‘शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है’; Insta reels पसंद करने वाली Gen Z को PM मोदी का संदेश

PM Modi message to reel-loving Gen Z: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने और दूसरों के संघर्षों से सीखने की अपील। एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बुधवार (12 अगस्त) को अपील करते हुए कहा कि रील के युग में रह रहे युवाओं को याद रखना चाहिए कि शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

PM मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोविंद का जीवन दिखाता है कि दृढ़ संकल्प किसी व्यक्ति को मुश्किलों से उबरने और सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने में कैसे मदद कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी कोविंद के लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने का जिक्र करते हुए कहा कि पद छोड़ने के बाद भी उन्होंने आराम नहीं किया। बल्कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पहल पर काम कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र में एक नया अध्याय खोल सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति के प्रयास भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में उनके निरंतर योगदान का हिस्सा हैं।

युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील

प्रधानमंत्री ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इनसे किसी खास दौर को उस व्यक्ति के जीवन के जरिए समझने का मौका मिलता है जिसने उसे खुद अनुभव किया हो। उन्होंने कहा, “आज रील का जमाना है, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आपको कहीं न कहीं खींच ले जाते हैं लेकिन इस दौर में भी, रेलवे स्टेशन पर लिखी बात याद रखें, ‘शॉर्टकट’ आपको नुकसान पहुंचा सकता है।”

PM मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर ‘जेन जी’ से जुड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं। नीट का पेपर लीक होने के खिलाफ पिछले महीने हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों से कहा था कि वे युवाओं से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करें और रील पोस्ट करें।

पीएम मोदी भी शेयर कर रहे हैं रील्स

हाल के हफ्तों में पीएम मोदी ने स्वयं युवाओं को संबोधित करते हुए कई बार रील शेयर की हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद की आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र की धरोहर बनेगी। साथ ही नई पीढ़ी को इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

पीएम मोदी ने कहा, “हमें भविष्य में और ऐसे कई युवाओं की जरूरत है जो कोविंद की हों। ऐसे लोग जो हालात से हार न मानें, बल्कि हर चुनौती से पार पाने का पुख्ता इरादा रखें। वे आत्मनिर्भर भारत का रास्ता बनाएंगे और यह आत्मकथा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”

उन्होंने कहा कि आत्मकथा का शीर्षक बिल्कुल सही है क्योंकि कोविंद का जीवन और संघर्ष भले ही व्यक्तिगत थे। लेकिन उन संघर्षों की जीत भारतीय लोकतंत्र की है। पीएम मोदी ने याद किया कि बचपन में घर का सामान बचाने की कोशिश के दौरान लगी आग में कोविंद ने अपनी मां को खो दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुखद घटना कोविंद को तोड़ सकती थी। लेकिन इसके बजाय इसने उन्हें और मजबूत बनाया।

अच्छे संस्कार का किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद में अच्छे संस्कार डालने में उनके पिता की अहम भूमिका रही। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में कोविंद के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति उनसे ऐसी बातें करते थे जिनकी प्रोटोकॉल के तहत आम तौर पर अनुमति नहीं होती थी। PM मोदी के मना करने के बावजूद वे उन्हें खुद कार तक छोड़ने आते थे। कोविंद ने इस अवसर पर अपने बचपन की मुश्किलों और अपने आस-पास के माहौल से मिली सीख को याद किया।

ये भी पढ़ें- भारत ने बांग्लादेश के लिए बनाई खास ट्रेन, 19 LHB कोच की पहली खेप होगी रवाना, जानिए इसमें क्या है स्पेशल

उन्होंने याद किया कि कैसे उनके घर की छत से बारिश का पानी टपकता था। उनका परिवार बारिश रुकने का इंतजार करता था। कोविंद ने कहा कि सरकारी आवास योजनाओं के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को सिर पर छत मिली है और उन्हें सम्मान के साथ जीने का मौका मिला है। कोविंद ने कहा कि वह BJP से इसलिए जुड़े क्योंकि उनकी नजर में यह पार्टी परिवार या समुदाय के हितों से ऊपर देश को रखती है।

Sierra vs Seltos vs Duster vs Kushaq: quarter mile drag race

Kushaq vs Sierra drag race

There’s no simpler way to compare one car’s performance to another than with a head-to-head quarter-mile race. In this edition of Autocar India’s quarter-mile racing series, we’ve brought together some of the newest midsize SUVs in the market, including the Tata Sierra, Kia Seltos and the Renault Duster. Let’s find out which of this new crop of midsize SUVs is the quickest down the drag strip. 

