26/11 हमले से जुड़े लश्कर आतंकी अब्दुल-अजीज की मौत:इस्लामाबाद में मस्जिद के बाहर अचानक गिरा; रेस्टोरेंट में खाना खाया था

26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कारी सईद अब्दुल-अजीज की पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मौत हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कुबा मस्जिद के बाहर अचानक गिर पड़ा, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मस्जिद पहुंचने से पहले अजीज ने एक रेस्टोरेंट में खाना खाया था। इसके बाद नमाज के लिए पहुंचने पर वह अचानक गिर पड़ा। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अजीज पर 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की साजिश में शामिल होने का आरोप था। हमले में लश्कर के 10 आतंकियों ने मुंबई के कई ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें 166 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। उस पर लश्कर की एक यूनिट संभालने का भी आरोप था, जो आतंकियों के बीच कम्युनिकेशन और जम्मू-कश्मीर में मारे गए लश्कर आतंकियों के परिवारों को आर्थिक मदद से जुड़े काम देखती थी। पाकिस्तान में लश्कर आतंकियों की रहस्यमय मौतों का सिलसिला जारी अजीज की मौत ऐसे समय हुई है, जब पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई आतंकियों और ऑपरेटिव्स की रहस्यमय तरीके से हत्या की खबरें सामने आती रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलग-अलग घटनाओं में 30 से 40 लश्कर ऑपरेटिव्स मारे जा चुके हैं। हालांकि, इन घटनाओं और अजीज की मौत के बीच कोई सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह भी साफ नहीं है कि अजीज की मौत बीमारी या किसी दूसरे कारण से हुई। मामले में पाकिस्तानी अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। 26/11 हमले की पूरी टाइमलाइन 26 नवंबर 2008 की रात समुद्र के रास्ते आए 10 लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों ने मुंबई में कई जगहों पर हमला किया। CST, ताज होटल, ओबेरॉय-ट्राइडेंट और नरीमन हाउस मुख्य निशाने थे। 29 नवंबर की सुबह ताज होटल में आखिरी आतंकियों के मारे जाने के साथ ऑपरेशन खत्म हुआ। बॉम्बे हाईकोर्ट के मुताबिक, हमले में 166 लोगों की मौत और 238 लोग घायल हुए थे। 26 नवंबर | हमले की शुरुआत CST के बाद पुलिस पर हमला 27 नवंबर | कमांडो ऑपरेशन शुरू 28 नवंबर | दो जगह ऑपरेशन खत्म 29 नवंबर | ताज में आखिरी ऑपरेशन 10 आतंकियों का क्या हुआ? 9 आतंकी मारे गए | 1 आतंकी अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया। जांच और अदालत की कार्रवाई में सामने आया कि हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का नेटवर्क था। लश्कर का आतंकी नेटवर्क कैसे काम करता है लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन का नेटवर्क केवल हमले करने वाले आतंकियों तक सीमित नहीं होता। इसके पीछे भर्ती, ट्रेनिंग, कम्युनिकेशन, फंडिंग और संगठन से जुड़े लोगों के परिवारों की मदद जैसे अलग-अलग काम संभालने वाले नेटवर्क होते हैं।

ममता बनर्जी की कार पर पत्थरों-जूतों और कीचड़ से हमला, चोर-चोर के लगे नारे

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रविवार को उत्तर 24 परगना जिले में विरोध का सामना करना पड़ा। वह एक मृत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार को घेर लिया और ‘चोर’ के नारे लगाए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर कीचड़ भी फेंका। यह घटना बिजपुर में हुई। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों का एक समूह ममता बनर्जी की गाड़ी के आसपास जमा हो गया, जब वह मृत पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं।

