहिए।

बहरहाल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर हुए खुलासे पर विचार के लिए हुई कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह समझौता कर चुके हैं और देश की चुनाव व्यवस्था ‘फिक्स’ है। हाल के सभी चुनाव अवैध हैं”। राहुल गांधी ने आगे कहा, “चाहे ईवीएम हो या मतदाता सूची, दोनों से छेड़छाड़ की गई है। दोनों का इस्तेमाल भाजपा चुनाव जीतने की रणनीति के तौर पर कर रही है”।

बैठक में पार्टी ने एक प्रस्ताव मंजूर किया, जिसमें कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें। इसके अलावा एसआईआर को तत्काल रोकने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। कांग्रेस ने इसमें कहा है कि हटाए गए 13 करोड़ 30 लाख नाम बहाल किए जाएं। मंगलवार को हुई बैठक में 68 सदस्यों ने हिस्सा लिया। कांग्रेस ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के मुद्दों को संसद में उठाएगी और प्रदर्शन करेगी।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार की कठपुतली बन गए हैं। उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए। मोदी सरकार ने व्यवस्थित रूप से उस मजबूत लोकतांत्रिक नींव को खोखला कर दिया है जिसे हमारे पूर्वजों ने बनाया था”। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने युवाओं को वोट देने से रोकने की साजिश रची है। फॉर्म 6 से जुड़े नियमों में गैरकानूनी तरीके से बदलाव किया गया”।