Race 1: Tata Sierra vs Kia Seltos 

SUVSeltosSierra
Engine1482cc, 4-cylinder 1498cc, 4-cylinder 
Power160hp at 5500rpm160hp at 5000rpm
Torque253Nm at 1500-3500rpm255Nm at 1750-4000rpm
Transmission7-speed dual-clutch6-speed torque converter
Kerb weight 1467kg1552kg

Our first pairing is between the Tata Sierra and the Kia Seltos, both of which are powered by 1.5-litre turbo-petrol engines, but with different gearboxes. 

These two new midsize SUVs are neck-and-neck on paper, with both featuring 160hp turbo-petrol engines, similar torque outputs and similar weight. However, the torque-converter-equipped Sierra launches much stronger than the Seltos, whose dual-clutch automatic is conservative off the line. The Kia Seltos does begin to claw back lost ground, but a little too late. The Sierra manages to win by a slender margin of about two tenths of a second. Race 2 is even closer, with a gap of just over a tenth, but the result stays the same.  

Sierra vs Seltos drag race times 
 Sierra Seltos
Race 116.92 sec17.11 sec
Race 2 17.07 sec17.19 sec 

Race 2: Skoda Kushaq vs Renault Duster 

SUVKushaq Duster 
Engine1498cc, 4-cylinder 1333cc, 4-cylinder 
Power150hp at 5000-6000rpm163hp at 5,250rpm
Torque250Nm at 1600-3500rpm280Nm at 2,000-3,500rpm
Transmission7-speed dual-clutch6-speed dual-clutch
Kerb weight 1322kg 1363kg

Our next pairing is between the Skoda Kushaq and the Renault Duster. The Kushaq uses a 1.5-litre turbo-petrol engine, while the Duster uses a smaller but more powerful 1.3-litre unit. Both engines come mated to a DCT gearbox. 

The Duster has the advantage on paper with more power, and it backs it up by winning Race 1 by two tenths. The Renault’s wet-clutch DCT allows a better launch than the Skoda’s dry-clutch unit, but the Skoda’s snappier shifts and stronger top end mean it is catching up. Race 2 starts off with the Skoda getting a better launch, and as such, it goes on to beat the Renault by nearly four tenths. Race 3 is closer than Race 2, but the result stays the same, with the Kushaq coming out on top yet again. 

Kushaq vs Duster drag race times 
 Kushaq  Duster
Race 117.77 sec17.65 sec
Race 2 17.05 sec17.69 sec
Race 317.28 sec17.67 sec

Race 3: Tata Sierra vs Skoda Kushaq 

SUVSierraKushaq 
Engine1498cc, 4-cylinder 1498cc, 4-cylinder 
Power160hp at 5000rpm150hp at 5000-6000rpm
Torque255Nm at 1750-4000rpm250Nm at 1600-3500rpm
Transmission6-speed torque converter7-speed dual-clutch
Kerb weight 1552kg1322kg

Finally, we bring together the winners from the first two rounds to determine the fastest midsize SUV you can buy today.

The Sierra has the numbers on its side, but the Kushaq does tend to punch above its weight. As was the case in the earlier races, the Skoda proves tricky to launch off the line, while the Tata Sierra jumps ahead. From there on, the Kushaq does start to reel in the Sierra, but it’s just not enough. The Tata Sierra wins Race 1 by just about a tenth. Race 2 is equally close, with the gap being a minuscule 0.2 seconds, and the Sierra manages to win again. 

Sierra vs Seltos drag race times 
 Sierra Kushaq
Race 117.18 sec 17.28 sec
Race 2 17.02 sec17.21 sec 

Autocar India’s testing standards

Before we conduct our performance tests, we check and maintain tyre pressures based on the manufacturer’s recommendation and ensure the car has a full tank of fuel. The car is then tested in a controlled environment, and the data is collected via highly accurate GPS-based timing equipment.