ममता बनर्जी ने लगाया ये आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि कार पर हमला इतना जोरदार था कि अगर उसकी खिड़कियां खुली होतीं तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी। ममता बनर्जी ने कहा, “हम सब मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस के सामने हुआ। मैंने अपने जीवन में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। आखिर यह सब क्या हो रहा है?” उन्होंने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस बीजेपी को सुरक्षा दे रही है, जबकि उनकी कार पर हमला पुलिस के सामने ही हुआ।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस की मौजूदगी में उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि हमला इतना जोरदार था कि अगर कार की खिड़कियां खुली होतीं तो उनके सिर में गंभीर चोट लग सकती थी। ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, “हम सब मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस के सामने हुआ। मैंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। आखिर यह सब क्या हो रहा है? पुलिस बीजेपी को सुरक्षा दे रही है।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उनकी कार पर पत्थर, जूते और कीचड़ फेंके गए। ममता बनर्जी ने इसे एक साजिश बताया। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस को पहले ही बताया था कि मैं यहां आ रही हूं। इसके बावजूद पुलिस ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। पूरे पश्चिम बंगाल पर गुंडों का कब्जा है।” वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ममता बनर्जी शांत इलाके में “अशांति फैलाने” आई थीं। प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ नारे भी लगाए गए। यह विरोध एक मृत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के घर जाने के दौरान हुआ। बताया गया है कि कार्यकर्ता की मौत हलीशहर पुलिस की हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद हुई थी। हालांकि, इस मामले से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

The Traitors 2 Trailer: भरोसा, धोखा और साजिश से भरा ‘द ट्रेटर्स’ सीजन 2 का ट्रेलर हुआ रिलीज, करण जौहर लगाएंगे गेम में तड़का

The Traitors 2 Trailer: करण जौहर द्वारा होस्ट किए जा रहे इस सीजन में अलग-अलग इंडस्ट्रीज से आए 21 सेलिब्रिटी प्लेयर्स देखने को मिलेगा। इनमें आदित्य कुलश्रेष्ठ उर्फ कुल्लू, अभिषेक मल्हान उर्फ फुकरा इंसान, अंश चोपड़ा, दलीप ताहिल, हरमन सिंघा, इक्का सिंह, करण सिंह मैजिक, क्रिस्टल डिसूजा, मल्लिका शेरावत, मुनव्वर फारुकी, पारुल गुलाटी, प्रिश, रणवीर बराड़, रिया चक्रवर्ती, रिदा थराना, साहिल सलाथिया, शाहनील गिल, शालिनी पासी, श्वेता तिवारी, सौंदूस मोफाकिर और तान्या पुरी शामिल हैं।

‘द ट्रेटर्स’ सीजन 2, आईडीटीवी के बाफ्टा और एमी अवॉर्ड जीत चुके ग्लोबल फॉर्मेट का इंडियन वर्जन है। इस सीजन को धर्माटिक एंटरटेनमेंट ने इंडिपेंडेंट डिस्ट्रीब्यूटर ऑल3मीडिया इंटरनेशनल के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। सीजन 2 का प्रीमियर 13 अगस्त को होगा और यह भारत में सिर्फ प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगा। इसके नए एपिसोड हर गुरुवार रिलीज किए जाएंगे।

प्राइम वीडियो ने आज अपनी अनस्क्रिप्टेड ओरिजिनल सीरीज ‘द ट्रेटर्स’ के दूसरे सीजन का ट्रेलर रिलीज कर दिया है। जैसलमेर के शाही सूर्यगढ़ पैलेस की शानदार लोकेशन पर सेट इस नए सीजन में करण जौहर एक बार फिर इस रियलिटी सीरीज के मास्टरमाइंड के तौर पर वापसी कर रहे हैं, जहां भरोसा एक लग्जरी है, धोखा एक रणनीति है और हर कदम पर विश्वासघात का खतरा मंडरा रहा है।

