Ram Mandir Donation Scam: कुंभ में लूटा गया सबसे ज्यादा राम मंदिर का चढ़ावा! जीजा-साले की जोड़ी ने उड़ाई बड़ी रकम

Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर के लिए मिले दान की चोरी के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। अयोध्या पुलिस की जांच में पता चला है कि मंदिर में सबसे ज्यादा चोरी 2025 की शुरुआत में कुंभ मेले के दौरान हुई थी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से कुछ कुंभ से पहले भी छोटी-मोटी चोरियों में शामिल थे। लेकिन कुंभ के दौरान मंदिर में चढ़ावे और दान में भारी बढ़ोतरी हुई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने इसका फायदा उठाया और मिलीभगत करके एक बड़ी चोरी को अंजाम दिया।

फिलहाल इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव (जिन्हें टिन्नू यादव भी कहा जाता है) शामिल हैं। इन सभी से मंगलवार को कई घंटों तक पूछताछ की गई।

वहीं, पुलिस का दावा है कि पूरी साजिश सभी आठों आरोपियों ने मिलकर रची थी।

जीजा-साले की जोड़ी ने सबसे ज्यादा कैश चुराया

जांच में सामने आया है कि जीजा-साले की जोड़ी, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा ने सबसे ज्यादा रकम चुराई थी। पुलिस के मुताबिक, इस जोड़ी ने चोरी के पैसों से प्रॉपर्टी भी खरीदी। अब तक पुलिस ने इन दोनों से जुड़ी आधी दर्जन से ज्यादा प्रॉपर्टी का पता लगाया है।

पैसे के लेन-देन की जांच के लिए, अयोध्या पुलिस अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ मिलकर आरोपी की संपत्ति और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। अधिकारी मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन) की विस्तृत जांच के लिए एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) से भी संपर्क करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, जांच के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी शक के घेरे में आ गई है।

ऐसा इसलिए क्योंकि, राम मंदिर में नकद चढ़ावे की गिनती SBI की देखरेख में होती है, जो इस काम के लिए एक प्राइवेट एजेंसी को नियुक्त करता है। मंदिर में आने वाले दान को चार दान-पेटियों में जमा किया जाता है और इसकी गिनती 14 लोगों की एक टीम करती है, जिसमें बैंक के 11 कर्मचारी और मंदिर ट्रस्ट के तीन सदस्य शामिल होते हैं।

इस बीच, पुलिस ने बताया कि इस मामले में सबसे ज्यादा नकद राशि आरोपी अविनाश शुक्ला से जुड़ी कौशालपुरी की एक जगह से बरामद की गई थी। यह जगह उसके भाई अभिषेक से जुड़े एक योग केंद्र की है।

योग सेंटर चलाने वाली सीमा तिवारी ने बताया कि पुलिस ने 5 जून को सेंटर की तलाशी ली और भारी मात्रा में कैश बरामद किया। उन्होंने कहा कि वहां अभिषेक के चार बक्से रखे हुए थे, जिनमें कंबल के अंदर पैसे छिपाकर रखे गए थे। एक बक्से पर “राम राज्य कोष” लिखा हुआ था।

सीमा तिवारी के मुताबिक, जब अभिषेक से छापेमारी और कैश के बारे में पूछताछ की गई, तो उसने दावा किया कि उसका भाई अविनाश शुक्ला ड्रग्स के धंधे में शामिल है और इसी वजह से छापेमारी हुई।

आरोपियों के घरों से कैश बरामद

वहीं, जांच अब सभी आरोपियों के घरों तक भी पहुंच गई है। पुलिस ने तीन दिन पहले तलाशी ली और टिन्नू यादव के घर से कैश बरामद किया, जो पहले ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का ड्राइवर रह चुका है।

सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं को पता चला कि मंदिर में मिले दान की गिनती वाले कमरे की एक चाबी कथित तौर पर टिन्नू यादव के पास थी, जबकि दूसरी चाबी बैंक स्टाफ के पास रहती थी। सूत्रों ने आगे बताया कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से फंड का कथित तौर पर गबन किया गया और इसमें शामिल लोगों के बीच पैसे आपस में बांट लिए गए।

इसके साथ ही, पुलिस ने सभी आरोपियों की चल और अचल संपत्ति से जुड़े बैंक दस्तावेज और रिकॉर्ड भी इकट्ठा किए हैं।