PM Modi ने दिया ‘GRWM’ चैलेंज! National Handloom Day पर युवाओं से की खास अपील

PM Modi Instagram Reel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया रील वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं से राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को खास तरीके से मनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे ‘Get Ready With Me (GRWM)’ जैसे वीडियो बनाएं, जिसमें वे हथकरघा से बने पारंपरिक कपड़े पहनकर अपनी तस्वीरें और वीडियो साझा करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का यह ट्रेंड भारत की समृद्ध बुनाई परंपरा और कारीगरों की कला को लोगों तक पहुंचाने का एक शानदार तरीका बन सकता है। इससे देश के बुनकरों और उनके परिवारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस से पहले शेयर किए गए इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को भी याद किया। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जब देशभर के लोग ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकजुट हुए और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लिया था।

7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस से पहले शेयर किए गए इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को भी याद किया। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। उस दिन देशभर के लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकजुट होकर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लिया था।

उन्होंने कहा, “पिछले हफ्ते ही आप में से कई लोगों ने फ्रेंडशिप डे मनाया। आज, मैं आपसे अपील करता हूं कि 7 अगस्त को नेशनल हैंडलूम डे भी उसी उत्साह और जोश के साथ मनाएं।”

भारत के बुनकर समुदाय के योगदान पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि नेशनल हैंडलूम डे उन परिवारों को पहचानने और उनका समर्थन करने का एक मौका है जो पारंपरिक कारीगरी से हाथ से बुने हुए कपड़े बनाते हैं।

उन्होंने कहा, “नेशनल हैंडलूम डे हमारे उन बुनकर परिवारों को पहचानने और उनका समर्थन करने के बारे में है, जो अपने हाथों से सुंदर कपड़े बनाते हैं। जरा हमारे देश में बनने वाले हैंडलूम उत्पादों की अद्भुत विविधता को तो देखिए।”

PM ने हैंडलूम को बढ़ावा देने के लिए ‘GRWM’ ट्रेंड का सुझाव दिया

सोशल मीडिया के मशहूर ट्रेंड का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने लोगों से हैंडलूम के कपड़े पहनने और उन्हें ऑनलाइन शेयर करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा, “मेरी एक छोटी सी गुजारिश है। क्यों न हैंडलूम के कपड़ों के साथ एक ‘Get Ready With Me’ (GRWM) वीडियो बनाया जाए और उसे दुनिया के साथ शेयर किया जाए? इससे दूसरों को भी हैंडलूम अपनाने और हमारे कारीगरों का समर्थन करने की प्रेरणा मिलेगी।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ये पहल देश भर के बुनकर परिवारों की आजीविका को मजबूत करके ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन में योगदान दे सकती है।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सबसे छोटे और सबसे गरीब बुनकर परिवारों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ‘आत्मनिर्भर भारत’ का निर्माण करना है। आइए, हम सभी कम से कम एक हथकरघा (हैंडलूम) उत्पाद खरीदें, उसका एक वीडियो बनाएं और उसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि हमारे बुनकर भाई-बहनों की प्रतिभा और कारीगरी पूरे भारत और दुनिया के लोगों तक पहुंच सके।”

यह भी पढ़ें: Delhi Weather Today: दिल्ली में आज भी बारिश का येलो अलर्ट, IMD ने ट्रैफिक और जलभराव को लेकर दी चेतावनी

रील बनाने जूते पहनकर ‘रथ’ पर चढ़ा मुस्लिम युवक, कोर्ट ने दी रोजाना मंदिर सफाई की सजा

Ulto rath yatra

Ulto Rath Yatra controversy: सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स हासिल करने का भूत किस तरह कानूनी मुसीबत बन सकता है, इसका ताजा उदाहरण पूर्व बर्धमान जिले के कालना से सामने आया है। 'उल्टो रथ यात्रा' के दो दिन बाद, एक मुस्लिम युवक द्वारा जूते पहनकर रथ पर चढ़कर रील (Reel) बनाने और उसे फेसबुक पर अपलोड करने के मामले में अदालत ने एक ऐतिहासिक और सुधारात्मक रुख अपनाया है।

 

धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोपी युवक को अदालत ने जमानत तो दे दी, लेकिन इसके साथ ही एक ऐसी शर्त रखी है जो समाज में मिसाल और चर्चा का विषय बन गई है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना पूर्व बर्धमान जिले के समुद्रगढ़ निवासी बाबूलाल शेख से जुड़ी है। 'उल्टो रथ यात्रा' के समापन के बाद कालना क्षेत्र में खड़े एक धार्मिक रथ की सीढ़ियों पर आरोपी जूते पहनकर चढ़ गया और वहां डांस करते हुए वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होते ही स्थानीय श्रद्धालुओं और निवासियों में भारी रोष फैल गया। 