इस सीजन में उनके साथ एक रहस्यमयी नया साथी बू भी नजर आएगा, जो ‘बुरी खबर’ लेकर आएगा। खिताब और बड़ी इनामी राशि जीतने के लिए 21 सेलिब्रिटी प्लेयर्स आदित्य कुलश्रेष्ठ (कुल्लू), अभिषेक मल्हान (फुकरा इंसान), अंश चोपड़ा, दलीप ताहिल, हरमन सिंघा, इक्का सिंह, करण सिंह मैजिक, क्रिस्टल डिसूजा, मल्लिका शेरावत, मुनव्वर फारुकी, पारुल गुलाटी, प्रिश, रणवीर बराड़, रिया चक्रवर्ती, रिदा थराना, साहिल सलाथिया, शाहनील गिल, शालिनी पासी, श्वेता तिवारी, सौंदूस मोफाकिर और तान्या पुरी एक-दूसरे को मात देने, गेम खेलने और आखिर तक टिके रहने के लिए मैदान में उतरेंगे। ‘द ट्रेटर्स’ सीजन 2 का प्रीमियर 13 अगस्त को प्राइम वीडियो पर होगा और इसके नए एपिसोड हर गुरुवार रिलीज होंगे।

ट्रेलर दर्शकों को एक बार फिर उसी शाही महल में ले जाता है, जहां कुछ भी वैसा नहीं है जैसा दिखाई देता है और हर बातचीत के पीछे कोई नया खतरा छिपा हो सकता है। ट्रेलर में करण जौहर कहते हैं, “यह महल सपने जैसा लगता है… और मैं उस सपने को बुरे सपने में बदलने का इंतजार नहीं कर सकता।” उनकी यह बात इस सीजन का माहौल साफ कर देती है, जहां प्लेयर्स पहले से ज्यादा चालाक, रणनीतिक और एक-दूसरे को मात देने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।

अपने विचार साझा करते हुए करण जौहर ने कहा, “’द ट्रेटर्स’ का पहला सीजन बाकी रियलिटी कंटेंट और पुराने फॉर्मेट से अलग अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहा और दर्शकों के रिस्पॉन्स ने साबित कर दिया कि वे कुछ नया देखने के लिए तैयार हैं। दूसरे सीजन के साथ हम जानते थे कि हमें गेम को और बड़ा, ज्यादा शार्प और पहले से भी ज्यादा अनप्रेडिक्टेबल बनाकर लौटना होगा।

ट्रेलर रिलीज होने से कुछ दिन पहले ही प्राइम वीडियो ने ‘डाइनिंग थिएटर ऑफ ट्रेचरी’ के एक खास चार-कोर्स एक्सपीरियंस के जरिए 21 प्लेयर्स की पूरी लिस्ट सामने रखी थी। इस बड़े खुलासे के बाद अब ट्रेलर ने उन कमजोर गठजोड़ों, तेज दिमाग और एक-दूसरे को मात देने वाली रणनीतियों की पहली झलक दिखाई है, जिनकी असली परीक्षा 13 अगस्त से गेम शुरू होने के बाद होगी।