जांचकर्ताओं के अनुसार, पिछले एक साल के उनके वित्तीय रिकॉर्ड की जांच से कथित तौर पर ऐसे लेन-देन का पता चला है जो उनकी ज्ञात आय से कहीं ज़्यादा थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि, इस मामले में सबसे ज्यादा कैश की बरामदगी 89 लाख रुपये की हुई, जो आरोपी अविनाश शुक्ला द्वारा कथित तौर पर जगह बताने के बाद की गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज होने से पहले ही मंदिर ट्रस्ट ने यह रकम बरामद कर ली थी।

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पाकिस्तान बोला- हमारा पानी रोका तो हाथ काट देंगे:सिंधु जल संधि अब भी लागू, भारत इसे एकतरफा खत्म नहीं कर सकता

पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर एक बार फिर भारत को धमकी दी है। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की तो हम उन हाथों को काट देंगे। उन्होंने दावा किया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकना चाहता है। मुसादिक मलिक ने सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के हाथ में एक नल है। वह कहते हैं कि पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं जाने देंगे। जो हमारे हिस्से के पानी पर दावा करेंगे, उनके हाथ काट दिए जाएंगे। वहीं अताउल्लाह तरार ने कहा कि सिंधु जल संधि कानूनी रूप से अब भी लागू है। उनके मुताबिक, भारत इसे न तो एकतरफा स्थगित कर सकता है, न रद्द कर सकता है और न ही इसमें बदलाव कर सकता है। सिंधु जल संधि पर सेमिनार करेगा पाकिस्तान पाकिस्तानी मंत्रियों ने बताया कि मंगलवार को इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि पर पहला अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इसमें कानूनी एक्सपर्ट, जल एक्सपर्ट्स और विदेशी प्रतिनिधि शामिल होंगे। सेमिनार में संधि के कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा होगी। डॉन के मुताबिक, तरार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पाकिस्तान के अधिकार सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पहले भी साफ कर चुके हैं कि पानी हमारी जीवनरेखा है और यह हमारी रेड लाइन भी है। 21 जून को PAK रक्षा मंत्री बोले थे- भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकते हैं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 21 जून को सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी थी। पाकिस्तानी चैनल ARY न्यूज से बातचीत में आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी के प्रवाह में दखल दे रहा है और रणनीतिक हथियार के तौर पर इसका इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक साल में इस मामले में क्या नए घटनाक्रम हुए हैं, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता क्या है? सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं- सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% जमीन भारत, 8% जमीन चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है। इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं। 1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था। 1947 में भारत और पाकिस्तान के इंजीनियरों के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ। इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा। ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला। 1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने दोनों नहरों का पानी रोक दिया। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती बर्बाद हो गई। दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया। इसके बाद 1951 से लेकर 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के PM नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए। इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है। सिंधु जल समझौता स्थगित करने का पाकिस्तान पर असर पाकिस्तान में खेती की 90% जमीन यानी 4.7 करोड़ एकड़ एरिया में सिंचाई के लिए पानी सिंधु नदी प्रणाली से मिलता है। पाकिस्तान की नेशनल इनकम में एग्रीकल्चर सेक्टर की हिस्सेदारी 23% है और इससे 68% ग्रामीण पाकिस्तानियों की जीविका चलती है। ऐसे में पाकिस्तान में आम लोगों के साथ-साथ वहां की बेहाल अर्थव्यवस्था और बदतर होने लगी है। पाकिस्तान के मंगल और तारबेला हाइड्रोपावर डैम को पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे पाकिस्तान के बिजली उत्पादन में 30% से 50% तक की कमी आ सकती है। साथ ही औद्योगिक उत्पादन और रोजगार पर असर पड़ेगा। —————– ये भी पढ़ें… सिंधु नदी का पानी न मिलने से पाकिस्तान परेशान:आर्मी चीफ भारत के खिलाफ जंग की सा​जिश रच रहे, LoC पर 35 ड्रोन यूनिट तैनात पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु नदी का पानी रोका, तो पाकिस्तान की परेशानियां बढ़ गई हैं। पाकिस्तान ने यह मसला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भी लेकिन वहां भी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ। इसके बाद अब रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भारत को जंग छेड़ने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, आर्मी चीफ आसिम मुनीर जंग की साजिश रचने में जुटे हैं। नियंत्रण रेखा यानी LoC पर पाकिस्तानी सेना की 8 ब्रिगेड ने 35 एंटी ड्रोन यूनिट तैनात की हैं। पाकिस्तान ने एआई फेंसिंग भी की है। इसके तहत टारगेटिंग और सर्विलांस को तेज किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

फार्महाउस, स्कॉर्पियो और 65 लाख का घर….कौन है अनुकल्प मिश्रा? जिसपर है राम मंदिर चढ़ावे में घपला करने का आरोप

Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एक और नया मामला सामने आया है। पुलिस अब अनुकल्प मिश्रा की संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को शक है कि भक्तों के चढ़ावे की कथित चोरी में वह मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था। अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या अनुकल्प की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी और हाल की खरीदारी के लिए मंदिर के दान का पैसा इस्तेमाल किया गया था। गौरतलब है कि इस वित्तीय जांच का मकसद आरोपी से जुड़े संदिग्ध पैसों के लेन-देन का पता लगाना है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनुकल्प मंदिर में नकद दान की गिनती करने वाली आउटसोर्स टीम का हिस्सा था और कथित तौर पर उसने इस साजिश में मुख्य भूमिका निभाई थी।

फार्महाउस, मकान और एसयूवी की जांच जारी

जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि अनुकल्प ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से अपने साले लवकुश मिश्रा को भी उसी नकदी गिनती टीम में शामिल करवाया था। ये दोनों इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में शामिल हैं।

बता दें कि जांच के सिलसिले में पुलिस अयोध्या जिले में अनुकल्प के पैतृक गांव बसावा गई।अधिकारियों ने पाया कि उसका घर आस-पास के घरों की तुलना में काफी आलीशान था। गांव वालों ने जांचकर्ताओं को बताया कि पिछले कुछ सालों में परिवार की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हुई है।

पुलिस इस बाद की पुष्टि करने में जुटी है कि क्या अनुकल्प ने हाल ही में गांव के बाहरी इलाके में एक फार्महाउस बनवाया था और पिछले साल अयोध्या में एक घर खरीदा था, जिसकी कीमत कथित तौर पर लगभग 65 लाख रुपये थी। साथ ही उन दावों की भी जांच की जा रही है वह महिंद्रा स्कॉर्पियो SUV खरीदने की प्रक्रिया में था।

जांच का एक अहम हिस्सा 30 अप्रैल को अनुकल्प द्वारा अपने गांव में कथित तौर पर आयोजित सात दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम भी है। पुलिस इस कार्यक्रम में हुए खर्च और इस्तेमाल किए गए फंड के स्रोत की पुष्टि कर रही है, क्योंकि राम मंदिर प्रतिष्ठान से जुड़े वरिष्ठ लोगों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों सहित कई प्रमुख हस्तियां इस कार्यक्रम में शामिल हुई थीं।

वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी

जांचकर्ता लवकुश मिश्रा के वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं। आरोप है कि वह अनुकल्प मिश्रा की सिफारिश पर राम मंदिर में दान गिनने वाली टीम में शामिल हुआ था। इसके अलावा, पुलिस उन दावों की भी जांच कर रही है कि लवकुश ने हाल ही में 1 लाख रुपये से ज्यादा की मोटरसाइकिल खरीदी थी, जबकि बताया जाता है कि वह किराए के मकान में रहता है।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के बैंक अकाउंट, प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड, निवेश, संपत्ति और खर्च करने के तरीकों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ये उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से ज्यादा हैं।

जांच करने वालों ने कहा कि यह कवायद इस बात का पता लगाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है कि क्या कथित तौर पर दान की चोरी से मिली रकम को चल या अचल संपत्ति में निवेश किया गया था। पुलिस ने संकेत दिया है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जांचकर्ताओं के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया इस बात का पता लगाने के लिए की जा रही है कि क्या कथित दान चोरी से मिले पैसे को चल या अचल संपत्तियों में लगाया गया था। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार

मामले में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में राम शंकर यादव उर्फ ​​टीनू यादव, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं।

जांचकर्ताओं के अनुसार, राम शंकर यादव (उर्फ टिन्नू) राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी सहयोगी और पूर्व ड्राइवर रहे हैं। मनीष यादव, टिन्नू का भतीजा बताया जाता है और वह दान गिनने के काम में शामिल था।

सुभाष श्रीवास्तव बैंक के पूर्व कर्मचारी हैं जिन्होंने कैश की गिनती की देखरेख की थी, जबकि अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे और रमाशंकर मिश्रा उस टीम का हिस्सा थे जो मंदिर के दान और कीमती सामान का काम संभालते थे।

पुलिस ने बताया कि राम मंदिर के दान (जिसमें कैश और कीमती सामान शामिल था) की कथित चोरी और हेराफेरी के मामले में FIR दर्ज होने के बाद इन आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ताओं ने कहा कि जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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Ketan Murder Update: महाराष्ट्र के पुणे जिले में 25 वर्षीय प्रॉपर्टी कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार, केतन की मंगेतर 20 वर्षीय सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी को केतन की हत्या का संकेत देने के लिए जानबूझकर बैठने का इशारा किया था। यह केवल हमला शुरू करने का संकेत नहीं था। बल्कि खुद को सुरक्षित रखने की भी सोची-समझी रणनीति थी।