  • धार्मिक समिति की शिकायत : 'पश्चिम नसरतपुर हरेकृष्ण नामहट्ट संघ' के सचिव जितेन मोंडल के नेतृत्व में समिति ने नदानघाट पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
  • पुलिस कार्रवाई : एफआईआर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाबूलाल शेख को गिरफ्तार कर लिया।
  • लागू कानूनी धाराएं : आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य/दुश्मनी फैलाने और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित गंभीर प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया।

कोर्ट का फैसला : सख्त कानूनी धाराओं के बीच सुधारात्मक न्याय

आरोपी बाबूलाल शेख को कालना के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियुक्त की ओर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने, पश्चाताप व्यक्त करने (कान पकड़कर माफी मांगने) और जांच में सहयोग करने की दलीलें दी गईं। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए आरोपी को सशर्त जमानत दे दी।

कोर्ट द्वारा तय की गई मुख्य शर्तें

  • मंदिर एवं सड़क की रोजाना सफाई : जांच पूरी होने तक आरोपी को रोजाना मंदिर परिसर और उससे सटी मुख्य सड़क की सफाई करनी होगी।
  • रथ की सीढ़ियों की धुलाई : रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी को पुलिस बल की मौजूदगी में रथ की सीढ़ियों को पानी से धोकर साफ करने का आदेश दिया गया।
  • जांच अधिकारी के समक्ष हाजिरी : आरोपी को हफ्ते में कम से कम एक बार जांच अधिकारी के समक्ष पेश होना होगा और विवेचना में पूर्ण सहयोग करना होगा।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय दंड प्रक्रिया (और अब BNS प्रक्रिया) में ऐसे कई अवसर आए हैं जहां अदालतों ने केवल जेल भेजने के बजाय 'सुधारात्मक न्याय' (Restorative Justice) का मॉडल अपनाया है। कोर्ट के इस फैसले से समाज में यह संदेश जाता है कि कानून का उद्देश्य केवल सजा देना ही नहीं, बल्कि गलती का अहसास कराना और सामाजिक समरसता को दोबारा कायम करना भी है।

रील संस्कृति पर सबक

सोशल मीडिया के लिए धार्मिक स्थलों की पवित्रता या सांस्कृतिक प्रतीकों का अनादर करने वालों के लिए यह एक सख्त चेतावनी है। सोशल मीडिया की क्षणिक प्रसिद्धि के लिए कानून और धार्मिक आस्था से खिलवाड़ भारी पड़ सकता है। हालांकि, कोर्ट के इस विवेकपूर्ण फैसले ने जहां एक तरफ सख्त संदेश दिया है, वहीं दूसरी तरफ पश्चाताप कर रहे युवक को समाज में सुधार का अवसर भी प्रदान किया है।

‘दोस्तों, धन्यवाद’: NEET पोस्ट पर मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद PM मोदी ने 24 घंटे में शेयर की दूसरी रील

PM Modi Instagram Reel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 24 घंटे के अंदर अपनी दूसरी इंस्टाग्राम रील शेयर की। इसमें उन्होंने NEET पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के खिलाफ सरकार की प्रस्तावित सख्त कार्रवाई पर अपनी पिछली सोशल मीडिया पोस्ट को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के लिए लोगों का शुक्रिया अदा किया।

इस छोटे से वीडियो में, PM मोदी ने गुरुवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने सेल्फी-स्टाइल वीडियो के बाद लोगों से मिले समर्थन, फीडबैक और सुझावों के लिए उनका आभार जताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “दोस्तों, आपका धन्यवाद। कल रात मुझे आपसे जुड़ने का मौका मिला। मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उस पर आपकी प्रतिक्रिया और आपके सकारात्मक सुझावों के लिए धन्यवाद। सभी का शुक्रिया। मुझे उम्मीद है कि आपका प्यार और समर्थन बना रहेगा और हमारा रिश्ता और भी मजबूत और सक्रिय होगा। धन्यवाद। दोस्तों, धन्यवाद।”

यह संदेश प्रधानमंत्री मोदी द्वारा NEET पेपर लीक को लेकर चिंता जताने वाले वीडियो जारी करने के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि सरकार परीक्षा में धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। वीडियो में उन्होंने पेपर लीक को लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए गहरी चिंता का विषय बताया था और घोषणा की थी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के माध्यम से कड़े कदम उठाए जाएंगे।