पाकिस्तान के 4 में से 2 सूबों में बागी तेवर:सरकार की पकड़ कमजोर; बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान के चार सूबे हैं। इनमें से बलूचिस्तान सूबे में अलगाववादी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने विद्रोह का झंडा बुलंद किया हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा सूबे में अफगा​न तालिबान का दबदबा है। आए दिन तालिबान के हमलों से यहां पाक फौज के पांव उखड़ रहे हैं। पढ़िए बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से भास्कर संवाददाता सिकंदर सूरी की ग्राउंड रिपोर्ट… बलूचिस्तान- PAK के हाथ से 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि पाकिस्तानी सेना कितने विद्रोहियों को मार रही है या पकड़ रही है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार यहां पुलिस थाने चला पा रही है? क्या हाईवे सुरक्षित हैं? क्या बाजार खुल रहे हैं? और क्या लोग बिना डर के एक शहर से दूसरे शहर जा सकते हैं? बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। गुस्सा… खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा है बलूचिस्तान को पाकिस्तान के खनिजों की खदान भी कहते हैं। बात शुरू की तो खुजदार शहर के युवक मोमिन का पाक सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। मोमिन कहते हैं यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का कब्जा है। चीन ने सीपैक के नाम पर यहां लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीन की फिशिंग बोट्स का कब्जा है। स्थानीय बलूच मछुआरों को चीनी बोट्स खदेड़ देती हैं। इनकी बोट्स बड़ी और ज्यादा पावर वाली होती हैं। ज्यादातर बलूच मछुआरों के पास अब भी पालदार नौकाएं हैं। बलूच बेरोजगार हो रहे हैं। 55 साल के असलम का कहना है कि यहां के रेयर अर्थ मिनरल पर अमेरिका का कब्जा है। पाक आर्मी चीफ मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने मिनरल की नुमाइश करते हैं। इस खजाने पर केवल बलूचों का हक है। खैबर…यहां तालिबानी शरिया सरकार काबिज
खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का फ्रंटियर यानी सरहदी इलाका है। डूरंड लाइन पाक और अफगानिस्तान को अलग करती है। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के पांच साल में खैबर के अधिकांश इलाके में इन्हीं का दबदबा है। खैबर में पाक सरकार के कानून नहीं तालिबान का शरिया चलता है। दरअसल, इस इलाके में विभाजन के समय से ही कबिलाई व्यवस्था लागू रही है। स्वात, सैदू, मिंगाेरा और मर्दन में ‘लोया जिरगा’ के जरिए ही कानून चलता है। ये जिरगा असल में शरिया कानून को लागू करती है। अफगान तालिबान इसका संरक्षक है। अफगान तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) संगठन को अपने ठिकानों में पनाह देता है। इमरान खान की सरकार ने 2021 में TTP के साथ सुलह की कोशिश की, लेकिन इमरान की गद्दी जाते ही TTP ने खैबर में अपने दबदबे को और बढ़ा लिया है। खैबर के वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना कई सैन्य ऑपरेशन कर चुकी है, लेकिन यहां अब TTP काबिज है। आए दिन TTP के हमलों के कारण स्कूल और काॅलेज बंद रहते हैं। पंजाब और सिंध के मूल निवासी कर्मचारी खैबर में अपनी पोस्टिंग नहीं चाहते हैं। खौफ… हमलों से पाक की 50 फौजी चौकियां खाली खैबर पख्तूनख्वा में TTP के आए दिन होने वाले हमलों से पाक सेना में खौफ है। इस साल TTP फौज पर 145 से ज्यादा हमले कर चुकी है, इनमें 48 सैनिक मारे गए। खैबर में डूरंड लाइन पर अभी पाक सेना की 50 फौजी चौकियां खाली हैं। 22 पोस्ट पर ही पाक फौज तैनात है। स्वात में रहने वाले सगीर (22) का कहना है कि खैबर के लोग अपनी हुकूमत चाहते हैं। पाक सरकारों ने यहां पंजाबियों और सिंध के रिटायर्ड फौजियों को मुफ्त जमीन देकर बसाने की कोशिशें भी कीं। ये हमारी कबिलाई पहचान को मिटाने की साजिश थी। एक रणनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि TTP और इस्लामिक स्टेट खुरासान यानी आईएसकेपी जैसे संगठन हमलों में आपसी सहयोग कर रहे हैं। इन दोनों संगठनों की ताकत से अब खैबर में पाक सरकार के पांव उखड़ रहे हैं।

पाकिस्तान के 4 में से 2 सूबों में बागी तेवर:सरकार की पकड़ कमजोर; बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी चुनौती