पुलिस के मुताबिक, 18 जून को लोहागढ़ किले पर पहुंचने के बाद योजना के अनुसार सिया को पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने बैठना था। जैसे ही वह बैठती, चेतन पीछे से आकर अनजान केतन को खाई में धक्का दे देता। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों ने इस योजना को पूरी तरह उसी तरह अंजाम दिया, जैसा पहले से तय किया गया था।

बैठने का संकेत का मकसद

जांच में यह भी सामने आया है कि बैठने का संकेत इसलिए चुना गया था ताकि धक्का दिए जाने के समय सिया केतन की पहुंच से दूर रहे। पुणे पुलिस का मानना है कि दोनों को आशंका थी कि यदि धक्का लगने के बाद केतन खुद को बचाने के लिए सिया को पकड़ने की कोशिश करता, तो वह भी खाई में गिर सकती थी। इसलिए उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह संकेत तय किया गया था।

पुलिस ने बताया कि चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भी पूरी तैयारी की थी। वह पुणे से लगभग 90 किलोमीटर दूर लोहागढ़ किले तक कार की बजाय स्कूटर से गया, क्योंकि उसे डर था कि कार टोल प्लाजा के CCTV कैमरों में दर्ज हो सकती है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया स्कूटर जब्त कर लिया है।

जांच में यह भी सामने आया कि चेतन किले पर चढ़ते समय ‘हुडी’ पहनकर गया था। बाद में उसने हुडी उतारकर काली टी-शर्ट पहन ली। फिर वापस लौटते समय फिर से हुडी पहन ली। पुलिस का मानना है कि उसने लोगों का ध्यान भटकाने और पहचान छिपाने के लिए ऐसा किया।

क्राइम सीन रीक्रिएशन

रविवार को पुलिस सिया गोयल को घटनास्थल पर लेकर गई, जहां एक डमी की मदद से पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया गया। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि 18 जून को हत्या किस तरह अंजाम दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि हत्या से पहले वे लोहागढ़ किले पर उपयुक्त स्थान की तलाश करने गए थे।

इतना ही नहीं, उन्होंने वारदात को अंजाम देने से पहले वहां हत्या की प्रैक्टिस भी की थी। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने किस स्थान पर यह प्रैक्टिस किया था। मामले में दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। ऐसे में उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस आगे की जांच के लिए उनकी रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी।

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इस बीच पुलिस ने सिया गोयल के पिता, मां और भाई से भी लंबी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। केतन मर्डर की साजिश से जुड़े सभी तथ्यों को अदालत के सामने रखा जाएगा।

भाई से झगड़ा, फिर चाय का ब्रेक… बाली ट्रिप से पहले कैब ड्राइवर ने सिया को लेकर किया बड़ा खुलासा

Ketan Agrawal Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस में एक के बाद एक नए खुलासे होते जा रहे हैं। इस बार केतन और हत्या की आरोपी सिया को छोड़ने वाले कैब ड्राइवर ने बड़ा दावा किया है। ड्राइवर के मुताबिक, रास्ते में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सिया ने गाड़ी रुकवाई थी। इसके बाद उसने कार की डिक्की खोली और अपने पर्स से कुछ निकाला। इसके कुछ समय बाद दोनों एयरपोर्ट पहुंच गए, जहां बाद में पता चला कि केतन का पासपोर्ट गायब है।

वहीं, इस दावे को जांच में काफी अहम माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाली में होने वाले प्री-वेडिंग फोटोशूट से पहले केतन का पासपोर्ट कैसे गायब हुआ। शुरुआती जांच से यह संकेत मिल रहे हैं कि पासपोर्ट को जानबूझकर गायब किया गया था।

कैब ड्राइवर वैभव जाधव ने मीडिया के साथ खास बातचीत में इस यात्रा की जानकारी दी। जाधव ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब 10 बजे पुणे से यात्रियों को पिक किया था। उनके मुताबिक, सिया ने पहले कैब में बैठने से मना कर दिया था, लेकिन उनके भाई साहिल ने उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बिठाया। इसके बाद कैब रावेत पहुंची, जहां केतन अग्रवाल उसमें सवार हुए।