बता दें की यह मैसेज उसी दिन आया, जब NEET पेपर लीक पर PM मोदी के पहले इंस्टाग्राम वीडियो को 300 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया। इस वीडियो का शीर्षक “कल कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे!” था। इस वीडियो की वजह से प्रधानमंत्री को 24 घंटे से भी कम समय में इंस्टाग्राम पर दस लाख (1 मिलियन) फॉलोअर्स भी मिले।

यह घटनाक्रम कैबिनेट की एक अहम बैठक के दौरान हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों से सोशल मीडिया पर सरकार की मौजूदगी मजबूत करने और इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाने को कहा।

जानकारी के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हुई जब NEET पेपर लीक पर उनके वीडियो को 300 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका था और उन्हें एक दिन से भी कम समय में लगभग दस लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स मिले थे।

यह भी पढ़ें: CJP Protest: दिल्ली में आज भी बंद रहेंगे 17 मेट्रो स्टेशन, घर से निकलने से पहले देख लें ये पूरी लिस्ट

जेनी कामकी: एक Viral Reel और गांव की बेटी बन गई स्टार | Inspiring Story Of Geni Kamki

एक छोटे से गांव से निकली लड़की और आज करोड़ों लोगों की प्रेरणा बन चुकी है।
अरुणाचल प्रदेश की जेनी कामकी ने हॉस्टल के एक छोटे से कमरे और एक साधारण स्मार्टफोन से डांस रील्स बनानी शुरू की थीं। फिर उनकी एक 10 सेकंड की Viral Reel ने सब कुछ बदल दिया। इसके बाद India’s Got Latent के मंच पर उन्होंने अपने टैलेंट और सादगी से पूरे देश का दिल जीत लिया। आज उन्हें 2 मिलियन+ लोग सोशल मीडिया पर फॉलो करते हैं।
जेनी की कहानी बताती है कि सपने पूरे करने के लिए बड़ी जगह नहीं, बड़ा हौसला चाहिए। एक छोटी-सी शुरुआत भी आपकी ज़िंदगी बदल सकती है। :heart:

@luciidforyou

[Journey From Arunachal Pradesh To India’s Got Latent, Geni Kamki Inspiring Success Story,, Viral Instagram Reel Creator Geni Kamki, From Small Village To Social Media Star India]#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

Reel बनाते-बनाते फिल्म तक पहुँची ये नन्ही कलाकार । Priyanshi Jatwa | Rajasthan | Child Artist Pihu

5 साल की एक बच्ची। ना acting, ना setup, ना सुविधाएँ। सिर्फ गांव की सादगी, टूटा tripod, छत पर खड़े होकर upload होती reels…और मन से किया गया छोटा सा खेल। आज वही खेल उसे फिल्म के Lead Role तक ले आया। ये कहानी बताती है—सपनों को luxury नहीं, लगन चाहिए।
@priyanshi_vlogs07
@iampihuofficial

(Priyanshi Pihu Jatwa, Pihu Rajasthan, child content creator India, village girl film lead role, reel to real story, Rajasthan village talent, mini vlog viral India, rural India success story, child artist from village, inspirational village story, Rajasthani mimicry girl)

#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

फोटो में छिपी एक कहानी को एंटरटेनिंग स्टोरी में बदलने का नया Gen Z ट्रैवल अंदाज़, जो हर ट्रिप को एक वायरल स्टोरी बना देता है!

Gen Z इंस्टा वाले टूरिस्ट्स वो यंग ट्रैवलर्स हैं जो घूमने से ज्यादा अपने ट्रैवल एक्सपीरियंस को सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए जाने जाते हैं। ये लोग ऐसी जगहें चुनते हैं जो एस्थेटिक, फोटो-फ्रेंडली और रील्स के लिए परफेक्ट हों। इनके लिए ट्रिप सिर्फ घूमना नहीं होता, बल्कि एक visual story बनाना होता है। इनका ट्रैवल स्टाइल अक्सर “टूरिस्ट नहीं, ट्रैवलर” वाले वाइब से जुड़ा होता है, ये लोग बजट ट्रैवल, हॉस्टल कल्चर और नए लोगों से मिलने को भी एन्जॉय करते हैं।  Gen Z इंस्टा टूरिस्ट्स ट्रैवल को सिर्फ एक ट्रैवल नहीं, बल्कि एक क्रिएटिव लाइफस्टाइल और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के रूप में जीते हैं।

1. जर्नी से ज्यादा रील बनाना 

Jeune femme voyageuse prenant une photo de selfie depuis le point de vue de Porto Timoni à Corfou en Grèce | Photo Premium