पाकिस्तान के चार सूबे हैं। इनमें से बलूचिस्तान सूबे में अलगाववादी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने विद्रोह का झंडा बुलंद किया हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा सूबे में अफगा​न तालिबान का दबदबा है। आए दिन तालिबान के हमलों से यहां पाक फौज के पांव उखड़ रहे हैं। पढ़िए बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा से भास्कर संवाददाता सिकंदर सूरी की ग्राउंड रिपोर्ट… बलूचिस्तान- PAK के हाथ से 70% क्षेत्र गया बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यह देश के करीब 45% हिस्से में फैला है और इसकी सीमा ईरान से लगती है। दूर-दूर तक रेगिस्तान और वीरान पहाड़ हैं। लेकिन इन दिनों इस वीराने में सबसे ज्यादा गूंज गोलियों की सुनाई देती है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाके अलग देश की मांग को लेकर लड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बलूच लड़ाकों और पश्तून (पठान) विद्रोहियों का सूबे के करीब 70% हिस्से पर कब्जा है। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि पाकिस्तानी सेना कितने विद्रोहियों को मार रही है या पकड़ रही है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार यहां पुलिस थाने चला पा रही है? क्या हाईवे सुरक्षित हैं? क्या बाजार खुल रहे हैं? और क्या लोग बिना डर के एक शहर से दूसरे शहर जा सकते हैं? बलूचिस्तान के कई इलाकों में हथियारबंद लड़ाके बेखौफ होकर क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग जैसे शहरों में घुसते हैं। पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों पर हमले करते हैं। कई जगह BLA के लड़ाके और पश्तून गुट सड़कों पर अपने नाके लगा लेते हैं। वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेते हैं और खुलेआम वसूली करते हैं। यही पैसा BLA के फंड में जाता है। गुस्सा… खनिज और पोर्ट पर चीन-अमेरिका का कब्जा है बलूचिस्तान को पाकिस्तान के खनिजों की खदान भी कहते हैं। बात शुरू की तो खुजदार शहर के युवक मोमिन का पाक सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। मोमिन कहते हैं यहां के ग्वादर पोर्ट पर चीन का कब्जा है। चीन ने सीपैक के नाम पर यहां लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर चीन की फिशिंग बोट्स का कब्जा है। स्थानीय बलूच मछुआरों को चीनी बोट्स खदेड़ देती हैं। इनकी बोट्स बड़ी और ज्यादा पावर वाली होती हैं। ज्यादातर बलूच मछुआरों के पास अब भी पालदार नौकाएं हैं। बलूच बेरोजगार हो रहे हैं। 55 साल के असलम का कहना है कि यहां के रेयर अर्थ मिनरल पर अमेरिका का कब्जा है। पाक आर्मी चीफ मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने मिनरल की नुमाइश करते हैं। इस खजाने पर केवल बलूचों का हक है। खैबर…यहां तालिबानी शरिया सरकार काबिज
खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का फ्रंटियर यानी सरहदी इलाका है। डूरंड लाइन पाक और अफगानिस्तान को अलग करती है। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के पांच साल में खैबर के अधिकांश इलाके में इन्हीं का दबदबा है। खैबर में पाक सरकार के कानून नहीं तालिबान का शरिया चलता है। दरअसल, इस इलाके में विभाजन के समय से ही कबिलाई व्यवस्था लागू रही है। स्वात, सैदू, मिंगाेरा और मर्दन में ‘लोया जिरगा’ के जरिए ही कानून चलता है। ये जिरगा असल में शरिया कानून को लागू करती है। अफगान तालिबान इसका संरक्षक है। अफगान तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) संगठन को अपने ठिकानों में पनाह देता है। इमरान खान की सरकार ने 2021 में TTP के साथ सुलह की कोशिश की, लेकिन इमरान की गद्दी जाते ही TTP ने खैबर में अपने दबदबे को और बढ़ा लिया है। खैबर के वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना कई सैन्य ऑपरेशन कर चुकी है, लेकिन यहां अब TTP काबिज है। आए दिन TTP के हमलों के कारण स्कूल और काॅलेज बंद रहते हैं। पंजाब और सिंध के मूल निवासी कर्मचारी खैबर में अपनी पोस्टिंग नहीं चाहते हैं। खौफ… हमलों से पाक की 50 फौजी चौकियां खाली खैबर पख्तूनख्वा में TTP के आए दिन होने वाले हमलों से पाक सेना में खौफ है। इस साल TTP फौज पर 145 से ज्यादा हमले कर चुकी है, इनमें 48 सैनिक मारे गए। खैबर में डूरंड लाइन पर अभी पाक सेना की 50 फौजी चौकियां खाली हैं। 22 पोस्ट पर ही पाक फौज तैनात है। स्वात में रहने वाले सगीर (22) का कहना है कि खैबर के लोग अपनी हुकूमत चाहते हैं। पाक सरकारों ने यहां पंजाबियों और सिंध के रिटायर्ड फौजियों को मुफ्त जमीन देकर बसाने की कोशिशें भी कीं। ये हमारी कबिलाई पहचान को मिटाने की साजिश थी। एक रणनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि TTP और इस्लामिक स्टेट खुरासान यानी आईएसकेपी जैसे संगठन हमलों में आपसी सहयोग कर रहे हैं। इन दोनों संगठनों की ताकत से अब खैबर में पाक सरकार के पांव उखड़ रहे हैं।