कैब ड्राइवर ने दावा किया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान सिया ने चाय पीने के लिए एक फूड मॉल पर गाड़ी रुकवाई। करीब 10 मिनट बाद वह वापस आई और उसने ड्राइवर से कार की डिक्की खोलने को कहा।

ड्राइवर के मुताबिक, डिक्की के पास जाकर सिया ने अपने पर्स से कुछ सामान निकाला। इसके बाद करीब 15 से 20 मिनट बाद दोनों यात्रियों ने उसे वापस गाड़ी के पास बुलाया और फिर मुंबई एयरपोर्ट के लिए सफर शुरू कर दिया।

जाधव ने बताया कि उन्होंने सभी यात्रियों को मुंबई एयरपोर्ट पर उतार दिया था। करीब दो मिनट बाद, उन्हें एक कॉल आया जिसमें बताया गया कि कैब में एक छोटा बैग छूट गया है। उन्होंने कहा कि वह उस समय लगभग 200 मीटर दूर थे और वापस आकर बैग लौटा दिया।

ड्राइवर ने आगे बताया कि 500 ​​मीटर और आगे जाने के बाद, उन्हें एक और कॉल आया जिसमें कहा गया कि केतन का पासपोर्ट कैब में ही गिर गया है। जाधव ने बताया कि उन्होंने पहले ही पूरी गाड़ी देख ली थी और पासपोर्ट नहीं मिला था। इसके बावजूद उनसे वीडियो कॉल करके कैब का अंदर का हिस्सा दिखाने को कहा गया, लेकिन तब भी पासपोर्ट नहीं मिला।

जाधव के मुताबिक, इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट वापस लौटने के लिए कहा गया, जहां साहिल और केतन ने खुद कैब की तलाशी ली। उन्होंने दावा किया कि गाड़ी की तलाशी लेने के बावजूद पासपोर्ट नहीं मिला। तलाशी के बाद, दोनों पक्ष एयरपोर्ट से चले गए।

जाधव ने यह भी दावा किया कि पुणे से रावेत तक के सफर के दौरान सिया और उसके भाई साहिल के बीच बहस हुई थी; रावेत में ही केतन उनके साथ सफर में शामिल हुआ था। उसने फिर से कहा कि सिया ने उससे गाड़ी की डिक्की (बूट) खुलवाकर उसमें से कुछ निकाला था, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि वह चीज क्या थी।

बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत से कुछ हफ्ते पहले बाली की प्री-वेडिंग ट्रिप (शादी से पहले की यात्रा) को रद्द करने की वजह बना एक खोया हुआ पासपोर्ट अब जांचकर्ताओं के लिए कथित हत्या की साजिश का एक अहम सुराग बन गया है; इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र को चौंका दिया है।

पासपोर्ट का गायब होना एक बड़ी साज़िश का हिस्सा: पुलिस

इससे पहले, पुणे ग्रामीण पुलिस ने यह भी कहा था कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने कथित तौर पर उसका पासपोर्ट चुराकर नष्ट कर दिया था, जिससे वह विदेश नहीं जा सका। यह कोई अलग-थलग घटना नहीं थी, बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जिसका अंत आखिरकार 26 वर्षीय युवक की लोहागढ़ किले में मौत के साथ हुआ।

बता दें कि केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी और वे शादी से पहले के फोटोशूट के लिए 6 जून को बाली जाने वाले थे। चार लोग साथ यात्रा कर रहे थे, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने पर जब केतन को पता चला कि उसका पासपोर्ट गायब है, तो यात्रा अचानक रद्द कर दी गई।

पासपोर्ट गायब होने के हालात संदिग्ध: केतन के पिता

केतन के पिता, विशाल अग्रवाल ने कहा कि पासपोर्ट के गायब होने के हालात संदिग्ध लग रहे हैं।

उन्होंने कहा, “उन्हें 6 जून को प्री-वेडिंग शूट के लिए मुंबई से बाली, इंडोनेशिया जाना था। घर से निकलते समय कार में सिर्फ चार लोग थे। कार में बैठे-बैठे सभी ने अपने पासपोर्ट चेक किए और सभी पासपोर्ट, करेंसी, क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरी कीमती चीजें एक ही पाउच में रखी गई थीं। वह पाउच कार में ही था।”

केतन के पिता ने आगे कहा, “एयरपोर्ट पहुंचने पर केतन को छोड़कर बाकी सभी के पास अपने पासपोर्ट थे। सिर्फ केतन का पासपोर्ट चोरी हो गया था। इस वजह से वह जा नहीं सका और उसे एयरपोर्ट से ही वापस लौटना पड़ा।”