आख़िर में यह पूरी ट्रिप सिर्फ जगहों की लिस्ट नहीं रहती, बल्कि यादों और कंटेंट का एक कलेक्शन बन जाती है। हर फोटो, हर रील और हर कैप्शन एक कहानी कहता है—जिसका असली मकसद सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि अपनी लाइफ को एक “एस्थेटिक स्टोरी” में बदल देना होता है।

2. बजट में ट्रैवल और फ्रीडम की चाह 

Gen Z travel is changing fast — and they want less tech telling them what to do

इस पूरी ट्रिप में बजट का भी अपना रोल है। कम पैसों में ज्यादा जगहें देखने की चाह, स्लीपर बसों की लंबी जर्नी, और सस्ते हॉस्टल में रुककर भी “फुल लाइफ” जीने का फील —यह सब Gen Z ट्रैवल को एक अलग पहचान देता है, जहां लग्ज़री नहीं बल्कि आज़ादी मायने रखती है।

3. लोकटक झील के नज़ारे

How Gen Z Travellers Are Rooted In Purpose & Rethinking Luxury

कहानी आगे बढ़ती है लोकटक झील तक, जहां तैरते हुए “फुम्डीज़” यानी घास के आइलैंड एक अलग ही दुनिया बनाते हैं। यहां का शांत पानी और तैरते गांव जैसे व्यू इंस्टाग्राम फीड के लिए नहीं, बल्कि एक सपने जैसे एक्सपीरियंस के लिए याद रह जाते हैं।

4. ऑफबीट ट्रैवल का दिखावा और रियलिटी 

2,400+ Three Friends Selfie Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

इस कहानी में एक खास ट्रेंड है—“टूरिस्ट नहीं, ट्रैवलर” बनने की कोशिश। ज़िरो, मेचुका और तवांग जैसे दूरदराज़ जगहों पर जाना सिर्फ घूमने के लिए नहीं, बल्कि खुद को ऑफबीट और अलग दिखाने की एक पहचान बन जाती है। असली जर्नी और सोशल मीडिया के बीच एक हल्की सी खींचतान हमेशा बनी रहती है।

5. अजनबी से दोस्त का हॉस्टल कल्चर

Study Shows Generational Travel Trends by Season | TravelPulse

ज़ोस्टेल, गोस्टॉप्स और बैकपैकर पांडा जैसे हॉस्टल्स इसका दिल हैं। यहां डॉर्म रूम में अजनबी लोग दोस्त बन जाते हैं, रात देर तक ट्रैवल की बातें चलती हैं, और हर नया दिन नए प्लान के साथ शुरू होता है। यह सिर्फ ठहरने की जगह नहीं, बल्कि एक्सपीरियंस का नेटवर्क बन जाता है।

6. एस्थेटिक कैफ़े लाइफ 

Como os jovens estão mudando o consumo de café no Brasil?

कहानी की शुरुआत होती है उन खूबसूरत कैफ़े से जहां हर कोना फोटो-परफेक्ट लगता है। कसोल के नदी किनारे बने कैफ़े में बैठकर कॉफी पीना, पांडिचेरी की फ्रेंच कॉलोनी की रंग-बिरंगी गलियों में घूमना और मनाली के लकड़ी वाले गर्माहट भरे कैफ़े में समय बिताना—ये सब सिर्फ खाने-पीने का नहीं, बल्कि एक “वाइब” जीने का एक्सपीरियंस बन जाता है।

7. हर जगह एक रील लोकेशन 

Why do all Gen Z look and dress the same? We find out

Gen Z ट्रैवलर्स के लिए हर जगह एक पोटेंशिअल रील शूटिंग स्पॉट होती है। चाहे हम्पी के बड़े बोल्डर्स हों, डावकी नदी का क्रिस्टल जैसा साफ पानी हो जिसमें नाव तैरती दिखती है, या गोकर्ण की ऊंची चट्टानें जहां से समुद्र का नज़ारा मिलता है—हर जगह कैमरे में कैद होने के लिए तैयार रहती है।

इन्ही कारणों से अब ट्रैवल सिर्फ घूमने का नाम नहीं रहा, बल्कि खुद को एक्सप्रेस करने का एक तरीका बन गया है। हर फोटो, हर वीडियो और हर कैप्शन एक स्टोरी या रील बनाने के लिए यूज होने लगी है, जो दुनिया को दिखाती है कि जर्नी सिर्फ बाहर नहीं, अंदर भी होती है।