Kashmir Security Alert: कुलगाम और अनंतनाग आतंकी हमलों के बाद पूरे कश्मीर में हाई अलर्ट, IGP ने दिए सख्त निर्देश

कश्मीर के कुलगाम और अनंतनाग में हाल ही में हुए आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। इसी को लेकर सोमवार को कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) वी.के. बिरदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाईलेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज करने और पूरी घाटी में सुरक्षा कड़ी रखने के निर्देश दिए। बैठक में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही कुलगाम और अनंतनाग में हाल में हुए आतंकी हमलों पर भी चर्चा की गई।

आईजीपी ने अधिकारियों से कहा कि सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई जाए और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि शांति भंग करने या आम लोगों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।

हुई हाई लेवल मीटिंग

सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने घाटी में सामने आ रही नई सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की। साथ ही इन खतरों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की गई। आईजीपी वी.के. बिरदी ने अधिकारियों को मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा करने और उसे और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते हालात को देखते हुए आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन और तेज किया जाए तथा नई रणनीतियों के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और लगातार सतर्कता बेहद जरूरी है। इससे किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सकेगा।

हाईवे, रेलवे और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी

सुरक्षा समीक्षा बैठक में कश्मीर के नेशनल हाईवे, रेलवे ट्रैक और रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संवेदनशील स्थानों और जिलों की सीमाओं पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जाए। साथ ही चेकपोस्ट और जांच व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि किसी भी सुरक्षा चूक को रोका जा सके और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। बैठक में महत्वपूर्ण सरकारी ढांचे और संवेदनशील लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस ने कहा कि घाटी में शांति और लोगों की सुरक्षा बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

यह सुरक्षा समीक्षा कुलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई थी और अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के कुछ दिन बाद की गई है। इन हमलों के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है और निगरानी भी बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि घाटी में हाल की आतंकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। साथ ही एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।

Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

ये भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर हमले की थी साजिश, गर्लफ्रेंड के सोशल मीडिया पोस्ट से खुली PAK आतंकी की पोल

केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

अंकित शर्मा हत्याकांड में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा

ankit sharma hatyakand

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। 24-25 फरवरी 2020 को दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी और उनका शव चांदबाग के पास एक नाले से मिला था। इस मामले में अदालत ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या, आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया था।

ALSO READ: इंदौर में NEET प्रदर्शन में जाने की वजह से भेजा नोटिस, 5 घंटे थाने में बैठे कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे

हत्या को बताया सुनियोजित

सजा पर हुई बहस के दौरान अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडे ने कोर्ट से कहा था कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित, निर्मम और समाज में भय का माहौल पैदा करने वाली थी। उन्होंने मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर बताते हुए सभी दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष का तर्क था कि इस तरह के अपराध पर कठोरतम दंड दिया जाना आवश्यक है ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए।

CM योगी का बड़ा बयान, सनातन संस्कृति को खत्म करना चाहती हैं कुछ ताकतें, भारत विरोधी साजिशों से किया आगाह