पुलिस ने केतन मर्डर सीन को फिर से बनाया

वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को पुलिस सिया गोयल को लोहागढ़ किले ले गई ताकि क्राइम सीन को फिर से बनाया जा सके। इसके लिए एक डमी का इस्तेमाल किया गया ताकि उस पल को दोबारा दिखाया जा सके जब उसे धक्का देकर गिराया गया था और उसकी मौत हो गई थी।

उसे सुबह 6.30 बजे वहां ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, इस कवायद का मकसद उन घटनाओं के क्रम को ठीक-ठीक समझना है जिनकी वजह से 18 जून को केतन की जान चली गई थी।

क्राइम सीन को दोबारा बनाने के लिए एक पुतले (मैनक्विन) का इस्तेमाल किया गया। इस प्रक्रिया के तहत, डमी को किले की दीवारों से नीचे गिराया गया।

केतन अग्रवाल के पिता की भावुक अपील

शनिवार को, केतन अग्रवाल के पिता ने अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए कैंडललाइट मार्च में हिस्सा लिया और एक भावुक अपील की। ​​उन्होंने उन लोगों से आगे आकर जांच में मदद करने की गुजारिश की जो 18 जून को लोहगढ़ किले में मौजूद थे – उस दिन केतन को कथित तौर पर उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी ने पहाड़ी से नीचे धकेल दिया था।

पुणे के बाहरी इलाके गहुंजे में बेलमोंडो सोसाइटी में जमा हुए निवासियों, परिवार के सदस्यों और दोस्तों को संबोधित करते हुए विशाल अग्रवाल ने कहा कि किले में हुई इस घटना को कई लोगों ने देखा था, लेकिन वे अभी तक पुलिस के पास नहीं आए हैं।

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Ketan Agarwal: आखिर सिया को शादी से पहले क्यों चाहिए थे 3 साल? पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा

पुणे में हुई एक युवक की मौत का मामला हर दिन नए खुलासों के साथ और रहस्यमय होता जा रहा है। शुरुआत में इसे एक सामान्य हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। जांच एजेंसियां अब कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और आरोपियों की गतिविधियों को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही हैं। इस केस में सामने आई नई जानकारियों ने लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं और मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

शादी टालने की थी कथित योजना

पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि इस मामले का मकसद आर्थिक लाभ या पारिवारिक विवाद नहीं था। जांच एजेंसियों का दावा है कि सिया गोयल कथित तौर पर यह शादी नहीं करना चाहती थीं। पुलिस का आरोप है कि उन्हें लगता था कि केतन की मौत के बाद परिवार उन पर दोबारा शादी का दबाव कई साल तक नहीं डालेगा।

पुराने रिश्ते की भी हो रही जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल की जान-पहचान सगाई से पहले की थी। पुलिस के अनुसार, दोनों जनवरी में दोस्तों के साथ उदयपुर घूमने गए थे और करीब पांच दिन साथ रहे। इसके कुछ सप्ताह बाद फरवरी में सिया की केतन से सगाई हुई थी।

भाई के जरिए हुई थी पहचान

पुलिस का कहना है कि चेतन पहले से सिया के परिवार को जानता था। उसकी पहचान सिया के बड़े भाई साहिल गोयल से क्रिकेट के जरिए हुई थी। बाद में सिया और चेतन के बीच फिर से संपर्क बढ़ा।

2,004 फोन कॉल्स ने बढ़ाया शक

जांच अधिकारियों के अनुसार, जनवरी से अब तक सिया और चेतन के बीच 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई। दोनों ने कुल 238 घंटे तक एक-दूसरे से बात की। पुलिस इन कॉल रिकॉर्ड्स को कथित साजिश के अहम सबूत के तौर पर जांच रही है।

घटना से एक दिन पहले हुई मुलाकात

पुलिस के मुताबिक, 17 जून को, यानी घटना से एक दिन पहले, दोनों पुणे के लुल्लानगर इलाके के एक कैफे में करीब एक घंटे तक मिले थे। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसी मुलाकात में कथित योजना पर चर्चा हुई थी।

डिलीट किए गए चैट और मैसेज खंगाल रही पुलिस

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल से कथित तौर पर WhatsApp चैट, Instagram मैसेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। पुलिस अब फॉरेंसिक जांच के जरिए हटाए गए डेटा को रिकवर कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।

डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच

फिलहाल पुलिस की जांच डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा पर केंद्रित है। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना महज हादसा थी या इसके पीछे पहले से कोई कथित साजिश रची गई थी।

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Ketan Agarwal Murder Case: पुलिस ने पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की आरोपी एवं उनकी मंगेतर सिया गोयल को रविवार 28 जून को लोहागढ़ किले ले जाकर अपराध स्थल पर घटनाक्रम दोहराया। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य 18 जून के सटीक घटनाक्रम का पता लगाना है। आरोप है कि 20 वर्षीय सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने अग्रवाल को किले से धक्का देकर उनकी हत्या कर दी थी। दोनों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों से पूछताछ में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं।

पुलिस आरोपी सिया गोयल को क्राइम सीन को फिर से रीक्रिएट करने के लिए लोहागढ़ किले में ले गई। पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सिया को लोहागढ़ किले में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल को कथित रूप से धक्का दिया था। चेतन को अलग से किले में ले जाया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि घटनाक्रम दोहराए जाने के दौरान इस संबंध में आरोपी के दावों की पुष्टि की जाएगी कि अग्रवाल को किस तरह और किस स्थान से धक्का दिया गया था। गोयल और चौधरी को अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने और उन्हें पुणे जिले के लोहागढ़ किले से धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सिया ने पुलिस को क्या बताया

सिया ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि वह अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। उसे लगा कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल की हत्या की साजिश रची।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इनमें कथित अपराध की साजिश, घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां, उनके डिजिटल रिकॉर्ड और हत्या का मकसद शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) के खिलाफ केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इन दोनों के आपस में प्रेम संबंध थे। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में अग्रवाल को एक चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई।

‘चेतन ने ही सिया को मंगेतर की हत्या के लिए उकसाया था’

केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले की जांच में सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने ही अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल को उसकी हत्या के लिए उकसाया था। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह दावा किया।

इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने अग्रवाल परिवार की उस मांग को मान लिया है जिसमें मशहूर वकील उज्ज्वल निकम को विशेष अभियोजक नियुक्त करके फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की बात कही गई थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “दोनों आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया कि चौधरी ने ही गोयल को लोहागढ़ किले पर अग्रवाल की हत्या करने के लिए उकसाया था।” उन्होंने बताया कि मामले में गोयल के भाई से भी पूछताछ की गई है।

केतन के पिता ने क्या कहा?

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि यह सच है कि केतन विग का एक छोटा सा पैच लगाता था। सगाई से पहले ही सिया और उनके परिवार को इस बारे में बता दिया गया था। उन्होंने कहा, “…अगर उसे (सिया) कोई दिक्कत थी, तो उसे मना कर देना चाहिए था। मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?”

जांच से जुड़े पुणे देहात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चट्टान वाले स्थान पर पहुंचने के बाद पहले से तय संकेत सिया ने चेतन चौधरी को दिया, जिसके बाद चौधरी ने अग्रवाल को पीछे से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस बीच, सिया गोयल की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किले जाने के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन केतन अग्रवाल और उनकी मां ने उसे वहां जाने के लिए मना लिया।

उन्होंने कहा, “17 जून की शाम सिया और केतन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान केतन ने सिया से लोहागढ़ चलने का आग्रह किया। कॉल के दौरान केतन की मां ने भी सिया से बात की और उसके साथ जाने के लिए कहा। सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन एक पारिवारिक कार्यक्रम है, इसलिए वह ट्रैकिंग पर नहीं जाना चाहती और आराम करना चाहती है।”

वहीं, सिया गोयल के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि शादी के लिए उदयपुर में एक महल बुक किया गया था। साथ ही मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की गई थी।

केतन के पिता से मिले सीएम फडणवीस

इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, फडणवीस ने परिवार की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में कराई जाए और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए।

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पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि यह घटना समाज में उभर रही एक बेहद चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिस पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर विचार करना होगा कि अच्छे परिवारों के शिक्षित युवा-युवतियों के मन में आखिर ऐसी आपराधिक मानसिकता या बदले की भावना क्यों पैदा हो रही है। यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। बल्कि इसका एक सामाजिक पक्ष भी है।

Ketan Agarwal Murder Video: चेतन चौधरी के कंधे पर सर रखकर मैच देख रही है सिया गोयल, सामने आया चौंकाने वाला वीडियो