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों का आह्वान किया है कि वे देश की प्रगति यात्रा में बाधा उत्पन्न करने वालों से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि हम सभी को भारत के खिलाफ होने वाली साजिशों को समझना होगा। कुछ ताकतें भारत की प्रगति यात्रा, सनातन संस्कृति एवं परंपरा को तबाह करना चाहती हैं। अपने ही समाज में कालनेमि का रूप धारण कर बैठे देशविरोधी षड्यंत्रकारियों से हम अनभिज्ञ बने रहेंगे तो अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसी स्थिति होगी। 

 

सीएम योगी बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में विगत 23 जुलाई से चल रही श्रीराम कथा के विश्राम सत्र और गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के चित्रों पर पुष्पार्चन करने तथा व्यासपीठ का पूजन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे ही समाज के कुछ लोग दुनिया की उन ताकतों के प्रवक्ता बने हुए हैं, जो सनातन संस्कृति पर आघात करने में लगी हुई हैं। समाज ऐसी ताकतों व उनके प्रवक्ताओं से सतर्क रहकर अपने परिमार्जन के लिए तैयार रहेगा, तो सुखी रहेगा। समाज सुखी रहेगा तो राष्ट्र को समृद्धि के पथ पर अग्रसर होने से कोई नहीं रोक पाएगा। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 12 वर्षों से तीव्र प्रगति कर रहा भारत अगले दो तीन सालों में दुनिया के तीन शीर्ष देशों में सम्मिलित हो जाएगा। अपनी प्रगति यात्रा में भारत ने जिन्हें पछाड़ा, उन्हें अच्छा न लगना स्वाभाविक है। कई ताकतों को भारत की प्रगति अच्छी नहीं लगती। ऐसी ताकतों ने देश में अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था फैलाने की साजिश शुरू कर दी है। 

 

नक्सलवाद समाप्त तो चैन से कैसे बैठेंगे इसे प्रेरित करने वाले

सीएम योगी ने कहा कि 12 वर्ष पूर्व देश के 120 जिलों में नक्सलवाद था। आज एक भी जिले में नक्सलवाद नहीं है। ऐसे में नक्सलवाद को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने वाले चैन से बैठने के बजाय दूसरे रूप में और छद्म नामों से आएंगे। मुख्यमंत्री ने रामायण कालखंड में हनुमानजी की राह रोकने वाले कालनेमि का उदाहरण देते हुए समझाया कि वर्तमान दौर के कालनेमियों से सबको सावधान रहना होगा। ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा जो भारत के खिलाफ षड्यंत्र में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भागीदार रहते हैं। समाज को एकजुट होकर हुंकार भरनी होगी कि हम देश के खिलाफ किसी भी षड्यंत्र को स्वीकार नहीं करेंगे।

 

बड़ी यात्रा में आने लगती हैं चुनौतियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जब भी अपनी एक बड़ी यात्रा पर होता है तो बड़ी चुनातियों का आना भी शुरू हो जाता है। जब श्रीराम का राजतिलक होना था तो परिवार में फूट डालकर उन्हें वनवास दे दिया गया। वनवास से लौटकर जब उन्होंने रामराज्य की स्थापना की तो माता जानकी को वनवास के लिए जाना पड़ा। महाभारत कालखंड में जब इंद्रप्रस्थ अपने वैभव पर था, तब महाभारत का शंखनाद हो गया। भारत के स्वर्णयुग में भी ऐसी स्थिति आई। चंद्रगुप्त और चाणक्य की जोड़ी के समय विश्व की 45 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर भारत का कब्जा था। जब हम मुग्ध हो जाते हैं तो कुछ ऐसे लोग सक्रिय हो जाते हैं, जो खुरपेंच में विश्वास करते हैं। उनका प्रयास व्यवस्था को छिन्नभिन्न करने का होता है। हमें प्रगति पर मुग्ध होने से बचना होगा, व्यवस्था को छिन्नभिन्न करने वालों से सतर्क रहना होगा।