Ketan Agarwal murder case: पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की जारी जांच के बीच सोशल मीडिया पर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी का एक क्रिकेट मैच देखते हुए चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वायरल क्लिप में सिया और चेतन दर्शकों के स्टैंड में बैठकर मैच देखते और बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में चेतन चौधरी के कंधे पर सर रखकर सिया मैच देख रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह वीडियो अहम है क्योंकि इससे इस दावे को बल मिल सकता है कि सिया और चेतन केतन अग्रवाल से सगाई और शादी से पहले रिलेशनशिप में थे।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि सिया के परिवार को इस रिश्ते के बारे में तब पता चला जब दोनों को एक क्रिकेट मैच में साथ देखा गया था। रिश्ते के बारे में पता होने के बावजूद, सिया के परिवार ने अग्रवाल परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए केतन के साथ उसकी शादी करवा दी। जांच के तहत, पुणे पुलिस ने सिया के माता-पिता और भाई से पूछताछ की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें इस रिश्ते और अरेंज मैरिज से जुड़े हालात के बारे में क्या जानकारी थी।

दोस्ती की शुरुआत क्रिकेट से हुई

सिया गोयल और चेतन चौधरी पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप है। बताया जा रहा है कि उनकी दोस्ती की शुरुआत क्रिकेट से हुई थी। वे सिया के भाई साहिल के एक क्रिकेट मैच के दौरान मिले थे। बाद में उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं। खेल के प्रति उनका जुनून एक बिना तारीख वाले वीडियो में साफ दिखता है। सिया और चेतन एक मैच के दौरान दर्शकों की गैलरी में बैठे और बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दोनों के बीच लगातार हो रही थी बात

यह क्लिप ऐसे समय में सामने आया है जब जांचकर्ता कथित हत्या की साजिश की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने उनके फोन रिकॉर्ड की जांच की तो पाया कि जनवरी से अब तक उन्होंने आपस में 2,004 बार बात की थी। इससे उनके कथित रिश्ते का पता चलता है। इन कॉल्स की कुल अवधि 238 घंटे थी। सिया और केतन की सगाई फरवरी में हुई थी। जबकि उनकी शादी इस नवंबर में होने वाली थी।

सिया गोयल के माता-पिता और भाई से पूछताछ की

महाराष्ट्र पुलिस ने पुणे के 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल के माता-पिता और भाई से पूछताछ की है। केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) को 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका स्थित लोहागढ़ किले की एक चट्टान से केतन को खाई में धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि सिया के माता-पिता प्रवीण और पूजा गोयल और भाई साहिल पूर्वाह्न करीब 11 बजे अपने बयान दर्ज कराने के लिए लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और लगभग 12 घंटे बाद वहां से निकले। इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने साहिल से 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया

सिया ने कथित तौर पर पुलिस को बताया है कि वह अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची, क्योंकि उसे लगा कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता मामले के कई पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें कथित अपराध की योजना, घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां, उनके ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ और हत्या के पीछे का मकसद शामिल है।

पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश में 18 जून से पहले और घटना के बाद अपने मोबाइल फोन से चैट रिकॉर्ड हटा दिया। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है। पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों की पुष्टि के लिए और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

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इस बीच, केतन को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उस हाउसिंग सोसाइटी में कैंडल मार्च निकाला गया, जहां अग्रवाल परिवार रहता है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि परिवार को न्याय के अलावा और कुछ नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि घटना के दिन लोहागढ़ किले पर कई लोग मौजूद थे।उनसे अपील की कि वे आगे आएं और पुलिस को जानकारी दें।

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला, 3 रेंजर्स की मौत

पाकिस्तान के कराची में शनिवार को आतंकियों ने अर्धसैनिक बल पाकिस्तान रेंजर्स के हेडक्वार्टर पर हमला कर दिया। हमले में तीन रेंजर्स जवानों की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी और जवाबी अभियान शुरू कर दिया। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि आतंकी एक वाहन में सवार होकर आए और मुख्य गेट तोड़कर परिसर में घुस गए। हमला शुरू होते ही विस्फोट की आवाज भी सुनाई दी। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है कि विस्फोट किस वजह से हुआ। हमले के बाद मुठभेड़ शुरू ओधो ने बताया कि हमले के तुरंत बाद जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और आतंकियों से मुठभेड़ शुरू कर दी। शुरुआती गोलीबारी में तीन जवान मारे गए। इसके बाद आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। SSU और एंटी टेररिस्ट फोर्स भी तैनात सिंध के गृह मंत्री जिया-उल-हसन लांझार ने बताया कि रेंजर्स की मदद के लिए स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU) और एंटी टेररिस्ट फोर्स की टीमें भी मौके पर भेजी गई हैं। सुरक्षा बल परिसर में तलाशी अभियान चला रहे हैं, जबकि पुलिस हमले की साजिश और इसमें शामिल आतंकियों की पहचान में जुटी है।

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान के कराची में पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला, 4 रेंजर्स की मौत

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