 

सनातन की पावन धारा में आ जाते हैं विषधर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन की पावन धारा में हर मत, संप्रदाय को संरक्षण मिलता है। इसमें कुछ विषधर आकर इसे डंसने का प्रयास करते हैं। सनातन संस्कृति व परंपरा पर आघात कर भारत को अस्थिर करने वाले प्रयासों के खिलाफ हमें जागरूक होना होगा। इसमें सिर्फ स्कूली शिक्षक ही नहीं, बल्कि गुरु के रूप में रहने वाले हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।

 

मातृशक्ति व मातृभूमि का अपमान करने वाले कठोर दंड के पात्र

सीएम योगी ने कहा कि इस देश में कई सारे लोग पश्चिम की हवा में बह गए हैं। वे दुर्गा पूजा के समय राक्षस चण्ड-मुण्ड की पूजा करेंगे। जेएनयू में उन्हें महिमामंडित करने का प्रयास करेंगे। सनातन पर्वों के आयोजनों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करेंगे।

मथुरा : एक महीने बाद खुला 3 साल के बच्चे की मौत का राज तो सन्न रह गया पिता, मां हुई गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां तीन साल के एक बच्चे की मौत को पहले सामान्य घटना माना जा रहा था, लेकिन करीब एक महीने बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस ने बच्चे की मां पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि महिला ने अपने पति के सामने अपना जुर्म कबूल किया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

यह घटना 28 जून को मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के चौली गांव की है। पुलिस के मुताबिक, 27 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे गोविंद गुप्ता ने डायल-112 पर फोन कर शिकायत दी कि उनके भाई की पत्नी ने अपने तीन साल के बेटे की हत्या कर दी थी। जांच में पुलिस को पता चला कि तीन साल के बच्चे माधव की मौत 28 जून को हुई थी। पुलिस के अनुसार, घटना के समय बच्चा खेलते-खेलते रो रहा था। आरोप है कि उसकी मां रुचि गुप्ता उस समय फोन पर किसी व्यक्ति से बात कर रही थी। बच्चे के लगातार रोने पर पहले उसने उसे डांटा और पीटा, फिर कथित तौर पर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पति के सामने सच आने के बाद खुला मामला

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद रुचि गुप्ता ने अपने पति कृष्ण मुरारी गुप्ता, जो मेडिकल स्टोर चलाते हैं, से कहा था कि उनका बेटा उठ नहीं रहा है और सोया हुआ लग रहा है। इससे पहले उसने फोन पर भी बताया था कि बच्चा काफी देर तक रोता रहा, फिर उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसने कोई प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया। इसके बाद परिवार बच्चे को तुरंत एक निजी अस्पताल ले गया और फिर मथुरा के दूसरे अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जिस दिन बच्चे की मौत हुई, उसी दिन उसे पोलियो की दवा भी पिलाई गई थी। इसलिए परिवार को लगा कि किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उसकी मौत हुई है। उन्हें किसी तरह की साजिश या हत्या का शक नहीं हुआ और उन्होंने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।

करीब एक महीने बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस के मुताबिक, रुचि गुप्ता ने अपने पति के सामने कथित तौर पर स्वीकार किया कि बच्चे की मौत उसका गला दबाने से हुई थी। पुलिस का कहना है कि बाद में पति ने उसे फोन पर अपने कथित प्रेमी से इस घटना के बारे में बात करते हुए भी सुना। इसके बाद परिवार के लोगों ने रुचि से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने परिवार और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

मामले के बाद महिला के देवर गोविंद गुप्ता ने उसके कॉल रिकॉर्ड की जांच की। उनका आरोप है कि रुचि लंबे समय से एक व्यक्ति के लगातार संपर्क में थी। इसके बाद उन्होंने बलदेव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बलदेव थाना प्रभारी अजय शर्मा ने बताया कि महिला के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) का मामला दर्ज किया गया है।